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    2- अद्ल

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    पर्वरदिगारे जहान अदिल है, और इंसानों के समस्त अधिकार उनके निकट संरक्षण है वह किसी के अधिकर को नष्ट नहीं करता, और न किसी एक को बगैर कारण के पार्थक करता हैं।

    सार के तौर पर कहा जाएं ख़ुदा वन्दे आलम समस्त जाहानों पर अद्ल के माध्यम हुक़ूमत करता है (वह किसी के उपर अत्याचर नहीं करता)।

    अद्ल के लिए प्रथम शर्त हैं कि उदाहरण के तौर परः किलासों में अद्ल तक़ाज़ा करता हैं कि समस्त छात्र को अद्ल के मुताबिक़ सब छत्र को नम्बंर दिया जायें, नाकि सब को बराबर नम्बंर मिल जाये।

    हक़ीक़त में बिअदालती की प्रसंसा यह है की किसी को आपने हक़ से दूर करना या बचींत करना या समस्त मौजुदाते जहान अल्लाह के उपर कोई हक़ नहीं रख़ते इस का अर्थ यह हुआ कि अल्लाह की ख़लक़ में पार्थक हैं। और यह भी अदालत का नतीजा हैं. और यह काम कुर्सी व मक़ाम तलबी की पहचान हैं, हलाकिं ख़ुदा इन प्रकार के काम-काजों से दूर है, चुकिं वह आलिम व हाकिम है कोई भी काम अपनी मस्लहत के बग़ैर सम्पादन नहीं करता और जो कुछ इस पृथ्वी में उपस्थित है सब कुछ उस की मस्लहत की मुताबिक़ है। अगर हम सब उनकी मस्लहत का फैसला करना चाहे माना यह हुआ की हम सब उनकी मस्लहत से वाक़िफ़ नहीं है। उदाहरण के तौर पर जैसा की हम लोग ज्ञान रखते है कि एक डॉक्टर किसी एक व्याधि मरीज़ को दवा लिख़ा हलाकिं वह डॉक्टर व्याधि की मस्लहत के मुताबिक़ दवा लिख़ा लेकिन हम सब उन मस्लहत से वाक़िफ़ नहीं है या नहीं जानते।

    एक रिवायेत में है की हज़रत मूसा (अ)-ने पर्वरदिगार से प्रर्थना कि जिस में प्रकाश के तौर पर कुछ समस्या नज़र दिखाई देता है।

    आप पर वही नाज़िल हुई की तुम एक मैदान में चले जाओ और एक पानी के चशमें के कीनारे जा बैठो और उसका प्रदर्शन करते रहो।

    हज़रत मूसा (आः) वहाँ गये, जाके देख़ा कि एक घुड़ा सवार ने पानी पर चलना शुरु कि और कुछ देर के बाद वहाँ से चल दिये, और आपने पैसे का थैला उस स्थान पर छोड़ कर चला आया था. एक बालक आके उस पैसे का थैला लेके चले गये. फिर एक बूढ़ा अंधा मर्द आया. चाहा वज़ू करे इस हाल में वह व्यक्ति जो आपने पैसे का थैला छोड़ कर चला गया था वह आके आपने पैसे का थैला ले-लिया, और उस बुढ़े मर्द पर शक किया, बिल अख़र नतीजे में बुड़ा नाबीना मर्द क़त्ल हो गये।

    यह सब घटना देख़कर हज़रत मूसा (अ) बहुत असंतूष्ट हुए फौरान आप पर वही नाज़िल हुई,ऐं मूसा असंतूष्ट होने कि कोई बात नहीं क्योंकि वह बूढ़ा नाबीना ने घुड़ा सवार बच्चे के पिता के माल को चूरया था हालाकिं वह माल बच्चे के विरासत में था वह माल अस्ल मालिक के पास लौटा दिया गया है, और यह ना-बिना घुड़ा सवार के पिता को क़त्ल किया था, और यही कारण है कि उस को अस्ल शास्ति में पहंचा गया है।

    यही है अद्ल का एक नमूना और पृथ्वी में ख़ुदा वन्दे आलम का फैसला।

    लेकिन ख़ुदा वन्दे आलम का फैसला सब इंसानों के लिए क़यामत में ज़ाहिर होगा।