islamic-sources

    1. home

    2. article

    3. सिफ़ाते जलाले ख़ुदा

    सिफ़ाते जलाले ख़ुदा

    Rate this post

    ख़ुदा हमेंशा से है और हमेंशा रहेगा वह समस्त नुक़्स व ऐब से पाक व पवित्र है। प्रत्येक कम व बेशि से दूर है, वह उपस्थित जैसी उपस्थित नहीं है कि शरीर का मोह्ताज हो या विभिन्न प्रकार किसी आज ज़ा से पैदा नहीं है कि किसी स्थान को पुर करे या क़ाबिले लम्स या दिख़ाई देता हो वह न पृथ्वी में दिख़ाई देगा और न आख़ेरत में।

    वह कोई उपस्थित चीज़ नहीं है की क़ाबिले परिवर्तन या परिवर्धन हो, और उस में कोई मद्दि शैई प्रवेश कर नहीं सकती, और यही वजह है की वह व्याधि में नहीं पढ़ता, उस को भूक नहीं लग्ती, निन्द नहीं अती, अल्लाह पर बूढ़ापे व जवानी का कोई प्रभाब नहीं होता।

    वह ला-शरीक है यानी उस का कोई शरीक नहीं है, बल्कि वह एक है, जो उस के सिफ़ात है वही उस की ज़ात है, वह हमारे जैसा मख़लूक़ नहीं है अल्लाह प्रत्येक चीज़ से पाक व पवित्र है। और उस को किसी चीज़ की जरुरत नहीं पड़ती और न परामर्श की ज़रुरत और न सहायता, उज़िर, न लश्कर, माल, सर्वत की ज़रुरत पड़ती है।