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    नमाज़ में भूल

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    सवालः

    अगर एक इंसान ज़ुहर की नमाज़

    पढ़ते समय उसकी तीसरी या चौथी

    रकअत में भूले से अलह़म्द और एक

    सूरा पढ़ दे और नमाज़ के बाद उसे याद

    भी आ जाये तो क्या दोबारा से नमाज़

    पढ़ना वाजिब है और अगर ध्यान ही न दे

    सके तो क्या उसकी नमाज़ सह़ी है?
    जवाबः

    जी हाँ ऐसी सूरत में नमाज़ सह़ी है।