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    आइये फ़ारसी सीखे – 68

    आइये फ़ारसी सीखे – 68
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    हमारे इस कार्यक्रम का साथी मुहम्मद ईरान छोड़कर जा रहा है। वह अपने देश में फ़ारसी भाषा व साहित्य पढ़ायेगा। अभी उसके साथ आए हैं उसे विदा करने के लिए। मुहम्मद का हर मित्र के उसके लिए उपहार लाया है और मुहम्मद इस प्रेम से बहुत प्रसन्न हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय के बेहतरीन समय एक साथ बिताये और इस काल की यादें उनके लिए अविस्मरणीय है। अब वह जुदा हो रहे हैं किन्तु उनके बीच मित्रता यथावत बाक़ी है। उन्होंने एक दूसरे को वचन दिया है कि वह किसी को भूलेंगे नहीं और सदैव एक दूसरे का हाल चाल पूछते रहेंगे। मुहम्मद स्वदेश लौटता है किन्तु उसे ईरान और अपने साथियों के साथ रहने की आदत हो गयी थी । मुहम्मद के मित्रों ने एक क्षण के लिए भी उसे अकेला नहीं छोड़ा था। उन्होंने सामान की पैकिंग में उसकी सहायता की। रामीन, मुहम्मद को हवाई अड्डे तक छोड़ने जाता है। मुहम्मद, रामीन को विश्वास दिलाता है कि अपने शोध कार्यों को जारी रखने और मित्रों से मिलने वह ईरान आता रहेगा। इस समय मुहम्मद और रामीन, इमाम ख़ुमैनी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हैं और एक दूसरे को विदा करते हैं।
    आइये आरंभ में इस कार्यक्रम में प्रयोग होने वाले शब्दों को सुनते हैं।
    خداحافظی
    विदा करना
    احساس
    आभास
    عجیب
    अजीब
    من فکر می کنم
    मैं सोचता हूं या मैं समझता हूं
    برادرم
    मेरे भाई
    جدا
    अलग या बिछड़ना
    همین
    यही
    احساس
    आभास
    دارم
    रखता हूं
    بهترین
    बेहतरीन
    دوست
    मित्र
    دوستی
    मित्र
    خرسند
    प्रसन्न
    تو می دانی
    तुम जानते हो
    به خاطر
    के लिए
    مردم
    लोग या जनता
    خوب
    अच्छे
    آشنایی
    परिचित
    سایر
    अन्य या दूसरे
    امیدوارم
    मुझे आशा है
    تو فراموش نکنی
    तुम भूलना नहीं
    من فراموش کنم
    मैं भूलूंगा
    سفر
    यात्रा
    تو داشته باشی
    तुम्हारे पास या तुम रखते हो
    کارها
    काम
    تو موفق باشی
    तुम सफल रहो
    متشکرم
    धन्यवाद
    به آرزوهایت برسی
    तुम्हारी कामनाएं पूरी हों
    سلام برسان
    सलाम करना या सलाम पहुंचाना
    وقتی
    जब
    مقصد
    गंतव्य
    تو رسیدی
    पहुंचना
    خبر بده
    सूचित करना
    حتماً
    अवश्य
    عزیز
    प्रिय
    همه چیز
    सारी चीज़ें
    ممنون
    आभारी
    خواهش می کنم
    अनुरोध करता हूं
    خدای مهربان
    कृपालु ईश्वर
    من می سپارم
    हवाले करता हूं
    به سلامت
    ख़ैरियत के साथ
    هرگز
    कदापि
    محبت
    प्रेम
    خدا نگه دار
    ईश्वर रक्षा करे

    اکنون به گفتگوی محمد و رامین توجه کنید
    محمد – دیگر باید خداحافظی کنیم .
    मुहम्मदः अब हमें विदा होना है।
    رامین – احساس عجیبی دارم ! فکر می کنم برادرم از من جدا می شود .
    रामीनः मुझे अजीब आभास हो रहा है, मैं सोच रहा हूं कि मेरे भाई मुझ से अलग हो रहे हैं।
    محمد – من هم همین احساس را دارم . تو بهترین دوست من هستی .
    मुहम्मदः मुझे भी ऐसा ही आभास हो रहा है, तुम मेरे बहुत अच्छे मित्र हो।
    رامین – من هم از دوستی با تو بسیار خرسندم .
    रामीनः मैं भी तुम्हारी मित्रता से बहुत प्रसन्न हूं
    محمد – می دانی رامین ! من ایران را دوست دارم ، به خاطر مردم بسیار خوبش و آشنایی با تو و سایر دوستان .
    मुहम्मदः जानते हो रामीन, मुझे ईरान बहुत पसंद है, बहुत अच्छे लोगों, तुम से और अन्य मित्रों से परिचित होने के कारण
    رامین – پس امیدوارم که ما را فراموش نکنی .
    रामीनः आशा है कि हमें भूलोगे नहीं
    محمد – مگر می توانم شما را فراموش کنم ؟
    मुहम्मद, क्या मैं तुम लोगों को भूल सकता हूं
    رامین – امیدوارم سفر خوبی داشته باشی و در کارهایت موفق باشی .
    रामीनः आशा है यात्रा मंगलमय हो और अपने कार्य में सफल रहो।
    محمد – متشکرم . من هم امیدوارم به همه آرزوهایت برسی .
    मुहम्मदः धन्यवाद, मैं भी आशा करता हूं कि तुम्हारी भी कामनाएं पूरी हों।
    رامین – به پدر و مادرت سلام برسان . وقتی به مقصد رسیدی به من خبر بده .
    रामीनः अपने माता पिता को सलाम करना, जब गंतव्य पर पहुंचना हो सूचित करना
    محمد – حتماً . رامین عزیز برای همه چیز از تو ممنونم .
    मुहम्मदः अवश्य, प्रिय रामीन हर वस्तु के लिए तुम्हारा आभारी हूं।
    رامین – خواهش می کنم . تو را به خدای مهربان ‌می سپارم . به سلامت .
    रामीनः कोई बात नहीं, तुमको कृपालु ईश्वर के हवाले करता हूं, सुरक्षित रहो।
    محمد – هرگز محبت شما را فراموش نمی کنم . خدا نگه دار .
    मुहम्मदः तुम्हारे प्रेम को कदापि नहीं भूलूंगा, ईश्वर रक्षा करे।
    برای آخرین بار به گفتگوی محمد و رامین توجه کنید
    محمد – دیگر باید خداحافظی کنیم .
    رامین – احساس عجیبی دارم ! فکر می کنم برادرم از من جدا می شود .
    محمد – من هم همین احساس را دارم . تو بهترین دوست من هستی .
    رامین – من هم از دوستی با تو بسیار خرسندم .
    محمد – می دانی رامین ! من ایران را دوست دارم ، به خاطر مردم بسیار خوبش و آشنایی با تو و سایر دوستان .
    رامین – پس امیدوارم که ما را فراموش نکنی .
    محمد – مگر می توانم شما را فراموش کنم ؟
    رامین – امیدوارم سفر خوبی داشته باشی و در کارهایت موفق باشی .
    محمد – متشکرم . من هم امیدوارم به همه آرزوهایت برسی .
    رامین – به پدر و مادرت سلام برسان . وقتی به مقصد رسیدی به من خبر بده .
    محمد – حتماً . رامین عزیز برای همه چیز از تو ممنونم .
    رامین – خواهش می کنم . تو را به خدای مهربان ‌می سپارم . به سلامت .
    محمد – هرگز محبت شما را فراموش نمی کنم . خدا نگه دار۔
    रामीन और मुहम्मद बहुत दुखी होकर एक दूसरे से बिछड़ते हैं। मुहम्मद हवाई जहाज़ में बैठता है और ईरान से चला जाता है। उसने यहां से बहुत अधिक ज्ञान व अनुभव प्राप्त किया। वह इस बात से बहुत प्रसन्न था कि उसने ज्ञान प्राप्ति के लिए ईरान का चयन किया था। उसने ईरान में ज्ञान प्राप्ति के अतिरिक्त साधारण जीवन शैली भी सीखी। वह यहां पर ऐसे लोगों से परिचित हुआ जो अपने देश से अथाह प्रेम करते हैं और अपने देश के स्थान को ऊंचा करने के लिए किसी भी प्रकार के प्रयास से संकोच नहीं करते।

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