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    इस्लामी लोकतंत्र 1

    Rate this post लोकतंत्र अर्थात देश के संचालन और सरकार की राजनैतिक कार्यविधि में जनता की इच्छाओं को आधार और केन्द्र माना गया है। लोकतंत्र का अर्थ राजनैतिक व्यवस्था और इस व्यवस्था के संचालनकर्ताओं का जनता की ओर से चुनकर आना है। इस वास्तविक अर्थ उसी समय पूरा होता है जब जनता का निर्णय, जनता […]

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    ज्ञान आंदोलन-2

    Rate this post ज्ञान आंदोलन के परिणाम स्वरूम आज हमें विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में व्यापक विकास देख रहे हैं तो क्या अब हमें संतुष्ट होकर बैठ जाना चाहिए? ज़ाहिर है कि नहीं, हमं अभी ज्ञान विज्ञान की अग्रिम पंक्ति से पीछे हैं। अभी जीवन के लिए आवश्यक बहुत से वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में हम […]

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    ज्ञान आंदोलन

    Rate this post विभिन्न विषयों पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई के विचार । इस चर्चा का विषय है ज्ञान आंदोलन। ईरान में यह आंदोलन बारह साल से जारी है और इसके परिणाम स्वरूप ईरान ने ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति की है और यदि यह […]

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    विकास

    Rate this post विकास बहुत रोचक और लुभावना शब्द है और इसमें बहुत अर्थ निहित हैं किंतु यह भी एक सच्चाई है कि विकास के कई रूप हैं और ज़रूरी नहीं है कि विकास का हर रूप हर समाज और हर राष्ट्र के लिए हितकर व रुचिकर हो। यही कारण है कि इस्लामी क्रान्ति के […]

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    राजनीति पर वरिष्ठ नेता का दृष्टिकोण

    Rate this post हालिया दिनों ईरान में राष्ट्रपति चुनाव हुए। अतः हमने चुनाव, उसके महत्व, उसके परिणाम, चुनावों में जनता की भागीदारी के महत्व, इसके परिणाम, उम्मीदवारों को परखने की शैली आदि विषयों पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के विचार पेश किए। इस कार्यक्रम में हम राजनीति के विषय में इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ […]

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    पैग़म्बरे इस्लाम सर्वोच्च नेता के निगाह में

    Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम का व्यक्तित्व सृष्टि की महानताओं और परिपूर्णताओं का चरम बिंदु है। यह व्यक्तित्व, महानता के उन पहलुओं की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है जो मनुष्यों के विवेक की पहुंच के भीतर हैं जैसे सूझबूझ, बुद्धि, तत्वज्ञान, उदारता, कृपा, दया, क्षमाशीलता आदि और उन […]

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    कुरआन मे प्रार्थना – 2

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल वो प्रार्थना को जीवन के विकास, दिल के निस्पंदन, अन्दर से माद्दे की गर्दो ग़ुबार हटाना, जीवन को अपस्ष्टता के मसाइल और कठिनाईयो के हल का कारक जानते थे और विश्वास रखते थे कि कोई भी आवेदक परमेश्वर के दरबार से गंतव्य स्थान (मक़सद) […]

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    कुरआन मे प्रार्थना – 1

    Rate this post   लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे प्रार्थनाए कुमैल अनंत अनुग्रह का सोत्र, बे बीच गरिमा का सागर, मार्ग दर्शन का स्थान उपलब्ध कराने वाला, ज्ञान और हिकमत की वर्षा करने वाला परमेश्वर क़ुरआन मे कहता है قُل مَا یَعبََؤُا بَکُم رَبِّی لَولَا دُعَاؤُکُم (सूराए फ़ुरक़ान, 25, आयत 77) हे दया के पैगंबर मुष्यो […]

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    युवा पापी

    Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला अनसारियान   स्वर्गीय मुल्ला फ़्तहुल्लाह काशानी ने “मनहजुस्सादेक़ीन” नामी क़ुरआनी व्याख्या मे तथा आयतुल्ला कलबासी ने “अनीसुल्लैल” नामी पुस्तक मे इस घटना का उल्लेख किया हैः मालिके दीनार के समय मे एक पापी तथा अवज्ञाकारी व्यक्ति की मृत्यु हो गई, लोगो ने उसके पापो के कारण […]

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    हज़रत ईसा और पापी व्यक्ति 2

    Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला अनसारियान   इस लेख से पूर्व लेख मे हमने इस बात का स्पष्टीकरण कि एक पापी ने अपने अतीत पर नज़र डाली तो उसने देखा कि मैने जीवन मे कोई अच्छा कार्य नही किया है मै पवित्र मनुष्यो के साथ किस प्रकार […]

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    हज़रत ईसा और पापी व्यक्ति 1

    Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्ला अनसारियान   रिवायत मे उल्लेख हुआ है किः एक दिन हज़रत ईसा अपने कुच्छ साथियो (हव्वारियो) के साथ एक मार्ग से जा रहे थे अचानक एक अत्यधिक पापी एंवम दोषी व्यक्ति -जो कि उस समय भ्रष्टाचार एंवम अनैतिकता मे प्रसिद्ध था- मिला […]

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    शबे क़द्र आयतुल्लाह ख़ामेनई की निगाह में

    Rate this post विभिन्न अवसरों पर सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई ने शबे क़द्र के बारे में बहुत अच्छी और महत्व पूर्ण बातों की तरफ़ इशारा किया है जिनमें से कुछ बातें हम यहाँ बयान कर रहे हैं। हमारा विश्वास है कि इंसान केवल अल्लाह के साथ सम्पर्क द्वारा कमाल और बुलंदियों पर पहुँच सकता है […]

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    जो नहजुल बलाग़ा नहीं पढ़ता वह कुरान से बेखबर है

    Rate this post जो नहजुल बलाग़ा नहीं पढ़ता वह कुरान से बेखबर है : सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई हमें नहजुल बलाग़ा की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए, उसकी और ज़्यादा शिक्षा लेनी चाहिए, अमीरूल मोमिनीन के इस मौजें मारते ज्ञान व हिकमत के समंदर से और ज्यादा लाभान्वित होना चाहिए। यह किताब सभी पहलू स्पष्ट […]

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    वरिष्ठ नेता – 3

    Rate this post वर्ष 1368 हिजरी शम्सी में इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी के स्वर्गवास के बाद आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने एक जागरुक व अनुभवी हस्ती के रूप में इस्लामी क्रान्ति का नेतृत्व संभाला। उन्होंने ऐसे समय ईरान में नवस्थापित इस्लामी क्रान्ति का नेतृत्व संभाला जब इमाम ख़ुमैनी के स्वर्गवास के पश्चात […]

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    वरिष्ठ नेता – 2

    Rate this post धार्मिक एवं दक्ष व्यक्तियों का अस्तित्व व्यापक एवं विस्तृत आयाम लिए होता है इसी कारण विभिन्न क्षेत्रों में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई भी इसी तरह के लोगों में से हैं। उन्होंने अपने पूर्ण जीवन में कभी कोई विशेष पद ग्रहण करने के लिए प्रयास नहीं […]

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    इमाम ख़ुमैनी की रचनाएं

    Rate this post समकालीन विश्व में ईरान की इस्लामी क्रान्ति के स्थान और इमाम ख़ुमैनी के प्रभाव के दृष्टिगत, उनकी आध्यात्मिक विशेषताओं, उनके व्यक्तित्व के आयामों तथा उनके धार्मिक व राजनैतिक विचारों को समझने के लिए सबसे अच्छी शैली उनके भाषणों, राजनैतिक व सामाजिक मामलों पर उनके लेखों और उनके व्यक्तित्व व परिवार से संबंधित […]

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    वरिष्ठ नेता – 1

    Rate this post वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई का जन्म २४ तीर १३१८ हिजरी शम्सी बराबर १९३९ ईसवी को ईरान के पूर्वोत्तर में स्थित पवित्र नगर मशहद में हुआ था। वह अपने परिवार के दूसरे बेटे थे और उनकी प्रशिक्षा पूर्णरूप […]

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    ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-4

    Rate this post उथल-पुथल भरे वर्तमान काल में इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी को एक विशेष स्थान प्राप्त है।  वे ऐसे दूरदर्शी और होशियार राजनेता तथा अद्वितीय परिज्ञानी या तत्वदर्शी थे जिन्होंने नैतिक शास्त्र, परिज्ञान, दर्शनशास्त्र, धर्मशास्त्र, राजनीति यहां तक कि साहित्य के क्षेत्रों में बहुत ही समृद्ध पुस्तकें लिखीं।  इमाम ख़ुमैनी […]

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    ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-3

    Rate this post समकालीन विश्व में ईरान की इस्लामी क्रान्ति के स्थान और इमाम ख़ुमैनी के प्रभाव के दृष्टिगत, उनकी आध्यात्मिक विशेषताओं, उनके व्यक्तित्व के आयामों तथा उनके धार्मिक व राजनैतिक विचारों को समझने के लिए सबसे अच्छी शैली उनके भाषणों, राजनैतिक व सामाजिक मामलों पर उनके लेखों और उनके व्यक्तित्व व परिवार से संबंधित […]

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    ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी-2

    Rate this post 1970 के दशक में तेल के उत्पादन और उसके मूल्य में वृद्धि के साथ ही ईरान के अत्याचारी शासक मुहम्मद रज़ा पहलवी को अधिक शक्ति का आभास हुआ और उसने अपने विरोधियों के दमन और उन्हें यातनाए देने में वृद्धि कर दी। शाह की सरकार ने पागलपन की सीमा तक पश्चिम विशेष […]

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