islamic-sources

    1. home

    2. article

    3. जमाअत का ह़ुक्म

    जमाअत का ह़ुक्म

    Rate this post

    सवालः अगर इमामे जमाअत तकबीरतुल ऐहराम (नियत के

    साथ कहा जाने वाला अल्लाहो अकबर) के बाद अलह़म्द

    और उसके बाद वाले सूरों को पढ़े बिना भूले से रुकू में चला जाये

    तो जमाअत के साथ नमाज़ पढ़ने वाले का क्या ह़ुक्म है।?
    जबावः अगर मामूम (नमाज़ पढ़ने वाले) नमाज़ जमाअत में

    शामिल होने के बाद इस तरफ़ ध्यान दें तो उन पर फ़ुरादा

    की नियत कर लेना और अलह़म्द और उसके बाद वाला

    सूरा पढ़ना वाजिब है।