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    वा बेक़ुव्वतेकल्लती क़हरता बेहा कुल्ला शैएन 1

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    पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन

    लेखकः आयतुल्लाह हुसैन अंसारीयान

     

    وَ بِقُوَّتِکَ الَتِی قَھَرتَ بِھا کُلَّ شَیء

    “वा बेक़ुव्वतेकल्लती क़हरता बेहा कुल्ला शैएन”

    और उस क़ुदरत के वास्ते से है जो प्रत्येक चीज़ पर प्रभुत्व रखता है।

    ईश्वर की क़ुदरत एंव शक्ति उसकी ऐन ज़ात तथा बिनिहायत और अनंत है, संसार की सारी शक्तिया उसकी शक्ति के सामने कुछ भी नही है, किसी भी शक्तिमान की शक्ति ईश्वर की शक्ति की तुलना मे नियमित नही है, सारी शक्तिया उसकी शक्ति के किरणो की एक झलक हैलो,

     

    لَا حَولَ وَ لَا قُوَّۃَ إِلَّا بِاللہ

     

    “ला होला वला क़ुव्वता इल्लाबिल्लाह”

    पिछले पृष्ठो मे “कुल्लो शैएन” से समबंधित संक्षिप्त रूप से उल्लेख किया गया जिसका परिणाम यह निकला कि कुल्लो शैएन अर्थात सभी प्राणी एंव सारी चीज़े जो जिन्होने उसकी इच्छानुसार जन्म लिया है उनकी संख्या एंव उनमे से बहुत सारी चीज़ो की कैफ़ियत से उसके (ईश्वर) के अलावा कोई भी अवगत नही है तथा प्रलय के दिन तक भी कोई अवगत नही हो सकता।