• उधार की ज़िन्दगी
    Rate this post

    उधार की ज़िन्दगी

    पाठको! आज की कड़ी में एक ऐसे व्यक्ति की जीवन पर आधारित कहानी प्रस्तुत है जो बहुत निकम्मा था और अपना जीवन लोगों के उधार के पैसों पर बिताता था। प्राचीन काल में एक नगर में एक बहुत ही निर्धन व्यक्ति रहता था उसके पास दुनिया की कोई चीज़ नहीं थी। वह कभी भी काम […]

  • इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१२
    Rate this post

    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१२

    चिकित्सा विज्ञान भी खगोल शास्त्र की भांति अति प्राचीन ज्ञानों में से एक है जो मुसलमानों के बीच प्रचलित हुआ और जिस पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। एक हदीस में है कि ज्ञान के दो प्रकार हैः इल्मुल अबदान व इल्मुल अदियान अर्थात शरीर का ज्ञान और धर्म का ज्ञान, इससे इस्लाम में […]

  • अल्लाह 1
    Rate this post

    अल्लाह 1

    पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   ईश्वर के लिए शब्द अल्लाह एक व्यापक तथा पूर्ण नाम है, जिसमे पूर्णता सौंदर्य तथा महिमा के सभी गुण एकत्रित है। कहते है किः अल्लाह शब्द मे तीन अर्थ सूचिबद्ध है। 1- अनंत काल से स्थाई, शाश्वता से मौजूद एंव सरमदी है। 2- […]

  • क़ुरआने मजीद और नारी
    Rate this post

    क़ुरआने मजीद और नारी

    इस्लाम में नारी के विषय पर अध्धयन करने से पहले इस बात पर तवज्जो करना चाहिये कि इस्लाम ने इन बातों को उस समय पेश किया जब बाप अपनी बेटी को ज़िन्दा दफ़्न कर देता था और उस कुर्रता को अपने लिये इज़्ज़त और सम्मान समझता था। औरत दुनिया के हर समाज में बहुत बेक़ीमत […]

  • तौहीद की क़िस्में
    Rate this post

    तौहीद की क़िस्में

    हमारा अक़ीदह है कि तौहीद की बहुत सी क़िस्में हैं जिन में से यह चार बहुत अहम हैं। तौहीद दर ज़ात यानी उसकी ज़ात यकता व तन्हा है और कोई उसके मिस्ल नही है तौहीद दर सिफ़ात यानी उसके सिफ़ात इल्म, क़ुदरत, अज़लीयत,अबदियत व …..तमाम उसकी ज़ात में जमा हैं और उसकी ऐने ज़ात हैं। […]

  • सूरए हूद, आयतें 90-95, (कार्यक्रम 367)
    Rate this post

    सूरए हूद, आयतें 90-95, (कार्यक्रम 367)

    आइये अब सूरए हूद की आयत संख्या नब्बे की तिलावत सुनते हैं।وَاسْتَغْفِرُوا رَبَّكُمْ ثُمَّ تُوبُوا إِلَيْهِ إِنَّ رَبِّي رَحِيمٌ وَدُودٌ (90)और (हज़रत शुऐब ने अपनी जाति के लोगों से) कहा। अपने पालनहार से क्षमा चाहो और उसकी ओर लौट आओ कि निसंदेह मेरा पालनहार अत्यंत दयावान और (तौबा करने वालों से) प्रेम करने वाला है। […]

  • सृष्टि ईश्वर और धर्म-14 निर्भर और आत्म निर्भर कारक
    Rate this post

    सृष्टि ईश्वर और धर्म-14 निर्भर और आत्म निर्भर कारक

    यदि यह सोच लिया जाए कि अनिवार्य अस्तित्व या आत्मभू अस्तित्व के सभी अंश हर काल में उपस्थित नहीं होते तो यह सोचना सही नहीं होगा क्योंकि जिस वस्तु का कल्पना के स्तर पर ही सही विभाजन किया जा सके वो विभाज्य होती है भले ही व्यवहारिक रूप से ऐसा करना संभव न हो। जिसका […]

  •  इमाम महदी अलैहिस्सलाम की हुकूमत
    Rate this post

    इमाम महदी अलैहिस्सलाम की हुकूमत

    सवालः इमाम ज़माना अलैहिस्सलाम की हुकूमत की शैली क्या होगी? जवाब: जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम पूरी दुनिया में इस्लाम का झंडा ऊंचा करने और कुरान की प्रभुसत्ता स्थापित करने के लिए प्रकट होंगे और इस बात में भी कोई शक नहीं है कि हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम की […]

  • एक विषय जिस को हमें भूलना नहीं चाहिए
    Rate this post

    एक विषय जिस को हमें भूलना नहीं चाहिए

    बड़े ध्यान और गंभीर फ़िक्र के साथ इमाम (अ) की गुरुत्व व महा गुफ़्तगु वर्णना हुआ है. क्या पैग़म्बरे अकरम (स.) के लिए यह मुमकिन है कि जान्शीन और समस्त प्रकार मुस्लिम उम्मत की रह्बरी को फरामोश करे? कभी संभव नहीं है क्योंकि इमाम-मासूम (अ) का सम्पर्क अल्लाह से है. और वह अल्लाह इस स्थान को […]

  •  इमाम-ए-ज़माना (अ.) ने ग़ैबत के ज़माने में लोगों से मुलाकातें की हैं
    Rate this post

    इमाम-ए-ज़माना (अ.) ने ग़ैबत के ज़माने में लोगों से मुलाकातें की हैं

    इमाम-ए-ज़माना अज्जलल्लाहु फरजहुश्शरीफ ने ग़ैबत के ज़माने में लोगों से जो मुलाकातें की हैं उनके कारण को चंद गिरोह में यूँ बयान किया जा सकता है इमाम-ए-ज़माना अज्जलल्लाहु फरजहुश्शरीफ ने ग़ैबत के ज़माने में लोगों से जो मुलाकातें की हैं उनके कारण को चंद गिरोह में यूँ बयान किया जा सकता हैः 1. जो लोग […]