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    रियासत-ए-इस्राईल की हक़ीक़त – 8

    Rate this post यहूदी रियासत का हक़: “ग़ैर तो ग़ैर हुए अपनों का भी याराना हुआ” के मुस्दाक़ कुछ मुसलमान भाइयों का भी यह ख़याल है कि इस्राईल यहूदियों का हक़ था। या यह कि चूंकि इस्राईल बन चुका है इसलिये इस हक़ीक़त को स्वीकार कर लेना चाहिये। जहां तक रियासत के हक़ का मामला […]

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    रियासत-ए-इस्राईल की हक़ीक़त – 7

    Rate this post दहशतगर्द हुक्मरां : चीफ़-ऑफ़-स्टाफ़ इस्राईल आर्म्ड फ़ोर्सेज़ तो 1953 ईसवी में ही एक बदनाम-ज़माना आतंकवादी मोशे दायान बन गया था मगर सैहूनी आतंकवादी संगठन (अरगोन, लेही, हेरोत, लेकोड इत्यादि) इस्राईल में 1977 ईसवी तक हुकूमत में न आ सकीं। इसके बावुजूद फ़िलिस्तीनी मुसलमानों पर ज़ुल्मो-तशद्दुद होता रहा। 1977 ईसवी में अरगोन के लीडर मनाख़म बेगन ने प्रधानमंत्री बनते ही ग़ज़ा और […]

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    रियासत-ए-इस्राईल की हक़ीक़त – 6

    Rate this post बीस मीटर या छियासठ फ़ीट ऊंची दीवार कैसे टूटी: मिस्री सेना के एक तबक़े पर 1967 ईसवी की पराजय ने गहरा असर छोड़ा था। अनवरुस्सादात के राष्ट्रपति बनते ही उन्होंने अपना सहरा-ए-सीनाई का इलाक़ा इस्राईल से वापस लेने की तजावीज़ देना शुरु कर दीं। उस समय तक इस्राईल ने बुलडोज़रों की मदद से स्वेज़ […]

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    रियासत-ए-इस्राईल की हक़ीक़त – 5

    Rate this post सैहूनियों का तौसीई प्रोग्राम पर अमल-दर-आमद: इस्राईल ने 1955 ईसवी में ग़ज़ा और जॉर्डन की शहरी आबादियों पर छापे मारने आरंभ कर दिये जिससे फ़िलिस्तीनी मुसलमान तो मरते रहे मगर इस्राईल को ख़ास फ़ायदा न हुआ। 1956ईसवी में बरतानिया, फ़्रांस और इस्राईल ने मिस्र पर भरपूर आक्रमण कर दिया, जिसमें मिस्र के हवाई-अड्डों को भी निशाना बनाया […]

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    रियासत-ए-इस्राईल की हक़ीक़त -4

    Rate this post चंद मशहूर आतंकवादी लीडरों के नाम ये हैं: मोशे दायान, जो 1953 ईसवी से 1957 ईसवी तक इस्राईल की मुसल्लह अफ़वाज का चीफ़-ऑफ़-स्टाफ़ रहा। मनाख़म बेगन, जो 1977 ईसवी में इस्राईल का प्रधानमंत्री बना। तेज़क हाक शमीर, जो 1983 ईसवी में प्रधानमंत्री बना। एरियल शेरोन, जो मौजूदा प्रधानमंत्री है। मोशे दायान को आतंकवादी होने के बावजूद बरतानवी सेना में किसी ख़ास काम के लिये […]

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    रियासत-ए-इस्राईल की हक़ीक़त -3

    Rate this post सैहूनियों का आतंकवाद: सैहूनियों ने बैतुल-मुक़द्दस में किंग-डेविड होटल उड़ा दिया जिसमें 91 आदमी मारे गए और बहुत-से घायल हुए उनमें बरतानवी सैनिक, फ़िलिस्तीनी मुसलमान, ईसाई और कुछ यहूदी शामिल थे। यह दुनिया में पहला बारूदी आतंकवाद था। बरतानवी हुकूमत पहले ही मज़ीद यहूदियों को फ़िलिस्तीन में बसाने के अमरीकी दबाव से परेशान थी। बरतानवी सैनिकों […]

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    रियासत-ए-इस्राईल की हक़ीक़त -2

    Rate this post यहूदियों की भारी तादाद में नक़्ल-मकानी: यूरोप से मज़ीद यहूदी आने के कारण 1918 ईसवी में फ़िलिस्तीन में उनकी संख्या 67000के निकट थी। बरतानवी मर्दुम-शुमारी के मुताबिक़ (जोकि अरबों के हक़ में नहीं हो सकती थी)1922 ईसवी में यहूदियों की संख्या 11 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। यानी 667500 मुसलमान थे और 82500 यहूदी थे। 1930 ईसवी तक बरतानवी सरपरस्ती में मज़ीद 300000 से अधिक यहूदी […]

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    रियासत-ए-इस्राईल की हक़ीक़त -1

    Rate this post ऑस्ट्रियाई यहूदी थियोडोर हर्स्तल या तिफ़ादार हर्स्तल, जो बुडापेस्ट में पैदा हुआ और वियेना में शिक्षा पाई, सैहूनियत का बानी है। उसका असली नाम बिन्यामीन बताया जाता है। उसने एक किताब जर्मन भाषा में लिखी “डर्जोडन श्टाट” यानी ’यहूदी रियासत’ जिसका अंग्रेज़ी अनुवाद अप्रेल 1896 में आया। इस रियासत के क़याम के लिये अर्जेंटाइना या मध्य-पूर्व का इलाक़ा […]

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    विश्व क़ुद्स दिवस

    Rate this post क़ुद्स, पहला क़िबला और दुनिया भर के मुसलमानों का दूसरा हरम है यह फ़िलिस्तीन के उन दसियों लाख मुसलमानों की असली ज़मीन है जिसे आलमी इस्तेकबार ने ग़ासिब सेहयोनियों (जायोनियों) के हाथों आज से ठीक 60 साल पहले सन 1948 में अपने देश से निकाल कर क़ुद्स के ग़ासिब, सेहयोनी के हाथों […]

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    अंतर्राष्ट्रीय कुद्स दिवस

    Rate this post पवित्र रमज़ान धीरे-धीरे अपने अंत की ओर बढ़ रहा है और इस्लामी जगत, पवित्र रमज़ान के अंतिम शुक्रवार को एकजुट होकर पुनः ज़ायोनी शासन की वर्चस्ववादी प्रवृत्ति का विरोध करने और उसके अस्तित्व को चुनौती देने के लिए तैयार हो रहा है।  पिछले कुछ दशकों के दौरान मध्यपूर्व और इस्लामी जगत को […]

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    फिलिस्तीन इस्लामी जगत की एक बड़ी समस्या

    Rate this post मध्यपूर्व में तेज़ी से होने वाले परिवर्तन और सीरिया में संकट और उसे हवा देने हेतु पश्चिमी एवं क्षेत्र में उनकी घटक सरकारों के प्रयास,अतिग्रहित फिलिस्तीन के भुला देने का कारण बने हैं जबकि फिलिस्तीन इस्लामी जगत की सबसे बड़ी व महत्वपूर्ण समस्या है। यह एसी स्थिति में है जब ६५ वर्षों […]

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