islamic-sources

  • Rate this post

    अशीषो का असंख्य होना 5

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत   आशीषो का असंख्य होना भाग 4 मे हमने कुच्छ बाते मिट्टी के बारे मे बताइ थी। खाद्य और पेय पदार्थो को अवशोषित करने हेतु मानव प्रतिभा भोजन करने के लिए मुहं, दांत, जीभ, लार ग्रंथियो, ग्रसनी, घेघा, पेट, अग्न्याशय, बड़ी आंत, छोटी आंत और […]

  • Rate this post

    आशीषो को असंख्य होना 4

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत   इस से पूर्व हमने ह्रदय संबंधित बाते बताइ थी। इस तथ्य के आधार पर, आक्सीजन, हाइड्रोजन और नाईट्रोजन के परमाणुओ की संख्या एंव मिट्टी बनाने वाले कणो की संख्या, मूल (जड़), तना, डाली और वृक्षो के पत्ते, फ़ल एंव और जो भी आकाश और […]

  • Rate this post

    अशीषो का असंख्य होना 3

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत इस से पूर्व हमने मानव की रचना के चरणो को बयान किया था। इन सब चरणो और मनज़िलो से गुज़रने के पश्चात वीर्य पूर्णतः मानव मे परिवर्तित हुआ है। अस्तित्व और अपने रहस्यमय इमारत मे सेल्स की संरचना, रक्त का परिसंचरण, श्वसन की प्रिक्रिया, मस्तिष्क, […]

  • Rate this post

    आशीषो को असंख्य होना 2

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत पवित्र क़ुरआन मनुष्य की रचना (निर्माण, ख़िलक़त) हेतु कहता हैः وَلَقَدْ خَلَقْنَا الاْنسَانَ مِن سُلاَلَة مِن طِين वलाक़द ख़लक़नल इन्साना मिन सुलालतिम मिन तीन[1] हमने इन्सान को शुद्ध मिट्टी के सोत्र से बनाया है। ثُمَّ جَعَلْنَاهُ نُطْفَةً فِي قَرَار مَّكِين सुम्मा जाअलनाहु नुतफ़तन फ़ी क़रारिम्मकीन[2] […]

  • Rate this post

    आशीषो को असंख्य होना 1

    Rate this post किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत   हम ध्यान पूवर्क क़ुरआन के एक छंद (आयत) से यह अर्थ समझते है कि परमेश्वर द्वरा निर्मित आशिषे इतनी अधिक है, किसी गणना करने वाले व्यक्ति के पास चाहे जितनी अदभुद शक्ति ही क्यो नहो, इनकी (आशीषो) गणना करने से अक्षम (शक्ति नही रखता) है। وَلَوْ […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 12

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल! ईश्वर कृपालू, दयालू, महान एंव विनम्र है, उसने हमे अपनी नैतिकता एंव गुणो से अवगत किया है तथा आदेश दिया है कि हम अपने स्वभाव मे उसकी नैतिकता को उतारे और लोगो को उसकी नैतिकता ग्रहण करने पर मजबूर करे। […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 11

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, आदिल इमाम के बिना (अर्थात इमाम की अनुमति के) जंग और जेहाद नही है एंव सामुहिक रूप मे नमाज़ पढ़ने मे कोई वांछनीय (इसतेहबाब) नही है किन्तु उस इमाम के पीछे जो गुणवान हो (अर्थात सामुहिक रूप से नमाज़ […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 10

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान हे कुमैल, नमाज़ पढ़ो रोज़ा रखो अथवा दान करो यह कार्य नही है बलकि कार्य यह कि तुम्हारी नमाज़ हृदय की पवित्रता ईश्वर के अनुकूल एंव पूर्ण विनम्रता के साथ होनी चाहिय; और यह ध्यान दो कि तुम किस वस्त्र मे किस धरती […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 9

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, विलायत तथा मित्रता के माध्यम से स्वयं को बचाओ ताकि शैतान तुम्हारे धन एवं संतान मे भाग न ले। हे कुमैल, तुम्हारे पाप निश्चित रूप से पुण्यो से अधिक, परमात्मा के प्रति लापरवाही लगन से अधिक, तथा परमात्मा की […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 8

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, कठिनाई के समय (ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह) कहो कि परमेश्वर इसके द्धारा तुम्हे बचाता है। अशीष प्राप्ति के समय (अलहम्दो लिल्लाह) कहो कि इसके द्धारा परमेश्वर अशीषो को अधिक करता है। यदि तुम्हे रोज़ी विलम्ब से प्राप्त […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 7

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, यदि तुम अपने भाई से प्यार नही करते, तो तुम उसके भाई नही हो, विश्वासयोग्य वह व्यक्ति है जो हम निर्दोषो (आइम्मए मासूमीन अ.स.) की आज्ञा का पालन करे तथा हमारे कथन कहे; जो व्यक्ति हमारे कथनो का उल्लंघन करे […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 5

    Rate this post पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हे कुमैल, प्रत्येक वर्ग के कुच्छ लोग दूसरे लोगो से बौद्धिक रूप से ऊपर होते है; बस गिरे हुए मानव के संघ जिराह और संघर्ष करने से बचो। यदी कोई अपशब्द सुनो तो उसे सहन करो और उनमे से हो जाओ जिन्हे […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 4

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल   हे कुमैल, अपने पेट को भोजन से पूर्ण नकरो पानी और श्वसन के लिए कुच्छ स्थान खाली रखो भोजन करना उस समय तक बंद नकरो जब तक तुम उसके इच्छुक हो यदि ऐसा किया तो भोजन से तुम शक्ति प्राप्त करोगे और यह […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 3

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल हे कुमैल, भोजन करने मे किसी को अपना साथी बनाओ और लोभ नकरो, क्योकि तुम लोगो को रोज़ी नही देते, और तुम्हारे इस कार्य (अर्थात भोजन करने मे किसी दूसरे व्यक्ति को साथी बनाने) पर ईश्वर बड़ा पुरुस्कार प्रमाणित करता है। अपनी नैतिकता को […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 2

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल   हे कुमैल, निश्चित रुप से भगवान ने अपने नबी (दूत) को, पैग़म्बर (ईश्वरीय दूत) ने मुझे साहित्य सिखाया और मै विश्वासियो को साहित्य सिखाता हूँ। मैने साहित्य को बड़ो के हेतु विरासत के रुप मे रख दिया है। हे कुमैल, कोई ऐसा ज्ञान […]

  • Rate this post

    कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 1

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल   तोहफ़ुल ओक़ूल नामी पुस्तक के लेख़क (हसन पुत्र शाबए हर्रानी) ने (इरताद के पोत्र सअद) से उद्धरण किया हैः मैने ज़ियाद के पुत्र कुमैल को देखा तो उससे अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) के गुणो (फ़ज़ाइल) के सम्बंध मे प्रश्न किया, उसने उत्तर दियाः क्या […]

  • Rate this post

    वा बेक़ुव्वतेकल्लती क़हरता बेहा कुल्ला शैएन 4

    Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह हुसैन अंसारीयान दूसरे छंद मे कहता है। اللَّهُ الَّذِى خَلَقَ سَبْعَ سمَاوَاتٍ وَ مِنَ الْأَرْضِ مِثْلَهُنَّ يَتَنزَّلُ الْأَمْرُ بَيْنهَنَّ لِتَعْلَمُواْ أَنَّ اللَّهَ عَلىَ‏ كلُ‏ِّ شىَ‏ْءٍ قَدِيرٌ وَ أَنَّ اللَّهَ قَدْ أَحَاطَ بِكلُ‏ِّ شىَ‏ْءٍ عِلْمَا अल्लाहुल्लज़ी ख़लाक़ा सबआ समावातिन वामेनल अर्ज़े मिसलाहुन्ना यतानज़्ज़ेलुल […]

  • Rate this post

    वा बेक़ुव्वतेकल्लती क़हरता बेहा कुल्ला शैएन 3

    Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह हुसैन अंसारीयान   ईश्वर की शक्ति की कोई सीमा नही है[1] और आकाश एंव पृथ्वी मे विभिन्न प्रकार के प्राणीयो का जन्म एंव उनके चमत्कार जो एक दूसरे से छिपे हुए है यह सब ईश्वर की शक्ति का एक छोटा सा नमूना है। […]

  • Rate this post

    वा बेक़ुव्वतेकल्लती क़हरता बेहा कुल्ला शैएन 2

    Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह हुसैन अंसारीयान   अरबो आकाशी प्राणी, आकाशगंगा और वनस्पति, हैवानात, पशु पक्षी तथा धरती एंव समुद्र के डसने वाले असंख्य कीड़े मकोड़े, वायरस VIRUS और माईक्रोप MICROBE तथा ग़ैबी मोजूदात और वह स्वर्गीदूत जिन से धरती और आकाश भरा हुआ है। इन सब से कौन अवगत […]

  • Rate this post

    वा बेक़ुव्वतेकल्लती क़हरता बेहा कुल्ला शैएन 1

    Rate this post पुस्तक का नामः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन लेखकः आयतुल्लाह हुसैन अंसारीयान   وَ بِقُوَّتِکَ الَتِی قَھَرتَ بِھا کُلَّ شَیء “वा बेक़ुव्वतेकल्लती क़हरता बेहा कुल्ला शैएन” और उस क़ुदरत के वास्ते से है जो प्रत्येक चीज़ पर प्रभुत्व रखता है। ईश्वर की क़ुदरत एंव शक्ति उसकी ऐन ज़ात तथा बिनिहायत और अनंत […]

  • पेज5 से 12« आखिरी...34567...10...पहला »