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    आइये फारसी सीखें – 58

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    मुहम्मद और रामीन अपने संयुक्त मित्र सादिक़ के निमंत्रण पर गुलिस्तान प्रांत की यात्रा पर गए हैं।
    गुलिस्तान प्रांत, ईरान के उत्तर में है और उन तीन प्रांतों में से एक है जो कैस्पियन सागर के किनारे स्थित है।
    गुलिस्तान प्रांत, हराभरा है और यहां पर झरने, घने जंगल, जलकुंड, सुन्दर-सुन्दर गांव तथा बहुत ही आकर्षक प्राकृतिक दृश्य पाए जाते हैं। सादिक़ के दादा का घर एक गांव में है जिसका नाम ज़्यारत है। यह गांव गुरगान नगर के निकट स्थित है। ज़्यारत गांव की गणना गुलिस्तान प्रांत के पर्यावरणीय पर्यटन में होती है।

    इस प्राचीन गांव में एसा झरना पाया जाता है जो १५ मीटर की ऊंचाई से एक प्राकृतिक जलकुंड में गिरता है। पानी के ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण झरने के इर्दगिर्द के वातावरण में विशेष प्रकार की आर्दता पाई जाती है। फूलों की सुगंध और वृक्षों की हरियाली ने इस क्षेत्र को विशेष प्रकार की तरावट प्रदान कर दी है जहां पर मनुष्य प्रफुल्लता का आभास करता है।

    इन प्राकृतिक आकर्षणों के अतिरिक्त ज़्यारत गांव में दो एतिहसिक स्थल भी हैं एक इमामज़ादे अब्दुल्लाह का मक़बरा और दूसरे यहां की प्राचीन मस्जिद। इस गांव में गुलिस्तान प्रांत का एकमात्र गर्म पानी का एक प्राकृतिक सोता भी मौजूद है। इन्ही प्राकृतिक आकर्षणों के कारण दूर-दूर से पर्यटक यहां पर आते हैं। इस समय मुहम्मद, रामीन और सादिक़, ज़्यारत गांव के झरने के निकट आपस में बातें कर रहे हैं।

    झरना

    آبشار

    बहुत
    خیلی

    सुन्दर
    زیبا

    परिधान
    لباس

    आर्द
    مرطوب

    तुम देखते हो
    تو می بینی

    कणों
    ذرات

    जल
    آب

    किस प्रकार
    چه طور

    जलवायु
    هوا

    फैलते हैं
    پراکنده می شوند

    स्थान
    جا

    अच्छा-ठीक
    خوب

    हर जगह
    همه جا

    हरा
    سبز

    सुगंध
    بو

    पुष्ण-फूल
    گل

    उसने भर दिया है
    آن پر کرده است

    यहां-यहां पर
    اینجا

    सदैव
    همیشه

    इतनी
    این قدر

    एकांत
    خلوت

    दिन
    روزها

    अवकाश
    تعطیل

    परिवार
    خانواده

    अधिक-पर्याप्त
    زیاد

    दर्शन
    زیارت

    भ्रमण-यात्रा
    گردش

    वे आते हैं
    آنها می آیند

    रौज़ा-मक़बरा
    حرم

    पैग़म्बरे इस्लाम के परिजन
    امامزاده

    गांव
    روستا

    स्थान
    مکان

    एतिहासिक
    تاریخی

    देखने योग्य
    دیدنی

    निश्चित रूप से
    حتماً

    वहां
    آنجا

    हमको जाना चाहिए
    ما باید برویم

    विचित्र
    – عجیب

    प्रांगण
    حیاط

    घर
    خانه

    गांव
    روستا

    बिना
    بدون

    दीवार
    دیوار

    परंपरा-परंपराएं
    رسم ( رسوم )

    प्रचलित
    رایج

    आंगन
    حیاط

    घर
    منزل ( منازل )

    गली
    کوچه

    सीमा
    مرز

    स्पष्ट
    مشخص

    उसके पास नहीं है
    آن ندارد

    मानो
    انگار

    हौज़
    حوض

    पानी का नल
    – شیر آب

    वह स्थित है
    آن قرار دارد

    तुम पसंद करते हो
    شما دوست دارید

    हम चलें
    ما برویم

    गर्म पानी
    آبگرم

    उचित है
    بهتر است

    जल्दी करो
    عجله کنید

    धीरे-धीरे
    کم کم

    अंधेरा
    تاریک

    कुछ
    چند

    मैं फ़ोटो खींचता हूं
    من عکس می گیرم

    मैं नहीं चाहता
    من نمی خواهم

    दृश्य, बहुवचन
    مناظر

    सुन्दर
    زیبا

    मैं खो दूं
    من از دست بدهم

    अलबत्ता
    البته

    आने वाला कल
    فردا

    हम जा सकते हैं
    ما می توانیم برویم

    अवसर
    فرصت

    थोड़ा-कुछ
    کم

    आज
    امروز

    यही
    همین

    हम चलें
    ما برویم
    अब
    मुहम्मदः यह झरना बहुत ही सुन्दर है। मेरे कपड़े भीग गए हैं।

    محمد – این آبشار خیلی زیباست . لباسم مرطوب شده است .
    सादिक़ः देख रहे हो, झरने के पानी के कण, किस प्रकार से वातावरण में चारों ओर फैले हुए हैं!

    صادق – می بینی ذرات آب آبشار ، چه طور در هوا پراکنده می شوند !.
    मुहम्मदः कितनी अच्छी जगह है! हर ओर हरियाली है। चारों ओर फूलों की सुगंध फैली हुई है। क्या यहां पर सदैव ही इतनी सन्नाटा रहता है?

    محمد – چه جای خوبی است ! همه جا سبز است و بوی گل همه جا را پر کرده است . اینجا همیشه این قدر خلوت است ؟
    सादिक़ः अवकाश के दिनों में बहुत से परिवार यहां पर भ्रमण और पकिनिक के उद्देश्य से आते हैं।
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    صادق – نه . در روزهای تعطیل ، خانواده های زیادی برای زیارت و گردش به اینجا می آیند .
    मुहम्मदः इमामज़ादे का मक़बरा भी क्या इसी गांव में है?

    محمد – حرم امامزاده هم در همین روستا است ؟
    सादिक़ः हां। यह मक़बरा एक एतिहासिक और दर्शनीय स्थल है।

    صادق – بله . حرم یک مکان تاریخی و دیدنی است .
    मुहम्मदः तो वहां पर जाना चाहिए। विचित्र सी बात यह है कि इस गांव के घरों के प्रांगण बिना दीवार के हैं।

    محمد – پس حتماً باید به آنجا برویم . عجیب است ، حیاط خانه های این روستا بدون دیوار است .
    सादिक़ः यह इस गांव की प्रचलित परंपरा है। घरों के आंगन और यहां की गलियों की सीमाएं स्पष्ट नहीं हैं।

    صادق – این از رسوم رایج در این روستاست . حیاط منازل و کوچه ها ، مرز مشخصی ندارد .
    मुहम्मदः हां। एसा लगता है कि घरों के हौज़ और पानी के नल मानो गलियों में हैं।

    محمد – بله . انگار حوض و شیر آب در کوچه قرار دارد .
    सादिक़ः अच्छा! यदि चाहो तो यहां के गर्म पानी के सोते को देखने चलते हैं। उचित यह होगा कि जल्दी करों क्योंकि धीरे-धीरे अंधेरा छाता जा रहा है।

    صادق – خوب . اگر دوست دارید به آبگرم زیارت هم برویم ، بهتر است عجله کنید . هوا کم کم تاریک می شود .
    मुहम्मदः मैं कुछ और फोटो खीचूंगा। मैं यहां के सुन्दर दृश्यों को क़ैद करना चाहता हूं।

    محمد – من چند عکس دیگر می گیرم . نمی خواهم مناظر زیبای اینجا را از دست بدهم .
    सादिक़ः हम कल भी गर्म पानी का सोता देखने जा सकते हैं।

    صادق – البته فردا هم می توانیم به آبگرم برویم .
    मुहम्मदः नहीं। हमारे पास समय कम है। उचित होगा कि आज ही चलते हैं।

    محمد – نه . فرصت کم است . بهتر است همین امروز برویم .

    मुहम्मद, सादिक़ और रामीन झरने के पास से टहलते हुए ज़्यारत गांव मे पाए जाने वाले गर्म पानी के सोते की ओर गए।

    इस सोते में चार झरने हैं जिनमें नहाने और तैरने से विशेष आनंद प्राप्त होता है। घूमने-टहलने के पश्चात वे लोग गावं वापस आ गए और रात उन्होंने वहीं पर गुज़ारी। ज़्यारत गांव के रहने वाले बहुत ही कृपालु और अतिथि प्रेमी थे। मुहम्मद ने गांव के चायख़ाने के बाहर बैठे बूढ़े लोगों से ज़्यारत गांव की जीवन शैली तथा वहां की परंपराओं के बारे में बात की।

    बूढ़ों का कहना था कि यहां के रहने वाले लोग दीर्घायु के होते हैं। उनका मानना था कि इसका मुख्य कारण यहां की जलवायु और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का प्रयोग है। इस गांव के जंगली फल, सुगंधित चावल, स्वादिष्ट मछलियां, स्थानीय अचार और मिठाइयां आदि सबकुछ एसी चीज़ें हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। ज़्यारत गांव की एतिहासिक धरोहरों में इमामज़ादे अब्दुल्लाह का मक़बरा और गावं की प्राचीन मस्जिद है। इस गावं की यात्रा में मुहम्मद और सादिक़ को दो दिन लग गए और उसके बाद वे तेहरान वापस चले गए।

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