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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 25

    Rate this post (35)   जनाब मिक़दाद बिन असवद हज़रत रसूले ख़ुदा स॰ और हज़रत अली के बहुत ही मोअतबर सहाबी थे। आख़री लम्हे तक हज़रत अमीर अ॰ की इमामत पर बाक़ी रहे और आपकी तरफ़ से दिफ़ा भी करते रहे। इमाम मुहम्मद बाक़र अ॰ की रिवायत के मुताबिक़ आपकी गिन्ती उन जली-लु-लक़द्र असहाब में होती है […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 24

    Rate this post (34)   जनाब जाबिर बिन अब्दुल्लाह अन्सारी आप रिसालते पनाह स॰ और हज़रत अमीर के जलीलुलक़द्र सहाबी थे। आँहज़रत स॰ की हिजरत से 15 साल पहले मदीने में पैदा हुए और आप स॰ के मदीना तशरीफ़ लाने से पहले इस्लाम ला चुके थे। आँहज़रत स॰ ने इमाम बाक़र अ॰ तक सलाम पहुँचाने का जि़म्मा आप ही […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 23

    Rate this post (33)   जनाब मुहम्मद बिन हनफि़या आप हज़रत अमीर के बहादुर साहबज़ाते थे। आपको अपनी मां के नाम से याद किया जाता है। इमाम हुसैन अ॰ का वह मशहूर ख़त जिसमें आपने कर्बला की तरफ़ सफ़र की वजह बयान की है, आप ही के नाम लिखा गया था। आपका इन्तिक़ाल 83 हि0 में हुआ और बक़ी में दफ़न […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 22

    Rate this post (32)   वाकि़या हुर्रा के शहीद कर्बला में इमाम हुसैन अलै0 की शहादत के बाद मदीने में एक ऐसी बग़ावत की आँधी उठी जिससे यह महसूस हो रहा था कि बनी उमय्या के खि़लाफ़ पूरा आलमे इस्लाम उठ खड़ा होगा और खि़लाफ़त तबदील हो जायेगी मगर मदीने वालों को ख़ामोश करने के लिये यज़ीद ने […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 21

    Rate this post (31)   शोहदाए ओहद यूँ तो मैदाने ओहद में शहीद होने वाले फ़क़त सत्तर अफ़राद थे मगर कुछ ज़्यादा ज़ख़्मों की वजह से मदीने में आकर शहीद हुए। उन शहीदों को बक़ी में एक ही जगह दफ़न किया गया जो जनाबे इब्राहीम की क़ब्र से तक़रीबन 20 मीटर की दूरी पर है। अब फ़क़त इन शोहदा […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 20 (18 – 30)

    Rate this post पैग़म्बर (स॰) की बीवियों की क़ब्रें बक़ीअ में नीचे दी गई अज़वाज की क़बरें हैं (18)   ज़ैनब बिन्ते ख़ज़ीमा     वफ़ात 4 हि0 (19)   रेहाना बिन्ते ज़ैद       वफ़ात 8 हि0 (20)   मारिया क़बतिया        वफ़ात 16 हि0 (21)   ज़ैनब बिन्ते जहश       वफ़ात 20 हि0 (22)   उम्मे हबीबा            वफ़ात 42 हि0 या 43 हि0 (23)   मारिया क़बतिया        वफ़ात 45 हि0 (24)   सौदा बिन्ते ज़मा        वफ़ात 50 हि0 (25)   सफि़या बिन्ते हई वफ़ात 50 हि0 (26)   जवेरिया बिन्ते हारिस     वफ़ात 50 हि0 (27)   उम्मे […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 19

    Rate this post (17)   जनाब अब्दुल्लाह बिन मसऊद आप बुज़ुर्ग सहाबी और क़ुरआन मजीद के मशहूर क़ारी थे। आप हज़रत अली अ॰ के मुख़लेसीन व जांनिसारों में से थे। आपको दूसरी खि़लाफ़त के ज़माने में नबीए अकरम स॰ से अहादीस नक़्ल करने के जुर्म में गिरफ़तार किया गया था जिसकी वजह से आपको अच्छा ख़ासा ज़माना […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 18

    Rate this post   (16)   जनाब अबु सईद ख़ुज़री रिसालत पनाह के जांनिसार और हज़रत अली अ॰ के आशिक़ व पैरू थे। मदीने में इन्तिक़ाल हुआ और वसीयत की बिना पर बक़ीअ में दफ़न हुए। रफ़त पाशा ने अपने सफ़रनामे में लिखा है कि आपकी क़ब्र की गिन्ती मारूफ़ क़ब्रों में होती है। इमाम रज़ा ने […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 17

    Rate this post   (15)   जनाब इस्माईल बिन सादिक़ आप इमाम सादिक़ अ॰ के बडे़ साहबज़ादे थे और आँहज़रत स॰ की जि़न्दगी ही में आपका इन्तिक़ाल हो गया था। समहूदी ने लिखा है कि आपकी क़ब्र ज़मीन से काफ़ी ऊँची थी। इसी तरह मोअत्तरी ने जि़क्र किया है कि जनाबे इस्माईल की क़ब्र और उसके शुमाल […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 16

    Rate this post (14)   जनाब उसमान बिन मज़ऊन आप रिसालते मआब स॰ के बावफ़ा व बाअज़मत सहाबी थे। आपने उस वक़्त इस्लाम कु़बूल किया था जब फ़क़त 13 आदमी मुसलमान थे। इस तरह आप कायनात के चैधवें मुसलमान थे। आपने पहली हिजरत में अपने साहबज़ादे के साथ शिर्कत फ़रमाई फिर उसके बाद मदीना मूनव्वरा भी हिजरत करके आये, जंगे […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 15

    Rate this post (13)   जनाब इब्राहीम बिन रसूलुल्लाह स॰ आपकी विलादत सातवीं हिजरी क़मरी में मदीना मुनव्वरा में हुई मगर सोलह सत्तरह माह बाद ही आपका इन्तिक़ाल हो गया। इस मौक़े पर रसूल सल0 मक़बूल ने फ़रमाया थाः इसको बक़ीअ में दफ़न करो, बेशक इसकी दूध पिलाने वाली जन्नत में मौजूद है जो इसको दूध पिलायेगी। आपके दफ़न […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 14

    Rate this post (12)   जनाब हलीमा सादिया आप रसूले इस्लाम सल0 की रज़ाई माँ थीं यानी आप ने जनाबे हलीमा का दूध पिया था। आपका ताल्लुक़ क़बीला साद बिन बकर से था। इन्तिक़ाल मदीने में हुआ और बक़ीअ के शुमाल मशरिक़ी सिरे पर दफ़न हुईं। आपकी क़ब्र पर एक आलीशान कु़ब्बा था। रिसालत मआब स॰ अकसर व […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 13

    Rate this post   (11)   जनाब आतिका बिन्ते अब्दुलमुत्तलिब आप रूसलुल्लाह सल0 की फूफी थीं। आपका इन्तिक़ाल मदीना मुनव्वरा में हुआ और बहन सफि़या के पहलू में दफ़न किया गया। रफ़त पाशा ने अपने सफ़रनामे में आपकी क़ब्र का तजि़क्रा किया है मगर अब सिर्फ़ क़ब्र का निशान ही बाक़ी रह गया है।

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 12

    Rate this post (10)   जनाब सफि़या बिन्त अब्दुल मुत्तलिब आप रसूले इस्लाम स॰ की फूफी और अवाम बिन ख़ोलद की बीवी थीं, आप एक बहादुर और शुजाअ ख़ातून थीं। एक जंग में जब बनी क़रेज़ा का एक यहूदी, मुसलमान औरतों के साथ ज़्यादती के लिए खे़मों में घुस आया तो आपने हसान बिन साबित से उसको क़त्ल करने […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 11

    Rate this post (9)    जनाब उम्मुल बनीन अ॰ आप हज़रत अली अ॰ की बीवी और हज़रत अबुल फ़ज़्ल अब्बास अ॰ की माँ हैं,साहिबे ‘‘मआलिकुम मक्का वलमदीना’’ के मुताबिक़ आपका नाम फ़ात्मा था मगर सिर्फ़ इस वजह से आपने अपना नाम बदल दिया कि मुबादा हज़रात हसन व हुसैन अ॰ को शहज़ादी कौनेन अ॰ न याद आ जायें और […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 10

    Rate this post (8)    जनाब अब्दुल्लाह इब्ने जाफ़र आप जनाब जाफ़र तैयार ज़लजिनाहैन के बड़े साहबज़ादे और इमाम अली अ॰ के दामाद (जनाब ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा के शौहर) थे। आपने दो बेटों मुहम्मद और औन को कर्बला इसलिये भेजा था कि इमाम हुसैन अ॰ पर अपनी जान निसार कर सकें। आपका इन्तिक़ाल 80 हि0 में हुआ और बक़ीअ में […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 9

    Rate this post (7)    जनाबे अक़ील इब्ने अबूतालिब अ॰ आप हज़रत अली अ॰ के बड़े भाई थे और नबीए करीम स॰ आपको बहुत चाहते थे,अरब के मशहूर नस्साब थे और आप ही ने हज़रत अमीर का अक़्द जनाब उम्मुल बनीन से कराया था। इन्तिक़ाल के बाद आपके घर (दारूल अक़ील) में दफ़न किया गया, जन्नतुल बक़ी को […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 8

    Rate this post (6)    जनाबे अब्बास इब्ने अब्दुल मुत्तलिब आप रसूले इस्लाम स॰ के चचा और मक्के के शरीफ़ और बुजर्ग लोगों में से थे,आपका शुमार हज़रत पैग़म्बर स॰ के चाहने वालों और मद्द करने वालों, नीज़ आप स॰ के बाद हज़रत अमीरूल मोमेनीन के वफ़ादारों और जाँनिसारों में होता है। आमुलफ़ील से तीन साल पहले विलादत […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 7

    Rate this post (5)    जनाबे फ़ात्मा बिन्ते असद आप हज़रत अली की माँ हैं और आप ही ने जनाबे रसूले ख़ुदा स॰ की वालिदा के इन्तिक़ाल के बाद आँहज़रत स॰ की परवरिश फ़रमाई थी, जनाबे फ़ातिमा बिन्ते असद को आपसे बेहद उनसियत व मुहब्बत थी और आप भी अपनी औलाद से ज़्यादा रिसालत मआब का ख़याल रखती […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 6

    Rate this post (4)    हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ अ॰: आप इमाम मुहम्मद बाक़र अ॰ के फ़रज़न्दे अरजुमंद और शियों के छटे इमाम हैं।83 हिज0 में विलादत और 148 में शहादत हुई। आपके सिलसिले में हनफ़ी फि़रके़ के पेशवा इमाम अबुहनीफ़ा का बयान है कि मैंने किसी को नहीं देखा कि किसी के पास इमाम जाफ़र सादिक़ अ॰ से ज़्यादा इल्म […]

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