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    106 सूरए क़ुरैश

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    106 सूरए क़ुरैश का अनुवाद

    शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो रहमान और रहीम है।

    1- (अबरहे और उसकी सेना का इस लिए विनाश किया गया) कि क़ुरैश को (इस मुक़द्दस ज़मीन अर्थात मक्के से) मुहब्बत हो जाये।

    2- ताकि (इस मुहब्बत के कारण) वह सर्दी और गर्मी की उन यात्राओं से जो उन्हे बहुत अधिक प्रियः है। (पलट कर यहाँ पर आयें।)

    3- अतः उन्हें चाहिए कि इस घर के मालिक(अल्लाह) की इबादत करें।

    4- जिसने उनकी भूक को दूर कर उनको भय मुक्त बनाया।