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    दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 8

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   प्रारम्भ मे आप का इक़दाम, इस कुरूक्षेत्र और दस मोहर्रम के सायंकाल, कूफ़े की ओर आपक का ध्यान देना मार्ग मे घटित घटनाऐ एंव रास्ते भर आपका तज़क्कुर और याद दहानी करानाः   اَلاَمْرُ يَنْزِلُ مِنَ السَّماءِ وَكُلَّ يَوْم هُوَ […]

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    दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 7

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   जी हा, हे इस्लाम के प्रचारको ! तुम से इस आशा की किरन को कही कोई छीन ना ले, विभिन्न स्थानो पर सामने आने वाली समस्याओ से निराश ना होना, तुम्हारे हालात हज़रत मुहम्मद सललल्लाहोअलैहेवाआलेहिवसल्लम के ज़माने से अधिक कठिन नही है। कहते […]

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    दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 6

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   बुद्धि जो कि छुपी हुई है उसको  नूरे फ़िरासत और इमान (जो कि स्वयं कश्फ़ की साधारण शक्ति है) को पहले कश्फ़ करती है, उसके पश्चात नूरे नबूवत जो (मनुष्य की) सारी शक्तियो से ऊपर है रूहे रवान के स्थान को […]

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    दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 5

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान यह वह रहस्य है जिसे ईश्वर ने प्रत्येक व्यक्ति की फ़ितरत मे छुपा रखा है, इसी रहस्य का बोध ना होना इसलाम के प्रचारको को उम्मीदवारी और दिलदारी देता हुआ कहता हैः कदापि प्रचार एंव प्रभाव से निराश ना होना, मनुष्य […]

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    युसुफ़ के भाईयो की पश्चाताप 4

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   वह कमीज़ झूठे रक्त से रंगीन थी, परन्तु यह कमीज़ एक चमत्कार है, देखिए तो सही की सच और झूठ मे कितना अंतर है भाईयो का क़ाफिला तीसरी बार मिस्र से कनआन की ओर चल पड़ा। उधर आसमानी मोबाइल और […]

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    युसुफ़ के भाईयो की पश्चाताप 3

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   हजरत युसुफ़ ने कहाः मैने तुम को क्षमा कर दिया, तुम्हे कोई कुच्छ नही कहेगा, कोई सज़ा नही मिलेगी, मै कोई सन्निहित नही लूंगा, और ईश्वर भी तुम्हारे पापो को क्षमा कर देगा। जी हा दिव्य प्रतिनिधी इसी प्रकार होते […]

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    युसुफ़ के भाईयो की पश्चाताप 2

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   यह लोग काफ़ी देर तक कोई उत्तर नही दे सके, बीती घटना को याद करने लगे, अज़ीज़े मिस्र से सुनी हुई बाते उनके दिमाग मे चक्कर लगा रही थी कि अचानक सबने एक साथ मिलकर प्रश्न कियाः क्या तुम ही […]

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    युसुफ़ के भाईयो की पश्चाताप 1

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   तीसरी यात्रा मे जब याक़ूब अलैहिस्सलाम के सभी पुत्र, जनाबे युसुफ़ अलैहिस्सलाम की सेवा मे उपस्थित हुए तो उन्होने कहाः महाराज ! हमारे पूरे क्षेत्र मे आकाल फैल चुका है, हमारा परिवार कठिनाईया सहन कर जीवन व्यतीत कर रहा है, हमारी शक्ति […]

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    शुक्रिया

    Rate this post “शुक्रिया”—-एक बहुत ही जाना पहचाना लफ़्ज़ है जिसका इस्तेमाल सभी ज़बानों और मज़हबों में होता है। कहने में इतना हलका मगर इतना वज़नी कि इसके आगे दुनिया की हर चीज़ छोटी और हलकी है। अगर किसी इंसान की नेकी और एहसान के बदले में उसका शुक्रिया अदा कर दिया जाए तो वह […]

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    सच्चाई

    Rate this post सच्चाई और ईमानदारी से ही एक इंसान, इंसान बनता है। असल में यह दोनों एक ही हैं क्यों कि सच्चाई बातचीत के बीच अमानतदारी के अलावा और कुछ नहीं है। इसी तरह अमानतदारी काम में सच्चाई बरतने ही का दूसरा नाम है। और इन दोनों के समाजी ऐतबार से असरात भी क़रीब-क़रीब […]

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    तीन पश्चातापी मुसलमान 3

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान इसके पूर्व के लेख मे स्वयं कआब के कथन को बयान किया था जिसमे कआब एक ईसाई द्वारा चिठठी देने की कहानी बताते है और वह चिठठी पढ़ने के पश्चात क्रोधित होते है और कहते है कि अब यह समय आ […]

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    तीन पश्चातापी मुसलमान 2

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान   इस लेख से पहले वाले लेख मे इस बात की व्याख्या की थी कि जब पैग़म्बर को तबूक के युद्ध की समस्या आई थी तो उस युद्ध मे तीन व्यक्तियो ने भाग नही लिया था जिस के कारण पैगम्बर उनसे […]

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    तीन पश्चातापी मुसलमान 1

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारियान   जिस समय तबूक युद्ध की समस्या आई, पैग़म्बर के तीन सहाबी कआब पुत्र मालिक, मुरारा पुत्र रबि तथा हिलाल पुत्र उमय्या हज़रत मुहम्मद के साथ बातिल के विरूद्ध कुरूक्षेत्र मे जाने के लिए तैयार नही हुए। उसका कारण उनकी सुस्ती, […]

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    दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 4

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   ईश्वर दूत प्रत्येक समय मे आशा की किरन द्वारा ग़ैब की बातो से पर्दा हटने की प्रतीक्षा मे रहते थे, नई किरन से निराश नही होते थे, यहा तक के अंतिम समय मे भी पापी के अंतिम सांस को मुजरिम […]

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    दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 3

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   विद्वान (अल्लामा) कमरेई जिन की ओर से ग़रीब (लेखक) साहेबे इजाज़ा भी है अपनी पुस्तक“उनसुरे शहादत” मे कहते हैः जिस समय बच्चो एंव परिवार के लोगो ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की गुहार सुनीः   اَلا ناصِرٌ يَنْصُرُنا . . . ؟ अला नासेरुन यनसोरोना …? […]

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    दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 2

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का अंतिम निमंत्रण उस समय था जब आप अकेले बचे थे जब आपके सारे साथी और परिवार वाले शहीद हो गए तथा कोई नही था, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने एक गुहार लगाकर कहाः क्या कोई मेरा सहायक […]

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    दस मोहर्रम के सायंकाल को दो भाईयो की पश्चाताप 1

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   इस्लाम मे पश्चाताप का अर्थ है पापी का अपने पापो पर पछतावा करना, अपने किए हुए पापो से शर्मिंदा होकर ईश्वर की ओर पलट जाना, यह मार्ग मानव के लिए सदैव खुला हुआ है क्योकि दिव्य पाठशाला उम्मीद तथा आशा […]

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    यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 10

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   हुर, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की ओर, अपने हाथो को सर पर रखे हुए कहते चले जा रहे थेः हे पालनहार! तेरे दरबार मे पश्चाताप करते हुए उपस्थित हो रहा हूँ मेरी पश्चाताप स्वीकार कर क्योकि मैने तेरे औलिया और तेरे दूत की […]

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    यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 9

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   हुर के क़दम दुश्मन के जाल से निकल चुके थे, वह दुनिया को पीछे छौड़ चुका था, शासन, पद और हैबत तथा जलालत सब कुछ पीछे रह गए थे उस समय यदि क़दमो मे थोड़ा सा जमाओ हो तो सारी […]

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    यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 8

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   हुर ने ज़बान खोलते हुए कहाः कि मै दोराहे पर खड़ा हूँ मै स्वयं को स्वर्ग एंव नर्क के बीच पा रहा हूँ, उसके पश्चात कहाः ईश्वर की सौगंध कोई भी चीज़ स्वर्ग के मुक़ाबले मे नही है, मै स्वर्ग […]

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