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    सवेरे-सवेरे-६

    Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम का कथन है कि ज्ञान तुम्हे मुक्ति दिलाता है और अज्ञानता तुमको नष्ट कर देती है। जी हां इसीलिए कहा गया है कि अधिक से ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करो ताकि अज्ञानता के अंधकार से निकलें और संसार को खुली आखों से देख सको। ज्ञान प्राप्त करने का […]

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    सेवेर-सवेरेः५

    Rate this post वे देश और वे स्थान जहां पर सफ़ाई विशेषकर जल की सफ़ाई का ध्यान नहीं रखा जाता वहां पर यकृत की बीमारियां बहुत अधिक होती हैं। प्रदूषित जल के अतिरिक्त खानों में चिकनाई और मिर्च-मसालों का प्रयोग भी यकृत को ख़राब करने में महत्वूपर्ण भूमिका निभा रहा है। यकृत को स्वस्थ्य रखने […]

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    सवेरे-सवेरे-४

    Rate this post क्या आप नाशता कर चुके हैं या करने वाले हैं? हम यह बात इसलिए पूछ रहे हैं ताकि खाने-पीने के संबन्ध में कुछ सावधानी बरत लें। वे खाने जो तेज़ी से पक और तैयार हो जाते हैं उनका संबन्ध कार्बोहाइड्रेट से होता है। इसमें छना हुआ गेहूं, आटा या मैदा सफ़ेद चीनी […]

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    सवेरे-सवेरे-३

    Rate this post प्रातःकाल अर्थात जीवन का आरंभ। अतः इसे ईश्वर की याद से आरंभ होना चाहिए। आप कहेंगे कि ईश्वर की याद तो हमने सूर्योदय से पहले ही कर ली है। बहुत अच्छा किया है आपने। लेकिन हमारे मन मे इस समय जो बात ईश्वर के संबन्ध में है वह भी कम महत्वपूर्ण नहीं […]

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    सवेरे-सवेरे-२

    Rate this post क्या आपके पास नाश्ते का समय है? यदि है तो हम चाहते हैं कि आपको स्वस्थ्य बनाने वाले और बहुत ही ऊर्जा प्रदान करने वाले फल खजूर के बारे में कुछ बताएं। ताज़ा खजूर में विटामिनों, कैल्शियम, पोटेशियम, गंधक और लौह जैसे खनिज पदार्थों का भण्डार मौजूद होता है। नाशते में आप […]

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    सवेरे-सवेरे-1

    Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम का कथन है कि अपने शत्रुओं के साथ सहनशील रहो और मित्रों के प्रति अपनी मित्रता को विशुद्ध बनाओ। यह दोनों बातें जो हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने कही हैं यह दोनों ही हमारी सोच और स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त लाभदायक हैं क्योंकि सहनशीलता बरतने वाले और मित्रों के प्रति […]

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    दूसरों की कमियां ढूंढने का सामाजिक नुक़सान

    Rate this post लोगों की कमियां मत ढूंढो वरना कोई दोस्त नहीं बनेगाः पैग़म्बरे इस्लाम रोज़ी-रोटी और उम्र में वृद्धि की कुन्जी पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने फ़रमाया कि जो मुझे इस बात की गरेंटी दे कि मां-बाप के साथ भलाई और सगे संबंधियों से मेल-जोल रखेगा तो मैं भी […]

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    रोज़ी-रोटी और उम्र में वृद्धि की कुन्जी

    Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने फ़रमाया कि जो मुझे इस बात की गरेंटी दे कि मां-बाप के साथ भलाई और सगे संबंधियों से मेल-जोल रखेगा तो मैं भी उसके माल, उम्र तथा संबंधियों के दिल में उसकी मुहब्बत में वृद्धि की ज़मानत देता हूं। चार प्रकार के […]

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    चार प्रकार के लोग

    Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमाया कि लोग चार प्रकार के होते हैः दानी, करीम, कंजूस और नीच। दानी वह है जो ख़ुद भी खाता है और दूसरों को भी खिलाता है। करीम वह है जो ख़ुद न खाकर दूसरे को खिलाता है। कंजूस वह है जो सिर्फ़ ख़ुद खाता है, दूसरों को नहीं […]

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    एकता सप्ताह

    Rate this post एकता सप्ताह , 12 – 17 रबीउल अव्वल उस दिन कि जब काबे के आकाश से पैग़म्बरी अर्थात ईश्वरीय दूत का सूर्य उदय हुआ तो कोई भी नहीं सोच रहा था कि अज्ञानता में डूबी हुई मानवता के लिए उसके पास बहुत से उपदेश एवं कहने के लिए अनेक बातें हैं। विश्वसनीय […]

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    इस्लाम धर्म का पुनर्जीवन

    Rate this post 17 रबीउल अव्वल सन 83 हिजरी क़मरी को संसार में ईश्वर की ओर से जनता का मार्गदर्शन करने वाला एक अन्य सूर्य भी उदित हुआ। यह दूसरा सूर्य हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम हैं। पूरी श्रद्धा के साथ हम उनकी सेवा में सलाम भेजते हैं और आपकी सेवा में हार्दिक बधाई प्रस्तुत […]

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    नया सवेरा

    Rate this post पृथ्वी इंतेज़ार में थी और आकाश बेचैन था। काबा ऐसी मूर्तियों से भरा पड़ा था जिन्हें लोगों ने बनाकर अनन्य ईश्वर का स्थान दे दिया था। अत्याचार, अज्ञानता, अंधविश्वास, और भ्रष्टाचार के हाथ में मनुष्य के जीवन की लगाम थी जो उन्हें अपनी ओर खींच रहे थे। ऐसी स्थिति में संसार एक […]

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    एकता सप्ताह का महत्त्व-1

    Rate this post उस दिन कि जब काबे के आकाश से पैग़म्बरी अर्थात ईश्वरीय दूत का सूर्योदय हुआ तो कोई भी नहीं सोच रहा था कि अज्ञानता में डूबी हुई मानवता के लिए उसके पास बहुत से उपदेश एवं कहने के लिए अनेक बातें हैं। विश्वसनीय और सत्यवादी मोहम्मद (स) ने निष्ठा, पवित्रता और महानता […]

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    एकता सप्ताह का महत्त्व-2

    Rate this post इस्लाम धर्म, एकता, समरस्ता और एकजुटता का धर्म है और इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने इन्हीं आधारों पर सदैव लोगों के मध्य एकता की रक्षा और उसके महत्त्व पर बल दिया है। इस्लामी गणतंत्र ईरान की क्रांति और इस्लामी व्यवस्था का आधार भी लोगों के मध्य एकता, भाईचारे […]

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    मिलंसारी का महत्व

    Rate this post मिलंसारी पहला और सबसे आसान दान हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम ज़िंदगी का चैन छीनने वाली तीन चीज़े जिस व्यक्ति में तीन बातें होंगी वह कभी ख़ुश नहीं रह सकताः द्वेष(कीना), ईर्ष्या (हसद) और दुर्व्यवहार (बुरा एख़लाक़) हज़रत अली अलैहिस्सलाम इंसान का मित्र और उसका दुश्मन हर इंसान की मित्र उसकी बुद्धि और […]

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    नास्तिकता का सबसे घटिया स्तर

    Rate this post इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम से पूछा गया कि नास्तिकता का सबसे घटिया स्तर क्या है तो आपने कहा कि घमंड नास्तिकता का सबसे घटिया स्तर है। सबके लिए दुआ करने का फ़ायदा जब भी तुम में से कोई दुआ करे तो सबके लिए करे क्योंकि ऐसा करने से दुआ के क़ुबूल होने […]

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    सबके लिए दुआ करने का फ़ायदा

    Rate this post जब भी तुम में से कोई दुआ करे तो सबके लिए करे क्योंकि ऐसा करने से दुआ के क़ुबूल होने की संभावना प्रबल हो जाती हैः पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल लाहो अलैहि वे आलेही व सल्लम मनुष्य की सबसे अच्छी संपत्ति क्या है? मनुष्य की सबसे अच्छी धन-संपत्ति, दान-दक्षिणा से […]

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    मनुष्य की सबसे अच्छी संपत्ति क्या है?

    Rate this post मनुष्य की सबसे अच्छी धन-संपत्ति, दान-दक्षिणा से प्राप्त पुण्य हैः इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम मशवेरे का महत्व जो सिर्फ़ अपनी राय पर अमल करता है वह बर्बाद हो जाता है और जो बड़ों से सलाह-मशेवेरा करता है वह उनकी बुद्धि में शामिल हो जाता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम ईश्वर से मांगने का तरीक़ा […]

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    मशवेरे का महत्व

    Rate this post जो सिर्फ़ अपनी राय पर अमल करता है वह बर्बाद हो जाता है और जो बड़ों से सलाह-मशवेरा करता है वह उनकी बुद्धि में शामिल हो जाता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम ईश्वर से मांगने का तरीक़ा जब भी ईश्वर से दुआ करो तो उससे पहले नमाज़ पढ़ो, या दान करो, या सदकर्म […]

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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-8

    Rate this post इस्लाम के उदय के काल में इस्लाम की नवआधार सरकार की रक्षा, इस्लामी क्षेत्रों के विस्तार और शत्रुओं को दूर करने पर मुसलमानों का ध्यान मुख्य रूप से था। मुसलमानों ने पवित्र क़ुरआन की शिक्षाओं और आदेशों पर बहुत अधिक ध्यान दिया। इसके अतिरिक्त अरबी व्याकरण, इस्लामी विजय के इतिहास और फ़ेक़्ह […]

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