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    बुद्विमान मित्र

    बुद्विमान मित्र
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    प्रस्तुत है फ़ार्सी भाषा की कहावत पर आधारित कहानी। आज की कहावत है। “दूस्ती बा मरदुम दाना नेकूस्त” कहते हैं कि एक बुद्विमानी व्यक्ति अपने घोड़े पर सवार कहीं जा रहा था। रास्ते में उसने एक हराभरा क्षेत्र देखा। उस स्थान को देखकर उसने स्वयं से कहा कि उचित होगा कि वह उस स्थान पर जाए और हाथ-पैर धोकर वहां पर थोड़ा विश्राम करे और थोड़ी देर विश्राम करने के बाद वह अपने मार्ग पर आगे बढ़ जाएगा। बुद्विमान व्यक्ति ने अपने घोड़े को हरेभरे क्षेत्र की ओर मोड़ दिया। उस स्थान पर पहुंचकर जब वह अपने घोड़े से उतर रहा था तो उसने एक विचित्र घटना घटते देखी। उसने देखा की बाग़ का बाग़बान थकामांदा सेब के एक वृक्ष के नीचे मुंह खोले हुए सो रहा है। यह देखकर उसे हंसी आ गई किंतु उसने स्वयं से कहा कि उचित यह होगा कि मैं शांत रहूं कहीं एसा न हो कि सोता हुआ यह बाग़बान उठ जाए। बुद्विमान व्यक्ति जिस समय सोते हुए बाग़बान को देख रहा था तो एकदम से पेड़ के ऊपर से एक बिच्छु उस बाग़बान में मुंह में जा गिरा जो मुंह खोले पेड़ के नीचे सो रहा था। बाग़बान इतना थका हुआ था कि उसे इस बात आभास ही नहीं हो सका। उसने सोते हुए अपना मुंह बंद किया और मुंह में गिरी वस्तु को निगल गया। बुद्विमान व्यक्ति, जिसने इस घटना को देखा और जो बाग़बान की बिगड़ने वाली स्थिति से भलिभांति अवगत था, चिल्ला-चिल्लाकर बाग़बान को उठा दिया और बिना किसी भूमिका के उसे कोड़े से मारना आरंभ कर दिया। बेचारा बाग़बान जो बुद्विमान की आवाज़ से उठा था, आंख खोलते ही उसे कोड़े की मार सहना पड़ी। बाग़बान ने चीख़ते हुए कहा कि तुम कौन हो, मेरे बाग़ में क्या कर रहे हो, क्यों चिल्ला रहे हो, और तुम क्यों मुझको मार रहे हो? बुद्विमान ने बाग़बान की एक न सुनी और उसको कोड़े मारते हुए कहा जल्दी करो, खड़े हो जाओ, और धरती पर जो सड़े हुए फल पड़े हैं उनको खाना आरंभ कर दो। बाग़बान, जिसे यह पता नहीं था कि उसपर क्या विपत्ती आन पड़ी है, स्वयं से कहा कि जब यहां पर अच्छे और सुन्दर फल मौजूद हैं तो क्यों मैं धरती पर पड़े सड़े हुए फल खाऊं। अभी वह यही सोच रहा था कि बुद्विमान व्यक्ति ने बाग़बान की पिटाई जारी रखते हुए कहा कि या पिटाई को सहन करो अन्यथा सड़े हुए फल खाओ। बुद्विमान व्यक्ति बाग़बान की एक नहीं सुन रहा था। यही कारण था कि वह घुड़सवार का मुक़ाबला नहीं कर पा रहा था। बुद्विमान शक्तिशाली भी था और उसके हाथ में कोड़ा भी था। वह बाग़बान को इस बात के लिए निरंतर विवश कर रहा था कि वह सड़े-गले फल खाए। बाग़बान ने अनिच्छा से कुछ सड़े हुए फल खा लिए। उसने इतने अधिक सड़े फल खा लिए थे कि अब उसके पेट में बिल्कुल जगह नहीं रह गई थी। उसने बुद्धिमान व्यक्ति से विनती करते हुए कहा कि तुमको ईश्वर की सौगंध मुझको छोड़ दो। कम से कम इतना तो बताओ कि मैंने एसा कौन सा पाप किया है जिसके कारण मार भी खाऊं और सड़े हुए फल भी? ईश्वर की सौगंध अब मेरे पेट में बिल्कुल भी जगह नहीं है। मेरी तबीयत बहुत ख़राब होती जा रही है। बुद्विमान व्यक्तित घोड़े पर सवार हुआ और बाग़बान से बोला कि मैं तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ूंगा। अब तुम उसी पेड़े के नीचे जाकर दौड़ लगाओ जिसके नीचे तुम सो रहे थे। बाग़बान ने वैसा ही किया जैसा उससे बुद्विमान व्यक्ति ने कहा था। अब बाग़बान दौड़ भी रहा था और कोड़े भी खा रहा था। बाग़बान की स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही थी। दौड़ते-दौड़ते और कोड़े खाते-खाते एक समय एसा आ गया कि जब बाग़बान ज़मीन पर गिर पड़ा और उसे उल्टी आ गई। वह बुद्विमान के भय से औंधे मुंह पड़ा हुआ था क़ै करने के बाद उसने बुद्विमान व्यक्ति की ओर गिड़गिड़ाते हुए देखा तो अब उस व्यक्ति के मुख पर क्रोध का कोई चिन्ह नहीं था बल्कि वह मुस्कुरा रहा था। बाग़बान उस बुद्विमान के व्यवहार में बदलाव के कारण को समझ नहीं पा रहा था। बुद्विमान, बाग़बान के निकट आया, कोड़े को एक किनारे डाला और बहुत ही विनम्रता के साथ कहा कि मुझको क्षमा कर दो। मेरे पास इसके अतिरिक्त कोई अन्य मार्ग नहीं था कि मैं तुमको बलपूर्वक सड़े हुए फल खाने के लिए विवश करूं। इसके पश्चात मैंने तुमको दौड़ने पर विवश किया ताकि तुम्हारी तबीयत ख़राब हो जाए और तुमने जो कुछ खाया है उसको क़ै कर दो। बाग़बान बहुत ही आश्चर्य से उसकी बातें सुन रहा था किंतु उसे बुद्विमान की बातें समझ में नहीं आ रही थीं। बुद्विमान ने बाग़बान से कहा कि तुमने जो क़ै की है उसे देखो क्या तुमको उसमें मरा हुआ बिच्छू दिखाई नहीं दे रहा है?बाग़बान ने बिच्छु को देखा और कांपते हुए चिल्ला कर कहा कि बिच्छु-बिच्छु। मेरे पेट में बिच्छु क्या कर रहा था? बुद्विमान व्यक्ति ने बाग़बान के पेड़ के नीचे मुंह खोलकर सोने और फिर उसके मुंह में बिच्छू गिर जाने की पूरी बात उसे बताई। फिर उसने कहा कि यदि मैं तुमको यह बताता कि तुम्हारे पेट में बिच्छु चला गया है तो तुम भय के कारण मर जाते। इसलिए मैंने सोचा कि तुम्हारे शरीर में बिच्छू का विष फैलने से पहले मैं कोई एसा काम करूं जिससे बिच्छू पेट से बाहर निकल आए। सड़े हुए फल खाना और फल खाकर दौड़ लगाने से ही यह ही संभव था अतः मेरे पास इस हिंसक या कठोर व्यवहार कि अतिरिक्त कोई अन्य मार्ग नहीं था। कृप्या मुझको क्षमा कर दो। यह सुनकर बाग़बान को यह बात समझ में आई कि घुड़सवार कोई निर्दयी व्यक्ति नहीं था बल्कि वह एक बहुत ही बुद्विमान व्यक्ति था और उसकी बुद्विमानी के ही कारण उसकी जान बच सकी। वह उसके पैरों पर गिर पड़ा। वह कोड़े से पड़ी मार के दर्द भूल गया और लागातार बुद्विमान का आभार व्यक्त करता जा रहा था। बुद्विमान ने हंसते हुए कहा कि मैं तुम्हारे बाग़ की ओर विश्राम करने के लिए आया था किंतु संभवतः भाग्य में यह लिखा था कि मैं दिखावटी हिंसा का व्यवहार करके तुमको नींद से उठाऊं.