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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 16

    Rate this post (14)   जनाब उसमान बिन मज़ऊन आप रिसालते मआब स॰ के बावफ़ा व बाअज़मत सहाबी थे। आपने उस वक़्त इस्लाम कु़बूल किया था जब फ़क़त 13 आदमी मुसलमान थे। इस तरह आप कायनात के चैधवें मुसलमान थे। आपने पहली हिजरत में अपने साहबज़ादे के साथ शिर्कत फ़रमाई फिर उसके बाद मदीना मूनव्वरा भी हिजरत करके आये, जंगे […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 15

    Rate this post (13)   जनाब इब्राहीम बिन रसूलुल्लाह स॰ आपकी विलादत सातवीं हिजरी क़मरी में मदीना मुनव्वरा में हुई मगर सोलह सत्तरह माह बाद ही आपका इन्तिक़ाल हो गया। इस मौक़े पर रसूल सल0 मक़बूल ने फ़रमाया थाः इसको बक़ीअ में दफ़न करो, बेशक इसकी दूध पिलाने वाली जन्नत में मौजूद है जो इसको दूध पिलायेगी। आपके दफ़न […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 14

    Rate this post (12)   जनाब हलीमा सादिया आप रसूले इस्लाम सल0 की रज़ाई माँ थीं यानी आप ने जनाबे हलीमा का दूध पिया था। आपका ताल्लुक़ क़बीला साद बिन बकर से था। इन्तिक़ाल मदीने में हुआ और बक़ीअ के शुमाल मशरिक़ी सिरे पर दफ़न हुईं। आपकी क़ब्र पर एक आलीशान कु़ब्बा था। रिसालत मआब स॰ अकसर व […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 13

    Rate this post   (11)   जनाब आतिका बिन्ते अब्दुलमुत्तलिब आप रूसलुल्लाह सल0 की फूफी थीं। आपका इन्तिक़ाल मदीना मुनव्वरा में हुआ और बहन सफि़या के पहलू में दफ़न किया गया। रफ़त पाशा ने अपने सफ़रनामे में आपकी क़ब्र का तजि़क्रा किया है मगर अब सिर्फ़ क़ब्र का निशान ही बाक़ी रह गया है।

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 12

    Rate this post (10)   जनाब सफि़या बिन्त अब्दुल मुत्तलिब आप रसूले इस्लाम स॰ की फूफी और अवाम बिन ख़ोलद की बीवी थीं, आप एक बहादुर और शुजाअ ख़ातून थीं। एक जंग में जब बनी क़रेज़ा का एक यहूदी, मुसलमान औरतों के साथ ज़्यादती के लिए खे़मों में घुस आया तो आपने हसान बिन साबित से उसको क़त्ल करने […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 11

    Rate this post (9)    जनाब उम्मुल बनीन अ॰ आप हज़रत अली अ॰ की बीवी और हज़रत अबुल फ़ज़्ल अब्बास अ॰ की माँ हैं,साहिबे ‘‘मआलिकुम मक्का वलमदीना’’ के मुताबिक़ आपका नाम फ़ात्मा था मगर सिर्फ़ इस वजह से आपने अपना नाम बदल दिया कि मुबादा हज़रात हसन व हुसैन अ॰ को शहज़ादी कौनेन अ॰ न याद आ जायें और […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 10

    Rate this post (8)    जनाब अब्दुल्लाह इब्ने जाफ़र आप जनाब जाफ़र तैयार ज़लजिनाहैन के बड़े साहबज़ादे और इमाम अली अ॰ के दामाद (जनाब ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा के शौहर) थे। आपने दो बेटों मुहम्मद और औन को कर्बला इसलिये भेजा था कि इमाम हुसैन अ॰ पर अपनी जान निसार कर सकें। आपका इन्तिक़ाल 80 हि0 में हुआ और बक़ीअ में […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 9

    Rate this post (7)    जनाबे अक़ील इब्ने अबूतालिब अ॰ आप हज़रत अली अ॰ के बड़े भाई थे और नबीए करीम स॰ आपको बहुत चाहते थे,अरब के मशहूर नस्साब थे और आप ही ने हज़रत अमीर का अक़्द जनाब उम्मुल बनीन से कराया था। इन्तिक़ाल के बाद आपके घर (दारूल अक़ील) में दफ़न किया गया, जन्नतुल बक़ी को […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 8

    Rate this post (6)    जनाबे अब्बास इब्ने अब्दुल मुत्तलिब आप रसूले इस्लाम स॰ के चचा और मक्के के शरीफ़ और बुजर्ग लोगों में से थे,आपका शुमार हज़रत पैग़म्बर स॰ के चाहने वालों और मद्द करने वालों, नीज़ आप स॰ के बाद हज़रत अमीरूल मोमेनीन के वफ़ादारों और जाँनिसारों में होता है। आमुलफ़ील से तीन साल पहले विलादत […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 7

    Rate this post (5)    जनाबे फ़ात्मा बिन्ते असद आप हज़रत अली की माँ हैं और आप ही ने जनाबे रसूले ख़ुदा स॰ की वालिदा के इन्तिक़ाल के बाद आँहज़रत स॰ की परवरिश फ़रमाई थी, जनाबे फ़ातिमा बिन्ते असद को आपसे बेहद उनसियत व मुहब्बत थी और आप भी अपनी औलाद से ज़्यादा रिसालत मआब का ख़याल रखती […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 6

    Rate this post (4)    हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ अ॰: आप इमाम मुहम्मद बाक़र अ॰ के फ़रज़न्दे अरजुमंद और शियों के छटे इमाम हैं।83 हिज0 में विलादत और 148 में शहादत हुई। आपके सिलसिले में हनफ़ी फि़रके़ के पेशवा इमाम अबुहनीफ़ा का बयान है कि मैंने किसी को नहीं देखा कि किसी के पास इमाम जाफ़र सादिक़ अ॰ से ज़्यादा इल्म […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 5

    Rate this post (3)    हज़रत इमाम मुहम्मद बाक़र (अ॰) आप रिसालत मआब के पांचवे जानशीन व वसी और इमाम सज्जाद अ॰ के बेटे हैं नीज़ इमाम हसन अ॰ के नवासे और इमाम हुसैन अ॰ के पोते हैं। 56 हि0 में विलादत और शहादत हुई। वाक़-ए कर्बला में आपकी उमरे मुबारक चार साल की थी, इब्ने हजर हेसमी (अलसवाइक़ अलमुहर्रिक़ा के […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही – 4

    Rate this post (2)    हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन सज्जाद (अ॰) आपका नाम अली है और इमाम हुसैन अ॰ के बेटे हैं और शियों के चैथे इमाम हैं। आपकी विलादत 38 हिजरी में हुई। आपके ज़माने के मशहूर सुन्नी मुहद्दिस व फ़क़ीह मुहम्मद बिन मुस्लिम ज़हरी आपके बारे में कहते हैं किः मैंने क़ुरैश में से किसी को आपसे […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही -3

    Rate this post (1)    इमाम हसन मुजतबा (अ॰) आप पैग़म्बरे अकरम स॰ के नवासे और हज़रत अली व फ़ात्मा के बड़े साहबज़ादे हैं। मन्सबे इमामत के एतेबार से दूसरे इमाम और इसमत के लिहाज़ से चैथे मासूम हैं। आपकी शहादत के बाद हज़रत इमाम हुसैन ने आपको पैग़म्बरे इस्लाम स॰ के पहलू में दफ़न करना चाहा […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही -2

    Rate this post यानी इस किताब के लिखने वाले ‘‘उलमा’’ की निगाह में बक़ीअ में जनाबे उसमान,शोहदाए ओहद और हज़रत हमज़ा की क़ब्रों के अलावा कोई और ज़्यारत गाह नहीं है जबकि तारीख़े इस्लाम को पढ़ने वाला एक मामूली तालिबे इल्म भी यह बात बख़ूबी जानता है कि इस क़ब्रिस्तान में आसमाने इल्म व इरफ़ान के ऐसे […]

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    जन्नतुल बक़ीअ कि तबाही -1

    Rate this post इन्सानियत के क़ाफले ने हर ज़माने में इस बात का नज़ारा किया है कि मज़लूम के सर को तन से अलग कर देने के बाद भी ज़ालिमों को चैन नहीं मिलता बल्कि उनकी सारी कोशिश यह होती है कि दुनिया से मज़लूम और मज़लूमियत का जि़क्र भी ख़त्म हो जाये, इस कोशिश में […]

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    इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह

    Rate this post 1970 के दशक में तेल के उत्पादन और उसके मूल्य में वृद्धि के साथ ही ईरान के अत्याचारी शासक मुहम्मद रज़ा पहलवी को अधिक शक्ति का आभास हुआ और उसने अपने विरोधियों के दमन और उन्हें यातनाए देने में वृद्धि कर दी। शाह की सरकार ने पागलपन की सीमा तक पश्चिम विशेष […]

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    अंतर्राष्ट्रीय कुद्स दिवस

    Rate this post पवित्र रमज़ान धीरे-धीरे अपने अंत की ओर बढ़ रहा है और इस्लामी जगत, पवित्र रमज़ान के अंतिम शुक्रवार को एकजुट होकर पुनः ज़ायोनी शासन की वर्चस्ववादी प्रवृत्ति का विरोध करने और उसके अस्तित्व को चुनौती देने के लिए तैयार हो रहा है।  पिछले कुछ दशकों के दौरान मध्यपूर्व और इस्लामी जगत को […]

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    रहबरे मोअज़्ज़मे इंक़लाबे इस्लामी काहज कमेटी के ज़िम्मेदारों से खि़ताब

    Rate this post बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम       ये वो मसाइल हैं जो हज के असली मसाइल हैं। हज को इत्तेहाद का मज़हर होना चाहिये आपसी गुफ़तगू और बातचीत का मज़हर होना चाहिये इसे मुसलमानों की आपसी हमदर्दी, सहायता और नज़दीकी का नुमाइन्दा होना चाहिये। हमें हज को इस सिम्त में ले जाना चाहिये इस रास्ते पर चलना चाहिये। अगर […]

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    प्रार्थना पर एक दृष्टि

    Rate this post लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान   किताब का नाम: शरहे दुआए कुमैल   संपन्न के सामने आवश्यकता का कथन प्रार्थना है। तंगदस्ती, फ़क़्र और ग़रीबी को ग़नीए मुतलक़ एवम ब्रह्माण्ड के मालिक से बयान करना प्रार्थना है। वफादार और करीम से भीख का अनुरोध, कमज़ोर का अटूट क्षमता वाले से सहायता मांगना प्रार्थना है। कमज़ोर, ज़लील, मिसकीन बन्दे […]

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