• 79- सूरए नाज़िआत का अनुवाद
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    79- सूरए नाज़िआत का अनुवाद

    शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- क़सम है उनकी जो डूब कर खीँच लेने वाले हैं।(क़सम है उन फ़रिश्तों की जो मुजरिमों की रूह को सख्ती के साथ क़ब्ज़ करते हैं।) 2- और आसानी के साथ खोल देते हैं।(क़सम है उन फ़रिश्तों की जो मोमेनीन की रूह आराम […]

  • शिया मज़हब के इमाम
    शिया मज़हब के इमाम
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    शिया मज़हब के इमाम

      वह मासूम इमाम जो एक के बाद एक पैगम्बर (स.) के उत्तराधिकारी बनते रहे 12 हैं। और बारहवे इमाम अब तक जीवित हैं तथा परोक्ष रूप से जीवन यापन कर रहे हैं। जिस प्रकार हज़रत पैगम्बर (स.) ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम को अपने बाद के लिए इमाम नियुक्त किया इसी प्रकार हज़रत अली (अ.) […]

  • सूरए निसा; आयतें 142-146 (कार्यक्रम 154)
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    सूरए निसा; आयतें 142-146 (कार्यक्रम 154)

    आइए पहले सूरए निसा की आयत संख्या 142 की तिलावत सुनते हैं।إِنَّ الْمُنَافِقِينَ يُخَادِعُونَ اللَّهَ وَهُوَ خَادِعُهُمْ وَإِذَا قَامُوا إِلَى الصَّلَاةِ قَامُوا كُسَالَى يُرَاءُونَ النَّاسَ وَلَا يَذْكُرُونَ اللَّهَ إِلَّا قَلِيلًا (142)निसन्देह, मिथ्याचारी, ईश्वर को धोखा देना चाहते हैं और ईश्वर उन्हें धोखे में रखने वाला है, वे जब नमाज़ के लिए उठते भी हैं तो […]

  • युसुफ़ के भाईयो की पश्चाताप 4
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    युसुफ़ के भाईयो की पश्चाताप 4

    पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   वह कमीज़ झूठे रक्त से रंगीन थी, परन्तु यह कमीज़ एक चमत्कार है, देखिए तो सही की सच और झूठ मे कितना अंतर है भाईयो का क़ाफिला तीसरी बार मिस्र से कनआन की ओर चल पड़ा। उधर आसमानी मोबाइल और आसमानी नवेद ने […]

  • देहाती व्यक्ति की मूर्ति पूजा से पश्चाताप
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    देहाती व्यक्ति की मूर्ति पूजा से पश्चाताप

    पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान   इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम कहते हैः पैगम्बर किसी जंग के लिए जा रहे थे, एक स्थान पर अपने असहाब (साथीयो) से कहाः रास्ते मे एक व्यक्ति मिलेगा, जिसने तीन दिन से शैतान के विरूद्ध दृढ़ निश्चय कर रखा है, अभी थोड़ी ही दूर चले […]

  • 80- सूरए अबस का अनुवाद
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    80- सूरए अबस का अनुवाद

    शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- उसने मुँह बिसूर लिया और पीठ फेर ली। 2- इस वजह से कि उनके पास एक अँधा आ गया। 3- और तुम्हे क्या मालूम कि शायद वह पाकीज़ा बन जाता। 4- या नसीहत हासिल कर लेता तो यह नसीहत उसके काम आती। […]

  • सूरए कह्फ़, आयतें 67-73, (कार्यक्रम 518)
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    सूरए कह्फ़, आयतें 67-73, (कार्यक्रम 518)

    आइये पहले सूरए कह्फ़ की आयत नंबर 67 और 68 की तिलावत सुनें। قَالَ إِنَّكَ لَنْ تَسْتَطِيعَ مَعِيَ صَبْرًا (67) وَكَيْفَ تَصْبِرُ عَلَى مَا لَمْ تُحِطْ بِهِ خُبْرًا (68) ख़िज़्र ने (मूसा से) कहा कि निश्चित रूप से तुम मेरा साथ देने में धैर्य नहीं रख पाओगे। (18:67) और तुम किस प्रकार से उस बात […]

  •  हज़रत अली अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय
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    हज़रत अली अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

      (1) हज़रत अली अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय बिस्मिल्ला हिर्रहमा निर्रहीम हज़रत अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय व चारित्रिक विशेषताऐं नाम व अलक़ाब (उपाधियाँ) आपका नाम अली व आपके अलक़ाब अमीरुल मोमेनीन, हैदर, कर्रार, कुल्ले ईमान, सिद्दीक़, फ़ारूक़, अत्यादि हैं। माता पिता आपके पिता हज़रतअबुतालिब पुत्र हज़रत अब्दुल मुत्तलिब व आपकी माता आदरनीय […]

  •  ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-3
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    ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-3

    समकालीन विश्व में ईरान की इस्लामी क्रान्ति के स्थान और इमाम ख़ुमैनी के प्रभाव के दृष्टिगत, उनकी आध्यात्मिक विशेषताओं, उनके व्यक्तित्व के आयामों तथा उनके धार्मिक व राजनैतिक विचारों को समझने के लिए सबसे अच्छी शैली उनके भाषणों, राजनैतिक व सामाजिक मामलों पर उनके लेखों और उनके व्यक्तित्व व परिवार से संबंधित लेखों का अध्ययन […]

  • चालाक लोमड़ी
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    चालाक लोमड़ी

    किसी समय एक गिद्ध और एक लोमड़ी में मित्रता हो गई। एक दिन लोमड़ी ने, जो लोगों को बहुत अधिक यातनाएं देती थी और बड़ी धूर्त थी, गिद्ध से कहा कि हे मेरे मित्र! तुम सदैव आसमान में उड़ते रहते हो और बादलों के अतिरिक्त किसी चीज़ को नहीं देखते। आओ मेरी पीठ पर बैठ […]