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  • आरम्भ करता हूँ ईष्वर के नाम से जो बहुत दयालु एंव कृपालु है।

    मनुष्य की खोजिक आत्मा सदैव शांती एंव समृद्धी की खोज मे है।

    मनुष्य की प्यासी एंव अशांत आत्मा अपना जीवन काल एंव युग को ब्यतीत करने के साथ शांती एंव समृद्धी की खोज मे है। इस्लाम एक ईष्वरीय धर्म होने के कारण मनुष्य की शांती, मानव की हार्दिक प्यास एवं समृद्धी के सभी साक्षिक एवं गुप्त उपकर्णो की पहचान कराता है तथा सामूहिक जीवन एवं संगठित परिवार के ज्ञान एवं संस्कार को उलट फेर से परे बुद्धिमत रूप से मनुष्य के समक्ष प्रस्तुत करता है तथा मानव जाति के सभी प्रश्नो एवं खोजिक आत्मा के समस्त प्रश्नो का उत्तर देता है। यह सभी भाग संयुक्त बुद्धिमत एंव स्विकारने योग्य उत्तर सर्व प्रथम इस धर्म की पवित्र ईष्वरीय पुस्तक क़ुरान मे वर्णित हुए फिर आश्चर्य चकित बुद्धिमान ईष्वरीय दूत हज़रत मोहम्मद (स.अ.व.) के दूतीय कथन एंव व्यवहार के माध्यम से हदीस एवं सीरत ( अर्थात ईष्वरीय दूत के कथन एंव व्यवहार ) के रूप मे प्रस्तुत हुए हैं।

    इस्लाम धर्म का सारांश अमूल्य कारको का महा संघ है जो मानव सम्मान, प्रेम एवं मित्रता का व्यवहार, श्रद्धा, संगठित जीवन, न्याय तथा एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव एवं सहायता पर आधारित है। शंका विहीन, पूर्ण ज्ञान, मार्ग दर्शक जिसको ईष्वर ने अपने अन्तिम दूत द्वारा संसार को अर्पित किया ताकि उस से सभी सम्प्रदाय, वेष भूषा, भाषा एवं शैली, संस्कृति एवं सभ्यता, रंग एंव पीढी इस ज्ञान के खजाने से लाभ उठा सके तथा अपने आध्यात्मिक एवं अनाध्यात्मिक अर्थात शारीरिक इच्छा की पूर्ति कर सके।

    ईष्वर स्वंय इस धर्म के गुरू एवं उपदेशक के विषय में कहता है

    وما ارسلناک الا رحمۃ للعالمین

    हम ने आप को केवल कृपालु बना कर संसार में भेजा। ( सूरह अम्बिया आयत 107 )

    यह संकेत पूर्ण रूप से दर्शाता है कि इस्लाम धर्म का प्रमुख संदेश कृपा दया एंव प्रेम है।

    वेब के संसार ने सभी भूगोली सरहदो का अन्त कर दिया है और सभी सम्प्रदाय के लोगो के दृष्टिकोण को एक दूसरे से जोड दिया है। इस दशा मे मुसलमानो को उसका उपयोग करके अपने धर्म की सत्यता को बुद्धिमत रूप से, समझ मे आने योग्य ज्ञान पूर्ण ग्रन्थो एंव संसकृति जो ईष्वर की ओर से उन्हे प्रदान हुआ है को संसार के सभी सत्य के खोजियो और बुद्धिमत रूप से धर्म को समझने की इच्छा रखने वालो के समक्ष प्रस्तुत करे। उस समय आभास होगा कि इस्लाम एक सम्पूर्ण धर्म तथा सभी अवगुणो, हिन्सा, अन्याय एंव बुद्धि भ्रष्टता से पवित्र है।

    परिचयः

    यह केन्द्र इसलामी धर्म ग्रन्थो एवं संस्कृति का एक ऐसा केन्द्र है जो ग्रन्थो के एकत्रित करने, संयोजन करने एव इस्लाम धर्म के जन्म के प्रथम दिन से ही दूतो द्वारा विस्त्रित ग्रन्थो एवं पुराणो के संग्रह एंव प्रस्तुतिकरण करता है तथा उसके पश्चात इस्लाम के धर्म गुरुओ, सन्तो, विद्वानो द्वारा लेख पाठको के समक्ष प्रस्तुत करता है।

    उद्देश्यः

    हमारा उद्देश्य स्तरीय एवं बुनयादी इस्लामी ग्रन्थो मे सर्वगुण सम्पन्न केन्द्र विक्सित करना है जो सभी भेदभाव से दूर शीया एवं अहले सुन्नत समुदाय के विद्वानो के ज्ञान पूर्ण दृष्टिकोण को इस्लामी एकता के आधार पर सम्पर्क स्थापित करना है।

    विशेषताएः

    ग्रन्थ के विषय मे सम्पूर्ण एवं नवीन दृष्टिकोण जो वेब की दुनिया मे अभी तक उदाहरण हीन है।

    एकत्रित करने मे परिपूर्णता, विषय सूची का उल्लेख तथा सभी विषयो मे ग्रन्थो पर आधारित लेख प्रस्तुत करना।

    डाउनलोड के लिए फाइल, प्रकाशन तथा साइट पर अध्यन करने योग्य तथा सरलता पूर्वक लेख तक पहुचने योग्य है।

    साइट मे मन मोहक बदलाव, सक्रिय प्रबन्धक दल, पूर्ण रूप से विशिष्टीकृत तथा इसी भाषा के सम्बोधको एवं पाठको के स्वरूप प्रस्तुति।

    अन्तः

    जिस प्रकार प्रत्येक कार्य का आरम्भ ईष्वर पर ध्यान केन्द्रित करने, उसे याद करने एवं उसके वचनो पर श्रद्धा रखने से होता है उसी के अनुरूप हम ने ईष्वर की श्रद्धा तथा उस पर विश्वास के साथ इस मैदान मे पग बढ़ाया ताकि इस बुद्धिमत एवं ज्ञान पूर्ण कार्य मे हमारी सहायता करेः

    و من یتوکل علی اللہ فھو حسبھ انّ اللہ بالغ امرہ قد جعل اللہ لکلّ شیء قدراْ

    जो भी ईष्वर पर भरोसा करता है तो ईष्वर ही उसके लिए प्रयाप्त है, ईष्वर स्वंय अपने आदेश को अन्त तक पहुचाता है, प्रत्येक वस्तु के लिए उसने मात्रा बनाया है। ( सूरह तलाक़ आयत 3 )