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    आइये फ़ारसी सीखे – 67

    आइये फ़ारसी सीखे – 67
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    जैसा कि आपको याद होगा कि इस कार्यक्रम श्रंखला की सभी कड़ियों में मोहम्मद हमारे साथ रहे हैं। वे तेहरान विश्वविद्यालय में फ़ार्सी साहित्य के विद्यार्थी थे और हाल ही में उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की है। मोहम्मद का इरादा है कि अपने देश वापस लौटकर शिक्षा संस्थानों में फ़ार्सी भाषा पढ़ाएं। ईरान में शिक्षा प्राप्ति के दौरान मोहम्मद एक सक्रिय विद्यार्थी थे तथा पाठ्यपुस्तकों के पढ़ने के अतिरिक्त दूसरी पुस्तकों का भी बहुत अधिक अध्ययन करते थे। ईरान में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान मोहम्मद को ईरानी संस्कृति के बारे में जानकारी हासिल हुई और उनकी इसमें रूची हो गई। अब वे अपने आधिकारिक कार्यों के लिए तेहरान विश्वविद्यालय के विदेशी विभाग में गए हैं। वे वहां एक विदेशी विद्यार्थीय से कि जो वर्तमान में शिक्षा प्राप्ति के लिए ईरान आया है मुलाक़ात करते हैं। वे ईरान में पढ़ाई एवं ईरानी लोगों की जीवन शैली तथा संस्कृति के बारे में बात करते हैं।
    अनुवाद करें और दोहराएं
    دانشجو
    विद्यार्थी

    خارجی

    विदेशी
    ببخشید
    क्षमा कीजिए

    آقا

    श्री
    ثبت نام
    पंजीकरण

    من آمده ام

    मैं आया हूं
    اتاق
    कमरा

    شماره 205

    नम्बर 205
    طبقه
    कक्ष

    دوم

    दूसरा
    من فکر می کنم
    मैं सोचता हूं

    دفتر

    कार्यालय
    خانم احمدی
    श्रीमति अहमदी

    شما باید بروید

    आप को जाना चाहिए
    پنج سال
    पांच साल

    من تحصیل می کنم

    मैं शिक्षा ग्रहण करता हूं
    درس
    पाठ

    آن تمام شده است

    वह समाप्त हो चुकता है
    خوب شد
    अच्छा हुआ

    من آشنا شدم

    मैं अवगत हो गया हूं
    تحصیل
    पढ़ाई

    دانشگاه

    विश्वविद्यालय
    تهران
    तेहरान

    دشوار

    कठिन
    البته
    यद्यपि

    آسان

    सरल
    نیست
    नहीं है

    استاد

    गुरू
    خیلی خوب
    बहुत अच्छा

    مردم

    लोग
    فرهنگ
    संस्कृति

    ایرانی

    ईरानी
    آشنا
    पहचान

    به همین خاطر

    इसीलिए
    نگران
    चिंतक

    مهربان

    दयालु
    مهمان نواز
    मेहमाननवाज़

    زندگی

    जीवन
    میان
    बीच

    تجربه

    अनुभव
    مفید
    लाभदायक

    دوست

    मित्र
    آشنا
    पहचान

    روز اول

    पहला दिन
    وضعیتی
    स्थिति

    مثل

    समान
    الان
    वर्तमान

    من خوشحالم

    मैं ख़ुश हूं
    من می شنوم
    मैं सुन रहा हूं

    راضی

    सहमत
    چیزهای تازه
    नई चीज़ें

    شما می آموزید

    आप पढ़ाते हैं
    متشکرم
    धन्यवाद

    من امیدوارم

    मुझे आशा है
    شما موفق باشید

    आप सफ़ल रहें

    अब मोहम्मद और विदेशी छात्र की बातचीत

    دانشجوی خارجی – ببخشید آقا من برای ثبت نام آمده ام ، اتاق شماره 205 در این طبقه است ؟

    विदेशी छात्र- क्षमा कीजिएगा श्रीमान, मैं पंजीकरण के लिए आया हूं,
    कमरा नम्बर 205 इसी कक्ष पर है?
    محمد – نه ، آن اتاق در طبقه دوم است، فکر می کنم شما باید به دفتر خانم احمدی بروی

    मोहम्मद- नहीं, वह कमरा दूसरे कक्ष पर है, मेरे ख़याल में आपको श्रीमति अहमदी के कार्यालय में जाना चाहिए
    دانشجوی خارجی – شما هم دانشجوی خارجی هستید ؟

    विदेशी छात्र- आप भी विदेशी छात्र हैं?
    محمد – بله من پنج سال است که در ایران تحصیل می کنم و درسم تمام شده است

    मोहम्मद- जी, मैं पांच साल से ईरान में शिक्षा प्राप्त कर रहा हूं और मेरी पढ़ाई समाप्त हो चुकी है
    دانشجوی خارجی – آه خوب شد که با شما آشنا شدم
    آیا تحصیل در دانشگاه تهران دشوار است ؟

    विदेशी छात्र- वाह अच्छा हुआ कि आप से मुलाक़ात हो गई, क्या तेहरान विश्वविद्यालय में पढ़ाई कठिन है?
    محمد – البته آسان هم نیست ، ولی این دانشگاه استادان خیلی خوبی دارد

    मोहम्मद- यद्यपि सरल भी नहीं है, किन्तु इस विश्वविद्यालय में अच्छे शिक्षक हैं

    دانشجوی خارجی – من با مردم ایران و فرهنگ ایرانی آشنا نیستم ، به همین خاطر کمی نگرانم

    विदेशी छात्र- मैं ईरानी लोगों और ईरानी संस्कृति से अवगत नहीं हूं, इसी लिए थोड़ा सा चिंतित हूं
    محمد – مردم ایران ، مهربان و مهمان نواز هستند، زندگی میان ایرانیان تجربه ای مفید است

    मोहम्मद- ईरानी लोग दयालु एवं मेहमाननवाज़ हैं, ईरानी लोगों के बीच जीवन एक अच्छा अनुभव है
    دانشجوی خارجی – اما من در اینجا دوست و آشنایی ندارم

    विदेशी छात्र- किन्तु मेरा यहां कोई मित्र व परिचित नहीं है
    محمد – من هم روز اول ، وضعیتی مثل شما داشتم اما الان دوستان خوبی در ایران دارم

    मोहम्मद- पहले दिन मेरी स्थिति भी तुम्हारी तरह थी किन्तु अब ईरान में मेरे अच्छे मित्र हैं
    دانشجوی خارجی – خوشحالم که می شنوم خارجی ها از زندگی و تحصیل در ایران راضی هستند

    विदेशी छात्र- यह सुनकर मुझे खुशी हुई कि विदेशी ईरान में शिक्षा एवं जीवन से संतुष्ट हैं
    محمد – شما در ایران هر روز چیزهای تازه ای را می آموزید

    मोहम्मद- तुम्हें ईरान में प्रतिदिन नई चीज़ें सीखने को मिलेंगी
    دانشجوی خارجی – متشکرم امیدوارم شما هم موفق باشید

    विदेशी छात्र- धन्यवाद, आशा है कि आप सफल रहें

    एक बार फिर मोहम्मद और विदेशी छात्र के बीच होने वाली बातचीन सुनिए बग़ैर अनुवाद के

    دانشجوی خارجی : ببخشید آقا من برای ثبت نام آمده ام . اتاق شماره 205 در این طبقه است ؟
    محمد : نه . این اتاق در طبقه دوم است . فکر می کنم شما باید به دفتر خانم احمدی بروید .
    دانشجوی خارجی : شما هم دانشجوی خارجی هستید ؟
    محمد : بله . من پنج سال است که در ایران تحصیل می کنم و درسم تمام شده است .
    دانشجوی خارجی : آه . خوب شد که با شما آشنا شدم . آیا تحصیل در دانشگاه تهران دشوار است ؟
    محمد : البته آسان هم نیست . ولی این دانشگاه استادان خیلی خوبی دارد .
    دانشجوی خارجی : من با مردم ایران و فرهنگ ایرانی آشنا نیستم . به همین خاطر کمی نگرانم .
    محمد : مردم ایران ، مهربان و مهمان نواز هستند . زندگی میان ایرانیان تجربه ای مفید است .
    دانشجوی خارجی : اما من در اینجا دوست و آشنایی ندارم .
    محمد : من هم روز اول ، وضعیتی مثل شما داشتم . اما الان دوستان خوبی در ایران دارم .
    دانشجوی خارجی: خوشحالم که می شنوم خارجی ها از زندگی و تحصیل در ایران راضی هستند .
    محمد: شما در ایران هر روز چیزهای تازه ای را می آموزید .
    دانشجوی خارجی: متشکرم . امیدوارم شما هم موفق باشید .

    मोहम्मद और विदेशी छात्र ने ईरान और ईरान में जीवन व्यतीत करने के संबंध में बातचीत की। मोहम्मद ने उस विदेशी छात्र को ईरानी लोगों के बारे में अपनी भावनाओं से अवगत कराया। वह ईरान में शिक्षा प्राप्त करने से काफ़ी प्रसन्न हैं। अब मोहम्मद के ईरान में घनिष्ठ मित्र हैं कि जिन्हें वह भूलेंगे नहीं। मोहम्मद को विश्वास है कि निकट भविष्य में फिर से ईरान की यात्रा करेंगे और अपने मित्रों से मुलाक़ात करेंगे। उनकी दृष्टि में ईरान के लोग अच्छा व्यवहार करते हैं और अच्छी प्रवृत्ति के हैं। तेहरान विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्ति भी मोहम्मद के लिए एक उचित अवसर था ताकि फार्सी भाषा के अच्छे शिक्षकों से लाभान्वित हो। मोहम्मद ने उस विदेशी छात्र को भी भरोसा दिलाया कि ईरान में शिक्षा प्राप्ति एवं जीवन का आनंद उठायेगा एवं उसके जीवन के सर्वश्रेष्ठ मित्र ईरानी मित्र होंगे।

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