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    आइये फारसी सीखें – 56

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    पवित्र रमज़ान के महीने में रोज़ा रखने वाला ईश्वर का अतिथि होता है। इस मेहमानी में ईश्वरीय कृपा व विभूतियों की वर्षा होती है और यह कल्याण के इच्छुक लोगों के मन में गहरा परिवर्तन लाती है।
    पवित्र रमज़ान में मुसलमान तड़के से सूर्यास्त तक खाने-पीने सहित कुछ दूसरी वर्जित चीज़ों से परहेज़ करता है और ईश्वर की उपासना व पवित्र क़ुरआन की तिलावत द्वारा अपनी आत्मा को पवित्र करता है। रमज़ान के महीने में पूरे पवित्र क़ुरआन की तिलावत भी इस महीने के आकर्षक कार्यक्रम में शामिल होती है। शबे क़द्र पवित्र रमज़ान की एक पवित्र रात है जिसमें पैग़म्बरे इस्लाम पर क़ुरआन उतरा। शबे क़द्र में मुसलमान पूरी रात उपासना में बिताते हुए रत्जगा करते हैं और ईश्वर से पापों की क्षमा याचना करते हैं। वे ईश्वर से अच्छे भविष्य की प्रार्थना करते हैं मोहम्मद और रामीन विश्वविद्यालय में इफ़्तार के पश्चात प्रागण में घास पर बैठे इसी संबंध में बात करते हैं।

    मोहम्मद और रामीन के बीच वार्तालाप से पूर्व पहले इससे जुड़े शब्द और उनके अर्थ सुनिए। शब्द और उसके अर्थ को दोबार पढ़ा जाए।

    ماه
    महीना
    رمضان
    रमज़ान का महीना

    من دوست دارم
    मुझे पसंद है
    حتی
    यहां तक कि

    میهمانی ها
    किसी के यहां मेहमान बनना
    متفاوت
    भिन्न

    درست می گویی
    ठीक कहते हो
    مردم
    लोग

    بیش از
    इससे अधिक
    دیگر
    दूसरा

    امور
    मामले, काम
    معنوی
    आध्यात्मिक

    آنها روی می آورند
    वे अंजाम देते हैं
    جالب اینکه
    रोचक यह है कि

    روزها
    दिन का बहुवचन
    گرم
    गर्म

    طولانی
    लंबे
    تابستان
    ग्रीष्म श्रतु

    آنها روزه می گیرند
    वे रोज़ा रखते हैं
    صبح
    सुबह

    شب
    रात
    خوردن
    खाना

    آشامیدن
    पीना
    آنها پرهیز می کنند
    वे (खाना-पीना) छोड़ देते हैं

    پاسخ
    उत्तर
    دعوت
    निमंत्रण

    خداوند
    ईश्वर
    شیرین
    मीठा

    دلپذیر
    मनमोहक
    انس
    रूचि

    قرآن
    क़ुरआन
    هر روز
    हर दिन

    مساجد
    मस्जिदों का बहुवचन
    تلاوت
    तिलावत

    آنها می پردازند
    वे तेलावत करते हैं
    من می خوانم
    मैं पढ़ता हूं

    من نمی دانم
    मैं नहीं जानता
    پایان
    अंत

    من می توانم
    मैं कर सकता हूं
    کل
    संपूर्ण

    من تمام کنم
    मैं पूरा करूं
    هر قدر
    जितना भी

    تو بخوانی
    तुम पढ़ो
    خوب
    अच्छा

    امشب
    इस रात
    مسجد
    मस्जिद

    دانشگاه
    विश्वविद्यालय
    مراسم
    सभा, समारोह

    شب قدر
    शबे क़द्र नामक पवित्र रमज़ान की विशेष रात
    برگزار می شود
    आयोजित होता है

    تو شرکت می کنی
    तुम भाग लेते हो
    البته
    निःसंदेह, अलबत्ता

    هر سال
    हर वर्ष
    من شرکت می کنم
    मैं भाग लेता हूं

    کدام
    कौन, किस
    تو می روی
    तुम जाते हो

    من می روم
    मैं जाता हूं
    محل مان
    अपना मोहल्ला

    برنامه
    कार्यक्रम
    حتماً
    अवश्य, निःसंदेह

    دعا ،
    प्रार्थना
    برایت
    तुम्हारे लिए

    جالب
    रोचक
    خواهد بود
    होगा

    شب زنده داری
    रत्जगा

    और अब मोहम्मद और रामीन के बीच वार्तालाप
    नोटः फ़ारसी व हिन्दी वार्तालाप को दो बार पढ़ा जाए
    محمد – ماه رمضان را خیلی دوست دارم . حتی میهمانی های این ماه با ماههای دیگر متفاوت است .
    मोहम्मदः रमज़ान का महीना मुझे पसंद है। यहां तक कि इस महीने में किसी के यहां मेहमान बन कर जाना और महीने की तुलना में भिन्न होता है।

    رامین – درست می گویی . در این ماه مردم بیش از ماههای دیگر به امور معنوی روی می آورند .
    रामीनः सही कहते हो। इस महीने में लोग दूसरे महीनों की तुलना में आध्यात्म पर अधिक ध्यान देते हैं

    محمد – جالب اینکه مردم حتی در روزهای گرم و طولانی تابستان روزه می گیرند و از صبح تا شب از خوردن و آشامیدن پرهیز می کنند .
    मोहम्मदः रोचक बात यह है कि लोग ग्रीष्म काल के लंबे दिनों में रोज़ा रखते हैं और सुबह से शाम तक खाने-पीने से दूर रहते हैं।

    رامین – پاسخ به دعوت خداوند ، شیرین و دلپذیر است . مردم برای انس بیشتر با قرآن ، هر روز در مساجد به تلاوت قرآن می پردازند .
    रामीनःईश्वर के निमंत्रण को स्वीकार करना मीठा व मनमोहक अनुभव है। लोग क़ुरआन में अधिक रूचि के लिए हर दिन मस्जिद में क़ुरआन की तिलावत करते हैं।

    محمد – من هم قرآن می خوانم . اما نمی دانم که تا پایان رمضان می توانم کل قرآن را تمام کنم یا نه ؟
    मोहम्मदः मैं भी क़ुरआन पढ़ता हूं किन्तु पता नहीं कि रमज़ान की समाप्ति तक पूरे क़ुरआन की तिलावत कर पाउंगा या नहीं।

    رامین – هر قدر که قرآن بخوانی خوب است .
    रामीनः क़ुरआन जितना पढ़ो अच्छा है।

    محمد – امشب در مسجد دانشگاه ، مراسم شب قدر برگزار می شود . آیا تو هم در این مراسم شرکت می کنی ؟
    मोहम्मदः इस रात विश्वविद्यालय की मस्जिद में शबे क़द्र के अनुष्ठान आयोजित होते हैं। क्या तुम भी इस अनुष्ठान में भाग लेते हो?

    رامین – البته . من هر سال در مراسم شب قدر شرکت می کنم .
    रामीनः अलबत्ता में हर वर्ष शबे क़द्र के अनुष्ठान में भाग लेता हूं।

    محمد – به کدام مسجد می روی ؟
    मोहम्मदः किस मस्जिद में जाते हो?

    رامین – من به مسجد محل مان می روم . برنامه خوبی در آنجا برگزار می شود .
    रामीनः मैं अपने मोहल्ले की मस्जिद जाता हूं। वहां अच्छे रोचक अनुष्ठान आयोजित होते हैं।

    محمد – پس من هم با تو در آن مراسم شرکت می کنم .
    मोहम्मदः तो मैं भी तुम्हारे साथ उस अनुष्ठान में भाग लूंगा।

    رامین – خوب است . حتماً مراسم دعا و شب زنده داری آنجا برایت جالب خواهد بود .
    रामीनः ठीक है। अवश्य तुम्हें वहां की प्रार्थना और रत्जगा रोचक लगा होगा।

    मोहम्मद और रामीन के बीच फ़ारसी में वार्तालाप
    फ़ारसी में वार्तालाप को केवल एक बार पढ़ा जाए।
    محمد – ماه رمضان را خیلی دوست دارم . حتی میهمانی های این ماه با ماههای دیگر متفاوت است .
    رامین – درست می گویی . در این ماه مردم بیش از ماههای دیگر به امور معنوی روی می آورند .
    محمد – جالب اینکه مردم حتی در روزهای گرم و طولانی تابستان روزه می گیرند و از صبح تا شب از خوردن و آشامیدن پرهیز می کنند .
    رامین – پاسخ به دعوت خداوند ، شیرین و دلپذیر است . مردم برای انس بیشتر با قرآن ، هر روز در مساجد به تلاوت قرآن می پردازند .
    محمد – من هم قرآن می خوانم . اما نمی دانم که تا پایان رمضان می توانم کل قرآن را تمام کنم یا نه ؟
    رامین – هر قدر که قرآن بخوانی خوب است .
    محمد – امشب در مسجد دانشگاه ، مراسم شب قدر برگزار می شود . آیا تو هم در این مراسم شرکت می کنی ؟
    رامین – البته . من هر سال در مراسم شب قدر شرکت می کنم .
    محمد – به کدام مسجد می روی ؟
    رامین – من به مسجد محل مان می روم . برنامه خوبی در آنجا برگزار می شود .
    محمد – پس من هم با تو در آن مراسم شرکت می کنم .
    رامین – خوب است . حتماً مراسم دعا و شب زنده داری آنجا برایت جالب خواهد بود .

    पवित्र रमज़ान के महीने में शबे क़द्र के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित होते हैं। मोहम्मद और रामीन साथ में मस्जिद जाते हैं। शबे क़द्र पवित्र क़ुरआन के उतरने और धरती वासियों को फ़रिश्तों की ओर से बधाई दिए जाने की रात है। इसलिए शबे क़द्र की रातों में पूरे ईरान में नगरों, क़स्बों और गावों में उपासना व प्रार्थना का वातावरण छाया रहता है। यह क्रम सुबह तक चलता है। मोहम्मद और रामीन ईश्वर की कृपा की आशा लिए मस्जिद से लौटते हैं और सहरी खाते हैं। पवित्र रमज़ान को अन्य इस्लामी देशों में विशेष महत्व दिया जाता है।

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