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    3. क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 2

    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 2

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    7- “يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُواْ اتَّقُواْ اللّهَ وَكُونُواْ مَعَ الصَّادِقِينَ”(तौहा 119)
    (सादिक़ीन मुहम्मद व आले मुहम्मद(अ) हैं।(इब्ने उमर) (ग़ायतुल मराम पेज 148)
    8- “بَقِيَّةُ اللّهِ خَيْرٌ لَّكُمْ”(हूद 86)
    (بَقِيَّةُ اللّهِ) क़ाएमे आले मुहम्मद की हस्ती है।(इमाम मुहम्मद बाक़िर(अ)(नुरूल अबसार पेज 172)
    9- “أَلَمْ تَرَ كَيْفَ ضَرَبَ اللّهُ مَثَلاً كَلِمَةً طَيِّبَةً كَشَجَرةٍ طَيِّبَةٍ”(इब्राहीम 25)
    (شَجَرةٍ) ज़ाते पैग़म्बर है। फ़रअ अली हैं। शाख़ फ़ातेमा ज़हरा हैं। और समरात हज़राते हसनैन हैं।(इमाम मुहम्मद बाक़िर(अ)( शवाहिदुत तनज़ील जिल्द 1 पेज 311)
    10- “فَاسْأَلُواْ أَهْلَ الذِّكْرِ إِن كُنتُمْ لاَ تَعْلَمُونَ”(नहल 44)
    (أَهْلَ الذِّكْرِ) हम अहले बैत हैं।(इमाम मुहम्मद बाक़िर(अ)(जामेऊल बयान फ़ी तफ़सीरिल क़ुरआन जिल्द 14 पेज 108)
    11- “وَآتِ ذَا الْقُرْبَى حَقَّهُ”(इसरा 27)
    (ذَا الْقُرْبَى) से मुराद हम अहलेबैत है।(इमाम ज़ैनुल आबेदीन)(ग़ायतुम मराम पेज 323)
    12- “يَوْمَ نَدْعُو كُلَّ أُنَاسٍ بِإِمَامِهِمْ”(इसरा 71)
    आईम्मा ए हक़ अली औलादे अली(अ) हैं।(इब्ने अब्बास)(ग़ायतुल मराम पेज 272)
    13- “وَلَقَدْ كَتَبْنَا فِي الزَّبُورِ مِن بَعْدِ الذِّكْرِ أَنَّ الْأَرْضَ يَرِثُهَا عِبَادِيَ الصَّالِحُونَ”(अंबीया 105)
    यह क़ाएमे आले मुहम्मद और उनके असहाब हैं।(सादिक़ैन(अ)( यनाबीऊल मवद्दत पेज 510)
    14- “ذَلِكَ وَمَن يُعَظِّمْ شَعَائِرَ اللَّهِ فَإِنَّهَا مِن تَقْوَى الْقُلُوبِ”(हज 33)
    (شَعَائِرَ اللَّهِ) हम अहले बैत हैं।(अमीरूल मोमीनीन(अ)(यनाबीऊल मवद्दत)
    15- “لِيَكُونَ الرَّسُولُ شَهِيدًا عَلَيْكُمْ وَتَكُونُوا شُهَدَاءَ عَلَى النَّاسِ”(हज 78)
    यह आयत रसूले अकरम और आईम्मा औलादे रसूल के बारे में है।(अमीरूल मोमीनीन(अ)( ग़ायतुल मराम पेज 265)
    16- “فَإِذَا نُفِخَ فِي الصُّورِ فَلَا أَنسَابَ بَيْنَهُمْ يَوْمَئِذٍ وَلَا يَتَسَاءَلُونَ”(मोमीनून 102)
    रोज़े क़यामत मेरे हसब व नसब के अलावा सारे हसब व नसब मुनक़ता हो जायेगें।(रसूले अकरम)( शवाहिदुत तनज़ील जिल्द 1 पेज 407)
    17- “…….مَثَلُ نُورِهِ كَمِشْكَاةٍ فِيهَا مِصْبَاحٌ”(नूर 35)
    (مِشْكَاةٍ) जनाबे फ़ातेमा, مِصْبَاحٌ हसनैन, شَجَرَةٍ مُّبَارَكَةٍ हज़रते इब्राहीम, نُّورٌ عَلَى نُور) इमाम बादा इमाम हैं, (इमाम अबुल हसन)( ग़ायतुल मराम पेज 315)

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