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      इस्लामी चेतना-2

      Rate this post विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई के विचारों पर आधारित एक नयी श्रंखला मार्गदर्शन आपकी सेवा में प्रस्तुत है।   प्रस्तुत है इस्लामी चेतना के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के विचार जो उनके विभिन्न भाषणों से लिए गए हैं। *** यह एक महत्वपूर्ण वास्तविकता है […]

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      जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 18

      Rate this post   (16)   जनाब अबु सईद ख़ुज़री रिसालत पनाह के जांनिसार और हज़रत अली अ॰ के आशिक़ व पैरू थे। मदीने में इन्तिक़ाल हुआ और वसीयत की बिना पर बक़ीअ में दफ़न हुए। रफ़त पाशा ने अपने सफ़रनामे में लिखा है कि आपकी क़ब्र की गिन्ती मारूफ़ क़ब्रों में होती है। इमाम रज़ा ने […]

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      मानवाधिकार-4

      Rate this post कार्यक्रम मार्गदर्शन में हम विभिन्न विषयों पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता का विचार पेश करते हैं। आज हम मानवाधिकार के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई के विचार पेश करेंगे।  हम बात करेंगे सूचना के अधिकार के संबंध में। विश्व, देश और समाज के बारे […]

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      हज़रत ईसा और पापी व्यक्ति 1

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला अनसारियान   रिवायत मे उल्लेख हुआ है किः एक दिन हज़रत ईसा अपने कुच्छ साथियो (हव्वारियो) के साथ एक मार्ग से जा रहे थे अचानक एक अत्यधिक पापी एंवम दोषी व्यक्ति -जो कि उस समय भ्रष्टाचार एंवम अनैतिकता मे प्रसिद्ध था- मिला […]

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      बिस्मिल्लाह के संकेतो पर एक दृष्टि 2

      Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारीयान   ईश्वर पवित्रता एवं सच्चाई के सर्वोत्तम स्तर पर है जबकि मनुष्य झूठा एवं अपवित्र है, और यह न्युनतम स्तर बिना किसी बिचौलिया के धुर्तता से निकलकर गरीमा और महिमा के शिखर तक नही पहुँच सकती, इसी कारण कृपालु एवं दयालु ईश्वर […]

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      बिस्मिल्लाह से आऱम्भ करने का कारण -1

      Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारीयान بِسمِ أللہ ألرَّحمٰنِ ألرَّحِیم बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम उस ईश्वर के नाम से जिसकी कृपा का अनुमान नही तथा दया सदैव है बिस्मिल्लाह से आऱम्भ करने का कारण प्रकाशी एवं अनंत सोत्र (बिस्मिल्ला) के साथ कुमैल की प्रार्थना का आरम्भ निम्न लिखित दलीलो के कारण […]

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      इस्लामी लोकतंत्र-2

      Rate this post इस्लाम धर्म अर्थात मानवता और मानवीय मूल्यों का समर्थक धर्म, प्रेम, सहानुभूति और सहिष्णुता का प्रचार करने वाला धर्म, भाईचारे और स्नेह का धर्म। यह वह धर्म है जो सामाजिक अधिकारों की कसौटी है। इस्लाम के अनुसार समाज एसा होना चाहिए जिसमें कमज़ोर व्यक्ति शक्तिशाली व्यक्ति से भी अपना अधिकार प्राप्त करने […]

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      अर्रहीम 1

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   रहीम शब्द अर्बी विद्वानो के अनुसार सिफ़ते मुश्ब्बाह है, इस आधार पर सदैव रहीम होने को दर्शाती है, अर्थातः ऐसा ईश्वर जिसकी दया और कृपा निरंतर तथा स्थिर है। आस्था रखने वाले लोगो का कहना है कीः रहमते रहीमिया विशेष […]

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      जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही -1

      Rate this post इन्सानियत के क़ाफले ने हर ज़माने में इस बात का नज़ारा किया है कि मज़लूम के सर को तन से अलग कर देने के बाद भी ज़ालिमों को चैन नहीं मिलता बल्कि उनकी सारी कोशिश यह होती है कि दुनिया से मज़लूम और मज़लूमियत का जि़क्र भी ख़त्म हो जाये, इस कोशिश में […]

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      वरिष्ठ नेता – 2

      Rate this post धार्मिक एवं दक्ष व्यक्तियों का अस्तित्व व्यापक एवं विस्तृत आयाम लिए होता है इसी कारण विभिन्न क्षेत्रों में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई भी इसी तरह के लोगों में से हैं। उन्होंने अपने पूर्ण जीवन में कभी कोई विशेष पद ग्रहण करने के लिए प्रयास नहीं […]

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      अशीष का समापन 2

      Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: पश्चताप दया की आलंगन   हमने अशीष का समापन भाग 1 मे कहा था कि पैग़म्बर ने परमेश्वर की आज्ञा से 18 ज़िल्हिज्जा[1] को ग़दीरे ख़ुम[2] के मैदान मे अपने बाद लोगो का नेतृत्व करने हेतु अपना उतराधिकारी (ख़लीफ़ा) स्थापित किया। ईश्वर ने धर्म के पूर्ण होने, अशीष की समाप्ति, इस्लाम […]

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      ख़ज़र सागर के ज्वार भाटे की क्षतिपूर्ति 1

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   ख़ज़र समुद्र की सतह दूसरे समुद्रो की अपेक्षा मे 27.6 मीटर नीचे है तथा इस से भी नीचे होती चली जाएगी, ख़ज़र सागर दूसरे समुद्रो से मिला हुआ नही है, इसवंश सार्वजनकि महासागरो के ज्वार भाटे के अधीन भी […]

    •  योरोपीय और उत्तरी अमरीका के युवाओं के नाम वरिष्ठ नेता का संदेश
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      योरोपीय और उत्तरी अमरीका के युवाओं के नाम वरिष्ठ नेता का संदेश

      Rate this post   २१ जनवरी २०१५ को विश्व के संचार माध्यमों में असंख्य खबरों के मध्य एक ऐसी ख़बर दिखाई दी जो इस्लामी जगत और मुसलमानों सेसंबंधित थी और उसने विश्व के बहुत से लोगों के ध्यान को अपनी ओर आकृष्ट किया। ऐसी स्थिति में यह ख़बर प्रकाशित हुई जब लगभग प्रतिदिन पश्चिमी संचार […]

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      वा ख़ज़ाआलहा कुल्लो शैइन वज़ल्ला लहा कुल्लो शैइन 2

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   निसंदेह तेरी कृपा सारी चीज़ो को घेर रखा है, और तेरी अनंत शक्ति सारी चीज़ो पर ग़ालिब है, केवल तेरा ही पवित्र असतित्व है जिसकी शक्ति के आगे सभी चीजे ज़लील एंव ख्वार है, इसीलिए उसके लिए यह कार्य […]

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      प्रार्थना पर एक दृष्टि

      Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान   किताब का नाम: शरहे दुआए कुमैल   संपन्न के सामने आवश्यकता का कथन प्रार्थना है। तंगदस्ती, फ़क़्र और ग़रीबी को ग़नीए मुतलक़ एवम ब्रह्माण्ड के मालिक से बयान करना प्रार्थना है। वफादार और करीम से भीख का अनुरोध, कमज़ोर का अटूट क्षमता वाले से सहायता मांगना प्रार्थना है। कमज़ोर, ज़लील, मिसकीन बन्दे […]

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      अर्रहीम 2

      Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हमने इस के पूर्व के लेख मे यह बात स्पष्ट करने का प्रयास किया था कि रहमानियत और रहीमियत मे आफ़ियत का अर्थ निहित है, एक दुनयावी आफ़ियत और दूसरे परलोक की आफ़ियत। रहमते रहिमिया पूजा और अच्छे कर्मो के […]

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      जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 17

      Rate this post   (15)   जनाब इस्माईल बिन सादिक़ आप इमाम सादिक़ अ॰ के बडे़ साहबज़ादे थे और आँहज़रत स॰ की जि़न्दगी ही में आपका इन्तिक़ाल हो गया था। समहूदी ने लिखा है कि आपकी क़ब्र ज़मीन से काफ़ी ऊँची थी। इसी तरह मोअत्तरी ने जि़क्र किया है कि जनाबे इस्माईल की क़ब्र और उसके शुमाल […]

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      कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 4

      Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल   हे कुमैल, अपने पेट को भोजन से पूर्ण नकरो पानी और श्वसन के लिए कुच्छ स्थान खाली रखो भोजन करना उस समय तक बंद नकरो जब तक तुम उसके इच्छुक हो यदि ऐसा किया तो भोजन से तुम शक्ति प्राप्त करोगे और यह […]

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      कुरआन मे प्रार्थना – 1

      Rate this post   लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे प्रार्थनाए कुमैल अनंत अनुग्रह का सोत्र, बे बीच गरिमा का सागर, मार्ग दर्शन का स्थान उपलब्ध कराने वाला, ज्ञान और हिकमत की वर्षा करने वाला परमेश्वर क़ुरआन मे कहता है قُل مَا یَعبََؤُا بَکُم رَبِّی لَولَا دُعَاؤُکُم (सूराए फ़ुरक़ान, 25, आयत 77) हे दया के पैगंबर मुष्यो […]

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      जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 21

      Rate this post (31)   शोहदाए ओहद यूँ तो मैदाने ओहद में शहीद होने वाले फ़क़त सत्तर अफ़राद थे मगर कुछ ज़्यादा ज़ख़्मों की वजह से मदीने में आकर शहीद हुए। उन शहीदों को बक़ी में एक ही जगह दफ़न किया गया जो जनाबे इब्राहीम की क़ब्र से तक़रीबन 20 मीटर की दूरी पर है। अब फ़क़त इन शोहदा […]

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      सवेरे-सवेरे-२

      Rate this post क्या आपके पास नाश्ते का समय है? यदि है तो हम चाहते हैं कि आपको स्वस्थ्य बनाने वाले और बहुत ही ऊर्जा प्रदान करने वाले फल खजूर के बारे में कुछ बताएं। ताज़ा खजूर में विटामिनों, कैल्शियम, पोटेशियम, गंधक और लौह जैसे खनिज पदार्थों का भण्डार मौजूद होता है। नाशते में आप […]

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      सवेरे-सवेरे-20

      Rate this post रमज़ान के पवित्र महीने में प्रतिदिन कुछ विशेष दुआएं पढ़ी जाती हैं। इन्हीं दुआओं में से एक का अनुवाद इस प्रकार हैः “हे ईश्वर! आज के दिन मुझको चेतान व ज्ञान प्रदान कर और इस दिन मुझे बुद्धिहीनता और असत्य से दूर कर दे।  हर भलाई जो आज के दिन तू उतारे […]

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      सवेरे-सवेरे-६

      Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम का कथन है कि ज्ञान तुम्हे मुक्ति दिलाता है और अज्ञानता तुमको नष्ट कर देती है। जी हां इसीलिए कहा गया है कि अधिक से ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करो ताकि अज्ञानता के अंधकार से निकलें और संसार को खुली आखों से देख सको। ज्ञान प्राप्त करने का […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-7

      Rate this post जब पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम इस निष्कर्ष पर पहुंच गये कि मदीना नगर इस्लाम और मुसलमानों के लिए सुरक्षित शरणस्थली है तो उन्होंने अपने अनुयाइयों को मदीना नगर पलायन करने का आदेश दिया। स्वंय पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम, अपनी पैग़म्बरी की घोषणा के चौथे […]

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      क्रोध (ग़ुस्से) पर क़ाबू रखने का फ़ायदा

      Rate this post सबसे अधिक दूरदर्शी वह है जो अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रखेः पैग़म्गरे इस्लाम पूर्वजों की तबाही का कारण तुम्हारे पूर्वजों को दिरहम व दीनारों से तबाह किया और यही दो तुम्हें भी तबाह करेंगेः पैग़म्बरे इस्लाम दुनिया की प्राप्ति के लिए मध्यमार्ग अपनाने की अहमियत दुनिया प्राप्त करने में मध्यमार्ग अपनाओ और […]

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      सवेरे सवेरे-16

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम का कहना है कि ईश्वरीय अनुकंपा और स्थाई भलाइयां, आपके बूढ़ों के दम से होती हैं। हमारे बड़े-बूढ़ों और बुज़ुर्गों ने पूरे परिवार के लिए एक लंबी अवधि तक बड़े प्रेम और निष्ठा के साथ कठिन परिश्रम किया।  उन्होंने हमारी न जाने कितनी […]

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      पाप का नुक़सान

      Rate this post जो भी कोई पाप (गुनाह )करता है तो उसकी बुद्धि (अक़्ल) का एक भाग उससे अलग हो जाता है और फिर उस तक नहीं लौटताः पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम मन की पवित्रता मन की पवित्रता ईश्वर की याद से हासिल होती हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम आत्मसुधार के […]

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      हमारी यादों को तू दिलों से मिटा नहीं सकता।

      Rate this post आशूर के दिन अर्थात दस मुहर्रम सन ६१ हिजरी क़मरी को संध्या के समय जब करबला के अंतिम शहीद और संसार के अत्यंत सम्मानीय व्यक्ति इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को भूखा और प्यासा करबला में शहीद कर दिया गया और उसके पश्चात उनके परिजनों के ख़ेमों को आग के हवाले कर दिया गय […]

    • सवेरे-सवेरे-२६
      1 (20%) 2 vote[s]

      सवेरे-सवेरे-२६

      सवेरे-सवेरे-२६1 (20%) 2 vote[s] चुटकुले हमारे प्रतिदिन के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। यह मनुष्य को प्रसन्नचित करते, उन्हें हंसाते और लोगों के बीच निकटता और स्नेह भावना उत्पन्न करते हैं। परन्तु इन सारी सकारात्मक बातों के लिये आवश्यक है कि आप अपने चुटकुलों में आयु , समय, वातावरण, सम्मान और उनलोगों के मानसिक […]

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      सवेरे-सवेरे-४

      Rate this post क्या आप नाशता कर चुके हैं या करने वाले हैं? हम यह बात इसलिए पूछ रहे हैं ताकि खाने-पीने के संबन्ध में कुछ सावधानी बरत लें। वे खाने जो तेज़ी से पक और तैयार हो जाते हैं उनका संबन्ध कार्बोहाइड्रेट से होता है। इसमें छना हुआ गेहूं, आटा या मैदा सफ़ेद चीनी […]

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      सवेरे-सवेरे-२५

      Rate this post आज के जीवन में जिस बात का आभास हर व्यक्ति को होता है और जिससे हर एक चिंतित रहता है वह है समय का हाथ से बड़ी तेज़ी से निकलना। सारे काम पड़े रह जाते है चिन्ता बनी रहती है और समय नहीं मिल पाता । इस कठिनाई से छुटकारे के लिये […]

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      सवेरे सवेरे- 17

      Rate this post एक दिन शैतान ने सभी स्थानों पर यह घोषणा कर दी कि अब वह अपने कामों से हाथ खींच रहा है और रिटायर होना चाहता है अतः अपने काम के औज़ारों को उचित मूल्यों पर बेचना चाहता है। शैतान के औज़ारों में घृणा, क्रोध, ईर्ष्या, आत्ममुग्ध्ता और इस जैसी बहुत सी चीज़ें […]

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      सवेरे-सवेरेः७

      Rate this post अगर पूरे दिन कठिन परिश्रम और तनाव के पश्चात आप बहुत थके हुए हों और यह आभास आपको कई दिन से हो रहा हो तो आप एसा करें कि प्रतिदिन सवेरे-सवेरे अपनी दिनचर्या आरंभ करने से पूर्व एक गिलास अंगूर का रस पी लिया करें। यह रस, हल्के हरे रंग वाले अंगूर […]

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      दो सबसे अच्छे और दो सबसे बुरे कर्म

      Rate this post दो भले कर्म (नेकी) ऐसे हैं जिनसे बेहतर कोई नेकी नहीं। एक ईश्वर पर आस्था (ईमान) और दूसरे लोगों की मदद करना और दो कर्म ऐसे हैं जिनसे बुरा कोई कर्म नहीं एक अनेकेश्वरवाद (ईश्वर का शरीक बनाना) और दूसरे लोगों को तकलीफ़ देनाः पैग़म्बरे इस्लाम पाप का नुक़सान जो भी कोई […]

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      सवेरे-सवेरे-21

      Rate this post मनुष्य जो भी करता है उसे अपने भविष्य को ही दृष्टि में रखकर करता है।  उसकी सोच सदैव ही भविष्य पर केन्द्रित होती है।  यही कारण है कि बहुत से लोग वर्तमान क्षणों से आनंद नहीं उठा पाते और न ही उसके मूल्य को समझ पाते हैं।  यही कारण है कि हम […]

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      मिलंसारी का महत्व

      Rate this post मिलंसारी पहला और सबसे आसान दान हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम ज़िंदगी का चैन छीनने वाली तीन चीज़े जिस व्यक्ति में तीन बातें होंगी वह कभी ख़ुश नहीं रह सकताः द्वेष(कीना), ईर्ष्या (हसद) और दुर्व्यवहार (बुरा एख़लाक़) हज़रत अली अलैहिस्सलाम इंसान का मित्र और उसका दुश्मन हर इंसान की मित्र उसकी बुद्धि और […]

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      इस्लामी चेतना-3

      Rate this post विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई के विचारों पर आधारित एक नयी श्रंखला मार्गदर्शन आपकी सेवा में प्रस्तुत है। प्रस्तुत है इस्लामी चेतना के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के विचार जो उनके विभिन्न भाषणों से लिए गए हैं। *** यह एक महत्वपूर्ण वास्तविकता है कि […]

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      इस्लामी चेतना-2

      Rate this post विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई के विचारों पर आधारित एक नयी श्रंखला मार्गदर्शन आपकी सेवा में प्रस्तुत है। प्रस्तुत है इस्लामी चेतना के विषय पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के विचार जो उनके विभिन्न भाषणों से लिए गए हैं। *** यह एक महत्वपूर्ण वास्तविकता है कि […]

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      इस्लामी संस्कृति व इतिहास-2

      Rate this post इससे पहले वाली कड़ी में हमने बताया कि मानव संस्कृति में इस्लामी सभ्यता व संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पूरे इतिहास में विदेशियों ने इस्लामी सभ्यता की महान व बड़ी-२ उपलब्धियों की अनदेखी करके मुसलमान विद्वान व वैज्ञानिकों की कुछ खोजों को अपनी खोज बताने का प्रयास किया है। हमने पहले […]

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      चार प्रकार के लोग

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमाया कि लोग चार प्रकार के होते हैः दानी, करीम, कंजूस और नीच। दानी वह है जो ख़ुद भी खाता है और दूसरों को भी खिलाता है। करीम वह है जो ख़ुद न खाकर दूसरे को खिलाता है। कंजूस वह है जो सिर्फ़ ख़ुद खाता है, दूसरों को नहीं […]

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      एनीमीशन फ़िल्में

      Rate this post दुनिया के हर कोने में बच्चों व किशोरों पर बनने वाली फ़िल्मों के बहुत दर्शक होते हैं और परिवार गुट बनाकर सिनेमाघरों में इस प्रकार की फ़िल्में देखने जाते हैं। भारी बिज़नेस करने वाली बाल फ़िल्में यह दर्शाती हैं कि एनीमीशन और कठपुतली वाली फ़िल्में इस सूची में सबसे ऊपर हैं और […]

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      काम्बोज़िया परतवी

      Rate this post काम्बोज़िया परतवी का जन्म सन 1955 में उत्तरी ईरान के गीलान प्रांत के रुस्तमाबाद क्षेत्र में हुआ। उन्होंने सिनेमा साहित्य के विषय की शिक्षा प्राप्त की किंतु विश्वविद्यालय की पढ़ाई से वह संतुष्ट नहीं हुए अतः उन्होंने बहुत जल्दी फ़िल्में बनाना आरंभ कर दिया। इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद के वर्षों […]

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      सिल्वर स्क्रीन की डायमंड जुबली

      Rate this post हिंदुस्तानी सिनेमा आज पूरे 100 साल का हो गया. लेकिन क्या इसने ठीक से बचपन की दहलीज भी लांघी है? पूजा सिंह की रिपोर्ट.   ‘मेरे ख्याल से यह कहना सही होगा कि हमारे देश के जनमानस पर जितना असर तमाम समाचार पत्र और पुस्तकें मिलकर नहीं डाल पाते, उससे अधिक असर […]

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      पहली ईरानी फ़िल्म

      Rate this post ईरान में बनने वाली पहली फिल्म आबी व राबी थी जिसे आवान्स ओग्नियांस ने बनाया था। यह मूक फिल्म आबी  व राबी नामक दो जोकरों की कहानी थी जिनमें से एक लंबे क़द और और दूसरा ठिगने कद था। इस फिल्म को वर्ष १९३० में दिखाया गया और इसे काफी पसन्द भी […]

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      सिनेमा की लोकप्रियता -1 (1)

      Rate this post यदि हम विश्व में प्रचलित कलाओं को विभिन्न भागों में विभाजित करें तो सिनेमा सातवीं कला कहा जाएगा। चलचित्र की कलाएं विभिन्न कारणों के आधार पर सरलता से समझी जाती हैं और वह चित्रकला, साहित्य तथा संगीत की तुलना में अधिक लोकप्रिय और सामूहिक होती हैं। दूसरी ओर चूंकि सिनेमा एक उद्योग […]

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      बाल सिनेमा

      Rate this post ईरान में बाल सेनेमा का आरंभ ६० के दशक में हुआ किंतु ईरान में इस्लामी क्रांति के बाद, बाल सेनेमा के क्षेत्र में असाधारण रूप से परिवर्तन देखने में आया। बजट, सुविधाओं, सेनेमा हाल तथा बाल सेनेमा के विशेष फिल्मी मेले, फिल्म निर्माण में युवा निर्माताओं की सक्रियता के कारण इस प्रकार […]

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      सफल निर्माता निर्देशक, दरवीश

      Rate this post विश्व के सिनेमा जगत के इतिहास में युद्ध पर आधारित फ़िल्मों की कहानियों पर दृष्टि डालने से पता चलता है कि इस प्रकार की फ़िल्मों के इतिहास में बहुत अधिक उतार चढ़ाव नहीं है। विषय की दृष्टि से यह फ़िल्में युद्ध और उससे उत्पन्न होने वाली मानवीय त्रासदी की आलोचना करती थीं। […]

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      टेलीवीजन के मुख्य दर्शक बच्चे होते हैं

      Rate this post विश्व के सिनेमा जगत के इतिहास में युद्ध पर आधारित फ़िल्मों की कहानियों पर दृष्टि डालने से पता चलता है कि इस प्रकार की फ़िल्मों के इतिहास में बहुत अधिक उतार चढ़ाव नहीं है। विषय की दृष्टि से यह फ़िल्में युद्ध और उससे उत्पन्न होने वाली मानवीय त्रासदी की आलोचना करती थीं। […]

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      सिनेमा का इतिहास

      Rate this post जहां तक यह प्रश्न है कि सिनेमा कब और कैसे अस्तित्व में आया है तो इसके उत्तर में कहना चाहिए कि सिनेमा, सिनेमाटोग्राफ से निकला है जिसका अर्थ गतिशीलता से गुज़रना है। सिनेमा उन सभी दृश्यों के संग्रह को कहते हैं जो कैमरे द्वारा उतारे जाते हैं और फिर उनमें आवाज़ बढ़ा […]

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      इबादत सिर्फ़ अल्लाह से मख़सूस है

      Rate this post हमारा अक़ीदह है कि इबादत बस अल्लाह की ज़ाते पाक के लिए है। (जिस तरह से इस बारे में तौहीदे अद्ल की बहस में इशारा किया गया है)इस बिना पर जो भी उसके अलावा किसी दूसरे की इबादत करता है वह मुशरिक है, तमाम अंबिया की तबलीग़ भी इसी नुक्ते पर मरकूज़ […]

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      सृष्टि, ईश्वर और धर्म-9 एवं 10 ईश्वर कैसा है?

      Rate this post हम यह जान चुके हैं कि धर्म का आधार इस सृष्टि के रचयिता के अस्तित्व पर विश्वास है और भौतिकवादी व ईश्वरीय विचारधारा के मध्य मुख्य अंतर भी इसी विश्वास का होना और न होना है। इस आधार पर सत्य के खोजी के सामने जो पहली बात आती है और जिसका उत्तर […]

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      सिफ़ाते मोमिन (3)

      Rate this post इस से पहले जलसे में पैग़म्बर (स.) की एक हदीस बयान की जिसमें आपने मोमिन के 103 सिफ़ात बयान फ़माये है, उनमें से दस साफ़ात बयान हो चुके हैं और इस वक़्त छः सिफ़ात और बयान करने हैं। हदीस- “ …… मुज़क्किरु अलग़ाफ़िल, मुअल्लिमु अलजाहिल, ला यूज़ी मन यूज़ीहु वला यखूज़ु फ़ी […]

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      दुर्व्यवहार

      Rate this post जान लो कि बंदा अपने दुर्व्यवहार के कारण नरक के अंतिम दर्जे में होगाः पैग़म्बरे इस्लाम ईर्ष्या से हानि ईर्ष्या शरीर को कमज़ोर और रोगी बनाता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम हसद से नुक़सान हसद, जिस्म को कमज़ोर करता है और इंसान को मरीज़ कर देता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम जल्दबाज़ी का नुक़सान […]

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      सब्र व तहम्मुल

      Rate this post رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا पालने वाले हमें सब्र अता फ़रमा। सूरः ए बक़रा आयत 250 ख़ुदावंदे आलम ने क़ुरआने मजीद में इस नुक्ते की दो बार तकरार की है कि ان مع العسر يسری आराम व सुकून दुशवारी व सख़्ती के साथ है। दक़ीक़ मुतालए से मालूम होता है कि निज़ामे ज़िन्दगी बुनियादी […]

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      माँ बाप के अधिकार – 1

      Rate this post हमें अच्छी तरह मालूम है कि इस्लाम एक समाजिक और सोशल दीन है और उसके मानने वाले केवल अल्लाह तआला की इच्छा के लिए और उसकी राह में क़दम उठाते हुए एक दूसरे से सम्बंध और सम्पर्क रखते हैं। इस्लाम ने हमें समाज में ज़िन्दगी बिताने के सिद्धांत भी अच्छी तरह बता […]

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      कूरआन परिवर्तन होने से पवित्र है

      Rate this post हाँ, पवित्र क़ुरअन मजीद परिवर्तन से पाक व पवित्र रहने के बहूत सारे कारण है, जिस में से एक कारण बयान किया जा चूका हैं. क्योंकि पवित्र क़ुरअने मजीद रसूले अकरम (स.) की रह्बरी में एकत्रीत किया गया है। और इस कूरआन पर मुस्लमानों को एक विशेष यक़ीन व ईमान है और कूरआन ऊन मुस्लमानों […]

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      पवित्र रमज़ान-10

      Rate this post रोज़े के लिए इस्लामी शिक्षाओं में आया है कि अल्लाह ने कहा है कि मेरे दास हर उपासना अपने लिए भी करते हैं किंतु रोज़ा केवल मेरे लिए होता है और मैं ही उस का इनाम दूंगा।   वास्तव में अगर देखा जाए तो रोज़े के दो इनाम होते हैं एक इनाम […]

    •  इस्लामी भाईचारा
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      इस्लामी भाईचारा

      Rate this post विलायत पोर्टलः पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुसतफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम ने मदीने में दाख़िल होने के बाद सब से पहले जो बेसिक क़दम उठाए उनमें एक अहम काम यह भी था कि मुसलमानों के बीच प्यार, मुहब्बत और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए अंसार व मुहाजेरीन में से हर […]

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      मजमूअऐ मक़ालाते अक़ाऐद

      Rate this post {1}तौहीद तौहीद के सम्पूर्ण व परिपूर्ण प्रसंसा यह है किः इंसान को जान लेना चाहीए, कि ख़ूदा वन्दे आलम इस पृथ्वी को सृष्ट किया है. और इस पृथ्वी को अनुपस्थित से उपस्थित में लाया है। और उस पृथ्वी को समस्त प्रकार के निर्देश उस अल्लाह के हाथ में है, रुज़ी, ज़िन्दगी, मौत […]

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      पवित्र रमज़ान-6

      Rate this post आज की चर्चा में हम आपको ईश्वरीय संदेशों के अन्य आयामों से परिचित करवाएंगे। पवित्र क़ुरआन, ईश्वर पर ईमान रखने वालों को यह शुभ सूचना देता है कि उसने तुम लोगों पर रोज़ा अनिवार्य किया ताकि उसके द्वारा तुम लोग, पवित्रता तक पहुंच सको क्योंकि वास्तव में यदि देखा जाए तो रोज़े […]

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      अमर ज्योति-9

      Rate this post इतिहास के साक्ष्यों और क़ुरआने मजीद की आयतों के अनुसार हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ईश्वर के अंतिम दूत थे जिन्होंने ईश्वरीय पाठशाला के अतिरिक्त किसी भी पाठशाला का मुंह नहीं देखा और केवल ईश्वर के माध्यम से ही ज्ञान प्राप्त किया। वे ऐसे सुगंधित फूल हैं जिसकी सृष्टि […]

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      सृष्टि ईश्वर और धर्म ५५-1

      Rate this post संसार में घटने वाली सभी घटनाएं कुछ कारकों के अंतर्गत होती हैं किंतु हर कारक का पता प्रयोगशालाओं में नहीं लगाया जा सकता बल्कि कुछ काम ऐसे भी होते हैं जिनके कारकों का पता लगाना असंभव लगता है। इस प्रकार के कार्यों को असाधारण कार्य कहा जाता है। असाधारण कार्य यदि ऐसा […]

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      सृष्टि ईश्वर और धर्म 28 ईश्वर के एक होने के तर्क

      Rate this post ईश्वर एक है इसके बहुत से तर्क प्रस्तुत किये गये हैं और ईश्वर एक है या कई यह विषय अत्यधिक प्राचीन है और इस पर बहुत चर्चा हो चुकी है और जैसा कि हम ने पिछले कार्यक्रम में बताया था ईश्वरीय दूतों के संघर्ष का बहुत बड़ा भाग अनेकेश्वरवाद में विश्वास रखने […]

    •  सहीफ़ए मेहदीया इमाम-ए-ज़माना (अ.) को पहचानने के लिए बेहतरीन किताब
      सहीफ़ए मेहदीया इमाम-ए-ज़माना (अ.) को पहचानने के लिए बेहतरीन किताब
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      सहीफ़ए मेहदीया इमाम-ए-ज़माना (अ.) को पहचानने के लिए बेहतरीन किताब

      सहीफ़ए मेहदीया इमाम-ए-ज़माना (अ.) को पहचानने के लिए बेहतरीन किताब2 (40%) 1 vote[s] सहीफ़ए मेहदीया एक ऐसी किताब है कि जिस के लेखक जनाब सय्यद मुरतज़ा मुजतहेदी सीसतानी हैं और इस्लामी नामी संस्था ने उसका फ़ारसी भाषा में अनुवाद किया है।और यह किताब नवीं बार “ अलमास ”नामी प्रकाशन ने छापा है। आगे हम इस […]

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      हमारे अक़ीदे

      Rate this post बिस्मिल्लाहि अर्रहमानि अर्रहीमि इस किताब की तालीफ़ का मक़सद और इसकी ज़िम्मेदारी 1)हम इस दौर में एक बहुत बड़े बदलाव का मुशाहेदह कर रहे हैं,ऐसा बदलाव जो आसमानी अदयान में से सबसे बड़े दीन “दीने इस्लाम” में रुनुमा हो रहा हैं।हमारे ज़माने में इस्लाम ने एक नया जन्म लिया है,आज पूरी दुनिया […]

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      सृष्टि ईश्वर और धर्म- 42 ईश्वरीय दूत और अनुसरण

      Rate this post कुछ लोग यह शंका करते हैं कि यदि ईश्वर ने अपने दूतों को लोगों के मार्गदर्शन के लिए भेजा और उसके दूतों ने यह काम पूरी ज़िम्मेदारी से किया तो फिर विश्व में इतने अधिक लोग पाप क्यों करते हैं? और क्यों इतने व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार दिखाई देता है? क्या यह […]

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      रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (1)

      Rate this post ईश्वर के आभारी हैं कि उसने एक बार फिर हमें अपनी आत्मा को पवित्र रमज़ान के मनमोहक वातावरण में पाक करने का अवसर दिया। रमज़ान के सदैव की भांति एक बार फिर बड़े वैभव के साथ दस्तक दी है ताकि ईश्वर की कृपा का पात्र बन सकें। रमज़ान हमारे दिन और रात […]

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      अमर ज्योति-22

      Rate this post इससे पूर्व हमने बताया कि क़ुरआने मजीद ऐसी आयतों का समूह है ईश्वर द्वारा अपने अंतिम दूत पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के पास भेजी गई हैं। यह ईश्वरीय किताब इस्लाम की सभी शिक्षाओं और आदेशों का आधार है। यह किताब ज्ञानों का स्रोत है और इससे […]

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      सिफ़ाते मोमिन (6)

      Rate this post मुक़द्दमा- इस हफ़्ते की अख़लाक़ी बहस में पैग़म्बर अकरम(स.) की एक हदीस बयान की जो आपने हज़रत अली अलैहिस्सलाम से बयान फरमाई थी। इस हदीस में मोमिन की 103 सिफ़तें बयान की गईं हैं जिनमें से छब्बीस सिफ़ते बयान हो चुकी हैं और इस जलसे में पाँच सिफते और बयान करनी है। […]

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      इस्माईलियों के फ़िर्क़े

      Rate this post मुस्ताली के मानने वाले फ़ातेमी थे उनकी इमामत मिस्र के फ़ात्मी ख़लीफ़ाओं में बाक़ी रही, इस के कुछ समय बाद यहा सम्प्रदाय हिन्दुस्तान में “बोहरा” नाम से अस्तित्व में आया और अभी तक बाक़ी है। ओबैदुल्लाह मेहदी 296 हिजरी में अफ़रीक़ा में प्रकट हुआ और उसने इस्माईलियों को अपनी इमामत का निमंन्त्रण […]

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      अहले हदीस

      Rate this post अहले हदीस का तरीक़ा अस्ल में एक फ़िक्ही और इज्तिहादी तरीक़ा था। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो अहले सुन्नत के फक़ीह अपने तौर तरीक़े की वजह से दो गुरूप में बटे हैं। एक गुरुप वह है जिसका सेन्टर इराक़ था और वह हुक्मे शरई को हासिल करने के लिए क़ुरआन और […]

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      अशाइरा सम्प्रदाय

      Rate this post अशाइरा, अबुल हसन अशअरी (260-324 हिजरी) के मानने वालों को कहते हैं। अबुल हसन अशअरी ने अक़्ल (बुद्धी) से काम लेने में तफरीत से काम लेते हुए दरमियान का एक तीसरा रास्ता चुना है। दूसरी सदी हिजरी के दौरान इन दोनों फिकरी मकतबों नें बहुत ज़्यादा शोहरत हासिल की। मोअतज़ला अक़ाइद के […]

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      इस्माईलिया सम्प्रदाय

      Rate this post एक हज़ार चौरानवे ई0 में फ़ातेमी बादशाह अल मुस्तन्सिर की मौत के बाद उन के युवराज के लिये इस्माईलिया सम्प्रदाय में मतभैद पैदा हो गये, मुस्तन्सिर ने अपने बड़े बेटे अबू मंसूर नज़ार के अपना युवराज बनाया था लेकिन उन के वज़ीर (मंत्री) अफ़्ज़ल ने उन की म्रत्यु के बाद विद्रोह कर […]

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      इस्लाम धर्म व शिया समप्रदाय का संक्षिप्त परिचय

      Rate this post यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि मानव समाज व संस्कृति पर सदैव आसमानी धर्मो का प्रभाव रहा है। पिछली शताब्दी के बारे में कहा जाता है कि इस में मानव “वही” को छोड़ कर “बुद्धि” की ओर उन्मुख हुआ है। परन्तु वास्तविक्ता यह है कि मनुष्य के बौद्धिक जीवन […]

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      मातुरिदिया सम्प्रदाय

      Rate this post मातुरिदिया सम्प्रदाय (फिर्क़ा) माविराउन्नहर की सर ज़मीन पर वजूद में आया। जब माविराउन्नहर को मुसलमानों ने जीत लिया मातुरिदिया सम्प्रदाय का संस्थापक अबु मंसूर मातुरिदिया है जिसका जन्म 238 हिजरी और देहान्त 333 हिजरी में हुआ। अबु मंसूर बहुत प्रतिभा और तेज़ बुद्धि वाला आदमी था वह बहस और मुनाज़रा में भी […]

    •  फ़िरक़ ए इमामिया जाफ़रिया
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      फ़िरक़ ए इमामिया जाफ़रिया

      Rate this post 1. दौरे हाज़िर में इमामिया फ़िरक़ा मुसलमानों का बड़ फ़िरक़ा है, जिसकी कुल तादाद मुसलमानों की तक़रीबन एक चौथाई है और इस फ़िरक़े की तारीख़ी जड़ें सदरे इस्लाम के उस दिन से शुरु होती हैं कि जिस सूर ए बय्यनह की यह आयत नाज़िल हुई थी: (सूर ए बय्यना आयत 7) बेशक […]

    • बेसत से पहले पैग़म्बरे अकरम(स.)का किरदार
      4.5 (90%) 2 vote[s]

      बेसत से पहले पैग़म्बरे अकरम(स.)का किरदार

      बेसत से पहले पैग़म्बरे अकरम(स.)का किरदार4.5 (90%) 2 vote[s] किसी भी इंसान की समाजी ज़िन्दगी में जो चीज़ सबसे ज़्यादा असर अंदाज़ होती है वह उस इंसान का माज़ी का किरदार है। पैग़म्बरे इस्लाम (स.) की एक ख़ासियत यह थी कि वह दुनिया के किसी भी मदर्से में पढ़ने के लिए नही गये। आपका किसी […]

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      अदभुत वास्तुकला का नमूना मासूले नगर

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      ग़दीर पर रसूले इस्लाम (स.अ.) का विशेष ध्यान

      Rate this post हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम को भी ग़दीर का उतना ही ख़्याल था जितना की अल्लाह को, और उस साल बहुत सारी क़ौमें और क़बीलें हज के सफ़र पर निकले थे। 1. रसूले इस्लाम (स.अ.) का ग़दीर के दिन उतरने वाली आयतों का प्रचार करना हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो […]

    • हज़रत अली अलैहिस्सलाम
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      हज़रत अली अलैहिस्सलाम

      हज़रत अली अलैहिस्सलाम2 (40%) 1 vote[s] हम इस बात के लिए प्रसन्न और ईश्वर के कृतज्ञ हैं कि इस दिन काबे की दीवार में दरार पड़ी और न्याय में निखार आया।  सृष्टि ने पुनः बसंत का अनुभव किया और थकी हुई धरती का भाग्य जाग उठा। इतिहास के तपते हुए मरूस्थल पर न्याय की हरी-भरी छाव […]

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      पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-4

      Rate this post पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत ईरान के हस्तकला उद्योग के केन्द्रों में गिना जाता है। इस प्रांत के महत्वपूर्ण हस्तकला उद्योगों में क़ालीन की बुनाई, दरी की बुनाई, ख़ातम, ओअर्रक़, मुनब्बत, टोकरी, चटाई जैसी लकड़ी की कलाओं, हाथ से ऊन और रेशम के धागों से बुनी वस्तुएं, पारंपरिक छपाई कला, शीशे की वस्तुओं, मिट्टी […]

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      पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-1

      Rate this post प्राचीनकाल की धरोहरों को पहचनवाने के लिए संग्रहालयों को एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है और वर्तमान काल में मनुष्य के सांस्कृतिक जीवन में संग्रहालय, महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। १४ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संग्रहालयों तथा इसके अतिरिक्त कई अन्य निजी छोटे-बड़े संग्रहालयों की उपस्थिति के कारण पूर्वी आज़बाइजान को संग्रहालयों का […]

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      आशिक़े रसूले ख़ुदा (स.)

      Rate this post एक शख़्स हज़रत रसूले ख़ुदा से बेहद मोहब्बत करता था, और तेल (रौग़ने ज़ैतून) बेचने का काम किया करता था। उस के बारे में यह ख़बर मशहूर थी कि वो सिदक़े दिल से रसूले ख़ुदा (स.) से बेपनाह इश्क व मोहब्बत करता था और आँ हज़रत (स) को बहुत चाहता था, अगर […]

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      हज़रत पैगम्बरे इस्लाम(स.) का जीवन परिचय व चरित्र चित्रण

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      चहारमहाल व बख़तियारी-1

      Rate this post चहारमहाल व बख़्तियारी प्रांत में प्रचुर जल, उपजाऊ भूमि, उचित एवं मनोहर जलवायु, प्राकृतिक हिमखण्ड, झरनों, विभिन्न झीलों और सुन्दर सरोवरों की उपस्थिति तथा बलूत के घने जंगलों जैसी सुन्दर प्रकृति के कारण पर्यटकों को आकर्षित करने की बहुत क्षमता पाई जाती है। जब ईरान के पर्यटन स्थलों का उल्लेख किया जाता […]

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      मारेकए बद्र व ओहद और शोहदा ए करबला मुशाहिद आलम

      Rate this post ख़ुदा की जानिब से एक मोमिने कामिल के लिये बेहतरीन तोहफ़ा और हदिया मौत के अलावा कुछ और नही हो सकता है। लेकिन अगर उस की सूरत बदल जाये, बिस्तर के बजाए मैदान और राहे ख़ुदा में जंग व जिहाद करता हुआ कोई मुजाहिद मौत को गले लगा ले तो उसे दीनी […]

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      चहारमहाल व बख़तियारी-2

      Rate this post चार महाल व बख़तियारी प्रांत में बख़तियारी क़बीला अपनी विशेष जीवन शैली व रीति रिवाजों के कारण इस क्षेत्र के अद्वितीय आकर्षणों में गिना जाता है और इस क़बीले की जीवन शैली देशी व विदेशी पर्यटकों के लिए सदैव रूचि का विषय रही है। बख़तियारी क़बीला लुर जाति की एक शाखा है […]

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      सपनों का देश ईरान

      Rate this post ईरान के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने और यहां के एतिहासिक सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक आकर्षणों से अधिक से अधिक परिचित होने के लिए आपकी निरंतर मांग पर प्रिय पाठकों हमने एक नई चर्चा आरंभ की है जिसका शीर्षक है, “सपनों का देश ईरान”। इस चर्चा की पहली कड़ी में हम ईरान […]

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      चहारमहाल व बख़तियारी-4

      Rate this post चहार महाल व बख़्तियारी प्रांत में चुग़ाख़ोर, गंदमान, अलियाबाद और सोलक़ान नामक चार तालाब ने पर्यावरण और एकोटूरिज़्म की दृष्टि से इस क्षेत्र को विशेष स्थिति उपहार में दी है। ये चार तालाब जंजीर की भांति ब्रूजन नगर के दक्षिणी छोर से क्षेत्र के पश्चिम में केलार पहाड़ की लंबाई तक फैला […]

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      चाय के बगानों की नगरी लाहीजान

      Rate this post लाहीजान, गीलान ही नहीं अपितु पूरे ईरान के सुंदरतम नगरों में से एक है। भौगोलिक दृष्टि से यह नगर पर्वतांचल में स्थित है जिसमें मिट्टी के टीले और चाय के बगान भरे पड़े हैं। इस नगर के घरों की वास्तुकला ने भी नगर को एक विशेष सौंदर्य प्रदान कर दिया है। यहां […]

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      शिया समुदाय की उत्पत्ति व इतिहास (2)

      Rate this post   रसूले अकरम (स.) के देहांत के बाद जब आपकी ख़िलाफ़त और उत्तराधिकार का मुद्दा सामने आया तो जो महोदय रसूले इस्लाम (स.) के युग में आपके प्रति सबसे अधिक निष्ठावान थे और आपके शिया समझे जाते थे उन्होंने इमामत के बारे में मौजूद नुसूस और हज़रत अली (अ.) के व्यक्तित्व की […]

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      कुर्दिस्तान

      Rate this post कुर्दिस्तान प्रांत ईरान की उस धरती का एक भाग है जिस पर माद जाति का शासन रहा है। कुर्द समुदाय का संबंध आर्य जाति से है जो लगभग चार हज़ार वर्ष पूर्व पूरब की ओर से इस क्षेत्र में पहुँची थी और बाद में उसने उत्तर पश्चिम तथा उरूमिये नदी के पूर्व […]

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      सर चश्म ए कौसर हज़रत ख़दीजतुल कुबरा (अ

      Rate this post हज़रत ख़दीजा (अ) का सिलसिल ए नसब हज़रत ख़दीजा (अ) बिन्ते ख़ुवैलद, बिन असद, बिन अब्दुल उज़्ज़ा बिन कलाब, बिन मर्रा, बिन कअब, बिन लोएज, बिन ग़ालिब, बिन फ़हर।[1] आपके वालिदे मोहतरम (ख़ुवैलद) ने जबरदस्त बहादुरी के साथ ख़ान ए काबा की हुरमत का दिफ़ाअ किया जिसे आज भी याद किया जाता […]

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      शीराज़-2

      Rate this post शीराज़ नगर प्राचीन काल से ज्ञान का केन्द्र रहा है। इस लेख में हम ज्ञान व साहित्य के क्षेत्र की कुछ महान हस्तियों का परिचय दे रहे हैं। सादिया के नाम से प्रसिद्ध सादी का मक़बरा शीराज़ नगर के पूर्वोत्तर में चार किलोमीटर की दूरी पर पर्वातांचल में स्थित है। अलबत्ता यह […]

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      उमर ने वसीयत नामा लिखे जाने में रुकावट क्यों की

      Rate this post यह सवाल हर शख्स के ज़हन में आता है कि उमर बिन ख़त्ताब और उनके तरफ़दारों ने पैग़म्बरे अकरम (स) की तदबीर अमली होने में रुकावट क्यों पैदा की? क्या आँ हज़रत (स) ने रोज़े क़यामत तक उम्मत को गुमराह न होने की ज़मानत नही दी थी? इससे बढ़ कर और क्या […]

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      इस्लामी मानवाधिकार घोषणापत्र : 1

      Rate this post मानवाधिकार उन अधिकारों में से है जो मानवीय प्रवृत्ति का अनिवार्य अंश है। मानवाधिकार का स्थान, सरकारों की सत्ता से ऊपर होता है और विश्व की सभी सरकारों को उसका सम्मान करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्यों ने वर्ष १९४८ में विश्व मानवाधिकार घोषणापत्र को तीस अनुच्छेदों के साथ पारित किया। […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 11
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 11

      Rate this post हज़रत अली की नज़र में सरकारी अधिकारियों के दायित्व इस्लामी समाज में शासक व अधिकारियों को व्यापक अधिकार हासिल हैं किन्तु साथ ही उनके कंधे पर अधिक ज़िम्मेदारियां भी हैं। नहजुल बलाग़ा में हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने इस्लामी सरकार के गठन को शासक के दायित्वों में गिनवाया है। जैसा कि नहजुल बलाग़ा […]

    •  क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 3
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      क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 3

      Rate this post   18- “وَعَدَ اللَّهُ الَّذِينَ آمَنُوا مِنكُمْ وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَيَسْتَخْلِفَنَّهُم فِي الْأَرْضِ”(नूर 56) इन हज़रात से मुराद अहले बैते ताहेरीन हैं।(अब्दुल्लाह इब्ने मुहम्मद अल हनफ़ीया)( शवाहिदुत तनज़ील जिल्द 1 पेज 413) 19- “وَالَّذِينَ يَقُولُونَ رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ وَاجْعَلْنَا لِلْمُتَّقِينَ إِمَامًا”(फ़ुरक़ान 74) अज़वाज ख़दीजा, ज़ुर्रियत फ़ातेमा, क़र्रातुलऐन हसनैन […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 4
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 4

      Rate this post हज़रत अली की दृष्टि में “एकेश्वरवाद” या एकेश्वरवादी विचारधारा धर्म के मूल सिद्धातों में एक तौहीद अर्थात एकेश्वरवाद का विषय है। मानवता के प्रशिकक्षकों के रूप में समस्त ईश्वरीय दूतों के निमंत्रण का आधार भी एकेश्वरवाद ही रहा है। इन समस्त ईश्वरीय दूतों ने मानव जाति को एकेश्वरवाद पर आस्था रखने और […]

    •  नहजुल बलाग़ा में हज़रत अली के विचार 1
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      नहजुल बलाग़ा में हज़रत अली के विचार 1

      Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम समस्त मानवीय सदगुणों में पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेही व सल्लम का आइना थे। हज़रत अली अलैहिस्सलाम एसी महान हस्ती थे जिसके बारे में पैग़म्बरे इस्लाम ने फरमाया है” अगर समस्त वृक्ष कलम बन जायें और समस्त समुद्र सियाही बन जायें और समस्त जिन्नात हिसाब करने वाले एवं […]

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      मुक़द्दम ए सैयदुल उलामा ……….

      Rate this post “मैने सत्तर खुत्बे अली इब्ने अबी तालिब (अ) अजबर (याद) किए हैं, जिनके फुयूज़ो-बरकात मेरे यहां नुमायां (स्पष्ट) हैं। ” इसके बाद इबनूल मुतवफ्फी (मृतक) सन् 142 का एतिराफ है जिसे अल्लामा हसन अन्नदूबी ने अपने उन हवाशी में जो किताब अल बयान वत तबईन लिल जाहिज़ पर लिखे हैं , वह […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-22
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-22

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम का एक कथन है कि ज़मीन कभी भी ईश्वरीय दूत से खाली नहीं होगी” सुन्नी मुसलमानों के प्रसिद्ध विद्वान कुन्दूज़ी हनफी “यनाबिऊल मवद्दत” नाम की किताब में लिखते हैं” लगभग समस्त सुन्नी विद्वानों ने लिखा है कि पैग़म्बरे इस्लाम ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम से फरमाया है कि मेरे बाद १२ […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 3
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 3

      Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम सदाचारियों के इमाम और मार्गदर्शन के सूरज हैं। हज़रत अली अलैहिस्सलाम पैग़म्बरे इस्लाम की विशेषताओं को बयान करते हुए फरमाते हैं” पैग़म्बर बाल्याकाल में सर्वोत्तम सृष्टि और बुढापे में लोगों में महानतम हस्ती थे। उनके व्यवहार पवित्र लोगों में सबसे पवित्रतम और उनकी दया सबसे अधिक समय तक जारी रहने […]

    • हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम की अहादीस
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      हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम की अहादीस

      हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम की अहादीस5 (100%) 1 vote[s]  हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन)  हम यहाँ पर अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं के लिए   हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम के चालीस मार्ग दर्शक कथन प्रस्तुत  कर रहे हैं। 1- मोमिन के तीन लक्षण  हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम ने कहा कि कोई भी उस समय […]

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      पैग़म्बरे इस्लाम (स0) की हदीसें

      Rate this post 1. ऐ ख़ुदा के बन्दों! तुम सब बीमार की तरह हो और ख़ुदावन्दे आलम तबीब की तरह है पस मरीज़ों की सलाह (यानी) तुम्हारी सलाह इसी में है के जिसको तबीब जानता है और उसके लिये दस्तूर देता है (उसकी सलाह) इसमें नहीं है जो मरीज़ जानता है और जो करता है […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 12
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 12

      Rate this post हज़रत अली (अ) के दृष्टिकोण में एकता एवं एकजुटता इस्लाम में एकता एवं एकजुटता पर विशेष बल दिया गया है। क़ुराने मजीद के सूरए आले इमरान की 103वीं आयत में उल्लेख है कि “तुम सब अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से थाम लो और तितर बितर न हो और अल्लाह की अनुकंपा […]

    •  लोगों के सम्मान को बचाना
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      लोगों के सम्मान को बचाना

      Rate this post जो लोगों के सम्मान को बचाता है अल्लाह तआला क़यामत के दिन उसकी ग़लतियों को क्षमा कर देगा। और जो लोगों से अपने ग़ुस्से पर कंट्रोल कर लेगा तो क़यामत में अल्लाह उससे अपने ग़जब (ग़ुस्सा) को ख़त्म कर देगा «مَنْ کَفَّ نَفْسَهُ عَنْ أَعْراضِ النّاسِ أَقالَهُ اللّهُ عَثْرَتَهُ یَوْمَ الْقِیمَةِ وَ […]

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      इंसान की इस्लाह नहजुल बलाग़ा की रौशनी में

      Rate this post इमामुल मुत्तक़ीन, अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली बिन अबी तालिब अलैहिस सलाम नहजुल बलाग़ा के कलेमाते क़ेसार की 89वीं हदीस में इरशाद फ़रमाते हैं: अगर इंसान अपने और ख़ुदा के दरमियान इस्लाह कर ले तो ख़ुदावंदे आलम उसके और लोगों को दरमियान इस्लाह कर देता है। इंसान की एक ख़ुसूसियत उसकी समाजी ज़िन्दगी […]

    •  नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 21
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      नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 21

      Rate this post नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 21 ”तुम्हारी मन्ज़िले मक़्सूद (गंतव्य स्थान) तुम्हारे सामने है। मौत की साअत (मृत्यु का क्षण) तुम्हारे अक़ब में (पीछे) है, जो तुम्हे आगे की तरफ़ (ओर) ले चल रही है। हल्के फुल्के रहो ताकि आगे बढ़ने वालों को पा सको। तुम्हारे अगलों को पिछलों का इन्तिज़ार कराया […]

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      हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम की अहादीस

      Rate this post हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन) अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं के लिए यहाँ पर हज़रत  हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम के चालीस मार्ग दर्शक कथन प्रस्तुत किये जारहे हैं। 1- मार्ग दर्शक  हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम ने कहा कि अल्लाह ने मनुष्यो के लिए  ज़ाहिर व बातिन(प्रत्यक्ष व परोक्ष) दो मार्ग दर्शकों […]

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      ” ख़ुशी क्या है “

      Rate this post हमारे जन्म के पहले दिन ही ईश्वर अपनी तत्वदर्शिता द्वारा हमसे कहता है कि जीवन मधुर है और हमें अपने जीवन काल में यह सीखने का प्रयास करना चाहिए कि उचित मार्ग कौन से हैं ताकि उसपर चलकर हम मधुर जीवन व्यतीत कर सकें। यदि हमारा मनोबल सुदृढ़ होगा और हम प्रसन्नचित […]

    •  ख़ुत्बा – 12
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      ख़ुत्बा – 12

      Rate this post जब ख़ुदा वन्दे आलम ने आप को जमल वालों पर ग़बा अता किया (विजय प्रदान की) तो उस मौके (अवसलर) पर आप के एक सहाबी (साथी) ने आप से अर्ज़ किया कि मेरे फुलां (अमुक) भाई भी यहां पर मौजूद होता तो वोह भी देखता कि अल्लाह ने आप को दुशमन पर […]

    •  नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचय
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      नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचय

      Rate this post नहजुल बलाग़ा का संक्षिप्त परिचयप्रिय पाठकों : आपने पवित्र किताब नहजुल बलाग़ा के बारे में सुना होगा और इस किताब को देखा भी होगा लेकिन नही मालूम कि इस किताब से आप कितने परिचित हैं और इसके बारे में कितना ज्ञान रखते हैं। नहजुल बलाग़ा अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली (अ) के कुछ […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 30
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 30

      Rate this post जो व्यक्ति सही ज्ञान और सोच विचार के बिना उपासना करता है उसका मूल्य बयान करते हुए हज़रत अली अलैहिस्सलाम फरमाते हैं” पूर्ण विश्वास के साथ सोना संदेह की स्थिति में नमाज़ पढ़ने से बेहतर है” सिफ्फीन नामक युद्ध में जब हज़रत अली अलैहिस्सलाम और माअविया की ओर से यह स्वीकार कर […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-28
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-28

      Rate this post ”अम्र बिलमारूफ अर्थात अच्छाई का आदेश देना और नही अनिल मुन्कर अर्थात बुराई से रोकना“ नमाज़, रोज़ा, हज, और जेहाद की भांति अम्र बिलमारूफ को भी धार्मिक आदेशों में समझा जाता है और उनके मध्य इसे विशेष स्थान प्राप्त है। हज़रत अली अलैहिस्सलाम के अनुसार अम्र बिलमारूफ और नही अनिलमुन्कर का दायेरा […]

    •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 14
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      नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 14

      Rate this post राजकोष के न्यायपूर्ण विभाजन पर आधारित हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शैली हज़रत अली अलैहिस्सलाम कभी ऐसे ही कोई बात नहीं करते थे बल्कि जो कहते हैं उसपर बड़ी सूक्ष्मता से पालन करते थे। वे सदैव समाज के वंचित और सताए हुए वर्ग का समर्थन करते और समाज में भ्रष्टाचार, भेदभाव और अन्याय […]

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      ईरान की हरित क्रांति-२

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    •  पैग़म्बर के बाद हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का मर्सिया
      पैग़म्बर के बाद हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का मर्सिया
      3 (60%) 1 vote[s]

      पैग़म्बर के बाद हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का मर्सिया

      पैग़म्बर के बाद हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का मर्सिया3 (60%) 1 vote[s] हज़रत फ़ातेमा ज़हरा पर दुखों के पहाड़ कब से टूटना आरम्भ हुए इसके बारे में यही कहा जा सकता है कि जैसे ही पैग़म्बरे इस्लाम ने इस संसार से अपनी आखें मूंदी, मुसीबतें आना आरम्भ हो गईं, और इन मुसीबतों का सिलसिला एक के […]

    •  ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-2
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      ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-2

      Rate this post 1970 के दशक में तेल के उत्पादन और उसके मूल्य में वृद्धि के साथ ही ईरान के अत्याचारी शासक मुहम्मद रज़ा पहलवी को अधिक शक्ति का आभास हुआ और उसने अपने विरोधियों के दमन और उन्हें यातनाए देने में वृद्धि कर दी। शाह की सरकार ने पागलपन की सीमा तक पश्चिम विशेष […]

    •  आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह यज़्दी -1
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      आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह यज़्दी -1

      Rate this post आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह जनवरी 1935 में जन्में। उनके परिवार की केन्द्रीय ईरान के यज़्द शहर के एक धार्मिक परिवार में गणना होती थी और पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र परिजनों से अथाह श्रद्धा के लिए जाना जाता था। जिस समय रज़ा ख़ान पहलवी के शासन काल में हर ओर घुटन व दमनात्मक […]

    •  हज़रत ख़दीजा(आ0) को दो कफ़न क्यूँ दिये गये?
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      हज़रत ख़दीजा(आ0) को दो कफ़न क्यूँ दिये गये?

      Rate this post हज़रत ख़दीजा अ. के बाप ख़ुवैलद और मां फ़ातिमा बिंते ज़ाएदा बिंते असम हैं। जिस परिवार में आपका पालन पोषण हुआ वह परिवार अरब के सारे क़बीलों में सम्मान की नज़र से देखा जाता था और पूरे अरब में उसका प्रभाव था। हज़रत ख़दीजा अ. अपनी क़ौम के बीच एक अलग स्थान […]

    •  इमाम अली नक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र
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      इमाम अली नक़ी (अ.) की ज़िंदगी पर एक संक्षिप्त नज़र

      Rate this post इमाम अली नक़ी (अ.) ने इस्लामी अहकाम के प्रसारण व प्रकाशन और जाफ़री मज़हब के प्रचार के लिए महत्वपूर्ण क़दम उठाये। और हमेशा लोगों को धार्मिक तथ्यों से अवगत करने में प्रयत्नशील रहे। हज़रत इमाम अली नक़ी (अ.) 15 ज़िलहिज्जा 212 हिजरी या 5 रजब को मदीना में पैदा हुए। आपके पिता […]

    •  चेहलुम, इमाम हुसैन की ज़ियारत पर पैदल जाने का सवाब
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      चेहलुम, इमाम हुसैन की ज़ियारत पर पैदल जाने का सवाब

      Rate this post संभव है कि किसी के दिमाग़ में यह सवाल उठे कि आख़िर क्यों चेहलुम के दिन इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की ज़ियारत को इतना अधिक महत्व दिया गया है? आख़िर क्यों हमें इस दिन को इतने सम्मान और जोश के साथ मनाना चाहिये इस सवाल के जवाब के लिये हम आपके सामने इमाम […]

    •  आयतुल्लाह मुहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी -1
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      आयतुल्लाह मुहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी -1

      Rate this post उन्होंने अपने जीवन में दो पहलवी तानाशाहों का पतन देखा। इन दो शासकों के काल में लोगों के जीवन पर आयतुल्लाह फ़लसफ़ी का प्रभाव, उनकी अत्याचार विरोधी और न्यायप्रिय भावना को दर्शाता है। ईरानी सांसद और विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर डाक्टर ग़ुलाम हद्दाद आदिल का कहना है कि आयतुल्लाह फ़लसफ़ी की स्पष्ट विशेषता […]

    •  आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी – 2
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      आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी – 2

      Rate this post निःसंदेह भाषण देने में दक्ष एवं निपुण होना एक ऐसी ईश्वरीय कृपा है कि जो हर किसी को प्राप्त नहीं होती। अगर कोई वक्ता इस कला को ज्ञान और विद्या एवं गहरी दृष्टि के साथ जोड़ दे तो उसका भाषण आकर्षक एवं मार्गनिर्देशक हो जाता है। आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी फ़लसफ़ी एक ऐसे […]

    •  अल्लामा अली दव्वानी
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      अल्लामा अली दव्वानी

      Rate this post मेहदी मौऊद अल्लामा मजलिसी की बिहारुल अनवार किताब के 13वें खंड का अनुवाद है, इसका अनुवाद अल्लामा दव्वानी ने किया है और 12वें इमाम हज़रत मेहदी (अ) के संबंध में यह एक सम्रद्ध किताब है, इसमें इस विषय की विभिन्न आयामों से समीक्षा की गई है। मेहदी मौऊद किताब की प्रस्तावना 180 […]

    •  हज़रत ख़दीजा (स.) की जीवन की एक झलक
      हज़रत ख़दीजा (स.) की जीवन की एक झलक
      5 (100%) 1 vote[s]

      हज़रत ख़दीजा (स.) की जीवन की एक झलक

      हज़रत ख़दीजा (स.) की जीवन की एक झलक5 (100%) 1 vote[s] हज़रत खदीजा (स) की सीरत को उनको उन चंद सफ़हात में नही समेटा जा सकता, आपकी सीरते मुबारका के एक पहलू को पैग़म्बरे अकरम (स) की ज़बानी, पहले हमने यहाँ बयान किया है अब हम आपकी ज़िन्दगी के क़ीमती सफ़हात में कुछ की तरफ़ […]

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      अहलेबैत अ. की श्रेष्ठता

      Rate this post इस्लामी रिवायतों की बिना पर क़ुरआने मजीद की बे शुमार आयतें अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के फ़ज़ाएल व मनाक़िब की बयानगर हैं और इन्हीं मासूम हस्तियों के किरदार के मुख़्तलिफ़ पहलुओं की तरफ़ इशारा कर रही हैं। बल्कि कुछ रिवायतों की बिना पर पूरे कुरआन का तअल्लुक़ उनके मनाक़िब, उनके मुख़ालिफ़ों के नक़ाएस, उनके आमाल व किरदार और उनकी सीरत व […]

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      इमाम हादी अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस

      Rate this post हज़रत इमाम अली नक़ी अलैहिस्सलाम का जन्म 212 हिजरी क़मरी में मदीने में हुआ। उनके जन्म से इंसानी इतिहास में नैतिकता व शिष्टाचार के सुनहरे अध्याय जुड़ गये। उनकी मुबारक ज़िंदगी लोगों के मार्गदर्शन का रौशन दिया था। वह इमाम हादी के नाम से भी मशहूर थे जिसका मतलब होता है मार्गदर्शक। […]

    •  इमाम जाफ़र सादिक़ (अलैहिस्सलाम) ग़ैरों की ज़बानी
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      इमाम जाफ़र सादिक़ (अलैहिस्सलाम) ग़ैरों की ज़बानी

      Rate this post विलायत पोर्टलः शियों के छठे इमाम का नाम, जाफ़र कुन्नियत (उपनाम), अबू अब्दुल्लाह, और लक़ब (उपाधि) सादिक़ है। आपके वालिद इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम और माँ जनाबे उम्मे फ़रवा हैं। आप 17 रबीउल् अव्वल 83 हिजरी में पैदा हुए और 114 हिजरी में इमाम बने। आपके ज़माने में बनी उमय्या के बादशाहों […]

    •  इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी
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      इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी

      Rate this post एक दिन इमाम हसन (अ) घोड़े पर सवार कहीं जा रहे थे कि शाम अर्थात मौजूदा सीरिया का रहने वाला एक इंसान रास्ते में मिला। उस आदमी ने इमाम हसन को बुरा भला कहा और गाली देना शुरू कर दिया। इमाम हसन (अ) चुपचाप उसकी बातें सुनते रहे, जब वह अपना ग़ुस्सा […]

    •  आयातुल्लाह मुहम्मद तक़ी फलसफी – 3
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      आयातुल्लाह मुहम्मद तक़ी फलसफी – 3

      Rate this post आयातुल्लाह मुहम्मद तक़ी फलसफी उन बुद्धिजीवियों में शामिल हैं जिन्होंने विभिन्न विषयों पर अत्यन्त मूल्यवान पुस्तकें लिखी हैं। उनकी लगभग सभी किताबें अत्याधिक लाभदायक और उपयोगी हैं और उनके भाषणों की भी समाज के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके २०० से भी अधिक भाषणों को १६ किताबों में संकलित किया […]

    •  आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह यज़्दी – 2
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      आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह यज़्दी – 2

      Rate this post आयतुल्लाह मोहम्मद तक़ी मिस्बाह जनवरी 1935 में जन्में। उनके परिवार की केन्द्रीय ईरान के यज़्द शहर के एक धार्मिक परिवार में गणना होती थी और पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र परिजनों से अथाह श्रद्धा के लिए जाना जाता था। जिस समय रज़ा ख़ान पहलवी के शासन काल में हर ओर घुटन व दमनात्मक […]

    •  हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया
      हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया
      5 (100%) 1 vote[s]

      हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया

      हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने कर्बला को अमर बना दिया5 (100%) 1 vote[s] अबनाः हज़रत ज़ैनब इस्लामी इतिहास में एक महान महिला का नाम है जो आसमान पर जगमगा रहा है कि जिसका व्यक्तित्व उच्चतम नैतिक गुणों का संपूर्ण आदर्श है। ऐसी महिला जिसने अपने नर्म, दयालु व मेहरबानी दिल के साथ मुसीबतों के पहाड़ों […]

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      आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली हुसैनी सीसतानी का ज़िन्दगीनामा

      Rate this post पैदाईश हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सीसतानी 9 रबीउल अव्वल सन् 1349 हिजरी क़मरी में मुक़द्दस शहर मशहद में पैदा हुए। आपके वालिद ने आपने जद के नाम पर आपका नाम अली रखा। आपके वालिदे मोहतरम का नाम सैयद मुहम्मद बाक़िर और दादा का नाम सैयद अली है, वह बहुत बड़े आलिम व ज़ाहिद […]

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      11 शाबान, हज़रत अली अकबर की विलादत मुबारक हो

      Rate this post हज़रत अली अकबर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के बेटे हैं आपकी विलादत की तारीख़ के बारे में इतिहासकारों के बीच मतभेद पाया जाता है इसी लिए आपकी उम्र भी पता नहीं है। ज़्यादातर इतिहासकारों ने केवल कर्बला के मुसीबतें बयान करते हुए आपके हालात की चर्चा की है और केवल आपकी शहादत के […]

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      नमाज़ी के लिबास की शर्तें

      Rate this post 1. पाक हो। 2. ग़स्बी न हो (छीना, हथियाया हुआ न हो) 3. मुरदार (मृत शरीर के भाग) के अजज़ा का बना न हो। 4. ऐसे जानवर (पशु) का न हो जिसका गोश्त हराम है। 5. सोने का न हो। 6. शुद्ध रेशमी न हो। पाँचवीं एवंम छटी शर्त पुरुषों से विशेष […]

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      नमाज़ – हज़रत जाफर तैय्यार अ:स

      Rate this post यह नमाज़ अक्सीरे आज़म और किब्रियत अहमर है और बहुत मोतबर इस्नाद और बड़ी फ़ज़ीलत के साथ ब्यान हुई है! इसका ख़ास फायेदा यह है के इसके बजा लाने से बड़े बड़े गुनाह माफ़ हो जाते हैं! इसका अफज़ल वक़्त जुमा के दिन का पहला हिस्सा है, यह चार रक्अत नमाज़ है […]

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      पाक चीज़ कैसे नजिस होती है ?

      Rate this post *(म.न. 126) अगर कोई पाक चीज़ किसी नजिस चीज़ से लग जाये और यह दोनों या इनमें से एक इस तरह गीली हों कि एक की तरी दूसरी में पहुँच जाये तो पाक चीज़ नजिस हो जायेगी और अगर वह इस तरी के साथ किसी तीसरी चीज़ से लग जाये तो उस […]

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      बालिग़ होने की निशानियाँ

      Rate this post 3. बालिग़ होने की निशानियाँ, नीचे दी हुई निशानियों में से कोई एक हैं। 1.    शर्मगाह (गुप्तांग) के आस पास सख़्त बालों का उगना। 2.    एहतेलाम (सोते या जागते मनी (वीर्य)) का निकलना। 3.    चाँद की तारीख के अनुरूप लड़कों का 15 साल और लड़कियों का 9 साल पूरा होना। अगर किसी […]

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      तक़लीद[1] के अहकाम

      Rate this post * ( म.न. 1- ) हर मुसलमान के लिए ज़रूरी है कि वह ऊसूले दीन को अक़्ल के ज़रिये समझे क्योंकि ऊसूले दीन में किसी भी हालत में तक़लीद नही की जासकती यानी यह नही हो सकता कि कोई इंसान ऊसूले दीन में किसी की बात सिर्फ़ इस लिए माने कि वह […]

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      ग़ुस्ल का पानी

      Rate this post सवालः एक आदमी ने ग़ुस्ले जनाबत करने के लिए एक डिब्बे में पानी रखा और ग़ुस्ल करने के समय जिस्म से पानी की बूंदे उस डिब्बे में टपकती हैं तो क्या वह पानी नजिस हो जायेगा और उस पानी से ग़ुस्ल करना कैसा है? जवाबः अगर पानी की बूँदें जिस्म के पाक ह़िस्से से […]

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      मुस्तहब ग़ुस्ल

      Rate this post (651) इस्लाम की मुक़द्दस शरीअत में बहुत से ग़ुस्ल मुस्तहब हैं जिन में से कुछ यह हैं: जुमे के दिन का ग़ुस्ल 1- इस का वक़्त सुब्ह का अज़ान के बाद से सूरज के ग़ुरूब होने तक है और बेहतर यह है कि ग़ुस्ल ज़ोहर के क़रीब किया जाये (और अगर कोई […]

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      निफ़ास

      Rate this post 514. बच्चे का पहला हिस्सा, माँ के पेट से बाहर आने के वक़्त से, जो ख़ून औरत को आए अगर वह दस दिन से पहले या दसवें दिन के खात्मे पर बन्द हो जाए तो वह ख़ूने निफ़ास है और निफ़ास की हालत में औरत को (नफ़्सा) कहते हैं। 515. जो ख़ून […]

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      मुस्तहब सदक़ा

      Rate this post सवालः क्या मुस्तहब सदक़ा सय्यद को दिया जा सकता है? जवाबः दिया जा सकता है।

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      निजासात

      Rate this post *(म.न.84) दस चीज़ें नजिस हैं। 1)पेशाब 2)पख़ाना 3)मनी (वीर्य) 4)मुरदार 5)ख़ून 6)कुत्ता 7)सुवर 8)शराब 9)काफ़िर 10)निजासत ख़ाने वाले जानवर का पसीना पोशाब और पख़ाना *(म.न.85) इंसान और हर ख़ूने जहिन्दादार[1] हराम गोश्त हैवान का पेशाब पखाना नजिस है। लेकिन वह हराम गोश्त जानवर जो ख़ूने जहिन्दा दार नही है उनका पख़ाना पाक […]

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      नमाज़ के लफ़्ज़ों में बदलाव

      Rate this post सवाल: अगर हम नमाज़ के सलाम में “अय्युहन्नबी” की जगह “या अय्युहन्नबी” कहें तो क्या यह सही है या नहीं? जवाबः अगर भूले से हो तो कोई हरज नहीं है लेकिन जानबूझ कर नमाज़ में कुछ बढ़ाना सही नहीं है।

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      हद्दे तरख्खु़स क्या है?

      Rate this post (हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई की नज़र में) सवाल 672:  जर्मनी और यूरोप के कुछ शहरों का दर्मियानी फ़ासला (यानी एक शहर से निकलने और दूसरे शहर में दाख़िल हो जाने के साइन बोर्ड की दूरी) एक सौ मीटर से ज़्यादा नहीं है तो दूसरे शहरों की कुछ जगाहें और रास्ते तो एक दूसरे […]

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      हाथ पर मार्कर या इंक लगना और वुज़ू करना

      Rate this post सवालः- पेन या मार्कर की इंक या कोई और रंग बदन पर लग जाए तो क्या पानी खाल तक पहुंच जाएगा? इस तरह औरतें जो बालो में रंग लगाती हैं, उसका क्या हुक्म है? जवाबः अगर इन चीज़ों का फ़िज़िकल जिस्म न हो तो वुज़ू सही है यानी पानी खाल तक पहुंचने में […]

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      जिस शख़्स का पेशा या पेशे की शुरुआत सफ़र हो

      Rate this post सवाल 638:  जिस शख़्स का सफ़र उसके पेशे की शुरुआत हो क्या वोह सफ़र में पूरी नमाज़ पढ़ेगा और उसका रोज़ा भी सही है या ये (पूरी नमाज़ पढ़ना) उस शख़्स से मख़सूस है जिसका पेशा ही यक़ीनी तौर पर सफ़र हो और, इमाम ख़ुमैनी के इस क़ौल के क्या माना हैं जिसका पेशा सफ़र […]

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      मुर्दे का जिस्म

      Rate this post सवालः मुर्दे को बेर और काफ़ूर के पानी से ग़ुस्ल देने के बाद और खालिस (शुद्ध) पानी के ग़ुस्ल देने से पहले जो बूंदे मुर्दे के जिस्म सेटपकती हैं वह पाक हैं या नजिस?। जवाबः मुर्दे का जिस्म उस समय तक नजिस कहलाएगा जब तक कि तीसरा ग़ुस्ल पूरा न हो जाए।

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      अहकाम

      Rate this post तक़लीद सवाल: क्या तक़लीद के बाद पूरी तौज़ीहुल मसाइल का पढ़ना ज़रुरी है? जवाब: आयतुल्लाह सीस्तानी: उन मसाइल का जानना ज़रूरी है जिस से इंसान हमेशा दोचार है। आयतुल्लाह ख़ामेनई: ज़रूरी नही है बल्कि सिर्फ़ दर पेश आने वाले मसाइल का जानना ज़रूरी है। सवाल: अगर किसी मसले में मुजतहिद का फ़तवा […]

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      वज़ू के सही होने की शर्तें

      Rate this post सवालः वज़ू के सही होने की क्या शर्तें हैं? जवाबः वज़ू के सही होने की तेरह शर्तें हैं….. (1)     वज़ू का पानी पाक हो। (2)     पानी मुतलक़ हो। (3)     पानी मुबाह हो (ग़स्बी न हो) (4)     वज़ू के पानी का बर्तन मुबाह हो। (5)     पानी का बर्तन सोने और चाँदी का न हो। (6)     धोते और मसह करते […]

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      इसराईली प्रोडेक्ट

      Rate this post सवालः अगर इस्राईली प्रोडक्ट जिन्स (वस्तु) एक इस्लामी मुल्क की दुकानों पर मौजूद हैं जबकि दूसरे इस्लामी मुल्क से वही चीज़ें ख़रीदी जा सकती हैं तो क्या ऐली सूरत में जाएज़ है कि हम इसराईल के प्रोडक्ट इस्तेमाल करना कैसा है? जवाबः हर मुसलमान की यह ज़िम्मेदारी है कि हर उस प्रोडक्ट […]

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      नजासत की ख़बर देना

      Rate this post सवालः अगर मेहमान मेज़बान के घर किसी चीज़ को नजिस कर दे तो क्या उससे मेज़बान को बताना ज़रूरी हैं? जवाबः खाने पीने वानी चीज़ो के अलावा और खाने पीने के बरतनों के अलावा दूसरी चीज़ो के बारे में बताना ज़रूरी नहीं है।

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      हज, इस्लाम की पहचान

      Rate this post जिस तरह से ईश्वरीय धर्म इस्लाम ने मनुष्य के आत्मिक और आध्यात्मिक आदि पहलुओं पर भरपूर ध्यान दिया है, हज में इस व्यापकता को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है हज,इस्लाम की पहचानजिस तरह से ईश्वरीय धर्म इस्लाम ने मनुष्य के आत्मिक और आध्यात्मिक आदि पहलुओं पर भरपूर ध्यान दिया है, […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-9 (1)

      Rate this post प्रकृति में हवा, जारी रहने और चलने की प्रतीक है। हवा हल्की और तरल होती है और उसकी वास्तविक विशेषता गर्म होती है। इसी आधार पर ईरान के प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा के विद्वानों और हकीमों ने चार तत्वों में से इस तत्व का नाम तात्विक हवा रखा है। तात्विक हवा का स्वभाव […]

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      ज़ैतून व खजूर के लाभदायक गुण

      Rate this post क़ुरआन में छः बार ज़ैतून शब्द का प्रयोग किया गया है और पैग़म्बरे इस्लाम (स) और उनके परिजनों के कथनों में ज़ैतून की चमत्कारिक विशेषता की ओर संकेत किया गया है। ज़ौतून लघु एशिया की स्थानीय वनस्पति है जो लगभग 6000 वर्ष पूर्व ऐसे क्षेत्र में उगती थी जिसकी जलवायु भूमध्य सागरीय […]

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      पारंपरिक चिकित्सा – 7

      Rate this post जल की विशेषता व प्रवृत्ति तरल, बहने वाला, सक्रिय और द्रव होना है, पानी ठंडा और भारी है। जल की छिपी हुई विशेषता तरलता है इसी आधार पर ईरान के प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा में से इस तत्व को तरल और ठंडा कहा गया है अर्थात तात्विक जल की गुणवत्ता व विशेषता ठंडी […]

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      महिलाओं को सात घंटे और पुरुषों को छः घंटे सोना आवश्यक है

      Rate this post चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि नींद की कमी मनुष्य के जीवन पर बहुत अधिक नकारात्मक प्रभाव डालती है। लंदन में हुए हालिया शोध में इस बात का रहस्योद्घाटन किया गया है कि नींद न आना न केवल ध्यान में कमी और ग़लतियों का कारण बनता है बल्कि इससे काम करने की […]

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      नींबू खाइये और बीमारियों से सुरक्षित रहिए

      Rate this post ताज़ा ताज़ा नींबू केवल रस भरा ही नहीं होता बल्कि इसमें भरी हैं ढेर सारी विशेषताएं भी, जिसके कारण बीमारियां आपसे दूर भागती हैं। दो चम्मच बादाम के तेल में नींबू की दो बूंद मिलाएं और रूई की सहायता से दिन में कई बार घाव पर लगाएं, घाव बहुत जल्द ठीक हो […]

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      हड्डियों को कमजोर बना सकती है चिंताएं

      Rate this post चिंता करने से आपकी हड्डियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और चिंता आपकी हड्डियों को कमज़ोर कर सकती है। आस्ट्रेलिया के डीकिन और नार्वे विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने नार्वे के 8,000 पुरुषों और महिलाओं पर किए शोध में यह परिणाम निकाला। शोधकर्ताओं ने अवसाद के लक्षणों और हड्डियों में खनिज तत्वों […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-11

      Rate this post ईरान की प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार जिस आहार का सेवन किया जाता है वह मुंह के पानी से मिलकर, चबाए जाने की प्रक्रिया और पाचनतंत्र की गतिविधियों से प्रभावित होकर जौ के सूप की भांति एक गाढ़े लेप में परिवर्तित हो जाता है जिसे अमाशय का कीलूस कहा जाता है। उसके […]

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      पारम्परिक चिकित्सा 2

      Rate this post पानी चाहे वह ज़मीन के भीरत या ऊपर से गुज़रते समय खनिज पदार्थों व विभिन्न प्रकार के नमक को अपने भीतर विलय कर लेता है। इस प्रकार ज़मीन में पानी किन क्षेत्रों से गुज़र कर आया है इस आधार पर मनुष्य के शरीर पर उसके प्रभाव पड़ते हैं। विशेषज्ञ डाक्टर मीनाईः हम […]

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      नींबू खाइये और बीमारियों से सुरक्षित रहिए।

      Rate this post ताज़ा ताज़ा नींबू केवल रस भरा ही नहीं होता बल्कि इसमें भरी हैं ढेर सारी विशेषताएं भी, जिसके कारण बीमारियां आपसे दूर भागती हैं। दो चम्मच बादाम के तेल में नींबू की दो बूंद मिलाएं और रूई की सहायता से दिन में कई बार घाव पर लगाएं, घाव बहुत जल्द ठीक हो […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-9 (2)

      Rate this post खाना पीना केवल भूख और प्यास की आवश्यकता को दूर करना ही नहीं बल्कि मानवीय प्रवृत्ति के दृष्टिगत मनुष्य का मानसिक व आनंदमयी आयाम है। मनुष्य की इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए खाना पकाना और स्वादिष्ट पकवान तैयार करना एक कला में परिवर्तित हो गया है। ईरान का प्राचीन पारंपरिक […]

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      तम्बाकू पीने वालों के बच्चे स्कूल में अधिक अनुपस्थित रहते हैं

      Rate this post तम्बाकू पीने वाले वातावरण में पलने बढ़ने वाले बच्चे स्कूल से अधिक अनुपस्थित रहते हैं। आस्ट्रेलिया की एक संस्था के अनुसार इससे पूर्व शोध में यह बात सामने आयी थी कि प्रयोग की गयी सिगरेट स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है और इन समस्याओं में एक और विषय जुड़ गया कि […]

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      शलजम का फ़ायदा

      Rate this post शलजम खाओ क्योंकि कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसके शरीर में कोढ़ की नस न हो और शलजम इस नस को जला देती हैः इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम शलजम खाओ क्योंकि कोई ऐसा शख़्स नहीं है जिसके जिस्म में कोढ़ की रग न हो और शलजम इस नस को जला देती हैः […]

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      भारी नवजात और मां के पर्याप्त मात्रा में लौह ग्रहण करने के बीच संबंध।

      Rate this post नए शोध में यह बात सामने आई है कि मां बनने वाली महिलाएं यदि गर्भाधारण के आरंभिक तीन महीनों में पर्याप्त मात्रा में आएरन का सेवन करें तो अधिक भार के नवजात के जन्म लेने की संभावना प्रबल होती है। तेरह सौ गर्भवति महिलाओं पर किए गए शोध में यह तथ्य सामने […]

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      ख़तरनाक हो सकता है कम या अधिक सोना

      Rate this post मध्यम आयु वर्ग के वयस्कों के लिए बहुत कम या बहुत अधिक सोना अच्छा नहीं है। इसका सीधा प्रभाव उनके मस्तिष्क पर पड़ता है और इससे उनकी सोचने-समझने की शक्ति, सीखने की क्षमता व तर्क शक्ति प्रभावित होती है।एक नए अध्ययन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति हर रात छह घंटे से कम […]

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      मधुमेह के रोगियों में आयु बढ़ने के साथ आंत के कैंसर का ख़तरा बढ़ जता हैः शोध

      Rate this post आस्ट्रेलिया में एक नए शोध में दावा किया गया है कि मधुमेह से ग्रस्त लोगों में आयु बढ़ने के साथ आंत के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने शोध में पाया कि दूसरी श्रेणी के मधुमेह वाले पुरुषों में घातक आंत कैंसर का ख़तरा ज्यादा […]

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      प्रकृति का अमृत-मधु

      Rate this post पूरे इतिहास में मधुमक्खी का सम्मान मनुष्य करते रहे हैं। क़ुरआने मजीद, इन्जील और तौरैत जैसी सभी ईश्वरीय ग्रंथों में इसी प्रकार हिन्दुओं की पुस्तकों में और इसी प्रकार यूनान और रूम के प्राचीन आलेखों में एक प्रयत्नशील और लाभ दायक कीड़े के रूप में मधु मक्खी को और बहुत बीमारियों की […]

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      पारम्परिक चिकित्सा-3

      Rate this post आज के औद्योगिक संसार में विकास और प्रगति का एक महत्त्वपूर्ण मापदंड समाज का स्वास्थ और तन्दुरूस्ती है। स्वास्थ और तन्दुरूस्ती के यह अर्थ नहीं हैं कि देश के निवासी हर बीमारी और हर प्रकार के रोग से दो हों बल्कि शारीरिक और मानसिक सुख चैन भी स्वास्थ के अर्थ में शामिल […]

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      आंखों की रक्षक मछली

      Rate this post चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि मछली के तेल में पाया जाने वाला प्राकृतिक भाग ओमेगा थ्री त्वचा को स्वस्थ रखने के साथ ही आंखों की ज्योति की भी रक्षा करता है। अमरीका में किए गए अनुसंधान के अनुसार मछली के तेल में पाया जाने वाले ओमेगा थ्री एक आश्चर्यजनक पदार्थ है। […]

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      पारंपरिक चिकित्सा-5

      Rate this post ईरान के पारंपरिक प्राचीन चिकित्सा की थ्योरियों के अनुसार मनुष्य का शरीर चार मूल पदार्थों से बनता है और वह हैं तात्विक मिट्टी, तात्विक जल, तात्विक हवा और तात्विक आग। यह चार पदार्थ मनुष्य के शरीर में उचित मात्रा में मौजूद रहें तो उसका स्वभाव संतुलित रहता है और उसे कोई बीमारी […]

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      पारंपरिक चिकित्सा शैली-10

      Rate this post क्या खाएं क्या न खाएं और किस प्रकार खाएं यह प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा का एक महत्त्वपूर्ण विषय है जिस पर प्राचीन चिकित्सा के हकीम विशेष रूप से ध्यान दिया करते थे और बहुत सी समस्या जैस जलवायु, आयु का बढ़ना आदि जो कि मनुष्य की क्षमता व शक्ति से बाहर हैं और […]

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      सूरए बकारा का अनुवाद

      Rate this post शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम (दयालु व कृपालु) है। 1. यह अक्षर, अल्लाह व पैग़म्बर (स.) के मध्य एक रहस्य है। 2. यह (महान) किताब जिसके (हक़) होने में कोई संदेह नहीं है, मुत्तक़ी (नेक) लोगों का मार्ग दर्शन करती है। 3. (मुत्तक़ी) वह लोग हैं […]

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      98- सूरए बय्यिनह

      Rate this post 98- सूरए बय्यिनह का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- अहले किताब में से काफ़ेरीन लोग और मुशरेकीन अपने कुफ़्र से अलग होने वाले नही थे जब तक उनके पास खुली दलील न आ जाती । 2- अल्लाह का रसूल जो उन पर पाक […]

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      107 सूरए माऊन

      Rate this post 107 सूरए माऊन का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-क्या तुमने क़ियामत को झुटलाने वाले (इंसान) को देखा। 2-वह वही है जो यतीम को (गुस्से के साथ) भगा देता है। 3-और यतीमो (अनाथों) को खाना खिलाने के लिए दूसरे लोगों को तशवीक़(प्रोतसाहित) भी नही […]

    • 103 सूरए अस्र
      4 (80%) 1 vote[s]

      103 सूरए अस्र

      103 सूरए अस्र4 (80%) 1 vote[s] 103 सूरए अस्र का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- समय की सौगंध। 2- पूरी मानवता घाटे मे है। 3- उन लोगों को छोड़ कर जिन्होंने ईमान लाने के बाद नेक काम किये और आपस मे एक दूसरे को हक़ और […]

    • 101 सूरए अल क़ारिआ
      4 (80%) 1 vote[s]

      101 सूरए अल क़ारिआ

      101 सूरए अल क़ारिआ4 (80%) 1 vote[s] 101 सूरए अल क़ारिआ का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- खड़ खड़ाने वाली। 2- और कैसी खड़खड़ाने वाली। 3- और तुम्हें क्या जानों वह खड़ खड़ाने वाली क्या है। 4- जिस दिन लोग बिखरे हुए पतंगों(उड़ने वाले कीड़े) की […]

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      112 सूरए इखलास

      Rate this post 112 सूरए इखलास का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-(ऐ रसूल) कह दीजिए कि वह अल्लाह एक है। 2-अल्लाह बेनियाज़ है। अर्थात अल्लाह को किसी चीज़ की आवश्यक्ता नही है। 3-न वह किसी की संतान है और न ही उसके कोई संतान है। 4-और […]

    • 105सूरए फ़ील
      4 (80%) 1 vote[s]

      105सूरए फ़ील

      105सूरए फ़ील4 (80%) 1 vote[s] 105सूरए फ़ील का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1-क्या तुमने नही देखा कि तुम्हारे पालने वाले (अल्लाह) ने हाथीयों वालों(अबरहे की वह फ़ौज जो हाथियों पर सवार हो कर खाना- ए- काबा को ढाने के लिए आयी थी) के साथ क्या किया? […]

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      83- मुतफ़्फ़िफ़ीन

      Rate this post 83- मुतफ़्फ़िफ़ीन का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- वैल(धिक्कार) है उनके लिए जो नाप तोल में कमी करने वाले हैं। 2- जब वह लोगों से नाप कर लेते हैं तो पूरा माल ले लेते हैं। 3- और जब दूसरों को नाप या […]

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      96- सूरए अलक़

      Rate this post 96- सूरए अलक़ का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- उस पालने वाले का नाम ले कर पढ़ो जिसने पैदा किया। 2- जिसने इंसान को जमे हुए खून से पैजदा किया। 3- पढ़ो तुम्हारा पालने वाला (अल्लाह) बड़ा करीम है। 4- जिसने क़लम के […]

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      क़ुरआन करीम

      Rate this post ASAN HINDI TARJUMA haif>j> nj>r Ahmd Hindi transliteration is done by a team of www.understandquran.com Tel: 0091-6456-4829 / 0091-9908787858 Hyderabad, India www.Momeen.blogspot.com www

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      99- सूरए ज़िलज़ाल

      Rate this post 99- सूरए ज़िलज़ाल का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- जब ज़मीन ज़ोरदार ज़लज़ले में आजायेगी. 2- और वह सारे ख़ज़ाने निकाल डालेगी। 3- और इंसान कहेगा कि इसे क्या हो गया। 4- उस दिन वह अपनी खबरें ब्यान करेगी। 5- कि तुम्हारे पालने […]

    • 102 सूरए तकासुर
      4 (80%) 1 vote[s]

      102 सूरए तकासुर

      102 सूरए तकासुर4 (80%) 1 vote[s] 102 सूरए तकासुर का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- तुम अधिक प्राप्ति और गर्व की होड़ मे व्यस्त हो गये (जिसने तुम्हें अल्लाह की याद से दूर कर दिया) 2- यहाँ तक कि तुम क़ब्रों पर गये (और अपने मुर्दों […]

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      79- सूरए नाज़िआत का अनुवाद

      Rate this post शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- क़सम है उनकी जो डूब कर खीँच लेने वाले हैं।(क़सम है उन फ़रिश्तों की जो मुजरिमों की रूह को सख्ती के साथ क़ब्ज़ करते हैं।) 2- और आसानी के साथ खोल देते हैं।(क़सम है उन फ़रिश्तों की जो मोमेनीन […]

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      89- सूरए फ़ज्र

      Rate this post 89- सूरए फ़ज्र का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- फ़ज्र की क़सम। 2- और दस रातों की क़सम। 3- और जुफ़्त (जोड़ा) व ताक़(तन्हा) की क़सम। 4- और रात की क़सम जब वह ढलने लगे। 5- क्या इन चीज़ों में आक़िल लोगों के […]

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      85- सूरए बुरूज

      Rate this post 85- सूरए बुरूज का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- बुरजों वाले आसमान की क़सम। 2- और उस दिन की क़सम जिसका वादा किया गया है। 3- क़सम है गवाह की और उसकी जिस पर गवाही दी जायेगी। 4- असहाबे उखदूद क़त्ल कर […]

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      97-सूरए क़द्र

      Rate this post 97-सूरए क़द्र का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- बेशक हमने उसको (क़ुरआन) क़द्र की रात मे नाज़िल किया। 2- और आप क्या जानों कि यह क़द्र की रात क्या है। 3- क़द्र की रात हज़ार महीनों से बेहतर है। 4- इस रात मे […]

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      86- सूरए तारिक़

      Rate this post 86- सूरए तारिक़ का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- आसमान और तारिक़ की क़सम। 2-और तुम क्या जानों कि यह तारिक़ क्या है। 3- यह एक चमकता हुआ सितारा है। 4- कोई नफ़्स ऐसा नही है जिसके ऊपर देख रेख करने वाला […]

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      84- सूरए इनशेक़ाक़

      Rate this post 84- सूरए इनशेक़ाक़ का हिन्दी अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- जब आसमान फट जायेगा। 2- और अपने रब का हुक्म बजा लायेगा और यह ज़रूरी भी है। 3- और जब ज़मीन को बराबर करके फैला दिया जायेगा। 4- और जो कुछ वह अपने […]

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      91- सूरए शम्स

      Rate this post 91- सूरए शम्स का अनुवाद शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- सूरज और उसकी रौशनी की क़सम। 2- और चाँद की क़सम जब वह उसके (सूरज) बाद आता है। 3- और दिन की क़सम जब वह रौशनी अता(प्रदान) करे। 4- और रात की क़सम जब […]

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      81- सूरए तकवीर का अनुवाद

      Rate this post शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है। 1- जब सूरज को लपेट दिया जायेगा। 2- जब तारे गिर जायेंगे। 3- जब पहाड़ चलने लगेंगे। 4- जब क़ीमती चीज़ों को भी भुला दिया जायेगा। 5- जब जानवरों को इकठ्ठा किया जायेगा। 6- जब समन्दर भड़क उठेंगे। 7- जब […]

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      सूरए नहल, आयतें 66-69, (कार्यक्रम 458)

      Rate this post आइये पहले सूरए नहल की आयत नंबर 66 की तिलावत सुनें। وَإِنَّ لَكُمْ فِي الْأَنْعَامِ لَعِبْرَةً نُسْقِيكُمْ مِمَّا فِي بُطُونِهِ مِنْ بَيْنِ فَرْثٍ وَدَمٍ لَبَنًا خَالِصًا سَائِغًا لِلشَّارِبِينَ (66)और निश्चित रूप से तुम्हारे लिए चौपायों में शिक्षा (सामग्री) है। जो कुछ उनके पेट में है उसमें से गोबर और रक्त के बीच […]

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      सूरए हज, आयतें 39-45, (कार्यक्रम 599)

      Rate this post आइये पहले सूरए हज की 39वीं और 40वीं आयतों की तिलावत सुनें। أُذِنَ لِلَّذِينَ يُقَاتَلُونَ بِأَنَّهُمْ ظُلِمُوا وَإِنَّ اللَّهَ عَلَى نَصْرِهِمْ لَقَدِيرٌ (39) الَّذِينَ أُخْرِجُوا مِنْ دِيَارِهِمْ بِغَيْرِ حَقٍّ إِلَّا أَنْ يَقُولُوا رَبُّنَا اللَّهُ وَلَوْلَا دَفْعُ اللَّهِ النَّاسَ بَعْضَهُمْ بِبَعْضٍ لَهُدِّمَتْ صَوَامِعُ وَبِيَعٌ وَصَلَوَاتٌ وَمَسَاجِدُ يُذْكَرُ فِيهَا اسْمُ اللَّهِ كَثِيرًا وَلَيَنْصُرَنَّ اللَّهُ […]

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      सूरए आले इमरान; आयतें १६४-१६८ (कार्यक्रम 110)

      Rate this post आइए पहले सूरए आले इमरान की १६४वीं आयत की तिलावत सुनते हैं।لَقَدْ مَنَّ اللَّهُ عَلَى الْمُؤْمِنِينَ إِذْ بَعَثَ فِيهِمْ رَسُولًا مِنْ أَنْفُسِهِمْ يَتْلُو عَلَيْهِمْ آَيَاتِهِ وَيُزَكِّيهِمْ وَيُعَلِّمُهُمُ الْكِتَابَ وَالْحِكْمَةَ وَإِنْ كَانُوا مِنْ قَبْلُ لَفِي ضَلَالٍ مُبِينٍ (164)निःसन्देह, ईश्वर ने ईमान वालों पर उपकार किया उस समय जब उसने उन्हीं में से एक […]

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      सूरए यूसुफ़, आयतें 69-73, (कार्यक्रम 393)

      Rate this post आइये अब सूरए यूसुफ़ की आयत संख्या उन्हत्तर की तिलावत सुनते हैं।وَلَمَّا دَخَلُوا عَلَى يُوسُفَ آَوَى إِلَيْهِ أَخَاهُ قَالَ إِنِّي أَنَا أَخُوكَ فَلَا تَبْتَئِسْ بِمَا كَانُوا يَعْمَلُونَ (69)और जब वे यूसुफ़ के पास पहुंचे तो उन्होंने अपने भाई (बिनायामिन) को अपने पास स्थान दिया और कहा कि मैं तुम्हारा भाई हूं तो […]

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      सूरए मोमिनून, आयतें 47-51, (कार्यक्रम 614)

      Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-595 (हसन अब्बास) आइये पहले सूरए मोमिनून की 47वीं, 48वीं और 49वीं आयतों की तिलावत सुनें। فَقَالُوا أَنُؤْمِنُ لِبَشَرَيْنِ مِثْلِنَا وَقَوْمُهُمَا لَنَا عَابِدُونَ (47) فَكَذَّبُوهُمَا فَكَانُوا مِنَ الْمُهْلَكِينَ (48) وَلَقَدْ آَتَيْنَا مُوسَى الْكِتَابَ لَعَلَّهُمْ يَهْتَدُونَ (49) तो (फ़िरऔन के दरबारियों ने) कहा, क्या हम अपने ही जैसे दो मनुष्यों पर […]

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      सूरए तौबा, आयतें 36-39, (कार्यक्रम 304)

      Rate this post आइये पहले सूरए तौबा की 36वीं आयत की तिलावत सुनें।إِنَّ عِدَّةَ الشُّهُورِ عِنْدَ اللَّهِ اثْنَا عَشَرَ شَهْرًا فِي كِتَابِ اللَّهِ يَوْمَ خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ مِنْهَا أَرْبَعَةٌ حُرُمٌ ذَلِكَ الدِّينُ الْقَيِّمُ فَلَا تَظْلِمُوا فِيهِنَّ أَنْفُسَكُمْ وَقَاتِلُوا الْمُشْرِكِينَ كَافَّةً كَمَا يُقَاتِلُونَكُمْ كَافَّةً وَاعْلَمُوا أَنَّ اللَّهَ مَعَ الْمُتَّقِينَ (36)निश्चित रूप से ईश्वर के निकट, ईश्वर […]

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      सूरए मोमिनून, आयतें 91-98, (कार्यक्रम 621)

      Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-602 (हसन अब्बास) प्रिय श्रोताओ कार्यक्रम क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार की एक अन्य कड़ी लेकर आपकी सेवा में उपस्थित हैं, आशा है, पसंद करेंगे। आइये पहले सूरए मोमिनून की आयत क्रमांक 91 और 92 की तिलावत सुनें। مَا اتَّخَذَ اللَّهُ مِنْ وَلَدٍ وَمَا كَانَ مَعَهُ مِنْ إِلَهٍ إِذًا لَذَهَبَ كُلُّ إِلَهٍ […]

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      सूरए कह्फ़, आयतें 89-94, (कार्यक्रम 522)

      Rate this post आइये पहले सूरए कह्फ़ की आयत नंबर 89, 90 और 91 की तिलावत सुनें। ثُمَّ أَتْبَعَ سَبَبًا (89) حَتَّى إِذَا بَلَغَ مَطْلِعَ الشَّمْسِ وَجَدَهَا تَطْلُعُ عَلَى قَوْمٍ لَمْ نَجْعَلْ لَهُمْ مِنْ دُونِهَا سِتْرًا (90) كَذَلِكَ وَقَدْ أَحَطْنَا بِمَا لَدَيْهِ خُبْرًا (91) फिर ज़ुलक़रनैन ने एक अन्य (यात्रा का) साधन किया। (18:89) यहां […]

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      सूरए यूनुस, आयतें 28-33, (कार्यक्रम 331)

      Rate this post आइये पहले सूरए यूनुस की 28वीं और 29वीं आयत की तिलावत सुनते हैं।وَيَوْمَ نَحْشُرُهُمْ جَمِيعًا ثُمَّ نَقُولُ لِلَّذِينَ أَشْرَكُوا مَكَانَكُمْ أَنْتُمْ وَشُرَكَاؤُكُمْ فَزَيَّلْنَا بَيْنَهُمْ وَقَالَ شُرَكَاؤُهُمْ مَا كُنْتُمْ إِيَّانَا تَعْبُدُونَ (28) فَكَفَى بِاللَّهِ شَهِيدًا بَيْنَنَا وَبَيْنَكُمْ إِنْ كُنَّا عَنْ عِبَادَتِكُمْ لَغَافِلِينَ (29)और जिस दिन हम उन सब को एकत्रित करेंगे फिर अनेकेश्वरवादियों […]

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      सूरए इसरा, आयतें 64-67, (कार्यक्रम 492)

      Rate this post आइये पहले सूरए इसरा की आयत नंबर 64 की तिलावत सुनें। وَاسْتَفْزِزْ مَنِ اسْتَطَعْتَ مِنْهُمْ بِصَوْتِكَ وَأَجْلِبْ عَلَيْهِمْ بِخَيْلِكَ وَرَجِلِكَ وَشَارِكْهُمْ فِي الْأَمْوَالِ وَالْأَولَادِ وَعِدْهُمْ وَمَا يَعِدُهُمُ الشَّيْطَانُ إِلَّا غُرُورًا (64) और (हे शैतान!) उन में से जिसको भी बन पड़े अपनी आवाज़ से उकसा (कर पथभ्रष्ट कर) दे, अपने सवारों और […]

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      सूरए रअद, आयतें 14-16, (कार्यक्रम 409)

      Rate this post आइये अब सूरए रअद की आयत संख्या 14 की तिलावत सुनते हैं।لَهُ دَعْوَةُ الْحَقِّ وَالَّذِينَ يَدْعُونَ مِنْ دُونِهِ لَا يَسْتَجِيبُونَ لَهُمْ بِشَيْءٍ إِلَّا كَبَاسِطِ كَفَّيْهِ إِلَى الْمَاءِ لِيَبْلُغَ فَاهُ وَمَا هُوَ بِبَالِغِهِ وَمَا دُعَاءُ الْكَافِرِينَ إِلَّا فِي ضَلَالٍ (14)सत्य का निमंत्रण ईश्वर ही के लिए है और (अनेकेश्वरवाद) ईश्वर को छोड़कर जिन्हें […]

    •  सूरए नूर, आयतें 35-38, (कार्यक्रम 632)
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      सूरए नूर, आयतें 35-38, (कार्यक्रम 632)

      Rate this post सूरए नूर की आयत क्रमांक 35-38 اللَّهُ نُورُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ مَثَلُ نُورِهِ كَمِشْكَاةٍ فِيهَا مِصْبَاحٌ الْمِصْبَاحُ فِي زُجَاجَةٍ الزُّجَاجَةُ كَأَنَّهَا كَوْكَبٌ دُرِّيٌّ يُوقَدُ مِنْ شَجَرَةٍ مُبَارَكَةٍ زَيْتُونَةٍ لَا شَرْقِيَّةٍ وَلَا غَرْبِيَّةٍ يَكَادُ زَيْتُهَا يُضِيءُ وَلَوْ لَمْ تَمْسَسْهُ نَارٌ نُورٌ عَلَى نُورٍ يَهْدِي اللَّهُ لِنُورِهِ مَنْ يَشَاءُ وَيَضْرِبُ اللَّهُ الْأَمْثَالَ لِلنَّاسِ وَاللَّهُ بِكُلِّ شَيْءٍ […]

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      सूरए आले इमरान; आयतें १८७-१९० (कार्यक्रम 115)

      Rate this post आइये पहले सूरए आले इमरान की आयत नंबर 187 की तिलावत सुनें।وَإِذْ أَخَذَ اللَّهُ مِيثَاقَ الَّذِينَ أُوتُوا الْكِتَابَ لَتُبَيِّنُنَّهُ لِلنَّاسِ وَلَا تَكْتُمُونَهُ فَنَبَذُوهُ وَرَاءَ ظُهُورِهِمْ وَاشْتَرَوْا بِهِ ثَمَنًا قَلِيلًا فَبِئْسَ مَا يَشْتَرُونَ (187)और जब ईश्वर ने (विद्वानों से और) जिन्हें (आसमानी) किताब दी गई थी, यह वचन लिया कि लोगों के लिए […]

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      ख़ुद क़ुरआने मजीद कैसी तफ़सीर कबूल करता है?

      Rate this post इस सवाल का जवाब पिछले बाबों से मालूम हो जाता है क्योकि एत तरफ़ तो क़ुरआने मजीद ऐसी किताब, जो उमूमी और हमेशगी है और तमामों इँसानों को ख़िताब करते हुए अपने मक़ासिद की तरफ़ रहनुमाई और हिदायत करती है। इस तरह सब इंसानों के चैलेंज करती हैं (कि इस तरह की […]

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      सूरए हूद, आयतें 38-41, (कार्यक्रम 355)

      Rate this post आइये पहले सूरए हूद की आयत संख्या 38 और 39 की तिलावत सुनते हैं।وَيَصْنَعُ الْفُلْكَ وَكُلَّمَا مَرَّ عَلَيْهِ مَلَأٌ مِنْ قَوْمِهِ سَخِرُوا مِنْهُ قَالَ إِنْ تَسْخَرُوا مِنَّا فَإِنَّا نَسْخَرُ مِنْكُمْ كَمَا تَسْخَرُونَ (38) فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ مَنْ يَأْتِيهِ عَذَابٌ يُخْزِيهِ وَيَحِلُّ عَلَيْهِ عَذَابٌ مُقِيمٌ (39)हज़रत नूह (ईश्वर के आदेश से) जहाज़ बनाने में […]

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      सूरए तौबा, आयतें 127-129, (कार्यक्रम 324)

      Rate this post आइये पहले सूरए तौबा की आयत क्रमांक 127 की तिलावत सुनें।وَإِذَا مَا أُنْزِلَتْ سُورَةٌ نَظَرَ بَعْضُهُمْ إِلَى بَعْضٍ هَلْ يَرَاكُمْ مِنْ أَحَدٍ ثُمَّ انْصَرَفُوا صَرَفَ اللَّهُ قُلُوبَهُمْ بِأَنَّهُمْ قَوْمٌ لَا يَفْقَهُونَ (127)और जब कभी कोई सूरा उतरता है तो कुछ मिथ्याचारी दूसरों की ओर देखते हैं (कहते हैं कि) क्या तुम्हें कोई […]

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      सूरए माएदा; आयतें 55-59 (कार्यक्रम 176)

      Rate this post आइए पहले सूरे माएदा की 55वीं और 56वीं आयतों की तिलावत सुनते हैं।إِنَّمَا وَلِيُّكُمُ اللَّهُ وَرَسُولُهُ وَالَّذِينَ آَمَنُوا الَّذِينَ يُقِيمُونَ الصَّلَاةَ وَيُؤْتُونَ الزَّكَاةَ وَهُمْ رَاكِعُونَ (55) وَمَنْ يَتَوَلَّ اللَّهَ وَرَسُولَهُ وَالَّذِينَ آَمَنُوا فَإِنَّ حِزْبَ اللَّهِ هُمُ الْغَالِبُونَ (56)(हे ईमान वालो!) तुम्हारा अभिभावक तथा स्वामी केवल ईश्वर, उसका पैग़म्बर और वे ईमान वाले […]

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      सूरए मरयम, आयतें 46-50, (कार्यक्रम 534)

      Rate this post आइये पहले सूरए मरयम की आयत नंबर 46 और 47 की तिलावत सुनें। قَالَ أَرَاغِبٌ أَنْتَ عَنْ آَلِهَتِي يَا إِبْرَاهِيمُ لَئِنْ لَمْ تَنْتَهِ لَأَرْجُمَنَّكَ وَاهْجُرْنِي مَلِيًّا (46) قَالَ سَلَامٌ عَلَيْكَ سَأَسْتَغْفِرُ لَكَ رَبِّي إِنَّهُ كَانَ بِي حَفِيًّا (47) उसने कहा, हे इब्राहीम! क्या तुम मेरे देवताओं से विरक्त हो? यदि तुमने इस […]

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      सूरए अम्बिया, आयतें 30-33, (कार्यक्रम 574)

      Rate this post   आइये पहले सूरए अम्बिया की 30वीं आयत की तिलावत सुनें। أَوَلَمْ يَرَ الَّذِينَ كَفَرُوا أَنَّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ كَانَتَا رَتْقًا فَفَتَقْنَاهُمَا وَجَعَلْنَا مِنَ الْمَاءِ كُلَّ شَيْءٍ حَيٍّ أَفَلَا يُؤْمِنُونَ (30) क्या काफ़िरों ने नहीं देखा कि ये आकाश और धरती बन्द थे तो हमने उन्हें खोल दिया? और हमने पानी से हर […]

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      सूरए निसा; आयतें 95-99 (कार्यक्रम 144)

      Rate this post आइए पहले सूरए निसा की आयत संख्या 95 और 96 की तिलावत सुनते हैं।لَا يَسْتَوِي الْقَاعِدُونَ مِنَ الْمُؤْمِنِينَ غَيْرُ أُولِي الضَّرَرِ وَالْمُجَاهِدُونَ فِي سَبِيلِ اللَّهِ بِأَمْوَالِهِمْ وَأَنْفُسِهِمْ فَضَّلَ اللَّهُ الْمُجَاهِدِينَ بِأَمْوَالِهِمْ وَأَنْفُسِهِمْ عَلَى الْقَاعِدِينَ دَرَجَةً وَكُلًّا وَعَدَ اللَّهُ الْحُسْنَى وَفَضَّلَ اللَّهُ الْمُجَاهِدِينَ عَلَى الْقَاعِدِينَ أَجْرًا عَظِيمًا (95) دَرَجَاتٍ مِنْهُ وَمَغْفِرَةً وَرَحْمَةً وَكَانَ […]

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      राजा का दुःस्वप्न -1

      Rate this post प्राचीन समय में हीलार नाम का एक राजा राज करता था। एक रात उसने बहुत डरावना स्वप्न देखा। घबरा कर उठा और इधर उधर देखने लगा। बहुत ही डरावना स्वप्न था जिससे वह घबराया हुआ था। उसे इस बात का डर सता रहा था कि सूरज निकलेगा तो क्या होगा। सोच रहा […]

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      बुद्धिमान पत्नी (1)

      Rate this post प्राचीन काल में क़ुली नाम का एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ रहा करता था। उनका जीवन बड़ा शांत और अच्छा गुज़र रहा था। उनके जीवन में बहुत सी कहानियों की भांति केवल एक ही दुख था और वह था संतान का न होना। उनके विवाह को कई वर्ष बीत चुके थे […]

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      बच्चों से प्यार कीजिये और उन्हें…

      Rate this post बच्चों से प्यार कीजिये और उन्हें टाइम दीजिये बच्चों का पालन पोषण व तरबियत बिना उनके साथ समय बिताए सम्भव नही है, बच्चों के बारे मे की गई रिसर्चों से पता चलता है कि जो बच्चे अपने मां बाप और परिवार के साथ मिलकर खाना खाते हैं वह कम उदास होते हैं […]

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      लोमड़ी और तूज़ली बेग

      Rate this post कहानियां मौखिक साहित्य का महत्वपूर्ण व लोकप्रिय भाग हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौखिक साहित्य किसी भी देश की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर हो सकती है और इस से देश की संस्कृति समृद्ध होती है। ईरान शताब्दियों के दौरान बहुत सी जातियों के मार्ग में आया है और समृद्ध लोक संस्कृति का […]

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      कंजूस व धोखेबाज़ व्यक्ति

      Rate this post पुराने समय की बात है एक व्यक्ति बहुत ही कंजूस था जिसने कभी किसी के साथ कोई सदकर्म नहीं किया था। वह सदैव धन इकट्ठा करने में लगा रहता, कम खाता और दूसरों की सहायता भी नहीं करता था। कंजूस व्यक्ति में बहुत सी बुराइयों के बावजूद एक अच्छी आदत भी थी […]

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      पशु पक्षियों की भाषा-1

      Rate this post इतिहास के प्रख्यात कवि मौलाना रोम ने अपने दीवान मसनवी मानवी में एक कहानी बयान की है जो इस प्रकार है। एक युवा व्यक्ति हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के पास गया और उनसे पशुओं की भाषा सीखने का अनुरोध किया। हज़रत मूसा ने उसे इस काम से दूर रहने की नसीहत की ओर […]

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      ज़ुबैर और ज़ुल्फ़ा

      Rate this post कितना अच्छा होता अगर तुम शादी कर लेते और अपना घर बसा लेते इस तरह तन्हाई की ज़िन्दगी से निजात मिल जाती और तुम्हारी शादी की ख़्वाहिश भी पूरी हो जाती और वही औरत दुनिया और आख़िरत के कामों में तुम्हारी मददगार साबित होती। या रसूल अल्लाह (स.) न मेरे पास माल […]

    •  आदर्श जीवन शैली – 3
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      आदर्श जीवन शैली – 3

      Rate this post समय के महत्व उद्देश्य के निर्धारण और योजना के बाद, लक्ष्य तक पहुंचने के लिए योजना बनाना और गंभीरता के साथ प्रयास करते रहना भी अति आवश्यक है किंतु एक अन्य महत्वपूर्ण विषय, समय से सही लाभ उठाना भी है। यद्यपि लक्ष्यों के निर्धारण, उन्हें चरणबद्ध करना, मनुष्य को समय से सही […]

    •  सफाई और सुन्दरता
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      सफाई और सुन्दरता

      Rate this post स्वाभाविक रूप से हर व्यक्ति सफाई और सुन्दरता को पसंद करता है जबकि वह बुरी चीज़ों से विरक्त है। सुन्दरता का अर्थ सुव्यवस्थित करना है और कभी समन्वय एवं तैयार होने के अर्थ में भी उसका प्रयोग होता है परंतु यह सारे अर्थ एक दूसरे से संबंधित हैं। क्योंकि सुसज्जित व सुन्दर […]

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      ईश्वर के साथ संपर्क पहली बार क़ुम में आभास किया

      Rate this post हाल ही में इस्लाम स्वीकार करने वाली पूर्व ब्रिटिशप्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की साली लावरन बूथ(Lauren Booth) ने कहा है कि इस्लाम का सम्मानऔर रुचि उनकी ग़ज्ज़ा यात्रा से शुरू हुई.   उन्होंने कहाः छह सप्ताह पहले जब ईरान आई और क़ुम में करीमए अहले बैत हज़रत फ़ातिमामासूमा (सलामुल्लाह अलैहा) के हरम की जियारतसे मुशर्रफ हुई तो वहां मैंने पहली बार अल्लाह केसाथ संपर्क और संबंध महसूस किया और यहअल्लाह के साथ मेरे संपर्क का पहला अनुभव था. लावरन बूथ ने कहा कि हज़रत फ़ातिमा मासूमा(सलामुल्लाह अलैहा) के हरम में ज़रीह की ओर गई और अपने हाथ से उसे छुआ तो मेरे मुंह से ना चाहते हुए ये शब्द निकले “अल्लाह तेरा शुक्र”. उन्होंने कहा कि ये शब्द अचानक और गैर एरादी रूप में मेरे मुंह से निकले क्योंकि मैं मुसलमान नहीं थी, मैंनेइस यात्रा पर अल्लाह का शुक्र अदा किया कि जिसकी […]

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      क़ुरआने मजीद और नारी

      Rate this post इस्लाम में नारी के विषय पर अध्धयन करने से पहले इस बात पर तवज्जो करना चाहिये कि इस्लाम ने इन बातों को उस समय पेश किया जब बाप अपनी बेटी को ज़िन्दा दफ़्न कर देता था और उस कुर्रता को अपने लिये इज़्ज़त और सम्मान समझता था। औरत दुनिया के हर समाज […]

    •  वचन पूरा करना
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      वचन पूरा करना

      Rate this post वचन को पूरा करना सभी को अच्छा लगता है। चाहे उसका संबंध किसी भी धर्म या जाति के व्यक्ति से हो। वादा या वचन का अर्थ होता है इंसान का अपने कहे हुए पर बाक़ी रहना और इसी प्रकार उसका दूसरा अर्थ दोस्ती पर बाक़ी रहना भी है। पति- पत्नी जिन चीज़ों […]

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      बगला और केकड़ा

      Rate this post काफ़ी समय पहले की बात है। एक तालाब के किनारे एक बगला बैठा हुआ था और पानी में तैरने वाली छोटी-बड़ी मछलियों को निहार रहा था। वह काफ़ी निराश था क्योंकि वह अब इतना बूढ़ा और कमज़ोर हो चुका था कि तालाब से छोटी सी मछली भी नहीं पकड़ सकता था। उसकी […]

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      हज़रत अली (अ) और कूफे के अनाथ

      Rate this post एक दिन हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने देखा किएक औरत अपने कंधे पर पानी की मश्क उठाए हुएले जा रही है आपने इस औरत से मश्क ले ली और मश्क उसके घर पहुंचा दी. पानी की मश्क उसके घरतक पहुंचाने के बाद आपने उसका हाल चाल भी पूछा. महिला ने कहा: अली इब्ने अबी् तालिब ने मेरे पतिको कहीं काम से भेजा गया था जहां वह मार डालेगए अब में यतीम बच्चों की पालन पोषण कर रहीहूँ हालांकि उनकी सरपरस्ती और पालन पोषण मेरेबस से बाहर है हालात से मजबूर होक्रर लोगों केघरों में जाकर सेवा करती हूँ . अली अलैहिस्सलाम यह सुन कर अपने घर वापसआ गए और पूरी रात आप नहीं सोए अगली सुबह आपने एक टोकरी में खाने पीने का सामान रखा औरऔरत के घर की ओर चल पडे,, रास्ते में कुछ लोगों ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम से अनुरोध किया कि खाने कीचीजों से भरी हुई टोकरी उन्हें दे दें वह पहुँचा देंगें मगर हज़रत अली यह कहते जाते थेः क़यामत के दिन मेरे कार्यों का बोझ कौन उठाएगा? उस स्त्री के घर के दरवाजे पर पहुँचने के बाद आपने दरवाजा खटखटाया. महिला ने पूछा कौन है? हज़रत ने जवाब दिया: जिसने कल तुम्हारी मदद की थी और [...]

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      पर्दा ही नारी की सुंदरता है

      Rate this post भारतीय नारी तो नारीत्व का, ममता का, करुणा का मूर्तिमान रूप है और पश्चिम कि सभ्यता औरत को एक नुमाइश कि चीज़ समझती है. आज इसी पश्चिमी सभ्यता का अनुसरण करने वाला इंसान आज पढ़ा लिखा समझदार, प्रगतिवादी कहा जाता है. जनाब ए मरियम की तस्वीर आज तक  किसी ईसाई ने  खुले […]

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      शन्ज़बे का अंजाम

      Rate this post पिछली कड़ी में हमने यह बताया था कि शन्ज़बे नामक गाय करवां से अलग होकर एक हरे भरे कछार में पहुंची। शन्ज़बे की दिमने नामक सियार के माध्यम से जो बहुत ही महत्वकांक्षी था, शेर से परिचित हुयी और यह परिचय दोनों के बीच गहरी मित्रता का आधार बनी यहां तक कि […]

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      वर्ष 2010 और महिलाएं

      Rate this post वर्ष 2010 भी विभिन्न उतार चढ़ाव के साथ समाप्त हो गया। इस वर्ष भी विश्व की आधी जनसंख्या के रूप में महिलाएं, विभिन्न मामलों में उलझी रहीं जिनमें से कुछ उनसे विशेष थे। इस कार्यक्रम में हम पिछले वर्ष 2010में महिलाओं और परिवार के विभिन्न मामलों पर एक दृष्टि डालने जा रहे हैं। वर्ष 2010 में संयुक्त राष्ट्र […]

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      नाई और रंगरेज़-2

      Rate this post मिस्र के इस्कंदरिया नगर में अबू क़ीर और अबू सीर नामक दो व्यक्ति रहा करते थे जो एक दूसरे के मित्र थे। अबू क़ीर रंगरेज़ और अबू सीर नाई था। अबू क़ीर झूठा और धोखेबाज़ था जबकि अबू सीर सच्चा व्यक्ति था। मंडी में आने वाली मंदी के कारण दोनों ने निर्णय […]

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      मोतियों का हार

      Rate this post अब्दुल्लाह ने अपने हीरे मोतियों पर एक नज़र डाली और उन पर हाथ फेरा। उन्हें वह कितना अधिक पंसद करता था। उनमें से कुछ मोती बड़े और सुन्दर थे जिन्हें अब्दुल्लाह प्रतिदिन कई बार थैली से निकालता था और देखता था और फिर से थैली में रख देता था। यह उसकी दैनिक […]

    •  दूसरों के साथ व्यवहार का महत्व
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      दूसरों के साथ व्यवहार का महत्व

      Rate this post इंसान के जीवन में दूसरों के साथ लेन देन बहुत महत्वपूर्ण विषय है। इंसान के सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने में सामाजिक संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं। इंसान एक सामाजिक प्राणी है और सामाजिक होने की मांग यह है कि इंसान अपने सामाजिक दायित्वों को पहचाने और उसे ठीक तरह से अंजाम दे। […]

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      हज के दिनों में इमाम हुसैन अ. का मक्का छोड़ना

      Rate this post सवाल-4-  इमाम ह़ुसैन (अ.स) ह़ज के दिनों में अपना ह़ज अधूरा छोड़ कर मक्के से क्यों रवाना हो गए? इस सवाल की इतिहासिक निगाह से समीक्षा करने से पहले इस नुकते की ओर ध्यान दिलाना ज़रूरी है कि फ़िक़्ही दृष्टिकोण से यह मशहूर बात कि इमाम ह़ुसैन (अ स) ने अपना ह़ज अधूरा […]

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      अमर आंदोलन-६

      Rate this post कर्बला में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के आन्दोलन पर दृष्टि डालने से ज्ञात होता है कि यह न तो दस दिन के भीतर लिए गए किसी अचानक निर्णय का परिणाम था और न ही इसकी योजना यज़ीद के शासन को देखकर तैयार की गई थी।  पैग़म्बे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही […]

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      करबला – दरसे इंसानियत

      Rate this post उफ़ुक़ पर मुहर्रम का चाँद नुमुदार होते ही दिल महज़ून व मग़मूम हो जाता है। ज़ेहनों में शोहदा ए करबला की याद ताज़ा हो जाती है और इस याद का इस्तिक़बाल अश्क़ों की नमी से होता है जो धीरे धीरे आशूरा के क़रीब सैले रवाँ में तबदील हो जाती है। उसके बाद […]

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      हुसैनी आंदोलन-7

      Rate this post दसवीं मोहर्रम की घटना, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का आंदोलन, उनका चेहलुम और अन्य धार्मिक अवसर इस्लामी इतिहास का वह महत्वपूर्ण मोड़ हैं जहां सत्य और असत्य का अंतर खुलकर सामने आ जाता है। इमाम हुसैन के बलिदान से इस्लाम धर्म को नया जीवन मिला और तथा इस ईश्वरीय धर्म के प्रकाशमान दीप […]

    •  शबे आशूर के आमाल
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      शबे आशूर के आमाल

      Rate this post यह शब शबे आशूर अर्थात नौ मुहर्रम की रात है। इस रात की बहुत सी महत्वपूर्ण नमाज़ें और दुआऐं बयान हुई हैं। उनमें से एक, सौ रकअत नमाज़ है, जो इस रात पढ़ी जाती है उसकी हर रकअत में सूरए हम्द के बाद तीन बार सूरए तौहीद पढ़े और नमाज़ समाप्त करने […]

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      मुआविया के युग में आंदोलन न करना

      Rate this post सवाल-1- इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम ने मुआविया के युग में आंदोलन (उठ खड़े होने) के लिए कोई क़दम क्यों नहीं उठाया? इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम की ग्यारह साला इमामत की अवधि में (49 से 60 हिजरी तक) जिसमें मुआविया हुकूमत कर रहा था, आपके और उसके बीच बहुत ज़्यादा तनाव था जिनमें से कुछ अवसरों को इमाम […]

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      ख़ून की विजय – 3

      Rate this post कूफ़े वालों को जब यह पता चला कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने यज़ीद की बैअत अर्थात उसका आज्ञापालन न करने का निर्णय किया है और वे पवित्र नगर मक्का में हैं तो उन्होंने इमाम हुसैन को बड़ी संख्या में पत्र भेजे। कूफ़े वालों की ओर से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को भेजे गए […]

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      इमाम हुसैन अ. और अम्र बिल मारूफ़ और नही अनिल मुनकर

      Rate this post सवाल 13- अम्र बिल मारुफ़ और नही अनिल मुनकर (नेकियों का हुक्म देने और बुराईयों से रोकने) के लिये आया हूँ, इमाम हुसैन अ. के इस जुमले का क्या मतलब है? यह जुमला अम्र बिल मारुफ़ और नही अनिल मुनकर की बेसिक और असली स्थान को उजागर करता है। इमाम हुसैन अ. इस […]

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      ख़ून की विजय – 4

      Rate this post इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम प्रत्येक अवसर पर लोगों का मार्गदर्शन करते और मायामोह व अंधकार में डूबे लोगों को जागरुक बनाते रहते थे। यही कारण है कि जब यज़ीदी सेना के एक सेनापति हुर ने उनका रास्ता रोका और उनसे कहा कि वे कूफ़ा नगर नहीं जा सकते तो इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने […]

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      इमाम हुसैन अ. का मक्के जाना

      Rate this post मदीने से इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम के निकलने का कारण यह था कि यज़ीद ने मदीने के शासक वलीद इब्ने अतबा के नाम ख़त में हुक्म दिया था कि मेरे कुछ विरोधियों से (जिनमें से एक इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम भी थे) ज़रूर बैयत ली जाए   सवाल-2-  इमाम ह़ुसैन (अ स) ने मदीने से ही […]

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      हुसैनी आंदोलन-6

      Rate this post इससे हमने बताया था कि किन परिस्थितियों में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने कर्तव्य के पालन का निर्णय किया था और यह कि इस प्रकार की परिस्थितियां उत्पन्न हो जाएं तो फिर कर्तव्य के पालन से पीछे नहीं हटा जा सकता। अलबत्ता इसके लिए शर्त यह है कि व्यक्ति को ज्ञान हो […]

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      अमर आंदोलन-३

      Rate this post आज मुहर्रम की दूसरी तारीख़ है।  वही मुहर्रम जिसके बारे में हमने कल रात शोक और संवेदना में डूबा हुआ चन्द्रमा देखने के बाद से बात शुरू की थी।  यह तो आप जानते ही हैं कि हिजरी क़मरी वर्ष का हिसाब चन्द्रमा पर आधारित होता है।  हमने आपको बताया था कि पैग़म्बरे […]

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      इमाम हुसैन अ.ने मदीने से अपना आंदोलन…..

      Rate this post इमाम जिस समय मदीने में थे उस समय तक मुआविया के मरने का ऐलान नहीं हुआ था उसके अलावा आम लोग अभी यज़ीद और मुआविया की हुकूमत के अंतर को अच्छी तरह से महसूस नहीं कर पा रहे थे …..   सवाल-2-  इमाम ह़ुसैन (अ स) ने मदीने से ही अपने आंदोलन […]

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      आशूरा- वास्तुकला

      Rate this post इस कार्यक्रम में हम कर्बला, इमाम हुसैन (अ) और उनके साथियों की शहादत की याद में निर्माण किए जाने वाले पवित्र स्थलों जैसे कि इमाम बाड़ा और सक्क़ा ख़ाने अर्थात प्याऊ का विवरण पेश करेंगे। समाज, परिवार और जलवायु परिस्थितियों की भांति धर्म भी मनुष्य की जीवन शैली को प्रभावित करता है। […]

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      यमन का चयन न करना

      Rate this post सवाल 6: इमाम हुसैन अ. ने अपने आंदोलन के लिए यमन का चयन क्यूं नहीं किया जहाँ पहले से शिया मौजूद थे? इब्ने अब्बास जैसे दिग्गज लोगों के कथनों में यह प्रस्ताव देखने में आता है कि इमाम यमन की तरफ़ चले जाएं और वहाँ से अपने प्रचारकों को आसपास के इलाक़ों में […]

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      इमाम ह़ुसैन (स अ) के 18 भाई जो कर्बला में शहीद हुए

      Rate this post स) वह शहीद जिनका सम्बंध ह़ज़रत इमाम अली (अ.स) से हैं। 9, उबैदुल्लाह इब्ने अली (अ स) तबरी ने आपकी मां का नाम लैला बिन्ते मसऊद नहली उल्लेख किया है और लिखा है हेशाम इब्ने मुह़म्मद के गुमान से आप तफ़ में शहीद हुए। (1) अबुलफ़रज ने भी अबुबक्र इब्ने उबैदुल्लाह तलह़ी […]

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      ख़ून की विजय – 5

      Rate this post दसवीं मुहर्रम को इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने युद्ध के समय भी सोई अंतरात्माओं को जगाने का प्रयास किया। उन्होंने ईश्वरीय मार्गदर्शक होने के अपने कर्तव्य की उस दशा में भी अनदेखी नहीं की। इसी लिए वे अज्ञानता के अंधकार में डूबे लोगों को प्रकाश में लाने के लिए संसार के बारे में […]

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      हुसैनी आंदोलन-8

      Rate this post इमाम हुसैन के आंदोलन में शामिल न होने वालों में कुछ एसे लोग भी थे जो धर्म का पालन करते थे। एसा नहीं था कि वह सारे लोग दुनिया परस्त थे। उस समय के इस्लामी जगत में एसे महत्वपूर्ण लोग थे जो अपने कर्तव्य का निर्वाह करना चाहते थे किंतु कर्त्वय की […]

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      अमर आंदोलन-११

      Rate this post   आज दस मुहर्रम है।  न्याय और मानवता के सूखते चमन को हुसैन आज सवेरे से ही सींच रहे हैं।  सुबह की नमाज़ के समय से ही यज़ीदी सेना तीर बरसा रही थी।  हुसैन के कई साथी तो नमाज़ियों की सुरक्षा करते हुए ही शहीद हो चुके थे।  फिर पैग़म्बरे इस्लाम का […]

    •  कर्बला में औरतों की भूमिका
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      कर्बला में औरतों की भूमिका

      Rate this post कर्बला वालों की शहादत और रसूले इस्लाम स.अ के अहलेबैत को बंदी बनाये जाने के दौरान औरतों ने अपनी व़फादारी, त्याग व बलिदान द्वारा इस्लामी आंदोलन में वह रंग भरे हैं जिनकी अहमियत का अनुमान लगाना भी मुश्किल है। बाप, भाई, पति और कलेजे के टुकड़ों को इस्लाम व कुरआन की बक़ा […]

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      आइये फ़ारसी सीखे – 68

      Rate this post हमारे इस कार्यक्रम का साथी मुहम्मद ईरान छोड़कर जा रहा है। वह अपने देश में फ़ारसी भाषा व साहित्य पढ़ायेगा। अभी उसके साथ आए हैं उसे विदा करने के लिए। मुहम्मद का हर मित्र के उसके लिए उपहार लाया है और मुहम्मद इस प्रेम से बहुत प्रसन्न हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय के बेहतरीन […]

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      फारसी सीखें 48

      Rate this post इमाम ख़ुमैनी ने जीवन भर अत्याचार के विरुद्ध उन्होंने संघर्ष किया।  पहलवी की अत्याचारी सरकार के विरुद्ध उनका संघर्ष १९६३ से बहुत गंभीर हो गया जो इस्लामी क्रांति की सफलता तक जारी रहा।  देश के भीतर पाए जाने वाले घुटन के वातावरण, देश की विदेशियों पर निर्भर्ता तथा शाह की इस्लाम विरोधी […]

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      आइये फ़ारसी सीखे – 69

      Rate this post ईरान के दो पड़ोसी देश तुर्की और आज़रबाइजान तुर्की ईरान के पश्चिमोत्तर में स्थित है और दोनों देशों के बीच व्यापक सांस्कृतिक व आर्थिक संबंध हैं और दोनों देशों की जनता मुसलमान है। तुर्की की जनता तुर्की इस्तांबुली और आज़रबाइजान की जनता तुर्की आज़री में बात करती है। ईरान के पश्चिमोत्तरी इलाक़े […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-9

      Rate this post निश्चित रूप से आप यह जाने के लिए उत्सुक होंगे कि आज छात्रावास में क्या हो रहा है। रामीन आज शाम या रात को ख़रीदारी के लिए जाना चाहता है। वह सुपर मार्केट जाना चाहता है किन्तु अकेला है इसीलिए वह अपने मित्र रामीन से पूछता है कि क्या वह उसके साथ […]

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      आइये फारसी सीखें – 59

      Rate this post मुहम्मद और उसका मित्र, गुलिस्तान प्रांत से अलबुर्ज़ श्रंखला के मध्य बने मार्ग से लौट रहे हैं। टेढ़े मेढ़े हेराज़ पर्वतीय मार्ग में मधुमक्खी के अनेक छत्ते मौजूद हैं और रास्ते के किनारे बनी दुकानों में मधु के छोटे बड़े डिब्बों को देखा जा सकता है। मधुमक्खी के छत्तों को देखकर मुहम्मद […]

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      आइये फारसी सीखे – 62

      Rate this post दवा और ईरान में दवा बनाने की कम्पनियां इस्लामी क्रांति से पहले ईरान अपने प्रयोग की केवल २५ प्रतिशत दवाओं का निर्माण करता था और प्रयोग की अधिकांश दवाएं दूसरे देशों से आयात होती थीं परंतु सौभाग्य से इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद ईरान में दवा बनाने के उद्योग में असाधरण […]

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      आइये फ़ारसी सीखे – 65

      Rate this post ईरान के एक शोध व उपचार केन्द्र “रोयान” से परिचित यह ईरान में बांझपन के उपचार का एक प्रसिद्ध केन्द्र है और बहुत से लोग उपचार के लिए यहां आते हैं। “रोयान” उपचार केन्द्र आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाओं से सम्मन्न है और पूरे विश्वास से कहा जा सकता है कि पूरे विश्व में […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-13

      Rate this post प्रिय पाठकों, मुहम्मद और रामीन, अन्तर्राष्ट्रीय फज़्र फ़िल्म फ़ेस्टिवल के बारे में वार्ता कर रहे हैं जो प्रतिवर्ष ईरान में आयोजित होता है। वे साथ-साथ सिनेमा जाकर फ़ज्र फ़ेस्टिवल की कोई फ़िल्में देखना चाहते थे। रामीन अपने मित्र मजीद को फोन करके उससे अपने और मुहम्मद के लिए दो टिकट उपलब्ध कराने […]

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      आइए फ़ार्सी सीखें – 44

      Rate this post अत्याचारी शासक शाह के भ्रष्टाचारों का रहस्योद्घाटन करने के कारण इमाम ख़ुमैनी को जूलाई १९६३ को गिरफ़्तार करके तेहरान में जेल भेज दिया गया था।  कुछ समय तक जेल में रहने के पश्चात इमाम खुमैनी को स्वतंत्र कर दिया गया किंतु शाह के तत्व उनपर पूरी तरह से नज़र रखे हुए थे।  […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-12

      Rate this post प्रिय पाठको! अगली कुछ कड़ियों में हम फ़ज्र फ़िल्म मेले के बारे में बात करेंगे। ईरान में हर साल अंतर्राष्ट्रीय फ़ज्र फ़िल्म मेला आयोजित होता है। यह फ़ेस्टिवल ईरानी वर्ष के ग्यारहवें महीने बहमन में जो जनवरी-फ़रवरी में आता है, इस्लामी क्रान्ति की सफलता की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होता है। […]

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      आईये फारसी सीखें – 26

      Rate this post पिछले कार्यक्रम में हमने रेशम मार्ग के बारे में बातचीत की थी। आज के कार्यक्रम में मोहम्मद और सईद ईरान के मार्गों के बारे में अपनी बातचीत जारी रखेंगे। इस कार्यक्रम में हम आपको एक प्राचीन मार्ग जाद्दए शाही अथवा राज्य मार्ग से परिचित करवायेंगे। इस मार्ग का निर्माण हख़ामनी वंश के […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 40

      Rate this post अफ़ग़ानिस्तान, ईरान के पूरब में स्थित है और काबुल इस देश की राजधानी है। इस देश के अन्य महत्वपूर्ण नगरों में मज़ार शरीफ़, जलालाबाद और क़ंधार इत्यादि का नाम लिया जा सकता है। चूंकि यह देश लम्बे समय तक गृहयुद्ध का शिकार रहा है इस लिए इसका आर्थिक विकास धीमा है किंतु […]

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      आईये फ़ारसी सीखें-15

      Rate this post हम आपको ईरान के विश्वविद्यालयों के संबन्ध में बताएंगे। ईरान मध्यपूर्व के महत्त्वपूर्ण शिक्षा केन्द्रों में से है। ईरान के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में छात्र पीएचडी स्तर तक विभिन्न विषयों में शिक्षा प्राप्त करते हैं। ईरानी बुद्धिजीवी और विशेषज्ञ, अपने शोध परिणामों और इसी प्रकार वैज्ञानिक पुस्तकों और आलेखों को दूसरे […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-52

      Rate this post मुहम्मदः यह झरना बहुत ही सुन्दर है। मेरे कपड़े भीग गए हैं। محمد – این آبشار خیلی زیباست . لباسم مرطوب شده است . सादिक़ः देख रहे हो, झरने के पानी के कण, किस प्रकार से वातावरण में चारों ओर फैले हुए हैं! صادق – می بینی ذرات آب آبشار ، چه […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 32

      Rate this post मोहम्मद, सईद और रामीन एक दूसरे के साथ किश्म से कीश द्वीप चले गये हैं। नौका से यात्रा, ठंडी हवा और फार्स की खाड़ी में सूर्यास्त का दृश्य उन्हें भूलता नहीं। इस समय वे कीश द्वीप पहुंच चुके हैं और वहां वे होटल गये हैं। कीश फार्स की खाड़ी के सुन्दर द्वीपों […]

    • आइये फ़ारसी सीखे 74
      2 (40%) 1 vote[s]

      आइये फ़ारसी सीखे 74

      आइये फ़ारसी सीखे 742 (40%) 1 vote[s] गुलिस्तान की सैर गुलिस्तान, फ़ार्सी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है फूलों से भरा हुआ स्थान। गुलिस्तान नाम बताता है कि यह प्रांत हराभरा और सुन्दर है। मुहम्मद और रामीन, दोनों ही गुलिस्तान प्रांत के केन्द्रीय नगर गुरगान की यात्रा पर जा रहे हैं। वहां पर […]

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      फारसी सीखें 49

      Rate this post रमज़ान का पवित्र महीना वह महीना है जिसमें ईरान के लोग भी अन्य मुसलमानों की भांति रोज़ा रखते हैं। ईरान में लोग इफ़तार और सहर के समय कुछ विशेष व्यंजन तैयार करते हैं जो रमज़ान से ही विशेष हैं। इस महीने में ईरान के विभिन्न नगरों में भांति-भांति की मिठाइयां बनाई जाती […]

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      आईये फ़ारसी सीखें – 34

      Rate this post ईरान की मूल पेंटिंग को मिनियातोर अर्थात मिनिएचर कहते हैं। इस कला में प्रायः सीधी लाइन का प्रयोग नहीं किया जाता बल्कि घुमावदार चित्र को बहुत ही बारीक नोक वाले क़लम से बड़ी सूक्ष्मता से बनाते हैं। सैकड़ों वर्ष से इस सूक्ष्म व सुंदर कला को बोर्डों और लिखित किताबों पर प्रयोग […]

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      आइए फ़ारसी सीखें-10

      Rate this post मोहम्मद सिरदर्द के कारण डाक्टर रमज़ानी के पास गया। सुश्री रमज़ानी ने मोहम्मद से ख़ून की जांच कराने को कहा मोहम्मद ने ख़ून की जांच कराई और रिपोर्ट लेकर आज डाक्टर रमज़ानी के क्लीनिक पहुंचा है। वह क्लीनिक में अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहा है। आज भीड़ कम है और कुछ […]

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      आइये फारसी सीखें – 56

      Rate this post पवित्र रमज़ान के महीने में रोज़ा रखने वाला ईश्वर का अतिथि होता है। इस मेहमानी में ईश्वरीय कृपा व विभूतियों की वर्षा होती है और यह कल्याण के इच्छुक लोगों के मन में गहरा परिवर्तन लाती है। पवित्र रमज़ान में मुसलमान तड़के से सूर्यास्त तक खाने-पीने सहित कुछ दूसरी वर्जित चीज़ों से […]