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    इमाम हुसैन अ. के सहाबी

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    स) वह शहीद जिनका सम्बंध ह़ज़रत इमाम अली (अ.स) से हैं।
    9, उबैदुल्लाह इब्ने अली (अ स)
    तबरी ने आपकी मां का नाम लैला बिन्ते मसऊद नहली उल्लेख किया है और लिखा है हेशाम इब्ने मुह़म्मद के गुमान से आप तफ़ में शहीद हुए। (1) अबुलफ़रज ने भी अबुबक्र इब्ने उबैदुल्लाह तलह़ी से रिवायत की है कि वह कर्बला में शहीद हुए लेकिन ख़ुद इस कथन को नहीं माना है। वह और कुछ दूसरे इतिहासकार इस बात को मानते हैं कि मुख़तार के साथियों ने उबैदुल्लाह को मज़ार के दिन क़त्ल कर दिया था। (2) मशहूर नज़रिये में आपकी माँ का नाम लैला बिन्ते मसऊद नहली बयान हुआ है। (3) लेकिन ख़लीफ़ा ने आपकी मां का नाम रुबाब बिन्ते उमरुलक़ैस कलबी लिखा है । (4)
    (1) अश्शजरूल मुबारका पेज 189 (2) मक़तलुल ह़ुसैन जिल्द 2 पेज 28 (3) तारीख़े तबरी जिल्द 5, पेज 154 (4) अत्तबक़ातुल कुबरा जिल्द 5, पेज 88।

    10. अब्बास असग़र (अ स) 
    इब्ने ह़ेज़ाम और उमरी ने आपकी मां का नामः सहबा तग़लबी जबकि ख़लीफ़ा ने लुबाबा बिन्ते उबैदुल्लाह इब्ने अब्बास जाना है (5) कुछ दूसरी किताबों में बयान हुआ है कि आप शबे आशूरा (9 मुहर्रम की रात) पानी लेने गये और फ़ुरात के किनारे शहीद हुए। (6)।
    (5) अत्तबक़ातुल कुबरा जिल्द 5, पेज 88 (6) तारीख़े ख़लीफ़ा पेज 145।

    11, मुह़म्मद औसत इब्ने अली (अ.स) 
    मशहूर कथन में आपकी मां का नाम अमामा बिनते अबिल आस उल्लेख हुआ है। और यह बयान हुआ है कि ह़ज़रत अली (अ स) ने जनाब फ़ातेमा (स…) (7) की वसीयत की वजह से उनसे शादी की (8) अकसर किताबों में आपको कर्बला के शहीदों में गिना नहीं किया गया है लेकिन कुछ ने यह लिखा कि आप आशूर के दिन कर्बला में इमाम ह़ुसैन (अ.स) के साथ थे और आप (अ.स) की इजाज़त से जंग की और बहुत से दुश्मनों को मारने के बाद इब्ने ज़ेयाद के लश्कर के हाथों शहीद हुए। (9)
    (7) तारीख़े ख़लीफ़ा पेज 145 (8) इत्तेआज़ुल ह़ुनफ़ा पेज 7 (9) वसीलहुद्दारैन पेज 262।

    12. औन इब्ने अली (अ.स)
    आपकी माँ असमा बिनते उमैस ख़शअमी हैं और बहुत से इतिहासकारों ने आपको ह़ज़रत अली (अ.स) का बेटा जाना है। (10) अकसर किताबों ने आपकी कर्बला में मौजूदगी पर चुप्पी साध ली है उसके बावजूद कुछ ने आपको कर्बला के शहीदों में गिना गया है। और इस बात का ज़िक्र किया है कि वह इमाम ह़ुसैन (अ.स) के साथ मदीने से कर्बला आये थे।
    (10) अत्तबक़ातुल कुबरा जिल्द3, पेज 14।

    13. अतीक़ इब्ने अली (अ स)
    आपकी माँ का नाम मालूम नहीं है, कुछ ने आपकी माँ का नाम कनीज़ जाना है (11) कुछ लोग जैसेः इब्ने एमादे ह़म्बली, दयार बकरी, ज़हबी और मुज़फ्फर ने आपकी शहादत को माना है।(12) जबकि पुरानी किताबों में आपका नाम शोहदा में बयान नहीं हुआ है।
    (11) तनक़ीहुल मक़ाल जिल्द 3 पेज 83 (12) अत्तबक़ातुल कुबरा जिल्द 3, पेज 514।

    14. जाफ़रुल असग़र (अ.स) 
    हालांकि आपकी शाहादत पर कोई दलील मौजूद नहीं है उसके बावजूद मुज़फ़्फ़र ने अनुमान के आधार पर आपको कर्बला के शहीदों में गिना है क्योंकि उनका विश्वास यह है कि ह़ज़रत अली (अ स) की जो संतानें कर्बला में नहीं थीं उनका ज़िक्र मिलता है जैसा कि जनाब मोह़सिन की शहादत और जनाब मुह़म्मद इब्ने ह़नफ़िया का मदीने में रुकना (13) जबकि यह साबित है कि ह़ज़रत अली (अ स) के एक बेटे का नाम जाफ़रुल असग़र था। (14)
    (13) ज़ख़ीरतुद्दारैन पेज 166 (14) अलइमामा वस्सियासा जिल्द2, पेज 6।

    15, अबदुर्रह़मान
    कुछ लेखकों ने इस तर्क के आधार पर आपको भी कर्बला के शहीदों में गिना है (15) कहा गया है कि आपकी माँ भी कनीज़ थीं उससे ज़्यादा मालूमात आपके बारे में नहीं मिलती हैं।
    (15) बतलुल अलक़मी जिल्द 3, पेज 530।

    16, अबदुल्लाहिल असग़र 
    आपका नाम भी शहीदों की लिस्ट में कुछ पुरानी किताबों में आया है। आयानुश्शिया और दूसरी किताबों में भी आपका उल्लेख मिलता है। कि आप इमाम ह़सन (अ स) के बेटों के शहीद होने के बाद मैदाने कर्बला गये और ज़जर इब्ने क़ैस के हाथ शहीद हुए। (16) मनाक़िब जिल्द 4, पेज 122।

    17, क़ासिम इब्ने अली (अ स) 
    इब्ने शहेर आशूब ने आपको कर्बला के शहीदों में जाना है।

    18. यहया इब्ने अली (अ.)
    आपकी मां का नाम असमाँ बयान हुआ है जोउमैस की बेटी थीं, कुछ किताबों में कर्बला में आपकी शहादत की ख़बर दी गई है और कहा गया है कि उमैर इब्ने हज्जाज कंदी आपका सर उठाने वाला था।