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    पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत-1

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    पश्चिमोत्तरी ईरान के अंत में बहुत ही अच्छी जलवायु से समृद्ध पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत है कि जिसके पड़ोस में आज़रबाइजान गणराज्य, तुर्की और इराक़ जैसे देश स्थित हैं। इस प्रांत के दक्षिण और पूरब में कुर्दिस्तान, पूर्वी आज़रबाइजान तथा ज़न्जान प्रांत हैं। पश्चिमी आज़रबाइजान का क्षेत्रफल उरूमिये झील के साथ 43 हज़ार वर्ग किलोमीटर है। उरूमिये झील पूर्वी और पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत के बीच में स्थित ईरान के पठारी क्षेत्र की सबसे बड़ी झील है किन्तु इसका बड़ा भाग पश्चिमी आज़रबाइजान में पड़ता है। पश्चिमी आज़रबाइजान ईरान के पर्वतीय क्षेत्र में आता है कि जिसका सत्तर प्रतिशत भाग पर्वतीय है और बाक़ी भाग में तटवर्ती पठार या पहाड़ों के बीच का स्थान आता है जिसमें आबादी व आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केन्द्र स्थित हैं।पश्चिमी आज़रबाइजान पर एटलांटिक महासागर और भूमध्यसागर की आर्द्र जलवायु का मुख्य रूप से प्रभाव है किन्तु शीत ऋतु के कुछ महीनों में उत्तर की ओर से चलने वाले ठंडी हवा के झक्कड़ के कारण तापमान बहुत कम हो जाता है। पश्चिमी आज़रबाइजान की जलवायु पूर्वी आज़रबाइजान की भांति ठंडी व आर्द्र है। ठंडी, लंबी व बर्फ़ीली शीत ऋतु और संतुलित ग्रीष्म ऋतु इसकी मुख्य विशेषता हैं। वर्षा की दृष्टि से उत्तरी ईरान में कैस्पियन सागर के तटवर्ती प्रांतों के बाद पश्चिमी आज़रबाइजान में सबसे अधिक वर्षा होती है। पश्चिमी आज़रबाइजान में अधिक वर्षा और उपजाउ ज़मीन के कारण जंगल व चरागाहों के साथ बड़ी मात्रा में वनस्पतियां उगती हैं। पश्चिमी आज़रबाइजान के जंगल इस प्रांत के दक्षिणी नगरों में अधिक पाए जाते हैं और यह अधिक वर्षा के कारण सीमावर्ती पहाड़ों के आंचल में स्थित हैं किन्तु इस प्रांत का सबसे महत्वपूर्ण जंगल सरदश्त ज़िले में स्थित है। पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत में विभिन्न टुकड़ों में 320 हेक्टर जंगल हैं। ये जंगल प्राकृतिक नहीं है। आपको यह भी बताते चलें कि पश्चिमी आज़रबाइजान में बहुत अधिक चरागाहें हैं तथा मोठ, कार्नफ़्लावर, नरगिस, ट्यूलिप, लौंग और कासनी जैसी वनस्पतियां भी बड़ी मात्रा में उगती हैं। अच्छी चरागाहों के कारण पश्चिमी आज़रबाइजान ईरान में पशुपालन के महत्वपूर्ण केन्द्रों में गिना जाता है। इसी प्रकार पश्चिमी आज़रबाइजान अपनी उपजाउ भूमि के कारण भी ईरान में कृषि के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आता है और इसी प्रकार यह प्रांत बाग़ में होने वाले उत्पादों से भी समृद्ध है। इस प्रांत के अंगूर के ताकिस्तान बहुत प्रसिद्ध हैं। पश्चिमी आज़रबाइजान में बीस प्रकार के अंगूर का उत्पादन होता है जिसका कुछ भाग ईरान में उपभोग होता है और अधिकांश किशमिश के रूप में निर्यात होता है या फिर कारख़ानों में जूस निकालने, विशेष प्रकार का मुरब्बा बनाने सहित दूसरे उपभोग में प्रयोग होता है। खेतिहर भूमि, प्रचुर मात्रा में चरागाहों, फूलदार वनस्पतों और दूसरी प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण पश्चिमी आज़रबाइजान मधुपालन व मधु उत्पादन के सबसे उचित क्षेत्रों में से एक है। यूं तो इस प्रांत के सभी ज़िलों में मधु उत्पादन होता है किन्तु प्रांत के सबसे महत्वपूर्ण केन्द्रों मंनक़िदे ज़िला और अशनूये क्षेत्र है जहां मधुमक्खियां पहाड़ों की दरारों में प्राकृतिक ढंग से मधु उत्पादन करती हैं। पश्चिमी आज़रबाइजान आबादी की दृष्टि से ईरान के घने आबादी वाले प्रांतों में गिना जाता है। इस प्रांत की आबादी का एक भाग बंजारा जाति पर आधारित है। आपको यह भी बताते चलें कि पूरा पश्चिमी ईरान विशेष रूप से ज़ाग्रुस पर्तन श्रंख्ला कि जिसके उत्तरी सिरे का एक भाग पश्चिमी आज़रबाइजान में पड़ता है, ईरान में बंजारा जाति के जीवन यापन के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में है। आज़रबाइजान की अधिकांश जनता मुसलमान है किन्तु आज़री तुर्क और कुर्द इस प्रांत मुख्य समुदाय गिने जाते हैं। कुर्द इस प्रांत के पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्र के ऊंचे भूभागों पर बसे हैं जबकि आज़री तुर्कों की आबादी का एक भाग उरुमिये झील से सटे मैदानों और कुछ भाग प्रांत दक्षिण-पूर्वी और उत्तरी मैंदानों में रहता है। इसी प्रकार धार्मिक अल्पसंख्यक आशूरी और अर्मनी प्रांत के उरूमिये नगर में रहते हैं। उरूमिये नगर पश्चिमी आज़रबाइजान का केन्द्र व सबसे बड़ा नगर है और प्राचीन समय से यह नगर विभिन्न जातीय, भाषी, और विभिन्न धार्मिक समुदायों के शांतिपूर्ण ढंग से रहने के लिए जाना जाता है। अब जबकि उरुमिये नगर की बात आ गयी है तो कार्यक्रम के अंतिम भाग में आपको इस नगर के बारे में कुछ और चीज़ों से अवगत करा रहे हैं। उरूमिये नगर सत्तर किलोमीटर लंबे और 30 किलोमीटर चौड़े समतल भूभाग पर इसी नाम की झील के निकट बसा हुआ है। एक ओर एकॉकेशिया, आर्मेनिया, एशिया माइनर, और प्राचीन मेसोपोटामिया के मार्ग पर और दूसरी ओर उरूमिये झील के निकट होने के कारण इस प्राचीन नगर को विशेष स्थिति प्राप्त है। उरूमिये ईरान के पठारी भाग की सभ्यता के चहल पहल भरे केन्द्रों में गिना जाता है। उरूमिये के 6 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में मौजूद टीलों से इसकी पुष्टि होती है। इन टीलों से प्राप्त कुछ तख़्तियां 2000 ईसापूर्व पुरानी हैं। कुछ इस्लामी इतिहासकारों ने उरूमिये को ईश्वरीय दूत ज़रतुश्त की जन्मस्थली माना है। शायद प्राचीन समय में उरूमिये के बड़े धार्मिक केन्द्र होने का यही कारण रहा है। ऐतिहासिक साक्ष्य दर्शाते हैं कि रूमी सम्राट व राजा ज़रतुश्तियों के अग्निकुंड पर अतिक्रमण के लिए अनेक बार उरूमिये से गुज़रे। इस्लाम के उदय के पश्चात उरूमिये मराग़े के बाद आज़रबाइजान का दूसरा बड़ा नगर बना और मुसलमान पर्यटक इब्ने हौक़ल के अनुसारः चौथी हिजरी शताब्दी में उरूमिये एक आबाद व मराग़े जैसा बड़ा नगर था जहां व्यापारिक गतिविधियों की धूम मची रहती थी। सातवीं हिजरी के इतिहासकार व भुगोलशास्त्री याक़ूत हमवी के अपनी किताब मोजमुल बुलदान में लिखा हैः मैंने वर्ष 616 हिजरी क़मरी में उरूमिये का भ्रमण किया। यह बहुत ही अच्छा नगर है। बड़ी मात्रा में फल, बाग़, शुद्ध जलवायु, और पानी के विशाल भंडार से समृद्ध है।