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    आइये फ़ारसी सीखे 71

    आइये फ़ारसी सीखे 71
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    इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी
    जिसने भी ईरान का नाम सुना होगा वह इमाम ख़ुमैनी के नाम से अवश्य ही परिचित होगा। वह विश्व की बड़ी धार्मिक हस्ती और राजनेताओं में गिने जाते थे। उनका पूरा नाम रूहुल्लाह मूसवी ख़ुमैनी था। उनका जन्म ईरान के केन्द्र में स्थित ख़ुमैन नगर में एक संघर्षकर्ता और धार्मिक परिवार में हुआ था। इमाम ख़ुमैनी के पिता नाम हाज सैयद आग़ा मुस्तफ़ा था जो अपने काल के प्रसिद्ध धर्मगुरू व संघर्षकर्ता थे। अभी इमाम ख़ुमैनी पांच की वर्ष के थे कि उनके पिता को ख़ुमैन के ज़मीदारों ने शहीद कर दिया। इस प्रकार उन्होंने बचपने में ही अन्याय और अत्याचार का स्वाद चखा। इमाम ख़ुमैनी ने बाल्याकाल से ही धार्मिक शिक्षा ग्रहण करना आरंभ कर दिया और इस मार्ग में उनकी गंभीरता और दृढ़ता आश्चर्यजनक थी। इमाम ख़ुमैनी का बचपना विभिन्न घटनाओं का साक्षी था और ख़ुमैन की जनता ने क्षेत्र के उपद्रवियों से संघर्ष किया। इन परिस्थितियों में बाल्याकाल से ही इमाम ख़ुमैनी का पालन पोषण न्यायप्रिय व साहस की भावना से हुआ। मुहम्मद और उसका मित्र इमाम ख़ुमैनी के बचपने के बारे में बात चीत कर रहे हैं।
    आज

    امروز –
    पुस्तक

    – کتاب –

    रोचक
    جالب –

    पुस्तकालय
    کتابخانه –

    कालेज
    دانشکده –

    मैंने देखा
    من دیدم –

    कौन सी किताब
    چه کتابی –

    तुम्हारे लिए या आपके लिए
    برای تو ( برایت ) –

    पद्य संकलन या दीवान
    دیوان اشعار

    इमाम ख़ुमैनी
    امام خمینی (ره)

    मुझे नहीं मालूम था
    – من نمی دانستم – –

    शेर
    شعر –

    उन्होंने कहा है
    او سروده است –

    शेरों (बहुवचन)
    اشعار –

    अंतर्ज्ञानी
    عرفانی –

    पचास
    پنجاه

    छोटी पुस्तकें
    – رساله

    विषय
    موضوعات – –

    विभिन्न
    مختلف –

    उनकी यादगार निशानियां बाक़ी हैं
    به یادگار آن مانده است –

    मुझे मालूम है।
    من می دانم –

    उन्होंने
    ایشان

    शिक्षाएं या ज्ञान
    – علوم –

    धार्मिक
    دینی –

    छवि
    چهره

    जानी पहचानी या प्रसिद्ध व लोकप्रिय
    برجسته

    तुम कहते हो
    تو می گویی –

    सही
    درست –

    परिचित
    آشنا –

    विषय
    مسائل –

    राजनैतिक
    سیاسی –

    विश्व
    جهان –

    परिवार
    خانواده

    धार्मिक
    – روحانی –

    उनका जन्म हुआ है
    او به دنیا آمده است

    पिता
    پدر –

    भाई
    برادر –

    मैं चाहता हूं या मुझे पसंद हैं
    من دوست دارم –

    मैं जानना चाहता हूं
    من دوست دارم بدانم –

    बारे में
    درباره –

    बचपना या बाल्याकाल
    کودکی –

    जवानी या युवाकाल
    جوانی –

    नगर
    شهر –

    ख़ुमैन
    خمین

    उनका जन्म हुआ
    او به دنیا آمد –

    उनको खो दिया
    آن را از دست داد –

    उसी समय
    همان زمان –

    कठिनाइ
    سختی –

    जीवन
    زندگی –

    उन्होंने अनुभव किया
    آن را تجربه کرد –

    उन्होंने सीखा
    او آموخت

    प्राप्त करना
    فراگیری

    आरंभिक शिक्षा
    دروس ابتدایی –

    जारी
    ادامه –

    शिक्षा
    تحصیل –

    निकट
    نزد –

    गुरू या उस्ताद
    اساتید –

    महान
    بزرگ –

    अराक
    اراک

    क़ुम
    – قم –

    वह गये
    او رفت

    मुहम्मद और रामीन की बातें

    मुहम्मदः आज मैंने कालेज के पुस्तकालय में एक रोचक किताब देखी।

    محمد – امروز یک کتاب بسیار جالب در کتابخانه دانشکده دیدم .
    रामीनः तुम्हारे लिए कौन सी पुस्तक रोचक थी।

    رامین – چه کتابی برایت جالب بود ؟
    मुहम्मदः इमाम ख़ुमैनी का दीवान। मुझे नहीं मालूम था कि इमाम ख़ुमैनी शेर भी कहते थे।

    محمد – دیوان اشعار امام خمینی . نمی دانستم امام خمینی (ره) شعر هم سروده است .
    रामीनः हां, अंतर्ज्ञानी शेरों के अतिरिक्त विभिन्न विषयों पर पचास से अधिक पुस्तकें उनकी यादगार निशानियां बाक़ी हैं।

    رامین – بله . غیر از اشعار عرفانی ، بیش از پنجاه رساله و کتاب در موضوعات مختلف از امام خمینی به یادگار مانده است .
    मुहम्मदः मुझे मालूम है कि धार्मिक ज्ञानों में उनकी छवि बहुत अधिक जानी पहचानी है।

    محمد – می دانم که ایشان در علوم دینی و مذهبی ، چهره ای بسیار برجسته است .
    रामीनः सही कहते हो। धार्मिक ज्ञानों और विश्व के राजनैतिक मामलों में इमाम ख़ुमैनी की छवि बहुत अधिक जानी पहचानी है।

    رامین – درست می گویی . امام خمینی چهره ای برجسته در علوم دینی و آشنا به مسائل سیاسی جهان بود .
    मुहम्मदः क्या वे एक धार्मिक परिवार में जन्मे थे।

    محمد – آیا او در یک خانواده روحانی به دنیا آمده است ؟
    रामीनः हां, इमाम ख़ुमैनी के पिता एक धर्मगुरू थे।

    رامین – بله . پدر امام و برادرش روحانی بودند .
    मुहम्मदः मैं इमाम ख़ुमैनी के बचपने और युवाकाल के बारे में अधिक जानना चाहता हूं।

    محمد – دوست دارم درباره کودکی و جوانی امام خمینی ، بیشتر بدانم .
    रामीनः वे वर्ष 1902 में ईरान के ख़ुमैन नगर में जन्मे थे। बचपने में ही उनके पिता का साया उनके सिर से उठ गया था और उसी समय से उन्होंने जीवन की कठिनाइयों का अनुभव किया।

    رامین – ایشان در سال 1902 در شهر خمین به دنیا آمد ، در کودکی پدر خود را از دست داد و از همان زمان ، سختیهای زندگی را تجربه کرد .
    मुहम्मदः इमाम ख़ुमैनी ने धार्मिक शिक्षा कहां प्राप्त की।

    محمد – امام خمینی علوم اسلامی را در کجا آموخت ؟
    रामीनः इमाम ख़ुमैनी ने आरंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद महान धर्म गुरूओं से शिक्षा को जारी रखने के लिए वह अराक और क़ुम नगर गये।

    رامین – امام خمینی بعد از فراگیری دروس ابتدایی ، برای ادامه تحصیل نزد اساتید بزرگ ، به شهرهای اراک و قم رفت .
    वार्ता बिना अनुवाद
    محمد – امروز یک کتاب بسیار جالب در کتابخانه دانشکده دیدم .

    رامین – چه کتابی برایت جالب بود ؟

    محمد – دیوان اشعار امام خمینی . نمی دانستم امام خمینی (ره) شعر هم سروده است .

    رامین – بله . غیر از اشعار عرفانی ، بیش از پنجاه رساله و کتاب در موضوعات مختلف از امام خمینی به یادگار مانده است .

    محمد – می دانم که ایشان در علوم دینی و مذهبی ، چهره ای بسیار برجسته است .

    رامین – درست می گویی . امام خمینی چهره ای برجسته در علوم دینی و آشنا به مسائل سیاسی جهان بود .

    محمد – آیا او در یک خانواده روحانی به دنیا آمده است ؟

    رامین – بله . پدر امام و برادرش روحانی بودند .

    محمد – دوست دارم درباره کودکی و جوانی امام خمینی ، بیشتر بدانم .

    رامین – ایشان در سال 1902 در شهر خمین به دنیا آمد ، در کودکی پدر خود را از دست داد و از همان زمان ، سختیهای زندگی را تجربه کرد .

    محمد – امام خمینی علوم اسلامی را در کجا آموخت ؟

    رامین – امام خمینی بعد از فراگیری دروس ابتدایی ، برای ادامه تحصیل نزد اساتید بزرگ ، به شهرهای اراک و قم رفت .

    इमाम ख़ुमैनी अंतर्ज्ञान के क्षेत्र में भी बहुत रूचि रखते थे। वे बहुत ही नर्म और कोमल प्रवृत्ति के स्वामी थे और अंतर्ज्ञान से भरे उनके शेर, उनकी उच्च और ईश्वर की तलाश करने वाली आत्मा के सूचक थे। इमाम ख़ुमैनीने अपनी आयु के अंतिम समय तक, राजनैतिक संघर्ष और प्रयासों की चरमसीमा पर भी उन्होंने शोध और अध्ययन नहीं छोड़ा। उनके वैचारिक संघर्ष का परिणाम, बहुत सी मूल्यवान पुस्तकें हैं जो धार्मिक ज्ञान के क्षेत्र में उनकी यादगार निशानियां हैं। इमाम ख़ुमैनी की पुस्तकें मुसलमानों की मार्गदर्शक हैं।

    http://hindi.irib.ir/