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      वरिष्ठ नेता – 1

      Rate this post वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई का जन्म २४ तीर १३१८ हिजरी शम्सी बराबर १९३९ ईसवी को ईरान के पूर्वोत्तर में स्थित पवित्र नगर मशहद में हुआ था। वह अपने परिवार के दूसरे बेटे थे और उनकी प्रशिक्षा पूर्णरूप […]

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      दुआए कुमैल का वर्णन -1

      Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारीयान   بِسمِ أللہ ألرَّحمٰنِ ألرَّحِیم أَللَّھُمَّ إِنِّی أَسأَلُکَ بِرَحمَتِکَ أَلَّتِی وَسِعَت کُلَّ شَیئ وَ بِقُوَّتِکَ أَلَّتِی قَھَرتَ بِھَا کُلَّ شَیئ وَ خَضَعَ لَھَا کُلُّ شَیئ وَ ذَلَّ لَھَا کُلُّ شَیئ وَ بِجَبَرُوتِکَ أَلَّتِی غَلَبتَ بِھَا کُلَّ شَیئ وَ بِعِزَّتِکَ ألَّیِی لَا یَقُومُ […]

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      ज्ञान आंदोलन-2

      Rate this post ज्ञान आंदोलन के परिणाम स्वरूम आज हमें विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में व्यापक विकास देख रहे हैं तो क्या अब हमें संतुष्ट होकर बैठ जाना चाहिए? ज़ाहिर है कि नहीं, हमं अभी ज्ञान विज्ञान की अग्रिम पंक्ति से पीछे हैं। अभी जीवन के लिए आवश्यक बहुत से वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में हम […]

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      मानवाधिकार-4

      Rate this post कार्यक्रम मार्गदर्शन में हम विभिन्न विषयों पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता का विचार पेश करते हैं। आज हम मानवाधिकार के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई के विचार पेश करेंगे।  हम बात करेंगे सूचना के अधिकार के संबंध में। विश्व, देश और समाज के बारे […]

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      अतिव्यय का नुक़सान

      Rate this post अतिव्यय या फ़ुज़ूलख़र्ची से अधिक संपत्ति भी बर्बाद हो जाती हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम     पैग़म्बरे इस्लाम की नज़र में मुसलमान कौन है   मुसलमान, मुसलमान का भाई है, उससे बेइमानी नहीं करता, उससे झूठ नहीं बोलता और उसे अकेला नहीं छोड़ता।     पैग़म्बरे इस्लाम की नज़र में मुसलमान कौन […]

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      जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 25

      Rate this post (35)   जनाब मिक़दाद बिन असवद हज़रत रसूले ख़ुदा स॰ और हज़रत अली के बहुत ही मोअतबर सहाबी थे। आख़री लम्हे तक हज़रत अमीर अ॰ की इमामत पर बाक़ी रहे और आपकी तरफ़ से दिफ़ा भी करते रहे। इमाम मुहम्मद बाक़र अ॰ की रिवायत के मुताबिक़ आपकी गिन्ती उन जली-लु-लक़द्र असहाब में होती है […]

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      जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 8

      Rate this post (6)    जनाबे अब्बास इब्ने अब्दुल मुत्तलिब आप रसूले इस्लाम स॰ के चचा और मक्के के शरीफ़ और बुजर्ग लोगों में से थे,आपका शुमार हज़रत पैग़म्बर स॰ के चाहने वालों और मद्द करने वालों, नीज़ आप स॰ के बाद हज़रत अमीरूल मोमेनीन के वफ़ादारों और जाँनिसारों में होता है। आमुलफ़ील से तीन साल पहले विलादत […]

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      बुजनूर्दः एक बड़े जनता सम्मेलन से सुप्रीम लीडर का सम्बोधन

      Rate this post दिल की गहराइयों से अल्लाह तआला का शुक्र है कि आप उत्तरी ख़ुरासान की जनता से उस दिन मुलाक़ात हो रही है जिसे इमाम रेज़ा (अ.स) की ज़ियारत से विशेष माना जाता है। आप के सूबे और शहर को बाबुररेज़ा (इमाम रेज़ा (अ.स) के रौज़े का दरवाज़ा) कहा जाता है आज अगर […]

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      अल्लामा मुहम्मद तकी जाफरी

      Rate this post अगस्त वर्ष १९२५ की गर्मियों में उत्तर पूर्वी ईरान के तबरेज़ नगर में अल्लामा मुहम्मद तकी जाफरी का जन्म हुआ। उनके पिता ने किसी पाठशाला में शिक्षा प्राप्त नहीं की थी किंतु उनकी स्मरण शक्ति बहुत अधिक थी और वे नगर के बुद्धिजीवियों और उपदेशकों के उपदेशों को याद करके अन्य लोगों […]

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      कुमैल के लिए ज़िक्र की हक़ीक़त 1

      Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   नेशापुरि ने अपने रेजाल मे उल्लेख किया हैः कुमैल अमीरूल मोमेनीन (अ.स.) के विशेष साथीयो मे से है जिसे उन्होने अपने ऊँट पर सवार किया तो कुमैल ने अमीरूल मोमेनीन (अ.स.) ने प्रश्न किया। हक़ीक़त का अर्थ क्या है? – ज़ाहिर तौर […]

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      आयतुल्लाह ख़ामेनई की निगाह में वास्तविक बहार

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      वा बेक़ुव्वतेकल्लती क़हरता बेहा कुल्ला शैएन 4

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह हुसैन अंसारीयान दूसरे छंद मे कहता है। اللَّهُ الَّذِى خَلَقَ سَبْعَ سمَاوَاتٍ وَ مِنَ الْأَرْضِ مِثْلَهُنَّ يَتَنزَّلُ الْأَمْرُ بَيْنهَنَّ لِتَعْلَمُواْ أَنَّ اللَّهَ عَلىَ‏ كلُ‏ِّ شىَ‏ْءٍ قَدِيرٌ وَ أَنَّ اللَّهَ قَدْ أَحَاطَ بِكلُ‏ِّ شىَ‏ْءٍ عِلْمَا अल्लाहुल्लज़ी ख़लाक़ा सबआ समावातिन वामेनल अर्ज़े मिसलाहुन्ना यतानज़्ज़ेलुल […]

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      आशीषो को असंख्य होना 1

      Rate this post किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत   हम ध्यान पूवर्क क़ुरआन के एक छंद (आयत) से यह अर्थ समझते है कि परमेश्वर द्वरा निर्मित आशिषे इतनी अधिक है, किसी गणना करने वाले व्यक्ति के पास चाहे जितनी अदभुद शक्ति ही क्यो नहो, इनकी (आशीषो) गणना करने से अक्षम (शक्ति नही रखता) है। وَلَوْ […]

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      वरिष्ठ नेता – 3

      Rate this post वर्ष 1368 हिजरी शम्सी में इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी के स्वर्गवास के बाद आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने एक जागरुक व अनुभवी हस्ती के रूप में इस्लामी क्रान्ति का नेतृत्व संभाला। उन्होंने ऐसे समय ईरान में नवस्थापित इस्लामी क्रान्ति का नेतृत्व संभाला जब इमाम ख़ुमैनी के स्वर्गवास के पश्चात […]

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      निर्देशिता बेमिस्ल वरदान (नेमत) -2

      Rate this post पुस्तकः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान   यदि मनुष्य ईश्वर की भौतिक एंव आध्यात्मिक वरदानो को देखे तथा उनपर सोच विचार करे तो उसे पता चलेगा कि ईश्वर की कृपा तथा उसके विशेष एंव सार्वजनिक फ़ैज़ ने उस पर चारो ओर से छाया कर रखा है और परमात्मा की […]

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      अन्य धर्मों को मानने वाले इमाम खुमैनी की दृष्टि में

      Rate this post यहूदी ईसाई और इस्लाम को इब्राहीमी या आसमान से उतरे दीन (REVEALED RELGONS) कहा जाता है जो पैग़म्बरों और आसमानी किताबों की छोड़ी निशानी हैं यह दीन जहाँ यह कहते हैं कि उनसे पहले के दीन में उन की सच्चाई बयान हुई और उनके आने की खबर दी गई है वहीँ ख़ुद […]

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      वरिष्ठ नेता ने ईरानी राष्ट्र की ज़ायोनी विरोधी विशाल रैली की प्रशंसा की।

      Rate this post वरिष्ठ नेता ने क़ुद्स दिवस पर ईरानी राष्ट्र की ज़ायोनी विरोधी विशाल रैली की प्रशंसा की। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने ईद के अवसर पर ईरानी राष्ट्र व विश्व के मुसलमानों को बधाई दी और क़ुद्स दिवस पर ईरानी राष्ट्र की ज़ायोनी विरोधी विशाल रैली की प्रशंसा की। आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद […]

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      इस्लामी चेतना-2

      Rate this post विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई के विचारों पर आधारित एक नयी श्रंखला मार्गदर्शन आपकी सेवा में प्रस्तुत है।   प्रस्तुत है इस्लामी चेतना के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के विचार जो उनके विभिन्न भाषणों से लिए गए हैं। *** यह एक महत्वपूर्ण वास्तविकता है […]

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      पैग़म्बरे इस्लाम की नज़र में मुसलमान कौन है

      Rate this post   मुसलमान वह है जिसकी ज़बान और हाथ से दूसरे मुसलमान सुरक्षित हों।     सबसे अच्छी प्रार्थना   ईश्वर से पापों की क्षमा मांगना सबसे अच्छी दुआ हैः पैग़म्बरे इस्लाम       दूसरों के बारे में बुरा सोचने का नुक़सान   दूसरों के बारे में बुरा सोचने वाला सदैव का […]

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      अशीष समाप्ती के कारण 1

      Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: पश्चताप दया की आलंगन पवित्र क़ुरआन के स्पष्ट छंदो से क्रमशः सुरए इसरा के छंद (आयत) 83, सुरए क़िस्स के छंद 76 से 79, सुरए अलफ़ज्र छंद 17 से 20 तथा सुरए अल्लैल के छंद 8 से 10 तक निम्नलिखित बाते समझ मे आती है, जोकि अशीषो मे गिरावट […]

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      मनुष्य की सबसे अच्छी संपत्ति क्या है?

      Rate this post मनुष्य की सबसे अच्छी धन-संपत्ति, दान-दक्षिणा से प्राप्त पुण्य हैः इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम मशवेरे का महत्व जो सिर्फ़ अपनी राय पर अमल करता है वह बर्बाद हो जाता है और जो बड़ों से सलाह-मशेवेरा करता है वह उनकी बुद्धि में शामिल हो जाता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम ईश्वर से मांगने का तरीक़ा […]

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      दो सबसे अच्छे और दो सबसे बुरे कर्म

      Rate this post दो भले कर्म (नेकी) ऐसे हैं जिनसे बेहतर कोई नेकी नहीं। एक ईश्वर पर आस्था (ईमान) और दूसरे लोगों की मदद करना और दो कर्म ऐसे हैं जिनसे बुरा कोई कर्म नहीं एक अनेकेश्वरवाद (ईश्वर का शरीक बनाना) और दूसरे लोगों को तकलीफ़ देनाः पैग़म्बरे इस्लाम पाप का नुक़सान जो भी कोई […]

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      सवेरे-सवेरेः७

      Rate this post अगर पूरे दिन कठिन परिश्रम और तनाव के पश्चात आप बहुत थके हुए हों और यह आभास आपको कई दिन से हो रहा हो तो आप एसा करें कि प्रतिदिन सवेरे-सवेरे अपनी दिनचर्या आरंभ करने से पूर्व एक गिलास अंगूर का रस पी लिया करें। यह रस, हल्के हरे रंग वाले अंगूर […]

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      सवेरे-सवेरे-19

      Rate this post एक दिन पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) के पौत्र इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम अपने एक साथी के साथ बाज़ार से गुज़र रहे थे।  इमाम के साथी के पीछे-पीछे उसका एक दास चल रहा था।  एक बार इमाम सादिक़ के साथी ने पीछे मुड़कर देखा और जब दास कहीं दिखाई नहीं पड़ा […]

    • बुद्धि का महत्व
      4.3 (86.67%) 3 vote[s]

      बुद्धि का महत्व

      बुद्धि का महत्व4.3 (86.67%) 3 vote[s] बुद्धि से मार्गदर्शन प्राप्त करो ताकि मार्ग मिल जाए, बुद्धि की अवज्ञा न करो कि पछताना पड़ेः पैग़म्बरे इस्लाम अक़्ल से हेदायत हासिल करो ताकि रास्ता मिल जाए और अक़्ल की नाफ़रमानी मत करो शर्मिंदा होना पड़ेः पैग़म्बरे इस्लाम इच्छाओं की प्राप्ति व लंबी लंबी उम्मीदें मैं अपनी उम्मत […]

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      सवेरे-सवेरे-८

      Rate this post आप से हम एक बात पूछना चाहते हैं, क्या आप उत्तर देने के लिए तैयार हैं? यदि तैयार हैं तो बताइए कि आप आशीर्वाद और दुआ में कितना विश्वास रखते हैं? अधिक, कम या बिल्कुल नहीं। अच्छा तो यह बताइये कि आप दूसरों की सहायता करते हैं या नहीं? इस कार्य में […]

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      मशवेरे का महत्व

      Rate this post जो सिर्फ़ अपनी राय पर अमल करता है वह बर्बाद हो जाता है और जो बड़ों से सलाह-मशवेरा करता है वह उनकी बुद्धि में शामिल हो जाता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम ईश्वर से मांगने का तरीक़ा जब भी ईश्वर से दुआ करो तो उससे पहले नमाज़ पढ़ो, या दान करो, या सदकर्म […]

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      सवेरे-सवेरे-२५

      Rate this post आज के जीवन में जिस बात का आभास हर व्यक्ति को होता है और जिससे हर एक चिंतित रहता है वह है समय का हाथ से बड़ी तेज़ी से निकलना। सारे काम पड़े रह जाते है चिन्ता बनी रहती है और समय नहीं मिल पाता । इस कठिनाई से छुटकारे के लिये […]

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      इस्लामी चेतना-2

      Rate this post विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई के विचारों पर आधारित एक नयी श्रंखला मार्गदर्शन आपकी सेवा में प्रस्तुत है। प्रस्तुत है इस्लामी चेतना के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के विचार जो उनके विभिन्न भाषणों से लिए गए हैं। *** यह एक महत्वपूर्ण वास्तविकता है कि […]

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      मदीना की एक मनोहर सुबह

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के ग्यारहवें उत्तराधिकारी हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म दिवस है। सन 232 हिजरी क़मरी में आठ रबीउस्सानी की मनोहर सुबह को मदीना नगर में एक महान बच्चे के जन्म का समाचार फैल गया। जी हां इस दिन इमाम अली नक़ी […]

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      सवेरे सवेरे-14

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम का कहना है कि तुम लोगों में से वह मुझे सबसे अधिक प्रिय है जिसका स्वभाव सबसे अच्छा हो और जो सबसे अधिक विनम्र हो। अच्छे स्वभाव और विनम्र आचरण वाला व्यक्ति सदैव ही दूसरों के सम्मान का पात्र बना रहता है क्योंकि […]

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      ईश्वर से मांगने का तरीक़ा

      Rate this post जब भी ईश्वर से दुआ करो तो उससे पहले नमाज़ पढ़ो, या दान करो, या सदकर्म करो या उसका स्मरण करोः पैग़म्बरे इस्लाम फलदार पेड़ लगाने का महत्व जो कोई एक पेड़ लगाए और वह फल देने लगे तो ईश्वर उसे उतना बदला देगा जितना वह पेड़ फल देता है। दो सबसे […]

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      चार प्रकार के लोग

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमाया कि लोग चार प्रकार के होते हैः दानी, करीम, कंजूस और नीच। दानी वह है जो ख़ुद भी खाता है और दूसरों को भी खिलाता है। करीम वह है जो ख़ुद न खाकर दूसरे को खिलाता है। कंजूस वह है जो सिर्फ़ ख़ुद खाता है, दूसरों को नहीं […]

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      एकता सप्ताह का महत्त्व-1

      Rate this post उस दिन कि जब काबे के आकाश से पैग़म्बरी अर्थात ईश्वरीय दूत का सूर्योदय हुआ तो कोई भी नहीं सोच रहा था कि अज्ञानता में डूबी हुई मानवता के लिए उसके पास बहुत से उपदेश एवं कहने के लिए अनेक बातें हैं। विश्वसनीय और सत्यवादी मोहम्मद (स) ने निष्ठा, पवित्रता और महानता […]

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      सवेरे-सवेरे-३

      Rate this post प्रातःकाल अर्थात जीवन का आरंभ। अतः इसे ईश्वर की याद से आरंभ होना चाहिए। आप कहेंगे कि ईश्वर की याद तो हमने सूर्योदय से पहले ही कर ली है। बहुत अच्छा किया है आपने। लेकिन हमारे मन मे इस समय जो बात ईश्वर के संबन्ध में है वह भी कम महत्वपूर्ण नहीं […]

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      नास्तिकता का सबसे घटिया स्तर

      Rate this post इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम से पूछा गया कि नास्तिकता का सबसे घटिया स्तर क्या है तो आपने कहा कि घमंड नास्तिकता का सबसे घटिया स्तर है। सबके लिए दुआ करने का फ़ायदा जब भी तुम में से कोई दुआ करे तो सबके लिए करे क्योंकि ऐसा करने से दुआ के क़ुबूल होने […]

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      पूर्वजों की तबाही का कारण

      Rate this post तुम्हारे पूर्वजों (बाप-दादाओं) को दिरहम व दीनारों से तबाह किया और यही दो तुम्हें भी तबाह करेंगेः पैग़म्बरे इस्लाम दुनिया की प्राप्ति के लिए मध्यमार्ग अपनाने की अहमियत दुनिया प्राप्त करने में मध्यमार्ग अपनाओ और लालच से बचो क्योंकि जिसकी क़िस्मत में जो है वह उसे मिल कर रहेगाः पैग़म्बरे इस्लाम दुनिया […]

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      मानवाधिकार-2

      Rate this post मानवाधिकार का विषय एसा है जिसपर राजनैतिक, प्रचारिक और सामाजिक गलियारों में बहुत बढ़ चढ़कर चर्चा होती है किंतु यह विषय भी दूसरे बहुत से विषयों की भांति अलग अलग परिभाषाओं में पेश किया जाता है जिसके कारण भ्रांतियां भी उत्पन्न हो जाती हैं। कार्यक्रम मार्गदर्शन में हम विभिन्न विषयों पर इस्लामी […]

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      मिलंसारी का महत्व

      Rate this post मिलंसारी पहला और सबसे आसान दान हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम ज़िंदगी का चैन छीनने वाली तीन चीज़े जिस व्यक्ति में तीन बातें होंगी वह कभी ख़ुश नहीं रह सकताः द्वेष(कीना), ईर्ष्या (हसद) और दुर्व्यवहार (बुरा एख़लाक़) हज़रत अली अलैहिस्सलाम इंसान का मित्र और उसका दुश्मन हर इंसान की मित्र उसकी बुद्धि और […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-7

      Rate this post जब पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम इस निष्कर्ष पर पहुंच गये कि मदीना नगर इस्लाम और मुसलमानों के लिए सुरक्षित शरणस्थली है तो उन्होंने अपने अनुयाइयों को मदीना नगर पलायन करने का आदेश दिया। स्वंय पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम, अपनी पैग़म्बरी की घोषणा के चौथे […]

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      सफल निर्माता निर्देशक, दरवीश

      Rate this post विश्व के सिनेमा जगत के इतिहास में युद्ध पर आधारित फ़िल्मों की कहानियों पर दृष्टि डालने से पता चलता है कि इस प्रकार की फ़िल्मों के इतिहास में बहुत अधिक उतार चढ़ाव नहीं है। विषय की दृष्टि से यह फ़िल्में युद्ध और उससे उत्पन्न होने वाली मानवीय त्रासदी की आलोचना करती थीं। […]

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      सिनेमा का इतिहास

      Rate this post जहां तक यह प्रश्न है कि सिनेमा कब और कैसे अस्तित्व में आया है तो इसके उत्तर में कहना चाहिए कि सिनेमा, सिनेमाटोग्राफ से निकला है जिसका अर्थ गतिशीलता से गुज़रना है। सिनेमा उन सभी दृश्यों के संग्रह को कहते हैं जो कैमरे द्वारा उतारे जाते हैं और फिर उनमें आवाज़ बढ़ा […]

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      टेलीवीजन के मुख्य दर्शक बच्चे होते हैं

      Rate this post विश्व के सिनेमा जगत के इतिहास में युद्ध पर आधारित फ़िल्मों की कहानियों पर दृष्टि डालने से पता चलता है कि इस प्रकार की फ़िल्मों के इतिहास में बहुत अधिक उतार चढ़ाव नहीं है। विषय की दृष्टि से यह फ़िल्में युद्ध और उससे उत्पन्न होने वाली मानवीय त्रासदी की आलोचना करती थीं। […]

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      सिल्वर स्क्रीन की डायमंड जुबली

      Rate this post हिंदुस्तानी सिनेमा आज पूरे 100 साल का हो गया. लेकिन क्या इसने ठीक से बचपन की दहलीज भी लांघी है? पूजा सिंह की रिपोर्ट.   ‘मेरे ख्याल से यह कहना सही होगा कि हमारे देश के जनमानस पर जितना असर तमाम समाचार पत्र और पुस्तकें मिलकर नहीं डाल पाते, उससे अधिक असर […]

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      बाल सिनेमा

      Rate this post ईरान में बाल सेनेमा का आरंभ ६० के दशक में हुआ किंतु ईरान में इस्लामी क्रांति के बाद, बाल सेनेमा के क्षेत्र में असाधारण रूप से परिवर्तन देखने में आया। बजट, सुविधाओं, सेनेमा हाल तथा बाल सेनेमा के विशेष फिल्मी मेले, फिल्म निर्माण में युवा निर्माताओं की सक्रियता के कारण इस प्रकार […]

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      सिनेमा की लोकप्रियता -1 (1)

      Rate this post यदि हम विश्व में प्रचलित कलाओं को विभिन्न भागों में विभाजित करें तो सिनेमा सातवीं कला कहा जाएगा। चलचित्र की कलाएं विभिन्न कारणों के आधार पर सरलता से समझी जाती हैं और वह चित्रकला, साहित्य तथा संगीत की तुलना में अधिक लोकप्रिय और सामूहिक होती हैं। दूसरी ओर चूंकि सिनेमा एक उद्योग […]

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      पहली ईरानी फ़िल्म

      Rate this post ईरान में बनने वाली पहली फिल्म आबी व राबी थी जिसे आवान्स ओग्नियांस ने बनाया था। यह मूक फिल्म आबी  व राबी नामक दो जोकरों की कहानी थी जिनमें से एक लंबे क़द और और दूसरा ठिगने कद था। इस फिल्म को वर्ष १९३० में दिखाया गया और इसे काफी पसन्द भी […]

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      काम्बोज़िया परतवी

      Rate this post काम्बोज़िया परतवी का जन्म सन 1955 में उत्तरी ईरान के गीलान प्रांत के रुस्तमाबाद क्षेत्र में हुआ। उन्होंने सिनेमा साहित्य के विषय की शिक्षा प्राप्त की किंतु विश्वविद्यालय की पढ़ाई से वह संतुष्ट नहीं हुए अतः उन्होंने बहुत जल्दी फ़िल्में बनाना आरंभ कर दिया। इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद के वर्षों […]

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      एनीमीशन फ़िल्में

      Rate this post दुनिया के हर कोने में बच्चों व किशोरों पर बनने वाली फ़िल्मों के बहुत दर्शक होते हैं और परिवार गुट बनाकर सिनेमाघरों में इस प्रकार की फ़िल्में देखने जाते हैं। भारी बिज़नेस करने वाली बाल फ़िल्में यह दर्शाती हैं कि एनीमीशन और कठपुतली वाली फ़िल्में इस सूची में सबसे ऊपर हैं और […]

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      पवित्र रमज़ान-28

      Rate this post पवित्र रमज़ान के महीने के अंतिम दिन हैं और इन दिनों में हम भली भांति यह समझ सकते हैं कि रोज़ा, मनुष्य की आतंरिक इच्छाओं के सामने एक मज़बूत ढाल की भांति हैं। मनुष्य रोज़ा रख कर अपने मन को, अनुचित इच्छाओं से रोकता है और अपने मन मस्तिष्क को हर प्रकार […]

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      सृष्टि ईश्वर और धर्म 44 ईश्वर और उसका ज्ञान

      Rate this post हमने ईश्वरीय दूतों की उपस्थिति की आवश्यकता और उस पर कुछ शंकाओं पर चर्चा की किंतु जब हम यह कहते हैं कि मानव ज्ञान सीमित है और मनुष्य केवल अपने ज्ञान के बल पर ही ईश्वरीय अर्थों की पूर्ण रूप से जानकारी प्राप्त नहीं कर सकता और उसके लिए ईश्वरीय संदेश आवश्यक […]

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      उदाहरणीय महिला 1

      Rate this post पुस्तकः पश्चाताप दया की आलिंग्न लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान   لَقَدْ كانَ فِى قِصَصِهِمْ عِبْرَةٌ لاُولِى الاَلْبابِ   “लक़द काना फ़ी क़ेसासेहिम इबरतुन लेऊलिलअलबाब…”(सुरए युसुफ़ 12, छंद 111) निश्चितरूप से उनकी कहानियां (घटनाएं,वाक़ेआत) बुद्धिमानो के लिए इबरत है।   पश्चातापीयो की कहानीया   उदाहरणीय महिला आसिया फ़िरऔन की पत्नि थी, वह फ़िरऔन जिसमे […]

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      सृष्टि, ईश्वर और धर्म-22 बात करने का ईश्वर का गुण

      Rate this post ईश्वर के लिए जिन कामों की कल्पना की जाती है उनमें से एक बोलना और बात करना भी है। ईश्वर का बोलना और उसका कथन प्राचीन काल से ही बुद्धिजीवियों के मध्य चर्चा का विषय रहा है। यह विषय इतना महत्वपूर्ण बना कि ईश्वरीय गुणों में इस्लामी इतिहास में इसे सवार्धिक चर्चा […]

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      रोज़े के जिस्मानी फ़ायदे, साइंस की निगाह में

      Rate this post आज हम लोग रमज़ान के मुबारक महीने मे एक दीनी कर्तव्य समझ कर रोज़े रखते हैं जो सही भी है लेकिन दीनी कर्तव्य और सवाब के अलावा भी रोज़े के बहुत से फ़ायदे हैं जिनमे से कुछ फ़ायदे हमारी सेहत व स्वास्थ से सम्बन्धित हैं, लेकिन हम में से बहुत से लोग […]

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      युसुफ़ के भाईयो की पश्चाताप 4

      Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   वह कमीज़ झूठे रक्त से रंगीन थी, परन्तु यह कमीज़ एक चमत्कार है, देखिए तो सही की सच और झूठ मे कितना अंतर है भाईयो का क़ाफिला तीसरी बार मिस्र से कनआन की ओर चल पड़ा। उधर आसमानी मोबाइल और […]

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      पवित्र रमज़ान-27

      Rate this post पैगम्बरे इस्लाम (स) का कथन हैः “जो व्यक्ति भीषण गर्मी में रोज़े रखे और उसे प्यास लगे तो ईश्वर हज़ार फ़रिश्तों को भेजता है कि उसके चेहरे को सहलायें और उससे अच्छी बातें करें यहां तक कि (इफ़तार का समय आ जाये) वह इफ़तार कर ले, फिर ईश्वर कहता हैः हे मेरे […]

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      तौहीद दर अफ़आल

      Rate this post हमारा अक़ीदह है कि इस आलमें हस्ति में जो अफ़आल,हरकात व असरात पाये जाते हैं उन सब का सरचश्मा इरादए ईलाही व उसकी मशियत है। “अल्लाहु ख़ालिकु कुल्लि शैइन व हुवा अला कुल्लि शैइन वकील ” यानी हर चीज़ का ख़ालिक़ अल्लाह है और वही हर चीज़ का हाफ़िज़ व नाज़िर भी […]

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      प्रत्येक यूग के लिए क़ूरआन मोज़ेज़ा है ((पैग़म्बरे अकरम साः के लिए))

      Rate this post पाक-पवित्र क़ुरआन मजीद पैग़म्बरे अकरम (स.) के लिए प्रमाण और प्रत्येक यूग के लिए अश्चर्च मोज़ेज़ा है। इस क़ुरआन मजीद में मानव जीवन के लिए समस्त प्रकार ज़िन्दगी की बिधानें उपस्थित (मौजूद) है। जो बीस साल में विभिन्न प्रकार मूनासिबात और विभिन्न घटना पर नाज़िल हूई है. बिसात से लेकर हिज़रत की यूग […]

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      रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (11)

      Rate this post ईश्वर से आपकी उपासनाओं की स्वीकारोक्ति की कामना के साथ कार्यक्रम को एक बार फिर इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की प्रसिद्ध दुआ मकारेमुल अख़लाक़ के एक टुकड़े से आरंभ कर रहे हैं। इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम इस दुआ में एक स्थान पर कहते हैः हे पालनहार! मुझे तेरी उपासना में आलस्य से […]

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      अमर ज्योति-29

      Rate this post इससे पहले की चर्चा में हमने जाना कि पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम का अमर चमत्कार, क़ुरआने मजीद विभिन्न शैलियों से मोक्ष व कल्याण की ओर मनुष्य का मार्गदर्शन करता है। क़िस्सों, उदाहरणों, सौगंधों और तर्कों से लाभ उठाना इन शैलियों में शामिल हैं। मनुष्यों में विचार व बुद्धि […]

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      वहाबियत, वास्तविकता व इतिहास -1

      Rate this post वहाबियत की आधारशिला रखने वाले इब्ने तैमिया ने अपने पूरे जीवन में बहुत सी किताबें लिखीं और अपनी आस्थाओं का अपनी रचनाओं में उल्लेख किया है। उन्होंने ऐसे अनेक फ़त्वे दिए जो उनसे पहले के किसी भी मुसलमान धर्मगुरुओं ने नहीं दिए विशेष रूप से ईश्वर के बारे में। वह्हाबियों का मानना […]

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      ईश्वरीय आतिथ्य-1

      Rate this post   पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम ने शाबान महीने के अन्तिम शुक्रवार को एक भाषण दिया था जो इतिहास में ख़ुत्बए शाबानिया के नाम से प्रसिद्ध है।  इस भाषण में पवित्र रमज़ान के महत्व, उसकी विशेषताओं और इस महीने में ईश्वर की ओर से मनुष्य पर की जाने वाली अनुकंपाओं का उल्लेख किया […]

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      सिफ़ाते मोमिन (7)

      Rate this post कुछ अहादीस के मुताबिक़ 25 ज़ीक़ादह रोज़े “ दहुल अर्ज़ ” और इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम के मदीने से तूस की तरफ़ सफ़र की तारीख़ है। “दह्व”के माअना फैलाने के हैं। कुरआन की आयत “ व अलअर्ज़ा बअदा ज़ालिका दहाहा ”[1]  इसी क़बील से है। ज़मीन के फैलाव से क्या मुराद हैं ? […]

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      शिया एक आसमानी नाम है

      Rate this post (شيعه) शब्दार्थ कूरआन मजीद में मात्र हज़रत ईब्राहीम खलीलुर रह्मान के लिए व्यबाहर हूआ हैं जैसा कि क़ुरआन मजीद में इर्शाद हुआ हैः (وان من شيعته لإبراهيم) यानि शिया पैरुवाने नुह हज़रत इब्राहीम (अ) के थे, और हज़रत मुहम्मद (स.) मात्र शिया का नाम पैरुवाने व दोस्त दराने हज़रत अली (अ) के लिए उल्लेख किया […]

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      दुर्व्यवहार

      Rate this post जान लो कि बंदा अपने दुर्व्यवहार के कारण नरक के अंतिम दर्जे में होगाः पैग़म्बरे इस्लाम ईर्ष्या से हानि ईर्ष्या शरीर को कमज़ोर और रोगी बनाता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम हसद से नुक़सान हसद, जिस्म को कमज़ोर करता है और इंसान को मरीज़ कर देता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम जल्दबाज़ी का नुक़सान […]

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      वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-11

      Rate this post पिछले कार्यक्रम में हमने कहा कि जिन विषयों के बारे में वह्हाबियों ने अत्यधिक हो हल्ला मचाया है उनमें से एक ईश्वर के प्रिय बंदों से तवस्सुल या अपने कार्यों के लिए उनके माध्यम से ईश्वर से सिफ़ारिश करवाना है। सलफ़ी, तवस्सुल को एकेश्वरवाद के विरुद्ध बताते हैं और उनका कहना है […]

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      पवित्र रमज़ान-22

      Rate this post पवित्र रमज़ान-22 रमज़ान के पवित्र महीने में यह ऐसा समय है जब दयालु व तत्वदर्शी ईश्वर की दया व कृपा ने हर समय से अधिक उसके बंदों को अपना पात्र बना रखा है। रमज़ान के पवित्र महीने के इन दिनों के शबे क़द्र होने की अधिक संभावना है। शबे क़द्र वह रात […]

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      एक विषय जिस को हमें भूलना नहीं चाहिए

      Rate this post बड़े ध्यान और गंभीर फ़िक्र के साथ इमाम (अ) की गुरुत्व व महा गुफ़्तगु वर्णना हुआ है. क्या पैग़म्बरे अकरम (स.) के लिए यह मुमकिन है कि जान्शीन और समस्त प्रकार मुस्लिम उम्मत की रह्बरी को फरामोश करे? कभी संभव नहीं है क्योंकि इमाम-मासूम (अ) का सम्पर्क अल्लाह से है. और वह अल्लाह […]

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      पवित्र रमज़ान-१

      Rate this post पवित्र रमज़ान का महीना, ईश्वर के बनाए हुए महीनों में सर्वोत्तम है। पवित्र क़ुरआन इसी महीने में उतरा है। धार्मिक कथनों में आया है कि आकाश और स्वर्ग के द्वार इस महीने में खोल दिये जाते हैं जबकि नरक के द्वार बंद हो जाते हैं। क़ुरआने मजीद की आयतों में आया है कि रमज़ान महीने की रातोंमें एक […]

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      इस्माईलिया सम्प्रदाय

      Rate this post एक हज़ार चौरानवे ई0 में फ़ातेमी बादशाह अल मुस्तन्सिर की मौत के बाद उन के युवराज के लिये इस्माईलिया सम्प्रदाय में मतभैद पैदा हो गये, मुस्तन्सिर ने अपने बड़े बेटे अबू मंसूर नज़ार के अपना युवराज बनाया था लेकिन उन के वज़ीर (मंत्री) अफ़्ज़ल ने उन की म्रत्यु के बाद विद्रोह कर […]

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      मातुरिदिया सम्प्रदाय

      Rate this post मातुरिदिया सम्प्रदाय (फिर्क़ा) माविराउन्नहर की सर ज़मीन पर वजूद में आया। जब माविराउन्नहर को मुसलमानों ने जीत लिया मातुरिदिया सम्प्रदाय का संस्थापक अबु मंसूर मातुरिदिया है जिसका जन्म 238 हिजरी और देहान्त 333 हिजरी में हुआ। अबु मंसूर बहुत प्रतिभा और तेज़ बुद्धि वाला आदमी था वह बहस और मुनाज़रा में भी […]

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      अहले हदीस

      Rate this post अहले हदीस का तरीक़ा अस्ल में एक फ़िक्ही और इज्तिहादी तरीक़ा था। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो अहले सुन्नत के फक़ीह अपने तौर तरीक़े की वजह से दो गुरूप में बटे हैं। एक गुरुप वह है जिसका सेन्टर इराक़ था और वह हुक्मे शरई को हासिल करने के लिए क़ुरआन और […]

    •  फ़िरक़ ए इमामिया जाफ़रिया
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      फ़िरक़ ए इमामिया जाफ़रिया

      Rate this post 1. दौरे हाज़िर में इमामिया फ़िरक़ा मुसलमानों का बड़ फ़िरक़ा है, जिसकी कुल तादाद मुसलमानों की तक़रीबन एक चौथाई है और इस फ़िरक़े की तारीख़ी जड़ें सदरे इस्लाम के उस दिन से शुरु होती हैं कि जिस सूर ए बय्यनह की यह आयत नाज़िल हुई थी: (सूर ए बय्यना आयत 7) बेशक […]

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      अशाइरा सम्प्रदाय

      Rate this post अशाइरा, अबुल हसन अशअरी (260-324 हिजरी) के मानने वालों को कहते हैं। अबुल हसन अशअरी ने अक़्ल (बुद्धी) से काम लेने में तफरीत से काम लेते हुए दरमियान का एक तीसरा रास्ता चुना है। दूसरी सदी हिजरी के दौरान इन दोनों फिकरी मकतबों नें बहुत ज़्यादा शोहरत हासिल की। मोअतज़ला अक़ाइद के […]

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      इस्लाम धर्म व शिया समप्रदाय का संक्षिप्त परिचय

      Rate this post यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि मानव समाज व संस्कृति पर सदैव आसमानी धर्मो का प्रभाव रहा है। पिछली शताब्दी के बारे में कहा जाता है कि इस में मानव “वही” को छोड़ कर “बुद्धि” की ओर उन्मुख हुआ है। परन्तु वास्तविक्ता यह है कि मनुष्य के बौद्धिक जीवन […]

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      इस्माईलियों के फ़िर्क़े

      Rate this post मुस्ताली के मानने वाले फ़ातेमी थे उनकी इमामत मिस्र के फ़ात्मी ख़लीफ़ाओं में बाक़ी रही, इस के कुछ समय बाद यहा सम्प्रदाय हिन्दुस्तान में “बोहरा” नाम से अस्तित्व में आया और अभी तक बाक़ी है। ओबैदुल्लाह मेहदी 296 हिजरी में अफ़रीक़ा में प्रकट हुआ और उसने इस्माईलियों को अपनी इमामत का निमंन्त्रण […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास

      Rate this post 1 अतीत से ही रसायन विज्ञान पर बहुत अधिक ध्यान दिया जाता रहा है। बीते हुए युगों के लोग रसायन ज्ञान को कीमिया के नाम से जानते थे और इसे ज्ञान, कला तथा जादू से मिलकर बनने वाला ज्ञान समझते थे किंतु धीरे धीरे इस क्षेत्र में परिवर्तन आया और रसायन शास्त्र […]

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      ग़ल्ले की मंहगाई

      Rate this post शहरे मदीना में रोज़ बरोज़ ग़ेहूं और रोटी की कीमत में इज़ाफ़ा होता जा रहा था। हर शख़्स पर वहशत और परेशानी के आसार ग़ालिब थे जिनके पास साल भर का ग़ल्ला मौजूद न था वो हासिल करने की फ़िक्र में लगा था और जिसके पास मौजूद था वो हिफ़ाज़त की कोशिश […]

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      कुर्दिस्तान

      Rate this post कुर्दिस्तान प्रांत ईरान की उस धरती का एक भाग है जिस पर माद जाति का शासन रहा है। कुर्द समुदाय का संबंध आर्य जाति से है जो लगभग चार हज़ार वर्ष पूर्व पूरब की ओर से इस क्षेत्र में पहुँची थी और बाद में उसने उत्तर पश्चिम तथा उरूमिये नदी के पूर्व […]

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      हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

      Rate this post हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का नाम अली व आपकी मुख्य उपाधि रिज़ा है। माता पिता हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रत नजमा थीं। आपकी माता को समाना, तुकतम, व ताहिराह भी कहा जाता था। हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय नाम व लक़ब […]

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      उमर ने वसीयत नामा लिखे जाने में रुकावट क्यों की

      Rate this post यह सवाल हर शख्स के ज़हन में आता है कि उमर बिन ख़त्ताब और उनके तरफ़दारों ने पैग़म्बरे अकरम (स) की तदबीर अमली होने में रुकावट क्यों पैदा की? क्या आँ हज़रत (स) ने रोज़े क़यामत तक उम्मत को गुमराह न होने की ज़मानत नही दी थी? इससे बढ़ कर और क्या […]

    • बेसत से पहले पैग़म्बरे अकरम(स.)का किरदार
      4.5 (90%) 2 vote[s]

      बेसत से पहले पैग़म्बरे अकरम(स.)का किरदार

      बेसत से पहले पैग़म्बरे अकरम(स.)का किरदार4.5 (90%) 2 vote[s] किसी भी इंसान की समाजी ज़िन्दगी में जो चीज़ सबसे ज़्यादा असर अंदाज़ होती है वह उस इंसान का माज़ी का किरदार है। पैग़म्बरे इस्लाम (स.) की एक ख़ासियत यह थी कि वह दुनिया के किसी भी मदर्से में पढ़ने के लिए नही गये। आपका किसी […]

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      बनी उमैय्यह इस्लाम से बदला ले रहे थे।

      Rate this post इस्लाम से पहले ,अबुसुफ़यान (यज़ीद का दादा) जिहालत की मान्यताओं, बुत परस्ती व शिर्क का सबसे बड़ा समर्थक था। जब पैग़म्बरे इस्लाम (स.) ने बुत परस्ती और समाज में फैली बुराईयों को दूर करने का काम शुरू किया, तो अबु सुफ़यान को हार का सामना करना पड़ा। अबुसुफ़यान, उसकी बीवी व उसके […]

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      चहारमहाल व बख़तियारी-1

      Rate this post चहारमहाल व बख़्तियारी प्रांत में प्रचुर जल, उपजाऊ भूमि, उचित एवं मनोहर जलवायु, प्राकृतिक हिमखण्ड, झरनों, विभिन्न झीलों और सुन्दर सरोवरों की उपस्थिति तथा बलूत के घने जंगलों जैसी सुन्दर प्रकृति के कारण पर्यटकों को आकर्षित करने की बहुत क्षमता पाई जाती है। जब ईरान के पर्यटन स्थलों का उल्लेख किया जाता […]

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      हज़रत इमाम मूसा काज़िम (अ) और हुकूमते इस्लामी का अरमान

      Rate this post तारीख़ी और रिवाई हक़ायक़ इस पर शाहिद हैं कि सरकारे मुरसले आज़म (स) और मौला ए कायनात (अ) की अज़ीमुश शान इलाही व इस्लामी हुकूमत के वुक़ू पज़ीर होने के बाद, इसी तरह इलाही अहकाम व हुदूद (दीन व शरीयत) के मुकम्मल निफ़ाज़ व इजरा की ख़ातिर इस्लामी हुकूमत की तशकील का […]

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      पैग़म्बरे इस्लाम की बेसत

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम की पैग़म्बरी की घोषणा की वर्षगांठ के शुभ अवसर पर हार्दिक बधाईयां स्वीकार कीजिए। वह एक रहस्यमय रात थी। चांद का मंद प्रकाश नूर नामक पर्वत और उसके दक्षिण में स्थित मरूस्थल पर फैला हुआ था। मक्का और उसके आसपास की प्रकृति पर […]

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      चहारमहाल व बख़तियारी-2

      Rate this post चार महाल व बख़तियारी प्रांत में बख़तियारी क़बीला अपनी विशेष जीवन शैली व रीति रिवाजों के कारण इस क्षेत्र के अद्वितीय आकर्षणों में गिना जाता है और इस क़बीले की जीवन शैली देशी व विदेशी पर्यटकों के लिए सदैव रूचि का विषय रही है। बख़तियारी क़बीला लुर जाति की एक शाखा है […]

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      शिया समुदाय की उत्पत्ति व इतिहास (2)

      Rate this post   रसूले अकरम (स.) के देहांत के बाद जब आपकी ख़िलाफ़त और उत्तराधिकार का मुद्दा सामने आया तो जो महोदय रसूले इस्लाम (स.) के युग में आपके प्रति सबसे अधिक निष्ठावान थे और आपके शिया समझे जाते थे उन्होंने इमामत के बारे में मौजूद नुसूस और हज़रत अली (अ.) के व्यक्तित्व की […]

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      आलिम के सामने

      Rate this post   हज़रत रसूले ख़ुदा (स.) के पास एक शख़्स अन्सार में से आया और उसने सवाल किया, ऐ रसूले ख़ुदा अगर किसी का जनाज़ा तदफ़ीन के लिए तैयार हो और दूसरी तरफ़ इल्मी नशिस्त हो जिसमें शिरकत करने से कस्बे फ़ैज़ हो और दोनों एक ही वक़्त हों और वक़्त भी इतना […]

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      बड़ा आबिद कौन

      Rate this post हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक अलैहिस्सलाम के एक सहाबी जो कि मामूल के मुताबिक हमेशा आप के दर्स में शिरकत किया करते थे और दोस्तों की महफ़िलों में बैठते थे और उनके यहाँ आते जाते थे। एक बार उनको देख़े हुए दोस्तों को बहुत दिन हो गए। हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक (अ.) ने […]

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      गीलान प्रांत का तटीय क्षेत्र, बंदर अनज़ली

      Rate this post बंदर अंज़ली उत्तरी ईरान की महत्त्वपूर्ण बंदरगाहों में है जिसके तीन ओर समुद्र और कच्छ है और केवल एक भाग सूखे से जुड़ा हुआ है। बंदर अंज़ली कैस्पियन सागर के दक्षिणपश्चिमी किनारे पर चालीस वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में मौजूद है और यहां से केन्दीय रश्त 35 किलोमीटर है जबकि यहां से […]

    • गीलान प्रांत, हस्तकलाओं का केन्द्र
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      गीलान प्रांत, हस्तकलाओं का केन्द्र

      गीलान प्रांत, हस्तकलाओं का केन्द्र3 (60%) 1 vote[s] अधिकांश पुरातन वेत्ताओं और शोधकर्ताओ का मानना है कि मिट्टी के बर्तनों को बनाने की कला की जन्म स्थली ईरान है और यहीं से यह कला अन्य देशों में फैली और यह मानवीय उत्पादन की प्राचीन गतिविधियों में से एक है। यह भी कहा जाता है कि […]

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      पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरी

      Rate this post पैगम्बर अकरम (स.) के असहाब के एक मशहूर गिरोह ने इस हदीस को पैगम्बर (स.) नक़्ल किया है। “ अख़ा रसूलुल्लाहि (स.) बैना असहाबिहि फ़अख़ा बैना अबिबक्र व उमर व फ़ुलानुन व फ़ुलानुन फ़जआ अली (रज़ियाल्लहु अन्हु) फ़क़ाला अख़ीता बैना असहाबिक व लम तुवाख़ बैनी व बैना अहद ? फ़क़ाला रसूलुल्लाहि (स.) […]

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      प्रकृति का संगम, रश्त

      Rate this post जंगल, वर्षा, चावल, रेशम, उफनती नदियों, बैगनी फूलों के विशाल स्थान, बसंती गुलाब, कमल के फूल, मुर्ग़ाबियों, हंसों, और विविधतापूर्ण वनस्पतियों जैसी विशेषताओं से संपन्न प्रांत का नाम गीलान है। गीलान प्रांत के नगर अपनी वास्तुकला, आर्थिक गतिविधियों, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व के कारण इस क्षेत्र के पर्यटन आकर्षण समझते जाते हैं। […]

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      पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-3

      Rate this post पूर्वी आज़रबाइजान का सराब नगर उत्तर, पूर्व और दक्षिण से सबलान एवं बुज़क़ूश पर्वतांचलों से और ईलानजूक़ की उंचाइयों से घिरा हुआ है। इस प्रकार से सराब नगर एक घिरे हुए क्षेत्र में है जिसमें केवल पश्चिम की ओर से ही पहुंचा जा सकता है।अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण यहां पर शीत […]

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      पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-2

      Rate this post मराग़े नगर पूर्वी आज़रबाइजान के दक्षिण-पश्चिम और तबरीज़ नगर के दक्षिण में उरूमिये झील व सहंद नामक ज्वालामुखीय पहाड़ के बीच में स्थित है। यह नगर अपेक्षाकृत विस्तृत व उपजाउ पठार में स्थित है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी इस नगर का बहुत महत्व है। यह नगर दो अलग अलग भाग पर आधारित […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 26
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 26

      Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने अबू बक्र के बेटे मोहम्मद बिन अबी बक्र से फरमाया कि पैग़म्बरे इस्लाम ने मुझसे कहा है कि मुझे अपने अनुयाइयों के लिए न मोमिन से भय है और न अनेकेश्वरवादी से क्योंकि मोमिन को उसका ईमान पथभ्रष्टता से रोकता है और ईश्वर अनेकेश्वरवादी का अंत उसके अनेकेश्वरवाद […]

    •  ख़ुत्बात
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      ख़ुत्बात

      Rate this post जब इस लशकर ने शहर में दाखिल होना चाहा तो वालिये बसरा उसमान इबने हुनैफ़ फ़ोज का एक दस्ता लेकर उन की रोक थाम के लिये बढ़े। जब आमना सामना हुआ तो दोनों फ़रीकों ने तलवारें न्यामों से निकाल लीं और एक दूसरे पर टूट पड़े, जब दोनों तरफ़ से अच्छी खासी […]

    • हदीसें
      4 (80%) 1 vote[s]

      हदीसें

      हदीसें4 (80%) 1 vote[s] छटवाँ भाग 251. خُذِ القَصدَ فِي الاُمُورِ، فَمَن اَخَذَ القَصدَ خَفَّت عَلَيهِ المُؤَنَ; कामों में बीच का रास्ता अपनाओ, जो बीच का रास्ता अपनाता है, उसका खर्च कम हो जाता है। 252. خُذِ الحِكمَةَ مِمَّن أتاكَ بِهِا، وَانظُر إلى ما قالَ وَلا تَنظُر إلى مَن قالَ; तुम्हें जो कोई भी बुद्घिमत्ता […]

    •  क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 3
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      क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 3

      Rate this post   18- “وَعَدَ اللَّهُ الَّذِينَ آمَنُوا مِنكُمْ وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَيَسْتَخْلِفَنَّهُم فِي الْأَرْضِ”(नूर 56) इन हज़रात से मुराद अहले बैते ताहेरीन हैं।(अब्दुल्लाह इब्ने मुहम्मद अल हनफ़ीया)( शवाहिदुत तनज़ील जिल्द 1 पेज 413) 19- “وَالَّذِينَ يَقُولُونَ رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ وَاجْعَلْنَا لِلْمُتَّقِينَ إِمَامًا”(फ़ुरक़ान 74) अज़वाज ख़दीजा, ज़ुर्रियत फ़ातेमा, क़र्रातुलऐन हसनैन […]

    •  क़ुरआन मजीद  मे अहले बैत – 2
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      क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 2

      Rate this post   7- “يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُواْ اتَّقُواْ اللّهَ وَكُونُواْ مَعَ الصَّادِقِينَ”(तौहा 119) (सादिक़ीन मुहम्मद व आले मुहम्मद(अ) हैं।(इब्ने उमर) (ग़ायतुल मराम पेज 148) 8- “بَقِيَّةُ اللّهِ خَيْرٌ لَّكُمْ”(हूद 86) (بَقِيَّةُ اللّهِ) क़ाएमे आले मुहम्मद की हस्ती है।(इमाम मुहम्मद बाक़िर(अ)(नुरूल अबसार पेज 172) 9- “أَلَمْ تَرَ كَيْفَ ضَرَبَ اللّهُ مَثَلاً كَلِمَةً طَيِّبَةً كَشَجَرةٍ […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 6
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 6

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    •  क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 4
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      क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 4

      Rate this post 29- “وَبِالْأَسْحَارِ هُمْ يَسْتَغْفِرُونَ”(ज़ारियात 19) यह आयत अली, फ़ातेमा और हसनैन के बारे में नाज़िल हुई है।(इब्ने अब्बास)(शवाहीदुत तनज़ील जिल्द 2 पेज 195) 30- “مَرَجَ الْبَحْرَيْنِ يَلْتَقِيَانِ”(रहमान 20) (الْبَحْرَيْنِ) अली व फ़ातेमा(اللُّؤْلُؤُ وَالْمَرْجَانُ) हसन व हुसैन हैं।(इब्ने अब्बास) (दुर्रे मनसूर जिल्द 6 पेज 142) 31- “وَالسَّابِقُونَ السَّابِقُونَ”(वाक़ेया 11) यह अली(अ) और उनके […]

    •  नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 22
      नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 22
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      नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 22

      नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 223.8 (76%) 5 vote[s] नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 22 मअलूम (विदित) होना चाहिये कि शैतान ने अपने गुरोह को भड़काना शुरुउ (आरम्भ) कर दिया और अपनी फ़ौजें (सेनायें) फ़राहम (उपलब्ध) कर ली हैं ताकि ज़ुल्म (अत्याचारी) अपनी इन्तिहा की हद (चरम सीमा) तक बातिल (अर्धम) अपने मक़ाम (स्थान) पर […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 29
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 29

      Rate this post ईश्वरीय दूतों ने सदैव प्रलय और परलोक में इंसान के भाग्य को महत्व दिया है। प्रलय और परलोक के संबंध में ईश्वरीय दूतों द्वारा अधिक बल दिया जाना इस धार्मिक विश्वास के महत्व को दर्शाता है। समस्त ईश्वरीय दूतों ने एकेश्वरवाद और एक ईश्वर की उपासना का आहवान किया है। उसके बाद […]

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      हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम की अहादीस

      Rate this post हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम की अहादीस(प्रवचन) प्रियः अध्ययन कर्ताओं के लिए यहाँ पर  हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम के चालीस महत्वपूर्ण कथनो को प्रस्तुत किया जारहा हैं। जिनका अनुसरण करके मनुष्य अपने आपको एक विशिष्ठ व्यक्ति बनासकता है 1- स्वर्ग की सम्पत्ति  हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम ने कहा कि अपने पुण्यों को छुपाना […]

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      गोश्त खाने और न खाने की अहमियत

      Rate this post जो इंसान चालीस दिन गोश्त न खाए वह चिड़चिड़े व्यवहार का हो जाता है और जो इंसान चालीस दिन लगातार गोश्त खाए वह कठोर दिल का हो जाता हैः पैग़म्बरे इस्लाम। जो शख़्स चालीस दिन गोश्त न खाए व बद इख़लाक़ हो जाता है और जो चालीस दिन मुसलसल गोश्त खाए उसका […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 31
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 31

      Rate this post जब राजनीति की बात आती है तो बहुत से लोगों के मन में झूठ, मक्कारी और पाखंड जैसे मामले व शब्द आते हैं। क्योंकि इंसान को पूरे इतिहास में इस कटु वास्तविकता का सामना रहा है। अधिकांश सरकारें एवं व्यवस्थाएं नैतिक और मानवीय सिद्धांतों के प्रति वचनबद्ध नहीं रही हैं। साथ ही […]

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      नहजुल बलाग़ा की दृष्टि में मुहासिब ए नफ़्स का महत्व

      Rate this post अमीरुल मोमिनीन अलैहिस सलाम, नहजुल बलाग़ा में मनुष्य जाति को अपने नफ़्स के हिसाब की तरफ़ ध्यान दिलाते हुए फ़रमाते हैं: अपने आपको अपने लिये परख लो और अपना हिसाब किताब कर लो, चूंकि दूसरों को परखने और उनका हिसाब करने के लिये तुम्हारे अलावा कोई दूसरा मौजूद है। हर काम में […]

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      हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम की अहादीस

      Rate this post हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन) अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं के लिए यहाँ पर हज़रत  हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम के चालीस मार्ग दर्शक कथन प्रस्तुत किये जारहे हैं। 1- मार्ग दर्शक  हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम ने कहा कि अल्लाह ने मनुष्यो के लिए  ज़ाहिर व बातिन(प्रत्यक्ष व परोक्ष) दो मार्ग दर्शकों […]

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      सिफ़ाते मोमिन (4)

      Rate this post मुक़द्दमा- पिछले जलसों में हमने पैग़म्बरे अकरम (स.) की एक हदीस जो आपने हज़रत अली (अ.) से खिताब फ़रमाई बयान की, यह हदीस मोमिने कामिल के(103) सिफ़ात के बारे में थी। इस हदीस से 16 सिफ़ात बयान हो चुकी हैं और अब छः सिफात की तरफ़ और इशारा करना है। हदीस- “……..बरीअन […]

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      सिफ़ाते मोमिन (1)

      Rate this post बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम मोज़ू- सिफ़ाते मोमिन हदीस- रुविया इन्ना रसूलल्लाहि (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि) क़ाला “यकमलु अलमोमिनु ईमानहु हत्ता यहतविया अला माइता व सलासा ख़िसालिन फेलिन व अमलिन व नियतिन व बातिनिन व ज़ाहिरिन फ़क़ाला अमिरुल मुमिनीना(अलैहिस्सलाम) या रसूलल्लाह (सलल्ललाहु अलैहि व आलिहि) मा अलमाअतु व सलासा ख़िसालिन ? फ़क़ाला (सलल्ललाहु अलैहि व आलिहि) […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.)  के विचार-24
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार-24

      Rate this post हज़रत अली (अ) समस्त गुणों एवं विशेषताओं के स्वामी हैं। उनके व्यक्तित्व के असीम सागर में समस्त मानवीय सदगुण पाए जाते हैं। उनकी इबादत और बंदगी उनके सबसे विशिष्ट गुणों में से हैं। हज़रत अली (अ) इबादत की उस शिखर चोटी पर आसीन थे कि कई महान ईश्वरीय दूत भी वहां तक […]

    •  ख़ुत्बा – 14
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      ख़ुत्बा – 14

      Rate this post [ यह भी अहले बसरा की (निन्दा) में है ] तुम्हारी ज़मीन (समुन्दर के) पानी से क़रीब और आस्मान से दूर है। तुम्हारी अक़लें सुबुक (बुद्दियां तुच्छ) और दानाइयां खा़म (चतुराइयां कच्ची) हैं। तुम हर तीर अन्दाज़ का निशाना हर खाने वाला का लुक़मा, और शिकारी की सैद अफ़गनियों का शिकार हो […]

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      हदीसे ग़दीर की दलील

      Rate this post दूसरी दलील हज़रत अमीर अलैहिस्सलाम ने जो अशआर माविया को लिखे उनमें हदीसे ग़दीर के बारे में यह कहा कि व औजबा ली विलायतहु अलैकुम। रसूलुल्लाहि यौमः ग़दीरि खुम्मिन।। [21] यानी अल्लाह के पैगम्बर स. ने मेरी विलायत को तुम्हारे ऊपर ग़दीर के दिन वाजिब किया है। इमाम से बेहतर कौन शख्स […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार -18
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार -18

      Rate this post अली अलैहिस्सलाम के दृष्टिकोण से दुनिया या संसार इस्लामी दृष्टिकोण से यदि देखा जाए तो संसार का सीधा संबन्ध परलोक से है और यह उससे बिल्कुल अलग नहीं है। इसका कारण यह है कि मनुष्य अपने जीवन में जो कुछ करता है उसका भुगतान उसे परलोक में करना होगा। लोक और परलोक […]

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      आयतुल्लाह ख़ामेनई के बयान की रौशनी में इस्लामी आइडियालॉजी

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    •  ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-2
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      ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-2

      Rate this post 1970 के दशक में तेल के उत्पादन और उसके मूल्य में वृद्धि के साथ ही ईरान के अत्याचारी शासक मुहम्मद रज़ा पहलवी को अधिक शक्ति का आभास हुआ और उसने अपने विरोधियों के दमन और उन्हें यातनाए देने में वृद्धि कर दी। शाह की सरकार ने पागलपन की सीमा तक पश्चिम विशेष […]

    •  अल्लामा आश्तियानी
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      अल्लामा आश्तियानी

      Rate this post इस्लामी एवं पूर्वी मामलों के फ्रांसीसी विशेषज्ञ प्रोफ़ैसर हेनरी कोर्बिन का कहना है कि मेरी दृष्टि में आश्तियानी साहब, मुल्ला सदरा के समान हैं। मानो मुल्ला सदरा पुनर्जीवित हो गए हैं। मुझे नहीं लगता कि मैं इससे अधिक उनकी प्रशंसा कर सकता हूं। श्रीमान आश्तियानी एक ईरानी दार्शनिक हैं कि जो प्राचीन […]

    •  पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) की बेअसत
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      पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) की बेअसत

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) की बेअसत की पैग़म्बरी की आधिकारिक ऐलान का दिन है। इस दिन अल्लाह ने अपनी कृपा व दया के अथाह समंदर के माध्यम से इंसान को लापरवाही और गुमराही के अंधेरे से निकाला। पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) को यह महान […]

    •  मानवता के अंतिम मुक्तिदाता
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      मानवता के अंतिम मुक्तिदाता

      Rate this post हज़रत इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम आज १५ शाबान का शुभ अवसर है। सन २५५ हिजरी क़मरी में १५ शाबान को हज़रत इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की फूफी जनाब हकीमा उनके घर आयीं ताकि अपने परिजनों से भेंट करें……. मानवता के अंतिम मुक्तिदाता हज़रत इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस आज १५ शाबान का […]

    •  इमाम हुसैन अ.ह. के दोस्तों और दुश्मनों पर एक निगाह
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      इमाम हुसैन अ.ह. के दोस्तों और दुश्मनों पर एक निगाह

      Rate this post हारून रशीद पहला ख़लीफ़ा था कि जिसने इमाम हुसैन अ.ह. की पाक क़ब्र और उसके आसपास के घरों पर हमला किया और आज आईएसआईएस के आतंकवादी चाहते हैं कि इतिहास को दोहरायें लेकिन इमाम और उनकी बारगाह से लोगों की मुहब्बत और उनका प्यार, इमाम से लड़ने वालों के कीने की आग […]

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      इमाम शाफेई

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      अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली (अ) का जन्मदिवस

      Rate this post तत्वदर्शिता और बुद्धिमत्ता के शिक्षक और पैगम्बरे इस्लाम(स) के उत्तराधिकारी हज़रत अली(अ) का शुभ जन्म दिवस है। हज़रत अली(अ) का जन्म एक चमत्कार के साथ हुआ। हज़रत अली (अ) की माता के समक्ष जो उस समय गर्भवती थीं काबे की दीवार फट गयी और वे काबे में प्रविष्ट हो गयीं। तीन दिन बीतने के बाद दीवार […]

    •  13 रजब, अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली (अ.) का शुभ जन्मदिवस
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      13 रजब, अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली (अ.) का शुभ जन्मदिवस

      Rate this post 13 रजब को अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म हुआ, आप पैगम्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम के चचाज़ाद भाई हैं और वह इसी नुबूव्वत की छाया में पले बढ़े और ख़ुद पैग़म्बर की देखरेख में आपका प्रशिक्षण हुआ। हज़रत अली अलैहिस्सलाम पहले आदमी थे जिन्होंने इस्लाम क़ुबूल किया […]

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      इमाम हसन मुजतबा अलैहिस सलाम

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      ईरान की हरित क्रान्ति-1

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      इमाम हादी अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस

      Rate this post हज़रत इमाम अली नक़ी अलैहिस्सलाम का जन्म 212 हिजरी क़मरी में मदीने में हुआ। उनके जन्म से इंसानी इतिहास में नैतिकता व शिष्टाचार के सुनहरे अध्याय जुड़ गये। उनकी मुबारक ज़िंदगी लोगों के मार्गदर्शन का रौशन दिया था। वह इमाम हादी के नाम से भी मशहूर थे जिसका मतलब होता है मार्गदर्शक। […]

    •  आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी – 2
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      आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी – 2

      Rate this post निःसंदेह भाषण देने में दक्ष एवं निपुण होना एक ऐसी ईश्वरीय कृपा है कि जो हर किसी को प्राप्त नहीं होती। अगर कोई वक्ता इस कला को ज्ञान और विद्या एवं गहरी दृष्टि के साथ जोड़ दे तो उसका भाषण आकर्षक एवं मार्गनिर्देशक हो जाता है। आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी एक ऐसे […]

    •  आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह यज़्दी – 2
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      आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह यज़्दी – 2

      Rate this post आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह जनवरी 1935 में जन्में। उनके परिवार की केन्द्रीय ईरान के यज़्द शहर के एक धार्मिक परिवार में गणना होती थी और पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र परिजनों से अथाह श्रद्धा के लिए जाना जाता था। जिस समय रज़ा ख़ान पहलवी के शासन काल में हर ओर घुटन व दमनात्मक […]

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      अहलेबैत अ. की श्रेष्ठता

      Rate this post इस्लामी रिवायतों की बिना पर क़ुरआने मजीद की बे शुमार आयतें अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के फ़ज़ाएल व मनाक़िब की बयानगर हैं और इन्हीं मासूम हस्तियों के किरदार के मुख़्तलिफ़ पहलुओं की तरफ़ इशारा कर रही हैं। बल्कि कुछ रिवायतों की बिना पर पूरे कुरआन का तअल्लुक़ उनके मनाक़िब, उनके मुख़ालिफ़ों के नक़ाएस, उनके आमाल व किरदार और उनकी सीरत व […]

    •  इमाम अली नक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र
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      इमाम अली नक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र

      Rate this post इमाम अली नक़ी (अ.) ने इस्लामी अहकाम के प्रसारण व प्रकाशन और जाफ़री मज़हब के प्रचार के लिए महत्वपूर्ण क़दम उठाये। और हमेशा लोगों को धार्मिक तथ्यों से अवगत करने में प्रयत्नशील रहे। हज़रत इमाम अली नक़ी (अ.) 15 ज़िलहिज्जा 212 हिजरी या 5 रजब को मदीना में पैदा हुए। आपके पिता […]

    •  इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी
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      इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी

      Rate this post एक दिन इमाम हसन (अ) घोड़े पर सवार कहीं जा रहे थे कि शाम अर्थात मौजूदा सीरिया का रहने वाला एक इंसान रास्ते में मिला। उस आदमी ने इमाम हसन को बुरा भला कहा और गाली देना शुरू कर दिया। इमाम हसन (अ) चुपचाप उसकी बातें सुनते रहे, जब वह अपना ग़ुस्सा […]

    •  वो शमअ क्या बुझे…
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      वो शमअ क्या बुझे…

      Rate this post ईद का दिन इमाम महदी (हमारी जानें उन पर क़ुर्बान हों) का जन्म दिन दुनिया के सभी पाक व आज़ाद इन्सानों के लिये ईद का दिन है। यह दिन केवल उन लोगों के लिये ख़ुशी का दिन नहीं है जो ज़ालिम हैं या उनके मानने वाले हैं वरना कौन आज़ाद इन्सान है […]

    •  इमाम मोहम्मद तक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र
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      इमाम मोहम्मद तक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र

      Rate this post हिजरी क़मरी कैलेंडर के सातवें महीने रजब को उपासना और अराधना का महीना कहा जाता है जबकि इस पवित्र महीने के कुछ दिन पैग़म्बरे इस्लाम के परिजनों में कुछ महान हस्तियों से जुड़े हुए हैं जिनसे इस महीने की शोभा और भी बढ़ गई है। इस प्रकार की तारीख़ें बड़ा अच्छा अवसर […]

    •  अमीरुल मोमिनीन अली (अ) का जीवन परिचय  व आपकी विशेषताऐं
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      अमीरुल मोमिनीन अली (अ) का जीवन परिचय व आपकी विशेषताऐं

      Rate this post आपका नाम अली व आपके अलक़ाब अमीरुल मोमेनीन, हैदर, कर्रार, कुल्ले ईमान, सिद्दीक़,फ़ारूक़, अत्यादि हैं। आपके पिता हज़रतअबुतालिब पुत्र हज़रत अब्दुल मुत्तलिब व आपकी माता आदरनीय फ़तिमा पुत्री हज़रतअसद थीं। आप का जन्म रजब मास की 13वी तारीख को हिजरत से 23वर्ष पूर्व मक्का शहर के विश्व विख्यात व अतिपवित्र स्थान काबे […]

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      छत से टपकने वाली बूंदे

      Rate this post सवालः हमारे गांव में ऐसे बाथरूम होते हैं जिनकी छतें बराबर व साफ़ होती हैं उसमे नहाने से जो भाप निकलती हैं उससे बाथरूम की छतें गीली हो जाती हैं जिसके कारण वह भाप के क़तरे नहाने वाले के सर और जिस्म पर टपकते हैं तो क्या यह क़तरे पाक हैं और इन […]

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      इस्लामी दुश्मन कंपनियों से व्यापार

      Rate this post सवालः क्या अमरीकियों, यहूदियों और कनाडा के द्वारा बनी कंपनियों से व्यापार करना जाएज़ है जबकि इस बात का संभावना हो कि यह कंपनियाँ इसराईली सरकार को मज़बूत व ताक़तवर बनाने में मदद करती हैं? जवाबः अगर इन कंपनियों से व्यापार के कारण, पस्त और हड़पनेवाली इस्राईली सरकार को मज़बूती मिल रही […]

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      किसी एक चैप्टर में तक़लीद

      Rate this post सवालः क्या मुकल्लफ़ (जिस में दीनी अहकाम पर अमल करने की शर्तों पाई जाती हों) उस मुज्तहिद की तक़लीद कर सकता है जिसने फिक़्ह के किसी एक बाब (चैप्टर) जैसे नमाज़ व रोज़ा में इज्तेहादकिया है तो क्या वह उस अध्याय में उसकी तक़लीद कर सकता है जिसमें उसने इज्तेहाद किया है? जवाबः मुजतहिदे […]

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      रोज़े के अहकाम

      Rate this post (शरियते इस्लाम में) रोज़े से मुराद है यह है कि इँसान ख़ुदावन्दे आलम की रज़ा के लिए अज़ाने सुबह से मग़रिब तक उन नौ चीज़ों से परहेज़ करे जिन का ज़िक्र बाद में किया जायगा। नियतः (1559) इंसान के लिए रोज़े की नियत का दिल में गुज़ारना या मसलन यह कहना कि […]

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      क़ज़ा नमाज़़

      Rate this post सवाल 521:  मैं 17 साल की उम्र तक एहतेलाम और ग़ुस्ल वग़ैरह के बारे में नहीं जानता था और उन उमूर के मुताल्लिक़ किसी से भी कोई बात नहीं सुनी थी ख़ुद भी जनाबत और गु़स्ल वाजिब होने के मानी नहीं समझता था लिहाज़ा क्या उस उमर तक मेरे रोज़े और नमाज़ों […]

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      नमाज़े जमाअत का सवाब

      Rate this post सवालः रसूले अकरम ने नमाज़े जमाअत के सवाब के सिलसिले में क्या फ़रमाया है? जवाबः रसूले अकरम ने फ़रमाया कि जिस नमाज़े जमाअत में 10 अफ़राद से ज़्यादा हों उस का सवाब इतना ज़्यादा है कि हत्ता अगर आसमान काग़ज़,तमाम दरिया रोशनाई, तमाम दरख़्त क़लम हो जाऐं, और तमाम फ़रिशते उस का सवाब लिखना चाहें […]

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      अहले सुन्नत की इक़तेदा

      Rate this post अहले सुन्नत की इक़तेदा (यानी अहले सुन्नत के पीछे नमाज़ पढ़ना) (हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई की नज़र में) सवाल 596: क्या अहले सुन्नत के पीछे नमाज़ जाएज़ है? जवाब:  इस्लामी इत्तेहाद के तहफ़्फ़ुज़ के लिये उनके पीछे नमाज़े जमाअत पढ़ना जाएज़ है। सवाल 597:  मैं कुरदों के इलाक़े में सरविस करता हूं वहां […]

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      अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों का देखना

      Rate this post सवालः अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों के देखने का क्या हुक्म है? जवाबः अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों का देखना गुनाह और हराम है जिनसे गुनाहों में पड़ने की आशंका हो, शैतानी इच्छाओं को मज़बूती मिले और ईमान कमज़ोर हो।

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      बुरी बातों से बचना

      Rate this post सवालः उन मोमिन स्टूडेंट्स की क्या ज़िम्मेदारी है जो ऐसी युनिवर्सिटी में पढ़ते हैं जहां के एजूकेशनल सिस्टम में लड़के और लड़किया एक साथ पढ़ते हैं और वह उस माहौल में दूसरों को बुरे काम करते हुए देखते हैं? जवाबः उन पर वाजिब है कि ख़ुद को बुराइयों में शामिल न करें और अगर […]

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      नमाज़ में बदन का ढाँपना

      Rate this post (796) ज़रूरी है कि मर्द चाहे उसे कोई भी न देख रहा हो नमाज़ की हालत में अपनी शर्मगाहों को ढाँपे और बेहतर यह है कि नाफ़ से घुटनों तक बदन भी ढाँपे। (797) ज़रूरी है कि औरत नमाज़ के वक़्त अपना पूरा बदन हत्ता कि सर और बाल भी ढाँपे और […]

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      मस्जिद के अहकाम

      Rate this post सवाल 386:  इस बात को नज़र में रखते हुए कि अपने मोहल्ले की मस्जिद में नमाज़ पढ़ना मुस्तहब है क्या अपने मोहल्ले की मस्जिद छोड़ कर जमाअत की नमाज़ पढ़ने के लिये शहर की जामा मस्जिद जाने में कोई हर्ज है? जवाब: अगर अपने मोहल्ले की मस्जिद छोड़ना दूसरी मस्जिद में नमाज़े […]

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      ग़ुस्ले मसे मय्यित

      Rate this post अगर कोई इंसान किसी ऐसे मुर्दा इंसान के बदन को छुए जो ठंडा हो चुका हो और जिसे अभी ग़ुस्ल न दिया गया हो तो उसे चाहिए कि ग़ुस्ले मसे मय्यित करे। मुर्दा जिस्म को चाहे जान बूझ कर छुआ जाये या अचानक जिस्म का कोई हिस्सा मय्यित से लग जाये, सोते […]

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      मुस्तहेब्बी नमाज़ें

      Rate this post मुस्तहेब्बी नमाज़ें बहुत ज़्यादा हैं जिनको नाफ़ेला कहते हैं। मसअला 387: पाँचों वाजिब नमाज़ों के साथ कुछ मुस्तहेब्बी नमाज़ें भी हैं जिन्हें नाफ़ेला कहा जाता है। जिसको पढ़ना बहुत महत्वपूर्ण है और उनके लिए बहुत ज़्यादा सवाब बयान किया गया है। और इन नाफ़ेला के अलावा रात के आख़री हिस्से में रात […]

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      रोज़ का कफ़्फ़ारा

      Rate this post (1669) माहे रमज़ान का रोज़ा तोड़ने के कफ़्फ़ारे के तौर पर ज़रूरी है कि इंसान एक ग़ुलाम आज़ाद करे या उन अहकाम के मुताबिक़ जो आइंदा मसअले में बयान किये जायेंगें दो महीने रोज़ा रखे या साठ फ़क़ीरों को पेट भर कर खाना खिलाये या हर फ़क़ीर को एक मुद ¾ किलो […]

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      इस्तेहाजा

      Rate this post औरतों को जो ख़ून आते हैं, उनमें से एक ख़ून इस्तेहाजः है। जिस वक़्त औरत को यह ख़ून आरहा होता है, उसे मुस्तेहाज़ः कहते हैं। 398 इस्तेहाजः का ख़ून ज़्यादातर ज़र्द रंग का व ठंडा होता है और दबाव व जलन के बग़ैर निकलता है और आमतौर पर यह ख़ून गाढ़ा भी […]

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      वुज़ू का अंग

      Rate this post सवालः अगर वुज़ू के आज़ा (अंगों) में से कोई अंग उसके धोने के बाद और वुज़ू के तमाम होने से पहले नजिस हो जाये तो क्या ह़ुक्म है? जवाबः अगर वह अंग (वुज़ू की नियत से) धोने के बाद नजिस हुआ है तो वुज़ू सह़ी है लेकिन वुज़ू के बाद उस अंग को नमाज़ […]

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      बालिग़ होने की निशानियाँ

      Rate this post 3. बालिग़ होने की निशानियाँ, नीचे दी हुई निशानियों में से कोई एक हैं। 1.    शर्मगाह (गुप्तांग) के आस पास सख़्त बालों का उगना। 2.    एहतेलाम (सोते या जागते मनी (वीर्य)) का निकलना। 3.    चाँद की तारीख के अनुरूप लड़कों का 15 साल और लड़कियों का 9 साल पूरा होना। अगर किसी […]

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      चेहरे पर मुहाँसो का हुक्म

      Rate this post सवालः कभी कभी चेहरे पर मुहाँसे निकल आते है जिनके फूटने पर उनसे पानी निकलता है तो क्या उनसे निकलने वाला पानी नजिस है? और अगर नजिस है तो उस हालत में पढ़ी गई नमाज़ों का और उन जगहों का जिन्हें उन हाथों से छआ है क्या हुक्म है? जवाबः अगर मुहांसों से निकलने […]

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      पाक और नजिस होने के बारे में शक करना

      Rate this post सवालः अगर कोई शख़्स किसी चीज़ के पाक या नजिस होने के बारे में शक करे तो उसके लिये क्या हुक्म है? जवाबः अगर नजिस चीज़ के बारे में शक किया जाये कि पाक हुई या नहीं तो वो नजिस है। इसी तरह पाक चीज़ जिसके बारे में शक किया जाये कि […]

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      चेहरे पर पानी डालना

      Rate this post सवालः एक आदमी का कहना है कि वज़ू के समय केवल दो मुठ्ठी पानी चेहरे पर डाल सकते हैं और तीसरी बार पानी डाला तो वज़ू बातिल व ग़लत हो जायेगा क्या यह बात सह़ी है? जवाबः वज़ू के आज़ा (अंग) को एक बार धोना वाजिब है और दूसरी बार धोना जाएज़ है उसके […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-10

      Rate this post क्या खाएं क्या न खाएं और किस प्रकार खाएं यह प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा का एक महत्त्वपूर्ण विषय है जिस पर प्राचीन चिकित्सा के हकीम विशेष रूप से ध्यान दिया करते थे और बहुत सी समस्या जैस जलवायु, आयु का बढ़ना आदि जो कि मनुष्य की क्षमता व शक्ति से बाहर हैं और […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-18

      Rate this post ईरान की पारंपरिक चिकित्सा शैली में स्वस्थ जीवन के छह आवश्यक सिद्धांत में खाने और पीने को विशेष स्थान प्राप्त है। पानी के प्रयोग की शैली और उसकी आहार उपयोगिता स्वास्थय की रक्षा और विभिन्न स्वभावों में संतुलन लाने में बहुत प्रभावी होती है। विशेषज्ञ डाक्टर मीनाई का कहना है कि लोगों […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-9 (1)

      Rate this post खाना पीना केवल भूख और प्यास की आवश्यकता को दूर करना ही नहीं बल्कि मानवीय प्रवृत्ति के दृष्टिगत मनुष्य का मानसिक व आनंदमयी आयाम है। मनुष्य की इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए खाना पकाना और स्वादिष्ट पकवान तैयार करना एक कला में परिवर्तित हो गया है। ईरान का प्राचीन पारंपरिक […]

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      महिलाओं को सात घंटे और पुरुषों को छः घंटे सोना आवश्यक है

      Rate this post चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि नींद की कमी मनुष्य के जीवन पर बहुत अधिक नकारात्मक प्रभाव डालती है। लंदन में हुए हालिया शोध में इस बात का रहस्योद्घाटन किया गया है कि नींद न आना न केवल ध्यान में कमी और ग़लतियों का कारण बनता है बल्कि इससे काम करने की […]

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      सलाद खाओ स्वास्थ्य बनाओ

      Rate this post नियमित रूप से सलाद का सेवन स्वास्थ्य बनाये रखता है। सलाद की सहायता से भोजन सरलता से पचता है और उसमें कई प्रकार के विटामिन, लौह तत्व, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स और लवण मौजूद होते हैं जिनसे रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। सलाद बनाने से पहले ध्यान में रखना आवश्यक है कि […]

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      शलजम का फ़ायदा

      Rate this post शलजम खाओ क्योंकि कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसके शरीर में कोढ़ की नस न हो और शलजम इस नस को जला देती हैः इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम शलजम खाओ क्योंकि कोई ऐसा शख़्स नहीं है जिसके जिस्म में कोढ़ की रग न हो और शलजम इस नस को जला देती हैः […]

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      गन्दगी से आजीविका कम होती है

      Rate this post प्राकृतिक रूप से मनुष्य स्वच्छता और सुन्दरता को पसंद करता है। वह स्वच्छ घर, सुन्दर परिधान और अच्छी सुगंध से आन्दित होता है और इसके मुक़ाबले में गंदगी से दूर रहना चाहता है। इस्लामी शिक्षाओं में भी स्वच्छता की ओर विशेष ध्यान दिया गया है। इस्लाम पवित्र मन और आत्मा को सम्मान […]

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      पारंपरिक चिकित्सा-5

      Rate this post ईरान के पारंपरिक प्राचीन चिकित्सा की थ्योरियों के अनुसार मनुष्य का शरीर चार मूल पदार्थों से बनता है और वह हैं तात्विक मिट्टी, तात्विक जल, तात्विक हवा और तात्विक आग। यह चार पदार्थ मनुष्य के शरीर में उचित मात्रा में मौजूद रहें तो उसका स्वभाव संतुलित रहता है और उसे कोई बीमारी […]

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      पारंपरिक चिकित्सा-5

      Rate this post ईरान के पारंपरिक प्राचीन चिकित्सा की थ्योरियों के अनुसार मनुष्य का शरीर चार मूल पदार्थों से बनता है और वह हैं तात्विक मिट्टी, तात्विक जल, तात्विक हवा और तात्विक आग। यह चार पदार्थ मनुष्य के शरीर में उचित मात्रा में मौजूद रहें तो उसका स्वभाव संतुलित रहता है और उसे कोई बीमारी […]

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      पारम्परिक चिकित्सा-1

      Rate this post मानवीय जीवन के आरंभ से ही मनुष्य को अपने स्वास्थ की चिंता होने लगी। जब से मनुष्य ने दुख और दर्द को पहचाना है, मृत्यु से अवगत हुआ है वह अपने शारीरिक व अध्यात्मिक दुखों का उपचार की चिंता में पड़ा हुआ है। उसने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रकृति से […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-9

      Rate this post प्रकृति में हवा, जारी रहने और चलने की प्रतीक है। हवा हल्की और तरल होती है और उसकी वास्तविक विशेषता गर्म होती है। इसी आधार पर ईरान के प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा के विद्वानों और हकीमों ने चार तत्वों में से इस तत्व का नाम तात्विक हवा रखा है। तात्विक हवा का स्वभाव […]

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      पपीते के अनगिनत लाभ

      Rate this post पपीता एक ऐसा फल है जो हर मौसम में मिलता है। पपीता खाने से जहां पेट संबंधी समस्यायें दूर होती हैं वहीं बालों और त्वचा को भी सुन्दर बनाता है। जिन लोगों को किडनी की समस्या का सामना होता है उन्हें प्रतिदिन पपीता खाना चाहिये और यह उनके लिए बहुत लाभदायक माना […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-8

      Rate this post आग प्रकृति में गर्मी की प्रतीक है। आग हल्की और गर्म है। इसकी छिपी हुई विशेषता शुष्क है और यह उस शरीर का चिन्ह है जिसकी प्रवृत्ति बहुत ही गर्म हो। इसी विशेषता के आधार पर प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा के हकीमों ने इस तत्व का नाम तात्विक आग रखा है। जिन लोगों […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-16

      Rate this post ईरान की प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए उसके सक्रिय रहने को आवश्यक समझती है। प्राचीन चिकित्सा की दृष्टि में मनुष्य के शरीर की गतिविधियों से चाहे वह प्रतिदिन के कामों के लिए गतिविधियां हो या फिर व्यायाम हो, मनुष्य के शरीर पर लाभदायक प्रभाव पड़ते हैं। अलबत्ता हर व्यक्ति […]

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      पारंपरिक चिकित्सा -6

      Rate this post हमने बताया था कि हर पदार्थ चार मूल तत्वों से मिलकर बनते हैं। तात्विक मिट्टी, तात्विक जल, तात्विक हवा और तात्विक अग्नि। हमने हर तत्व की मनोदशा भी बयान की थी। डाक्टर नासीरी कहते हैं कि हमने बताया था कि तात्विक मिट्टी की ज़िम्मेदारी स्थिर रखना है और सृष्टि की सारी चीज़ों […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-11

      Rate this post ईरान की प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार जिस आहार का सेवन किया जाता है वह मुंह के पानी से मिलकर, चबाए जाने की प्रक्रिया और पाचनतंत्र की गतिविधियों से प्रभावित होकर जौ के सूप की भांति एक गाढ़े लेप में परिवर्तित हो जाता है जिसे अमाशय का कीलूस कहा जाता है। उसके […]

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      विश्व में पहली बार दोनों पैरों का प्रतिरोपण स्पेन में

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-9 (2)

      Rate this post खाना पीना केवल भूख और प्यास की आवश्यकता को दूर करना ही नहीं बल्कि मानवीय प्रवृत्ति के दृष्टिगत मनुष्य का मानसिक व आनंदमयी आयाम है। मनुष्य की इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए खाना पकाना और स्वादिष्ट पकवान तैयार करना एक कला में परिवर्तित हो गया है। ईरान का प्राचीन पारंपरिक […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-15

      Rate this post साधारणतः यह देखा गया है कि मनुष्य अपने जीवन का एक तिहाई भाग नींद में बिताता है। ईरान की प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा ने मनुष्य की आयु के इस भाग पर भी विशेष ध्यान दिया है और नींद से बेहतरीन ढंग से लाभ उठाने की उत्तम बेहतरीन युक्ति बयान की है। इस संबंध […]

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      अधिक टेलीविजन देखने से हो सकता है आपकी जान को ख़तरा

      Rate this post आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि टेलीविजन आपके स्वास्य के लिए खतरनाक हो सकता हैं। लंबे समय तक टेलीविजन देखने से मधुमेह, मोटापा और हृदय रोग जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं। हाल ही में हुए शोधों से ये बात सामने आई है कि लंबे समय तक टीवी देखने से हृदय रोग […]

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      94- सूरए अलम

      Rate this post 94- सूरए अलम नशरह का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- क्या हमने आपके सीने को कुशादह नही कर दिया। 2- और क्या हमने आपके (उस) बोझ को नही उतार लिया। 3- जिस ने आप की कमर तोड़ रक्खी थी। 4- और आपके ज़िक्र […]

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      88- सूरए ग़ाशिया

      Rate this post 88- सूरए ग़ाशिया का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- क्या तुम्हें ढाँप लेने वाली क़ियामत की बात मालूम है। 2- उस दिन बहुत से चेहरे रुसवा होंगे। 3- लगातार काम करते रहने वाले थके हुए। 4- दहकती हुई आग में दाखिल होंगे। […]

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      92- सूरए लैल

      Rate this post 92- सूरए लैल का हिन्ही अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- रात की क़सम जब वह (दुनियाँ) को ढाँप ले। 2- और दिन की क़सम जब वह चमक जाये। 3- और उसकी क़सम जिसने मर्द और औरत को पैदा किया। 4- बेशक तुम्हारी कोशिशें […]

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      आयतल कुर्सी का तर्जमा

      Rate this post 2.255: ख़ुदा ही वो ज़ाते पाक है कि उसके सिवा कोई माबूद नहीं (वह) ज़िन्दा है (और) सारे जहान का संभालने वाला है उसको न ऊँघ आती है न नींद जो कुछ आसमानो में है और जो कुछ ज़मीन में है (गरज़ सब कुछ) उसी का है कौन ऐसा है जो बग़ैर […]

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      91- सूरए शम्स

      Rate this post 91- सूरए शम्स का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- सूरज और उसकी रौशनी की क़सम। 2- और चाँद की क़सम जब वह उसके (सूरज) बाद आता है। 3- और दिन की क़सम जब वह रौशनी अता(प्रदान) करे। 4- और रात की क़सम जब […]

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      79- सूरए नाज़िआत का अनुवाद

      Rate this post शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- क़सम है उनकी जो डूब कर खीँच लेने वाले हैं।(क़सम है उन फ़रिश्तों की जो मुजरिमों की रूह को सख्ती के साथ क़ब्ज़ करते हैं।) 2- और आसानी के साथ खोल देते हैं।(क़सम है उन फ़रिश्तों की जो मोमेनीन […]

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      87- सूरए आला

      Rate this post 87- सूरए आला का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- अपने बलन्द मर्तबा परवर दिगार के नाम की तस्बीह करो। 2- वह परवर दिगार जिसने पैदा किया और दुरूस्त बनाया। 3- जिसने तक़दीर मुऐयन की और फिर हिदायत दी। 4- वह जिसने चरागाह […]

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      80- सूरए अबस का अनुवाद

      Rate this post शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- उसने मुँह बिसूर लिया और पीठ फेर ली। 2- इस वजह से कि उनके पास एक अँधा आ गया। 3- और तुम्हे क्या मालूम कि शायद वह पाकीज़ा बन जाता। 4- या नसीहत हासिल कर लेता तो यह नसीहत […]

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      113 सूरए फ़लक़

      Rate this post 113 सूरए फ़लक़ का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-ऐ रसूल कह दीजिए कि मैं सुबह के मालिक की पनाह चाहता हूँ। 2-जो कुछ भी पैदा किया गया है उसके शर(उप द्रव) से बचने के लिए 3-और अंधेरी रात के शर से (बचने के […]

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      100 सूरए आदियात

      Rate this post 100 सूरए आदियात का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- तेज़ रफ़्तार दौड़ते हुए घोड़ों की क़सम। 2- जो टाप मार कर चिंगारियाँ उड़ाते हैं। 3- और सुबह के वक़्त हमला करते हैं। 4- फिर ग़ुबारे जंग उड़ाते हैं। 5- और दुशमन के लश्कर […]

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      90- सूरए बलद

      Rate this post 90- सूरए बलद का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- मैं इस शहर (मक्के) की क़सम खाता हूँ। 2- (उस शहर की) जिसमे तुम रहते हो। 3- एक बाप और उसकी औलाद की क़सम( हज़रत इब्राहीम और आपकी औलाद) 4- हमने इंसान को रंज […]

    •  कूरआन का आसान हिन्दी अनुवाद
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      कूरआन का आसान हिन्दी अनुवाद

      Rate this post अनुवादक  हाफिज नजर अहमद

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      112 सूरए इखलास

      Rate this post 112 सूरए इखलास का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-(ऐ रसूल) कह दीजिए कि वह अल्लाह एक है। 2-अल्लाह बेनियाज़ है। अर्थात अल्लाह को किसी चीज़ की आवश्यक्ता नही है। 3-न वह किसी की संतान है और न ही उसके कोई संतान है। 4-और […]

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      96- सूरए अलक़

      Rate this post 96- सूरए अलक़ का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- उस पालने वाले का नाम ले कर पढ़ो जिसने पैदा किया। 2- जिसने इंसान को जमे हुए खून से पैजदा किया। 3- पढ़ो तुम्हारा पालने वाला (अल्लाह) बड़ा करीम है। 4- जिसने क़लम के […]

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      सूरए बकारा का अनुवाद

      Rate this post शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम (दयालु व कृपालु) है। 1. यह अक्षर, अल्लाह व पैग़म्बर (स.) के मध्य एक रहस्य है। 2. यह (महान) किताब जिसके (हक़) होने में कोई संदेह नहीं है, मुत्तक़ी (नेक) लोगों का मार्ग दर्शन करती है। 3. (मुत्तक़ी) वह लोग हैं […]

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      110 सूरए नस्र

      Rate this post 110 सूरए नस्र का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-जब अल्लाह की मदद और फ़तह( विजय) मिल जायेगी। 2-तो आप देखेंगे कि असंख्यक लोग अल्लाह के दीन मे सम्मिलित होंगें। 3-बस अपने पालने वाले की हम्द के साथ तस्बीह करो और उससे इस्तग़फ़ार करो( […]

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      85- सूरए बुरूज

      Rate this post 85- सूरए बुरूज का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- बुरजों वाले आसमान की क़सम। 2- और उस दिन की क़सम जिसका वादा किया गया है। 3- क़सम है गवाह की और उसकी जिस पर गवाही दी जायेगी। 4- असहाबे उखदूद क़त्ल कर […]

    • 101 सूरए अल क़ारिआ
      4 (80%) 1 vote[s]

      101 सूरए अल क़ारिआ

      101 सूरए अल क़ारिआ4 (80%) 1 vote[s] 101 सूरए अल क़ारिआ का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- खड़ खड़ाने वाली। 2- और कैसी खड़खड़ाने वाली। 3- और तुम्हें क्या जानों वह खड़ खड़ाने वाली क्या है। 4- जिस दिन लोग बिखरे हुए पतंगों(उड़ने वाले कीड़े) की […]

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      86- सूरए तारिक़

      Rate this post 86- सूरए तारिक़ का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- आसमान और तारिक़ की क़सम। 2-और तुम क्या जानों कि यह तारिक़ क्या है। 3- यह एक चमकता हुआ सितारा है। 4- कोई नफ़्स ऐसा नही है जिसके ऊपर देख रेख करने वाला […]

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      98- सूरए बय्यिनह

      Rate this post 98- सूरए बय्यिनह का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- अहले किताब में से काफ़ेरीन लोग और मुशरेकीन अपने कुफ़्र से अलग होने वाले नही थे जब तक उनके पास खुली दलील न आ जाती । 2- अल्लाह का रसूल जो उन पर पाक […]

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      सूरए हूद, आयतें 79-83, (कार्यक्रम 364)

      Rate this post आइये पहले सूरए हूद की आयत संख्या उनासी और अस्सी की तिलावत सुनते हैं।قَالُوا لَقَدْ عَلِمْتَ مَا لَنَا فِي بَنَاتِكَ مِنْ حَقٍّ وَإِنَّكَ لَتَعْلَمُ مَا نُرِيدُ (79) قَالَ لَوْ أَنَّ لِي بِكُمْ قُوَّةً أَوْ آَوِي إِلَى رُكْنٍ شَدِيدٍ (80)(लूत की जाति वालों ने) कहा, तुम स्वयं जानते हो कि तुम्हारी बेटियों के […]

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      सूरए मरयम, आयतें 41-45, (कार्यक्रम 533)

      Rate this post आइये पहले सूरए मरयम की आयत नंबर 41 और 42 की तिलावत सुनें। وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ إِبْرَاهِيمَ إِنَّهُ كَانَ صِدِّيقًا نَبِيًّا (41) إِذْ قَالَ لِأَبِيهِ يَا أَبَتِ لِمَ تَعْبُدُ مَا لَا يَسْمَعُ وَلَا يُبْصِرُ وَلَا يُغْنِي عَنْكَ شَيْئًا (42) और (हे पैग़म्बर!) इस किताब में इब्राहीम का भी उल्लेख कीजिए कि निश्चित […]

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      सूरए मोमिनून, आयतें 8-14, (कार्यक्रम 608)

      Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-589 आइये पहले सूरए मोमिनून की आठवीं और नवीं आयतों की तिलावत सुनें। وَالَّذِينَ هُمْ لِأَمَانَاتِهِمْ وَعَهْدِهِمْ رَاعُونَ (8) وَالَّذِينَ هُمْ عَلَى صَلَوَاتِهِمْ يُحَافِظُونَ (9) और जो लोग अपनी अमानतों और अपनी प्रतिज्ञा का पालन करते हैं।(23:8) और जो सदैव अपनी नमाज़ों की रक्षा करते हैं। (23:9) इससे पहले हमने […]

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      सूरए ताहा, आयतें 67-71, (कार्यक्रम 554)

      Rate this post आइये पहले सूरए ताहा की आयत क्रमांक 67, 68 और 69 की तिलावत सुनें। فَأَوْجَسَ فِي نَفْسِهِ خِيفَةً مُوسَى (67) قُلْنَا لَا تَخَفْ إِنَّكَ أَنْتَ الْأَعْلَى (68) وَأَلْقِ مَا فِي يَمِينِكَ تَلْقَفْ مَا صَنَعُوا إِنَّمَا صَنَعُوا كَيْدُ سَاحِرٍ وَلَا يُفْلِحُ السَّاحِرُ حَيْثُ أَتَى (69) तो मूसा ने अपने मन में (जाति के […]

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      तिलावत,तदब्बुर ,अमल

      Rate this post   क़ुरआने करीम की तिलावत अफ़ज़ल तरीन इबादतों में से एक है और बहुत कम इबादते ऐसी हैं जो इसके पाये को पहुँचती हैं। क्यों कि यह इल्हाम बख़्श तिलावत क़ुरआने करीम में ग़ौर व फ़िक्र का सबब बनती है और ग़ौर व फ़िक्र नेक आमाल का सरचश्मा है।

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      सूरए आराफ़, आयतें 39-43, (कार्यक्रम 241)

      Rate this post आइये सूरए आराफ़ की आयत संख्या 39 और 40 की तिलावत सुनते हैंوَقَالَتْ أُولَاهُمْ لِأُخْرَاهُمْ فَمَا كَانَ لَكُمْ عَلَيْنَا مِنْ فَضْلٍ فَذُوقُوا الْعَذَابَ بِمَا كُنْتُمْ تَكْسِبُونَ (39) إِنَّ الَّذِينَ كَذَّبُوا بِآَيَاتِنَا وَاسْتَكْبَرُوا عَنْهَا لَا تُفَتَّحُ لَهُمْ أَبْوَابُ السَّمَاءِ وَلَا يَدْخُلُونَ الْجَنَّةَ حَتَّى يَلِجَ الْجَمَلُ فِي سَمِّ الْخِيَاطِ وَكَذَلِكَ نَجْزِي الْمُجْرِمِينَ (40)और पहले […]

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      सूरए मरयम, आयतें 6-11, (कार्यक्रम 527)

      Rate this post आइये पहले सूरए मरयम की आयत नंबर 6 और 7 की तिलावत सुनें। يَرِثُنِي وَيَرِثُ مِنْ آَلِ يَعْقُوبَ وَاجْعَلْهُ رَبِّ رَضِيًّا (6) يَا زَكَرِيَّا إِنَّا نُبَشِّرُكَ بِغُلَامٍ اسْمُهُ يَحْيَى لَمْ نَجْعَلْ لَهُ مِنْ قَبْلُ سَمِيًّا (7) (प्रभुवर! मुझे ऐसा उत्तराधिकारी प्रदान कर!) जो मेरा और याक़ूब के वंश का वारिस हो और […]

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      सूरए बक़रह; आयतें 187-189 (कार्यक्रम 58)

      Rate this post सूरए बक़रह की आयत नंबर १८७ इस प्रकार है।أُحِلَّ لَكُمْ لَيْلَةَ الصِّيَامِ الرَّفَثُ إِلَى نِسَائِكُمْ هُنَّ لِبَاسٌ لَكُمْ وَأَنْتُمْ لِبَاسٌ لَهُنَّ عَلِمَ اللَّهُ أَنَّكُمْ كُنْتُمْ تَخْتَانُونَ أَنْفُسَكُمْ فَتَابَ عَلَيْكُمْ وَعَفَا عَنْكُمْ فَالْآَنَ بَاشِرُوهُنَّ وَابْتَغُوا مَا كَتَبَ اللَّهُ لَكُمْ وَكُلُوا وَاشْرَبُوا حَتَّى يَتَبَيَّنَ لَكُمُ الْخَيْطُ الْأَبْيَضُ مِنَ الْخَيْطِ الْأَسْوَدِ مِنَ الْفَجْرِ ثُمَّ أَتِمُّوا […]

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      सूरए आले इमरान; आयतें ७७-८२ (कार्यक्रम 94)

      Rate this post सूरए आले इमरान की आयत संख्या ७७ इस प्रकार है।إِنَّ الَّذِينَ يَشْتَرُونَ بِعَهْدِ اللَّهِ وَأَيْمَانِهِمْ ثَمَنًا قَلِيلًا أُولَئِكَ لَا خَلَاقَ لَهُمْ فِي الْآَخِرَةِ وَلَا يُكَلِّمُهُمُ اللَّهُ وَلَا يَنْظُرُ إِلَيْهِمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَلَا يُزَكِّيهِمْ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ (77)निःसन्देह, जो लोग ईश्वरीय प्रतिज्ञा और अपनी सौगंधों को सस्ते दामों में बेच देते हैं उनको […]

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      सूरए माएदा; आयत 118-120(कार्यक्रम 193)

      Rate this post आइए पहले सूरए माएदा की आयत संख्या 118 की तिलावत सुनते हैं।إِنْ تُعَذِّبْهُمْ فَإِنَّهُمْ عِبَادُكَ وَإِنْ تَغْفِرْ لَهُمْ فَإِنَّكَ أَنْتَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ (118)(हज़रत ईसा ने कहाः प्रभुवर) यदि तू इन लोगों को दण्डित करेगा तो ये तेरे बंदे हैं और यदि तू इन्हें क्षमा कर दे तो निसन्देह, तू अत्यंत शक्तिशाली और […]

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      सूरए निसा; आयतें 26-31 (कार्यक्रम 125)

      Rate this post आइये पहले सूरए निसा की 26वीं, 27वी और 28वीं आयतों की तिलावत सुनें।يُرِيدُ اللَّهُ لِيُبَيِّنَ لَكُمْ وَيَهْدِيَكُمْ سُنَنَ الَّذِينَ مِنْ قَبْلِكُمْ وَيَتُوبَ عَلَيْكُمْ وَاللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٌ (26) وَاللَّهُ يُرِيدُ أَنْ يَتُوبَ عَلَيْكُمْ وَيُرِيدُ الَّذِينَ يَتَّبِعُونَ الشَّهَوَاتِ أَنْ تَمِيلُوا مَيْلًا عَظِيمًا (27) يُرِيدُ اللَّهُ أَنْ يُخَفِّفَ عَنْكُمْ وَخُلِقَ الْإِنْسَانُ ضَعِيفًا (28)ईश्वर चाहता है […]

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      सूरए माएदा; आयत 84-88 (कार्यक्रम 184)

      Rate this post आइए पहले सूरए माएदा की 84, 85 और 86वीं आयतों की तिलावत सुनते हैं।وَمَا لَنَا لَا نُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَمَا جَاءَنَا مِنَ الْحَقِّ وَنَطْمَعُ أَنْ يُدْخِلَنَا رَبُّنَا مَعَ الْقَوْمِ الصَّالِحِينَ (84) فَأَثَابَهُمُ اللَّهُ بِمَا قَالُوا جَنَّاتٍ تَجْرِي مِنْ تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ خَالِدِينَ فِيهَا وَذَلِكَ جَزَاءُ الْمُحْسِنِينَ (85) وَالَّذِينَ كَفَرُوا وَكَذَّبُوا بِآَيَاتِنَا أُولَئِكَ أَصْحَابُ الْجَحِيمِ […]

    •  ईश्वरीय वाणी – 18
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      ईश्वरीय वाणी – 18

      Rate this post ताएफ़ नगर के निकट एक क्षेत्र है जहां हुनैन नाम का युद्ध हुआ। ताएफ़वासी विशेषकर दो कबीलों एक “हवाज़न” और दूसरे “सक़ीफ़” के नाम से प्रसिद्ध थे। इस्लामी सेना ने जब पवित्र नगर मक्का पर विजय प्राप्त कर ली और इस्लाम तेज़ी से फैलने लगा तो वे भयभीत हो गये और उन्होंने […]

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      सूरए बक़रह; आयतें 190-195 (कार्यक्रम 59)

      Rate this post सूरए बक़रह की आयत नंबर १९० इस प्रकार है।وَقَاتِلُوا فِي سَبِيلِ اللَّهِ الَّذِينَ يُقَاتِلُونَكُمْ وَلَا تَعْتَدُوا إِنَّ اللَّهَ لَا يُحِبُّ الْمُعْتَدِينَ (190)और ईश्वर के मार्ग में उन लोगों से युद्ध करो जो तुमसे युद्ध करते हैं परन्तु अतिक्रमण न करो कि ईश्वर निःसन्देह, अतिक्रमणकारियों को पसंद नहीं करता। (2:190) शत्रु के आक्रमण […]

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      क्या क़ुरआन दस्तूर है?

      Rate this post वाज़ेह रहना चाहिये के जिस तरह क़ुरआन आम किताबों की तरह की किताब नही है। इसी तरह आम दसातीर की तरह का दस्तूर भी नही है। दस्तूर का मौजूदा तसव्वुर क़ुरआन मजीद पर किसी तरह सादिक़ नही आता और ना उसे इन्सानी इसलाह के ऐतेबार से दस्तूर कह सकते हैं। दस्तूर की […]

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      क़ुरआने मजीद और औरतें

      Rate this post क़ुरआने मजीद और औरतें 1 बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम इस्लाम में औरतों के मौज़ू पर ग़ौर करने से पहले इस नुक्ता को पेशे नज़र रखना ज़रूरी है कि इस्लाम ने इन अफ़कार का मुज़ाहिरा उस वक़्त किया है जब बाप अपनी बेटी को ज़िन्दा दफ़्न कर देता था। और उस जल्लादीयत को अपने लिये बाईसे […]

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      सूरए मोमिनून, आयतें 19-24, (कार्यक्रम 610)

      Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-591 आइये पहले सूरए मोमिनून की 19वीं और 20वीं आयतों की तिलावत सुनें। فَأَنْشَأْنَا لَكُمْ بِهِ جَنَّاتٍ مِنْ نَخِيلٍ وَأَعْنَابٍ لَكُمْ فِيهَا فَوَاكِهُ كَثِيرَةٌ وَمِنْهَا تَأْكُلُونَ (19) وَشَجَرَةً تَخْرُجُ مِنْ طُورِ سَيْنَاءَ تَنْبُتُ بِالدُّهْنِ وَصِبْغٍ لِلْآَكِلِينَ (20) फिर हमने उस (पानी) के द्वारा तुम्हारे लिए खजूरों और अंगूरों के बाग़ […]

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      सूरए तौबा, आयतें 48-51, (कार्यक्रम 307)

      Rate this post आइये पहले सूरए तौबा की 48वीं आयत की तिलावत सुनें।لَقَدِ ابْتَغَوُا الْفِتْنَةَ مِنْ قَبْلُ وَقَلَّبُوا لَكَ الْأُمُورَ حَتَّى جَاءَ الْحَقُّ وَظَهَرَ أَمْرُ اللَّهِ وَهُمْ كَارِهُونَ (48)निश्चित रूप से मिथ्याचारियों ने इससे पूर्व भी बिगाड़ और विवाद उत्पन्न करने का प्रयास किया था और (हे पैग़म्बर!) वे आपके समक्ष बातों को उलटा दर्शाते […]

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      सूरए अनआम, आयतें 145-149, (कार्यक्रम 227)

      Rate this post आइये सूरए अनआम की आयत नंबर 145 की तिलावत सुनते हैं।قُلْ لَا أَجِدُ فِي مَا أُوحِيَ إِلَيَّ مُحَرَّمًا عَلَى طَاعِمٍ يَطْعَمُهُ إِلَّا أَنْ يَكُونَ مَيْتَةً أَوْ دَمًا مَسْفُوحًا أَوْ لَحْمَ خِنْزِيرٍ فَإِنَّهُ رِجْسٌ أَوْ فِسْقًا أُهِلَّ لِغَيْرِ اللَّهِ بِهِ فَمَنِ اضْطُرَّ غَيْرَ بَاغٍ وَلَا عَادٍ فَإِنَّ رَبَّكَ غَفُورٌ رَحِيمٌ (145)(हे पैग़म्बर!) कह […]

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      सूरए तौबा, आयतें 80-84, (कार्यक्रम 314)

      Rate this post आइये पहले सूरए तौबा की आयत क्रमांक 80 की तिलावत सुनें।اسْتَغْفِرْ لَهُمْ أَوْ لَا تَسْتَغْفِرْ لَهُمْ إِنْ تَسْتَغْفِرْ لَهُمْ سَبْعِينَ مَرَّةً فَلَنْ يَغْفِرَ اللَّهُ لَهُمْ ذَلِكَ بِأَنَّهُمْ كَفَرُوا بِاللَّهِ وَرَسُولِهِ وَاللَّهُ لَا يَهْدِي الْقَوْمَ الْفَاسِقِينَ (80)(हे पैग़म्बर!) आप उन (मिथ्याचारियों) के लिए क्षमा की प्रार्थना करें या न करें। उनके लिए कोई […]

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      सफाई और सुन्दरता

      Rate this post स्वाभाविक रूप से हर व्यक्ति सफाई और सुन्दरता को पसंद करता है जबकि वह बुरी चीज़ों से विरक्त है। सुन्दरता का अर्थ सुव्यवस्थित करना है और कभी समन्वय एवं तैयार होने के अर्थ में भी उसका प्रयोग होता है परंतु यह सारे अर्थ एक दूसरे से संबंधित हैं। क्योंकि सुसज्जित व सुन्दर […]

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      लोमड़ी और चक्कीबान – 2

      Rate this post हमने बताया था कि एक लोमड़ी आटे की चक्की पर चोरी करते पकड़ी गयी और जब उसने अपनी जान खतरे में देखी तो चक्की के मालिक से कहा कि यदि वह उसे छोड़ दे तो वह अपनी गलती सुधारेगी और उसका भला करेगी। लोमड़ी ने योजना बनायी और चक्की के मालिक को […]

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      राजा का दुःस्वप्न-2

      Rate this post प्राचीन समय में दूर स्थान पर हिलार नाम का एक राजा रहता था। उसने एक स्वप्न देखा परंतु महल में रहने वाले पंडितों व ब्राह्मणों ने राजा से शत्रुता के कारण उसके स्वप्न की व्याख्या अपनी इच्छानुसार किया और उसे अधिक डरा दिया। दरबार में रहने वाले ब्राह्मणों ने कहा कि स्वप्न […]

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      औरत इस्लाम की नज़र में (1)

      Rate this post अरब के उस ज़माने में जब हर तरफ़ जिहालत और गवार पन था और औरत सुसाइटी के लिये एक कलंक समझी जाती थी। रसूले इस्लाम स. नें आकर दुनिया को औरत की हैसियत   और उसकी श्रेष्ठता बताई और एक बेटी का इस तरह पालन पोषण किया कि वह दुनिया की सबसे […]

    •  आदर्श जीवन शैली – 3
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      आदर्श जीवन शैली – 3

      Rate this post समय के महत्व उद्देश्य के निर्धारण और योजना के बाद, लक्ष्य तक पहुंचने के लिए योजना बनाना और गंभीरता के साथ प्रयास करते रहना भी अति आवश्यक है किंतु एक अन्य महत्वपूर्ण विषय, समय से सही लाभ उठाना भी है। यद्यपि लक्ष्यों के निर्धारण, उन्हें चरणबद्ध करना, मनुष्य को समय से सही […]

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      पक्षी और शिकारी

      Rate this post पुराने समय की बात है एक पक्षी अच्छी जलवायु वाली जगह ढूंढ़ने के उद्देश्य से अपने मित्रों से अलग हो गया। वह एक हरे- भरे बग़ीचे में पहुंचा और रहने के लिए उसी स्थान को चुन लिया। पक्षी कुछ क़दम की दूरी पर एक शिकारी ने जाल बिछा रखा था और थोड़ा […]

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      शक्तिशाली राजा और हातिम ताई- (2)

      Rate this post पिछले अनुभाग में हमने बताया था कि प्राचीनकाल में एक शक्तिशाली राजा था जो बहुत ही धनवान और दानी था। इस राजा के नगर में, जिसे भी कोई आवश्यकता होती, वह उसके पास जाता और राजा अपनी कृपा तथा दया से आने वाले की समस्या का समाधान कर दिया करता था। यह […]

    •  आदर्श जीवन शैली – 5
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      आदर्श जीवन शैली – 5

      Rate this post हमने आवश्यक लक्ष्य, कार्यक्रम और समय को सही ढंग से व्यवस्थित करने के बारे में बताया था। इन सिद्धांतों के पालन से हम अपनी जीवन शैली को सही दिशा दे सकते हैं और यह जीवन में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। यही कारण है कि इस्लामी शिक्षाओं में और इसी प्रकार पैग़म्बरे […]

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      औरत इस्लाम की नज़र में (2)

      Rate this post इस्लाम इन्सान को मानवता, इन्सानियत, उसकी असलियत और आध्यात्मिकता की चोटी तक पहुँचाता है इसलिये इस्लाम की नज़र में मर्द और औरत में कोई अन्तर नहीं है। इस्लाम में मर्द होने या औरत होने की कोई हैसियत नहीं है बल्कि अस्ल हैसियत इन्सानियत की है। इस्लाम कभी मर्दों को सराहता है और […]

    •  महिला जगत
      महिला जगत
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      महिला जगत

      महिला जगत5 (100%) 1 vote[s] आइए आज के लिए जिएं मनुष्य का जीवन एक बहती हुई नदी की भॉंति है। जो भी उसमें क़दम रखता है उसका जीवन हर पल आगे बढ़ता रहा है। जीवन एक स्थाई परिवर्तन है और जो चीज़ निश्चित और स्थाई है वो हमारा “आज” है। हमें “आज” के लिए जीना […]

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      व्यक्ति, बकरी और बेटे

      Rate this post प्राचीन काल में एक आदमी के पास एक बकरी थी, उसने एक दिन अपने छोटे से पुत्र से कहाः इस बकरी को चराने ले जाओ । लड़का बकरी को लेकर गया और रात तक चराता रहा। रात को पिता ने बकरी से पूछाः आज पेट भर कर खाया बकरी ने झूठ बोल […]

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      दुबला दरवेश

      Rate this post प्राचीन काल में दो दरवेश एक दूसरे के गहरे मित्र थे। उन दोनों के बीच इतनी घनिष्ठता थी कि लोग उनके बारे में कहते थे कि यह दो शरीरों में एक आत्मा के समान हैं। उनमें से एक मोटा और पेटू था तथा कभी भी उसका पेट नहीं भरता था किंतु दूसरा […]

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      तालीम

      Rate this post बच्चे का पहला स्कूल मां की गोद होती है और मां अपने बच्चे को अच्छी तालीम देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ती। तीन साल का बच्चा हुआ नहीं कि उसे स्कूल भेजना शुरु कर दिया जाता है। पैरेन्टस अपने बच्चे को अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाते हैं और चाहते हैं […]

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      उदाहरणीय महिला 4

      Rate this post पुस्तकः पश्चाताप दया की आलिंग्न लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान   وَضَرَبَ اللَّهُ مَثَلاً لِلَّذِينَ آمَنُوا امْرَأَةَ فِرْعَوْنَ إِذْ قَالَتْ رَبِّ ابْنِ لِي عِندَكَ بَيْتاً فِي الْجَنَّةِ وَنَجِّنِي مِن فِرْعَوْنَ وَعَمَلِهِ وَنَجِّنِي مِنَ الْقَوْمِ الظَّالِمِينَ   “वा ज़राबल्लाहो मसालन लिललज़ीन आमानू इम्रअता फ़िरऔना इज़ क़ालत रब्बिबने ली इनदका बैतन फ़ील जन्नते वानज्जेनी मिन फ़िरऔना […]

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      मेरी बेटी केवल मेरी दोस्त

      Rate this post नौजवानी एक ऐसा टाइम होता है जब लड़की भावनाओं और एहसासों के बहाव में बहती है, साथ ही उसके दोस्तों का भी उसके ऊपर बहुत गहरा असर पड़ता है। लड़का और लड़की दोनों ही इसके लपेटे में ज़बरदस्त तरीक़े से आ जाते हैं। यह आपके सामने बहुत बड़ा चेलेंज है कि आप […]

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      नाई और रंगरेज़-4

      Rate this post पिछले कड़ी में हमने बताया था कि मिस्र के इस्कंदरिया नगर में अबू क़ीर और अबू सीर नामक दो व्यक्ति रहा करते थे जो एक दूसरे के मित्र थे। अबू क़ीर रंगरेज़ और अबू सीर नाई था। अबू क़ीर झूठा और धोखेबाज़ था जबकि अबू सीर सच्चा व्यक्ति था। मंडी में आने […]

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      मित्रता का फल

      Rate this post प्राचीन काल की बात है एक शहर में एक दुकानदार रहता था। वह सदाचारी और ईमानदार व्यक्ति था। अपनी इसी विशेषता से वह लोगों में जाना जाता था। वह दुकानदार कृपालु और अतिथि प्रेमी भी था। सदैव ही वंचितों और निर्धनों की सहायता करता था। एक दिन वह अपनी दुकान में एक […]

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      बुद्धिमान पत्नी (1)

      Rate this post प्राचीन काल में क़ुली नाम का एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ रहा करता था। उनका जीवन बड़ा शांत और अच्छा गुज़र रहा था। उनके जीवन में बहुत सी कहानियों की भांति केवल एक ही दुख था और वह था संतान का न होना। उनके विवाह को कई वर्ष बीत चुके थे […]

    • (2) जिमाअ-
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      (2) जिमाअ-

      (2) जिमाअ-5 (100%) 1 vote[s] जिमाअ रोज़े को बातिल कर देता है चाहे अज़वे तनासुल(लिंग) सुपारी तक ही दाखिल हो और मनी(वीर्य) भी ख़ारिज न होई हो। (1594) अगर आला-ए-तनासुल(लिंग) सुपारी से कम दाखिल हो और मनी भी खारिज न हो तो रोज़ा बातिल नही होता लेकिन जिस शख़्स कि सुपारी कटी हुई हो अगर […]

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      इस्लाम में पर्दा की वास्तविकता

      Rate this post संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह संछिप्त विवरण:पर्दा सर्वप्रथम अल्लाह की उपासना है, जिसे अल्लाह ने अपनी व्यापक व अपार तत्वदर्शिता से औरतों पर अनिवार्य कर दिया है। पर्दा नारी के लिए पवित्रता, शालीनता और सभ्यता का प्रतीक, तथा उसके सतीत्व व मर्यादा का रक्षक है। पर्दा वास्तव में नारी के लिए प्रतिष्ठा और सम्मान का […]

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      यमन का चयन न करना

      Rate this post सवाल 6: इमाम हुसैन अ. ने अपने आंदोलन के लिए यमन का चयन क्यूं नहीं किया जहाँ पहले से शिया मौजूद थे? इब्ने अब्बास जैसे दिग्गज लोगों के कथनों में यह प्रस्ताव देखने में आता है कि इमाम यमन की तरफ़ चले जाएं और वहाँ से अपने प्रचारकों को आसपास के इलाक़ों में […]

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      अमर आंदोलन-६

      Rate this post कर्बला में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के आन्दोलन पर दृष्टि डालने से ज्ञात होता है कि यह न तो दस दिन के भीतर लिए गए किसी अचानक निर्णय का परिणाम था और न ही इसकी योजना यज़ीद के शासन को देखकर तैयार की गई थी।  पैग़म्बे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही […]

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      इमाम हुसैन अ.ने मदीने से अपना आंदोलन…..

      Rate this post इमाम जिस समय मदीने में थे उस समय तक मुआविया के मरने का ऐलान नहीं हुआ था उसके अलावा आम लोग अभी यज़ीद और मुआविया की हुकूमत के अंतर को अच्छी तरह से महसूस नहीं कर पा रहे थे …..   सवाल-2-  इमाम ह़ुसैन (अ स) ने मदीने से ही अपने आंदोलन […]

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      28 सफ़र रसूले इस्लाम स. और इमाम हसन अ. की शहादत

      Rate this post इलाही पैग़म्बरों की एक अहेम ज़िम्मेदारी जेहालत, बेदीनी, अंध विश्वास के विरुद्ध संघर्ष और अन्याय, ज़ुल्म और मानवाधिकारों के हनन के ख़ेलाफ़ आंदोलन छेड़ना था। आख़री इलाही पैग़म्बर, रसूले इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने भी इंसानियत को जेहालत, भेदभाव और ज़ुल्म से नजात दिलाने के लिए अपना आंदोलन चलाया […]

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      इमाम हुसैन अ.ने मदीने से अपना आंदोलन क्यूँ शुरू नहीं किया

      Rate this post सवाल-2-  इमाम ह़ुसैन (अ स) ने मदीने से ही अपने आंदोलन को शुरू क्यों नहीं किया? इस सवाल का जवाब समय और जगह के ह़ालात व परिस्थितियों की बारीकी से समीक्षा करने पर निर्भर है, जहाँ तक समय की बात है तो इमाम जिस समय मदीने में थे। उस समय तक मुआविया के […]

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      अमर आंदोलन-१

      Rate this post हिजरी क़मरी वर्ष १४३४ आरंभ हो रहा है।  पहला महीना मोहर्रम है।  इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत के बाद से मोहर्रम केवल एक महीने का नाम नहीं रह गया बल्कि यह एक दुखद घटना का नाम है, एक सिद्धांत का नाम है और सबसे बढ़कर सत्य व असत्य, अत्याचार तथा साहस की […]

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      इमाम रेज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत

      Rate this post आज हज़रत इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत की बरसी पर आपका रौज़ा हज़ारों ज़ायेरीन जमा हैं ताकि पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम और उनके पाक अहलेबैत अ. की सेवा में अपनी अक़ीदत व श्रृद्धा का इज़हार कर सकें। आपके पाक रौज़े के कोने-कोने से क़ुरआन पढ़ने और दुआ करने […]

    •  शबे आशूर के आमाल
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      शबे आशूर के आमाल

      Rate this post यह शब शबे आशूर अर्थात नौ मुहर्रम की रात है। इस रात की बहुत सी महत्वपूर्ण नमाज़ें और दुआऐं बयान हुई हैं। उनमें से एक, सौ रकअत नमाज़ है, जो इस रात पढ़ी जाती है उसकी हर रकअत में सूरए हम्द के बाद तीन बार सूरए तौहीद पढ़े और नमाज़ समाप्त करने […]

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      मुआविया के युग में आंदोलन न करना

      Rate this post सवाल-1- इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम ने मुआविया के युग में आंदोलन (उठ खड़े होने) के लिए कोई क़दम क्यों नहीं उठाया? इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम की ग्यारह साला इमामत की अवधि में (49 से 60 हिजरी तक) जिसमें मुआविया हुकूमत कर रहा था, आपके और उसके बीच बहुत ज़्यादा तनाव था जिनमें से कुछ अवसरों को इमाम […]

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      अमर आंदोलन-३

      Rate this post आज मुहर्रम की दूसरी तारीख़ है।  वही मुहर्रम जिसके बारे में हमने कल रात शोक और संवेदना में डूबा हुआ चन्द्रमा देखने के बाद से बात शुरू की थी।  यह तो आप जानते ही हैं कि हिजरी क़मरी वर्ष का हिसाब चन्द्रमा पर आधारित होता है।  हमने आपको बताया था कि पैग़म्बरे […]

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      ख़ून की विजय – 1

      Rate this post आज पहली मोहर्रम की पूर्व संध्या है। चारों ओर शोक का वातावरण है। दुनिया भर के मुसलमान पैग़म्बरे इस्लाम के नाती हज़रत इमाम हुसैन और उनके निष्ठावान साथियों की शहादत को याद करके उनके शोक में डूबे हुए हैं। चारों ओर इमाम बाड़े सज रहे हैं और शोक सभाओं के आयोजन की […]

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      ख़ून की विजय – 7

      Rate this post नवीं मोहर्रम सन 61 हिजरी क़मरी का दिन था जो तासूआ के नाम से जाना जाता है। इस दिन दोपहर हो चुकी थी और सूरज धीरे धीरे ढल रहा था। ख़ूंख़ार शत्रु ने कर्बला के मरुस्थल में अपनी गतिविधियां तेज़ कर दी थी और ऐसा लग रहा था कि किसी भी पल […]

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      कूफ़े का चयन

      Rate this post सवाल-5- इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने आंदोलन के लिए कूफ़े का चयन क्यों किया? पूरे इस्लामी इतिहास में हमेशा से यह सवाल शिया, सुन्नी और ओरियन्टालिस्ट स्कालर्स व शोधकर्ताओं व विचारकों की बातचीत की धुरी रहा है और हर एक ने अपनी इल्मी योग्यता, अपनी परिकल्पनाओं और स्वीकृत सिद्धांतों के अनुसार इसका जवाब दिया […]

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      ख़ून की विजय – 3

      Rate this post कूफ़े वालों को जब यह पता चला कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने यज़ीद की बैअत अर्थात उसका आज्ञापालन न करने का निर्णय किया है और वे पवित्र नगर मक्का में हैं तो उन्होंने इमाम हुसैन को बड़ी संख्या में पत्र भेजे। कूफ़े वालों की ओर से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को भेजे गए […]

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      हुसैनी आंदोलन-7

      Rate this post दसवीं मोहर्रम की घटना, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का आंदोलन, उनका चेहलुम और अन्य धार्मिक अवसर इस्लामी इतिहास का वह महत्वपूर्ण मोड़ हैं जहां सत्य और असत्य का अंतर खुलकर सामने आ जाता है। इमाम हुसैन के बलिदान से इस्लाम धर्म को नया जीवन मिला और तथा इस ईश्वरीय धर्म के प्रकाशमान दीप […]

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      पैग़म्बरे इस्लाम स. की ज़िंदगी के कुछ पहलू

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम स. की ज़िंदगी के कुछ पहलू सुप्रीम लीडर के बयानात की रौशनी में कुछ बहुत विश्वसनीय रिवायतों के अनुसार 28 सफ़र सन 11 हिजरी क़मरी को रसूले इस्लाम (स.अ) की वफ़ात हुई। उस समय आप (स.) की उम्र 63 साल थी। हिजरत से 52 साल पहले मक्के में आपका जन्म […]

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      अमर आंदोलन-१०

      Rate this post इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने २ मुहर्रम सन ६१ हिजरी को करबला मे क़दम रखा था और समय बीतने के साथ ही साथ वे अपने लक्ष्य को संसार के सामने स्पष्ट करते जा रहे थे।  प्रचार और प्रसार माध्यम के रूप में केवल इमाम हुसैन के वे साथी थे जो अपने पत्रों को […]

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      अमर आंदोलन-५

      Rate this post महर्रम, हुसैन और कर्बला एसे नाम और एसे विषय हैं जो किसी एक काल से विशेष नहीं हैं।  पैग़म्बरे इस्लाम का संदेश, आने वाले समस्त कालों के लिए था इसीलिए इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम इस संदेश के लिए एसी सुरक्षा व्यवस्था करना चाहते थे जो प्रत्येक काल के न्यायप्रेमियों के लिए संभव हो।  […]

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      जनाबे शहेरबानों की स्टोरी

      Rate this post सवाल 11: क्या तीसरे यज़्दगिर्द की बेटी जनाबे शहर बानों, इमाम सज्जाद अ. की माँ थीं और कर्बला की ज़मीन पर मौजूद थीं? और इमाम हुसैन अ. के हुक्म से ईरान की तरफ़ को चला जाना और उस मज़ार में दफ़्न होना जो फ़िलहाल तेहरान में बीबी शहेरबानो के नाम से मशहूर है, […]

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      कूफ़ियों का विश्वासघात

      Rate this post सवाल 7: कूफ़ियों नें बड़ी अक़ीदत, श्रृद्धा और गर्मजोशी के साथ इमाम हुसैन अ. को बुलाने के बावजूद क्यों आपकी मदद नहीं की बल्कि आपसे लड़ने को तय्यार हो गए? इस सवाल का जवाब दो और सवालों के विस्तारपूर्वक जवाब पर निर्भर है। सवाल 1: कूफ़ियों के ख़त लिखने और बड़े स्तर पर इमाम […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 20

      Rate this post दो मित्र मुहम्मद और रामीन बाज़ार की मस्जिद में पवित्र क़ुरआन को सजाने और उसको प्रदीप्त करने के बारे में बात कर रहे हैं। मुहम्मद मस्जिद में रखे सुन्दर मिंबर की ओर जाता है। लकड़ी की बनी सीढ़ीदार व ऊंची कुर्सी को मिंबर कहते हैं। मिंबर में लगभग चार से पांच सीढ़ीयां […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 34

      Rate this post ईरान की मूल पेंटिंग को मिनियातोर अर्थात मिनिएचर कहते हैं। इस कला में प्रायः सीधी लाइन का प्रयोग नहीं किया जाता बल्कि घुमावदार चित्र को बहुत ही बारीक नोक वाले क़लम से बड़ी सूक्ष्मता से बनाते हैं। सैकड़ों वर्ष से इस सूक्ष्म व सुंदर कला को बोर्डों और लिखित किताबों पर प्रयोग […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 33

      Rate this post आज के कार्यक्रम में इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी पर चर्चा करेंगे। जिसने भी ईरान का नाम सुना होगा वह इमाम ख़ुमैनी के नाम से अवश्य ही परिचित होगा। वह विश्व की बड़ी धार्मिक हस्ती और राजनेताओं में गिने जाते थे। उनका पूरा नाम रूहुल्लाह मूसवी ख़ुमैनी था। उनका जन्म […]

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      आइये फ़ारसी सीखे 71

      Rate this post इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी जिसने भी ईरान का नाम सुना होगा वह इमाम ख़ुमैनी के नाम से अवश्य ही परिचित होगा। वह विश्व की बड़ी धार्मिक हस्ती और राजनेताओं में गिने जाते थे। उनका पूरा नाम रूहुल्लाह मूसवी ख़ुमैनी था। उनका जन्म ईरान के केन्द्र में स्थित ख़ुमैन नगर […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-52

      Rate this post मुहम्मदः यह झरना बहुत ही सुन्दर है। मेरे कपड़े भीग गए हैं। محمد – این آبشار خیلی زیباست . لباسم مرطوب شده است . सादिक़ः देख रहे हो, झरने के पानी के कण, किस प्रकार से वातावरण में चारों ओर फैले हुए हैं! صادق – می بینی ذرات آب آبشار ، چه […]

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      आईये फ़ारसी सीखें- 18

      Rate this post मोहम्मद और सईद शुक्रवार को रेस्त्रां जाने का कार्यक्रम बनाते हैं ताकि वहां फ़िसन्जान नामक विशेष ईरानी पकवान खाएं। मोहम्मद ने अभी तक फ़िसन्जान नहीं खाया है। फ़िसन्जान एक सालन है जिसे पुलाव के साथ खाया जाता है। फ़िसन्जान पकाने में चिकन या क़ीमे को पिसे हुए अख़रोट के साथ, कुछ पियाज़ […]

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      आइए फ़ार्सी सीखें – 44

      Rate this post अत्याचारी शासक शाह के भ्रष्टाचारों का रहस्योद्घाटन करने के कारण इमाम ख़ुमैनी को जूलाई १९६३ को गिरफ़्तार करके तेहरान में जेल भेज दिया गया था।  कुछ समय तक जेल में रहने के पश्चात इमाम खुमैनी को स्वतंत्र कर दिया गया किंतु शाह के तत्व उनपर पूरी तरह से नज़र रखे हुए थे।  […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 39

      Rate this post इराक़ एक प्राचीन देश है जिसकी संस्कृति बहुत पुरानी है। इस देश की कुल संख्या लगभग 3 करोड़ है कि जिसमें लगभग 75 प्रतिशत लोग अरब हैं, 20 प्रतिशत कुर्द और शेष तुर्कमन, आशूरी एवं दूसरी जातिया हैं। इराक़ के बारे में ध्यान योग्य बिंदु नजफ़, कर्बला, काज़मैन और सामर्रा शहरों में […]

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      आईये फ़ारसी सीखें-15

      Rate this post हम आपको ईरान के विश्वविद्यालयों के संबन्ध में बताएंगे। ईरान मध्यपूर्व के महत्त्वपूर्ण शिक्षा केन्द्रों में से है। ईरान के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में छात्र पीएचडी स्तर तक विभिन्न विषयों में शिक्षा प्राप्त करते हैं। ईरानी बुद्धिजीवी और विशेषज्ञ, अपने शोध परिणामों और इसी प्रकार वैज्ञानिक पुस्तकों और आलेखों को दूसरे […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 37

      Rate this post जैसा कि आपको याद होगा मोहम्मद और सईद बहारिस्तान चौक पर टहल रहे थे और आयतुल्लाह मुदर्रिस के बारे में कि जो एक धर्मगुरु एवं सांसद थे बातचीत कर रहे थे। वे टहलते हुए चौक के उत्तरी ओर पहुंचते हैं। चौक के उत्तरी ओर ईरानी संसद मजलिस की पुरानी इमारत स्थित है। […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 32

      Rate this post मोहम्मद, सईद और रामीन एक दूसरे के साथ किश्म से कीश द्वीप चले गये हैं। नौका से यात्रा, ठंडी हवा और फार्स की खाड़ी में सूर्यास्त का दृश्य उन्हें भूलता नहीं। इस समय वे कीश द्वीप पहुंच चुके हैं और वहां वे होटल गये हैं। कीश फार्स की खाड़ी के सुन्दर द्वीपों […]

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      फ़ार्सी सीखें – 47

      Rate this post ईरान में जहाज़रानी के उद्योग का इतिहास कई हज़ार वर्ष पुराना है।  प्राचीन शिलालेखों और एतिहासिक प्रमाणों से पता चलता है कि उस काल में ईरानियों ने पानी के जहाज़ से विदेश की यात्राएं की हैं जिनमें भारत और अफ़्रीका का उल्लेख किया जा सकता है।  वर्तमान समय में फ़ार्स की खाड़ी […]

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      आईये फ़ारसी सीखें-16

      Rate this post ईरान में लकड़ी के हस्तकला उद्योगों में से एक क़लमकारी भी है जो बहुत ही सूक्ष्म कला है। आज की चर्चा में हम आपको क़लमकारी से परिचित कराएंगे। क़लमकारी में क़लमकार, अनेक प्रकार की लकड़ियों, हाथी के दांत, हड्डी और सीप को प्रयोग करता है। इन वस्तुओं को त्रिभुज से लेकर दसभुजाओं […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-14

      Rate this post मुहम्मद अपने किसी मित्र से मिलने तेहरान में स्थित एक दूतावास गया है। उन्होंने कुछ समय तक आपस में वार्ता की। बाद में श्री कमाल भी उनमें बढ़ गए। कमाल एक युवा हैं जो धाराप्रवाह फ़ार्सी बोलता है। वह लेबनान वासी हैं। मुहम्मद और कमाल आपस में विभिन्न विषयों पर वार्ता करते […]

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      ईरान में ज्ञान आंदोलन-1

      Rate this post ईरान में ज्ञान आंदोलन 12 साल से जारी है और इसके परिणाम स्वरूप ईरान ने ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति की है और यदि यह गति इसी प्रकार जारी रही तो ईरान का नाम वैज्ञानिक उपलब्धियों और नई खोज के क्षेत्र में विश्व स्तर पर चौथे नंबर पर […]

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      आईये फारसी सीखें – 25

      Rate this post आज  की चर्चा में हम आपको एक सक्रिय ईरानी युवा से परिचित कराना चाहते हैं। हुसैन अहमदी एक सफल व मेहनती युवा हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है और अन्य देशों को सूखे फल निर्यात करने का काम करते हैं। श्री महदी अलवी उनके भागीदार है जिन्होंने उद्योग के क्षेत्र में […]

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      आइये फ़ारसी सीखे – 69

      Rate this post ईरान के दो पड़ोसी देश तुर्की और आज़रबाइजान तुर्की ईरान के पश्चिमोत्तर में स्थित है और दोनों देशों के बीच व्यापक सांस्कृतिक व आर्थिक संबंध हैं और दोनों देशों की जनता मुसलमान है। तुर्की की जनता तुर्की इस्तांबुली और आज़रबाइजान की जनता तुर्की आज़री में बात करती है। ईरान के पश्चिमोत्तरी इलाक़े […]

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      आइये फ़ारसी सीखे – 66

      Rate this post मोहम्मद ने अपना अंतिम सिमेस्टर भी पूरा कर लिया और उसकी क्लासें ख़त्म हो गई हैं। मोहम्मद ने अपने एक शिक्षक की सहायता से ईरान के कवियों के बारे में एक लेख लिखा है। अब मोहम्मद की इच्छा है कि इन लेखों का अपनी मातृभाषा में अनुवाद करे ताकि दो महान ईरानी […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-4

      Rate this post जैसा कि आप जानते हैं कि मुहम्मद और रामीन हमारे कार्यक्रम के दो मित्र हैं। आज वे एक साथ बस में विश्व विद्यालय के छात्रावास जा रहे हैं। दोनों छात्रावास में रहते हैं। वे दोनों अपने कमरे के बारे में बातें करते हैं और इस प्रकार एक दूसरे से अधिक परिचित होते […]

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      आइये फारसी सीखे – 62

      Rate this post दवा और ईरान में दवा बनाने की कम्पनियां इस्लामी क्रांति से पहले ईरान अपने प्रयोग की केवल २५ प्रतिशत दवाओं का निर्माण करता था और प्रयोग की अधिकांश दवाएं दूसरे देशों से आयात होती थीं परंतु सौभाग्य से इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद ईरान में दवा बनाने के उद्योग में असाधरण […]