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    राजा की असाध्य बीमारी-१

    राजा की असाध्य बीमारी-१
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    प्राचीनकाल में एक राजा किसी असाध्य बीमारी में घिर गया। राजा की बीमारी का पता चलने के पश्चात उसके मंत्रियों और वैधों ने एक स्थान पर बैठकर राजा के उपचार के बारे में विचार-विमर्श किया। उन्होंने तै किया कि राजा के उपचार के लिए अच्छे से अच्छे वैध को दरबार में लाया जाए ताकि वह राजा का उपचार कर सके। राजा के उपचार के उद्देश्य से बहुत से वैध आए किंतु उनमें से कोई भी राजा का उपचार नहीं कर सका। राजा के उपचार के लिए जो भी वैध आता था वह उसकी असाध्य बीमारी के कारण अपने प्रयासों में विफल रहता था। आने वाले वैधों का कहना था कि राजा को विचित्र बीमारी है इसलिए हमें यह समझ में नहीं आ रहा है कि उन्हें क्या दवाई दी जाए। यह बात कहकर बहुत से वैध वापस चले गए। राजा की बीमारी को लंबा समय व्यतीत हो गया किंतु कोई उसका इलाज नहीं कर सका। इसी बीच पता चला कि यूनान में एक बहुत ही अनुभवी और दक्ष वैध है। कहते हैं कि उसके यहां से कोई भी बीमार अभी तक निराश वापस नहीं गया है। जब यह बात राजा को ज्ञात हुई तो उसने अपने अधिकारियों को आदेश दिया कि मेरे उपचार के लिए उस वैध को यूनान से यहां पर लाया जाए। राजा के आदेश के पश्चात उसका एक मंत्री अपने कुछ विश्वस्त लोगों के साथ तीव्र गति से चलने वाले घोड़े पर सवार होकर यूनान रवान हो गया। उस वैध के बारे में उनके पास जो निशानियां थीं उनके आधार पर उन लोगों ने वैध को ढूंढ लिया। उन्होंने वैध को राजा की स्थिति बताई और उससे अनुरोध किया कि राजा के उपचार के उद्देश्य से वह उनके साथ उनके देश चले। यूनानी वैध ने उनकी बात मान ली। राजा का मंत्री यूनानी वैध को लेकर राजा की सेवा में पहुंचा। राजा ने वैध को बड़े ही सम्मान के साथ अपनी सेवा में स्वीकार किया। राजा ने वैध से कहा कि मैंने तुम्हारी दक्षता के बारे में बहुत कुछ सुना है। मेरे देश के वैध मेरा उपचार करने में अक्षम रहे हैं। मुझको इस बात की आशा है कि तुम मेरे असाध्य रोग का उचित उपचार करोगे। यदि तुम मेरा उपचार कर देते हो तो मैं तुमको बहुत अच्छा इनाम दूंगा। यूनानी वैध ने अलग-अलग समय पर विभिन्न प्रकार से राजा का मोआएना किया और उसे कुछ दवाएं दीं किंतु राजा की स्थिति में कोई भी परिवर्तन देखने में नहीं आया। अंततः यूनानी वैध ने राजा के मंत्रियों और वहां के विख्यात वैधों को बुलाकर उनके साथ विचार-विमर्श किया। वैध ने कहा कि मैं ईमानदारी के साथ कहना चाहता हूं कि राजा को एक विचित्र एव असाध्य बीमारी है। उसे ऐसी बीमारी है जो संभवतः लाखों नहीं बल्कि करोड़ों लोगों में से किसी एक को होती है। यूनानी वैध ने कहा कि राजा जिस रोग में ग्रस्त है इसका उपचार संभव नहीं है और यह बहुत ही कम समय में बीमार को मार देता है। वैध की बात सुनकर राजा के एक मंत्री ने बहुत ही आश्चर्य से कहा कि क्या वास्तव में राजा का उपचार संभव नहीं है? उसने कहा कि क्या हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहें और राजा की मृत्यु की प्रतीक्षा करें। यदि शासक मर जाए तो देश में अशांति फैल जाएगी और शासन व्यवस्था के लिए समस्याएं उत्पन्न हो जाएंगी अतः तुमको राजा की बीमारी के लिए अवश्य कोई एसी दवा ढूंढनी चाहिए जो उसे कुछ समय तक जीवित रख सके। मंत्री की यह बात सुनकर यूनानी वैध ने कहा कि हर समस्या का समाधान संभव है अतः हमें निराश नहीं होना चाहिए। उसने कहा कि राजा के उपचार के बारे में और अधिक शोध करूंगा। हो सकता है कि ईश्वर मेरी सहायता करे और उसके लिए कोई दवा मिल जाए। मंत्री ने कहा कि मुझको आशा है कि वह दवाई मिल जाएगी। राजा के मंत्री ने यूनानी वैध से कहा कि तुमको जिस चीज़ की आवश्यकता हो हम उसे उपलब्ध करवाएंगे और तुमको जितना पैसा चाहिए हम तुमको देंगे। वैध ने कहा कि मुझको पैसों की आवश्यकता नहीं है। राजा को निश्चित मृत्यु से बचाने के लिए मैं अपने हरसंभव प्रयास करूंगा। उसने कहा कि मुझको कुछ अनुभवी वैधों की आवश्यकता है जो इस संबन्ध में मेरी सहायता करें ताकि राजा के लिए दवाई बनाई जा सके। राजा के मंत्री ने यूनानी वैध की बात स्वीकार कर ली और कहा कि तुम जिस वैध का चयन करना चाहो करो और हम तुम्हारे अधिकार में अच्छी प्रयोगशाला भी देंगे। हमारी ईश्वर से प्रार्थना है कि तुमको अपने कार्य में सफलता प्राप्त हो। यूनानी वैध ने चुने हुए अनुभवी वैधों के साथ अपना कार्य आरंभ किया। दस दिनों के पश्चात उसने एक विचित्र दवा तैयार की और पुनः मंत्रियों और अन्य वैधों को एकत्रित करके उनसे कहा कि मैंने राजा के असाध्य रोग के लिए दवा ढूंढ ली है किंतु अपने इस कार्य से मैं प्रसन्न नहीं हूं। मंत्री ने बहुत ही आश्चर्य से पूछा कि क्यों? तुम क्यों प्रसन्न नहीं हो? वैध ने कहा कि उसका कारण यह है कि राजा की बीमारी के उपचार के लिए हम किसी व्यक्ति की जान लेने पर विवश हैं। मंत्री ने यह बात सुनकर बहुत ही आश्चर्य से पूछा कि तुम क्या कहना चाहते हो। यदि हो सके तो कुछ स्पष्ट ढंग से बात करो। राजा के उपचार और किसी मनुष्य के जीवन से उसका क्या संबन्ध है। वैध ने कहा कि राजा की बीमारी किसी भी दवा से ठीक नहीं होगी मगर इसके लिए किसी व्यक्ति के पित्ते की आवश्यकता है जिसमें कुछ विशेषताएं पाई जाती हों। वैध की बात सुनकर मंत्री और अन्य लोग चिन्तित हो गए। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यूनानी वैध ने कहा कि अब जाओ और उस व्यक्ति को ढूंढ कर लाओ जिसमें वे विशेषताएं पाई जाती हों जो मेरे दृष्टिगत हैं। वैध की बात पर मंत्री ने पूछा कि उस व्यक्ति में कैसी विशेषताएं होनी चाहिए। (जारी है)