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    जूते का बदलना

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    सवालः मजलिस ख़त्म होने के बाद मुझे मेरे जूते नहीं मिले और आख़िर में केवल एक नया जूता बचा जो मेरे जूते से बहुत

    मिलता जुलता था मैने उसे ले लिया एक सप्ताह से ज़्यादा हो चुका है अभी तक कोई जूते को बदलने के लिए

    नहीं आया है इसलिए इस बात पर ध्यान देते हुए कि जिस आदमी ने ग़लती की थी वह अभी तक लेने नहीं आया है

    क्या मेरे लिए उस जूते का इसतेमाल (उपयोग) करना जाएज़ है? और अगर जाएज़ न हो तो ऐसी स्तिथि

    में मुझे इस जूते के बारे में क्या करना चाहिए?
    जवाबः जाएज़ नहीं है और उसका हुक़्म मजहूलुल मालिक (ऐसा माल

    जिसका मालिक मालूम न हो) का है और अगर उसके मालिक का मिलना

    मुश्किल हो तो एहतियात के तौक पर या ह़ाकिमे शरा (इस्लामी शासक)

    की इजाज़त से उसके मालिक की तरफ़ से सदक़ा देना होगा। मगर यह कि

    इस बात का इल्म हो जाये कि उसका मालिक राज़ी (संतुष्ट) है या मेरे जूते

    वही ले गया है जिसका जूता मै लेकर आया हूँ तो ऐसी सूरत में अगर लाये हुए जूते की

    क़ीमत ज़्यादा है तो दोनों के बीच अंतर क़ीमत को उसके मालिक की तरफ़ से सदक़ा देना होगा।