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    अशीष समाप्ती के कारण 1

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: पश्चताप दया की आलंगन पवित्र क़ुरआन के स्पष्ट छंदो से क्रमशः सुरए इसरा के छंद (आयत) 83, सुरए क़िस्स के छंद 76 से 79, सुरए अलफ़ज्र छंद 17 से 20 तथा सुरए अल्लैल के छंद 8 से 10 तक निम्नलिखित बाते समझ मे आती है, जोकि अशीषो मे गिरावट […]

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    गुरूवार रात्रि 4

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल   हमने इस से पूर्व गुरुवार रात्रि 3 के लेख मे शिया समप्रदाय के इमाम ने गुरुवार रात्रि के महत्तव को बयान किया है।और इमाम सादिक ने महत्व का इस प्रकार उल्लेख किया है। इमाम सादिक़ (अ.स.) ने कहाः गुरूवार रात्रि मे पाप से बचो क्योकि […]

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    गुरूवार रात्रि 3

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल   हमने इस से पूर्व गुरुवार रात्रि 2 के लेख मे याक़ूब नबी से संम्बंधित बात बताइ थी परन्तु इस भाग 3 मे गुरुवार रात्रि के महत्तव को शिया समप्रदाय के इमाम ने इस प्रकार बयान किया है। इमाम बाकिर[१] (अ.स.) ने कहाः प्रत्येक गुरुवार […]

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    गुरूवार रात्रि 2

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल   हमने इस से पूर्व गुरुवार रात्रि के लेख मे गुरुवार रात्रि का महत्व बताते हुए कहा था कि प्रार्थना के लिए रात्रियो मे सबसे अच्छी एवं उपयुक्त गुरुवार रात्रि को जाना है, और गुरूवार रात्रि के महत्व एवं उसकी महानता को रमज़ान महीने की […]

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    गुरूवार रात्रि 1

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल   ईश्वरीय दूत के पवित्र परिवार वालो (अहलेबैत अ.स.) के कथनो मे प्रार्थना के लिए रात्रियो मे सबसे अच्छी एवं उपयुक्त गुरुवार रात्रि को जाना है, और गुरूवार रात्रि के महत्व एवं उसकी महानता को रमज़ान महीने की विशेष रात्रि (शबे क़द्र) के बराबर […]

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    आशीषो को असंख्य होना 6

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: तोबा आग़ोश   ऊपरी ब्राह्मांड के अंतरिक्ष और प्रकाश प्रदान करने द्वारा की गई सेवाओ, परिसंचरण, अवशोषण और आकर्षण, और मानव जीवन मे उतार चढ़ाव, और उसके अधिकांश तत्व इस प्रकार है कि यदि हम सितारो से घिरे हुए आकाश को तीन सौ सितारे प्रति मिनट गणना करें […]

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    अशीषो का असंख्य होना 5

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत   आशीषो का असंख्य होना भाग 4 मे हमने कुच्छ बाते मिट्टी के बारे मे बताइ थी। खाद्य और पेय पदार्थो को अवशोषित करने हेतु मानव प्रतिभा भोजन करने के लिए मुहं, दांत, जीभ, लार ग्रंथियो, ग्रसनी, घेघा, पेट, अग्न्याशय, बड़ी आंत, छोटी आंत और […]

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    आशीषो को असंख्य होना 4

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत   इस से पूर्व हमने ह्रदय संबंधित बाते बताइ थी। इस तथ्य के आधार पर, आक्सीजन, हाइड्रोजन और नाईट्रोजन के परमाणुओ की संख्या एंव मिट्टी बनाने वाले कणो की संख्या, मूल (जड़), तना, डाली और वृक्षो के पत्ते, फ़ल एंव और जो भी आकाश और […]

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    अशीषो का असंख्य होना 3

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत इस से पूर्व हमने मानव की रचना के चरणो को बयान किया था। इन सब चरणो और मनज़िलो से गुज़रने के पश्चात वीर्य पूर्णतः मानव मे परिवर्तित हुआ है। अस्तित्व और अपने रहस्यमय इमारत मे सेल्स की संरचना, रक्त का परिसंचरण, श्वसन की प्रिक्रिया, मस्तिष्क, […]

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    आशीषो को असंख्य होना 2

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत पवित्र क़ुरआन मनुष्य की रचना (निर्माण, ख़िलक़त) हेतु कहता हैः وَلَقَدْ خَلَقْنَا الاْنسَانَ مِن سُلاَلَة مِن طِين वलाक़द ख़लक़नल इन्साना मिन सुलालतिम मिन तीन[1] हमने इन्सान को शुद्ध मिट्टी के सोत्र से बनाया है। ثُمَّ جَعَلْنَاهُ نُطْفَةً فِي قَرَار مَّكِين सुम्मा जाअलनाहु नुतफ़तन फ़ी क़रारिम्मकीन[2] […]

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    आशीषो को असंख्य होना 1

    Rate this post किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत   हम ध्यान पूवर्क क़ुरआन के एक छंद (आयत) से यह अर्थ समझते है कि परमेश्वर द्वरा निर्मित आशिषे इतनी अधिक है, किसी गणना करने वाले व्यक्ति के पास चाहे जितनी अदभुद शक्ति ही क्यो नहो, इनकी (आशीषो) गणना करने से अक्षम (शक्ति नही रखता) है। وَلَوْ […]

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    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 12

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल! ईश्वर कृपालू, दयालू, महान एंव विनम्र है, उसने हमे अपनी नैतिकता एंव गुणो से अवगत किया है तथा आदेश दिया है कि हम अपने स्वभाव मे उसकी नैतिकता को उतारे और लोगो को उसकी नैतिकता ग्रहण करने पर मजबूर करे। […]

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    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 11

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, आदिल इमाम के बिना (अर्थात इमाम की अनुमति के) जंग और जेहाद नही है एंव सामुहिक रूप मे नमाज़ पढ़ने मे कोई वांछनीय (इसतेहबाब) नही है किन्तु उस इमाम के पीछे जो गुणवान हो (अर्थात सामुहिक रूप से नमाज़ […]

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    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 10

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान हे कुमैल, नमाज़ पढ़ो रोज़ा रखो अथवा दान करो यह कार्य नही है बलकि कार्य यह कि तुम्हारी नमाज़ हृदय की पवित्रता ईश्वर के अनुकूल एंव पूर्ण विनम्रता के साथ होनी चाहिय; और यह ध्यान दो कि तुम किस वस्त्र मे किस धरती […]

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    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 9

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, विलायत तथा मित्रता के माध्यम से स्वयं को बचाओ ताकि शैतान तुम्हारे धन एवं संतान मे भाग न ले। हे कुमैल, तुम्हारे पाप निश्चित रूप से पुण्यो से अधिक, परमात्मा के प्रति लापरवाही लगन से अधिक, तथा परमात्मा की […]

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    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 8

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, कठिनाई के समय (ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह) कहो कि परमेश्वर इसके द्धारा तुम्हे बचाता है। अशीष प्राप्ति के समय (अलहम्दो लिल्लाह) कहो कि इसके द्धारा परमेश्वर अशीषो को अधिक करता है। यदि तुम्हे रोज़ी विलम्ब से प्राप्त […]

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    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 7

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, यदि तुम अपने भाई से प्यार नही करते, तो तुम उसके भाई नही हो, विश्वासयोग्य वह व्यक्ति है जो हम निर्दोषो (आइम्मए मासूमीन अ.स.) की आज्ञा का पालन करे तथा हमारे कथन कहे; जो व्यक्ति हमारे कथनो का उल्लंघन करे […]

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    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 5

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, प्रत्येक वर्ग के कुच्छ लोग दूसरे लोगो से बौद्धिक रूप से ऊपर होते है; बस गिरे हुए मानव के संघ जिराह और संघर्ष करने से बचो। यदी कोई अपशब्द सुनो तो उसे सहन करो और उनमे से हो जाओ जिन्हे […]

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    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 4

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल   हे कुमैल, अपने पेट को भोजन से पूर्ण नकरो पानी और श्वसन के लिए कुच्छ स्थान खाली रखो भोजन करना उस समय तक बंद नकरो जब तक तुम उसके इच्छुक हो यदि ऐसा किया तो भोजन से तुम शक्ति प्राप्त करोगे और यह […]

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    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 3

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल हे कुमैल, भोजन करने मे किसी को अपना साथी बनाओ और लोभ नकरो, क्योकि तुम लोगो को रोज़ी नही देते, और तुम्हारे इस कार्य (अर्थात भोजन करने मे किसी दूसरे व्यक्ति को साथी बनाने) पर ईश्वर बड़ा पुरुस्कार प्रमाणित करता है। अपनी नैतिकता को […]

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