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      कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 8

      Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, कठिनाई के समय (ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह) कहो कि परमेश्वर इसके द्धारा तुम्हे बचाता है। अशीष प्राप्ति के समय (अलहम्दो लिल्लाह) कहो कि इसके द्धारा परमेश्वर अशीषो को अधिक करता है। यदि तुम्हे रोज़ी विलम्ब से प्राप्त […]

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      रियासत-ए-इस्राईल की हक़ीक़त -4

      Rate this post चंद मशहूर आतंकवादी लीडरों के नाम ये हैं: मोशे दायान, जो 1953 ईसवी से 1957 ईसवी तक इस्राईल की मुसल्लह अफ़वाज का चीफ़-ऑफ़-स्टाफ़ रहा। मनाख़म बेगन, जो 1977 ईसवी में इस्राईल का प्रधानमंत्री बना। तेज़क हाक शमीर, जो 1983 ईसवी में प्रधानमंत्री बना। एरियल शेरोन, जो मौजूदा प्रधानमंत्री है। मोशे दायान को आतंकवादी होने के बावजूद बरतानवी सेना में किसी ख़ास काम के लिये […]

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      कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 11

      Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, आदिल इमाम के बिना (अर्थात इमाम की अनुमति के) जंग और जेहाद नही है एंव सामुहिक रूप मे नमाज़ पढ़ने मे कोई वांछनीय (इसतेहबाब) नही है किन्तु उस इमाम के पीछे जो गुणवान हो (अर्थात सामुहिक रूप से नमाज़ […]

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      आयतुल्लाह ख़ामेनई की निगाह में वास्तविक बहार

      Rate this post अगर हाल ही में प्रकाशित होने वाली किताब ‘रोज़ा रखने के शिष्टाचार और रोज़ेदारों की परस्थितियां आयतुल्लाह ख़ामेनई के बयान की रौशनी में” का हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई के बयानों की तारीख़ तथा आपके विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े श्रोताओं को मद्देनज़र रख कर अध्ययन किया जाए तो रमज़ान के महीने में आपके आचरण […]

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      अल्लामा मोहम्मद हुसैन तबातबाई-२

      Rate this post कुछ लोग ज्वलित मशाल की भांति दूसरों को प्रकाश देते हैं। ऐसे लोग अज्ञानता व शिथिलता को पसंद नहीं करते इसलिए जिस प्रकार सूर्य फूलों व फलों को पालता है उसी तरह वे भी लोगों का प्रशिक्षण करते हैं और उनके सोए हुए मन को जागृत करते हैं। ऐसे ही लोगों में […]

    •  इमाम ख़ुमैनी की रचनाएं
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      इमाम ख़ुमैनी की रचनाएं

      Rate this post समकालीन विश्व में ईरान की इस्लामी क्रान्ति के स्थान और इमाम ख़ुमैनी के प्रभाव के दृष्टिगत, उनकी आध्यात्मिक विशेषताओं, उनके व्यक्तित्व के आयामों तथा उनके धार्मिक व राजनैतिक विचारों को समझने के लिए सबसे अच्छी शैली उनके भाषणों, राजनैतिक व सामाजिक मामलों पर उनके लेखों और उनके व्यक्तित्व व परिवार से संबंधित […]

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      युवा पापी

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला अनसारियान   स्वर्गीय मुल्ला फ़्तहुल्लाह काशानी ने “मनहजुस्सादेक़ीन” नामी क़ुरआनी व्याख्या मे तथा आयतुल्ला कलबासी ने “अनीसुल्लैल” नामी पुस्तक मे इस घटना का उल्लेख किया हैः मालिके दीनार के समय मे एक पापी तथा अवज्ञाकारी व्यक्ति की मृत्यु हो गई, लोगो ने उसके पापो के कारण […]

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      मानवाधिकार-2

      Rate this post मानवाधिकार का विषय एसा है जिसपर राजनैतिक, प्रचारिक और सामाजिक गलियारों में बहुत बढ़ चढ़कर चर्चा होती है किंतु यह विषय भी दूसरे बहुत से विषयों की भांति अलग अलग परिभाषाओं में पेश किया जाता है जिसके कारण भ्रांतियां भी उत्पन्न हो जाती हैं। कार्यक्रम मार्गदर्शन में हम विभिन्न विषयों पर इस्लामी […]

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      अतिव्यय का नुक़सान

      Rate this post अतिव्यय या फ़ुज़ूलख़र्ची से अधिक संपत्ति भी बर्बाद हो जाती हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम     पैग़म्बरे इस्लाम की नज़र में मुसलमान कौन है   मुसलमान, मुसलमान का भाई है, उससे बेइमानी नहीं करता, उससे झूठ नहीं बोलता और उसे अकेला नहीं छोड़ता।     पैग़म्बरे इस्लाम की नज़र में मुसलमान कौन […]

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      जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 22

      Rate this post (32)   वाकि़या हुर्रा के शहीद कर्बला में इमाम हुसैन अलै0 की शहादत के बाद मदीने में एक ऐसी बग़ावत की आँधी उठी जिससे यह महसूस हो रहा था कि बनी उमय्या के खि़लाफ़ पूरा आलमे इस्लाम उठ खड़ा होगा और खि़लाफ़त तबदील हो जायेगी मगर मदीने वालों को ख़ामोश करने के लिये यज़ीद ने […]

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      ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-1

      Rate this post उन महान हस्तियों के नाम और याद को जीवित रखना जिन्होंने राष्ट्रों के भविष्य को ईश्वरीय विचारों और अपने अथक प्रयासों से उज्जवल बनाया है, एक आवश्यक कार्य है। इस श्रंखला में हम प्रयास करेंगे कि समकालीन ईरान की धर्म व ज्ञान से संबंधित प्रभावी हस्तियों से आपको परिचित कराएं। इस्लामी गणतंत्र […]

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      पैग़म्बरे इस्लाम सर्वोच्च नेता के निगाह में

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम का व्यक्तित्व सृष्टि की महानताओं और परिपूर्णताओं का चरम बिंदु है। यह व्यक्तित्व, महानता के उन पहलुओं की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है जो मनुष्यों के विवेक की पहुंच के भीतर हैं जैसे सूझबूझ, बुद्धि, तत्वज्ञान, उदारता, कृपा, दया, क्षमाशीलता आदि और उन […]

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      प्रस्तावना

      Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान   किताब का नाम: शरहे दुआए कुमैल   यह ग़रीब 11 वर्ष की आयु मे अपने पिता के साथ रमज़ान के पवित्र महीने की रात्रियो मे तेहरान की प्रसिध्द धार्मिक बैठको मे भाग लिया करता था, उस बैठक मे स्वर्गीय आयतुल्लाह हाज सैय्यद मुहम्मद मैहदी लालेज़ारी के ज़ो आलिमे बा अमल […]

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      वाबेइज़्ज़तेकल्लति लायक़ूमो लहा शैइन 1

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान وَبِعِزَّتِكَ الَّتِى لاَيَقُومُ لَهَا شَىْءٌ वाबेइज़्ज़तेकल्लति लायक़ूमो लहा शैइन और उस इज़्ज़त व सम्मान के माध्यम से है जिसके अपेक्षा मे किसी मे मुकाबला करने की क्षमता नही है। मानव प्रकृति सम्मान एंव गौरव की इच्छुक है। ईश्वर ने पवित्र […]

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      कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 7

      Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, यदि तुम अपने भाई से प्यार नही करते, तो तुम उसके भाई नही हो, विश्वासयोग्य वह व्यक्ति है जो हम निर्दोषो (आइम्मए मासूमीन अ.स.) की आज्ञा का पालन करे तथा हमारे कथन कहे; जो व्यक्ति हमारे कथनो का उल्लंघन करे […]

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      इमाम ख़ुमैनी की ज़िंदगी पर एक नज़र

      Rate this post चार जून सन 1989 ईसवी को दुनिया एक ऐसी महान हस्ती से बिछड़ हो गई जिसने अपने चरित्र, व्यवहार, हिम्मत, समझबूझ और अल्लाह पर पूरे यक़ीन के साथ दुनिया के सभी साम्राज्यवादियों ख़ास कर अत्याचारी व अपराधी अमरीकी सरकार का डटकर मुक़ाबला किया और इस्लामी प्रतिरोध का झंडा पूरी दुनिया पर फहराया। […]

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      जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 7

      Rate this post (5)    जनाबे फ़ात्मा बिन्ते असद आप हज़रत अली की माँ हैं और आप ही ने जनाबे रसूले ख़ुदा स॰ की वालिदा के इन्तिक़ाल के बाद आँहज़रत स॰ की परवरिश फ़रमाई थी, जनाबे फ़ातिमा बिन्ते असद को आपसे बेहद उनसियत व मुहब्बत थी और आप भी अपनी औलाद से ज़्यादा रिसालत मआब का ख़याल रखती […]

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      कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 4

      Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल   हे कुमैल, अपने पेट को भोजन से पूर्ण नकरो पानी और श्वसन के लिए कुच्छ स्थान खाली रखो भोजन करना उस समय तक बंद नकरो जब तक तुम उसके इच्छुक हो यदि ऐसा किया तो भोजन से तुम शक्ति प्राप्त करोगे और यह […]

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      निर्देशिता बेमिस्ल वरदान (नेमत) -2

      Rate this post पुस्तकः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान   यदि मनुष्य ईश्वर की भौतिक एंव आध्यात्मिक वरदानो को देखे तथा उनपर सोच विचार करे तो उसे पता चलेगा कि ईश्वर की कृपा तथा उसके विशेष एंव सार्वजनिक फ़ैज़ ने उस पर चारो ओर से छाया कर रखा है और परमात्मा की […]

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      विकास

      Rate this post विकास बहुत रोचक और लुभावना शब्द है और इसमें बहुत अर्थ निहित हैं किंतु यह भी एक सच्चाई है कि विकास के कई रूप हैं और ज़रूरी नहीं है कि विकास का हर रूप हर समाज और हर राष्ट्र के लिए हितकर व रुचिकर हो। यही कारण है कि इस्लामी क्रान्ति के […]

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      रोज़ी-रोटी और उम्र में वृद्धि की कुन्जी

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने फ़रमाया कि जो मुझे इस बात की गरेंटी दे कि मां-बाप के साथ भलाई और सगे संबंधियों से मेल-जोल रखेगा तो मैं भी उसके माल, उम्र तथा संबंधियों के दिल में उसकी मुहब्बत में वृद्धि की ज़मानत देता हूं। चार प्रकार के […]

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      एकता सप्ताह का महत्त्व-2

      Rate this post इस्लाम धर्म, एकता, समरस्ता और एकजुटता का धर्म है और इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने इन्हीं आधारों पर सदैव लोगों के मध्य एकता की रक्षा और उसके महत्त्व पर बल दिया है। इस्लामी गणतंत्र ईरान की क्रांति और इस्लामी व्यवस्था का आधार भी लोगों के मध्य एकता, भाईचारे […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-1

      Rate this post इस्लामी संस्कृति व सभ्यता, मानव इतिहास की सबसे समृद्ध सभ्यताओं में से एक है। यद्यपि इस संस्कृति में, जो इस्लाम के उदय के साथ अस्तित्व में आई, बहुत अधिक उतार-चढ़ाव आए हैं किंतु इसका अतीत अत्यंत उज्जवल है। इस्लामी सभ्यता के इतिहास की समीक्षा से पता चलता है कि यह संस्कृति व […]

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      सवेरे-सवेरे – 11

      Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम का कथन है कि सौभाग्यशाली है वह व्यक्ति जो अपने ईश्वर को दृष्टिगत रखे और अपने पापों से डरता रहे। वास्तव में ईश्वर को निरंतर दृष्टिगत रखना, हमारे जीवन का महत्वपूर्ण विषय होना चाहिए।  इसका सबसे साधारण प्रभाव यह होता है कि मनुष्य पाप और बुराइयों से यह सोचकर […]

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      सवेरे-सवेरे-८

      Rate this post आप से हम एक बात पूछना चाहते हैं, क्या आप उत्तर देने के लिए तैयार हैं? यदि तैयार हैं तो बताइए कि आप आशीर्वाद और दुआ में कितना विश्वास रखते हैं? अधिक, कम या बिल्कुल नहीं। अच्छा तो यह बताइये कि आप दूसरों की सहायता करते हैं या नहीं? इस कार्य में […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१४

      Rate this post हमने बताया था कि मुसलमान वैद्यों और वैज्ञानिकों ने, इस्लामी सभ्यता व संस्कृति के विकास में प्रभावशाली भूमिका निभाई है। इन हकीमों और चिकित्सक में एक महत्वपूर्ण नाम ज़करिया बिन राज़ी का था। आज के कार्यक्रम में हम ज़करिया बिन राज़ी और उनकी रचनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। प्रसिद्ध ईरानी चिकित्सक […]

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      सवेरे-सवेरे-1

      Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम का कथन है कि अपने शत्रुओं के साथ सहनशील रहो और मित्रों के प्रति अपनी मित्रता को विशुद्ध बनाओ। यह दोनों बातें जो हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने कही हैं यह दोनों ही हमारी सोच और स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त लाभदायक हैं क्योंकि सहनशीलता बरतने वाले और मित्रों के प्रति […]

    • बुद्धि का महत्व
      4.3 (86.67%) 3 vote[s]

      बुद्धि का महत्व

      बुद्धि का महत्व4.3 (86.67%) 3 vote[s] बुद्धि से मार्गदर्शन प्राप्त करो ताकि मार्ग मिल जाए, बुद्धि की अवज्ञा न करो कि पछताना पड़ेः पैग़म्बरे इस्लाम अक़्ल से हेदायत हासिल करो ताकि रास्ता मिल जाए और अक़्ल की नाफ़रमानी मत करो शर्मिंदा होना पड़ेः पैग़म्बरे इस्लाम इच्छाओं की प्राप्ति व लंबी लंबी उम्मीदें मैं अपनी उम्मत […]

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      सवेरे-सवेरे-21

      Rate this post मनुष्य जो भी करता है उसे अपने भविष्य को ही दृष्टि में रखकर करता है।  उसकी सोच सदैव ही भविष्य पर केन्द्रित होती है।  यही कारण है कि बहुत से लोग वर्तमान क्षणों से आनंद नहीं उठा पाते और न ही उसके मूल्य को समझ पाते हैं।  यही कारण है कि हम […]

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      दुनिया की प्राप्ति के लिए मध्यमार्ग अपनाने की अहमियत

      Rate this post दुनिया प्राप्त करने में मध्यमार्ग अपनाओ और लालच से बचो क्योंकि जिसकी क़िस्मत में जो है वह उसे मिल कर रहेगाः पैग़म्बरे इस्लाम दुनिया हासिल करने में दरमियानी रास्ता अपनाओ और लालच से बचो क्योंकि जिसकी क़िस्मत जो लिखा है वह उसे मिल कर रहेगाः पैग़म्बरे इस्लाम इस संसार में ईश्वर की […]

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      सवेरे-सवेरेः७

      Rate this post अगर पूरे दिन कठिन परिश्रम और तनाव के पश्चात आप बहुत थके हुए हों और यह आभास आपको कई दिन से हो रहा हो तो आप एसा करें कि प्रतिदिन सवेरे-सवेरे अपनी दिनचर्या आरंभ करने से पूर्व एक गिलास अंगूर का रस पी लिया करें। यह रस, हल्के हरे रंग वाले अंगूर […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-4

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम ने अपने धर्म के प्रचार के लिए मदीना नगर में एक सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था की नींव डाली जिसमें आदर्श न्यायिक विभाग, सैनिक संस्था तथा कार्यालय तंत्र था यह इस्लामी सभ्यता धीरे धीरे फैलती गई। ज्ञान और चिंतन पर इस्लामी शिक्षाओं में विशेष रूप से बल दिया गया है। यह बात […]

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      सवेरे-सवेरे-9

      Rate this post प्रातःकाल अर्थात जीवन का नया आरंभ, अतः इसे ईश्वर की याद से आरंभ होना चाहिए। आप कहेंगे कि ईश्वर की याद तो हमने सूर्योदय से पहले ही कर ली है। बहुत अच्छा किया है आपने, किन्तु हमारे मन में इस समय जो बात ईश्वर के संबंध में है वह भी कम महत्त्वपूर्ण […]

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      लांछन लगाना

      Rate this post निराधार आरोप व लांछन लगाने से अधिक नीचता और कुछ नहीं हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम दूसरों की कमियां ढूंढने का सामाजिक नुक़सान लोगों की कमियां मत ढूंढो वरना कोई दोस्त नहीं बनेगाः पैग़म्बरे इस्लाम रोज़ी-रोटी और उम्र में वृद्धि की कुन्जी पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने फ़रमाया […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१३

      Rate this post ईरानी चिकित्सकों में सय्यद इस्माईल जुर्जानी को विशेष ख्याति प्राप्त रही है। इस्माईल बिन हुसैन मोहम्मद जुर्जानी जो सय्यद इस्माईल जुर्जानी के नाम से प्रसिद्ध थे, गुर्गान नामक क्षेत्र में पैदा हुए। उन्होंने ख़ारज़्म की यात्रा की थी और वर्ष 531 हिजरी क़मरी में मर्व में उनका देहान्त हुआ। सय्यद इस्माईल जुर्जानी […]

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      मानवाधिकार-2

      Rate this post मानवाधिकार का विषय एसा है जिसपर राजनैतिक, प्रचारिक और सामाजिक गलियारों में बहुत बढ़ चढ़कर चर्चा होती है किंतु यह विषय भी दूसरे बहुत से विषयों की भांति अलग अलग परिभाषाओं में पेश किया जाता है जिसके कारण भ्रांतियां भी उत्पन्न हो जाती हैं। कार्यक्रम मार्गदर्शन में हम विभिन्न विषयों पर इस्लामी […]

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      एकता सप्ताह

      Rate this post एकता सप्ताह , 12 – 17 रबीउल अव्वल उस दिन कि जब काबे के आकाश से पैग़म्बरी अर्थात ईश्वरीय दूत का सूर्य उदय हुआ तो कोई भी नहीं सोच रहा था कि अज्ञानता में डूबी हुई मानवता के लिए उसके पास बहुत से उपदेश एवं कहने के लिए अनेक बातें हैं। विश्वसनीय […]

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      इच्छाओं की प्राप्ति व लंबी लंबी उम्मीदें

      Rate this post मैं अपनी उम्मत के संबंध में इच्छाओं और लंबी लंबी उम्मीदों की ओर से डरता हूः पैग़म्बरे इस्लाम क्रोध (ग़ुस्से) पर क़ाबू रखने का फ़ायदा सबसे अधिक दूरदर्शी वह है जो अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रखेः पैग़म्गरे इस्लाम पूर्वजों की तबाही का कारण तुम्हारे पूर्वजों को दिरहम व दीनारों से तबाह किया […]

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      सवेरे-सवेरे-20

      Rate this post रमज़ान के पवित्र महीने में प्रतिदिन कुछ विशेष दुआएं पढ़ी जाती हैं। इन्हीं दुआओं में से एक का अनुवाद इस प्रकार हैः “हे ईश्वर! आज के दिन मुझको चेतान व ज्ञान प्रदान कर और इस दिन मुझे बुद्धिहीनता और असत्य से दूर कर दे।  हर भलाई जो आज के दिन तू उतारे […]

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      नास्तिकता का सबसे घटिया स्तर

      Rate this post इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम से पूछा गया कि नास्तिकता का सबसे घटिया स्तर क्या है तो आपने कहा कि घमंड नास्तिकता का सबसे घटिया स्तर है। सबके लिए दुआ करने का फ़ायदा जब भी तुम में से कोई दुआ करे तो सबके लिए करे क्योंकि ऐसा करने से दुआ के क़ुबूल होने […]

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      बाल सिनेमा

      Rate this post ईरान में बाल सेनेमा का आरंभ ६० के दशक में हुआ किंतु ईरान में इस्लामी क्रांति के बाद, बाल सेनेमा के क्षेत्र में असाधारण रूप से परिवर्तन देखने में आया। बजट, सुविधाओं, सेनेमा हाल तथा बाल सेनेमा के विशेष फिल्मी मेले, फिल्म निर्माण में युवा निर्माताओं की सक्रियता के कारण इस प्रकार […]

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      सिनेमा की लोकप्रियता -1 (1)

      Rate this post यदि हम विश्व में प्रचलित कलाओं को विभिन्न भागों में विभाजित करें तो सिनेमा सातवीं कला कहा जाएगा। चलचित्र की कलाएं विभिन्न कारणों के आधार पर सरलता से समझी जाती हैं और वह चित्रकला, साहित्य तथा संगीत की तुलना में अधिक लोकप्रिय और सामूहिक होती हैं। दूसरी ओर चूंकि सिनेमा एक उद्योग […]

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      एनीमीशन फ़िल्में

      Rate this post दुनिया के हर कोने में बच्चों व किशोरों पर बनने वाली फ़िल्मों के बहुत दर्शक होते हैं और परिवार गुट बनाकर सिनेमाघरों में इस प्रकार की फ़िल्में देखने जाते हैं। भारी बिज़नेस करने वाली बाल फ़िल्में यह दर्शाती हैं कि एनीमीशन और कठपुतली वाली फ़िल्में इस सूची में सबसे ऊपर हैं और […]

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      सफल निर्माता निर्देशक, दरवीश

      Rate this post विश्व के सिनेमा जगत के इतिहास में युद्ध पर आधारित फ़िल्मों की कहानियों पर दृष्टि डालने से पता चलता है कि इस प्रकार की फ़िल्मों के इतिहास में बहुत अधिक उतार चढ़ाव नहीं है। विषय की दृष्टि से यह फ़िल्में युद्ध और उससे उत्पन्न होने वाली मानवीय त्रासदी की आलोचना करती थीं। […]

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      टेलीवीजन के मुख्य दर्शक बच्चे होते हैं

      Rate this post विश्व के सिनेमा जगत के इतिहास में युद्ध पर आधारित फ़िल्मों की कहानियों पर दृष्टि डालने से पता चलता है कि इस प्रकार की फ़िल्मों के इतिहास में बहुत अधिक उतार चढ़ाव नहीं है। विषय की दृष्टि से यह फ़िल्में युद्ध और उससे उत्पन्न होने वाली मानवीय त्रासदी की आलोचना करती थीं। […]

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      पहली ईरानी फ़िल्म

      Rate this post ईरान में बनने वाली पहली फिल्म आबी व राबी थी जिसे आवान्स ओग्नियांस ने बनाया था। यह मूक फिल्म आबी  व राबी नामक दो जोकरों की कहानी थी जिनमें से एक लंबे क़द और और दूसरा ठिगने कद था। इस फिल्म को वर्ष १९३० में दिखाया गया और इसे काफी पसन्द भी […]

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      सिल्वर स्क्रीन की डायमंड जुबली

      Rate this post हिंदुस्तानी सिनेमा आज पूरे 100 साल का हो गया. लेकिन क्या इसने ठीक से बचपन की दहलीज भी लांघी है? पूजा सिंह की रिपोर्ट.   ‘मेरे ख्याल से यह कहना सही होगा कि हमारे देश के जनमानस पर जितना असर तमाम समाचार पत्र और पुस्तकें मिलकर नहीं डाल पाते, उससे अधिक असर […]

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      काम्बोज़िया परतवी

      Rate this post काम्बोज़िया परतवी का जन्म सन 1955 में उत्तरी ईरान के गीलान प्रांत के रुस्तमाबाद क्षेत्र में हुआ। उन्होंने सिनेमा साहित्य के विषय की शिक्षा प्राप्त की किंतु विश्वविद्यालय की पढ़ाई से वह संतुष्ट नहीं हुए अतः उन्होंने बहुत जल्दी फ़िल्में बनाना आरंभ कर दिया। इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद के वर्षों […]

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      सिनेमा का इतिहास

      Rate this post जहां तक यह प्रश्न है कि सिनेमा कब और कैसे अस्तित्व में आया है तो इसके उत्तर में कहना चाहिए कि सिनेमा, सिनेमाटोग्राफ से निकला है जिसका अर्थ गतिशीलता से गुज़रना है। सिनेमा उन सभी दृश्यों के संग्रह को कहते हैं जो कैमरे द्वारा उतारे जाते हैं और फिर उनमें आवाज़ बढ़ा […]

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      इस संसार में ईश्वर की ओर से दो पापों की सज़ा

      Rate this post दो चीज़ की सज़ा ईश्वर इस संसार में देता है एक अत्याचार और दूसरे मां-बाप की अकृतज्ञता (नाशुकरी) पैग़म्बरे इस्लाम पीड़ित की बददुआ का असर पीड़ित (मज़लूम) की बददुआ से डरो कि उसकी बददुआ आग की तरह आसमान में जाती हैः पैग़म्बरे इस्लाम मितव्ययिता (क़ेनाअत) का फ़ायदा हे आदम की संतान! जिससे […]

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      सच्चाई

      Rate this post सच्चाई और ईमानदारी से ही एक इंसान, इंसान बनता है। असल में यह दोनों एक ही हैं क्यों कि सच्चाई बातचीत के बीच अमानतदारी के अलावा और कुछ नहीं है। इसी तरह अमानतदारी काम में सच्चाई बरतने ही का दूसरा नाम है। और इन दोनों के समाजी ऐतबार से असरात भी क़रीब-क़रीब […]

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      सृष्टि ईश्वर और धर्म 25- कारक और ईश्वर

      Rate this post पश्चिमी बुद्धिजीवी ईश्वर के अस्तित्व की इस दलील पर कि हर वस्तु के लिए एक कारक और बनाने वाला होना चाहिए यह आपत्ति भी करते हैं कि यदि यह सिदान्त सर्वव्यापी है अर्थात हर अस्तित्व के लिए एक कारक का होना हर दशा में आवश्यक है तो फिर यह सिद्धान्त ईश्वर पर […]

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      तीन पश्चातापी मुसलमान 3

      Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान इसके पूर्व के लेख मे स्वयं कआब के कथन को बयान किया था जिसमे कआब एक ईसाई द्वारा चिठठी देने की कहानी बताते है और वह चिठठी पढ़ने के पश्चात क्रोधित होते है और कहते है कि अब यह समय आ […]

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      रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (14)

      Rate this post मनुष्य अपनी पवित्र प्रवृत्ति और स्वस्थ हृदय के साथ सदैव परिपूर्णता और कल्याण के मार्ग पर अग्रसर रहता है किन्तु उसे एक जानी दुश्मन का सामना रहता है जो सदैव षड्यंत्र रचता रहता है ताकि उसे ईश्वर के सही व उच्च मार्ग से रोके रखे। उस समय से जब ईश्वर ने शैतान […]

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      ग़ीबत

      Rate this post ग़ीबत यानी पीठ पीछे बुराई करना है, ग़ीबत एक ऐसी बुराई है जो इंसान के मन मस्तिष्क को नुक़सान पहुंचाती है और सामाजिक संबंधों के लिए भी ज़हर होती है। पीठ पीछे बुराई करने की इस्लामी शिक्षाओं में बहुत ज़्यादा आलोचना की गयी है। पीठ पीछे बुराई की परिभाषा में कहा गया […]

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      तीन पश्चातापी मुसलमान 2

      Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान   इस लेख से पहले वाले लेख मे इस बात की व्याख्या की थी कि जब पैग़म्बर को तबूक के युद्ध की समस्या आई थी तो उस युद्ध मे तीन व्यक्तियो ने भाग नही लिया था जिस के कारण पैगम्बर उनसे […]

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      ज़िंदगी का सुकून छीनने वाली तीन चीज़े

      Rate this post जिस व्यक्ति में तीन बातें होंगी वह कभी ख़ुश नहीं रह सकताः द्वेष(कीना), ईर्ष्या (हसद) और दुर्व्यवहार (बुरा एख़लाक़) हज़रत अली अलैहिस्सलाम इंसान का मित्र और उसका दुश्मन हर इंसान की मित्र उसकी बुद्धि और उसकी अज्ञानता उसकी शत्रु हैः पैग़म्बरे इस्लाम इंसान का दोस्त और उसका दुश्मन हर इंसान की दोस्त […]

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      ईश्वर की विशेषताएं : 1

      Rate this post ईश्वर के गुणों की गणना तो संभव नही है इस लिए हर वह गुण जो परिपूर्णता को दर्शाता हो और जिसमें किसी प्रकार की कमी की कल्पना न की जा सकती हो वह ईश्वर में होता है। यूं तो ईश्वर के बहुत से नाम और गुण हैं किंतु इस्लामी दर्शनशास्त्र और इस्लामी […]

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      सृष्टि ईश्वर और धर्म 74

      Rate this post पिछली कई चर्चाओं में हमने यह सिद्ध किया है कि यही संसार सब कुछ नहीं है बल्कि इस लोक के बाद भी एक लोक है जहां हिसाब किताब होगा और उस लोक के प्रथम चरण के रूप में हम ने क़यामत या प्रलय अथवा उस दिन के बारे में जब कर्मों का […]

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      शियों के अहले सुन्नत से प्रश्न : 3

      Rate this post 17-आप कहते हैं कि पैगम्बर ने कहा कि “मेरे असहाब सितारों के समान हैं तुम जिसका भी अनुसरन करोगे हिदायत प्राप्त कर लोगे।” परन्तु सहीह बुखारी किताब फ़ज़ाइल असहाबुन नबी, बाब मनाक़िबे उस्मान बिन उफ़्फ़ान 75/5 मे लिखा है कि वलीद पुत्र उक़बा नामक सहाबी ने शराब पी तथा आदरनीय उस्मान ने […]

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      उदाहरणीय महिला 3

      Rate this post पुस्तकः पश्चाताप दया की आलिंग्न लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान   जी हाँ, यह कैसे सम्भव है कि ईश्वर को फ़िरऔन से, सत्य को झूठ से, प्रकाश को अंधकार से, सही को ग़लत से, परलोक को लोक से, स्वर्ग को नर्क से तथा शालीनता (सआदत) को बदबख्ती से परिवर्तित कर ले। आसिया ने अपने […]

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      तीन पश्चातापी मुसलमान 1

      Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान   जिस समय तबूक युद्ध की समस्या आई, पैग़म्बर के तीन सहाबी कआब पुत्र मालिक, मुरारा पुत्र रबि तथा हिलाल पुत्र उमय्या हज़रत मुहम्मद के साथ बातिल के विरूद्ध कुरूक्षेत्र मे जाने के लिए तैयार नही हुए। उसका कारण उनकी सुस्ती, […]

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      4- इमामत

      Rate this post इमामत का शब्दार्थ है, कि कोई किसी के सामने था और वह उन लोगों को सही पथ निर्दशन कर रहा था। या उन लोगों को दिनी, राजनिती, या एक समाजिक़ काम का दायित्व लिया था और दूसरों ने उन को अनुशरण किया था। इस कथा पर ध्यान देना बहूत अबशक है, कि इमाम शब्दार्थ (इमाम) शियों […]

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      सृष्टि ईश्वर और धर्म-17 कैसा है ईश्वर का जीवन?

      Rate this post ईश्वर के व्यक्तिगत गुणों में से एक जीवन है। हम इसी विषय की समीक्षा करेंगे। इस विश्व और ब्रह्मांड में बहुत सी चीज़े जीवित हैं किंतु उन में बहुत अंतर है। जीवन में भी अंतर होता है। जब हम यह कहते हैं कि ईश्वर जीवित है तो यह प्रश्न उठता है कि […]

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      तौहीद दर सिफ़ात

      Rate this post यानी उसके सिफ़ात इल्म, क़ुदरत, अज़लीयत,अबदियत व …..तमाम उसकी ज़ात में जमा हैं और उसकी ऐने ज़ात हैं। उसके सिफ़ात मख़लूक़ात के सिफ़ात जैसे नही हैं क्योँ कि मख़लूक़ात के तमाम सिफ़ात भी एक दूसरे से जुदा और उनकी ज़ात भी सिफ़ात से जुदा होती है। अलबत्ता ऐनियते ज़ाते ख़ुदा वन्द बा […]

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      रूई, ऊन और कतान के कपड़े पहनना

      Rate this post सब कपड़ो में अच्छा कपड़ा सूती है मगर ऊनी कपड़े को बारह महीने पहनना और अपनी आदत बना लेना मकरूह है। हाँ कभी कभी न होने के सबब से या सर्दी दूर करने की ग़रज़ से पहनना बुरा नही है चुनांचे बसनदे मोतबर हज़रत अमीरुल मोमिनीन (अ) से मंक़ूल है कि रूई […]

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      ख़ुदा शनासी व तौहीद

      Rate this post पहला हिस्सा 1) अल्लाह का वुजूद: हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह इस पूरी कायनात का ख़ालिक़ है, सिर्फ़ हमारे वुजूद में,तमाम जानवरों में,नबातात में,आसमान के सितारों में,ऊपर की दुनिया में ही नही बल्कि हर जगह पर तमाम मौजूदाते आलम की पेशानी पर उसकी अज़मत,इल्म व क़ुदरत की निशानियाँ ज़ाहिर व आशकार हैं। […]

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      सब्र व तहम्मुल

      Rate this post رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا पालने वाले हमें सब्र अता फ़रमा। सूरः ए बक़रा आयत 250 ख़ुदावंदे आलम ने क़ुरआने मजीद में इस नुक्ते की दो बार तकरार की है कि ان مع العسر يسری  आराम व सुकून दुशवारी व सख़्ती के साथ है। दक़ीक़ मुतालए से मालूम होता है कि निज़ामे ज़िन्दगी […]

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      शावाना की पश्चाताप

      Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान   स्वर्गीय मुल्ला अहमद नराक़ी अपनी मैराजुस्सआदत नामी अख़लाक़ी महान पुस्तक मे वास्तविक पश्चाताप के संदर्भ मे एक विचित्र घटना का वर्णन करते हुए कहते हैः शावाना एक जवान डांसर महिला थी, जिसकी आवाज अत्यधिक सुरीली थी, किन्तु वह वैध एंव […]

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      इस्माईलिया सम्प्रदाय

      Rate this post एक हज़ार चौरानवे ई0 में फ़ातेमी बादशाह अल मुस्तन्सिर की मौत के बाद उन के युवराज के लिये इस्माईलिया सम्प्रदाय में मतभैद पैदा हो गये, मुस्तन्सिर ने अपने बड़े बेटे अबू मंसूर नज़ार के अपना युवराज बनाया था लेकिन उन के वज़ीर (मंत्री) अफ़्ज़ल ने उन की म्रत्यु के बाद विद्रोह कर […]

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      मातुरिदिया सम्प्रदाय

      Rate this post मातुरिदिया सम्प्रदाय (फिर्क़ा) माविराउन्नहर की सर ज़मीन पर वजूद में आया। जब माविराउन्नहर को मुसलमानों ने जीत लिया मातुरिदिया सम्प्रदाय का संस्थापक अबु मंसूर मातुरिदिया है जिसका जन्म 238 हिजरी और देहान्त 333 हिजरी में हुआ। अबु मंसूर बहुत प्रतिभा और तेज़ बुद्धि वाला आदमी था वह बहस और मुनाज़रा में भी […]

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      इस्लाम धर्म व शिया समप्रदाय का संक्षिप्त परिचय

      Rate this post यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि मानव समाज व संस्कृति पर सदैव आसमानी धर्मो का प्रभाव रहा है। पिछली शताब्दी के बारे में कहा जाता है कि इस में मानव “वही” को छोड़ कर “बुद्धि” की ओर उन्मुख हुआ है। परन्तु वास्तविक्ता यह है कि मनुष्य के बौद्धिक जीवन […]

    •  फ़िरक़ ए इमामिया जाफ़रिया
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      फ़िरक़ ए इमामिया जाफ़रिया

      Rate this post 1. दौरे हाज़िर में इमामिया फ़िरक़ा मुसलमानों का बड़ फ़िरक़ा है, जिसकी कुल तादाद मुसलमानों की तक़रीबन एक चौथाई है और इस फ़िरक़े की तारीख़ी जड़ें सदरे इस्लाम के उस दिन से शुरु होती हैं कि जिस सूर ए बय्यनह की यह आयत नाज़िल हुई थी: (सूर ए बय्यना आयत 7) बेशक […]

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      अशाइरा सम्प्रदाय

      Rate this post अशाइरा, अबुल हसन अशअरी (260-324 हिजरी) के मानने वालों को कहते हैं। अबुल हसन अशअरी ने अक़्ल (बुद्धी) से काम लेने में तफरीत से काम लेते हुए दरमियान का एक तीसरा रास्ता चुना है। दूसरी सदी हिजरी के दौरान इन दोनों फिकरी मकतबों नें बहुत ज़्यादा शोहरत हासिल की। मोअतज़ला अक़ाइद के […]

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      इस्माईलियों के फ़िर्क़े

      Rate this post मुस्ताली के मानने वाले फ़ातेमी थे उनकी इमामत मिस्र के फ़ात्मी ख़लीफ़ाओं में बाक़ी रही, इस के कुछ समय बाद यहा सम्प्रदाय हिन्दुस्तान में “बोहरा” नाम से अस्तित्व में आया और अभी तक बाक़ी है। ओबैदुल्लाह मेहदी 296 हिजरी में अफ़रीक़ा में प्रकट हुआ और उसने इस्माईलियों को अपनी इमामत का निमंन्त्रण […]

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      अहले हदीस

      Rate this post अहले हदीस का तरीक़ा अस्ल में एक फ़िक्ही और इज्तिहादी तरीक़ा था। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो अहले सुन्नत के फक़ीह अपने तौर तरीक़े की वजह से दो गुरूप में बटे हैं। एक गुरुप वह है जिसका सेन्टर इराक़ था और वह हुक्मे शरई को हासिल करने के लिए क़ुरआन और […]

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      सर चश्म ए कौसर हज़रत ख़दीजतुल कुबरा (अ

      Rate this post हज़रत ख़दीजा (अ) का सिलसिल ए नसब हज़रत ख़दीजा (अ) बिन्ते ख़ुवैलद, बिन असद, बिन अब्दुल उज़्ज़ा बिन कलाब, बिन मर्रा, बिन कअब, बिन लोएज, बिन ग़ालिब, बिन फ़हर।[1] आपके वालिदे मोहतरम (ख़ुवैलद) ने जबरदस्त बहादुरी के साथ ख़ान ए काबा की हुरमत का दिफ़ाअ किया जिसे आज भी याद किया जाता […]

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      ख़िलाफ़त पर फ़ासिद लोगों का क़ब्ज़ा

      Rate this post उम्मत की इमामत व रहबरी एक पाको पाकीज़ा व इलाही ओहदा है, यह ओहदा हर इंसान के लिए नही है। लिहाज़ा इमाम में ऐसी सिफ़तों का होना ज़रूरी है जो उसे अन्य लोगों से मुमताज़(श्रेष्ठ) बनायें । अक़्ल व रिवायतें इस बात को साबित करती हैं कि इमामत व ख़िलाफ़त का मक़सद […]

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      कुर्दिस्तान

      Rate this post कुर्दिस्तान प्रांत ईरान की उस धरती का एक भाग है जिस पर माद जाति का शासन रहा है। कुर्द समुदाय का संबंध आर्य जाति से है जो लगभग चार हज़ार वर्ष पूर्व पूरब की ओर से इस क्षेत्र में पहुँची थी और बाद में उसने उत्तर पश्चिम तथा उरूमिये नदी के पूर्व […]

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      सपनों का देश ईरान

      Rate this post ईरान के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने और यहां के एतिहासिक सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक आकर्षणों से अधिक से अधिक परिचित होने के लिए आपकी निरंतर मांग पर प्रिय पाठकों हमने एक नई चर्चा आरंभ की है जिसका शीर्षक है, “सपनों का देश ईरान”। इस चर्चा की पहली कड़ी में हम ईरान […]

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      रश्त नगर की ऐतिहासिक धरोहरें

      Rate this post उत्तरी ईरान के गीलान प्रांत के केंद्रीय नगर रश्त के ऐतिहासिक अवशेषों में से एक सुलैमान दाराब नामक क़ब्रस्तान में स्थित प्रसिद्ध स्वतंत्रताप्रेमी मीरज़ा कूचक ख़ान जंगली का मज़ार है जो साम्राज्यवादियों के चंगुल से ईरान को मुक्त कराने क लिए उनके संघर्ष की गाथा सुनाता है। मज़ार की इमारत, जिसे ईरान […]

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      पैग़म्बरे व इमाम सादिक़ के जन्म दिवस पर भव्य आयोजन

      Rate this post ईश्वर के अंतिम दूत और दया व स्नेह के प्रतीक पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम तथा उनके छठे उत्तराधिकारी इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर पूरे ईरान सहित विश्व के विभिन्न देशों में उत्सव व समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। […]

    • ईदे ग़दीर
      2 (40%) 1 vote[s]

      ईदे ग़दीर

      ईदे ग़दीर2 (40%) 1 vote[s] पैग़म्बरे इस्लाम (स) का संपूर्ण जीवन एवं उसका एक एक क्षण अति महत्वपूर्ण तथा विशिष्ट आश्चर्यजनक घटनाओं से भरा हुआ है। इस लिए कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) के कथन न केवल क़ुराने मजीद की स्पष्ट आयतों के आधार पर हर प्रकार के लोभ व लालसा रहित होते हैं और ईश्वरीय […]

    • गीलान प्रांत, हस्तकलाओं का केन्द्र
      3 (60%) 1 vote[s]

      गीलान प्रांत, हस्तकलाओं का केन्द्र

      गीलान प्रांत, हस्तकलाओं का केन्द्र3 (60%) 1 vote[s] अधिकांश पुरातन वेत्ताओं और शोधकर्ताओ का मानना है कि मिट्टी के बर्तनों को बनाने की कला की जन्म स्थली ईरान है और यहीं से यह कला अन्य देशों में फैली और यह मानवीय उत्पादन की प्राचीन गतिविधियों में से एक है। यह भी कहा जाता है कि […]

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      पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरी

      Rate this post पैगम्बर अकरम (स.) के असहाब के एक मशहूर गिरोह ने इस हदीस को पैगम्बर (स.) नक़्ल किया है। “ अख़ा रसूलुल्लाहि (स.) बैना असहाबिहि फ़अख़ा बैना अबिबक्र व उमर व फ़ुलानुन व फ़ुलानुन फ़जआ अली (रज़ियाल्लहु अन्हु) फ़क़ाला अख़ीता बैना असहाबिक व लम तुवाख़ बैनी व बैना अहद ? फ़क़ाला रसूलुल्लाहि (स.) […]

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      चाय के बगानों की नगरी लाहीजान

      Rate this post लाहीजान, गीलान ही नहीं अपितु पूरे ईरान के सुंदरतम नगरों में से एक है। भौगोलिक दृष्टि से यह नगर पर्वतांचल में स्थित है जिसमें मिट्टी के टीले और चाय के बगान भरे पड़े हैं। इस नगर के घरों की वास्तुकला ने भी नगर को एक विशेष सौंदर्य प्रदान कर दिया है। यहां […]

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      हातिम का बेटा

      Rate this post तुलू ए इस्लाम और इस्लामी हुकूमत की तशकील पाने से पहले अरबों में कबीले की सरदारी की रस्म जारी थी। अरब वाले अपने सरदारों की इताअत और फ़र्माबरदारी करते थे और कभी-कभी उनको टैक्स वग़ैरा भी देते थे। अरब कबीलों के मुख़्तलिफ सरदारों में एक सरदार हातिम भी था और जो अपनी […]

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      चहारमहाल व बख़तियारी-4

      Rate this post चहार महाल व बख़्तियारी प्रांत में चुग़ाख़ोर, गंदमान, अलियाबाद और सोलक़ान नामक चार तालाब ने पर्यावरण और एकोटूरिज़्म की दृष्टि से इस क्षेत्र को विशेष स्थिति उपहार में दी है। ये चार तालाब जंजीर की भांति ब्रूजन नगर के दक्षिणी छोर से क्षेत्र के पश्चिम में केलार पहाड़ की लंबाई तक फैला […]

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      पैग़म्बरे इस्लाम (स.) की विलादत

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम (स.) की विलादत की तारीख़ पैग़म्बरे इस्लाम (स.) की विलादत की तारीख़ में मुसलमानों के दरमियान इख़्तेलाफ़ है। शिया आपकी विलादत सतरह रबी उल अव्वल को मानते हैं और सुन्नी आपकी विलादत के बारे में बारह रबी उल अव्वल के काइल है। इसी तरह आपकी विलादत के दिन में भी […]

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      ज़माने की शिकायत

      Rate this post मुफ़ज़्ज़ल बिन क़ैस ज़िन्दगी की दुशवारी से दो चार थे और फ़क्र व तंगदस्ती कर्ज़ और ज़िन्दगी के अख़राजात से बहुत परेशान थ। एक दिन हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक अलैहिस्सलाम की ख़िदमत में हाज़िर हुए और अपनी बेचारगी और परेशानी बयान की, कि इतना मुझ पर कर्ज़ है और मैं नहीं जानता […]

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      गीलिअर्द एवं बारीकान गांव

      Rate this post तालेक़ान क्षेत्र ईरान के पर्वतीय और अद्वितीय घाटियों वाला क्षेत्र है जो पश्चिमी अलबुर्ज़ क्षेत्र में स्थित है। पूरब से पश्चिम तक तालेक़ान का पूरे क्षेत्र में शाहरूद नामक नदी फैली हुई है। यह नदी अलमौत नामक नदी और उसके बाद सफ़ेद झील में मिल जाती है। तालेक़ान क्षेत्र पश्चिमोत्तरी तेहरान से […]

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      हज़रत अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम जीवन परिचय व चारित्रिक विशेषताऐं

      Rate this post नाम व अलक़ाब (उपाधियाँ) आपका नाम अली व आपके अलक़ाब अमीरुल मोमेनीन, हैदर, कर्रार, कुल्ले ईमान, सिद्दीक़,फ़ारूक़, अत्यादि हैं। माता पिता आपके पिता हज़रतअबुतालिब पुत्र हज़रत अब्दुल मुत्तलिब व आपकी माता आदरनीय फ़तिमा पुत्री हज़रतअसद थीं। जन्म तिथि व जन्म स्थान आप का जन्म रजब मास की 13वी तारीख को हिजरत से […]

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      आलिम के सामने

      Rate this post   हज़रत रसूले ख़ुदा (स.) के पास एक शख़्स अन्सार में से आया और उसने सवाल किया, ऐ रसूले ख़ुदा अगर किसी का जनाज़ा तदफ़ीन के लिए तैयार हो और दूसरी तरफ़ इल्मी नशिस्त हो जिसमें शिरकत करने से कस्बे फ़ैज़ हो और दोनों एक ही वक़्त हों और वक़्त भी इतना […]

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      सहाबा अक़्ल व तारीख़ की दावरी में

      Rate this post हमारा अक़ीदह है कि पैग़म्बरे इस्लाम के असहाब में बहुत से लोग बड़े फ़िदाकार बुज़ुर्ग मर्तबा व बाशख़्सियत थे। क़ुरआने करीम व इस्लामी रिवायतों में उनकी फ़ज़ीलतो का ज़िक्र मौजूद हैं।लेकिन इस का मतलब यह नही है कि पैग़म्बर इस्लाम (स.)के तमाम साथियों को मासूम मान लिया जाये और उनके तमाम आमाल […]

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      प्रकृति का संगम, रश्त

      Rate this post जंगल, वर्षा, चावल, रेशम, उफनती नदियों, बैगनी फूलों के विशाल स्थान, बसंती गुलाब, कमल के फूल, मुर्ग़ाबियों, हंसों, और विविधतापूर्ण वनस्पतियों जैसी विशेषताओं से संपन्न प्रांत का नाम गीलान है। गीलान प्रांत के नगर अपनी वास्तुकला, आर्थिक गतिविधियों, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व के कारण इस क्षेत्र के पर्यटन आकर्षण समझते जाते हैं। […]

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      हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

      Rate this post हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का नाम अली व आपकी मुख्य उपाधि रिज़ा है। माता पिता हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रत नजमा थीं। आपकी माता को समाना, तुकतम, व ताहिराह भी कहा जाता था। हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय नाम व लक़ब […]

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      सत्ता के बारे में हज़रत अली का दृष्टिकोण

      Rate this post इस्लाम के उदय के आरंभ के कुछ दशकों और उस काल की उतार-चढ़ाव भरी घटनाओं पर दृष्टि, हज़रत अली अलैहिस्सलाम जैसे महान व्यक्ति की प्रभावी भूमिका स्पष्ट करती है। हज़रत अली अलैहिस्सलाम बचपन में इस्लाम की प्रकाशमई शिक्षाओं से अवगत हुए और पैग़म्बरे इस्लाम सल्ल्ल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम पर ईमान […]

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      सिफ़ाते मोमिन (1)

      Rate this post बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम मोज़ू- सिफ़ाते मोमिन हदीस- रुविया इन्ना रसूलल्लाहि (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि) क़ाला “यकमलु अलमोमिनु ईमानहु हत्ता यहतविया अला माइता व सलासा ख़िसालिन फेलिन व अमलिन व नियतिन व बातिनिन व ज़ाहिरिन फ़क़ाला अमिरुल मुमिनीना(अलैहिस्सलाम) या रसूलल्लाह (सलल्ललाहु अलैहि व आलिहि) मा अलमाअतु व सलासा ख़िसालिन ? फ़क़ाला (सलल्ललाहु अलैहि व आलिहि) […]

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      पैग़म्बरे इस्लाम (स0) की हदीसें

      Rate this post 1. ऐ ख़ुदा के बन्दों! तुम सब बीमार की तरह हो और ख़ुदावन्दे आलम तबीब की तरह है पस मरीज़ों की सलाह (यानी) तुम्हारी सलाह इसी में है के जिसको तबीब जानता है और उसके लिये दस्तूर देता है (उसकी सलाह) इसमें नहीं है जो मरीज़ जानता है और जो करता है […]

    •  नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 26
      नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 26
      4.5 (90%) 2 vote[s]

      नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 26

      नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 264.5 (90%) 2 vote[s] नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 26 अल्लाह तबारका व तआला ने मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम को तमाम जहानों को (उनकी बद आमालियों से) मुतनब्बेह करने वाला और अपनी वह्ई का अमीन बना कर भेजा। ऐ गुरोहे अरब ! उस वक्त तुम बद तरीन […]

    •  ख़ुत्बा – 18
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      ख़ुत्बा – 18

      Rate this post [ फ़तावा (फ़त्वों, निर्णयों) में उलमा के मुख्तलिफुल आरा (विभित्र मत) होने की मज़म्मत (निन्दा) में फ़रमाया ] जब उन में से किसी एक के सामने कोई मुआमला (वाद, अभियोग) फ़ैसले (निर्णय) के लिये पेश होता है तो वह अपनी राय (विचार) से उन का हुक्म (निर्णय) लगा देता है। फिर वही […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 2
      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 2
      1.5 (30%) 2 vote[s]

      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 2

      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 21.5 (30%) 2 vote[s] नहजुल बलाग़ा वह किताब है जिसमें हज़रत अली अलैहिस्सलाम के कुछ कथनों, पत्रों और भाषणों को एकत्रित किया गया है। इस किताब को पवित्र कुरआन का भाई कहा जाता है। इस किताब में उस महान हस्ती के कुछ भाषणों, पत्रों और उपदेशों को […]

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      इंसान की इस्लाह नहजुल बलाग़ा की रौशनी में

      Rate this post इमामुल मुत्तक़ीन, अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली बिन अबी तालिब अलैहिस सलाम नहजुल बलाग़ा के कलेमाते क़ेसार की 89वीं हदीस में इरशाद फ़रमाते हैं: अगर इंसान अपने और ख़ुदा के दरमियान इस्लाह कर ले तो ख़ुदावंदे आलम उसके और लोगों को दरमियान इस्लाह कर देता है। इंसान की एक ख़ुसूसियत उसकी समाजी ज़िन्दगी […]

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      मुक़द्दम ए सैयदुल उलामा ……….

      Rate this post “मैने सत्तर खुत्बे अली इब्ने अबी तालिब (अ) अजबर (याद) किए हैं, जिनके फुयूज़ो-बरकात मेरे यहां नुमायां (स्पष्ट) हैं। ” इसके बाद इबनूल मुतवफ्फी (मृतक) सन् 142 का एतिराफ है जिसे अल्लामा हसन अन्नदूबी ने अपने उन हवाशी में जो किताब अल बयान वत तबईन लिल जाहिज़ पर लिखे हैं , वह […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार 17
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार 17

      Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम की दृष्टि में सरकार का लक्ष्य/ सरकार और सरकारी अधिकारियों के हितों की रक्षा करना नहीं है बल्कि मानवीय मूल्यों एवं नैतिक गुणों के आधार पर आदर्श समाज का गठन है। एक एसा समाज जो न्याय के प्रकाश में परिपूर्णता का मार्ग तय करे। महान व सर्वसमर्थ ईश्वर ने […]

    •  ख़ुत्बा – 13
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      ख़ुत्बा – 13

      Rate this post [अहले बसरा (बसरा निवासियों) की मज़म्मत (निन्दा) में ] तुम एक औरत (स्त्री) की सिपाह (सेना) में और एक चौपाए के ताबे (अधीन) थे। वह बिलबिलाया तो लब्बैक (आ गया आ गया) कहते हुए बढे और वह ज़ख्मी (आहत) हुआ तो तुम भाग खड़े हुए । तुम पस्त अख़लाक (नैतिक रुप से […]

    •  नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचय
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      नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचय

      Rate this post नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचयप्रिय पाठकों : आपने पवित्र किताब नहजुल बलाग़ा के बारे में सुना होगा और इस किताब को देखा भी होगा लेकिन नही मालूम कि इस किताब से आप कितने परिचित हैं और इसके बारे में कितना ज्ञान रखते हैं। नहजुल बलाग़ा अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली (अ) के कुछ […]

    •  लोगों के सम्मान को बचाना
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      लोगों के सम्मान को बचाना

      Rate this post जो लोगों के सम्मान को बचाता है अल्लाह तआला क़यामत के दिन उसकी ग़लतियों को क्षमा कर देगा। और जो लोगों से अपने ग़ुस्से पर कंट्रोल कर लेगा तो क़यामत में अल्लाह उससे अपने ग़जब (ग़ुस्सा) को ख़त्म कर देगा «مَنْ کَفَّ نَفْسَهُ عَنْ أَعْراضِ النّاسِ أَقالَهُ اللّهُ عَثْرَتَهُ یَوْمَ الْقِیمَةِ وَ […]

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      हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम की अहादीस

      Rate this post  हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन)  हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के वह प्रवचन जो उनकी ग़ैबते सुग़रा के समय उनसे प्राप्त हुए अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं की सेवा मे प्रस्तुत कर रहे हैँ। नोट– हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम ग़ैबते सुग़रा की अवधि मे अपने विशवसनीय मित्रों व अपने मुख्य प्रतिनिधियों से […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 21
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 21

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      हज़रत इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस

      Rate this post हज़रत इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन)  हम यहां पर अपने प्रिय़ः अध्ययनकर्ताओं के लिए   हज़रत इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम  के चालीस मार्ग दर्शक कथन प्रस्तुत  कर रहे हैं। 1-विपत्ति व कल्याण  हज़रत इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम ने कहा कि कभी कभी ऐसा होता है कि हरीस(लालची) संसारिक वस्तुओं मे से किसी को […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 9
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 9

      Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम के महान व्यक्तित्व के परिचय से विशेष यद्यपि बहुत अधिक विद्वानों और लेखकों ने बहुत अच्छे व सुन्दर शब्दों में हज़रत अली अलैहिस्सलाम के बारे में बहुत कुछ लिखा है परंतु किसी के अंदर इस बात की क्षमता ही नहीं है कि वह हज़रत अली अलैहिस्सलाम के वास्तविक व्यक्तित्व […]

    •  ख़ुत्बा – 17
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      ख़ुत्बा – 17

      Rate this post [ उन लोगों के बारे में जो उम्मत (जनता) के फ़ैसले (निर्णय) चुकाने के लिये मस्नदे क़ज़ा (न्याय की गद्दी) पर बैठ जाते हैं हालांकि वह उस के अहल (पात्र) नहीं होते ] तमाम लोगों में सबसे ज़ियादा (अधिक) ख़ुदा के नज़्दीक (समीप) मब्ग़ूज़ (द्वैष पात्र) दो शख्स (व्यक्ति) हैं। एक वह […]

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      हदीसें

      Rate this post पहला भाग 1. اَلدُّنيا أمَدٌ، الآخِرَةُ أبَدٌ; दुनिया ख़त्म होने वाली है और आख़िरत हमेशा बाक़ी रहने वाली है। 2. اَلتَّواضُعُ يَرفَعُ، اَلتَّكبُّرُ يَضَعُ ; (दूसरों के) आदर व सत्कार की भावना, (इंसान को) उच्चता प्रदान करती है और घमंड मिट्टी में मिला देता है। 3. اَلظَّفَرُ بِالحَزمِ وَالحَزِمُ بِالتَّجارِبِ; सफलता दूर […]

    •  क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 1
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      क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 1

      Rate this post बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम इस्लामी रिवायतों की बिना पर क़ुरआने मजीद की बे शुमार आयतें अहले बैत अलैहिम अस्सलाम के फ़ज़ाइल व मनाक़िब के गिर्द घूम रही हैं और इन्हीं मासूम हस्तियों के किरदार के मुख़्तलिफ़ पहलुओं की तरफ़ इशारा कर रही हैं। बल्कि कुछ रिवायतों की बिना पर पूरे कुरआन का ताल्लुक़ इनके मनाक़िब, […]

    •  नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 21
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      नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 21

      Rate this post नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 21 ”तुम्हारी मन्ज़िले मक़्सूद (गंतव्य स्थान) तुम्हारे सामने है। मौत की साअत (मृत्यु का क्षण) तुम्हारे अक़ब में (पीछे) है, जो तुम्हे आगे की तरफ़ (ओर) ले चल रही है। हल्के फुल्के रहो ताकि आगे बढ़ने वालों को पा सको। तुम्हारे अगलों को पिछलों का इन्तिज़ार कराया […]

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      11 शाबान, हज़रत अली अकबर की विलादत मुबारक हो

      Rate this post हज़रत अली अकबर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के बेटे हैं आपकी विलादत की तारीख़ के बारे में इतिहासकारों के बीच मतभेद पाया जाता है इसी लिए आपकी उम्र भी पता नहीं है। ज़्यादातर इतिहासकारों ने केवल कर्बला के मुसीबतें बयान करते हुए आपके हालात की चर्चा की है और केवल आपकी शहादत के […]

    •  आयातुल्लाह मुहम्मद तक़ी फलसफी – 3
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      आयातुल्लाह मुहम्मद तक़ी फलसफी – 3

      Rate this post आयातुल्लाह मुहम्मद तक़ी फलसफी उन बुद्धिजीवियों में शामिल हैं जिन्होंने विभिन्न विषयों पर अत्यन्त मूल्यवान पुस्तकें लिखी हैं। उनकी लगभग सभी किताबें अत्याधिक लाभदायक और उपयोगी हैं और उनके भाषणों की भी समाज के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके २०० से भी अधिक भाषणों को १६ किताबों में संकलित किया […]

    •  मानवता के अंतिम मुक्तिदाता
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      मानवता के अंतिम मुक्तिदाता

      Rate this post हज़रत इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम आज १५ शाबान का शुभ अवसर है। सन २५५ हिजरी क़मरी में १५ शाबान को हज़रत इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की फूफी जनाब हकीमा उनके घर आयीं ताकि अपने परिजनों से भेंट करें……. मानवता के अंतिम मुक्तिदाता हज़रत इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस आज १५ शाबान का […]

    •  हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया
      हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया
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      हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया

      हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया5 (100%) 1 vote[s] अबनाः हज़रत ज़ैनब इस्लामी इतिहास में एक महान महिला का नाम है जो आसमान पर जगमगा रहा है कि जिसका व्यक्तित्व उच्चतम नैतिक गुणों का संपूर्ण आदर्श है। ऐसी महिला जिसने अपने नर्म, दयालु व मेहरबानी दिल के साथ मुसीबतों के पहाड़ों […]

    •  हज़रत ख़दीजा (स.) की जीवन की एक झलक
      हज़रत ख़दीजा (स.) की जीवन की एक झलक
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      हज़रत ख़दीजा (स.) की जीवन की एक झलक

      हज़रत ख़दीजा (स.) की जीवन की एक झलक5 (100%) 1 vote[s] हज़रत खदीजा (स) की सीरत को उनको उन चंद सफ़हात में नही समेटा जा सकता, आपकी सीरते मुबारका के एक पहलू को पैग़म्बरे अकरम (स) की ज़बानी, पहले हमने यहाँ बयान किया है अब हम आपकी ज़िन्दगी के क़ीमती सफ़हात में कुछ की तरफ़ […]

    •  इमाम मोहम्मद तक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र
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      इमाम मोहम्मद तक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र

      Rate this post हिजरी क़मरी कैलेंडर के सातवें महीने रजब को उपासना और अराधना का महीना कहा जाता है जबकि इस पवित्र महीने के कुछ दिन पैग़म्बरे इस्लाम के परिजनों में कुछ महान हस्तियों से जुड़े हुए हैं जिनसे इस महीने की शोभा और भी बढ़ गई है। इस प्रकार की तारीख़ें बड़ा अच्छा अवसर […]

    •  आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह यज़्दी -1
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      आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह यज़्दी -1

      Rate this post आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह जनवरी 1935 में जन्में। उनके परिवार की केन्द्रीय ईरान के यज़्द शहर के एक धार्मिक परिवार में गणना होती थी और पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र परिजनों से अथाह श्रद्धा के लिए जाना जाता था। जिस समय रज़ा ख़ान पहलवी के शासन काल में हर ओर घुटन व दमनात्मक […]

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      इमाम हादी अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस

      Rate this post हज़रत इमाम अली नक़ी अलैहिस्सलाम का जन्म 212 हिजरी क़मरी में मदीने में हुआ। उनके जन्म से इंसानी इतिहास में नैतिकता व शिष्टाचार के सुनहरे अध्याय जुड़ गये। उनकी मुबारक ज़िंदगी लोगों के मार्गदर्शन का रौशन दिया था। वह इमाम हादी के नाम से भी मशहूर थे जिसका मतलब होता है मार्गदर्शक। […]

    •  पैग़म्बर के बाद हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का मर्सिया
      पैग़म्बर के बाद हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का मर्सिया
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      पैग़म्बर के बाद हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का मर्सिया

      पैग़म्बर के बाद हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का मर्सिया3 (60%) 1 vote[s] हज़रत फ़ातेमा ज़हरा पर दुखों के पहाड़ कब से टूटना आरम्भ हुए इसके बारे में यही कहा जा सकता है कि जैसे ही पैग़म्बरे इस्लाम ने इस संसार से अपनी आखें मूंदी, मुसीबतें आना आरम्भ हो गईं, और इन मुसीबतों का सिलसिला एक के […]

    •  वो शमअ क्या बुझे…
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      वो शमअ क्या बुझे…

      Rate this post ईद का दिन इमाम महदी (हमारी जानें उन पर क़ुर्बान हों) का जन्म दिन दुनिया के सभी पाक व आज़ाद इन्सानों के लिये ईद का दिन है। यह दिन केवल उन लोगों के लिये ख़ुशी का दिन नहीं है जो ज़ालिम हैं या उनके मानने वाले हैं वरना कौन आज़ाद इन्सान है […]

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      आयतुल्लाह ख़ामेनई के बयान की रौशनी में इस्लामी आइडियालॉजी

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    •  पैग़म्बरे इस्लाम स.अ. की वफ़ात
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      पैग़म्बरे इस्लाम स.अ. की वफ़ात

      Rate this post इलाही पैग़म्बरों ने दीन के नेहाल की सिंचाई की क्योंकि उन्हें इंसानी समाजों में भलाई फैलाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। उनका उद्देश्य समाज में तौहीद को फैलाना, अद्ल व न्याय की स्थापना और अंधविश्वास व जेहालत से लोगों को दूर कर कमाल (परिपूर्णतः) की ओर मार्गदर्शन करना था। इलाही पैग़म्बरों की […]

    •  हज़रत ख़दीजा(आ0) को दो कफ़न क्यूँ दिये गये?
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      हज़रत ख़दीजा(आ0) को दो कफ़न क्यूँ दिये गये?

      Rate this post हज़रत ख़दीजा अ. के बाप ख़ुवैलद और मां फ़ातिमा बिंते ज़ाएदा बिंते असम हैं। जिस परिवार में आपका पालन पोषण हुआ वह परिवार अरब के सारे क़बीलों में सम्मान की नज़र से देखा जाता था और पूरे अरब में उसका प्रभाव था। हज़रत ख़दीजा अ. अपनी क़ौम के बीच एक अलग स्थान […]

    •  आयतुल्लाह सैय्यद मुजतबा मूसवी लारी – 1
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      आयतुल्लाह सैय्यद मुजतबा मूसवी लारी – 1

      Rate this post ऐसे विशिष्ट विद्वान कि जिन्होंने अपना जीवन आत्मा की शुद्धि एवं धर्म की सेवा में बिताया है, सर्वश्रेष्ठ मनुष्य माने जाते हैं। इसलिए कि उन्होंने जीवन को दुनिया का सुख प्राप्त करने के लिए नहीं बल्कि मनुष्यों की सेवा एवं मानवीय विचारों के विकास के लिए गुज़ारा है और मानवीय समाज की […]

    •  आयतुल्लाह मुहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी -1
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      आयतुल्लाह मुहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी -1

      Rate this post उन्होंने अपने जीवन में दो पहलवी तानाशाहों का पतन देखा। इन दो शासकों के काल में लोगों के जीवन पर आयतुल्लाह फ़लसफ़ी का प्रभाव, उनकी अत्याचार विरोधी और न्यायप्रिय भावना को दर्शाता है। ईरानी सांसद और विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर डाक्टर ग़ुलाम हद्दाद आदिल का कहना है कि आयतुल्लाह फ़लसफ़ी की स्पष्ट विशेषता […]

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      आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली हुसैनी सीसतानी का ज़िन्दगीनामा

      Rate this post पैदाईश हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सीसतानी 9 रबीउल अव्वल सन् 1349 हिजरी क़मरी में मुक़द्दस शहर मशहद में पैदा हुए। आपके वालिद ने आपने जद के नाम पर आपका नाम अली रखा। आपके वालिदे मोहतरम का नाम सैयद मुहम्मद बाक़िर और दादा का नाम सैयद अली है, वह बहुत बड़े आलिम व ज़ाहिद […]

    •  अल्लामा अली दव्वानी
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      अल्लामा अली दव्वानी

      Rate this post मेहदी मौऊद अल्लामा मजलिसी की बिहारुल अनवार किताब के 13वें खंड का अनुवाद है, इसका अनुवाद अल्लामा दव्वानी ने किया है और 12वें इमाम हज़रत मेहदी (अ) के संबंध में यह एक सम्रद्ध किताब है, इसमें इस विषय की विभिन्न आयामों से समीक्षा की गई है। मेहदी मौऊद किताब की प्रस्तावना 180 […]

    •  अमीरुल मोमिनीन अली (अ) का जीवन परिचय  व आपकी विशेषताऐं
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      अमीरुल मोमिनीन अली (अ) का जीवन परिचय व आपकी विशेषताऐं

      Rate this post आपका नाम अली व आपके अलक़ाब अमीरुल मोमेनीन, हैदर, कर्रार, कुल्ले ईमान, सिद्दीक़,फ़ारूक़, अत्यादि हैं। आपके पिता हज़रतअबुतालिब पुत्र हज़रत अब्दुल मुत्तलिब व आपकी माता आदरनीय फ़तिमा पुत्री हज़रतअसद थीं। आप का जन्म रजब मास की 13वी तारीख को हिजरत से 23वर्ष पूर्व मक्का शहर के विश्व विख्यात व अतिपवित्र स्थान काबे […]

    •  पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) की बेअसत
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      पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) की बेअसत

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) की बेअसत की पैग़म्बरी की आधिकारिक ऐलान का दिन है। इस दिन अल्लाह ने अपनी कृपा व दया के अथाह समंदर के माध्यम से इंसान को लापरवाही और गुमराही के अंधेरे से निकाला। पैग़म्बरे इस्लाम (सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम) को यह महान […]

    •  इमाम हसन मुज्तबा अलैहिस्सलाम
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      इमाम हसन मुज्तबा अलैहिस्सलाम

      Rate this post इमाम हसन अलैहिस्सलाम के व्यक्तित्व का महत्व पैग़म्बरे इस्लाम के इस कथन से होता है जिसमें आपने कहाः जान लो कि हसन ईश्वर की ओर से मेरे लिए उपहार है पंद्रह रमज़ान उस महान हस्ती का शुभ जन्म दिवस है जो नैतिक मूल्यों व दया की खज़ाना था। तीन हिजरी को आज […]

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      क़िराअत और उसके अहकाम

      Rate this post सवाल 455:  उस नमाज़ का क्या हुक्म है जिसमें क़िराअते जम्हूरी (बुलन्द आवाज़ से) न हो? जवाब: मर्दो पर वाजिब है के सुब्ह मग़रिब और इशा की नमाज़ में हम्दो सूरा को बुलन्द आवाज़ से पढ़े लेकिन अगर भूले से या लाइल्मी की वजह से आहिस्ता पढ़लें तो नमाज़ सही और अगर […]

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      इस्लाम धर्म में विरासत का क़ानून

      Rate this post ‘विरासत’ एक अति प्रचलित शब्द है जिसका भावार्थ होता है अपने वंशजों से कुछ प्राप्त करना, चाहे वो धन-सम्पत्ति के रूप में हो या आदर्श, उपदेश अथवा संस्कार के रूप में। चिकित्सा विज्ञान का विश्वास है कि बीमारियां भी विरासत में प्राप्त होती हैं। परन्तु इस्लामी शरीअत में इस ‘पारिभाषिक’ शब्द का उपयोग उस धन-सम्पत्ति के लिए किया […]

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      क़ियाम मुत्तसिल ब रुकूअ

      Rate this post सवालः क़ियाम मुत्तसिल ब रुकूअ का क्या मतलब है? जवाबः रुकूअ से पहले वाले क़ियाम को क़ियाम मुत्तसिल ब रुकूअ कहते हैं न कि रुकूअ के बाद वाले क़ियाम को।

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      नमाज़ में भूल

      Rate this post सवालः अगर एक इंसान ज़ुहर की नमाज़ पढ़ते समय उसकी तीसरी या चौथी रकअत में भूले से अलह़म्द और एक सूरा पढ़ दे और नमाज़ के बाद उसे याद भी आ जाये तो क्या दोबारा से नमाज़ पढ़ना वाजिब है और अगर ध्यान ही न दे सके तो क्या उसकी नमाज़ सह़ी […]

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      तक़लीद की शर्तें

      Rate this post सवाल 9: क्या ऐसे मुजतहिद की तक़लीद जाएज़ है जिस ने मर्जाईयत के मरकज़ (ओहदा) को न संभाला हो और न ही उस की तौज़ीहुल मसाइल (फ़तवों की किताब) मौजूद हो? जवाब: मुजतहिद जामेउश शराइत होने के लिये ये शर्त नहीं है कि उस ने मर्जाईयत के मनसब को संभाल रखा हो और न […]

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      किताबों को पढ़ना

      Rate this post सवालः ऐसी किताबों को पढ़ना और ऐसी फ़िल्मों को देखना कैसा है जो सेक्स को उकसाते हैं? जवाबः जाएज़ नहीं हैं।

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      मेडिकल रिसर्च

      Rate this post सवालः मेडिकल रिसर्च में अगर मुर्दे की हड्डियों को छूना पड़े तो क्या ऐसी सूरत में ग़ुस्ल मसे मय्यत वाजिब होगा या नहीं? जवाबः अगर हड्डी का सम्बंध किसी मुसलमान से हो कि जिसे ग़ुस्ल दिया जा चुका है तो ग़ुस्ल मसे मय्यत वाजिब नहीं है वरना वाजिब है।

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      घर और वाजिब हज

      Rate this post सवालः मेरे पास अपना मकान नहीं है जबकि जिन लोगों की हैसियत मुझ से कम या मुझ जैसी है उन सब के पास घर हैं, तो क्या जो रूप्या मेरे पास है और जिससे हज किया जा सकता है उससे घर ख़रीद लूँ और हज बाद में कर लूँ? जवाबः अगर घर नहीं है […]

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      दो साल के बच्चे की देखभाल की वजह से हज करनें में देरी करना

      Rate this post सवालः क्या दो साल के बच्चे और उसकी मुश्किलों की वजह से हज में देर कीजा सकती है? हम और हमारी बीवी दोनो नौकरी करते हैं और दोनो की सेलेरी से ही ख़र्च चलता है या इंवेस्मेंट होता है, हमारा फ़रीज़ा (कर्तव्य) क्या है? जवाबः अगर कोई उसकी सरपरस्ती और देखरेख करने वाला न […]

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      हज 1

      Rate this post (2) वे एक एसे मरूस्थल की ओर बढ़ रहे हैं जो चारों ओर पर्वतों और घाटियों से घिरा है। इस खुले मैदान में स्वच्छ आकाश, खुला क्षितिज तथा चमकता सूर्य वे दृश्य हैं जो दर्शकों को अपनी ओर आकृष्ट करते हैं। हाजी को अरफ़ात, मशअर और मिना तीन स्थानों पर रूकना पड़ता […]

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      दाँतो और मसूड़ों के ख़ून का हुक्म

      Rate this post सवालः दाँतो और मसूड़ों से निकलने वाले ख़ून का क्या हुक्म है? जवाबः नजिस है और उसका निगलना हराम है लेकर अगर वोह थूक के साथ इस तरह मिल जाऐ कि उसका निशान व असर ख़त्म हो जाऐ तो पाक है और निगलने में कोई हर्ज नहीं है।

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      क़ज़ा नमाज़

      Rate this post सवालः अगर कोई इंसान सुबह़ की नमाज़ को उसके समय निकल जाने के बाद क़ज़ा की नियत से पढ़ना चाहता है तो क्या उसे ऊँची आवाज़ से पढ़ेगा या धीमी आवाज़ से? जवाबः सुबह़ मग़रिब और इशा की नमाज़ों के अलह़म्द और उसके बाद वाले सूरे को ऊँची आवाज़ में पढ़ना ज़रूरी […]

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      सदक़े के पैसे से लोन देना

      Rate this post सवालः अगर मेरे पास सदक़े के पैसे हों और मैं अपनी मर्ज़ी से उसे किसी को क़र्ज़ दे दूं ताकि उसकी मुश्किल निपट जाए और मुश्किल ख़त्म हो जाने के बाद वह मुझे लौटा दे उस समय मैं उसे सदक़े के रूप में किसी मोहताज के हवाले कर दूँ तो उसका क्या हुक्म […]

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      कफ़न के अहकाम

      Rate this post 576. मुसलमान की मैयित को तीन कपड़ों का कफ़न देना ज़रूरी है, जिन्हे लुंग, क़मीस और चादर कहा जाता है। 577. एहतियात की बिना पर ज़रूरी है कि लुंग ऐसी हो जो नाफ़ से घुटनों तक तमाम बदन को छुपा ले और बेहतर यह है कि सीने से पाँव के नीचे तक […]

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      वुज़ू को बातिल करने वाली चीज़ें

      Rate this post सवालः किन चीज़ों से वुज़ू टूट जाता है? जवाबः सात चीज़ें वुज़ू को बातिल कर देती हैं। (1)   पेशाब या इस्तबरा से पहले पेशाब करने की जगह से निकलने वाली वो रुतूबत जिसके बारे में न जानता हो की ये पेशाब है या कोई और चीज़। (2)   पाखाना। (3)   रियाह जो मेदा […]

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      वह चीज़ें जो रोज़ेदार के लिए मकरूह हैं

      Rate this post (1666) रोज़े दार के लिए कुछ चीज़ें मकरूह हैं जिन में से बाज़ यह हैं- (1) आँख में दवा डालना और सुरमा लागाना जब कि उस का मज़ा या बू हलक़ में पहुँचे। (2) हर ऐसा काम करना जो कि कमज़ोरी का बाइस हो मसलन फ़स्द खुलवाना और हम्माम जाना। (3) (नाक […]

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      वुज़ू के पानी को सुखाना

      Rate this post सवालः क्या वुज़ू के बाद भीगेपन को किसी चीज़ के ज़रिये सुखाना मकरूह है और क्या न सुखाना मुस्तह़ेब है? जवाबः अगर कोई ख़ास कपड़ा इस काम के लिए रख रखा हो तो कोई मुश्किल नहीं है।

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      सोने चांदी का इस्तेमाल

      Rate this post सवाल 429: मर्दों के बारे में सोने की अंगूठी ख़ास तौर पर नमाज़ में पहनने का क्या हुक्म है? जवाब: किसी हालत में मर्द के लिये सोने की अंगूठी पहनना जाएज़ नहीं है और ऐहतियाते वाजिब की बिना पर इस में उसकी नमाज़ भी बातिल है। सवाल 440: मर्दों के लिये सफ़ैद सोने की अंगूठी पहनने […]

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      ग़ुस्ल के अह़काम

      Rate this post सवालः क्या ग़ुस्ले जेनाबत करते समय जिस्म पर पानी का जारी होना शर्त है? जवाबः ग़ुस्ल की नियत से पूरे जिस्म का धोना ज़रूरी है लेकिन पानी का जिस्म पर जारी होना शर्त नहीं है केवल पानी का पूरे जिस्म पर पहुँचना काफ़ी है।

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      समय से पहले वुज़ू करना

      Rate this post सवालः समय से पहले नमाज़ के लिए वुज़ू करना कैसा है इसलिए कि आपने किसी के सवाल के जवाब में फ़रमाया है कि नमाज़ के अव्वले वक़्त (राइट टाइम) से नज़दीक में किया जाने वाले वुज़ू से नामाज़ पढ़ी जा सकती है आपकी मुराद अव्वले वक़्त से नज़दीक की मात्रा कितनी है? जवाबः नमाज़ […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-10

      Rate this post क्या खाएं क्या न खाएं और किस प्रकार खाएं यह प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा का एक महत्त्वपूर्ण विषय है जिस पर प्राचीन चिकित्सा के हकीम विशेष रूप से ध्यान दिया करते थे और बहुत सी समस्या जैस जलवायु, आयु का बढ़ना आदि जो कि मनुष्य की क्षमता व शक्ति से बाहर हैं और […]

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      ज़ैतून व खजूर के लाभदायक गुण

      Rate this post क़ुरआन में छः बार ज़ैतून शब्द का प्रयोग किया गया है और पैग़म्बरे इस्लाम (स) और उनके परिजनों के कथनों में ज़ैतून की चमत्कारिक विशेषता की ओर संकेत किया गया है। ज़ौतून लघु एशिया की स्थानीय वनस्पति है जो लगभग 6000 वर्ष पूर्व ऐसे क्षेत्र में उगती थी जिसकी जलवायु भूमध्य सागरीय […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-8

      Rate this post आग प्रकृति में गर्मी की प्रतीक है। आग हल्की और गर्म है। इसकी छिपी हुई विशेषता शुष्क है और यह उस शरीर का चिन्ह है जिसकी प्रवृत्ति बहुत ही गर्म हो। इसी विशेषता के आधार पर प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा के हकीमों ने इस तत्व का नाम तात्विक आग रखा है। जिन लोगों […]

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      पारंपरिक चिकित्सा -6

      Rate this post हमने बताया था कि हर पदार्थ चार मूल तत्वों से मिलकर बनते हैं। तात्विक मिट्टी, तात्विक जल, तात्विक हवा और तात्विक अग्नि। हमने हर तत्व की मनोदशा भी बयान की थी। डाक्टर नासीरी कहते हैं कि हमने बताया था कि तात्विक मिट्टी की ज़िम्मेदारी स्थिर रखना है और सृष्टि की सारी चीज़ों […]

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      जल्दी सोने से बच्चे मोटे नहीं होते

      Rate this post जल्दी सोने का एक लाभ यह है कि बच्चों को जल्दी सोने के लिए कहने वाले माता-पिता उन्हें मोटा होने से रोकते हैं और उन्हें छरहरा रखते हैं। शोधकर्ताओं ने नौ से 16 आयुवर्ग के 2200 बच्चों के सोने और जागने के समय का अध्ययन किया जिसमें उन्होंने पाया कि जो बच्चे […]

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      सफेद मोतियाबंदि का एलाज

      Rate this post सफेद मोतियाबिंद के आपरेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वषों के दौरान सफेद मोतिया की शल्य चिकित्सा से संबंधित एक और क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है जिसने रोगियों के उपचार को और भी सरल व सटीक बना दिया है। फेमटोसेकंड लेज़र इस क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आया है। […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-20

      Rate this post जैसा कि आप जानते हैं कि ईरान की पारंपरिक चिकित्सा शैली के बहुत से समर्थक हैं और यह शैली मानसिक स्वास्थय को बहुत महत्व देती है। विशेषज्ञ डाक्टर शीरवान इस बारे में कहते हैं कि प्राचीन ईरान के चिकित्सकों व वैधों के अनुसार खाने भी उन चीज़ों में शामिल हैं जिनसे मन […]

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      सर्दी में स्वास्थ्य का ध्यान रखने के कुछ उपाय

      Rate this post सर्दी के मौसम में बुखार और संक्रमण काफी तेज़ी से फैलता है इसलिए बेहतर यह है कि मनुष्य अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का प्रयास करे और इसके लिए खाने में पपीता, कद्दू, गाजर, टमाटर, पालक, आंवला और अमरूद जैसे मौसमी फलों एवं सब्ज़ियों का प्रयोग करना चाहिये। यदि खाने-पीने […]

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      अधिक टेलीविजन देखने से हो सकता है आपकी जान को ख़तरा

      Rate this post आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि टेलीविजन आपके स्वास्य के लिए खतरनाक हो सकता हैं। लंबे समय तक टेलीविजन देखने से मधुमेह, मोटापा और हृदय रोग जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं। हाल ही में हुए शोधों से ये बात सामने आई है कि लंबे समय तक टीवी देखने से हृदय रोग […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-13

      Rate this post समय बीतता जाता है और प्रकृति में परिवर्तन आते रहते हैं, समय रंग बदलता रहता है और मौसम एक के बाद एक आते रहते हैं, बसंत के बाद गर्मियां, उसके बाद पतझड़ और फिर सर्दियों का मौसम आ जाता है। हर मौसम की अपनी विशेषताएं होती हैं और वह अपने प्रभाव छोड़ता […]

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      सलाद खाओ स्वास्थ्य बनाओ

      Rate this post नियमित रूप से सलाद का सेवन स्वास्थ्य बनाये रखता है। सलाद की सहायता से भोजन सरलता से पचता है और उसमें कई प्रकार के विटामिन, लौह तत्व, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स और लवण मौजूद होते हैं जिनसे रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। सलाद बनाने से पहले ध्यान में रखना आवश्यक है कि […]

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      काफ़ी के स्वास्थ्य संबंधी गुण

      Rate this post ख़ुशबूदार भाप उड़ाती काफ़ी लोगों का बड़ा मनपसंद पेय होने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है।नए अनुसंधान में पता चला है कि काफ़ी का उचित प्रयोग महिलाओं में हृदय रोगों तथा पक्षाघात की आशंकाओं को बहुत कम कर सकता है। स्वीडन में दस वर्षों तक जारी रहने वाले शोध […]

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      हार्ट पेशेंट के लिए अच्छी ख़बर

      Rate this post   वैज्ञानिकों ने पहली बार हृदय रोग में ग्रस्त रोगियों को शुभसूचना दी है जिसके आधार पर अब हृदयरोग में ग्रस्त मरीज़ों की त्वचा की कोशिकाओं को स्वस्थ हार्ट टीशूज़ में बदला जा सकता है। इस संबंध में हुए शोध के अनुसार भविष्य में दिल के दौरे के शिकार रोगियों की बीमार […]

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      धूम्रपान से बौद्धिक क्षमता कम होती है।

      Rate this post एक नये शोध में पता चला है कि धूम्रपान पुरुषों की बौद्धिक क्षमता में कमी का एक कारण है। सिगरेट के बारे में किए जाने वाले अनुसंधान हर बार इससे मानव स्वास्थ्य को होने वाले एक नए नुक़सान से अवगत कराते हैं। कॉलेज विश्वविद्यालय लंदन में किए गये ऐसे ही एक शोध […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-18

      Rate this post ईरान की पारंपरिक चिकित्सा शैली में स्वस्थ जीवन के छह आवश्यक सिद्धांत में खाने और पीने को विशेष स्थान प्राप्त है। पानी के प्रयोग की शैली और उसकी आहार उपयोगिता स्वास्थय की रक्षा और विभिन्न स्वभावों में संतुलन लाने में बहुत प्रभावी होती है। विशेषज्ञ डाक्टर मीनाई का कहना है कि लोगों […]

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      पारम्परिक चिकित्सा-4

      Rate this post चिकित्सा की हर विचारधारा या थ्योरी अपने विशेष दृष्टिकोण से चिकित्सा के विषय अर्थात मनुष्य के शरीर को देखता है और अपनी विशेष परिभाषा और शब्दकोश रखता है। इन विचाधाराओं से अवगत होने के लिए इन शब्दावलियों, परिभाषाओं और शब्दकोशों का जानना आवश्यक है। डाक्टर नासीरी का कहना है कि ईरान का […]

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      पारंपरिक चिकित्सा – 7

      Rate this post जल की विशेषता व प्रवृत्ति तरल, बहने वाला, सक्रिय और द्रव होना है, पानी ठंडा और भारी है। जल की छिपी हुई विशेषता तरलता है इसी आधार पर ईरान के प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा में से इस तत्व को तरल और ठंडा कहा गया है अर्थात तात्विक जल की गुणवत्ता व विशेषता ठंडी […]

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      तिब्बे इमामे सदिक़(अ)

      Rate this post मन्सूर दवानीक़ी के दरबार में सादिक़े आले मोहम्मद अलैहिस्सलाम तशरीफ़ फ़रमा थे, एक हिन्दी तबीब ने अपने इल्म पर नाज़ किया, मालूमात का इज़हार किया, इमाम ख़ामोशी से सुनते रहे, हिन्दी ने जराअत की और कहा के आप इस इल्म से ज़रूर इस्तेफ़ादा करें। इरशाद हुआ के मुझे तेरे इल्म की कोई […]

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      शलजम का फ़ायदा

      Rate this post शलजम खाओ क्योंकि कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसके शरीर में कोढ़ की नस न हो और शलजम इस नस को जला देती हैः इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम शलजम खाओ क्योंकि कोई ऐसा शख़्स नहीं है जिसके जिस्म में कोढ़ की रग न हो और शलजम इस नस को जला देती हैः […]

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      मधुमेह के रोगियों में आयु बढ़ने के साथ आंत के कैंसर का ख़तरा बढ़ जता हैः शोध

      Rate this post आस्ट्रेलिया में एक नए शोध में दावा किया गया है कि मधुमेह से ग्रस्त लोगों में आयु बढ़ने के साथ आंत के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने शोध में पाया कि दूसरी श्रेणी के मधुमेह वाले पुरुषों में घातक आंत कैंसर का ख़तरा ज्यादा […]

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      88- सूरए ग़ाशिया

      Rate this post 88- सूरए ग़ाशिया का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- क्या तुम्हें ढाँप लेने वाली क़ियामत की बात मालूम है। 2- उस दिन बहुत से चेहरे रुसवा होंगे। 3- लगातार काम करते रहने वाले थके हुए। 4- दहकती हुई आग में दाखिल होंगे। […]

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      87- सूरए आला

      Rate this post 87- सूरए आला का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- अपने बलन्द मर्तबा परवर दिगार के नाम की तस्बीह करो। 2- वह परवर दिगार जिसने पैदा किया और दुरूस्त बनाया। 3- जिसने तक़दीर मुऐयन की और फिर हिदायत दी। 4- वह जिसने चरागाह […]

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      96- सूरए अलक़

      Rate this post 96- सूरए अलक़ का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- उस पालने वाले का नाम ले कर पढ़ो जिसने पैदा किया। 2- जिसने इंसान को जमे हुए खून से पैजदा किया। 3- पढ़ो तुम्हारा पालने वाला (अल्लाह) बड़ा करीम है। 4- जिसने क़लम के […]

    • 102 सूरए तकासुर
      4 (80%) 1 vote[s]

      102 सूरए तकासुर

      102 सूरए तकासुर4 (80%) 1 vote[s] 102 सूरए तकासुर का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- तुम अधिक प्राप्ति और गर्व की होड़ मे व्यस्त हो गये (जिसने तुम्हें अल्लाह की याद से दूर कर दिया) 2- यहाँ तक कि तुम क़ब्रों पर गये (और अपने मुर्दों […]

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      84- सूरए इनशेक़ाक़

      Rate this post 84- सूरए इनशेक़ाक़ का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- जब आसमान फट जायेगा। 2- और अपने रब का हुक्म बजा लायेगा और यह ज़रूरी भी है। 3- और जब ज़मीन को बराबर करके फैला दिया जायेगा। 4- और जो कुछ वह अपने […]

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      111 सूरए मसद

      Rate this post 111 सूरए मसद का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-अबु लहब के दोनों हाथ टूट जायें और वह मर जाये। 2-उसके माल और कमाये हुए सामान ने उसे कोई फ़ायदा नही दिया। 3-वह जल्दी ही भड़कती हुई आग मे डाला जायेगा। 4-और उसकी पत्नी […]

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      110 सूरए नस्र

      Rate this post 110 सूरए नस्र का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-जब अल्लाह की मदद और फ़तह( विजय) मिल जायेगी। 2-तो आप देखेंगे कि असंख्यक लोग अल्लाह के दीन मे सम्मिलित होंगें। 3-बस अपने पालने वाले की हम्द के साथ तस्बीह करो और उससे इस्तग़फ़ार करो( […]

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      क़ुरआन करीम

      Rate this post ASAN HINDI TARJUMA haif>j> nj>r Ahmd Hindi transliteration is done by a team of www.understandquran.com Tel: 0091-6456-4829 / 0091-9908787858 Hyderabad, India www.Momeen.blogspot.com www

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      78-सूरए नबा का अनुवाद

      Rate this post शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- यह लोग आपस में किस बात के बारे में सवाल कर रहे हैं। 2- बहुत बड़ी खबर के बारे में । 3- जिसके बारे में इन के बीच इख्तेलाफ़ है। 4- कुछ नही वह जल्दी ही जान लेंगे। 5- […]

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      100 सूरए आदियात

      Rate this post 100 सूरए आदियात का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- तेज़ रफ़्तार दौड़ते हुए घोड़ों की क़सम। 2- जो टाप मार कर चिंगारियाँ उड़ाते हैं। 3- और सुबह के वक़्त हमला करते हैं। 4- फिर ग़ुबारे जंग उड़ाते हैं। 5- और दुशमन के लश्कर […]

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      सूरए बकारा का अनुवाद

      Rate this post शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम (दयालु व कृपालु) है। 1. यह अक्षर, अल्लाह व पैग़म्बर (स.) के मध्य एक रहस्य है। 2. यह (महान) किताब जिसके (हक़) होने में कोई संदेह नहीं है, मुत्तक़ी (नेक) लोगों का मार्ग दर्शन करती है। 3. (मुत्तक़ी) वह लोग हैं […]

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      92- सूरए लैल

      Rate this post 92- सूरए लैल का हिन्ही अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- रात की क़सम जब वह (दुनियाँ) को ढाँप ले। 2- और दिन की क़सम जब वह चमक जाये। 3- और उसकी क़सम जिसने मर्द और औरत को पैदा किया। 4- बेशक तुम्हारी कोशिशें […]

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      107 सूरए माऊन

      Rate this post 107 सूरए माऊन का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-क्या तुमने क़ियामत को झुटलाने वाले (इंसान) को देखा। 2-वह वही है जो यतीम को (गुस्से के साथ) भगा देता है। 3-और यतीमो (अनाथों) को खाना खिलाने के लिए दूसरे लोगों को तशवीक़(प्रोतसाहित) भी नही […]

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      89- सूरए फ़ज्र

      Rate this post 89- सूरए फ़ज्र का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- फ़ज्र की क़सम। 2- और दस रातों की क़सम। 3- और जुफ़्त (जोड़ा) व ताक़(तन्हा) की क़सम। 4- और रात की क़सम जब वह ढलने लगे। 5- क्या इन चीज़ों में आक़िल लोगों के […]

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      98- सूरए बय्यिनह

      Rate this post 98- सूरए बय्यिनह का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- अहले किताब में से काफ़ेरीन लोग और मुशरेकीन अपने कुफ़्र से अलग होने वाले नही थे जब तक उनके पास खुली दलील न आ जाती । 2- अल्लाह का रसूल जो उन पर पाक […]

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      106 सूरए क़ुरैश

      Rate this post 106 सूरए क़ुरैश का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- (अबरहे और उसकी सेना का इस लिए विनाश किया गया) कि क़ुरैश को (इस मुक़द्दस ज़मीन अर्थात मक्के से) मुहब्बत हो जाये। 2- ताकि (इस मुहब्बत के कारण) वह सर्दी और गर्मी की उन […]

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      114 सूरए नास

      Rate this post 114 सूरए नास का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम (दयालु और कृपालु) है। 1-ऐ रसूल कह दीजिए कि मैं इंसानों के रब (अल्लाह)) की पनाह(शरण) चाहता हूँ। 2-जो तमाम लोग़ों का मालिक है। 3-जो सब इंसानों का माबूद(जिसकी इबादत की जाये) है। 4-छुप कर व […]

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      99- सूरए ज़िलज़ाल

      Rate this post 99- सूरए ज़िलज़ाल का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- जब ज़मीन ज़ोरदार ज़लज़ले में आजायेगी. 2- और वह सारे ख़ज़ाने निकाल डालेगी। 3- और इंसान कहेगा कि इसे क्या हो गया। 4- उस दिन वह अपनी खबरें ब्यान करेगी। 5- कि तुम्हारे पालने […]

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      सूरए हुजरात

      Rate this post लेखक- उस्ताद मोहसिन क़राती अनुवादक- सैय्यद क़मर ग़ाज़ी सूरए हुजरात मदीनें में नाज़िल हुआ और इसकी अठ्ठारह आयतें हैं। यह सूरए आदाब व अखलाक़ के नाम से भी मशहूर है। हुजरात हुजरे (कमरे) का बहुवचन है। इस सूरह मे रसूलेअकरम (स.) के हुजरों (कमरों) का वर्णन हुआ है। इसी वजह से इस […]

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      86- सूरए तारिक़

      Rate this post 86- सूरए तारिक़ का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- आसमान और तारिक़ की क़सम। 2-और तुम क्या जानों कि यह तारिक़ क्या है। 3- यह एक चमकता हुआ सितारा है। 4- कोई नफ़्स ऐसा नही है जिसके ऊपर देख रेख करने वाला […]

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      सूरए तौबा, आयतें 31-35, (कार्यक्रम 303)

      Rate this post आइये पहले सूरत तौबा की आयत क्रमांक 31 की तिलावत सुनें।اتَّخَذُوا أَحْبَارَهُمْ وَرُهْبَانَهُمْ أَرْبَابًا مِنْ دُونِ اللَّهِ وَالْمَسِيحَ ابْنَ مَرْيَمَ وَمَا أُمِرُوا إِلَّا لِيَعْبُدُوا إِلَهًا وَاحِدًا لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ سُبْحَانَهُ عَمَّا يُشْرِكُونَ (31)आसमानी किताब वालों ने ईश्वर को छोड़ कर धर्म के ज्ञानियों, बैरागियों और मरयम के पुत्र (ईसा) मसीह को […]

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      सूरए हूद, आयतें 64-68, (कार्यक्रम 361)

      Rate this post आइये पहले सूरए हूद की आयत संख्या 64 की तिलावत सुनते हैं।وَيَا قَوْمِ هَذِهِ نَاقَةُ اللَّهِ لَكُمْ آَيَةً فَذَرُوهَا تَأْكُلْ فِي أَرْضِ اللَّهِ وَلَا تَمَسُّوهَا بِسُوءٍ فَيَأْخُذَكُمْ عَذَابٌ قَرِيبٌ (64)(हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम ने कहा) हे मेरी जाति वालो! ईश्वर की (इच्छा से अस्तित्व में आने वाली) यह ऊंटनी तुम्हारे लिए चमत्कार है, […]

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      सूरए आराफ़, आयतें 143-146, (कार्यक्रम 263)

      Rate this post आइये सूरए आराफ़ की आयत संख्या 143 की तिलावत सुनते हैंوَلَمَّا جَاءَ مُوسَى لِمِيقَاتِنَا وَكَلَّمَهُ رَبُّهُ قَالَ رَبِّ أَرِنِي أَنْظُرْ إِلَيْكَ قَالَ لَنْ تَرَانِي وَلَكِنِ انْظُرْ إِلَى الْجَبَلِ فَإِنِ اسْتَقَرَّ مَكَانَهُ فَسَوْفَ تَرَانِي فَلَمَّا تَجَلَّى رَبُّهُ لِلْجَبَلِ جَعَلَهُ دَكًّا وَخَرَّ مُوسَى صَعِقًا فَلَمَّا أَفَاقَ قَالَ سُبْحَانَكَ تُبْتُ إِلَيْكَ وَأَنَا أَوَّلُ الْمُؤْمِنِينَ (143)और […]

    •  ईश्वरीय वाणी – 25
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      ईश्वरीय वाणी – 25

      Rate this post इससे पहले वाली कड़ी में हम ने उल्लेख किया था कि हज़रत यूसुफ़ (अ) को निर्दोष होने के बावजूद जेल में डाल दिया गया। दो और युवाओं को भी उसी समय हज़रत यूसुफ़ के साथ जेल में डाला गया। एक दिन उन दोनों ने एक सपना देखा और हज़रत यूसुफ़ के सामने […]

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      सूरए माएदा; आयतें 55-59 (कार्यक्रम 176)

      Rate this post आइए पहले सूरे माएदा की 55वीं और 56वीं आयतों की तिलावत सुनते हैं।إِنَّمَا وَلِيُّكُمُ اللَّهُ وَرَسُولُهُ وَالَّذِينَ آَمَنُوا الَّذِينَ يُقِيمُونَ الصَّلَاةَ وَيُؤْتُونَ الزَّكَاةَ وَهُمْ رَاكِعُونَ (55) وَمَنْ يَتَوَلَّ اللَّهَ وَرَسُولَهُ وَالَّذِينَ آَمَنُوا فَإِنَّ حِزْبَ اللَّهِ هُمُ الْغَالِبُونَ (56)(हे ईमान वालो!) तुम्हारा अभिभावक तथा स्वामी केवल ईश्वर, उसका पैग़म्बर और वे ईमान वाले […]

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      सूरए आले इमरान; आयतें १७९-१८२ (कार्यक्रम 113)

      Rate this post आइए पहले सूरए आले इमरान की १७९वीं आयत की तिलावत सुनते हैं।مَا كَانَ اللَّهُ لِيَذَرَ الْمُؤْمِنِينَ عَلَى مَا أَنْتُمْ عَلَيْهِ حَتَّى يَمِيزَ الْخَبِيثَ مِنَ الطَّيِّبِ وَمَا كَانَ اللَّهُ لِيُطْلِعَكُمْ عَلَى الْغَيْبِ وَلَكِنَّ اللَّهَ يَجْتَبِي مِنْ رُسُلِهِ مَنْ يَشَاءُ فَآَمِنُوا بِاللَّهِ وَرُسُلِهِ وَإِنْ تُؤْمِنُوا وَتَتَّقُوا فَلَكُمْ أَجْرٌ عَظِيمٌ (179)ईश्वर का यह इरादा नहीं […]

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      सूरए नहल, आयतें 66-69, (कार्यक्रम 458)

      Rate this post आइये पहले सूरए नहल की आयत नंबर 66 की तिलावत सुनें। وَإِنَّ لَكُمْ فِي الْأَنْعَامِ لَعِبْرَةً نُسْقِيكُمْ مِمَّا فِي بُطُونِهِ مِنْ بَيْنِ فَرْثٍ وَدَمٍ لَبَنًا خَالِصًا سَائِغًا لِلشَّارِبِينَ (66)और निश्चित रूप से तुम्हारे लिए चौपायों में शिक्षा (सामग्री) है। जो कुछ उनके पेट में है उसमें से गोबर और रक्त के बीच […]

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      सूरए आराफ़ आयतें 160-162, (कार्यक्रम 268)

      Rate this post आइये सूरए आराफ़ की आयत संख्या 160 की तिलावत सुनते हैं।وَقَطَّعْنَاهُمُ اثْنَتَيْ عَشْرَةَ أَسْبَاطًا أُمَمًا وَأَوْحَيْنَا إِلَى مُوسَى إِذِ اسْتَسْقَاهُ قَوْمُهُ أَنِ اضْرِبْ بِعَصَاكَ الْحَجَرَ فَانْبَجَسَتْ مِنْهُ اثْنَتَا عَشْرَةَ عَيْنًا قَدْ عَلِمَ كُلُّ أُنَاسٍ مَشْرَبَهُمْ وَظَلَّلْنَا عَلَيْهِمُ الْغَمَامَ وَأَنْزَلْنَا عَلَيْهِمُ الْمَنَّ وَالسَّلْوَى كُلُوا مِنْ طَيِّبَاتِ مَا رَزَقْنَاكُمْ وَمَا ظَلَمُونَا وَلَكِنْ كَانُوا أَنْفُسَهُمْ […]

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      सूरए आले इमरान; आयतें १२१-१२५ (कार्यक्रम 102)

      Rate this post आइए पहले सूरए आले इमरान की १२१वीं आयत की तिलावत सुनते हैं।وَإِذْ غَدَوْتَ مِنْ أَهْلِكَ تُبَوِّئُ الْمُؤْمِنِينَ مَقَاعِدَ لِلْقِتَالِ وَاللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ (121)(हे पैग़म्बर! याद करो) जब तुम ईमान वालों को युद्ध के लिए तैयार करने हेतु सुबह तड़के अपने घर से बाहर आए। और ईश्वर (तुम्हारी हर बात और कर्म को) […]

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      सूरए बक़रह; आयतें 215-218 (कार्यक्रम 64)

      Rate this post सूरए बक़रह की आयत नंबर २१५ इस प्रकार है।يَسْأَلُونَكَ مَاذَا يُنْفِقُونَ قُلْ مَا أَنْفَقْتُمْ مِنْ خَيْرٍ فَلِلْوَالِدَيْنِ وَالْأَقْرَبِينَ وَالْيَتَامَى وَالْمَسَاكِينِ وَابْنِ السَّبِيلِ وَمَا تَفْعَلُوا مِنْ خَيْرٍ فَإِنَّ اللَّهَ بِهِ عَلِيمٌ (215)(हे पैग़म्बर) वे आपसे पूछते हैं कि भलाई के मार्ग में क्या ख़र्च करें? कह दीजिए कि माता-पिता, परिजनों, अनाथों, दरिद्रों तथा […]

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      सूरए ताहा, आयतें 61-66, (कार्यक्रम 553)

      Rate this post आइये पहले सूरए ताहा की 61वीं और 62वीं आयतों की तिलावत सुनें। قَالَ لَهُمْ مُوسَى وَيْلَكُمْ لَا تَفْتَرُوا عَلَى اللَّهِ كَذِبًا فَيُسْحِتَكُمْ بِعَذَابٍ وَقَدْ خَابَ مَنِ افْتَرَى (61) فَتَنَازَعُوا أَمْرَهُمْ بَيْنَهُمْ وَأَسَرُّوا النَّجْوَى (62) मूसा ने उन लोगों से कहाः धिक्कार हो तुम पर! झूठ गढ़ कर उसे ईश्वर पर न थोपो […]

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      सूरए यूसुफ़, आयतें 96-99, (कार्यक्रम 400)

      Rate this post आइये अब सूरए यूसुफ़ की आयत संख्या 96 की तिलावत सुनते हैं।فَلَمَّا أَنْ جَاءَ الْبَشِيرُ أَلْقَاهُ عَلَى وَجْهِهِ فَارْتَدَّ بَصِيرًا قَالَ أَلَمْ أَقُلْ لَكُمْ إِنِّي أَعْلَمُ مِنَ اللَّهِ مَا لَا تَعْلَمُونَ (96)तो जब (हज़रत यूसुफ़ की क़मीस लेकर) संदेश वाहक आया तो उसने उसे उनके (अर्थात हज़रत याक़ूब के) चेहरे पर डाल […]

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      सूरए अन्फ़ाल, आयतें 73-75, (कार्यक्रम 295)

      Rate this post आइये पहले सूरए अन्फ़ाल की आयत संख्या 73 की तिलावत सुनते हैं।وَالَّذِينَ كَفَرُوا بَعْضُهُمْ أَوْلِيَاءُ بَعْضٍ إِلَّا تَفْعَلُوهُ تَكُنْ فِتْنَةٌ فِي الْأَرْضِ وَفَسَادٌ كَبِيرٌ (73)और जिन लोगों ने कुफ़्र अपनाया वे एक दूसरे के मित्र व समर्थक हैं और यदि तुम (काफ़िरों के संबंध में ईश्वर के आदेशों का) पालन न करो […]

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      सूरए तौबा, आयतें 28-30, (कार्यक्रम 302)

      Rate this post आइये पहले सूरए तौबा की 28वीं आयत की तिलावत सुनें।يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آَمَنُوا إِنَّمَا الْمُشْرِكُونَ نَجَسٌ فَلَا يَقْرَبُوا الْمَسْجِدَ الْحَرَامَ بَعْدَ عَامِهِمْ هَذَا وَإِنْ خِفْتُمْ عَيْلَةً فَسَوْفَ يُغْنِيكُمُ اللَّهُ مِنْ فَضْلِهِ إِنْ شَاءَ إِنَّ اللَّهَ عَلِيمٌ حَكِيمٌ (28) हे ईमान वालो! निश्चित रूप से अनेकेश्वरवादी अपवित्र हैं तो इस वर्ष के बाद […]

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      सूरए बक़रह; आयतें 180-182 (कार्यक्रम 56)

      Rate this post सूरए बक़रह की आयत नंबर 180 इस प्रकार है।كُتِبَ عَلَيْكُمْ إِذَا حَضَرَ أَحَدَكُمُ الْمَوْتُ إِنْ تَرَكَ خَيْرًا الْوَصِيَّةُ لِلْوَالِدَيْنِ وَالْأَقْرَبِينَ بِالْمَعْرُوفِ حَقًّا عَلَى الْمُتَّقِينَ (180)जब भी तुममें से कोई मृत्यु के समीप हो जाए तो आवश्यक है कि वह अपने माल में से माता-पिता और अन्य परिजनों के लिए अच्छी वसीयत करे […]

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      सूरए इसरा, आयतें 1-2, (कार्यक्रम 474)

      Rate this post आइये पहले सूरए इसरा की पहली आयत की तिलावत सुनें। بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ .سُبْحَانَ الَّذِي أَسْرَى بِعَبْدِهِ لَيْلًا مِنَ الْمَسْجِدِ الْحَرَامِ إِلَى الْمَسْجِدِ الْأَقْصَى الَّذِي بَارَكْنَا حَوْلَهُ لِنُرِيَهُ مِنْ آَيَاتِنَا إِنَّه هُوَ السَّمِيعُ الْبَصِيرُ (1) ईश्वर के नाम से जो अत्यंत कृपाशील और दयावान है। (हर प्रकार की बुराई व किसी […]

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      सूरए आले इमरान; आयतें १२६-१३१ (कार्यक्रम 103)

      Rate this post आइए पहले सूरए आले इमरान की १२६वीं और १२७वीं आयतों की तिलावत सुनते हैं।وَمَا جَعَلَهُ اللَّهُ إِلَّا بُشْرَى لَكُمْ وَلِتَطْمَئِنَّ قُلُوبُكُمْ بِهِ وَمَا النَّصْرُ إِلَّا مِنْ عِنْدِ اللَّهِ الْعَزِيزِ الْحَكِيمِ (126) لِيَقْطَعَ طَرَفًا مِنَ الَّذِينَ كَفَرُوا أَوْ يَكْبِتَهُمْ فَيَنْقَلِبُوا خَائِبِينَ (127)और ईश्वर ने (शत्रु के साथ युद्ध में फ़रिश्तों को) तुम्हें शुभसूचना […]

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      सूरए बक़रह; आयतें 222-227 (कार्यक्रम 66)

      Rate this post सूरए बक़रह की आयत नंबर २२२ और २२३ इस प्रकार है।وَيَسْأَلُونَكَ عَنِ الْمَحِيضِ قُلْ هُوَ أَذًى فَاعْتَزِلُوا النِّسَاءَ فِي الْمَحِيضِ وَلَا تَقْرَبُوهُنَّ حَتَّى يَطْهُرْنَ فَإِذَا تَطَهَّرْنَ فَأْتُوهُنَّ مِنْ حَيْثُ أَمَرَكُمُ اللَّهُ إِنَّ اللَّهَ يُحِبُّ التَّوَّابِينَ وَيُحِبُّ الْمُتَطَهِّرِينَ (222) نِسَاؤُكُمْ حَرْثٌ لَكُمْ فَأْتُوا حَرْثَكُمْ أَنَّى شِئْتُمْ وَقَدِّمُوا لِأَنْفُسِكُمْ وَاتَّقُوا اللَّهَ وَاعْلَمُوا أَنَّكُمْ مُلَاقُوهُ […]

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      सूरए आराफ़, आयतें 150-153, (कार्यक्रम 265)

      Rate this post आइये सूरए आराफ़ की आयत संख्या 150 की तिलावत सुनते हैंوَلَمَّا رَجَعَ مُوسَى إِلَى قَوْمِهِ غَضْبَانَ أَسِفًا قَالَ بِئْسَمَا خَلَفْتُمُونِي مِنْ بَعْدِي أَعَجِلْتُمْ أَمْرَ رَبِّكُمْ وَأَلْقَى الْأَلْوَاحَ وَأَخَذَ بِرَأْسِ أَخِيهِ يَجُرُّهُ إِلَيْهِ قَالَ ابْنَ أُمَّ إِنَّ الْقَوْمَ اسْتَضْعَفُونِي وَكَادُوا يَقْتُلُونَنِي فَلَا تُشْمِتْ بِيَ الْأَعْدَاءَ وَلَا تَجْعَلْنِي مَعَ الْقَوْمِ الظَّالِمِينَ (150)और जब मूसा […]

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      सूरए आराफ़, आयतें 167-169, (कार्यक्रम 270)

      Rate this post आइये सूरए आराफ़ की आयत संख्या 167 की तिलावत सुनते हैं।وَإِذْ تَأَذَّنَ رَبُّكَ لَيَبْعَثَنَّ عَلَيْهِمْ إِلَى يَوْمِ الْقِيَامَةِ مَنْ يَسُومُهُمْ سُوءَ الْعَذَابِ إِنَّ رَبَّكَ لَسَرِيعُ الْعِقَابِ وَإِنَّهُ لَغَفُورٌ رَحِيمٌ (167)और (याद करो) उस समय जब तुम्हारे पालनहार ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि वह प्रलय तक के लिए उस (अत्याचारी गुट) […]

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      हज़रत अली (अ) और कूफे के अनाथ

      Rate this post एक दिन हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने देखा किएक औरत अपने कंधे पर पानी की मश्क उठाए हुएले जा रही है आपने इस औरत से मश्क ले ली और मश्क उसके घर पहुंचा दी. पानी की मश्क उसके घरतक पहुंचाने के बाद आपने उसका हाल चाल भी पूछा. महिला ने कहा: अली इब्ने अबी् तालिब ने मेरे पतिको कहीं काम से भेजा गया था जहां वह मार डालेगए अब में यतीम बच्चों की पालन पोषण कर रहीहूँ हालांकि उनकी सरपरस्ती और पालन पोषण मेरेबस से बाहर है हालात से मजबूर होक्रर लोगों केघरों में जाकर सेवा करती हूँ . अली अलैहिस्सलाम यह सुन कर अपने घर वापसआ गए और पूरी रात आप नहीं सोए अगली सुबह आपने एक टोकरी में खाने पीने का सामान रखा औरऔरत के घर की ओर चल पडे,, रास्ते में कुछ लोगों ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम से अनुरोध किया कि खाने कीचीजों से भरी हुई टोकरी उन्हें दे दें वह पहुँचा देंगें मगर हज़रत अली यह कहते जाते थेः क़यामत के दिन मेरे कार्यों का बोझ कौन उठाएगा? उस स्त्री के घर के दरवाजे पर पहुँचने के बाद आपने दरवाजा खटखटाया. महिला ने पूछा कौन है? हज़रत ने जवाब दिया: जिसने कल तुम्हारी मदद की थी और [...]

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      कंजूस व धोखेबाज़ व्यक्ति

      Rate this post पुराने समय की बात है एक व्यक्ति बहुत ही कंजूस था जिसने कभी किसी के साथ कोई सदकर्म नहीं किया था। वह सदैव धन इकट्ठा करने में लगा रहता, कम खाता और दूसरों की सहायता भी नहीं करता था। कंजूस व्यक्ति में बहुत सी बुराइयों के बावजूद एक अच्छी आदत भी थी […]

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      दूसरा हिस्सा- नमाज़ का फ़लसफ़ा

      Rate this post 26 नमाज़ अल्लाह की याद है। अल्लाह ने हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम से फ़रमाया कि मेरी याद के लिए नमाज़ क़ाइम करो। एक मख़सूस तरीक़े से अल्लाह की याद जिसमे इंसान के बदन के सर से पैर तक के तमाम हिस्से शामिल होते हैं।वज़ू के वक़्त सर का भी मसाह करते हैं और […]

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      रिश्तेदारों से मिलना जुलना

      Rate this post इस्लाम ने जिन समाजी और सोशली अधिकारों की ताकीद की है और मुसलमानों को उनकी पाबंदी का हुक्म दिया है उनमें से एक यह है कि वह अपने घर परिवार और रिश्तेदारों के साथ हमेशा अच्छे सम्पर्क बनाये रखें इसी को सिल-ए-रहेम अर्थात रिश्तेदारों से मिलना जुलना कहा जाता है। इसलिये एक […]

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      मित्रता का फल

      Rate this post प्राचीन काल की बात है एक शहर में एक दुकानदार रहता था। वह सदाचारी और ईमानदार व्यक्ति था। अपनी इसी विशेषता से वह लोगों में जाना जाता था। वह दुकानदार कृपालु और अतिथि प्रेमी भी था। सदैव ही वंचितों और निर्धनों की सहायता करता था। एक दिन वह अपनी दुकान में एक […]

    • रिश्तों की अहमियत
      3.5 (70%) 8 vote[s]

      रिश्तों की अहमियत

      रिश्तों की अहमियत3.5 (70%) 8 vote[s] बचपन एक ऐसा दौर है जिसको हम बड़े प्यार से पीछे मुड़ कर देखा करते हैं। वो ऐसा वक्त होता है जब जिंदगी छोटी-छोटी खुशियों से भरी और जिम्मेदारियों से खाली होती है। मगर जरा गहराई से सोच कर देखिए कि क्या बच्चे सचमुच आजाद हैं? या वो अपने […]

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      बुद्धिमान पत्नी (2)

      Rate this post पिछली कड़ी में आप क़ुली नामक व्यक्ति से परिचित हुए जो अपनी पत्नी के साथ रहता था मगर उसके कोई संतान न थी। बाप बनना उसकी सबसे बड़ी इच्छा थी और ईश्वर ने उसकी यह प्रार्थना सुन ली। जब उसे पता चला कि वह बाप बनने वाला है तो वह फूले नहीं […]

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      आइये हम भी पुल बनाएं

      Rate this post एक मेहनती और दयालू बाप जिसके दो बेटे थे। बाप दुनिया से चल बसा और बेटों के लिये विरासत में एक बाग़ छोड़ गया। कई वर्षों तक दोनों भाई हँसी ख़ुशी साथ साथ रहे लेकिन अचानक एक छोटे से बिगाड़ की वजह से आपस में लड़ पड़े। कुछ दिन तक दोनों तरफ़ […]

    •  इस्लामी जीवन शैली में ख़ुशी का महत्व
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      इस्लामी जीवन शैली में ख़ुशी का महत्व

      Rate this post प्रसन्नता और ख़ुशी, इन्सान की ज़रूरतों में से और उसके जीवन के लिए आवश्यक है। यही कारण है कि हम संसार में ख़ूबसूरत और इन्सान के मन को प्रसन्न करने वाले दृश्य पाते हैं। अद्भुत वसंत, सूर्य उदय का दृश्य, जंगल और पहाड़, रंग बिरंगी प्रकृति, चहचहाते परिंदे, यहां तक कि इन्सानों […]

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      राजा का दुःस्वप्न- 3

      Rate this post जैसा कि पिछली कड़ी में इस बात का उल्लेख किया कि पुराने समय में हीलार नाम का एक राजा राज करता था। उसने एक डरावना स्वप्न देखा और महल के ब्रमणनों को उसका अर्थ जानने के लिए बुलाया किन्तु ब्रहमणों ने राजा से शत्रुता के कारण स्वप्न का ग़लत अर्थ बता कर […]

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      चूहा और ऊंट

      Rate this post एक दिन की बात है एक जवान मोटा ताज़ा चूहा एक मैदानी क्षेत्र में घूम रहा था, इस चूहे में सबसे बड़ी कमी यह थी कि वह स्वयं को विश्व के सब चूहों से अधिक शक्तिशाली और चतुर समझता था। वह घमंड और आत्ममुग्धता में इस प्रकार ग्रस्त हो गया था कि […]

    •  स्‍वास्‍थ्‍यकर एवं स्वास्थ्य के महत्व
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      स्‍वास्‍थ्‍यकर एवं स्वास्थ्य के महत्व

      Rate this post स्‍वास्‍थ्‍य ऐसे कामों और गतिविधियों को कहते हैं कि जो किसी एक व्यक्ति या समाज की शक्ति और स्वास्थ्य एवं ऊर्जा में वृद्धि के लिए अंजाम दी जाती हैं। इन गतिविधियों में वह समस्त जानकारियां और शैलियां शामिल होती हैं जो व्यक्ति एवं समाज के स्वास्थ्य की सुरक्षा में प्रभावी होती हैं। […]

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      नाई और रंगरेज़-3

      Rate this post पिछली कड़ी में हमने आपको बताया था सिकंदरिया नगर में दो मित्र अबूक़ीर रंगरेज़ और अबूसीर नाई रहते थे। अबूक़ीर एक धोकेबाज़ व झूठा आदमी था। किन्तु अबूसीर सुशील एवं सच्चा व्यक्ति था। बाज़ार में मंदी के कारण वे दोनों एक दूसरे शहर चले गए। यात्रा के दौरान अबूक़ीर खाता और सोता […]

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      एक दंपति के यहां लंबे समय के बाद संतान का जन्म

      Rate this post प्राचीनकाल की बात है एक दंपति के लंबे समय तक संतान नहीं हुई।  संतान की प्राप्ति के लिए उन्होंने अपना बहुत उपचार करवाया।  उपचार के पश्चात ईश्वन ने उन्हें एक पुत्र प्रदान किया।  उन्होंने अपने पुत्र का नाम माहेर रखा।  माहेर धीरे-धीरे बड़ा होने लगा।  एक दिन माहेर के पिता ने अपनी […]

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      राजा का दुःस्वप्न-2

      Rate this post प्राचीन समय में दूर स्थान पर हिलार नाम का एक राजा रहता था। उसने एक स्वप्न देखा परंतु महल में रहने वाले पंडितों व ब्राह्मणों ने राजा से शत्रुता के कारण उसके स्वप्न की व्याख्या अपनी इच्छानुसार किया और उसे अधिक डरा दिया। दरबार में रहने वाले ब्राह्मणों ने कहा कि स्वप्न […]

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      शक्तिशाली राजा और हातिम ताई (1)

      Rate this post कहते हैं कि प्राचीनकाल में यमन में एक शक्तिशाली राजा रहता था जो बहुत ही धनवान और दानी था। यमन में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसकी आवश्यकता की पूर्ति उस सदगुणी और दानी राजा ने न की हो। यमन में हर ओर इस देश के दानी शासक के दान-दक्षिणा की […]

    •  दांपत्य जीवन के सिद्धांत
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      दांपत्य जीवन के सिद्धांत

      Rate this post आदर्श या इस्लामी जीवन शैली में जिन बिन्दुओं पर बल दिया जाता है उनमें पारिवारिक संबंधों विशेष रूप से पति-पत्नी के बीच संबंधों का तर्कपूर्ण होना शामिल है। परिवार को नुक़सान पहुंचाने वाली मुसीबतों में से एक दूसरे से अतार्किक अपेक्षाएं व इच्छाएं रखना है। कभी कभी इन इच्छाओं व अपेक्षाओं के […]

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      क़ुराने मजीद अदब

      Rate this post बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम क़ुराने मजीद अदब 1. क़ुरआन रब की ख़ास इनायत का नाम है। क़ुरआन नज़मो ज़बते शरीयत का नाम है। क़ुरआन एक ज़िंदा हक़ीक़त का नाम है। क़ुरआन ज़िंदगी की ज़रूरत का नाम है। क़ुरआन एक किताबे इलाही जहाँ में है। क़ुरआन के बग़ैर तबाही जहाँ में है। 1. क़ुरआन किरदगार की […]

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      बुद्धिमान पत्नी (1)

      Rate this post प्राचीन काल में क़ुली नाम का एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ रहा करता था। उनका जीवन बड़ा शांत और अच्छा गुज़र रहा था। उनके जीवन में बहुत सी कहानियों की भांति केवल एक ही दुख था और वह था संतान का न होना। उनके विवाह को कई वर्ष बीत चुके थे […]

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      संयम (सब्र) की अहमियत

      Rate this post कामों में सब्र की भूमिका, जिस्म पर सिर की तरह है कि अगर सिर, जिस्म से अलग हो जाए तो जिस्म बेजान हो जाता है उसी तरह अगर काम में सब्र न हो तो काम बर्बाद हो जाते हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम सब्र ही अहमियत कामों में सब्र का किरदार जिस्म पर […]

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      अमर आंदोलन-२

      Rate this post आज ईरान में मुहर्रम की पहली तारीख़ है।  यह इस्लामी महीना अपने साथ जो यादें लेकर आता है यदि उनको समझा जाए तो मुहर्रम की विशेष मजलिसों अर्थात सभाओं व जुलूसों आदि का कारण समझ में आ जाता है। आइए पहले मुहर्रम की पृष्ठभूमि को समझते हैं। विभिन्न प्रकार की घटनाओं के […]

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      अमर आंदोलन-१०

      Rate this post इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने २ मुहर्रम सन ६१ हिजरी को करबला मे क़दम रखा था और समय बीतने के साथ ही साथ वे अपने लक्ष्य को संसार के सामने स्पष्ट करते जा रहे थे।  प्रचार और प्रसार माध्यम के रूप में केवल इमाम हुसैन के वे साथी थे जो अपने पत्रों को […]

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      इमाम हुसैन अ. के सहाबी

      Rate this post स) वह शहीद जिनका सम्बंध ह़ज़रत इमाम अली (अ.स) से हैं। 9, उबैदुल्लाह इब्ने अली (अ स) तबरी ने आपकी मां का नाम लैला बिन्ते मसऊद नहली उल्लेख किया है और लिखा है हेशाम इब्ने मुह़म्मद के गुमान से आप तफ़ में शहीद हुए। (1) अबुलफ़रज ने भी अबुबक्र इब्ने उबैदुल्लाह तलह़ी […]

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      इमाम हुसैन अ. का मक्के जाना

      Rate this post मदीने से इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम के निकलने का कारण यह था कि यज़ीद ने मदीने के शासक वलीद इब्ने अतबा के नाम ख़त में हुक्म दिया था कि मेरे कुछ विरोधियों से (जिनमें से एक इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम भी थे) ज़रूर बैयत ली जाए   सवाल-2-  इमाम ह़ुसैन (अ स) ने मदीने से ही […]

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      ख़ून की विजय – 1

      Rate this post आज पहली मोहर्रम की पूर्व संध्या है। चारों ओर शोक का वातावरण है। दुनिया भर के मुसलमान पैग़म्बरे इस्लाम के नाती हज़रत इमाम हुसैन और उनके निष्ठावान साथियों की शहादत को याद करके उनके शोक में डूबे हुए हैं। चारों ओर इमाम बाड़े सज रहे हैं और शोक सभाओं के आयोजन की […]

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      कूफ़े का चयन

      Rate this post सवाल-5- इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने आंदोलन के लिए कूफ़े का चयन क्यों किया? पूरे इस्लामी इतिहास में हमेशा से यह सवाल शिया, सुन्नी और ओरियन्टालिस्ट स्कालर्स व शोधकर्ताओं व विचारकों की बातचीत की धुरी रहा है और हर एक ने अपनी इल्मी योग्यता, अपनी परिकल्पनाओं और स्वीकृत सिद्धांतों के अनुसार इसका जवाब दिया […]

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      अमर आंदोलन-८

      Rate this post  र्बला की अभूतपूर्व घटना की अलग व अनूठी विशेषताए हैं जिन्हें गुज़रते हुए काल और समय नहीं भुला सके हैं।  अत्याचार और बरबरता के मुक़ाबले में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों की वीरता तथा साहस की याद हर स्वतंत्रताप्रेमी को प्रभावित कर देती है। ६१ हिजरी क़मरी में कर्बला के मरूस्थल […]

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      आशूरा- वास्तुकला

      Rate this post इस कार्यक्रम में हम कर्बला, इमाम हुसैन (अ) और उनके साथियों की शहादत की याद में निर्माण किए जाने वाले पवित्र स्थलों जैसे कि इमाम बाड़ा और सक्क़ा ख़ाने अर्थात प्याऊ का विवरण पेश करेंगे। समाज, परिवार और जलवायु परिस्थितियों की भांति धर्म भी मनुष्य की जीवन शैली को प्रभावित करता है। […]

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      यमन का चयन न करना

      Rate this post सवाल 6: इमाम हुसैन अ. ने अपने आंदोलन के लिए यमन का चयन क्यूं नहीं किया जहाँ पहले से शिया मौजूद थे? इब्ने अब्बास जैसे दिग्गज लोगों के कथनों में यह प्रस्ताव देखने में आता है कि इमाम यमन की तरफ़ चले जाएं और वहाँ से अपने प्रचारकों को आसपास के इलाक़ों में […]

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      जनाबे शहेरबानों की स्टोरी

      Rate this post सवाल 11: क्या तीसरे यज़्दगिर्द की बेटी जनाबे शहर बानों, इमाम सज्जाद अ. की माँ थीं और कर्बला की ज़मीन पर मौजूद थीं? और इमाम हुसैन अ. के हुक्म से ईरान की तरफ़ को चला जाना और उस मज़ार में दफ़्न होना जो फ़िलहाल तेहरान में बीबी शहेरबानो के नाम से मशहूर है, […]

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      इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम का मक्के जाना

      Rate this post सवालः 3- इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम आंदोलन के शुरू में मदीने से मक्के क्यों गए? मदीने से इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम के निकलने का कारण यह था कि यज़ीद ने मदीने के शासक वलीद इब्ने अतबा के नाम ख़त में हुक्म दिया था कि मेरे कुछ विरोधियों से (जिनमें से एक इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम भी थे) ज़रूर बैयत […]

    •  आशूरा के आमाल
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      आशूरा के आमाल

      Rate this post रोज़े आशूरा मुहम्मद और आले मुहम्मद (स.अ.) पर मुसीबत का दिन है। आशूर के दिन इमाम हुसैन अ. ने इस्लाम को बचाने के लिए अपना भरा घर और अपने साथियों को ख़ुदा की राह में क़ुर्बान कर दिया है, हमारे आइम्मा-ए-मासूमीन अ. ने इस दिन को रोने और शोक मनाने से विशेष […]

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      ख़ून की विजय – 8

      Rate this post आज आशूर अर्थात दसवीं मुहर्रम है जो ऐसा दुखों भरा दिन है जिसका सामना करके इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों ने धर्म और मानवता की रक्षा की। अत्याचारी शासक का यज़ीद की हज़ारों की सेना ७२ लोगों को घेरे हुए थी और सत्य व असत्य की कभी न भूलने वाली युद्ध […]

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      अमर आंदोलन-९

      Rate this post हमने गत कार्यक्रमों में कहा था कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम, अम्रबिल मारूफ़ व नहि अनिल मुनकर अर्थात भलाई की ओर बुलाने और बुराई से रोकने के लिए निकले थे और उनका यह उद्देश्य अत्यधिक विस्तृत था।  इसके अन्तर्गत वे शासन व्यवस्था में सुधार और भ्रष्ट तत्वों का अंत चाहते थे तथा साथ […]

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      ख़ून की विजय – 2

      Rate this post मोहर्रम का महीना इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के आंदोलन की याद दिलाता है। कर्बला के मैदान में हुसैनी आंदोलन सदैव के लिए अमर हो गया। हो सकता है कि आपके मन में यह प्रश्न उठे कि पैग़म्बरे इस्लाम के स्वर्गवास के पचास वर्ष बाद की कम अवधि में इस्लामी समाज कहां पहुंच गया […]

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      हुसैनी आंदोलन-7

      Rate this post दसवीं मोहर्रम की घटना, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का आंदोलन, उनका चेहलुम और अन्य धार्मिक अवसर इस्लामी इतिहास का वह महत्वपूर्ण मोड़ हैं जहां सत्य और असत्य का अंतर खुलकर सामने आ जाता है। इमाम हुसैन के बलिदान से इस्लाम धर्म को नया जीवन मिला और तथा इस ईश्वरीय धर्म के प्रकाशमान दीप […]

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      कर्बला में ज़िंदा बच जाने वाले लोग

      Rate this post सवाल 10- क्या कर्बला में मौजूद लोगों में से इमाम सज्जाद अ. के अलावा कोई और इंसान ज़िन्दा बचा था या नहीं? इतिहास की किताबों के पढ़ने से कुछ लोगों के ज़िन्दा बाक़ी रह जाने की बात कही जा सकती है, हम दो हिस्सों 1. बनी हाशिम 2. दूसरे असहाब के संदर्भ में […]

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      इमाम ह़ुसैन अलैहिस्सलाम का पाक सर कहां दफ़्न हुआ

      Rate this post सवालः.8. इमाम ह़ुसैन (अ स) का सर कहाँ दफ़्न हुआ? ख़ास तौर पर इमाम ह़ुसैन (अ स) के मुबारक सर और आम तौर पर दूसरे कर्बला के शहीदों के मुबारक सरों के दफ़्न होने की जगह के बारे में शिया व अहले सुन्नत की इतिहास की किताबों तथा शियों की हदीसों की किताबों […]

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      ख़ून की विजय – 4

      Rate this post इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम प्रत्येक अवसर पर लोगों का मार्गदर्शन करते और मायामोह व अंधकार में डूबे लोगों को जागरुक बनाते रहते थे। यही कारण है कि जब यज़ीदी सेना के एक सेनापति हुर ने उनका रास्ता रोका और उनसे कहा कि वे कूफ़ा नगर नहीं जा सकते तो इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने […]

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      28 सफ़र रसूले इस्लाम स. और इमाम हसन अ. की शहादत

      Rate this post इलाही पैग़म्बरों की एक अहेम ज़िम्मेदारी जेहालत, बेदीनी, अंध विश्वास के विरुद्ध संघर्ष और अन्याय, ज़ुल्म और मानवाधिकारों के हनन के ख़ेलाफ़ आंदोलन छेड़ना था। आख़री इलाही पैग़म्बर, रसूले इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने भी इंसानियत को जेहालत, भेदभाव और ज़ुल्म से नजात दिलाने के लिए अपना आंदोलन चलाया […]

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      आइये फ़ारसी सीखे 72

      Rate this post विदेश में ईरान के सांस्कृतिक विचार विमर्श वास्तव में ईरान का सांस्कृतिक विचार विमर्श केन्द्र, इस्लामी संपर्क व सांस्कृतिक संगठन से संबंधित संस्था है और ईरान से बाहर संस्कृति के क्षेत्र में अपनी मूल्यवान गतिविधियां अंजाम दे रहा है। इस सांस्कृतिक केन्द्र की महत्त्वपूर्ण गतिविधियां, ईरानी और इस्लामी संस्कृति व सभ्यता की […]

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      आइये फ़ारसी सीखे – 65

      Rate this post ईरान के एक शोध व उपचार केन्द्र “रोयान” से परिचित यह ईरान में बांझपन के उपचार का एक प्रसिद्ध केन्द्र है और बहुत से लोग उपचार के लिए यहां आते हैं। “रोयान” उपचार केन्द्र आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाओं से सम्मन्न है और पूरे विश्वास से कहा जा सकता है कि पूरे विश्व में […]

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      आइए फ़ार्सी सीखें-50

      Rate this post आज हम आपको कुछ ईरानी मिठाइयों के बारे में बताने जा रहे हैं। अधिकांश धार्मिक समारोहों में अतिथियों के सत्कार के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के व्यंजन और मिठाइयां बनाई जाती हैं। मुहम्मद और उसके मित्र रामीन ने पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्ललाहो अलैहे वआलेही वसल्लम के शुभ जन्म दिसव के […]

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      ईरान में ज्ञान आंदोलन-1

      Rate this post ईरान में ज्ञान आंदोलन 12 साल से जारी है और इसके परिणाम स्वरूप ईरान ने ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति की है और यदि यह गति इसी प्रकार जारी रही तो ईरान का नाम वैज्ञानिक उपलब्धियों और नई खोज के क्षेत्र में विश्व स्तर पर चौथे नंबर पर […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 20

      Rate this post दो मित्र मुहम्मद और रामीन बाज़ार की मस्जिद में पवित्र क़ुरआन को सजाने और उसको प्रदीप्त करने के बारे में बात कर रहे हैं। मुहम्मद मस्जिद में रखे सुन्दर मिंबर की ओर जाता है। लकड़ी की बनी सीढ़ीदार व ऊंची कुर्सी को मिंबर कहते हैं। मिंबर में लगभग चार से पांच सीढ़ीयां […]

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      आईये फ़ारसी सीखें-29

      Rate this post जैसा कि आपको याद होगा पिछली कुछ कड़ियों में हमने संक्षेप रूप से आपको ईरान के मार्गों से अवगत कराया। पिछली कड़ी में हमने ईरान के हवाई उद्योग एवं मार्गों के संबंध में बातचीत की, इस कार्यक्रम में हम ईरान में हवाई यात्रा के बारे में बातचीत करेंगे। यद्यपि विमानन उद्योग और […]

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      फारसी सीखें 49

      Rate this post रमज़ान का पवित्र महीना वह महीना है जिसमें ईरान के लोग भी अन्य मुसलमानों की भांति रोज़ा रखते हैं। ईरान में लोग इफ़तार और सहर के समय कुछ विशेष व्यंजन तैयार करते हैं जो रमज़ान से ही विशेष हैं। इस महीने में ईरान के विभिन्न नगरों में भांति-भांति की मिठाइयां बनाई जाती […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-14

      Rate this post मुहम्मद अपने किसी मित्र से मिलने तेहरान में स्थित एक दूतावास गया है। उन्होंने कुछ समय तक आपस में वार्ता की। बाद में श्री कमाल भी उनमें बढ़ गए। कमाल एक युवा हैं जो धाराप्रवाह फ़ार्सी बोलता है। वह लेबनान वासी हैं। मुहम्मद और कमाल आपस में विभिन्न विषयों पर वार्ता करते […]

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      आइए फ़ार्सी सीखें – 44

      Rate this post अत्याचारी शासक शाह के भ्रष्टाचारों का रहस्योद्घाटन करने के कारण इमाम ख़ुमैनी को जूलाई १९६३ को गिरफ़्तार करके तेहरान में जेल भेज दिया गया था।  कुछ समय तक जेल में रहने के पश्चात इमाम खुमैनी को स्वतंत्र कर दिया गया किंतु शाह के तत्व उनपर पूरी तरह से नज़र रखे हुए थे।  […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 33

      Rate this post आज के कार्यक्रम में इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी पर चर्चा करेंगे। जिसने भी ईरान का नाम सुना होगा वह इमाम ख़ुमैनी के नाम से अवश्य ही परिचित होगा। वह विश्व की बड़ी धार्मिक हस्ती और राजनेताओं में गिने जाते थे। उनका पूरा नाम रूहुल्लाह मूसवी ख़ुमैनी था। उनका जन्म […]

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      आइए फ़ार्सी सीखें – 42

      Rate this post स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने जीवन भर अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया।  अत्याचारी पहलवी सरकार के विरुद्ध उनका संघर्ष १९६३ से बहुत गंभीर हो गया जो इस्लामी क्रांति की सफलता तक जारी रहा।  देश के भीतर पाए जाने वाले घुटन के वातावरण, देश की विदेशियों पर निर्भर्ता तथा शाह की इस्लाम विरोधी नीतियों […]

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      आइये फ़ारसी सीखे – 68

      Rate this post हमारे इस कार्यक्रम का साथी मुहम्मद ईरान छोड़कर जा रहा है। वह अपने देश में फ़ारसी भाषा व साहित्य पढ़ायेगा। अभी उसके साथ आए हैं उसे विदा करने के लिए। मुहम्मद का हर मित्र के उसके लिए उपहार लाया है और मुहम्मद इस प्रेम से बहुत प्रसन्न हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय के बेहतरीन […]

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      आइए फ़ार्सी सीखें – 46

      Rate this post   वर्ष १९२३ में ईरानी युवाओं का एक गुट विमान चलाने का प्रशिक्षण लेने के लिए रूस और फ़्रांस गया था।  ईरान मे जहाज़ के पहले कारख़ाने ने १९३५ में अपना कार्य आरंभ किया।  उसके बाद वर्ष १९३८ में आधिकारिक रूप से तेहरान में मेहराबाद हवाई अड्डे का उद्घाटन किया गया।  मेहराबाद […]

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      आईये फ़ारसी सीखें-16

      Rate this post ईरान में लकड़ी के हस्तकला उद्योगों में से एक क़लमकारी भी है जो बहुत ही सूक्ष्म कला है। आज की चर्चा में हम आपको क़लमकारी से परिचित कराएंगे। क़लमकारी में क़लमकार, अनेक प्रकार की लकड़ियों, हाथी के दांत, हड्डी और सीप को प्रयोग करता है। इन वस्तुओं को त्रिभुज से लेकर दसभुजाओं […]

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      आईये फारसी सीखें – 24

      Rate this post मुहम्मद लोरिस्तान प्रांत के एक छात्र से परिचित हुआ और उसने लोरी भाषा और लोरिस्तान प्रांत के बारे में कुछ नई बातें सीखीं। वह मसऊद से बात करता है जो हंसमुख स्वभाव का एक लम्बा युवा है। उसके चेहरे से ही स्नेह टपकता है और वह मनमोहर लोरी लहजे में अपने प्रांत […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 38

      Rate this post आज के कार्यक्रम और अगली कुछ कड़ियों में आपको ईरान के पड़ोसी देशों से परिचित कराएंगे। आज की चर्चा में हम ईरान के दो पड़ोसी देश तुर्की और आज़रबाइजान की ओर संकेत करेंगे। तुर्की ईरान के पश्चिमोत्तर में स्थित है और दोनों देशों के बीच व्यापक सांस्कृतिक व आर्थिक संबंध हैं और […]

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      आईये फ़ारसी सीखें-28

      Rate this post आज के कार्यक्रम में ईरानी रेलवे के इतिहास के बारे में बात करेंगे। वर्ष 1886 में तेहरान और शहरे रै के बीच ईरान की प्रथम रेलवे लाइन का निर्माण हुआ। इस पटरी की लम्बाई लगभग 8700 मीटर थी। तत्पश्चात ईरान के विभिन्न नगरों के बीच छोटी छोटी रेल पटरियां बिछाई गईं। ईरान […]

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      आइये फ़ारसी सीखे 71

      Rate this post इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी जिसने भी ईरान का नाम सुना होगा वह इमाम ख़ुमैनी के नाम से अवश्य ही परिचित होगा। वह विश्व की बड़ी धार्मिक हस्ती और राजनेताओं में गिने जाते थे। उनका पूरा नाम रूहुल्लाह मूसवी ख़ुमैनी था। उनका जन्म ईरान के केन्द्र में स्थित ख़ुमैन नगर […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 22

      Rate this post मुहम्मद और सईद विश्वविद्यालय में हैं और कुछ छात्रों के साथ विश्वविद्यालय के हाल में खड़े बातें कर रहे हैं। व्यायाम और खेल कूद का हाल, छात्रों के एकत्रित होने और वालीबाल, बास्केटबाल, टेनिस और ऐसे ही के लिए बड़ा उचित स्थान है। आज सुश्री नसरीन नेमती विश्वविद्यालय में आई हैं जो […]

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      फारसी सीखें 48

      Rate this post इमाम ख़ुमैनी ने जीवन भर अत्याचार के विरुद्ध उन्होंने संघर्ष किया।  पहलवी की अत्याचारी सरकार के विरुद्ध उनका संघर्ष १९६३ से बहुत गंभीर हो गया जो इस्लामी क्रांति की सफलता तक जारी रहा।  देश के भीतर पाए जाने वाले घुटन के वातावरण, देश की विदेशियों पर निर्भर्ता तथा शाह की इस्लाम विरोधी […]