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    • हिदायत व रहनुमाई
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      हिदायत व रहनुमाई

      हिदायत व रहनुमाईRate this post وَنَصَحْتُ لَكُمْ وَلَكِن لاَّ تُحِبُّونَ النَّاصِحِينَ और मैने तुम्हे नसीहत की मगर तुम नसीहत करने वालों को पसंद नही करते। सूरः ए आराफ़ आयत 78 समाजी ज़िन्दगी, दर अस्ल इंसान का बहुत से नज़रियों व अफ़कार से दो चार होना है। उनमें से कुछ अफ़कार मज़बूत व पायदार होते हैं […]

    • अबू बसीर का पड़ौसी 3
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      अबू बसीर का पड़ौसी 3

      अबू बसीर का पड़ौसी 3Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान   इस के पूर्व के दो लेखो मे अबू बसीर और उनके पड़ौसी से समबंधित कुछ् बातो का वर्णन किया गया जिसके पहले लेख मे अबु बसीर अपने पड़ौसी से परेशान रहते है समझाने बुझाने पर भी […]

    • ग़ौर व फ़िक्र
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      ग़ौर व फ़िक्र

      ग़ौर व फ़िक्रRate this post و يتفكرون فى خلق السموات والارض ربنا ما خلقت هذا باطلا और वह आसमान व ज़मीन की ख़िलक़त के बारे में ग़ौर व फ़िक्र करते हैं, परवर दिगार तूने इन्हें बेहूदा ख़ल्क़ नही किया है। सूरा ए निसा आयत न. 189 घर के माहौल में ज़िन्दगी बसर करना बहुत आसान […]

    • कपड़ो का वो रंग जो मसनून या मकरुह है
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      कपड़ो का वो रंग जो मसनून या मकरुह है

      कपड़ो का वो रंग जो मसनून या मकरुह हैRate this post उन रंगों का बयान जिनका कपड़ो में होना मसनून या मकरुह है हफ़्ज़ मुवज़्ज़िन ने रिवायत की है कि मैं ने जनाबे इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) को देखा कि वह क़ब्र और मिम्बरे रसूल ख़ुदा (स) के दरमियान नमाज़ पढ़ रहे थे और जर्द […]

    • दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 1
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      दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 1

      दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 1Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   इस्लाम मे पश्चाताप का अर्थ है पापी का अपने पापो पर पछतावा करना, अपने किए हुए पापो से शर्मिंदा होकर ईश्वर की ओर पलट जाना, यह मार्ग मानव के लिए सदैव […]

    • उदाहरणीय महिला 4
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      उदाहरणीय महिला 4

      उदाहरणीय महिला 4Rate this post पुस्तकः पश्चाताप दया की आलिंग्न लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान   وَضَرَبَ اللَّهُ مَثَلاً لِلَّذِينَ آمَنُوا امْرَأَةَ فِرْعَوْنَ إِذْ قَالَتْ رَبِّ ابْنِ لِي عِندَكَ بَيْتاً فِي الْجَنَّةِ وَنَجِّنِي مِن فِرْعَوْنَ وَعَمَلِهِ وَنَجِّنِي مِنَ الْقَوْمِ الظَّالِمِينَ   “वा ज़राबल्लाहो मसालन लिललज़ीन आमानू इम्रअता फ़िरऔना इज़ क़ालत रब्बिबने ली इनदका बैतन फ़ील जन्नते वानज्जेनी […]

    • अस्रे हाज़िर का जवान और आईडियल
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      अस्रे हाज़िर का जवान और आईडियल

      अस्रे हाज़िर का जवान और आईडियलRate this post आज के तरक़्क़ी याफ़ता दौर में हर नौ जवान को अपने आईडियल की तलाश है। कोई किसी फ़नकार में अपना आईडियल तलाश करता है तो कोई हिदायत कार में अपना आईडियल तलाश करने की कोशिश करता है और फिर उसी के तर्ज़ पर अपनी ज़िन्दगी गुज़ारने की कोशिश करता […]

    • शावाना की पश्चाताप
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      शावाना की पश्चाताप

      शावाना की पश्चातापRate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान   स्वर्गीय मुल्ला अहमद नराक़ी अपनी मैराजुस्सआदत नामी अख़लाक़ी महान पुस्तक मे वास्तविक पश्चाताप के संदर्भ मे एक विचित्र घटना का वर्णन करते हुए कहते हैः शावाना एक जवान डांसर महिला थी, जिसकी आवाज अत्यधिक सुरीली थी, किन्तु वह […]

    • सब्र व तहम्मुल
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      सब्र व तहम्मुल

      सब्र व तहम्मुलRate this post رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا पालने वाले हमें सब्र अता फ़रमा। सूरः ए बक़रा आयत 250 ख़ुदावंदे आलम ने क़ुरआने मजीद में इस नुक्ते की दो बार तकरार की है कि ان مع العسر يسری  आराम व सुकून दुशवारी व सख़्ती के साथ है। दक़ीक़ मुतालए से मालूम होता है कि […]

    • तीन पश्चातापी मुसलमान 2
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      तीन पश्चातापी मुसलमान 2

      तीन पश्चातापी मुसलमान 2Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान   इस लेख से पहले वाले लेख मे इस बात की व्याख्या की थी कि जब पैग़म्बर को तबूक के युद्ध की समस्या आई थी तो उस युद्ध मे तीन व्यक्तियो ने भाग नही लिया था जिस के […]

    • यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 5
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      यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 5

      यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 5Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   हुर ने उत्तर दियाः मुझे पत्रो से समबंधित कोई बोध नही है, इमाम अलैहिस्सलाम ने पत्र मंगवाए और हुर के सामने रख दिए, यह देख हुर ने कहाः मैने कोई पत्र नही लिखा […]

    • एतेमाद व सबाते क़दम
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      एतेमाद व सबाते क़दम

      एतेमाद व सबाते क़दमRate this post كانهم بنين مرصوص वह लोग सीसा पिलाई हुई दिवार की तरह हैं। सूरः ए सफ़ आयत न. 5 नहजुल बलाग़ा में हज़रत अली अलैहिस्लाम का यह क़ौल नक़्ल हुआ हैं- يوم لک و يوم عليک एक रोज़ तुम्हारे हक़ में और दूसरा तुम्हारे ख़िलाफ़ है। इस से मालूम होता […]

    • ईर्ष्या से हानि
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      ईर्ष्या से हानि

      ईर्ष्या से हानिRate this post ईर्ष्या शरीर को कमज़ोर और रोगी बनाता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम हसद से नुक़सान हसद, जिस्म को कमज़ोर करता है और इंसान को मरीज़ कर देता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम जल्दबाज़ी का नुक़सान लोग जल्दबाज़ी के कारण बर्बाद होते हैं अगर लोग जल्दबाज़ी से दूर रहते तो कोई भी बर्बाद […]

    • शुक्रिया
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      शुक्रिया

      शुक्रियाRate this post “शुक्रिया”—-एक बहुत ही जाना पहचाना लफ़्ज़ है जिसका इस्तेमाल सभी ज़बानों और मज़हबों में होता है। कहने में इतना हलका मगर इतना वज़नी कि इसके आगे दुनिया की हर चीज़ छोटी और हलकी है। अगर किसी इंसान की नेकी और एहसान के बदले में उसका शुक्रिया अदा कर दिया जाए तो वह […]

    • दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 8
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      दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 8

      दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 8Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   प्रारम्भ मे आप का इक़दाम, इस कुरूक्षेत्र और दस मोहर्रम के सायंकाल, कूफ़े की ओर आपक का ध्यान देना मार्ग मे घटित घटनाऐ एंव रास्ते भर आपका तज़क्कुर और याद दहानी […]

    • सिफ़ाते मोमिन (7)
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      सिफ़ाते मोमिन (7)

      सिफ़ाते मोमिन (7)Rate this post कुछ अहादीस के मुताबिक़ 25 ज़ीक़ादह रोज़े “ दहुल अर्ज़ ” और इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम के मदीने से तूस की तरफ़ सफ़र की तारीख़ है। “दह्व”के माअना फैलाने के हैं। कुरआन की आयत “ व अलअर्ज़ा बअदा ज़ालिका दहाहा ”[1]  इसी क़बील से है। ज़मीन के फैलाव से क्या मुराद […]

    • सच्चाई
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      सच्चाई

      सच्चाईRate this post सच्चाई और ईमानदारी से ही एक इंसान, इंसान बनता है। असल में यह दोनों एक ही हैं क्यों कि सच्चाई बातचीत के बीच अमानतदारी के अलावा और कुछ नहीं है। इसी तरह अमानतदारी काम में सच्चाई बरतने ही का दूसरा नाम है। और इन दोनों के समाजी ऐतबार से असरात भी क़रीब-क़रीब […]

    •  किस तरह ग़रीबी और ऋण (क़र्ज़) से छुटकारा पाएँ ?
      किस तरह ग़रीबी और ऋण (क़र्ज़) से छुटकारा पाएँ ?
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      किस तरह ग़रीबी और ऋण (क़र्ज़) से छुटकारा पाएँ ?

      किस तरह ग़रीबी और ऋण (क़र्ज़) से छुटकारा पाएँ ?Rate this post सवालः मैं एक ग़रीब इंसान हूँ और पोर-पोर तक क़र्ज़ में डूबा हूँ। जितनी भी कोशिश करता हूँ सब बेकार हो जाती हैं। जिस काम को भी हाथ लगाता हूँ ख़राब हो जाता है। मुझे अपने क़र्ज़े को लेकर बहुत चिंता होती है […]

    • सच्चा व्यक्ति और पश्चाताप करने वाला चोर
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      सच्चा व्यक्ति और पश्चाताप करने वाला चोर

      सच्चा व्यक्ति और पश्चाताप करने वाला चोरRate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान   सज्जन पुरूष अबू उमर ज़जाजी कहते हैः मेरी माता का स्वर्गवास हो गया उनकी वीरासत से मुझे एक घर प्राप्त हुआ, मै उस घर को बेचकर हज के लिए चल पड़ा, जिस समय मै […]

    • दुर्व्यवहार
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      दुर्व्यवहार

      दुर्व्यवहारRate this post जान लो कि बंदा अपने दुर्व्यवहार के कारण नरक के अंतिम दर्जे में होगाः पैग़म्बरे इस्लाम ईर्ष्या से हानि ईर्ष्या शरीर को कमज़ोर और रोगी बनाता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम हसद से नुक़सान हसद, जिस्म को कमज़ोर करता है और इंसान को मरीज़ कर देता हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम जल्दबाज़ी का नुक़सान […]

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