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    आइये फारसी सीखें – 61

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    तज़हीब अर्थात सोने से लिखना या चित्र बनाना सुलेखन से संबंधित ही एक कला है तथा अनेक स्थानों पर इन दोनों का प्रयोग एक साथ ही होता है।

    तज़हीब का शाब्दिक अर्थ है सोने का काम, कि जो ख़ूबसूरत एवं सुन्दर चित्रों का संग्रह होता है। कलाकार धार्मिक ग्रंथो, ऐतिहासिक पुस्तकों, साहित्यिक एवं कविताओं के संग्रहों को सजाने के लिए सोने के काम का उपयोग करते हैं ताकि इन मूल्यवान ग्रंथों की सुन्दरता में और अधिक वृद्धि कर सकें। इस कला में किताबों के पन्नों के किनारों को फूल पंखुड़ियों के अति सुन्दर एवं बारीक डिज़ाइनों से सजाया जाता है।

    ईरान में सोने का काम एक सुरुचिपूर्ण कला है तथा अनेक क़ुरान और महान कवियों के काव्य संग्रहों को इस सुन्दर कला से सजाया गया है।

    ईरान में सोने के काम का प्रक्षिण दूसरी कलाओं की भांति प्रचलित है और जो लोग इसमें रूची रखते हैं वे इसे सीखते हैं। मोहम्मद और रामीन इस संदर्भ में बातचीत कर रहे हैं। पहले इस बातचीत के महत्वपूर्ण शब्दों पर ध्यान दीजिएः
    دیوان
    संग्रह
    ببین
    देखिए
    خط
    हस्तलेख
    زیبا
    सुन्दर
    آن نوشته شده است
    वह लिखा गया है
    کتاب
    पुस्तक
    نفیس
    उत्तम
    حاشیه
    किनारा
    متن
    लिपि, आलेख
    نقاشی
    चित्रकारी
    ظریف
    सुरुचिपूर्ण
    رنگارنگی
    रंग बिरंग
    اسم
    नाम
    هنر
    कला
    تذهیب
    सोने का काम
    تزئین
    सजावट
    حتماً
    निश्चित रूप से
    آثار هنری
    कलात्मक कार्य
    ارزشمند
    मूल्यवान
    همین طور است
    इसी तरह है
    ورود
    प्रवेश
    اسلام
    इस्लाम
    قرآن
    क़ुरान
    به کار برده شد
    प्रयोग किआ गया है
    در طول
    लम्बाई में
    آن تحول یافته است
    वह परिवर्तित हो गाय है
    هندوستان
    भारत
    کشور
    देश
    دیگر
    दूसरा
    آن راه یافته است
    वह प्रचलित हो गया है
    همیشه
    सदैव
    بهترین
    अति उत्तम
    دیوان حافظ
    हाफ़िज़ का काव्य संग्रह
    تو در دست داری
    तुम्हारे हाथ में है
    گران قیمت
    महंगा
    ارزش
    मूल्य
    چندین برابر
    कई गुना
    معمولی
    सामान्य
    هر چیزی
    हर एक वस्तु
    اثر هنری
    कलात्मक कार्य
    شما تبدیل می کنید
    आप परिवर्तित करते हैं

    प्रस्तोता- रामीन के पास हाफ़िज़ की अति उत्तम कविताओं का संग्रह है। वह उसे मोहम्मद को दिखाते हैं ताकि वह सुलेखन और सोने के काम को देख सकें।
    رامین – محمد این دیوان را ببین، با خط بسیار زیبایی نوشته شده است

    रामीन- इस काव्य संग्रह को देखो। बहुत ही सुन्दर लिपि में लिखा गया है.

    محمد – چه کتاب نفیس و زیبایی ، حاشیه متن چه نقاشی های ظریف و رنگارنگی دارد

    मोहम्मद- कितनी सुन्दर एवं उत्तम पुस्तक है। आलेख के किनारे पर कितनी सुरुचिपूर्ण एवं रंग-बिरंगी चित्रकारी है.

    رامین – اسم این هنر تذهیب است ، یعنی هنر تزئین کتاب

    रामीन- इस कला का नाम तज़हीब है, अर्थात पुस्तक को सजाने की कला.

    محمد – این تزئین ها خیلی ظریف هستند

    मोहम्मद- यह सजावटें अति उत्तम हैं.

    رامین – بله ، هنر تذهیب بسیار ظریف و زیبا است

    रामीन- हां, तज़हीब की कला बहुत ही सुन्दर एवं सुरुचिपूर्ण है.

    محمد – حتماً این آثار هنری بسیار ارزشمند هستند

    मोहम्मद- निश्चित रूप से यह कलाकात्मक कार्य बहुत मूल्यवान है.

    رامین – همین طور است، پس از ورود اسلام به ایران ، هنر تذهیب بیشتر در قرآنهای نفیس به کار برده شد

    रामीन- आपने सही कहा, ईरान में इस्लाम के प्रवेश के बाद अधिकतर इस कला को पवित्र क़ुरान की सजावट के लिए प्रयोग किया गया।

    محمد – آیا این هنر در طول تاریخ تحول یافته است

    मोहम्मद- क्या इस कला में समय के साथ परिवर्तन हुआ है.

    رامین – بله، این هنر از ایران به هندوستان و کشورهای دیگر راه یافته است ، اما همیشه تذهیب ایرانی بهترین بوده است

    रामीन- हां, यह कला ईरान से भारत और अन्य देशों में जाकर प्रचलित हुई, किन्तु ईरानी तज़हीब सर्वश्रेष्ठ रही है.

    محمد – حتما دیوان حافظی که در دست داری ، گران قیمت است

    मोहम्मद- निश्चित रूप से आपके हाथ में जो हाफ़िज़ का काव्य संग्रह है, बहुत मंहगा है.

    رامین – بله، ارزش این کتاب چندین برابر کتابهای معمولی است

    रामीन- हां, इस पुस्तक का मूल्य सामान्य पुस्तकों से कई गुना है.

    محمد – شما ایرانی ها هر چیزی را با هنر خود ، به یک اثر هنری تبدیل می کنید

    मोहम्मद- आप ईरानी लोग हर वस्तु को अपनी कला से एक कलात्मक कार्य में परिवर्तित कर देते हैं.
    एक बार फिर मोहम्मद और रामीन की बातचीत पर ध्यान दीजिए, बग़ैर अनुवाद के।

    رامین – محمد این دیوان را ببین . با خط بسیار زیبایی نوشته شده است .
    محمد – چه کتاب نفیس و زیبایی . حاشیه متن چه نقاشی های ظریف و رنگارنگی دارد .
    رامین – اسم این هنر تذهیب است ، یعنی هنر تزئین کتاب .
    محمد – این تزئین ها خیلی ظریف هستند !
    رامین – بله . هنر تذهیب بسیار ظریف و زیبا است .
    محمد – حتماً این آثار هنری بسیار ارزشمند هستند .
    رامین – همین طور است . پس از ورود اسلام به ایران ، هنر تذهیب بیشتر در قرآنهای نفیس به کار برده شد .
    محمد – آیا این هنر در طول تاریخ تحول یافته است ؟
    رامین – بله . این هنر از ایران به هندوستان و کشورهای دیگر راه یافته است . اما همیشه تذهیب ایرانی بهترین بوده است .
    محمد – حتما دیوان حافظی که در دست داری ، گران قیمت است .
    رامین – بله . ارزش این کتاب چندین برابر کتابهای معمولی است .
    محمد – شما ایرانی ها هر چیزی را با هنر خود ، به یک اثر هنری تبدیل می کنید

    जैसा कि रामीन ने कहा, इस्लाम के ईरान में प्रवेश के बाद, तज़हीब की कला अधिकतर क़ुरान की सजावट के लिए प्रयोग की गई तथा पूरे इतिहास में विभिन्न प्रकार के मत एवं शैलियां अस्तित्व में आईं। तज़हीब के काम से सजाए गए कुछ क़ुरानों पर सोने के आलेख का भी प्रयोग किया गया है। ईरानी तज़हीब में अधिकांश रूप से फूल पंखुड़ियों के चित्र पाए जाते हैं। विश्व में यह कला कहीं भी उस हद तक उत्कृष्टता एवं उत्तमता तक नहीं पहुंची है कि जितनी ईरान में। ईरान की तज़हीब, इस कला का चरम माना जाता है।
    http://hindi.irib.ir/