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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-7

    Rate this post जब पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम इस निष्कर्ष पर पहुंच गये कि मदीना नगर इस्लाम और मुसलमानों के लिए सुरक्षित शरणस्थली है तो उन्होंने अपने अनुयाइयों को मदीना नगर पलायन करने का आदेश दिया। स्वंय पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम, अपनी पैग़म्बरी की घोषणा के चौथे […]

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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-6

    Rate this post जब तक इस बारे में चर्चा नहीं कर ली जाती कि लिखने की कला किस प्रकार अस्तित्व में आई और मुसलमान इस कला से किस प्रकार अवगत हुए तब तक इस्लामी सभ्यता के विकास की समीक्षा अधूरी है। एक मध्यपूर्व विशेषज्ञ हियोकैनडी इस्लामी सभ्यता के विकास में कागज़ के प्रभाव के बारे […]

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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-5

    Rate this post इस्लामी सभ्यता के विकास के मार्ग की महत्त्वपूर्ण चर्चाओं में दर्शनशास्त्र और इसके विकास में मुसलमान दर्शनशास्त्रियों की भूमिकाएं हैं। दर्शनशास्त्र वह मानवीय ज्ञान है जिसमें सृष्टि, चीज़ों के अंत और आरंभ विशेषकर मनुष्य के विशेष स्थान के बारे में चर्चा की जाती है। दर्शनशास्त्र को अंग्रेज़ी में फ़्लास्फ़ी कहते हैं जो […]

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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-4

    Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम ने अपने धर्म के प्रचार के लिए मदीना नगर में एक सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था की नींव डाली जिसमें आदर्श न्यायिक विभाग, सैनिक संस्था तथा कार्यालय तंत्र था यह इस्लामी सभ्यता धीरे धीरे फैलती गई। ज्ञान और चिंतन पर इस्लामी शिक्षाओं में विशेष रूप से बल दिया गया है। यह बात […]

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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-3

    Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम का एक महत्वपूर्ण क़दम, इस्लामी शासन के प्रशासनिक केंद्र के रूप में मस्जिद का निर्माण था। वस्तुतः इस बात की आवश्यकता थी कि एक ऐसे केंद्र का निर्माण किया जाए जो मुसलमानों का उपासना स्थल भी हो और साथ ही वहां उनके […]

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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-2

    Rate this post इससे पहले वाली कड़ी में हमने बताया कि मानव संस्कृति में इस्लामी सभ्यता व संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पूरे इतिहास में विदेशियों ने इस्लामी सभ्यता की महान व बड़ी-२ उपलब्धियों की अनदेखी करके मुसलमान विद्वान व वैज्ञानिकों की कुछ खोजों को अपनी खोज बताने का प्रयास किया है। हमने पहले […]

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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास-1

    Rate this post इस्लामी संस्कृति व सभ्यता, मानव इतिहास की सबसे समृद्ध सभ्यताओं में से एक है। यद्यपि इस संस्कृति में, जो इस्लाम के उदय के साथ अस्तित्व में आई, बहुत अधिक उतार-चढ़ाव आए हैं किंतु इसका अतीत अत्यंत उज्जवल है। इस्लामी सभ्यता के इतिहास की समीक्षा से पता चलता है कि यह संस्कृति व […]

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    ईश्वर से मांगने का तरीक़ा

    Rate this post जब भी ईश्वर से दुआ करो तो उससे पहले नमाज़ पढ़ो, या दान करो, या सदकर्म करो या उसका स्मरण करोः पैग़म्बरे इस्लाम फलदार पेड़ लगाने का महत्व जो कोई एक पेड़ लगाए और वह फल देने लगे तो ईश्वर उसे उतना बदला देगा जितना वह पेड़ फल देता है। दो सबसे […]

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    फलदार पेड़ लगाने का महत्व

    Rate this post जो कोई एक पेड़ लगाए और वह फल देने लगे तो ईश्वर उसे उतना बदला देगा जितना वह पेड़ फल देता है। दो सबसे अच्छे और दो सबसे बुरे कर्म दो भले कर्म (नेकी) ऐसे हैं जिनसे बेहतर कोई नेकी नहीं। एक ईश्वर पर आस्था (ईमान) और दूसरे लोगों की मदद करना […]

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    फलदार पेड़ लगाने का महत्व

    Rate this post जो कोई एक पेड़ लगाए और वह फल देने लगे तो ईश्वर उसे उतना बदला देगा जितना वह पेड़ फल देता हैः पैग़म्बरे इस्लाम दो सबसे अच्छे और दो सबसे बुरे कर्म दो भले कर्म (नेकी) ऐसे हैं जिनसे बेहतर कोई नेकी नहीं। एक ईश्वर पर आस्था (ईमान) और दूसरे लोगों की […]

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    मदीना की एक मनोहर सुबह

    Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के ग्यारहवें उत्तराधिकारी हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म दिवस है। सन 232 हिजरी क़मरी में आठ रबीउस्सानी की मनोहर सुबह को मदीना नगर में एक महान बच्चे के जन्म का समाचार फैल गया। जी हां इस दिन इमाम अली नक़ी […]

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    दो सबसे अच्छे और दो सबसे बुरे कर्म

    Rate this post दो भले कर्म (नेकी) ऐसे हैं जिनसे बेहतर कोई नेकी नहीं। एक ईश्वर पर आस्था (ईमान) और दूसरे लोगों की मदद करना और दो कर्म ऐसे हैं जिनसे बुरा कोई कर्म नहीं एक अनेकेश्वरवाद (ईश्वर का शरीक बनाना) और दूसरे लोगों को तकलीफ़ देनाः पैग़म्बरे इस्लाम पाप का नुक़सान जो भी कोई […]

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    पाप का नुक़सान

    Rate this post जो भी कोई पाप (गुनाह )करता है तो उसकी बुद्धि (अक़्ल) का एक भाग उससे अलग हो जाता है और फिर उस तक नहीं लौटताः पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम मन की पवित्रता मन की पवित्रता ईश्वर की याद से हासिल होती हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम आत्मसुधार के […]

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    मन की पवित्रता

    Rate this post मन की पवित्रता ईश्वर की याद से हासिल होती हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम आत्मसुधार के बिना सुधार का प्रयास जो ख़ुद को सुधार नहीं सकता वह दूसरों को नहीं सुधार सकताः हज़रत अली अलैहिस्सलाम लांछन लगाना निराधार आरोप व लांछन लगाने से अधिक नीचता और कुछ नहीं हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम दूसरों […]

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    आत्मसुधार के बिना सुधार का प्रयास

    Rate this post जो ख़ुद को सुधार नहीं सकता वह दूसरों को नहीं सुधार सकताः हज़रत अली अलैहिस्सलाम लांछन लगाना निराधार आरोप व लांछन लगाने से अधिक नीचता और कुछ नहीं हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम दूसरों की कमियां ढूंढने का सामाजिक नुक़सान लोगों की कमियां मत ढूंढो वरना कोई दोस्त नहीं बनेगाः पैग़म्बरे इस्लाम रोज़ी-रोटी […]

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    लांछन लगाना

    Rate this post निराधार आरोप व लांछन लगाने से अधिक नीचता और कुछ नहीं हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम दूसरों की कमियां ढूंढने का सामाजिक नुक़सान लोगों की कमियां मत ढूंढो वरना कोई दोस्त नहीं बनेगाः पैग़म्बरे इस्लाम रोज़ी-रोटी और उम्र में वृद्धि की कुन्जी पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने फ़रमाया […]

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