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  • सवेरे-सवेरे-२६
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    सवेरे-सवेरे-२६

    सवेरे-सवेरे-२६1 (20%) 2 votes चुटकुले हमारे प्रतिदिन के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। यह मनुष्य को प्रसन्नचित करते, उन्हें हंसाते और लोगों के बीच निकटता और स्नेह भावना उत्पन्न करते हैं। परन्तु इन सारी सकारात्मक बातों के लिये आवश्यक है कि आप अपने चुटकुलों में आयु , समय, वातावरण, सम्मान और उनलोगों के मानसिक […]

  • सवेरे-सवेरे-२५
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    सवेरे-सवेरे-२५

    सवेरे-सवेरे-२५Rate this post आज के जीवन में जिस बात का आभास हर व्यक्ति को होता है और जिससे हर एक चिंतित रहता है वह है समय का हाथ से बड़ी तेज़ी से निकलना। सारे काम पड़े रह जाते है चिन्ता बनी रहती है और समय नहीं मिल पाता । इस कठिनाई से छुटकारे के लिये […]

  • सवेरे-सवेरे-२४
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    सवेरे-सवेरे-२४Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम का कथन है कि “जो व्यक्ति पाप करता है तो बुद्धि का कुछ भाग उसके हाथ से निकल जाता है जो कभी वापस नहीं आता।“ यह कथन देखने के बाद हमें बहुत से लोगों से सुने यह शब्द याद आ गये कि मेरी मत […]

  • सवेरे-सवेरे-२३
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    सवेरे-सवेरे-२३Rate this post धैर्य का महत्वः हज़रत अली अलैहिस्सलाम कहते हैं कि हे लोगों! धैर्य रखो क्योंकि जो व्यक्ति संयम नहीं रखता वह धर्म भी नहीं रखता।   आप इस कथन को गहराई से देखें तो बात बिल्कुल सीधी सी है।  जिस व्यक्ति में धैर्य और संयम बरतने की आदत नहीं होती वह थोड़ी सी […]

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    सवेरे-सवेरे-22Rate this post वे देश जहां पर पानी की सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता वहां यकृत की बीमारियों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है।  गंदे पानी के अतिरिक्त खानों में चिकनाई और मसालों का प्रयोग भी यकृत को ख़राब करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस्लामी चिकित्सा शैली के एक विशेषज्ञ सैयद अली […]

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    सवेरे-सवेरे-21Rate this post मनुष्य जो भी करता है उसे अपने भविष्य को ही दृष्टि में रखकर करता है।  उसकी सोच सदैव ही भविष्य पर केन्द्रित होती है।  यही कारण है कि बहुत से लोग वर्तमान क्षणों से आनंद नहीं उठा पाते और न ही उसके मूल्य को समझ पाते हैं।  यही कारण है कि हम […]

  • सवेरे-सवेरे-20
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    सवेरे-सवेरे-20Rate this post रमज़ान के पवित्र महीने में प्रतिदिन कुछ विशेष दुआएं पढ़ी जाती हैं। इन्हीं दुआओं में से एक का अनुवाद इस प्रकार हैः “हे ईश्वर! आज के दिन मुझको चेतान व ज्ञान प्रदान कर और इस दिन मुझे बुद्धिहीनता और असत्य से दूर कर दे।  हर भलाई जो आज के दिन तू उतारे […]

  • सवेरे-सवेरे-19
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    सवेरे-सवेरे-19Rate this post एक दिन पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) के पौत्र इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम अपने एक साथी के साथ बाज़ार से गुज़र रहे थे।  इमाम के साथी के पीछे-पीछे उसका एक दास चल रहा था।  एक बार इमाम सादिक़ के साथी ने पीछे मुड़कर देखा और जब दास कहीं दिखाई नहीं पड़ा […]

  • सवेरे-सवेरे-18
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    सवेरे-सवेरे-18Rate this post हज़रत ईसा मसीह अलैहिस्सलाम कहते हैं कि मैंने रोगियों का उपचार किया और उन्हें स्वस्थ्य कर दिया, जन्मजात अंधों और कोढ़ियों को ईश्वर की अनुमति से अच्छा कर दिया तथा उसी की अनुमति से मुर्दों को जीवित कर दिया।  वे कहते हैं किंतु मूर्ख व्यक्ति को न तो मैं सुधार सका और […]

  • इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१४
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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१४

    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१४Rate this post हमने बताया था कि मुसलमान वैद्यों और वैज्ञानिकों ने, इस्लामी सभ्यता व संस्कृति के विकास में प्रभावशाली भूमिका निभाई है। इन हकीमों और चिकित्सक में एक महत्वपूर्ण नाम ज़करिया बिन राज़ी का था। आज के कार्यक्रम में हम ज़करिया बिन राज़ी और उनकी रचनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। […]

  • इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१३
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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१३

    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१३Rate this post ईरानी चिकित्सकों में सय्यद इस्माईल जुर्जानी को विशेष ख्याति प्राप्त रही है। इस्माईल बिन हुसैन मोहम्मद जुर्जानी जो सय्यद इस्माईल जुर्जानी के नाम से प्रसिद्ध थे, गुर्गान नामक क्षेत्र में पैदा हुए। उन्होंने ख़ारज़्म की यात्रा की थी और वर्ष 531 हिजरी क़मरी में मर्व में उनका देहान्त हुआ। […]

  • इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१२
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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१२

    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-१२Rate this post चिकित्सा विज्ञान भी खगोल शास्त्र की भांति अति प्राचीन ज्ञानों में से एक है जो मुसलमानों के बीच प्रचलित हुआ और जिस पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। एक हदीस में है कि ज्ञान के दो प्रकार हैः इल्मुल अबदान व इल्मुल अदियान अर्थात शरीर का ज्ञान और […]

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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-११

    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-११Rate this post पिछले में हमने मैकेनिक के विषय में मुसलमान बुद्धिजीवियों के आविष्कारों और उपलब्धियों की ओर संकेत किया था और हमने आपको बताया था कि मुसलमान बुद्धिजीवियों विशेषकर जज़री ने संसार और इस्लामी जगत की सेवा में बहुत सी महत्त्वपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत की हैं। इन मुसलमान बुद्धिजीवियों ने पानी से […]

  • सवेरे सवेरे- 17
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    सवेरे सवेरे- 17

    सवेरे सवेरे- 17Rate this post एक दिन शैतान ने सभी स्थानों पर यह घोषणा कर दी कि अब वह अपने कामों से हाथ खींच रहा है और रिटायर होना चाहता है अतः अपने काम के औज़ारों को उचित मूल्यों पर बेचना चाहता है। शैतान के औज़ारों में घृणा, क्रोध, ईर्ष्या, आत्ममुग्ध्ता और इस जैसी बहुत […]

  • सवेरे सवेरे-16
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    सवेरे सवेरे-16

    सवेरे सवेरे-16Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम का कहना है कि ईश्वरीय अनुकंपा और स्थाई भलाइयां, आपके बूढ़ों के दम से होती हैं। हमारे बड़े-बूढ़ों और बुज़ुर्गों ने पूरे परिवार के लिए एक लंबी अवधि तक बड़े प्रेम और निष्ठा के साथ कठिन परिश्रम किया।  उन्होंने हमारी न जाने […]

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    सवेरे सवेरे-15

    सवेरे सवेरे-15Rate this post इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का कहना है कि ईश्वर में पूर्ण विश्वास रखने वाला व्यक्ति, ज्ञान तथा विनम्रता को एक-दूसरे से मिश्रित रखता है। इस कथन के अनुसार वास्तविक ज्ञानी वह होता है जो विनम्र हो। ज्ञानी की विनम्रता बताती है कि वह ज्ञान की किस सीढ़ी पर है क्योंकि नया-नया ज्ञान […]

  • सवेरे सवेरे-14
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    सवेरे सवेरे-14Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम का कहना है कि तुम लोगों में से वह मुझे सबसे अधिक प्रिय है जिसका स्वभाव सबसे अच्छा हो और जो सबसे अधिक विनम्र हो। अच्छे स्वभाव और विनम्र आचरण वाला व्यक्ति सदैव ही दूसरों के सम्मान का पात्र बना रहता है […]

  • सवेरे- सवेरे- 13
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    सवेरे- सवेरे- 13

    सवेरे- सवेरे- 13Rate this post हज़रत ईसा मसीह(अ) कहते हैः मैंने रोगियों का इलाज किया और उन्हें स्वस्थ कर दिया, जन्म जात अन्धे और कोढ़ के रोगी को ईश्वर की अनुमति से अच्छा कर दिया, मुर्दों को जीवित कर दिया परन्तु मूर्ख व्यक्ति को न सुधार सका न स्वस्थ बना सका। उनसे किसी ने प्रश्न […]

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    सवेरे-सवेरे—12Rate this post “जिस समय पेट बहुत अधिक भरा हो उस समय मनुष्य की ईश्वर से दूरी सब से अधिक होती है। (पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम) अब आप स्वयं ही देख लें, इस स्थिति में मनुष्य न कुछ सीखना चाहता है, न पढ़ना चाहता है, न कुछ सोचना चाहता है, न […]

  • सवेरे-सवेरे – 11
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    सवेरे-सवेरे – 11

    सवेरे-सवेरे – 11Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम का कथन है कि सौभाग्यशाली है वह व्यक्ति जो अपने ईश्वर को दृष्टिगत रखे और अपने पापों से डरता रहे। वास्तव में ईश्वर को निरंतर दृष्टिगत रखना, हमारे जीवन का महत्वपूर्ण विषय होना चाहिए।  इसका सबसे साधारण प्रभाव यह होता है कि मनुष्य पाप और बुराइयों से […]

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