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      पैग़म्बरे इस्लाम की नज़र में मुसलमान कौन है

      Rate this post   मुसलमान वह है जिसकी ज़बान और हाथ से दूसरे मुसलमान सुरक्षित हों।     सबसे अच्छी प्रार्थना   ईश्वर से पापों की क्षमा मांगना सबसे अच्छी दुआ हैः पैग़म्बरे इस्लाम       दूसरों के बारे में बुरा सोचने का नुक़सान   दूसरों के बारे में बुरा सोचने वाला सदैव का […]

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      अशीष का समापन 3

      Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: पश्चताप दया की आलंगन जिस पवित्रता और स्वच्छता का आदेश ईश्वर ने दिया है वह सामान्य रूप से ग़ुस्ल[1] और तयम्मुम[2] के आसार से भी समझी जाती है। इस आधार पर वुज़ू, ग़ुस्ल और तयम्मुम करने के पश्चात प्रत्येक व्यक्ति नमाज़ के लिए तैयार होता है, पवित्र क़ुरआन के अनुसार उस […]

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      जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 23

      Rate this post (33)   जनाब मुहम्मद बिन हनफि़या आप हज़रत अमीर के बहादुर साहबज़ाते थे। आपको अपनी मां के नाम से याद किया जाता है। इमाम हुसैन अ॰ का वह मशहूर ख़त जिसमें आपने कर्बला की तरफ़ सफ़र की वजह बयान की है, आप ही के नाम लिखा गया था। आपका इन्तिक़ाल 83 हि0 में हुआ और बक़ी में दफ़न […]

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      अर्रहीम 3

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हमने इस के पूर्व लेख मे इस बात का वर्णन किया था कि मानव के लिए तीन स्थितिया (प्रथमः अनुपस्थिति की हालत जिसे अस्तित्व प्रदान करने की आवश्यकता है। द्वितीयः उपस्थिती तथा अस्तित्व की हालत जिसे बाक़ी रहने के कारणो […]

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      बिस्मिल्लाह के संकेतो पर एक दृष्टि 1

      Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारीयान इस्म शब्दकोश के विद्बानो के अनुसार “इस्म” शब्द ”समुव” से लिया गया है जिसका अर्थ ऊँचाई, महान है। दयालु परमेश्वर ने इस्म शब्द को बा अक्षर के साथ इस प्रकाशी वाक्य मे प्रभाव शाली प्रयोग किया है ताकि मनुष्य जबान से उसका प्रयोग करते समय इस […]

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      अतिव्यय का नुक़सान – 2

      Rate this post अतिव्यय से तबाही आती है और मध्यमार्ग से संपत्ति बढ़ती हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम     अतिव्यय का नुक़सान   अतिव्यय या फ़ुज़ूलख़र्ची से अधिक संपत्ति भी बर्बाद हो जाती हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम     पैग़म्बरे इस्लाम की नज़र में मुसलमान कौन है   मुसलमान, मुसलमान का भाई है, उससे बेइमानी […]

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      आयतुल्लाह सैयद मुहम्मद हुसैनी बहिश्ती

      Rate this post ईरान की इस्लामी क्रांति की एक महत्वपूर्ण हस्ती, आयतुल्लाह डाक्टर, सैयद मुहम्मद हुसैनी बहिश्ती हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन कुशल प्रशासन, गहन चिंतन और रचनात्मकता में व्यतीत किया। आयतुल्लाह बहिश्ती सदैव स्वंय को युवाओं के सामने ज़िम्मेदार समझते थे और युवाओं के सांस्कृतिक व वैचारिक विकास के लिए यथासंभव प्रयास करते थे। […]

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      अल्लामा अस्करी की जीवनी

      Rate this post अल्लामा मुर्तुज़ा अस्करी की इराक़ में उपस्थिति के समय विभिन्न प्रकार की धार्मिक , वैचारिक और राजनीतिक विचारधाराओं के लोग सक्रिय थे। राष्ट्रवादी, साम्यवादी, उदारवादी तथा धर्म निरपेक्ष और सलफी चरमपंथी जैसे विभिन्न गुटों का केन्द्र इराक़ की राजधानी बगदाद था और इराक के महत्वपूर्ण विश्व विद्यालयों पर इन्ही का अधिकार था। […]

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      कुरआन मे प्रार्थना – 2

      Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल वो प्रार्थना को जीवन के विकास, दिल के निस्पंदन, अन्दर से माद्दे की गर्दो ग़ुबार हटाना, जीवन को अपस्ष्टता के मसाइल और कठिनाईयो के हल का कारक जानते थे और विश्वास रखते थे कि कोई भी आवेदक परमेश्वर के दरबार से गंतव्य स्थान (मक़सद) […]

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      वा ख़ज़ाआलहा कुल्लो शैइन वज़ल्ला लहा कुल्लो शैइन 2

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   निसंदेह तेरी कृपा सारी चीज़ो को घेर रखा है, और तेरी अनंत शक्ति सारी चीज़ो पर ग़ालिब है, केवल तेरा ही पवित्र असतित्व है जिसकी शक्ति के आगे सभी चीजे ज़लील एंव ख्वार है, इसीलिए उसके लिए यह कार्य […]

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      इस्लामी चेतना, बड़े परिवर्तनों का स्रोत

      Rate this post इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने कहा कि जब किसी देश में युवा सचेत हो जाते हैं तो उस देश में सार्वाजनिक चेतना की आशा बढ़ जाती है। आज पूरे इस्लामी जगत में हमारे युवा जाग गये हैं। इन युवाओं के सामने इतने जाल बिछाए गये किंतु […]

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      दुआए कुमैल का वर्णन -1

      Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारीयान   بِسمِ أللہ ألرَّحمٰنِ ألرَّحِیم أَللَّھُمَّ إِنِّی أَسأَلُکَ بِرَحمَتِکَ أَلَّتِی وَسِعَت کُلَّ شَیئ وَ بِقُوَّتِکَ أَلَّتِی قَھَرتَ بِھَا کُلَّ شَیئ وَ خَضَعَ لَھَا کُلُّ شَیئ وَ ذَلَّ لَھَا کُلُّ شَیئ وَ بِجَبَرُوتِکَ أَلَّتِی غَلَبتَ بِھَا کُلَّ شَیئ وَ بِعِزَّتِکَ ألَّیِی لَا یَقُومُ […]

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      आयतुल्लाह जवादी आमुली

      Rate this post सामान्य रूप से विचारक, बुद्धिजीवी और जागरूक लोग अपनी मूल्यवान पुस्तकें और आलेख यादगार के रूप में छोड़ते हैं। ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी व दर्शनशास्त्री आयतुल्लाह जवादी आमुली ने भी बहुत ही मूल्यवान पुस्तकें लिखी हैं जो सत्य की खोज करने वालों का मार्गदर्शन कर सकती हैं। इस बुद्धिजीवी की पुस्तकों पर […]

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      वा बेजबारूतेकल्लति गलबता बेहा कुल्ला शैइन

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान وَبِجَبَرُوتِكَ الَّتِى غَلَبْتَ بِهَا كُلَّ شَىْء… वा बेजबारूतेकल्लति गलबता बेहा कुल्ला शैइन जिस क्षमता तथा गरिमा से तूने प्रत्येक वस्तु पर ग़लबा कर रखा है उसके माध्यम से तुझ से विनति करता हूँ। शब्दकोण मे जबारूत का अर्थ क्षमता, महानता […]

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      ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-2

      Rate this post 1970 के दशक में तेल के उत्पादन और उसके मूल्य में वृद्धि के साथ ही ईरान के अत्याचारी शासक मुहम्मद रज़ा पहलवी को अधिक शक्ति का आभास हुआ और उसने अपने विरोधियों के दमन और उन्हें यातनाए देने में वृद्धि कर दी। शाह की सरकार ने पागलपन की सीमा तक पश्चिम विशेष […]

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      हज़रत ईसा और पापी व्यक्ति 2

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला अनसारियान   इस लेख से पूर्व लेख मे हमने इस बात का स्पष्टीकरण कि एक पापी ने अपने अतीत पर नज़र डाली तो उसने देखा कि मैने जीवन मे कोई अच्छा कार्य नही किया है मै पवित्र मनुष्यो के साथ किस प्रकार […]

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      इस्लामी चेतना-4

      Rate this post विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई के विचारों पर आधारित एक नयी श्रंखला मार्गदर्शन आपकी सेवा में प्रस्तुत है। प्रस्तुत है इस्लामी चेतना के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के विचार जो उनके विभिन्न भाषणों से लिए गए हैं। *** इस समय अमरीका और पश्चिम की […]

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      हज़रत ईसा और पापी व्यक्ति 1

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला अनसारियान   रिवायत मे उल्लेख हुआ है किः एक दिन हज़रत ईसा अपने कुच्छ साथियो (हव्वारियो) के साथ एक मार्ग से जा रहे थे अचानक एक अत्यधिक पापी एंवम दोषी व्यक्ति -जो कि उस समय भ्रष्टाचार एंवम अनैतिकता मे प्रसिद्ध था- मिला […]

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      मानवाधिकार-3

      Rate this post मार्गदर्शन में हम विभिन्न विषयों पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता का विचार पेश करते हैं। इस कार्यक्रम में हम मानवाधिकार के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई के विचार पेश करेंगे।  हम बात करेंगे मानवाधिकार के संबंध में पश्चिमी देशों के झूठे दावों की। यह […]

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      वा ख़ज़ाआलहा कुल्लो शैइन वज़ल्ला लहा कुल्लो शैइन 7

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   अमीरुलमोमेनीन अलैहिस्सलाम के इस प्रकाशमय संस्करण मे इस वास्तविकता (हक़ीक़त) की ओर संकेत किया गया है कि प्रत्येक वस्तु एंव व्यक्ति भगवान की गरिमा के सामने अपमानित है। ईश्वर के सामने अपमानित होना अपने च्यन से नही है जिसको […]

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      इस्लामी चेतना-3

      Rate this post विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई के विचारों पर आधारित एक नयी श्रंखला मार्गदर्शन आपकी सेवा में प्रस्तुत है। प्रस्तुत है इस्लामी चेतना के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के विचार जो उनके विभिन्न भाषणों से लिए गए हैं। *** यह एक महत्वपूर्ण वास्तविकता है कि […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-1

      Rate this post इस्लामी संस्कृति व सभ्यता, मानव इतिहास की सबसे समृद्ध सभ्यताओं में से एक है। यद्यपि इस संस्कृति में, जो इस्लाम के उदय के साथ अस्तित्व में आई, बहुत अधिक उतार-चढ़ाव आए हैं किंतु इसका अतीत अत्यंत उज्जवल है। इस्लामी सभ्यता के इतिहास की समीक्षा से पता चलता है कि यह संस्कृति व […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-4

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम ने अपने धर्म के प्रचार के लिए मदीना नगर में एक सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था की नींव डाली जिसमें आदर्श न्यायिक विभाग, सैनिक संस्था तथा कार्यालय तंत्र था यह इस्लामी सभ्यता धीरे धीरे फैलती गई। ज्ञान और चिंतन पर इस्लामी शिक्षाओं में विशेष रूप से बल दिया गया है। यह बात […]

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      एकता सप्ताह का महत्त्व-1

      Rate this post उस दिन कि जब काबे के आकाश से पैग़म्बरी अर्थात ईश्वरीय दूत का सूर्योदय हुआ तो कोई भी नहीं सोच रहा था कि अज्ञानता में डूबी हुई मानवता के लिए उसके पास बहुत से उपदेश एवं कहने के लिए अनेक बातें हैं। विश्वसनीय और सत्यवादी मोहम्मद (स) ने निष्ठा, पवित्रता और महानता […]

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      सवेरे-सवेरे-२३

      Rate this post धैर्य का महत्वः हज़रत अली अलैहिस्सलाम कहते हैं कि हे लोगों! धैर्य रखो क्योंकि जो व्यक्ति संयम नहीं रखता वह धर्म भी नहीं रखता।   आप इस कथन को गहराई से देखें तो बात बिल्कुल सीधी सी है।  जिस व्यक्ति में धैर्य और संयम बरतने की आदत नहीं होती वह थोड़ी सी […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१४

      Rate this post हमने बताया था कि मुसलमान वैद्यों और वैज्ञानिकों ने, इस्लामी सभ्यता व संस्कृति के विकास में प्रभावशाली भूमिका निभाई है। इन हकीमों और चिकित्सक में एक महत्वपूर्ण नाम ज़करिया बिन राज़ी का था। आज के कार्यक्रम में हम ज़करिया बिन राज़ी और उनकी रचनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। प्रसिद्ध ईरानी चिकित्सक […]

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      सबके लिए दुआ करने का फ़ायदा

      Rate this post जब भी तुम में से कोई दुआ करे तो सबके लिए करे क्योंकि ऐसा करने से दुआ के क़ुबूल होने की संभावना प्रबल हो जाती हैः पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल लाहो अलैहि वे आलेही व सल्लम मनुष्य की सबसे अच्छी संपत्ति क्या है? मनुष्य की सबसे अच्छी धन-संपत्ति, दान-दक्षिणा से […]

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      मानवाधिकार-1

      Rate this post मानवाधिकार का विषय एसा है जिसपर राजनैतिक, प्रचारिक और सामाजिक गलियारों में बहुत बढ़ चढ़कर चर्चा होती है किंतु यह विषय भी दूसरे बहुत से विषयों की भांति अलग अलग परिभाषाओं में पेश किया जाता है जिसके कारण भ्रांतियां भी उत्पन्न हो जाती हैं। कार्यक्रम मार्गदर्शन में हम विभिन्न विषयों पर इस्लामी […]

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      सवेरे-सवेरे-४

      Rate this post क्या आप नाशता कर चुके हैं या करने वाले हैं? हम यह बात इसलिए पूछ रहे हैं ताकि खाने-पीने के संबन्ध में कुछ सावधानी बरत लें। वे खाने जो तेज़ी से पक और तैयार हो जाते हैं उनका संबन्ध कार्बोहाइड्रेट से होता है। इसमें छना हुआ गेहूं, आटा या मैदा सफ़ेद चीनी […]

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      दूसरों की कमियां ढूंढने का सामाजिक नुक़सान

      Rate this post लोगों की कमियां मत ढूंढो वरना कोई दोस्त नहीं बनेगाः पैग़म्बरे इस्लाम रोज़ी-रोटी और उम्र में वृद्धि की कुन्जी पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने फ़रमाया कि जो मुझे इस बात की गरेंटी दे कि मां-बाप के साथ भलाई और सगे संबंधियों से मेल-जोल रखेगा तो मैं भी […]

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      इस्लामी चेतना-१

      Rate this post विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई के विचारों पर आधारित एक नयी श्रंखला मार्गदर्शन आपकी सेवा में प्रस्तुत है। प्रस्तुत है इस्लामी चेतना के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के विचार जो उनके विभिन्न भाषणों से लिए गए हैं। इस्लामी राष्ट्र की विशाल पूंजि, इस्लाम धर्म […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१३

      Rate this post ईरानी चिकित्सकों में सय्यद इस्माईल जुर्जानी को विशेष ख्याति प्राप्त रही है। इस्माईल बिन हुसैन मोहम्मद जुर्जानी जो सय्यद इस्माईल जुर्जानी के नाम से प्रसिद्ध थे, गुर्गान नामक क्षेत्र में पैदा हुए। उन्होंने ख़ारज़्म की यात्रा की थी और वर्ष 531 हिजरी क़मरी में मर्व में उनका देहान्त हुआ। सय्यद इस्माईल जुर्जानी […]

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      हमारी यादों को तू दिलों से मिटा नहीं सकता।

      Rate this post आशूर के दिन अर्थात दस मुहर्रम सन ६१ हिजरी क़मरी को संध्या के समय जब करबला के अंतिम शहीद और संसार के अत्यंत सम्मानीय व्यक्ति इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को भूखा और प्यासा करबला में शहीद कर दिया गया और उसके पश्चात उनके परिजनों के ख़ेमों को आग के हवाले कर दिया गय […]

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      लांछन लगाना

      Rate this post निराधार आरोप व लांछन लगाने से अधिक नीचता और कुछ नहीं हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम दूसरों की कमियां ढूंढने का सामाजिक नुक़सान लोगों की कमियां मत ढूंढो वरना कोई दोस्त नहीं बनेगाः पैग़म्बरे इस्लाम रोज़ी-रोटी और उम्र में वृद्धि की कुन्जी पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने फ़रमाया […]

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      मानवाधिकार-3

      Rate this post मार्गदर्शन में हम विभिन्न विषयों पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता का विचार पेश करते हैं। इस कार्यक्रम में हम मानवाधिकार के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई के विचार पेश करेंगे। हम बात करेंगे मानवाधिकार के संबंध में पश्चिमी देशों के झूठे दावों की। यह […]

    • बुद्धि का महत्व
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      बुद्धि का महत्व

      बुद्धि का महत्व4.2 (83.33%) 6 vote[s] बुद्धि से मार्गदर्शन प्राप्त करो ताकि मार्ग मिल जाए, बुद्धि की अवज्ञा न करो कि पछताना पड़ेः पैग़म्बरे इस्लाम अक़्ल से हेदायत हासिल करो ताकि रास्ता मिल जाए और अक़्ल की नाफ़रमानी मत करो शर्मिंदा होना पड़ेः पैग़म्बरे इस्लाम इच्छाओं की प्राप्ति व लंबी लंबी उम्मीदें मैं अपनी उम्मत […]

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      इच्छाओं की प्राप्ति व लंबी लंबी उम्मीदें

      Rate this post मैं अपनी उम्मत के संबंध में इच्छाओं और लंबी लंबी उम्मीदों की ओर से डरता हूः पैग़म्बरे इस्लाम क्रोध (ग़ुस्से) पर क़ाबू रखने का फ़ायदा सबसे अधिक दूरदर्शी वह है जो अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रखेः पैग़म्गरे इस्लाम पूर्वजों की तबाही का कारण तुम्हारे पूर्वजों को दिरहम व दीनारों से तबाह किया […]

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      पूर्वजों की तबाही का कारण

      Rate this post तुम्हारे पूर्वजों (बाप-दादाओं) को दिरहम व दीनारों से तबाह किया और यही दो तुम्हें भी तबाह करेंगेः पैग़म्बरे इस्लाम दुनिया की प्राप्ति के लिए मध्यमार्ग अपनाने की अहमियत दुनिया प्राप्त करने में मध्यमार्ग अपनाओ और लालच से बचो क्योंकि जिसकी क़िस्मत में जो है वह उसे मिल कर रहेगाः पैग़म्बरे इस्लाम दुनिया […]

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      सवेरे-सवेरे-21

      Rate this post मनुष्य जो भी करता है उसे अपने भविष्य को ही दृष्टि में रखकर करता है।  उसकी सोच सदैव ही भविष्य पर केन्द्रित होती है।  यही कारण है कि बहुत से लोग वर्तमान क्षणों से आनंद नहीं उठा पाते और न ही उसके मूल्य को समझ पाते हैं।  यही कारण है कि हम […]

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      सवेरे-सवेरे—12

      Rate this post “जिस समय पेट बहुत अधिक भरा हो उस समय मनुष्य की ईश्वर से दूरी सब से अधिक होती है। (पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम) अब आप स्वयं ही देख लें, इस स्थिति में मनुष्य न कुछ सीखना चाहता है, न पढ़ना चाहता है, न कुछ सोचना चाहता है, न […]

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      सिल्वर स्क्रीन की डायमंड जुबली

      Rate this post हिंदुस्तानी सिनेमा आज पूरे 100 साल का हो गया. लेकिन क्या इसने ठीक से बचपन की दहलीज भी लांघी है? पूजा सिंह की रिपोर्ट.   ‘मेरे ख्याल से यह कहना सही होगा कि हमारे देश के जनमानस पर जितना असर तमाम समाचार पत्र और पुस्तकें मिलकर नहीं डाल पाते, उससे अधिक असर […]

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      एनीमीशन फ़िल्में

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      बाल सिनेमा

      Rate this post ईरान में बाल सेनेमा का आरंभ ६० के दशक में हुआ किंतु ईरान में इस्लामी क्रांति के बाद, बाल सेनेमा के क्षेत्र में असाधारण रूप से परिवर्तन देखने में आया। बजट, सुविधाओं, सेनेमा हाल तथा बाल सेनेमा के विशेष फिल्मी मेले, फिल्म निर्माण में युवा निर्माताओं की सक्रियता के कारण इस प्रकार […]

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      टेलीवीजन के मुख्य दर्शक बच्चे होते हैं

      Rate this post विश्व के सिनेमा जगत के इतिहास में युद्ध पर आधारित फ़िल्मों की कहानियों पर दृष्टि डालने से पता चलता है कि इस प्रकार की फ़िल्मों के इतिहास में बहुत अधिक उतार चढ़ाव नहीं है। विषय की दृष्टि से यह फ़िल्में युद्ध और उससे उत्पन्न होने वाली मानवीय त्रासदी की आलोचना करती थीं। […]

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      सिनेमा की लोकप्रियता -1 (1)

      Rate this post यदि हम विश्व में प्रचलित कलाओं को विभिन्न भागों में विभाजित करें तो सिनेमा सातवीं कला कहा जाएगा। चलचित्र की कलाएं विभिन्न कारणों के आधार पर सरलता से समझी जाती हैं और वह चित्रकला, साहित्य तथा संगीत की तुलना में अधिक लोकप्रिय और सामूहिक होती हैं। दूसरी ओर चूंकि सिनेमा एक उद्योग […]

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      सफल निर्माता निर्देशक, दरवीश

      Rate this post विश्व के सिनेमा जगत के इतिहास में युद्ध पर आधारित फ़िल्मों की कहानियों पर दृष्टि डालने से पता चलता है कि इस प्रकार की फ़िल्मों के इतिहास में बहुत अधिक उतार चढ़ाव नहीं है। विषय की दृष्टि से यह फ़िल्में युद्ध और उससे उत्पन्न होने वाली मानवीय त्रासदी की आलोचना करती थीं। […]

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      पहली ईरानी फ़िल्म

      Rate this post ईरान में बनने वाली पहली फिल्म आबी व राबी थी जिसे आवान्स ओग्नियांस ने बनाया था। यह मूक फिल्म आबी  व राबी नामक दो जोकरों की कहानी थी जिनमें से एक लंबे क़द और और दूसरा ठिगने कद था। इस फिल्म को वर्ष १९३० में दिखाया गया और इसे काफी पसन्द भी […]

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      काम्बोज़िया परतवी

      Rate this post काम्बोज़िया परतवी का जन्म सन 1955 में उत्तरी ईरान के गीलान प्रांत के रुस्तमाबाद क्षेत्र में हुआ। उन्होंने सिनेमा साहित्य के विषय की शिक्षा प्राप्त की किंतु विश्वविद्यालय की पढ़ाई से वह संतुष्ट नहीं हुए अतः उन्होंने बहुत जल्दी फ़िल्में बनाना आरंभ कर दिया। इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद के वर्षों […]

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      सिनेमा का इतिहास

      Rate this post जहां तक यह प्रश्न है कि सिनेमा कब और कैसे अस्तित्व में आया है तो इसके उत्तर में कहना चाहिए कि सिनेमा, सिनेमाटोग्राफ से निकला है जिसका अर्थ गतिशीलता से गुज़रना है। सिनेमा उन सभी दृश्यों के संग्रह को कहते हैं जो कैमरे द्वारा उतारे जाते हैं और फिर उनमें आवाज़ बढ़ा […]

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      सृष्टि ईश्वर और धर्म-70

      Rate this post इससे पहले की चर्चा में यह बताया जा चुका है कि क़यामत का विषय आत्मा के विषय पर आधारित है अर्थात क़यामत की सही रूप से कल्पना, आत्मा की कल्पना और उसे समझे बिना संभव नहीं है। पिछली चर्चा में जो कुछ हमने कहा उससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि […]

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      पवित्र रमज़ान-१

      Rate this post पवित्र रमज़ान का महीना, ईश्वर के बनाए हुए महीनों में सर्वोत्तम है। पवित्र क़ुरआन इसी महीने में उतरा है। धार्मिक कथनों में आया है कि आकाश और स्वर्ग के द्वार इस महीने में खोल दिये जाते हैं जबकि नरक के द्वार बंद हो जाते हैं। क़ुरआने मजीद की आयतों में आया है […]

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      पैग़म्बरे अकरम (स.) की पूत्री

      Rate this post अहले बैत (अ) खा़न्दाने वही है ज़रुरी है कि सार के तौर पर गुज़ारीश के साथ अहले बैत गिरामी हज़रत फातिमा ज़हरा व अएम्माह अतहार (अ) के इतिहास को बयान करुँ।   पैग़म्बरे अकरम (स.) की पूत्री हज़रत फातिमा ज़हरा (स.) की, वलीदे गिरामी अल्लाह की तरफ़ से भेजा हुआ बन्दा मुहम्मद इब्ने अब्दुल्लाह, व आपकी […]

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      ईश्वरीय आतिथ्य-1

      Rate this post   पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम ने शाबान महीने के अन्तिम शुक्रवार को एक भाषण दिया था जो इतिहास में ख़ुत्बए शाबानिया के नाम से प्रसिद्ध है।  इस भाषण में पवित्र रमज़ान के महत्व, उसकी विशेषताओं और इस महीने में ईश्वर की ओर से मनुष्य पर की जाने वाली अनुकंपाओं का उल्लेख किया […]

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      अमर ज्योति-४

      Rate this post ईश्वर, क़ुरआने मजीद के सूरए रहमान में मनुष्य को दी जाने वाली आध्यात्मिक एवं भौतिक अनुकंपाओं तथा सृष्टि की रचनाओं की एक रोचक सूचि का वर्णन करता है। इसके बाद वह सृष्टि की आश्चर्यजनक वस्तुओं की ओर संकेत करते हुए, सभी को उसके द्वारा प्रदान की गई अनुकंपाओं की स्वीकारोक्ति का निमंत्रण […]

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      ख़ुदा शनासी व तौहीद

      Rate this post पहला हिस्सा 1) अल्लाह का वुजूद: हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह इस पूरी कायनात का ख़ालिक़ है, सिर्फ़ हमारे वुजूद में,तमाम जानवरों में,नबातात में,आसमान के सितारों में,ऊपर की दुनिया में ही नही बल्कि हर जगह पर तमाम मौजूदाते आलम की पेशानी पर उसकी अज़मत,इल्म व क़ुदरत की निशानियाँ ज़ाहिर व आशकार हैं। […]

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      शिया एक आसमानी नाम है

      Rate this post (شيعه) शब्दार्थ कूरआन मजीद में मात्र हज़रत ईब्राहीम खलीलुर रह्मान के लिए व्यबाहर हूआ हैं जैसा कि क़ुरआन मजीद में इर्शाद हुआ हैः (وان من شيعته لإبراهيم) यानि शिया पैरुवाने नुह हज़रत इब्राहीम (अ) के थे, और हज़रत मुहम्मद (स.) मात्र शिया का नाम पैरुवाने व दोस्त दराने हज़रत अली (अ) के लिए उल्लेख किया […]

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      रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (9)

      Rate this post हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम ईश्वर से दुआ करते हुए कहते हैः हे ईश्वरः निकटवर्तियों की शत्रुता को मित्रता में और उनके अलगाव को भलाई और मिलाप में बदल दे। जैसाकि आप जानते हैं कि अधिकाशं लोग अपनी आंतरिक मित्रता और शत्रुता जैसी आंतरिक भावना को विभिन्न ढंग से व्यक्त करते हैं […]

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      पवित्र रमज़ान-५

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने कहा है शैतान मनुष्य के शरीर में रक्त की भॉति दौड़ता है तो उस के मार्ग को भूख द्वारा संकरा करो।शैतान अर्थात मनुष्य को बुराई की ओर ले जाने वाला अस्तित्व शैतान का कोई एक रुप नही होता। शैतान अर्थात बहकाने वाला तो […]

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      लिबास के आदाब और आरास्तगी ए लिबास की फ़ज़ीलत

      Rate this post मोतबर हदीस में इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) से नक़्ल है कि ख़ुदा वंदे आलम अपने किसी बंदे को नेमत अता फ़रमाए और उस नेमत का असर उस पर ज़ाहिर हो तो उस को ख़ुदा का दोस्त कहेगें और उस का हिसाब अपने परवरदिगार का शुक्र अदा करने वालों में होगा और अगर […]

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      मुनाज़ेर ए इमाम सादिक़ (अ) व अबू हनीफ़ा

      Rate this post इब्ने अबी लैला से मंक़ूल है कि मुफ़्ती ए वक़्त अबू हनीफ़ा और मैं बज़्मे इल्म व हिकमते सादिक़े आले मुहम्मद हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम में वारिद हुए। इमाम (अ) ने अबू हनीफ़ा से सवाल किया कि तुम कौन हो? मैं: अबू हनीफ़ा इमाम (अ): वही मुफ़्ती ए अहले इराक़ […]

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      यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 10

      Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   हुर, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की ओर, अपने हाथो को सर पर रखे हुए कहते चले जा रहे थेः हे पालनहार! तेरे दरबार मे पश्चाताप करते हुए उपस्थित हो रहा हूँ मेरी पश्चाताप स्वीकार कर क्योकि मैने तेरे औलिया और तेरे दूत की […]

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      इब्ने तेमिया की नाकामी की दलीलें

      Rate this post जैसा कि आलिम हज़रात जानते हैं वहाबी मज़हब का पैशवा और रेहबर जैसा कि उसने ख़ुद इस बात को क़बूल किया है “इब्ने तेमिया” के साथ ही उठता बैठता था इब्ने तेमिया भी शिर्क, तौहीद, शिफ़ाअत और इस जैसी तमाम बातों में यही नज़रया रखता था लेकिन क्या हुआ वोह दमिश्क़ में […]

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      पवित्र रमज़ान-२

      Rate this post रोज़े के बहुत अधिक शारीरिक और आध्यात्मिक लाभ हैं। इस्लाम के महापुरूषों ने रोज़े को शरीर को स्वास्थ्य प्रदान करने वाला, आत्मा को सुदृढ़ करने वाला, पाश्विक प्रवृत्ति को नियंत्रित करने वाला, आत्म शुद्धि करने वाला और बेरंग जीवन में परिवर्तन लाने वाला मानते हैं जो सामाजिक स्वास्थ्य की भूमिका प्रशस्तकर्ता है। […]

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      अमर ज्योति-2

      Rate this post क़ुरआने मजीद, मुसलमानों का धर्म ग्रंथ है जो ईश्वर द्वारा पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के पास भेजा गया है। क़ुरआने मजीद के आने का समय, अरबों में साहित्य, शब्दालंकारों तथा शेर-शायरी की चरम सीमा का काल था। उकाज़ नामक बाज़ार में शब्दों संस्कृति तथा साहित्य के कलाकार अपनी […]

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      हसद

      Rate this post हसद का मतलब होता है किसी दूसरे इंसान में पाई जाने वाली अच्छाई और उसे हासिल नेमतों की समाप्ति की इच्छा रखना। हासिद इंसान यह नहीं चाहता कि किसी दूसरे इंसान को भी नेमत या ख़ुशहाली मिले। यह भावना धीरे धीरे हासिद इंसान में अक्षमता व अभाव की सोच का कारण बनती […]

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      सृष्टि ईश्वर और धर्म-11 एवं 12 सरल तर्क

      Rate this post पिछली चर्चा में बताया गया कि ईश्वरीय दर्शनशास्त्रियों और धर्मगुरुओं ने ईश्वर के अस्तित्व को प्रमाणित करने के लिए बहुत से तर्क और प्रमाण पेश किए हैं जिन्हें इस विषय से संबंधित पुस्तकों में देखा जा सकता है। हमने यहाँ पर एक ऐसे तर्क और प्रमाण को आप के लिए चुना है […]

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      इंसान का मित्र और उसका दुश्मन

      Rate this post हर इंसान की मित्र उसकी बुद्धि और उसकी अज्ञानता उसकी शत्रु हैः पैग़म्बरे इस्लाम इंसान का दोस्त और उसका दुश्मन हर इंसान की दोस्त उसकी अक़्ल है और उसकी दुश्मन उसकी जेहालत हैः पैग़म्बरे इस्लाम दुर्व्यवहार जान लो कि बंदा अपने दुर्व्यवहार के कारण नरक के अंतिम दर्जे में होगाः पैग़म्बरे इस्लाम […]

    •  हज़रत बक़ियतुल्लाह अरवाहोना फ़िदाह से तवस्सुल
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      हज़रत बक़ियतुल्लाह अरवाहोना फ़िदाह से तवस्सुल

      Rate this post यह बात याद रखना चाहिए कि हज़रत बक़ियतुल्लाह अरवाहोना फ़िदाह से तवस्सुल ईश्वर से तवस्सुल है । उसी तरह जिस तरह सारे मासूमीन से तवस्सुल,ईश्वर से तवस्सुल है अतः ज़ियारात में मासूमीन से तवस्सुल ईश्वर से ही तवस्सुल है इसलिए जो कोई भी ईश्वर से क़रीब होना चाहता है वह मासूमीन से […]

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      सृष्टि, ईश्वर और धर्म 34- मनुष्य का भाग्य एवं कर्म

      Rate this post मनुष्य जो कुछ करता है या जो कुछ उसके साथ होता है उसके दो कारक होते हैं एक स्वंय मनुष्य का इरादा और दूसरे ईश्वर का इरादा किंतु प्रश्न यह है कि यदि भाग्य है तो फिर कैसा है, अर्थात यदि मनुष्य और ईश्वर दोनों का इरादा प्रभावी है तो किस प्रकार […]

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      इस्माईलिया सम्प्रदाय

      Rate this post एक हज़ार चौरानवे ई0 में फ़ातेमी बादशाह अल मुस्तन्सिर की मौत के बाद उन के युवराज के लिये इस्माईलिया सम्प्रदाय में मतभैद पैदा हो गये, मुस्तन्सिर ने अपने बड़े बेटे अबू मंसूर नज़ार के अपना युवराज बनाया था लेकिन उन के वज़ीर (मंत्री) अफ़्ज़ल ने उन की म्रत्यु के बाद विद्रोह कर […]

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      मातुरिदिया सम्प्रदाय

      Rate this post मातुरिदिया सम्प्रदाय (फिर्क़ा) माविराउन्नहर की सर ज़मीन पर वजूद में आया। जब माविराउन्नहर को मुसलमानों ने जीत लिया मातुरिदिया सम्प्रदाय का संस्थापक अबु मंसूर मातुरिदिया है जिसका जन्म 238 हिजरी और देहान्त 333 हिजरी में हुआ। अबु मंसूर बहुत प्रतिभा और तेज़ बुद्धि वाला आदमी था वह बहस और मुनाज़रा में भी […]

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      इस्माईलियों के फ़िर्क़े

      Rate this post मुस्ताली के मानने वाले फ़ातेमी थे उनकी इमामत मिस्र के फ़ात्मी ख़लीफ़ाओं में बाक़ी रही, इस के कुछ समय बाद यहा सम्प्रदाय हिन्दुस्तान में “बोहरा” नाम से अस्तित्व में आया और अभी तक बाक़ी है। ओबैदुल्लाह मेहदी 296 हिजरी में अफ़रीक़ा में प्रकट हुआ और उसने इस्माईलियों को अपनी इमामत का निमंन्त्रण […]

    •  फ़िरक़ ए इमामिया जाफ़रिया
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      फ़िरक़ ए इमामिया जाफ़रिया

      Rate this post 1. दौरे हाज़िर में इमामिया फ़िरक़ा मुसलमानों का बड़ फ़िरक़ा है, जिसकी कुल तादाद मुसलमानों की तक़रीबन एक चौथाई है और इस फ़िरक़े की तारीख़ी जड़ें सदरे इस्लाम के उस दिन से शुरु होती हैं कि जिस सूर ए बय्यनह की यह आयत नाज़िल हुई थी: (सूर ए बय्यना आयत 7) बेशक […]

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      अशाइरा सम्प्रदाय

      Rate this post अशाइरा, अबुल हसन अशअरी (260-324 हिजरी) के मानने वालों को कहते हैं। अबुल हसन अशअरी ने अक़्ल (बुद्धी) से काम लेने में तफरीत से काम लेते हुए दरमियान का एक तीसरा रास्ता चुना है। दूसरी सदी हिजरी के दौरान इन दोनों फिकरी मकतबों नें बहुत ज़्यादा शोहरत हासिल की। मोअतज़ला अक़ाइद के […]

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      इस्लाम धर्म व शिया समप्रदाय का संक्षिप्त परिचय

      Rate this post यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि मानव समाज व संस्कृति पर सदैव आसमानी धर्मो का प्रभाव रहा है। पिछली शताब्दी के बारे में कहा जाता है कि इस में मानव “वही” को छोड़ कर “बुद्धि” की ओर उन्मुख हुआ है। परन्तु वास्तविक्ता यह है कि मनुष्य के बौद्धिक जीवन […]

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      अहले हदीस

      Rate this post अहले हदीस का तरीक़ा अस्ल में एक फ़िक्ही और इज्तिहादी तरीक़ा था। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो अहले सुन्नत के फक़ीह अपने तौर तरीक़े की वजह से दो गुरूप में बटे हैं। एक गुरुप वह है जिसका सेन्टर इराक़ था और वह हुक्मे शरई को हासिल करने के लिए क़ुरआन और […]

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      चाय के बगानों की नगरी लाहीजान

      Rate this post लाहीजान, गीलान ही नहीं अपितु पूरे ईरान के सुंदरतम नगरों में से एक है। भौगोलिक दृष्टि से यह नगर पर्वतांचल में स्थित है जिसमें मिट्टी के टीले और चाय के बगान भरे पड़े हैं। इस नगर के घरों की वास्तुकला ने भी नगर को एक विशेष सौंदर्य प्रदान कर दिया है। यहां […]

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      हज़रत अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम जीवन परिचय व चारित्रिक विशेषताऐं

      Rate this post नाम व अलक़ाब (उपाधियाँ) आपका नाम अली व आपके अलक़ाब अमीरुल मोमेनीन, हैदर, कर्रार, कुल्ले ईमान, सिद्दीक़,फ़ारूक़, अत्यादि हैं। माता पिता आपके पिता हज़रतअबुतालिब पुत्र हज़रत अब्दुल मुत्तलिब व आपकी माता आदरनीय फ़तिमा पुत्री हज़रतअसद थीं। जन्म तिथि व जन्म स्थान आप का जन्म रजब मास की 13वी तारीख को हिजरत से […]

    • ईदे ग़दीर
      2 (40%) 1 vote[s]

      ईदे ग़दीर

      ईदे ग़दीर2 (40%) 1 vote[s] पैग़म्बरे इस्लाम (स) का संपूर्ण जीवन एवं उसका एक एक क्षण अति महत्वपूर्ण तथा विशिष्ट आश्चर्यजनक घटनाओं से भरा हुआ है। इस लिए कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) के कथन न केवल क़ुराने मजीद की स्पष्ट आयतों के आधार पर हर प्रकार के लोभ व लालसा रहित होते हैं और ईश्वरीय […]

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      हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

      Rate this post हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का नाम अली व आपकी मुख्य उपाधि रिज़ा है। माता पिता हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रत नजमा थीं। आपकी माता को समाना, तुकतम, व ताहिराह भी कहा जाता था। हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय नाम व लक़ब […]

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      ईरान का पहाड़ी गांव रूदबार क़स्रान

      Rate this post रूदबार क़स्रान, तेहरान के आस -पास के पर्वतीय क्षेत्रों में अच्छी व लुभावनी जलवायु वाला क्षेत्र है। वास्तव में रूदबार क़स्रान तेहरान के उत्तर में स्थित शमीरान उपनगर का एक भाग है। इसका क्षेत्रफल लगभग ४०० वर्ग किलोमीटर है और यह तेहरान के उत्तर में ३० से ५० किलोमीटर की दूरी पर […]

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      काज़ी का मेहमान

      Rate this post एक शख़्स आम मेहमान की हैसियत से हज़रत इमाम अली (अ.) के घर वारिद हुआ और कई दिन तक आप का मेहमान रहा, लेकिन वोह एक आदी मेहमान न था। बल्कि उसके दिल में एक बात थी, जिसका शुरू में इज़हार नहीं किया था। हकीकत ये थी कि ये शख़्स किसी दूसरे […]

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      चहारमहाल व बख़तियारी-1

      Rate this post चहारमहाल व बख़्तियारी प्रांत में प्रचुर जल, उपजाऊ भूमि, उचित एवं मनोहर जलवायु, प्राकृतिक हिमखण्ड, झरनों, विभिन्न झीलों और सुन्दर सरोवरों की उपस्थिति तथा बलूत के घने जंगलों जैसी सुन्दर प्रकृति के कारण पर्यटकों को आकर्षित करने की बहुत क्षमता पाई जाती है। जब ईरान के पर्यटन स्थलों का उल्लेख किया जाता […]

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      पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-1

      Rate this post प्राचीनकाल की धरोहरों को पहचनवाने के लिए संग्रहालयों को एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है और वर्तमान काल में मनुष्य के सांस्कृतिक जीवन में संग्रहालय, महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। १४ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संग्रहालयों तथा इसके अतिरिक्त कई अन्य निजी छोटे-बड़े संग्रहालयों की उपस्थिति के कारण पूर्वी आज़बाइजान को संग्रहालयों का […]

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      रश्त नगर की ऐतिहासिक धरोहरें

      Rate this post उत्तरी ईरान के गीलान प्रांत के केंद्रीय नगर रश्त के ऐतिहासिक अवशेषों में से एक सुलैमान दाराब नामक क़ब्रस्तान में स्थित प्रसिद्ध स्वतंत्रताप्रेमी मीरज़ा कूचक ख़ान जंगली का मज़ार है जो साम्राज्यवादियों के चंगुल से ईरान को मुक्त कराने क लिए उनके संघर्ष की गाथा सुनाता है। मज़ार की इमारत, जिसे ईरान […]

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      पेंशन

      Rate this post एक नसरानी बूढ़े ने ज़िन्दगी भर मेहनत करके ज़हमतें उठाईं लेकिन ज़ख़ीरे के तौर पर कुछ भी जमा न कर सका, आख़िर में नाबीना भी हो गया। बूढ़ापा, नाबीनाई, और मुफ़लिसी सब एक साथ जमा हो गई थीं । भीख माँगने के सिवा अब उसके पास कोई दूसरा रास्ता न था इसलिए […]

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      रूदबार नगर

      Rate this post पिछली कुछ कड़ियों में हरे-भरे व सुंदर गीलान प्रान्त की यात्रा को जारी रखते हुए इस कार्यक्रम में हम रूदबार शहर की चर्चा कर रहे हैं। ऐसा शहर जिसका इतिहास 6 हज़ार वर्ष पुराना है और यह तेहरान-रष्त राजमार्ग पर रष्त नगर से 67 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। रूदबार पर विहंगम […]

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      चहारमहाल व बख़तियारी-2

      Rate this post चार महाल व बख़तियारी प्रांत में बख़तियारी क़बीला अपनी विशेष जीवन शैली व रीति रिवाजों के कारण इस क्षेत्र के अद्वितीय आकर्षणों में गिना जाता है और इस क़बीले की जीवन शैली देशी व विदेशी पर्यटकों के लिए सदैव रूचि का विषय रही है। बख़तियारी क़बीला लुर जाति की एक शाखा है […]

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      हातिम का बेटा

      Rate this post तुलू ए इस्लाम और इस्लामी हुकूमत की तशकील पाने से पहले अरबों में कबीले की सरदारी की रस्म जारी थी। अरब वाले अपने सरदारों की इताअत और फ़र्माबरदारी करते थे और कभी-कभी उनको टैक्स वग़ैरा भी देते थे। अरब कबीलों के मुख़्तलिफ सरदारों में एक सरदार हातिम भी था और जो अपनी […]

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      सपनों का देश ईरान

      Rate this post ईरान के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने और यहां के एतिहासिक सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक आकर्षणों से अधिक से अधिक परिचित होने के लिए आपकी निरंतर मांग पर प्रिय पाठकों हमने एक नई चर्चा आरंभ की है जिसका शीर्षक है, “सपनों का देश ईरान”। इस चर्चा की पहली कड़ी में हम ईरान […]

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      आशिक़े रसूले ख़ुदा (स.)

      Rate this post एक शख़्स हज़रत रसूले ख़ुदा से बेहद मोहब्बत करता था, और तेल (रौग़ने ज़ैतून) बेचने का काम किया करता था। उस के बारे में यह ख़बर मशहूर थी कि वो सिदक़े दिल से रसूले ख़ुदा (स.) से बेपनाह इश्क व मोहब्बत करता था और आँ हज़रत (स) को बहुत चाहता था, अगर […]

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      शीराज़-2

      Rate this post शीराज़ नगर प्राचीन काल से ज्ञान का केन्द्र रहा है। इस लेख में हम ज्ञान व साहित्य के क्षेत्र की कुछ महान हस्तियों का परिचय दे रहे हैं। सादिया के नाम से प्रसिद्ध सादी का मक़बरा शीराज़ नगर के पूर्वोत्तर में चार किलोमीटर की दूरी पर पर्वातांचल में स्थित है। अलबत्ता यह […]

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      गीलान प्रांत का तटीय क्षेत्र, बंदर अनज़ली

      Rate this post बंदर अंज़ली उत्तरी ईरान की महत्त्वपूर्ण बंदरगाहों में है जिसके तीन ओर समुद्र और कच्छ है और केवल एक भाग सूखे से जुड़ा हुआ है। बंदर अंज़ली कैस्पियन सागर के दक्षिणपश्चिमी किनारे पर चालीस वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में मौजूद है और यहां से केन्दीय रश्त 35 किलोमीटर है जबकि यहां से […]

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      इस्लामी मानवाधिकार घोषणापत्र : 2

      Rate this post जीने के अधिकार को, मुनष्य का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण अधिकार कहा जा सकता है। मूल रूप से अन्य सभी मानवाधिकार, उसी समय प्राप्त हो सकते हैं जब मनुष्य के जीने के अधिकार पर ध्यान दिया गया हो। इसी लिए इस्लामी मानवाधिकार घोषणापत्र में यह सिद्धान्त, इस्लाम धर्म की शिक्षाओं के अनुसार […]

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      ग़ल्ले की मंहगाई

      Rate this post शहरे मदीना में रोज़ बरोज़ ग़ेहूं और रोटी की कीमत में इज़ाफ़ा होता जा रहा था। हर शख़्स पर वहशत और परेशानी के आसार ग़ालिब थे जिनके पास साल भर का ग़ल्ला मौजूद न था वो हासिल करने की फ़िक्र में लगा था और जिसके पास मौजूद था वो हिफ़ाज़त की कोशिश […]

    •  इस्लाम में एकता के उपाय पैग़म्बर (स) के द्वारा
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      इस्लाम में एकता के उपाय पैग़म्बर (स) के द्वारा

      Rate this post इस्लामी जगत में एकता का उद्देश्य यह है कि मुसलमान अपनी धार्मिक आस्थाओं के पालन के साथ ही पवित्र क़ुरआन, पैग़म्बरे इस्लाम और एक क़िबला जैसे संयुक्त धार्मिक बिन्दुओं पर बल दें और विभिन्न धार्मिक, राजनैतिक और जातीय मतभेदों से बचें जिससे इस्लामी जगत कमज़ोर होगा। इस बात में शक नहीं कि […]

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      सलाद पत्ता खाने का लाभ

      Rate this post सलाद पत्ता खाओ कि इससे नींद आती है और खाना हज़्म होता हैः पैग़म्बरे इस्लाम गोश्त खाने और न खाने की अहमियत जो इंसान चालीस दिन गोश्त न खाए वह चिड़चिड़े व्यवहार का हो जाता है और जो इंसान चालीस दिन लगातार गोश्त खाए वह कठोर दिल का हो जाता हैः पैग़म्बरे […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार -18
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार -18

      Rate this post अली अलैहिस्सलाम के दृष्टिकोण से दुनिया या संसार इस्लामी दृष्टिकोण से यदि देखा जाए तो संसार का सीधा संबन्ध परलोक से है और यह उससे बिल्कुल अलग नहीं है। इसका कारण यह है कि मनुष्य अपने जीवन में जो कुछ करता है उसका भुगतान उसे परलोक में करना होगा। लोक और परलोक […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 11
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 11

      Rate this post हज़रत अली की नज़र में सरकारी अधिकारियों के दायित्व इस्लामी समाज में शासक व अधिकारियों को व्यापक अधिकार हासिल हैं किन्तु साथ ही उनके कंधे पर अधिक ज़िम्मेदारियां भी हैं। नहजुल बलाग़ा में हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने इस्लामी सरकार के गठन को शासक के दायित्वों में गिनवाया है। जैसा कि नहजुल बलाग़ा […]

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      हज़रत इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस

      Rate this post हज़रत इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन)  हम यहां पर अपने प्रिय़ः अध्ययनकर्ताओं के लिए   हज़रत इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम  के चालीस मार्ग दर्शक कथन प्रस्तुत  कर रहे हैं। 1-विपत्ति व कल्याण  हज़रत इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम ने कहा कि कभी कभी ऐसा होता है कि हरीस(लालची) संसारिक वस्तुओं मे से किसी को […]

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      हदीसें

      Rate this post दसवाँ भाग 451. مَن خَلا بِالعِلمِ لَم تُوحِشهُ خَلوَةٌ; जो ज्ञान के साथ रहता है, उसे कोई तन्हाई नही डरा सकती। 452. مَن تَسَلَّى بِالكُتُبِ لَم تَفُتهُ سَلَوةٌ; जिसे किताबों से आराम मिलता है, समझो उसने आराम का कोई साधन नही खोया है 453. مَن أُعطِىَ الدُّعاءَ لَم يُحرَمِ الإجِابَةَ; जिसे दुआ […]

    •  हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम की 35 अहादीस
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      हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम की 35 अहादीस

      Rate this post हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन) यहाँ पर अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं के लिए  हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम के कुछ मार्ग दर्शक कथन प्रस्सतुत किये जारहे हैं। 1- सुरक्षित रहो  हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम ने कहा कि जो व्यक्ति अपनी मान मर्यादा का ध्यान न रखता तो उसके उपद्रव से सुरक्षित […]

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      जवानों को इमाम अली(अ)की वसीयतें

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    •  ख़ुत्बा – 13
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      ख़ुत्बा – 13

      Rate this post [अहले बसरा (बसरा निवासियों) की मज़म्मत (निन्दा) में ] तुम एक औरत (स्त्री) की सिपाह (सेना) में और एक चौपाए के ताबे (अधीन) थे। वह बिलबिलाया तो लब्बैक (आ गया आ गया) कहते हुए बढे और वह ज़ख्मी (आहत) हुआ तो तुम भाग खड़े हुए । तुम पस्त अख़लाक (नैतिक रुप से […]

    •  हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम की 40 अहादीस
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      हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम की 40 अहादीस

      Rate this post हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन)  यहां पर अपने प्रिय अध्ययन कर्ताओं के लिए हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम के चालीस मार्ग दर्शन कथन प्रस्तुत कर रहे है। 1- निःस्वार्थता पूर्ण सदुपदेश  हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम ने कहा कि ऐ मनुषयों जो निःस्वार्थ रूप से सदुपदेश दे तथा अल्लाह की किताब को […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-22
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-22

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम का एक कथन है कि ज़मीन कभी भी ईश्वरीय दूत से खाली नहीं होगी” सुन्नी मुसलमानों के प्रसिद्ध विद्वान कुन्दूज़ी हनफी “यनाबिऊल मवद्दत” नाम की किताब में लिखते हैं” लगभग समस्त सुन्नी विद्वानों ने लिखा है कि पैग़म्बरे इस्लाम ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम से फरमाया है कि मेरे बाद १२ […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 24
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 24

      Rate this post हज़रत अली (अ) समस्त गुणों एवं विशेषताओं के स्वामी हैं। उनके व्यक्तित्व के असीम सागर में समस्त मानवीय सदगुण पाए जाते हैं। उनकी इबादत और बंदगी उनके सबसे विशिष्ट गुणों में से हैं। हज़रत अली (अ) इबादत की उस शिखर चोटी पर आसीन थे कि कई महान ईश्वरीय दूत भी वहां तक […]

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      नहजुल बलागा

      Rate this post नहजुल बलागा =अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम के संकलित आदेश एवं उपदेश नहजुल बलागा =अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम के संकलित आदेश एवं उपदेश 01 इस ध्याय में प्रश्नों के उत्तर और छोटे छोटे दार्शनिक वाक्यों का संकलन अंकित है जो विभिन्न लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के संबन्ध में वर्णन किये गए हैं। 1. झगड़े […]

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      नहजुल बलाग़ा की दृष्टि में मुहासिब ए नफ़्स का महत्व

      Rate this post अमीरुल मोमिनीन अलैहिस सलाम, नहजुल बलाग़ा में मनुष्य जाति को अपने नफ़्स के हिसाब की तरफ़ ध्यान दिलाते हुए फ़रमाते हैं: अपने आपको अपने लिये परख लो और अपना हिसाब किताब कर लो, चूंकि दूसरों को परखने और उनका हिसाब करने के लिये तुम्हारे अलावा कोई दूसरा मौजूद है। हर काम में […]

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      सिफ़ाते मोमिन (4)

      Rate this post मुक़द्दमा- पिछले जलसों में हमने पैग़म्बरे अकरम (स.) की एक हदीस जो आपने हज़रत अली (अ.) से खिताब फ़रमाई बयान की, यह हदीस मोमिने कामिल के(103) सिफ़ात के बारे में थी। इस हदीस से 16 सिफ़ात बयान हो चुकी हैं और अब छः सिफात की तरफ़ और इशारा करना है। हदीस- “……..बरीअन […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 20
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 20

      Rate this post नहुल बलाग़ा में “ईमान” जैसे विषय को विशेष महत्व प्राप्त है। ईमान का शाब्दिक अर्थ होता है अपनाना। ईमान शब्द की व्याख्या करते हुए हज़रत अली अलैहिस्सलाम कहते हैं कि इसका अर्थ है किसी को हृद्य की गहराई से पहचानना, मौखिक रूप से उसे स्वीकार करना और फिर उसे व्यवहारिक बनाना है। […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-28
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-28

      Rate this post ”अम्र बिलमारूफ अर्थात अच्छाई का आदेश देना और नही अनिल मुन्कर अर्थात बुराई से रोकना“ नमाज़, रोज़ा, हज, और जेहाद की भांति अम्र बिलमारूफ को भी धार्मिक आदेशों में समझा जाता है और उनके मध्य इसे विशेष स्थान प्राप्त है। हज़रत अली अलैहिस्सलाम के अनुसार अम्र बिलमारूफ और नही अनिलमुन्कर का दायेरा […]

    •  नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचय
      नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचय
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      नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचय

      नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचय1 (20%) 1 vote[s] नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचयप्रिय पाठकों : आपने पवित्र किताब नहजुल बलाग़ा के बारे में सुना होगा और इस किताब को देखा भी होगा लेकिन नही मालूम कि इस किताब से आप कितने परिचित हैं और इसके बारे में कितना ज्ञान रखते हैं। नहजुल बलाग़ा अमीरूल मोमिनीन […]

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      इंसान की इस्लाह नहजुल बलाग़ा की रौशनी में

      Rate this post इमामुल मुत्तक़ीन, अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली बिन अबी तालिब अलैहिस सलाम नहजुल बलाग़ा के कलेमाते क़ेसार की 89वीं हदीस में इरशाद फ़रमाते हैं: अगर इंसान अपने और ख़ुदा के दरमियान इस्लाह कर ले तो ख़ुदावंदे आलम उसके और लोगों को दरमियान इस्लाह कर देता है। इंसान की एक ख़ुसूसियत उसकी समाजी ज़िन्दगी […]

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      हदीसें

      Rate this post आठवाँ भाग 351.عِلمٌ بِلا عَمَل كَشَجَر بِلا ثَمَر; ज्ञान के अनुरूप कार्यों का न होना, बिना फल के पेड़ के समान है। अर्थात अगर ज्ञान के अनुरूप कार्य न हों तो ज्ञान का कोई लाभ नही है। 352. عَلِّمُوا صِبيانَكُم الصَّلاةَ وَخُذُوهُم بِها إذا بَلَغُوا الحُلُمَ; अपने बच्चों को नमाज़ सिखाओ और […]

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      सिफ़ाते मोमिन (1)

      Rate this post बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम मोज़ू- सिफ़ाते मोमिन हदीस- रुविया इन्ना रसूलल्लाहि (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि) क़ाला “यकमलु अलमोमिनु ईमानहु हत्ता यहतविया अला माइता व सलासा ख़िसालिन फेलिन व अमलिन व नियतिन व बातिनिन व ज़ाहिरिन फ़क़ाला अमिरुल मुमिनीना(अलैहिस्सलाम) या रसूलल्लाह (सलल्ललाहु अलैहि व आलिहि) मा अलमाअतु व सलासा ख़िसालिन ? फ़क़ाला (सलल्ललाहु अलैहि व आलिहि) […]

    •  आयातुल्लाह मुहम्मद तक़ी फलसफी – 3
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      आयातुल्लाह मुहम्मद तक़ी फलसफी – 3

      Rate this post आयातुल्लाह मुहम्मद तक़ी फलसफी उन बुद्धिजीवियों में शामिल हैं जिन्होंने विभिन्न विषयों पर अत्यन्त मूल्यवान पुस्तकें लिखी हैं। उनकी लगभग सभी किताबें अत्याधिक लाभदायक और उपयोगी हैं और उनके भाषणों की भी समाज के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके २०० से भी अधिक भाषणों को १६ किताबों में संकलित किया […]

    •  इमाम मोहम्मद तक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र
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      इमाम मोहम्मद तक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र

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    •  अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम का जन्मदिन
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      अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम का जन्मदिन

      Rate this post सलाम हो उस जन्म लेने वाले पर कि जिसके लिए ईश्वर ने अपने घर को जन्म स्थली बनाया और अपने सर्वश्रेष्ठ दूत पैग़म्बरे इस्लाम को उसका सरपरस्त व प्रशिक्षक बनाया ताकि उसका वुजूद मानवता के लिए आदर्श बन सके और उसके अस्तित्व से ईश्वरीय कृपा के द्वार बंदों के लिए खुल सकें। […]

    •  इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस
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      इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस

      Rate this post आज पवित्र नगर मदीना में इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का घर प्रकाशवान है। पूरा मदीना नगर इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम के सुपुत्र इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम के आगमन से प्रकाशमय है। इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम का नाम मोहम्मद था और उनकी उपाधि बाक़िरूल उलूम अर्थात ज्ञानों को चीरने वाला है। इस उपाधि का […]

    •  13 रजब, अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली (अ.) का शुभ जन्मदिवस
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      13 रजब, अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली (अ.) का शुभ जन्मदिवस

      Rate this post 13 रजब को अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म हुआ, आप पैगम्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम के चचाज़ाद भाई हैं और वह इसी नुबूव्वत की छाया में पले बढ़े और ख़ुद पैग़म्बर की देखरेख में आपका प्रशिक्षण हुआ। हज़रत अली अलैहिस्सलाम पहले आदमी थे जिन्होंने इस्लाम क़ुबूल किया […]

    •  इमाम हसन (अ.) की शहादत
      इमाम हसन (अ.) की शहादत
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      इमाम हसन (अ.) की शहादत

      इमाम हसन (अ.) की शहादत3.3 (66.67%) 6 vote[s] इमाम हसन अलैहिस्सलाम ने अपनी ज़िंदगी, इस्लामी इतिहास के संवेदनलशील हिस्से में गुज़ारी है। इमाम हसन अलैहिस्सलाम ने अपनी ज़िंदगी में केवल 48 वसंत देखे लेकिन इस कम अवधि में वह बातिल व असत्य के ख़िलाफ़ लगातार संघर्ष करते रहे। इमाम हसन अलैहिस्सलाम ने अपने बाप हज़रत […]

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      ईरान की हरित क्रान्ति-1

      Rate this post कृषि, प्राचीन काल से ही मनुष्य के सबसे प्रमुख कार्य के रूप में मानव समाजों की गतिशीलता व प्रगति का आधार रही है। आज भी जो देश, कृषि उत्पादों की पैदावार में अग्रणी हैं और गेहूं, चावल और इसी प्रकार के अन्य आवश्यक उत्पादों के निर्यात की क्षमता रखते हैं, उनकी अर्थ […]

    •  अल्लामा अली दव्वानी
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      अल्लामा अली दव्वानी

      Rate this post मेहदी मौऊद अल्लामा मजलिसी की बिहारुल अनवार किताब के 13वें खंड का अनुवाद है, इसका अनुवाद अल्लामा दव्वानी ने किया है और 12वें इमाम हज़रत मेहदी (अ) के संबंध में यह एक सम्रद्ध किताब है, इसमें इस विषय की विभिन्न आयामों से समीक्षा की गई है। मेहदी मौऊद किताब की प्रस्तावना 180 […]

    •  पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) की बेअसत
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      पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) की बेअसत

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) की बेअसत की पैग़म्बरी की आधिकारिक ऐलान का दिन है। इस दिन अल्लाह ने अपनी कृपा व दया के अथाह समंदर के माध्यम से इंसान को लापरवाही और गुमराही के अंधेरे से निकाला। पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) को यह महान […]

    •  हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया
      हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया
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      हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया

      हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया5 (100%) 1 vote[s] अबनाः हज़रत ज़ैनब इस्लामी इतिहास में एक महान महिला का नाम है जो आसमान पर जगमगा रहा है कि जिसका व्यक्तित्व उच्चतम नैतिक गुणों का संपूर्ण आदर्श है। ऐसी महिला जिसने अपने नर्म, दयालु व मेहरबानी दिल के साथ मुसीबतों के पहाड़ों […]

    •  इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी
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      इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी

      Rate this post एक दिन इमाम हसन (अ) घोड़े पर सवार कहीं जा रहे थे कि शाम अर्थात मौजूदा सीरिया का रहने वाला एक इंसान रास्ते में मिला। उस आदमी ने इमाम हसन को बुरा भला कहा और गाली देना शुरू कर दिया। इमाम हसन (अ) चुपचाप उसकी बातें सुनते रहे, जब वह अपना ग़ुस्सा […]

    •  इमाम जाफ़र सादिक़ (अलैहिस्सलाम) ग़ैरों की ज़बानी
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      इमाम जाफ़र सादिक़ (अलैहिस्सलाम) ग़ैरों की ज़बानी

      Rate this post विलायत पोर्टलः शियों के छठे इमाम का नाम, जाफ़र कुन्नियत (उपनाम), अबू अब्दुल्लाह, और लक़ब (उपाधि) सादिक़ है। आपके वालिद इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम और माँ जनाबे उम्मे फ़रवा हैं। आप 17 रबीउल् अव्वल 83 हिजरी में पैदा हुए और 114 हिजरी में इमाम बने। आपके ज़माने में बनी उमय्या के बादशाहों […]

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      आयतुल्लाह ख़ामेनई के बयान की रौशनी में इस्लामी आइडियालॉजी

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    •  अमीरुल मोमिनीन अली (अ) का जीवन परिचय  व आपकी विशेषताऐं
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      अमीरुल मोमिनीन अली (अ) का जीवन परिचय व आपकी विशेषताऐं

      Rate this post आपका नाम अली व आपके अलक़ाब अमीरुल मोमेनीन, हैदर, कर्रार, कुल्ले ईमान, सिद्दीक़,फ़ारूक़, अत्यादि हैं। आपके पिता हज़रतअबुतालिब पुत्र हज़रत अब्दुल मुत्तलिब व आपकी माता आदरनीय फ़तिमा पुत्री हज़रतअसद थीं। आप का जन्म रजब मास की 13वी तारीख को हिजरत से 23वर्ष पूर्व मक्का शहर के विश्व विख्यात व अतिपवित्र स्थान काबे […]

    •  अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली अ.ह
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      अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली अ.ह

      Rate this post 13 रजब को अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म हुआ, आप पैगम्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम के चचाज़ाद भाई हैं और वह इसी नुबूव्वत की छाया में पले बढ़े और ख़ुद पैग़म्बर की देखरेख में आपका प्रशिक्षण हुआ। हज़रत अली अलैहिस्सलाम पहले आदमी थे जिन्होंने इस्लाम क़ुबूल किया […]

    •  आयतुल्लाह मुहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी -1
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      आयतुल्लाह मुहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी -1

      Rate this post उन्होंने अपने जीवन में दो पहलवी तानाशाहों का पतन देखा। इन दो शासकों के काल में लोगों के जीवन पर आयतुल्लाह फ़लसफ़ी का प्रभाव, उनकी अत्याचार विरोधी और न्यायप्रिय भावना को दर्शाता है। ईरानी सांसद और विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर डाक्टर ग़ुलाम हद्दाद आदिल का कहना है कि आयतुल्लाह फ़लसफ़ी की स्पष्ट विशेषता […]

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      अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली (अ) का जन्मदिवस

      Rate this post तत्वदर्शिता और बुद्धिमत्ता के शिक्षक और पैगम्बरे इस्लाम(स) के उत्तराधिकारी हज़रत अली(अ) का शुभ जन्म दिवस है। हज़रत अली(अ) का जन्म एक चमत्कार के साथ हुआ। हज़रत अली (अ) की माता के समक्ष जो उस समय गर्भवती थीं काबे की दीवार फट गयी और वे काबे में प्रविष्ट हो गयीं। तीन दिन बीतने के बाद दीवार […]

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      आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली हुसैनी सीसतानी का ज़िन्दगीनामा

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    •  इमाम हसन मुज्तबा अलैहिस्सलाम
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      इमाम हसन मुज्तबा अलैहिस्सलाम

      Rate this post इमाम हसन अलैहिस्सलाम के व्यक्तित्व का महत्व पैग़म्बरे इस्लाम के इस कथन से होता है जिसमें आपने कहाः जान लो कि हसन ईश्वर की ओर से मेरे लिए उपहार है पंद्रह रमज़ान उस महान हस्ती का शुभ जन्म दिवस है जो नैतिक मूल्यों व दया की खज़ाना था। तीन हिजरी को आज […]

    •  इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) का जीवन परिचय
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      इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) का जीवन परिचय

      Rate this post इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.ह) पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स.अ) के छठे उत्तराधिकारी और आठवें मासूम हैं आपके वालिद (पिता) इमाम मुहम्मद बाक़िर (अ.) थे….. इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.ह) पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स.अ) के छठे उत्तराधिकारी और आठवें मासूम हैं आपके वालिद […]

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      अज़मते नमाज़

      Rate this post इमाम अली अलैहिस सलाम नहजुल बलाग़ा में इरशाद फ़रमाते हैं: नमाज़ से बढ़ कर कोई अमल ख़ुदा को महबूब नही है लिहाज़ा कोई दुनियावी चीज़ तूझे अवक़ाते नमाज़ से ग़ाफ़िल न करे। वक़्ते नमाज़ की अहमियत इमाम अलैहिस सलाम इसी किताब में फ़रमाते हैं: नमाज़ को मुअय्यन वक़्त के अंदर अंजाम दो, […]

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      तयम्मुम के अहकाम

      Rate this post (710) अगर एक इंसान पेशानी या हाथों की पुश्त के ज़रा से हिस्से का भी मसह न करे तो उस का तयम्मुम बातिल है। चाहे उसने ऐसा जान बूझ कर किया हो या भूल या मसला न जानने की बिना पर। लेकिन बाल की खाल निकालने की भी ज़रूरत नही है। अगर […]

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      एक से ज़्यादा शादियाँ – 1

      Rate this post मौजूदा ज़माने का सबसे गर्म विषय एक से ज़्यादा शादियाँ करने का मसला है। जिसे बुनियाद बना कर पच्छिमी दुनिया ने औरतों को इस्लाम के ख़िलाफ़ ख़ूब इस्तेमाल किया है और मुसलमान औरतों को भी यह यक़ीन दिलाने की कोशिश की है कि एक से ज़्यादा शादियों का क़ानून औरतों के साथ नाइंसाफ़ी है और उनकी […]

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      मस्जिद के अहकाम – 4

      Rate this post सवाल 412: उस ज़मीन का क्या हुक्म है जो मस्जिद के छत वाले हिस्से का जुज़ थी बाद में बलदिया (नगर पालिका) के तौसी में आने की वजह से मस्जिद के इस हिस्से को मुन्हदिम (गिरा) करके सड़क में तब्दील कर दिया गया? जवाब: अगर उसकी पहली हालत की तरफ़ पलटने का […]

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      वह सूरतें जिन में नमाज़ी का बदन और लिबास पाक होना ज़रूरी नहीं है

      Rate this post 856. तीन सूरतों में, जिनकी तफ़सील नीचे बयान की जा रही है, अगर नमाज़ पढ़ने वाले का बदन या लिबास नजिस भी हो तो उसकी नमाज़ सही है: 1- उसके बदन पर ज़ख़्म, जराहत या फोड़ा होने की वजह से उसके लिबास या बदन पर ख़ून लग जाये। 2- उसके बदन या […]

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      हराम काम की आमदनी

      Rate this post सवालः क्या सुअर के गोश्त को पैक करने वाले कारखाने, नाइट क्लब ग़लत काम करने वाले सेंट्रों में काम करना जाएज़ है? और काम से हासिल होने वाली आमदनी का क्या हुक्म है? जवाबः हराम मामलों में नौकरी करना दीन व शरीअत की तरफ़ से जायज़ नहीं है, जैसे सुअर का गोश्त बेचना, शराब […]

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      हज इस्लामी जगत के लिए अवसर : 2

      Rate this post एक अच्छी बात है कि काबे की पावन धरती पर मौजूद विचारक और बुद्धिजीवी इस्लामी जगत की समस्याओं और इसके कुछ गहन मतभेदों को दूर करने के लिए संयुक्त प्रयास करें और कार्यक्रम बनाएं। वर्तमान समय में पाकिस्तान में बहुत से लोग बाढ़ के विनाशकारी परिणामों सामना कर रहे हैं और बहुत […]

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      अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों का देखना

      Rate this post सवालः अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों के देखने का क्या हुक्म है? जवाबः अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों का देखना गुनाह और हराम है जिनसे गुनाहों में पड़ने की आशंका हो, शैतानी इच्छाओं को मज़बूती मिले और ईमान कमज़ोर हो।

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      सर का मसह़

      Rate this post सवालः क्या वज़ू में बायें हाथ की तरी से सर का मसह़ करना उसी तरह़ जाएज़ है जैसे कि दायें हाथ से जाएज़ है? और क्या सर का मसह़ नीचे से ऊपर की तरफ किया जा सकता है? जवाबः बायें हाथ से सर का मसह़ करने में कोई ह़रज नहीं है अगरचे एह़तियात (सावधानी) […]

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      हाथ पर मार्कर या इंक लगना और वुज़ू करना

      Rate this post सवालः- पेन या मार्कर की इंक या कोई और रंग बदन पर लग जाए तो क्या पानी खाल तक पहुंच जाएगा? इस तरह औरतें जो बालो में रंग लगाती हैं, उसका क्या हुक्म है? जवाबः अगर इन चीज़ों का फ़िज़िकल जिस्म न हो तो वुज़ू सही है यानी पानी खाल तक पहुंचने में […]

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      मुर्दे का जिस्म

      Rate this post सवालः मुर्दे को बेर और काफ़ूर के पानी से ग़ुस्ल देने के बाद और खालिस (शुद्ध) पानी के ग़ुस्ल देने से पहले जो बूंदे मुर्दे के जिस्म सेटपकती हैं वह पाक हैं या नजिस?। जवाबः मुर्दे का जिस्म उस समय तक नजिस कहलाएगा जब तक कि तीसरा ग़ुस्ल पूरा न हो जाए।

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      कफ़न के अहकाम

      Rate this post 576. मुसलमान की मैयित को तीन कपड़ों का कफ़न देना ज़रूरी है, जिन्हे लुंग, क़मीस और चादर कहा जाता है। 577. एहतियात की बिना पर ज़रूरी है कि लुंग ऐसी हो जो नाफ़ से घुटनों तक तमाम बदन को छुपा ले और बेहतर यह है कि सीने से पाँव के नीचे तक […]

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      नमाज़ के वक़्त में कज़ा की नियत से नमाज़ पढ़ना

      Rate this post सवालः अगर कोई इंसान यह समझते हुए की सुबह की नमाज़ का वक़्त ख़त्म हो गया है और वह क़ज़ा की नियत से नमाज़ पढ़ ले और ज़ुहर के वक़्त उसे पता चले कि नमाज़ कज़ा नहीं हुई थी तो जो उसने नमाज़ पढ़ी थी उसका क्या हुक्म है? जवाबः अगर उसने […]

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      जमाअत का ह़ुक्म

      Rate this post सवालः अगर इमामे जमाअत तकबीरतुल ऐहराम (नियत के साथ कहा जाने वाला अल्लाहो अकबर) के बाद अलह़म्द और उसके बाद वाले सूरों को पढ़े बिना भूले से रुकू में चला जाये तो जमाअत के साथ नमाज़ पढ़ने वाले का क्या ह़ुक्म है।? जबावः अगर मामूम (नमाज़ पढ़ने वाले) नमाज़ जमाअत में शामिल होने के […]

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      वह जगहें जहाँ नमाज़ पढ़ना मकरूह है

      Rate this post 907. कुछ जगहों पर नमाज़ पढ़ना मकरूह है: 1- हम्माम 2- खारी ज़मीन 3- किसी इंसान के मुक़ाबिल 4- उस दरवाज़े के मुक़ाबिल जो खुला हो। 5- सड़कों पर, गली और कूचे में इस शर्त के साथ कि गुज़रने वालों के लिए बाईसे ज़हमत न हो और अगर उन्हें ज़हमत हो तो […]

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      वुज़ू करते वक़्त पानी डालने का हुक्म

      Rate this post सवालः- मैं वुज़ू में तीन बार हाथ धोती थी। शादी के बाद मेरे शौहर ने कहा कि तुम्हारा वुज़ू सही नहीं है। अगर कोई वुज़ू में अपना चेहरा और हाथ तीन बार धोए तो क्या उसका वुज़ू और इबादतें सही नहीं होंगी? जवाबः वुज़ू में एक बार पान डालना वाजिब, दूसरी बार […]

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      तहारत में शक (डाउट)

      Rate this post सवालः अगर कोई हमेशा वुज़ू में शक करता है तो वह कैसे मस्जिद में जाये और नमाज़ पढ़े और क़ुर्आन की तिलावत करे और मासूमीन (अ.स) की ज़ियारत करे? जवाबः वुज़ू के बाद तहारत के बाक़ी रहने के बारे में शक का कोई ऐतेबार नहीं है जब तक कि वुज़ू के टूट जाने का […]

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      तहारत के अहकाम

      Rate this post मुतलक़ और मज़ाफ़ पानी (म.न. 15) पानी या मुतलक़ होता है या मुज़ाफ़। “मुज़ाफ़” वह पानी है जो किसी चीज़ से हासिल किया जाये जैसे तरबूज़ का पानी, गुलाब का अरक़ और उस पानी को भी मुज़ाफ़ कहते हैं जिसमें कोई दूसरी चीज़ मिली हो जैसे गदला पानी जो इस हद तक […]

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      नवाफ़िल –ए- यौमिया

      Rate this post 1. ज़ोहर की नमाज़ इसकी नाफ़ेला आठ रकअत है। 2. अस्र की नमाज़ इसकी नाफ़ेला आठ रकअत है। 3. मग़रिब की नमाज़ इसकी नाफ़ेला चार रकअत है। 4. ऐशा की नमाज़ इसकी नाफ़ेला दो रकअत है जिसे ऐशा की नमाज़ के बाद बैठ कर पढ़ा जाता है। 5. सुबह की नमाज़ की […]

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      तयम्मुम की तीसरी सूरत

      Rate this post (677) अगर किसी इंसान को पानी इस्तेमाल करने से अपनी जान पर बन जाने या बदन में कोई ऐब या मर्ज़ पैदा होने या मौजूदा मर्ज़ के बढ़ जाने या शदीद हो जाने या इलाज मुआलेजा में दुशवारी पैदा होने का ख़ौफ़ हो तो उसे चाहिए कि तयम्मुम करे। लेकिन अगर पानी […]

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      नींबू खाइये और बीमारियों से सुरक्षित रहिए।

      Rate this post ताज़ा ताज़ा नींबू केवल रस भरा ही नहीं होता बल्कि इसमें भरी हैं ढेर सारी विशेषताएं भी, जिसके कारण बीमारियां आपसे दूर भागती हैं। दो चम्मच बादाम के तेल में नींबू की दो बूंद मिलाएं और रूई की सहायता से दिन में कई बार घाव पर लगाएं, घाव बहुत जल्द ठीक हो […]

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      पारम्परिक चिकित्सा-3

      Rate this post आज के औद्योगिक संसार में विकास और प्रगति का एक महत्त्वपूर्ण मापदंड समाज का स्वास्थ और तन्दुरूस्ती है। स्वास्थ और तन्दुरूस्ती के यह अर्थ नहीं हैं कि देश के निवासी हर बीमारी और हर प्रकार के रोग से दो हों बल्कि शारीरिक और मानसिक सुख चैन भी स्वास्थ के अर्थ में शामिल […]

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      हार्ट पेशेंट के लिए अच्छी ख़बर

      Rate this post   वैज्ञानिकों ने पहली बार हृदय रोग में ग्रस्त रोगियों को शुभसूचना दी है जिसके आधार पर अब हृदयरोग में ग्रस्त मरीज़ों की त्वचा की कोशिकाओं को स्वस्थ हार्ट टीशूज़ में बदला जा सकता है। इस संबंध में हुए शोध के अनुसार भविष्य में दिल के दौरे के शिकार रोगियों की बीमार […]

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      अंगूर के लाभ

      Rate this post अंगूर एक ऐसा फल है जो विश्व के लगभग सभी क्षेत्रों में दिखायी पड़ता है और बहुत से लोग इसे अत्याधिक पसन्द करते हैं। अंगूर बेल में फलता है। तथा मांसल और पौष्टिता से भरा होता है। इस का ७९ प्रतिशत भाग पानी होता है तथा इसमें विभिन्न प्रकार की शर्करा, लवण […]

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      अधिक टेलीविजन देखने से हो सकता है आपकी जान को ख़तरा

      Rate this post आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि टेलीविजन आपके स्वास्य के लिए खतरनाक हो सकता हैं। लंबे समय तक टेलीविजन देखने से मधुमेह, मोटापा और हृदय रोग जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं। हाल ही में हुए शोधों से ये बात सामने आई है कि लंबे समय तक टीवी देखने से हृदय रोग […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-9 (1)

      Rate this post खाना पीना केवल भूख और प्यास की आवश्यकता को दूर करना ही नहीं बल्कि मानवीय प्रवृत्ति के दृष्टिगत मनुष्य का मानसिक व आनंदमयी आयाम है। मनुष्य की इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए खाना पकाना और स्वादिष्ट पकवान तैयार करना एक कला में परिवर्तित हो गया है। ईरान का प्राचीन पारंपरिक […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-14

      Rate this post ईरान की प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा शैली मनुष्य को कभी भी उसके आस पास के वातावरण और प्रकृति से अलग नहीं समझती। मनुष्य के आस पास के वातावरण में जो कुछ है वह उस पर प्रभाव डालता है। उनमें से एक हवा है। हवा मनुष्य की त्वचा पर प्रभाव डालती है। यह प्रभाव […]

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      काफ़ी के स्वास्थ्य संबंधी गुण

      Rate this post ख़ुशबूदार भाप उड़ाती काफ़ी लोगों का बड़ा मनपसंद पेय होने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है।नए अनुसंधान में पता चला है कि काफ़ी का उचित प्रयोग महिलाओं में हृदय रोगों तथा पक्षाघात की आशंकाओं को बहुत कम कर सकता है। स्वीडन में दस वर्षों तक जारी रहने वाले शोध […]

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      पारंपरिक चिकित्सा-5

      Rate this post ईरान के पारंपरिक प्राचीन चिकित्सा की थ्योरियों के अनुसार मनुष्य का शरीर चार मूल पदार्थों से बनता है और वह हैं तात्विक मिट्टी, तात्विक जल, तात्विक हवा और तात्विक आग। यह चार पदार्थ मनुष्य के शरीर में उचित मात्रा में मौजूद रहें तो उसका स्वभाव संतुलित रहता है और उसे कोई बीमारी […]

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      पारम्परिक चिकित्सा-4

      Rate this post चिकित्सा की हर विचारधारा या थ्योरी अपने विशेष दृष्टिकोण से चिकित्सा के विषय अर्थात मनुष्य के शरीर को देखता है और अपनी विशेष परिभाषा और शब्दकोश रखता है। इन विचाधाराओं से अवगत होने के लिए इन शब्दावलियों, परिभाषाओं और शब्दकोशों का जानना आवश्यक है। डाक्टर नासीरी का कहना है कि ईरान का […]

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      विश्व में पहली बार दोनों पैरों का प्रतिरोपण स्पेन में

      Rate this post स्पेन के शल्य चिकित्सकों ने विश्व में पहली बार दोनों पैरों का प्रतिरोपण किया है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार यह दुर्लभ आपरेशन उस व्यक्ति का किया गया जिसके दोनों पैर एक दुर्घटना के बाद घुटने के ऊपर से काट दिए गए थे। इस आपरेशन से दुनिया भर के उन लाखों लोगों के […]

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      आंखों को तनाव से बचायें

      Rate this post आंखों का तनाव एक आम समस्या है। कंप्यूटर या लैपटॉप पर लगातार काम करने और अधिक टीवी देखने के अतिरिक्त कई और कार्य हैं जिनके कारण इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आई स्ट्रेन वास्तव में आंखों को नियंत्रित करने वाली कोशिकाओं का स्ट्रेन होता है और एक ही चीज […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-9

      Rate this post प्रकृति में हवा, जारी रहने और चलने की प्रतीक है। हवा हल्की और तरल होती है और उसकी वास्तविक विशेषता गर्म होती है। इसी आधार पर ईरान के प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा के विद्वानों और हकीमों ने चार तत्वों में से इस तत्व का नाम तात्विक हवा रखा है। तात्विक हवा का स्वभाव […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-11

      Rate this post ईरान की प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार जिस आहार का सेवन किया जाता है वह मुंह के पानी से मिलकर, चबाए जाने की प्रक्रिया और पाचनतंत्र की गतिविधियों से प्रभावित होकर जौ के सूप की भांति एक गाढ़े लेप में परिवर्तित हो जाता है जिसे अमाशय का कीलूस कहा जाता है। उसके […]

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      तिब्बे इमामे सदिक़(अ)

      Rate this post मन्सूर दवानीक़ी के दरबार में सादिक़े आले मोहम्मद अलैहिस्सलाम तशरीफ़ फ़रमा थे, एक हिन्दी तबीब ने अपने इल्म पर नाज़ किया, मालूमात का इज़हार किया, इमाम ख़ामोशी से सुनते रहे, हिन्दी ने जराअत की और कहा के आप इस इल्म से ज़रूर इस्तेफ़ादा करें। इरशाद हुआ के मुझे तेरे इल्म की कोई […]

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      ख़तरनाक हो सकता है कम या अधिक सोना

      Rate this post मध्यम आयु वर्ग के वयस्कों के लिए बहुत कम या बहुत अधिक सोना अच्छा नहीं है। इसका सीधा प्रभाव उनके मस्तिष्क पर पड़ता है और इससे उनकी सोचने-समझने की शक्ति, सीखने की क्षमता व तर्क शक्ति प्रभावित होती है।एक नए अध्ययन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति हर रात छह घंटे से कम […]

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      सर्दी में स्वास्थ्य का ध्यान रखने के कुछ उपाय

      Rate this post सर्दी के मौसम में बुखार और संक्रमण काफी तेज़ी से फैलता है इसलिए बेहतर यह है कि मनुष्य अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का प्रयास करे और इसके लिए खाने में पपीता, कद्दू, गाजर, टमाटर, पालक, आंवला और अमरूद जैसे मौसमी फलों एवं सब्ज़ियों का प्रयोग करना चाहिये। यदि खाने-पीने […]

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      शाकाहारियों में हृदयरोग, आघात का खतरा कम

      Rate this post शाकाहारी भोजन करने वालों में पाचन सम्बंधी गड़बड़ियां कम होती हैं और इसके साथ ही दिल की बीमारियों, मधुमेह और आघात का खतरा भी कम हो जाता है। वास्तव में पाचन क्रिया के ठीक न होने पर इन बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मांसाहार अपनाने वाले लोगों के शरीर में कमर […]

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      महिलाओं को सात घंटे और पुरुषों को छः घंटे सोना आवश्यक है

      Rate this post चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि नींद की कमी मनुष्य के जीवन पर बहुत अधिक नकारात्मक प्रभाव डालती है। लंदन में हुए हालिया शोध में इस बात का रहस्योद्घाटन किया गया है कि नींद न आना न केवल ध्यान में कमी और ग़लतियों का कारण बनता है बल्कि इससे काम करने की […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-10

      Rate this post क्या खाएं क्या न खाएं और किस प्रकार खाएं यह प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा का एक महत्त्वपूर्ण विषय है जिस पर प्राचीन चिकित्सा के हकीम विशेष रूप से ध्यान दिया करते थे और बहुत सी समस्या जैस जलवायु, आयु का बढ़ना आदि जो कि मनुष्य की क्षमता व शक्ति से बाहर हैं और […]

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      95- सूरए वत्तीन

      Rate this post 95- सूरए वत्तीन का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- इनजीर और ज़ैतून की क़सम। 2- और तूरे सीनीन की क़सम। 3- और इस अमन वाले शहर (मक्के) की क़सम। 4- कि हमने इंसान को बेहतरीन तक़वीम( शक्लो सूरत और अंदाज़े) मे पैदा किया। […]

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      113 सूरए फ़लक़

      Rate this post 113 सूरए फ़लक़ का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-ऐ रसूल कह दीजिए कि मैं सुबह के मालिक की पनाह चाहता हूँ। 2-जो कुछ भी पैदा किया गया है उसके शर(उप द्रव) से बचने के लिए 3-और अंधेरी रात के शर से (बचने के […]

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      109 सूरए काफ़िरून

      Rate this post 109 सूरए काफ़िरून का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-(ऐ रसूल) आप काफ़िरों से कह दीजिए। 2-मैं (उन बुतों) की इबादत नही कर सकता जिन की तुम इबादत करते हो। 3-और तुम उस (अल्लाह) की इबात नही कर सकते जिसकी मैं इबादत करता हूँ। […]

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      96- सूरए अलक़

      Rate this post 96- सूरए अलक़ का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- उस पालने वाले का नाम ले कर पढ़ो जिसने पैदा किया। 2- जिसने इंसान को जमे हुए खून से पैजदा किया। 3- पढ़ो तुम्हारा पालने वाला (अल्लाह) बड़ा करीम है। 4- जिसने क़लम के […]

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      97-सूरए क़द्र

      Rate this post 97-सूरए क़द्र का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- बेशक हमने उसको (क़ुरआन) क़द्र की रात मे नाज़िल किया। 2- और आप क्या जानों कि यह क़द्र की रात क्या है। 3- क़द्र की रात हज़ार महीनों से बेहतर है। 4- इस रात मे […]

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      92- सूरए लैल

      Rate this post 92- सूरए लैल का हिन्ही अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- रात की क़सम जब वह (दुनियाँ) को ढाँप ले। 2- और दिन की क़सम जब वह चमक जाये। 3- और उसकी क़सम जिसने मर्द और औरत को पैदा किया। 4- बेशक तुम्हारी कोशिशें […]

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      93- सूरए ज़ुहा

      Rate this post 93- सूरए ज़ुहा का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- एक पहर चढ़े दिन की क़सम। 2- और क़सम है रात की जब वह फैल जाये। 3- आपके पालने वाले ने न आपको छोड़ा है और न आपसे नाराज़ हुआ है। 4- और आखिरत(परलोक) […]

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      106 सूरए क़ुरैश

      Rate this post 106 सूरए क़ुरैश का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- (अबरहे और उसकी सेना का इस लिए विनाश किया गया) कि क़ुरैश को (इस मुक़द्दस ज़मीन अर्थात मक्के से) मुहब्बत हो जाये। 2- ताकि (इस मुहब्बत के कारण) वह सर्दी और गर्मी की उन […]

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      100 सूरए आदियात

      Rate this post 100 सूरए आदियात का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- तेज़ रफ़्तार दौड़ते हुए घोड़ों की क़सम। 2- जो टाप मार कर चिंगारियाँ उड़ाते हैं। 3- और सुबह के वक़्त हमला करते हैं। 4- फिर ग़ुबारे जंग उड़ाते हैं। 5- और दुशमन के लश्कर […]

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      91- सूरए शम्स

      Rate this post 91- सूरए शम्स का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- सूरज और उसकी रौशनी की क़सम। 2- और चाँद की क़सम जब वह उसके (सूरज) बाद आता है। 3- और दिन की क़सम जब वह रौशनी अता(प्रदान) करे। 4- और रात की क़सम जब […]

    •  कूरआन का आसान हिन्दी अनुवाद
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      कूरआन का आसान हिन्दी अनुवाद

      Rate this post अनुवादक  हाफिज नजर अहमद

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      111 सूरए मसद

      Rate this post 111 सूरए मसद का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-अबु लहब के दोनों हाथ टूट जायें और वह मर जाये। 2-उसके माल और कमाये हुए सामान ने उसे कोई फ़ायदा नही दिया। 3-वह जल्दी ही भड़कती हुई आग मे डाला जायेगा। 4-और उसकी पत्नी […]

    • 102 सूरए तकासुर
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      102 सूरए तकासुर

      102 सूरए तकासुर4 (80%) 1 vote[s] 102 सूरए तकासुर का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- तुम अधिक प्राप्ति और गर्व की होड़ मे व्यस्त हो गये (जिसने तुम्हें अल्लाह की याद से दूर कर दिया) 2- यहाँ तक कि तुम क़ब्रों पर गये (और अपने मुर्दों […]

    • 103 सूरए अस्र
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      103 सूरए अस्र

      103 सूरए अस्र4 (80%) 1 vote[s] 103 सूरए अस्र का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- समय की सौगंध। 2- पूरी मानवता घाटे मे है। 3- उन लोगों को छोड़ कर जिन्होंने ईमान लाने के बाद नेक काम किये और आपस मे एक दूसरे को हक़ और […]

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      सूरए हम्द का अनुवाद

      Rate this post बिस्मिल्ला हिर्रहमानिर्रहीम 1-शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम (दयालु और कृपालु) है। 2-सब तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं जो पूरी दुनियाँ का पालने वालाहै। 3- जो रहमान और रहीम (दयालु और कृपालु) है। 4- जो क़ियामत के दिन का मालिक है। 5-(ऐ अल्लाह) हम तेरी ही इबादत […]

    • 101 सूरए अल क़ारिआ
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      101 सूरए अल क़ारिआ

      101 सूरए अल क़ारिआ4 (80%) 1 vote[s] 101 सूरए अल क़ारिआ का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- खड़ खड़ाने वाली। 2- और कैसी खड़खड़ाने वाली। 3- और तुम्हें क्या जानों वह खड़ खड़ाने वाली क्या है। 4- जिस दिन लोग बिखरे हुए पतंगों(उड़ने वाले कीड़े) की […]

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      114 सूरए नास

      Rate this post 114 सूरए नास का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम (दयालु और कृपालु) है। 1-ऐ रसूल कह दीजिए कि मैं इंसानों के रब (अल्लाह)) की पनाह(शरण) चाहता हूँ। 2-जो तमाम लोग़ों का मालिक है। 3-जो सब इंसानों का माबूद(जिसकी इबादत की जाये) है। 4-छुप कर व […]

    • 105सूरए फ़ील
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      105सूरए फ़ील

      105सूरए फ़ील4 (80%) 1 vote[s] 105सूरए फ़ील का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-क्या तुमने नही देखा कि तुम्हारे पालने वाले (अल्लाह) ने हाथीयों वालों(अबरहे की वह फ़ौज जो हाथियों पर सवार हो कर खाना- ए- काबा को ढाने के लिए आयी थी) के साथ क्या किया? […]

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      78-सूरए नबा का अनुवाद

      Rate this post शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- यह लोग आपस में किस बात के बारे में सवाल कर रहे हैं। 2- बहुत बड़ी खबर के बारे में । 3- जिसके बारे में इन के बीच इख्तेलाफ़ है। 4- कुछ नही वह जल्दी ही जान लेंगे। 5- […]

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      80- सूरए अबस का अनुवाद

      Rate this post शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- उसने मुँह बिसूर लिया और पीठ फेर ली। 2- इस वजह से कि उनके पास एक अँधा आ गया। 3- और तुम्हे क्या मालूम कि शायद वह पाकीज़ा बन जाता। 4- या नसीहत हासिल कर लेता तो यह नसीहत […]

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      सूरए यूनुस, आयतें 39-44, (कार्यक्रम 333)

      Rate this post आइये अब सूरए यूनुस की आयत संख्या 39 और 40 की तिलावत सुनते हैं।بَلْ كَذَّبُوا بِمَا لَمْ يُحِيطُوا بِعِلْمِهِ وَلَمَّا يَأْتِهِمْ تَأْوِيلُهُ كَذَلِكَ كَذَّبَ الَّذِينَ مِنْ قَبْلِهِمْ فَانْظُرْ كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الظَّالِمِينَ (39) وَمِنْهُمْ مَنْ يُؤْمِنُ بِهِ وَمِنْهُمْ مَنْ لَا يُؤْمِنُ بِهِ وَرَبُّكَ أَعْلَمُ بِالْمُفْسِدِينَ (40)बल्कि काफ़िरों ने उस बात को झुठला […]

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      क़ुरआने करीम की अहमियत व मौक़ेईयत

      Rate this post इस वक्त क़ुरआन करीम ही एक आसमानी किताब है जो इन्सान की दस्तरस में है। नहजुल बलाग़ा में बीस से ज़ियादा ख़ुतबात हैं जिन में क़ुरआने मजीद का तआर्रुफ़ और उस की अहमियत व मौक़ेईयत बयान हुई है बाज़ औक़ात आधे से ज़्यादा खु़त्बे में क़ुरआने करीम की अहमियत, मुसलमानों की ज़िन्दगी […]

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      वलीद बिन मुग़ीरा का क़िस्सा

      Rate this post जिन लोगों को क़ुरआने मजीद ने चैलेंज किया था उसमें से एक वलीद बिन मुग़ीरा था जो उस ज़माने में अरब के दरमियान फ़िक्र व तदब्बुर के लिहाज़ से बहुत मशहूर था । एक दिन उसने पैग़म्बरे इस्लाम (स) से कहा कि क़ुरआन की चंद आयात पढ़िये, हुज़ूरे अकरम (स) ने सुर […]

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      सूरए ताहा, आयतें 37-42, (कार्यक्रम 549)

      Rate this post आइये पहले सूरए ताहा की 37वीं से लेकर 39वीं आयत तक की तिलावत सुनें। وَلَقَدْ مَنَنَّا عَلَيْكَ مَرَّةً أُخْرَى (37) إِذْ أَوْحَيْنَا إِلَى أُمِّكَ مَا يُوحَى (38) أَنِ اقْذِفِيهِ فِي التَّابُوتِ فَاقْذِفِيهِ فِي الْيَمِّ فَلْيُلْقِهِ الْيَمُّ بِالسَّاحِلِ يَأْخُذْهُ عَدُوٌّ لِي وَعَدُوٌّ لَهُ وَأَلْقَيْتُ عَلَيْكَ مَحَبَّةً مِنِّي وَلِتُصْنَعَ عَلَى عَيْنِي (39) और (हे […]

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      सूरए बक़रह; आयतें 211-214 (कार्यक्रम 63)

      Rate this post सूरए बक़रह की आयत नंबर २११ इस प्रकार है।سَلْ بَنِي إِسْرَائِيلَ كَمْ آَتَيْنَاهُمْ مِنْ آَيَةٍ بَيِّنَةٍ وَمَنْ يُبَدِّلْ نِعْمَةَ اللَّهِ مِنْ بَعْدِ مَا جَاءَتْهُ فَإِنَّ اللَّهَ شَدِيدُ الْعِقَابِ (211)(हे पैग़म्बर!) बनी इस्राईल से पूछिए कि हमने उन्हें कितनी खुली हुई निशानियां दीं (और उनसे कह दीजिए कि) जो ईश्वर की विभूति को […]

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      सूरए हज, आयतें 1-6, (कार्यक्रम 591)

      Rate this post आइये पहले सूरए हज की पहली और दूसरी आयतों की तिलावत सुनें। بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ يَا أَيُّهَا النَّاسُ اتَّقُوا رَبَّكُمْ إِنَّ زَلْزَلَةَ السَّاعَةِ شَيْءٌ عَظِيمٌ (1) يَوْمَ تَرَوْنَهَا تَذْهَلُ كُلُّ مُرْضِعَةٍ عَمَّا أَرْضَعَتْ وَتَضَعُ كُلُّ ذَاتِ حَمْلٍ حَمْلَهَا وَتَرَى النَّاسَ سُكَارَى وَمَا هُمْ بِسُكَارَى وَلَكِنَّ عَذَابَ اللَّهِ شَدِيدٌ (2) अल्लाह के […]

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      सूरए आराफ़, आयतें 53-56, (कार्यक्रम 244)

      Rate this post आइये सूरए आराफ़ की आयत संख्या 53 की तिलावत सुनते हैंهَلْ يَنْظُرُونَ إِلَّا تَأْوِيلَهُ يَوْمَ يَأْتِي تَأْوِيلُهُ يَقُولُ الَّذِينَ نَسُوهُ مِنْ قَبْلُ قَدْ جَاءَتْ رُسُلُ رَبِّنَا بِالْحَقِّ فَهَلْ لَنَا مِنْ شُفَعَاءَ فَيَشْفَعُوا لَنَا أَوْ نُرَدُّ فَنَعْمَلَ غَيْرَ الَّذِي كُنَّا نَعْمَلُ قَدْ خَسِرُوا أَنْفُسَهُمْ وَضَلَّ عَنْهُمْ مَا كَانُوا يَفْتَرُونَ (53)क्या ये लोग ईश्वरीय […]

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      सूरए आले इमरान; आयतें १८३-१८६ (कार्यक्रम 114)

      Rate this post आइए पहले सूरए आले इमरान की १८३वीं आयत की तिलावत सुनते हैं।الَّذِينَ قَالُوا إِنَّ اللَّهَ عَهِدَ إِلَيْنَا أَلَّا نُؤْمِنَ لِرَسُولٍ حَتَّى يَأْتِيَنَا بِقُرْبَانٍ تَأْكُلُهُ النَّارُ قُلْ قَدْ جَاءَكُمْ رُسُلٌ مِنْ قَبْلِي بِالْبَيِّنَاتِ وَبِالَّذِي قُلْتُمْ فَلِمَ قَتَلْتُمُوهُمْ إِنْ كُنْتُمْ صَادِقِينَ (183)वही लोग जिन्होंने कहा कि ईश्वर ने हमसे वचन लिया है कि हम […]

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      सूरए हज, आयतें 7-11, (कार्यक्रम 592)

      Rate this post आइये पहले सूरए हज की सातवीं आयत की तिलावत सुनें। وَأَنَّ السَّاعَةَ آَتِيَةٌ لَا رَيْبَ فِيهَا وَأَنَّ اللَّهَ يَبْعَثُ مَنْ فِي الْقُبُورِ (7) और यह कि प्रलय की घड़ी आने वाली है कि जिसमें कोई सन्देह नहीं है। और ईश्वर उन सभी को (जीवित करके) उठाएगा जो क़ब्रों में है। (22:7) इससे […]

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      सूरए निसा; आयतें 100-103 (कार्यक्रम 145)

      Rate this post आइए पहले सूरए निसा की आयत संख्या 100 की तिलावत सुनते हैं।وَمَنْ يُهَاجِرْ فِي سَبِيلِ اللَّهِ يَجِدْ فِي الْأَرْضِ مُرَاغَمًا كَثِيرًا وَسَعَةً وَمَنْ يَخْرُجْ مِنْ بَيْتِهِ مُهَاجِرًا إِلَى اللَّهِ وَرَسُولِهِ ثُمَّ يُدْرِكْهُ الْمَوْتُ فَقَدْ وَقَعَ أَجْرُهُ عَلَى اللَّهِ وَكَانَ اللَّهُ غَفُورًا رَحِيمًا (100)और जो कोई अपने धर्म की रक्षा के लिए ईश्वर […]

    •  सूरए नूर, आयतें 53-57, (कार्यक्रम 636)
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      सूरए नूर, आयतें 53-57, (कार्यक्रम 636)

      Rate this post وَأَقْسَمُوا بِاللَّهِ جَهْدَ أَيْمَانِهِمْ لَئِنْ أَمَرْتَهُمْ لَيَخْرُجُنَّ قُلْ لَا تُقْسِمُوا طَاعَةٌ مَعْرُوفَةٌ إِنَّ اللَّهَ خَبِيرٌ بِمَا تَعْمَلُونَ (53) قُلْ أَطِيعُوا اللَّهَ وَأَطِيعُوا الرَّسُولَ فَإِنْ تَوَلَّوْا فَإِنَّمَا عَلَيْهِ مَا حُمِّلَ وَعَلَيْكُمْ مَا حُمِّلْتُمْ وَإِنْ تُطِيعُوهُ تَهْتَدُوا وَمَا عَلَى الرَّسُولِ إِلَّا الْبَلَاغُ الْمُبِينُ (54) और उन्होंने अल्लाह की कड़ी क़सम खाई कि यदि आप […]

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      सूरए नहल, आयतें 30-34, (कार्यक्रम 450)

      Rate this post आइये पहले सूरए नहल की आयत नंबर 30 और 31 की तिलावत सुनें।وَقِيلَ لِلَّذِينَ اتَّقَوْا مَاذَا أَنْزَلَ رَبُّكُمْ قَالُوا خَيْرًا لِلَّذِينَ أَحْسَنُوا فِي هَذِهِ الدُّنْيَا حَسَنَةٌ وَلَدَارُ الْآَخِرَةِ خَيْرٌ وَلَنِعْمَ دَارُ الْمُتَّقِينَ (30) جَنَّاتُ عَدْنٍ يَدْخُلُونَهَا تَجْرِي مِنْ تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ لَهُمْ فِيهَا مَا يَشَاءُونَ كَذَلِكَ يَجْزِي اللَّهُ الْمُتَّقِينَ (31)और जब ईश्वर से […]

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      सूरए अम्बिया, आयतें 109-112, (कार्यक्रम 590)

      Rate this post आइये पहले सूरए अम्बिया की 109वीं आयत की तिलावत सुनें। فَإِنْ تَوَلَّوْا فَقُلْ آَذَنْتُكُمْ عَلَى سَوَاءٍ وَإِنْ أَدْرِي أَقَرِيبٌ أَمْ بَعِيدٌ مَا تُوعَدُونَ (109) तो (हे पैग़म्बर!) यदि वे (आपके निमंत्रण से) मुँह मोड़ लें तो (उनसे) कह दीजिए कि मैंने तुम सबको समान रूप से सचेत कर दिया है और मुझे […]

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      सूरए हज, आयतें 12-16, (कार्यक्रम 593)

      Rate this post आइये पहले सूरए हज की बारहवीं और तेरहवीं आयतों की तिलावत सुनें। يَدْعُو مِنْ دُونِ اللَّهِ مَا لَا يَضُرُّهُ وَمَا لَا يَنْفَعُهُ ذَلِكَ هُوَ الضَّلَالُ الْبَعِيدُ (12) يَدْعُو لَمَنْ ضَرُّهُ أَقْرَبُ مِنْ نَفْعِهِ لَبِئْسَ الْمَوْلَى وَلَبِئْسَ الْعَشِيرُ (13) वह ईश्वर को छोड़ कर उस (वस्तु) को पुकारता है जो न तो उसे […]

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      सूरए इसरा, आयतें 60-63, (कार्यक्रम 491)

      Rate this post आइये पहले सूरए इसरा की आयत नंबर 60 की तिलावत सुनें। وَإِذْ قُلْنَا لَكَ إِنَّ رَبَّكَ أَحَاطَ بِالنَّاسِ وَمَا جَعَلْنَا الرُّؤْيَا الَّتِي أَرَيْنَاكَ إِلَّا فِتْنَةً لِلنَّاسِ وَالشَّجَرَةَ الْمَلْعُونَةَ فِي الْقُرْآَنِ وَنُخَوِّفُهُمْ فَمَا يَزِيدُهُمْ إِلَّا طُغْيَانًا كَبِيرًا (60) और जब हमने आपसे कहा कि निश्चित रूप से आपका पालनहार लोगों के बारे में […]

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      क़ुरआने मजीद में जर्य और इंतेबाक़

      Rate this post इस बात के पेशे नज़र कि क़ुरआने मजीद एक ऐसी किताब है जो सब के लिये और हमेशा बाक़ी रहने वाली है और उस की छुपी हुई बातें भी ज़ाहिर बातों की तरह जारी हैं और मुस्तक़बिल और माज़ी के साथ भी ज़मान ए हाल की तरह से हैं। जैसे एक किताब […]

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      सूरए यूसुफ़, आयतें 107-109, (कार्यक्रम 403)

      Rate this post आइये अब सूरए यूसुफ़ की आयत संख्या 107 की तिलावत सुनते हैं।أَفَأَمِنُوا أَنْ تَأْتِيَهُمْ غَاشِيَةٌ مِنْ عَذَابِ اللَّهِ أَوْ تَأْتِيَهُمُ السَّاعَةُ بَغْتَةً وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَ (107)क्या(जो लोग ईमान नहीं लाते) वे इस बात से सुरक्षित हैं कि ईश्वरीय दंड उन्हें आ पकड़े? या प्रलय सहसा ही उनके सामने आ जाए और उन्हें […]

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      भूमिका, सूरए हम्द आयत १ (कार्यक्रम 1)

      Rate this post   हमें ज्ञात है कि वर्तमान विकसित और औद्योगिक जगत में जो वस्तु भी बनाई जाती है उसके साथ उसे बनाने वाली कंपनी द्वारा एक पुस्तिका भी दी जाती है जिसमें उस वस्तु की तकनीकी विशेषताओं और उसके सही प्रयोग की शैली का उल्लेख होता है। इसके साथ ही उसमें उन बातों […]

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      सूरए हूद, आयतें 119-123, (कार्यक्रम 373)

      Rate this post आइये अब सूरए हूद की आयत संख्या एक सौ उन्नीस की तिलावत सुनते हैं।إِلَّا مَنْ رَحِمَ رَبُّكَ وَلِذَلِكَ خَلَقَهُمْ وَتَمَّتْ كَلِمَةُ رَبِّكَ لَأَمْلَأَنَّ جَهَنَّمَ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ أَجْمَعِينَ (119)सिवाय उन लोगों के जिन पर तुम्हारे पालनहार ने दया की और (दया की) इसी स्वीकृति) के कारण ईश्वर ने उनकी रचना की और […]

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      सूरए यूनुस, आयतें 15-18, (कार्यक्रम 328)

      Rate this post आइये पहले सूरए यूनुस की आयत संख्या 15 की तिलावत सुनते हैं।وَإِذَا تُتْلَى عَلَيْهِمْ آَيَاتُنَا بَيِّنَاتٍ قَالَ الَّذِينَ لَا يَرْجُونَ لِقَاءَنَا ائْتِ بِقُرْآَنٍ غَيْرِ هَذَا أَوْ بَدِّلْهُ قُلْ مَا يَكُونُ لِي أَنْ أُبَدِّلَهُ مِنْ تِلْقَاءِ نَفْسِي إِنْ أَتَّبِعُ إِلَّا مَا يُوحَى إِلَيَّ إِنِّي أَخَافُ إِنْ عَصَيْتُ رَبِّي عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍ (15)और जब […]

    •  आदर्श जीवन शैली -10
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      आदर्श जीवन शैली -10

      Rate this post व्यायाम एवं खेलकूद के महत्व स्वस्थ मनोरंजन एवं ख़ाली समय को भरने के लिए इस्लाम व्यायाम एवं खेलकूद की सिफ़ारिश करता है। आप एक दिन में या एक सप्ताह में या एक महीने में अपना कितना समय व्यायाम एवं खेलकूद में बिताते हैं? दुर्भाग्यवश हमारा आधुनिक जीवन कुछ इस प्रकार का है […]

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      नाई और रंगरेज़-3

      Rate this post पिछली कड़ी में हमने आपको बताया था सिकंदरिया नगर में दो मित्र अबूक़ीर रंगरेज़ और अबूसीर नाई रहते थे। अबूक़ीर एक धोकेबाज़ व झूठा आदमी था। किन्तु अबूसीर सुशील एवं सच्चा व्यक्ति था। बाज़ार में मंदी के कारण वे दोनों एक दूसरे शहर चले गए। यात्रा के दौरान अबूक़ीर खाता और सोता […]

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      औरत इस्लाम की नज़र में (2)

      Rate this post इस्लाम इन्सान को मानवता, इन्सानियत, उसकी असलियत और आध्यात्मिकता की चोटी तक पहुँचाता है इसलिये इस्लाम की नज़र में मर्द और औरत में कोई अन्तर नहीं है। इस्लाम में मर्द होने या औरत होने की कोई हैसियत नहीं है बल्कि अस्ल हैसियत इन्सानियत की है। इस्लाम कभी मर्दों को सराहता है और […]

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      शन्ज़बे

      Rate this post शन्ज़बे नामक गाय अपने कारवां से बिछड़ कर एक हरे भरे कछार पर पहुंच गयी और वहीं रहने लगी। शन्ज़बे को दिमने नामक एक गीदड़ ने जो बहुत ही बुद्धिमान व महत्वकांक्षी था, शेर से शन्ज़बे का परिचय कराया और यह परिचय उन दोनों के बीच गहरी मित्रता का आधार बनी यहां […]

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      इमामे ज़माना (अ.ज) की मदद करने वाली आठ औरतें।

      Rate this post इमामे ज़माना (अ.ज) की मदद करने वाली औरतों का तीसरा समूह उन औरतों पर आधारित हैं जिन्हें हज़रत हुज्जत (अ.ज) के ज़ुहूर की बरकत से दोबारा ज़िंदा किया जाएगा। इमामे ज़माना के ज़ुहूर और फिर हुकूमत के दौरान बहुत सी औरतें आपकी मदद करेंगी, हालांकि रिवायतों में इमामे ज़माना की सेवा करने […]

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      पहला हिस्सा-नमाज़ की अहमियत

      Rate this post 1-नमाज़ सभी उम्मतों मे मौजूद थी हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स. अ.) से पहले हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की शरीअत मे भी नमाज़ मौजूद थी। क़ुरआन मे इस बात का ज़िक्र सूरए मरियम की 31 वी आयत मे मौजूद है कि हज़रत ईसा (अ.स.) ने कहा कि अल्लाह ने मुझे नमाज़ के लिए वसीयत […]

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      बुद्विमान मित्र

      Rate this post प्रस्तुत है फ़ार्सी भाषा की कहावत पर आधारित कहानी। आज की कहावत है। “दूस्ती बा मरदुम दाना नेकूस्त” कहते हैं कि एक बुद्विमानी व्यक्ति अपने घोड़े पर सवार कहीं जा रहा था। रास्ते में उसने एक हराभरा क्षेत्र देखा। उस स्थान को देखकर उसने स्वयं से कहा कि उचित होगा कि वह […]

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      सजना सवंरना दीन की निगाह में

      Rate this post आजकल बहुत कम ऐसे लोग मिलेंगें जो घर से निकलते टाइम एक निगाह आइने पर न करते हों, कपड़ों का सेट होना, ज़ाहिरी हुलिया का आम लोगों की बीच जाते समय ठीक ठाक करना एक आदत और आम चलन बन गया है और इस मसले मे बच्चे- बूढ़े,मर्द-औरत,अमीर-ग़रीब के बीच कोइ अंतर […]

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      शहीद ईरानी महिलाएं

      Rate this post यदि आप पत्रिकाओं या वैबसाइटों पर नज़र डालेंगे तो निश्चित रूप से उन पर महिलाओं के चित्र पायेंगे। पत्रिकाओं की अधिक से अधिक प्रत्रितायां बेचने या फिर इंटरनेट और टीवी पर वस्तुओं के विज्ञापन हेतु महिलाओं एवं उनके चित्रों का प्रयोग किया जाता है। अकसर हम विश्व की सबसे अधिक सुन्दर महिला, […]

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      चालाक लोमड़ी

      Rate this post किसी समय एक गिद्ध और एक लोमड़ी में मित्रता हो गई। एक दिन लोमड़ी ने, जो लोगों को बहुत अधिक यातनाएं देती थी और बड़ी धूर्त थी, गिद्ध से कहा कि हे मेरे मित्र! तुम सदैव आसमान में उड़ते रहते हो और बादलों के अतिरिक्त किसी चीज़ को नहीं देखते। आओ मेरी […]

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      पक्षियों का राजा

      Rate this post पुराने समय की बात है, एक मोर जंगल से बाहर निकला और उस मार्ग पर चल पड़ा जो झील की ओर जाता था। उसने झील तक पहुंचने के लिए सुन्दर फूलों और वृक्षों से सजे रास्ते को तय किया। मोर ने जब पानी में स्वयं को देखा तो आश्चर्य चकित रह गया। […]

    •  परिवार का गठन
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      परिवार का गठन

      Rate this post अगर आपको याद हो तो पिछले कार्यक्रम में हमने कहा था कि ईश्वरीय धर्म इस्लाम की दृष्टि में परिवार का गठन बहुत महत्व रखता है। जनसंख्या की दृष्टि से यद्यपि परिवार बहुत छोटा समाज है परंतु एक अच्छे समाज के गठन के लिए इस्लाम ने परिवार के गठन पर विशेष ध्यान दिया […]

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      चौथा हिस्सा – नमाज़ के तरबीयती पहलू

      Rate this post 47-नमाज़ और तबीअत (प्रकृति) नमाज़ फ़क़त एक क़लबी (दिली) राबते का नाम नही है। बल्कि यह एक ऐसा अमल है जो लोगों के साथ मिल कर तबीअत(प्रकृति) से फ़ायदा हासिल करते हुए अंजाम दिया जाता है। जैसे नमाज़ के वक़्त को जानने के लिए आसमान की तरफ़ देखना चाहिए। क़िबले की सिम्त […]

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      कौआ और साँप

      Rate this post सुदूर क्षेत्र में स्थित एक जंगल में एक पेड़ पर एक कौआ रहता था। उसे ऐसा दुख था जिससे वह छुटकारानहीं पा रहा था। कौए के घोसले के निकट एक बड़ा सा साँप भी रहता था। कौआ जब भी अंडा देता और उससे बच्चा निकलता, दुष्ट साँप इस अवसर की ताक में […]

    •  एक दूसरे की अवगुणों को छिपाना
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      एक दूसरे की अवगुणों को छिपाना

      Rate this post यह बात अत्यंत आवश्यक है कि पति-पत्नी, अच्छी समझ-बूझ के लिए संयुक्त जीवन से बाहर एक दूसरे की बातों और रहस्यों को बयान न करें क्योंकि जीवन साथी की बातें दूसरों से बयान करने के बड़े नकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। राज़ या रहस्य का अर्थ होता है वह बात जो दिल […]

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      लोमड़ी और चक्कीबान – 2

      Rate this post हमने बताया था कि एक लोमड़ी आटे की चक्की पर चोरी करते पकड़ी गयी और जब उसने अपनी जान खतरे में देखी तो चक्की के मालिक से कहा कि यदि वह उसे छोड़ दे तो वह अपनी गलती सुधारेगी और उसका भला करेगी। लोमड़ी ने योजना बनायी और चक्की के मालिक को […]

    •  आदर्श जीवन शैली – 3
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      आदर्श जीवन शैली – 3

      Rate this post समय के महत्व उद्देश्य के निर्धारण और योजना के बाद, लक्ष्य तक पहुंचने के लिए योजना बनाना और गंभीरता के साथ प्रयास करते रहना भी अति आवश्यक है किंतु एक अन्य महत्वपूर्ण विषय, समय से सही लाभ उठाना भी है। यद्यपि लक्ष्यों के निर्धारण, उन्हें चरणबद्ध करना, मनुष्य को समय से सही […]

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      मैं सबसे ख़ूबसूरत हूँ!

      Rate this post ख़ूबसूरती अल्लाह की दी हुई ख़ूबसूरत नेमतों में से एक नेमत है। वैसे वास्तव में अगर देखा जाए तो पूरा संसार ही अपनी जगह पर ख़ूबसूरत है और जिस चीज़ पर भी आप नज़र डालें वह अपनी कुछ ख़ास विशेषताओं के आधार पर अपनी जगह एक ख़ूबसूरती रखती है। क्योंकि अल्लाह जमील […]

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      छंटवा हिस्सा – नमाज़ के आदाब

      Rate this post 108- नमाज़ और लिबास रिवायात मे मिलता है कि आइम्मा-ए-मासूमीन अलैहिमुस्सलाम नमाज़ का लिबास अलग रखते थे। और अल्लाह की खिदमत मे शरफ़याब होने के लिए खास तौर पर ईद व जुमे की नमाज़ के वक़्त खास लिबास पहनते थे। बारिश के लिए पढ़ी जाने वाली नमाज़ (नमाज़े इस्तसक़ा) के लिए ताकीद […]

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      नाई और रंगरेज़-2

      Rate this post मिस्र के इस्कंदरिया नगर में अबू क़ीर और अबू सीर नामक दो व्यक्ति रहा करते थे जो एक दूसरे के मित्र थे। अबू क़ीर रंगरेज़ और अबू सीर नाई था। अबू क़ीर झूठा और धोखेबाज़ था जबकि अबू सीर सच्चा व्यक्ति था। मंडी में आने वाली मंदी के कारण दोनों ने निर्णय […]

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      कर्बला में ज़िंदा बच जाने वाले लोग

      Rate this post सवाल 10- क्या कर्बला में मौजूद लोगों में से इमाम सज्जाद अ. के अलावा कोई और इंसान ज़िन्दा बचा था या नहीं? इतिहास की किताबों के पढ़ने से कुछ लोगों के ज़िन्दा बाक़ी रह जाने की बात कही जा सकती है, हम दो हिस्सों 1. बनी हाशिम 2. दूसरे असहाब के संदर्भ में […]

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      हुसैनी आंदोलन-3

      Rate this post दसवीं मोहर्रम की घटना, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का आंदोलन, उनका चेहलुम और अन्य धार्मिक अवसर इस्लामी इतिहास का वह महत्वपूर्ण मोड़ हैं जहां सत्य और असत्य का अंतर खुलकर सामने आ जाता है। इमाम हुसैन के बलिदान से इस्लाम धर्म को नया जीवन मिला और तथा इस ईश्वरीय धर्म के प्रकाशमान दीप […]

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      करबला – दरसे इंसानियत

      Rate this post उफ़ुक़ पर मुहर्रम का चाँद नुमुदार होते ही दिल महज़ून व मग़मूम हो जाता है। ज़ेहनों में शोहदा ए करबला की याद ताज़ा हो जाती है और इस याद का इस्तिक़बाल अश्क़ों की नमी से होता है जो धीरे धीरे आशूरा के क़रीब सैले रवाँ में तबदील हो जाती है। उसके बाद […]

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      अमर आंदोलन-११

      Rate this post   आज दस मुहर्रम है।  न्याय और मानवता के सूखते चमन को हुसैन आज सवेरे से ही सींच रहे हैं।  सुबह की नमाज़ के समय से ही यज़ीदी सेना तीर बरसा रही थी।  हुसैन के कई साथी तो नमाज़ियों की सुरक्षा करते हुए ही शहीद हो चुके थे।  फिर पैग़म्बरे इस्लाम का […]

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      ख़ून की विजय – 6

      Rate this post धर्म, कलात्मक दृश्यों एवं चरित्रों का प्रेरणा स्रोत है और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कलाकार को धार्मिक घटना की पुनः प्रस्तुति के लिए प्रेरित करता है। इस प्रभाव के उदाहरण को कर्बला की घटना एवं इमाम हुसैन (अ) और उनके 72 साथियों की शहादत की घटना से प्रभावित कला प्रवृत्ति में […]

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      कूफ़ियों का विश्वासघात

      Rate this post सवाल 7: कूफ़ियों नें बड़ी अक़ीदत, श्रृद्धा और गर्मजोशी के साथ इमाम हुसैन अ. को बुलाने के बावजूद क्यों आपकी मदद नहीं की बल्कि आपसे लड़ने को तय्यार हो गए? इस सवाल का जवाब दो और सवालों के विस्तारपूर्वक जवाब पर निर्भर है। सवाल 1: कूफ़ियों के ख़त लिखने और बड़े स्तर पर इमाम […]

    •  शबे आशूर के आमाल
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      शबे आशूर के आमाल

      Rate this post यह शब शबे आशूर अर्थात नौ मुहर्रम की रात है। इस रात की बहुत सी महत्वपूर्ण नमाज़ें और दुआऐं बयान हुई हैं। उनमें से एक, सौ रकअत नमाज़ है, जो इस रात पढ़ी जाती है उसकी हर रकअत में सूरए हम्द के बाद तीन बार सूरए तौहीद पढ़े और नमाज़ समाप्त करने […]

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      ख़ून की विजय – 2

      Rate this post मोहर्रम का महीना इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के आंदोलन की याद दिलाता है। कर्बला के मैदान में हुसैनी आंदोलन सदैव के लिए अमर हो गया। हो सकता है कि आपके मन में यह प्रश्न उठे कि पैग़म्बरे इस्लाम के स्वर्गवास के पचास वर्ष बाद की कम अवधि में इस्लामी समाज कहां पहुंच गया […]

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      अमर आंदोलन-१०

      Rate this post इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने २ मुहर्रम सन ६१ हिजरी को करबला मे क़दम रखा था और समय बीतने के साथ ही साथ वे अपने लक्ष्य को संसार के सामने स्पष्ट करते जा रहे थे।  प्रचार और प्रसार माध्यम के रूप में केवल इमाम हुसैन के वे साथी थे जो अपने पत्रों को […]

    •  आशूरा के आमाल
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      आशूरा के आमाल

      Rate this post रोज़े आशूरा मुहम्मद और आले मुहम्मद (स.अ.) पर मुसीबत का दिन है। आशूर के दिन इमाम हुसैन अ. ने इस्लाम को बचाने के लिए अपना भरा घर और अपने साथियों को ख़ुदा की राह में क़ुर्बान कर दिया है, हमारे आइम्मा-ए-मासूमीन अ. ने इस दिन को रोने और शोक मनाने से विशेष […]

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      चेहलुम का विशेष कार्यक्रम

      Rate this post आज हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहलुम का दिन है। आज का दिन उनके ऐतिहासिक आंदोलन के महान व उच्च लक्ष्यों के बारे में सोचने और उन्हें अच्छी तरह समझने का बेहतरीन अवसर है। एतिहासिक प्रमाणों के दृष्टिगत कहा जा सकता है कि हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का आंदोलन उन आंदोलनों में […]

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      आशूरा- वास्तुकला

      Rate this post इस कार्यक्रम में हम कर्बला, इमाम हुसैन (अ) और उनके साथियों की शहादत की याद में निर्माण किए जाने वाले पवित्र स्थलों जैसे कि इमाम बाड़ा और सक्क़ा ख़ाने अर्थात प्याऊ का विवरण पेश करेंगे। समाज, परिवार और जलवायु परिस्थितियों की भांति धर्म भी मनुष्य की जीवन शैली को प्रभावित करता है। […]

    •  कर्बला में औरतों की भूमिका
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      कर्बला में औरतों की भूमिका

      Rate this post कर्बला वालों की शहादत और रसूले इस्लाम स.अ के अहलेबैत को बंदी बनाये जाने के दौरान औरतों ने अपनी व़फादारी, त्याग व बलिदान द्वारा इस्लामी आंदोलन में वह रंग भरे हैं जिनकी अहमियत का अनुमान लगाना भी मुश्किल है। बाप, भाई, पति और कलेजे के टुकड़ों को इस्लाम व कुरआन की बक़ा […]

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      ख़ून की विजय – 4

      Rate this post इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम प्रत्येक अवसर पर लोगों का मार्गदर्शन करते और मायामोह व अंधकार में डूबे लोगों को जागरुक बनाते रहते थे। यही कारण है कि जब यज़ीदी सेना के एक सेनापति हुर ने उनका रास्ता रोका और उनसे कहा कि वे कूफ़ा नगर नहीं जा सकते तो इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने […]

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      ख़ून की विजय – 7

      Rate this post नवीं मोहर्रम सन 61 हिजरी क़मरी का दिन था जो तासूआ के नाम से जाना जाता है। इस दिन दोपहर हो चुकी थी और सूरज धीरे धीरे ढल रहा था। ख़ूंख़ार शत्रु ने कर्बला के मरुस्थल में अपनी गतिविधियां तेज़ कर दी थी और ऐसा लग रहा था कि किसी भी पल […]

    • यज़ीद की तौबा की सच्चाई
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      यज़ीद की तौबा की सच्चाई

      यज़ीद की तौबा की सच्चाई5 (100%) 1 vote[s] सवाल 12. क्या यज़ीद नें तौबा की और क्या वास्तव में ऐसे आदमी की तौबा क़ुबूल हो सकती है? इस सवाल सा जवाब इतिहासिक और एतेक़ादी (आस्था व विश्वास से सम्बंधित) दो हिस्सों से सम्बंधित है और सवाल का दूसरा हिस्सा निर्भर है कुछ सवालों के जवाब पर […]

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      इमाम हुसैन अ. के सहाबी

      Rate this post स) वह शहीद जिनका सम्बंध ह़ज़रत इमाम अली (अ.स) से हैं। 9, उबैदुल्लाह इब्ने अली (अ स) तबरी ने आपकी मां का नाम लैला बिन्ते मसऊद नहली उल्लेख किया है और लिखा है हेशाम इब्ने मुह़म्मद के गुमान से आप तफ़ में शहीद हुए। (1) अबुलफ़रज ने भी अबुबक्र इब्ने उबैदुल्लाह तलह़ी […]

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      अमर आंदोलन-७

      Rate this post छह मुहर्रम को हमने कर्बला के जिस शहीद की याद मनाने के लिए विशेष किया है वह क़ासिम इब्ने हसन हैं।  कर्बला में इमाम हसन अलैहिस्सलाम के कई बेटे शहीद हुए हैं।  हज़रत क़ासिम भी उन्हीं में से एक हैं।  हज़रत क़ासिम और उनकी माता का परिचय प्राप्त करने हेतु हमे इमाम […]

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      ख़ून की विजय – 8

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      मुआविया के युग में आंदोलन न करना

      Rate this post सवाल-1- इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम ने मुआविया के युग में आंदोलन (उठ खड़े होने) के लिए कोई क़दम क्यों नहीं उठाया? इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम की ग्यारह साला इमामत की अवधि में (49 से 60 हिजरी तक) जिसमें मुआविया हुकूमत कर रहा था, आपके और उसके बीच बहुत ज़्यादा तनाव था जिनमें से कुछ अवसरों को इमाम […]

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      आईये फ़ारसी सीखें-27

      Rate this post आज के कार्यक्रम में हम आपको एक सक्रिय ईरानी युवा से परिचित कराना चाहते हैं। हुसैन अहमदी एक सफल व मेहनती युवा हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है और अन्य देशों को सूखे फल निर्यात करने का काम करते हैं। श्री महदी अलवी उनके भागीदार है जिन्होंने उद्योग के क्षेत्र में […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 20

      Rate this post दो मित्र मुहम्मद और रामीन बाज़ार की मस्जिद में पवित्र क़ुरआन को सजाने और उसको प्रदीप्त करने के बारे में बात कर रहे हैं। मुहम्मद मस्जिद में रखे सुन्दर मिंबर की ओर जाता है। लकड़ी की बनी सीढ़ीदार व ऊंची कुर्सी को मिंबर कहते हैं। मिंबर में लगभग चार से पांच सीढ़ीयां […]

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      आइये फारसी सीखें – 61

      Rate this post तज़हीब अर्थात सोने से लिखना या चित्र बनाना सुलेखन से संबंधित ही एक कला है तथा अनेक स्थानों पर इन दोनों का प्रयोग एक साथ ही होता है। तज़हीब का शाब्दिक अर्थ है सोने का काम, कि जो ख़ूबसूरत एवं सुन्दर चित्रों का संग्रह होता है। कलाकार धार्मिक ग्रंथो, ऐतिहासिक पुस्तकों, साहित्यिक […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-14

      Rate this post मुहम्मद अपने किसी मित्र से मिलने तेहरान में स्थित एक दूतावास गया है। उन्होंने कुछ समय तक आपस में वार्ता की। बाद में श्री कमाल भी उनमें बढ़ गए। कमाल एक युवा हैं जो धाराप्रवाह फ़ार्सी बोलता है। वह लेबनान वासी हैं। मुहम्मद और कमाल आपस में विभिन्न विषयों पर वार्ता करते […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 38

      Rate this post आज के कार्यक्रम और अगली कुछ कड़ियों में आपको ईरान के पड़ोसी देशों से परिचित कराएंगे। आज की चर्चा में हम ईरान के दो पड़ोसी देश तुर्की और आज़रबाइजान की ओर संकेत करेंगे। तुर्की ईरान के पश्चिमोत्तर में स्थित है और दोनों देशों के बीच व्यापक सांस्कृतिक व आर्थिक संबंध हैं और […]

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      आइए फ़ार्सी सीखें – 45

      Rate this post सिल्क रोड बहुत ही प्राचीन मार्ग है जो कई देशों से होकर गुज़रता है तथा इसने विभिन्न देशों के मध्य आर्थिक तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भूमिका प्रशस्त की है।  सिल्क रोड का एक भाग चीन को भारत से और भारत को पूर्वी अफ़्रीक़ा से मिलाता है।  इस मार्ग पर बहुत सी एतिहासिक […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 35

      Rate this post आज के कार्यक्रम में हम विदेश में ईरान के सांस्कृतिक विचार विमर्श केन्द्र से संबंधित ईरान की गतिविधियों के कुछ भागों से परिचित होंगे। वास्तव में ईरान का सांस्कृतिक विचार विमर्श केन्द्र, इस्लामी संपर्क व सांस्कृतिक संगठन से संबंधित संस्था है और ईरान से बाहर संस्कृति के क्षेत्र में अपनी मूल्यवान गतिविधियां […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 30

      Rate this post ईरान की इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी की एक विशेषता यह भी थी कि वे लोगों की समस्याओं पर बहुत अधिक ध्यान देते थे और ईरान व विश्व की सामयिक घटनाओं से अवगत रहते थे। उन्हें ईरान पर शासन करने वाली शाही सरकार के अत्याचारों से बहुत अधिक दुख होता […]

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      आइये फ़ारसी सीखे 73

      Rate this post ईरान के दो पड़ोसी देश तुर्की और आज़रबाइजान तुर्की ईरान के पश्चिमोत्तर में स्थित है और दोनों देशों के बीच व्यापक सांस्कृतिक व आर्थिक संबंध हैं और दोनों देशों की जनता मुसलमान है। तुर्की की जनता तुर्की इस्तांबुली और आज़रबाइजान की जनता तुर्की आज़री में बात करती है। ईरान के पश्चिमोत्तरी इलाक़े […]

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      आइये फ़ारसी सीखे – 75

      Rate this post कार्यक्रम में हवाई मार्गों तथा ईरान में उड़ान की स्थिति की चर्चा करेंगे। वर्ष १९२३ में ईरानी युवाओं का एक गुट विमान चलाने का प्रशिक्षण लेने के लिए रूस और फ़्रांस गया था। ईरान मे जहाज़ के पहले कारख़ाने ने १९३५ में अपना कार्य आरंभ किया। उसके बाद वर्ष १९३८ में आधिकारिक […]

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      ईरान में ज्ञान आंदोलन-1

      Rate this post ईरान में ज्ञान आंदोलन 12 साल से जारी है और इसके परिणाम स्वरूप ईरान ने ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति की है और यदि यह गति इसी प्रकार जारी रही तो ईरान का नाम वैज्ञानिक उपलब्धियों और नई खोज के क्षेत्र में विश्व स्तर पर चौथे नंबर पर […]

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      आइये फारसी सीखें – 56

      Rate this post पवित्र रमज़ान के महीने में रोज़ा रखने वाला ईश्वर का अतिथि होता है। इस मेहमानी में ईश्वरीय कृपा व विभूतियों की वर्षा होती है और यह कल्याण के इच्छुक लोगों के मन में गहरा परिवर्तन लाती है। पवित्र रमज़ान में मुसलमान तड़के से सूर्यास्त तक खाने-पीने सहित कुछ दूसरी वर्जित चीज़ों से […]

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      आईये फ़ारसी सीखें- 18

      Rate this post मोहम्मद और सईद शुक्रवार को रेस्त्रां जाने का कार्यक्रम बनाते हैं ताकि वहां फ़िसन्जान नामक विशेष ईरानी पकवान खाएं। मोहम्मद ने अभी तक फ़िसन्जान नहीं खाया है। फ़िसन्जान एक सालन है जिसे पुलाव के साथ खाया जाता है। फ़िसन्जान पकाने में चिकन या क़ीमे को पिसे हुए अख़रोट के साथ, कुछ पियाज़ […]

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      आइये फारसी सीखें – 55

      Rate this post तुर्कमेनिस्तान गणराज्य और आर्मेनिया गणराज्य, 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद यह दोनों देश स्वतंत्र हुए। तुर्कमेनिस्तान के लोग तुर्कमेन भाषा बोलते हैं और वहां की अधिकांश जनसंख्या मुस्लिम है, और ऑर्थोडॉक्स ईसाइ अल्पसंख्या में हैं। आर्मेनिया में आर्मेनियाई ईसाइ बहुसंख्या में हैं और आर्मेनियाई भाषा बोलते हैं। ईरान में […]

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      आइए फ़ार्सी सीखें – 46

      Rate this post   वर्ष १९२३ में ईरानी युवाओं का एक गुट विमान चलाने का प्रशिक्षण लेने के लिए रूस और फ़्रांस गया था।  ईरान मे जहाज़ के पहले कारख़ाने ने १९३५ में अपना कार्य आरंभ किया।  उसके बाद वर्ष १९३८ में आधिकारिक रूप से तेहरान में मेहराबाद हवाई अड्डे का उद्घाटन किया गया।  मेहराबाद […]

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      आइए फ़ार्सी सीखें-50

      Rate this post आज हम आपको कुछ ईरानी मिठाइयों के बारे में बताने जा रहे हैं। अधिकांश धार्मिक समारोहों में अतिथियों के सत्कार के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के व्यंजन और मिठाइयां बनाई जाती हैं। मुहम्मद और उसके मित्र रामीन ने पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्ललाहो अलैहे वआलेही वसल्लम के शुभ जन्म दिसव के […]

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      आईये फ़ारसी सीखें-15

      Rate this post हम आपको ईरान के विश्वविद्यालयों के संबन्ध में बताएंगे। ईरान मध्यपूर्व के महत्त्वपूर्ण शिक्षा केन्द्रों में से है। ईरान के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में छात्र पीएचडी स्तर तक विभिन्न विषयों में शिक्षा प्राप्त करते हैं। ईरानी बुद्धिजीवी और विशेषज्ञ, अपने शोध परिणामों और इसी प्रकार वैज्ञानिक पुस्तकों और आलेखों को दूसरे […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-10

      Rate this post मोहम्मद सिरदर्द के कारण डाक्टर रमज़ानी के पास गया। सुश्री रमज़ानी ने मोहम्मद से ख़ून की जांच कराने को कहा मोहम्मद ने ख़ून की जांच कराई और रिपोर्ट लेकर आज डाक्टर रमज़ानी के क्लीनिक पहुंचा है। वह क्लीनिक में अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहा है। आज भीड़ कम है और कुछ […]

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      आइये फारसी सीखे – 64

      Rate this post तेहरान की दो बड़ी सुरंग १) रिसालत: इसका उदघाटन वर्ष २००६ में हुआ था। यह सुरंग रिसालत राजमार्ग पर स्थित है। २) तौहीद: इसका उदघाटन वर्ष २००९ में हुआ था और यह सुरंग चमरान राजमार्ग को नव्वाब सफवी राजमार्ग को जोड़ती है। इंजीनीरियंग की दृष्टि से यह दोनों सुरंगे बहुत विकसित हैं […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 32

      Rate this post मोहम्मद, सईद और रामीन एक दूसरे के साथ किश्म से कीश द्वीप चले गये हैं। नौका से यात्रा, ठंडी हवा और फार्स की खाड़ी में सूर्यास्त का दृश्य उन्हें भूलता नहीं। इस समय वे कीश द्वीप पहुंच चुके हैं और वहां वे होटल गये हैं। कीश फार्स की खाड़ी के सुन्दर द्वीपों […]