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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (23)

    Rate this post इमाम सज्जाद(अ) मकारेमुल अख़लाक़ नामक दुआ में एक स्थान पर ईश्वर से विनती करते हुये कहते हैः “हे पालनहार, मोहम्मद और उनके परिजनों पर सलाम भेज तथा मुझे जीवन के सभी कामों में सन्तुलन एवं मध्यमार्ग से लाभान्वित कर।” सन्तुलन एवं मध्य मार्ग, अतिवाद से दूरी का नाम है और यही वह सीधा रास्ता है जिसकी ओर मानवता को […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (22)

    Rate this post रमज़ान के पवित्र महीने में यह ऐसा समय है जब दयालु व तत्वदर्शी ईश्वर की दया व कृपा ने हर समय से अधिक उसके बंदों को अपना पात्र बना रखा है। रमज़ान के पवित्र महीने के इन दिनों के शबे क़द्र होने की अधिक संभावना है। शबे क़द्र वह रात है जिसमें ईश्वर पूरे वर्ष […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (20)

    Rate this post इमाम सज्जाद(अ) दुआ के इस भाग में ईश्वर से विनती करते हुये कहते हैः “हे पालनहार, मोहम्मद और उनके परिजनों पर सलाम भेज तथा मुझे जीवन के सभी कामों में सन्तुलन एवं मध्यमार्ग से लाभान्वित कर।” सन्तुलन एवं मध्य मार्ग, अतिवाद से दूरी का नाम है और यही वह सीधा रास्ता है जिसकी ओर मानवता को उन्मुख करने […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (19)

    Rate this post आज रमज़ान की १९ तारीख़ है।  वही तारीख़ जब वर्ष ४० हिजरी क़मरी में सुबह की नमाज़ पढ़ते समय ईश्वर के महान साहसी एवं न्यायी दास के सिर पर मानव समाज के अत्यंत तुच्छ व्यक्ति की द्वेषपूर्ण तलवार ने वार किया।  उस रात के बारे में इतिहास में आया है कि उस निर्धारित रात में सदगुणों केसरदार […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (18)

    Rate this post इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम इस दुआ में एक स्थान पर ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहते हैः हे पालनहार! इस स्थिति में कि मेरा मार्गदर्शन तेरे लिए संभव है, पथभ्रष्टता की ओर मेरा झुकाव न हो। अरबी भाषा के ज़लाल शब्द का अर्थ होता है सीधे मार्ग से हटना और इसका विलोम मार्गदर्शन है।मार्गदर्शन का अर्थ […]

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    रमज़ानुल मुबारक -2013- (17)

    Rate this post   इस साल पवित्र रमज़ान गर्मियों में पड़ा है।  विश्व के बहुत से देशों में लोग भीषण गर्मी में रोज़े रख रहे हैं।  निश्चित रूप से इस गर्मी में रोज़े का सवाब अर्थात पुण्य भी अधिक है।  इस बारे में पैग़म्बरे इस्लाम(स) का कथन है कि गर्मी के दिनों में रोज़े रखना, ईश्वर के मार्ग में संघर्ष करने के […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (16)

    Rate this post उचित खान पान का यदि प्रबन्ध रखा जाये तो शिशु को दूध पिलाने वाली माताओं के रोज़ा रखने में कोई समस्या नहीं है। परन्तु इस बात की अनुशंसा की जाती है कि दूध पिलाने वाली मातायें पहले 6 महीने की अवधि में रोज़ा न रखें क्योंकि बच्चा इस अवधि में पूर्ण रूप […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (15)

    Rate this post इस संसार के अन्त में लौटने का कोई मार्ग नहीं है ठीक उसी प्रकार जैसे अविकसित व विकरित बच्चा विकास करने एवं विकार दूर करने के लिये पुनः माता के पेट में नहीं जा सकता तथा पेड़ से टूटा हुआ फल दोबारा पेड़ में नहीं लग सकता। यह एक प्रकार से हमारे […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (14)

    Rate this post मनुष्य अपनी पवित्र प्रवृत्ति और स्वस्थ हृदय के साथ सदैव परिपूर्णता और कल्याण के मार्ग पर अग्रसर रहता है किन्तु उसे एक जानी दुश्मन का सामना रहता है जो सदैव षड्यंत्र रचता रहता है ताकि उसे ईश्वर के सही व उच्च मार्ग से रोके रखे। उस समय से जब ईश्वर ने शैतान […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (13)

    Rate this post मनुष्य की शारीरिक प्रणाली में नींद भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना खाना-पीना। सोने की स्थिति में शरीर को विश्राम का समय मिल जाता है। भौतिक रूप से ऊर्जा ख़र्च नहीं होती इस लिये भीतरी टूट फूट को सुधारने और पुनर्निमाण का काम भलीभान्ति होने लगता है। अतः यह स्थिति स्वास्थ्य के […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (12)

    Rate this post इस साल पवित्र रमज़ान गर्मियों में पड़ा है।  विश्व के बहुत से देशों में लोग भीषण गर्मी में रोज़े रख रहे हैं।  निश्चित रूप से इस गर्मी में रोज़े का सवाब अर्थात पुण्य भी अधिक है।  इस बारे में पैग़म्बरे इस्लाम (स) का कथन है कि गर्मी के दिनों में रोज़े रखना, […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (11)

    Rate this post ईश्वर से आपकी उपासनाओं की स्वीकारोक्ति की कामना के साथ कार्यक्रम को एक बार फिर इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की प्रसिद्ध दुआ मकारेमुल अख़लाक़ के एक टुकड़े से आरंभ कर रहे हैं। इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम इस दुआ में एक स्थान पर कहते हैः हे पालनहार! मुझे तेरी उपासना में आलस्य से […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (10)

    Rate this post पवित्र रमज़ान के मूल्यवान समय में आशा करते हैं कि रोज़े की सही पहचान प्राप्त कर अपने शरीर व आत्मा को उन चीज़ों से दूर रखेंगे जिसे ईश्वर ने हराम अर्थात वर्जित घोषित किया है और इस प्रकार अपने अंतर्मन को स्वच्छ बनाएंगे। इस बात में शक नहीं कि वर्जित चीज़ों से […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (9)

    Rate this post हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम ईश्वर से दुआ करते हुए कहते हैः हे ईश्वरः निकटवर्तियों की शत्रुता को मित्रता में और उनके अलगाव को भलाई और मिलाप में बदल दे। जैसाकि आप जानते हैं कि अधिकाशं लोग अपनी आंतरिक मित्रता और शत्रुता जैसी आंतरिक भावना को विभिन्न ढंग से व्यक्त करते हैं […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (8)

    Rate this post ईश्वर से आपकी उपासनाओं की स्वीकृति की मनोकामना करते हुए आज के कार्यक्रम का आरंभ मकारिमुल एख़लाक़ की दुआ के एक भाग से कर रहे हैं। इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहते हैः हे प्रभु मुझमें कोई भी ऐसी आदत जो बुरी हो उसे यूंही न रहने दे […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (7)

    Rate this post पवित्र रमज़ान के दिन और रात एक के बाद एक गुज़र रहे हैं। रमज़ान के घंटे मूल्यवान उपहार हैं। इस विशिष्ट अवसर का सदुपयोग करना चाहिए और इस महीने के बाक़ी बचे दिन को बर्बाद होने से बचाना चाहिए। इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की प्रसिद्ध दुआ मकारेमुल एख़लाक़ का एक टुकड़े का […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (6)

    Rate this post इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की दुआ मकारेमुल अखलाक़ के एक भाग में कहा गया है कि हे ईश्वर मुझे सम्मान प्रदान कर और मुझे आत्ममुग्धता में ग्रस्त न कर।       सम्मान, आत्मा की श्रेष्ठता की दशा है जो मनुष्य को ईश्वर के अतिरिक्त किसी भी शक्ति के सामने झुकने से रोकती है। […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (5)

    Rate this post  इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की दुआ मकारेमुल अखलाक़ के एक भाग में कहा गया है कि हे ईश्वर! मोहम्मद और उनके वंश पर सलाम भेज और मुझे उन कामों से बचा जो मुझे पूर्ण रूप से स्वंय में व्यस्त कर लेते हैं और मुझे उन कामों में व्यस्त रख जिनके बारे में […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (4)

    Rate this post इमाम ज़ैनुलआबेदीन की प्रसिद्ध दुआ मकारेमुलअखलाक़ के एक भाग में कहा गया हैः हे ईश्वर अपनी कृपा से मेरी नीयत को सम्पूर्ण कर दे और अपने ऊपर मेरे विश्वास को सही करदे और मेरी भीतर जो खराबियां हैं उन्हें अपनी शक्ति से ठीक कर दे। नीयत के सम्पूर्ण होने का प्रथम चिन्ह, […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (3)

    Rate this post रमज़ान, वंदना का बेहतरीन मौसम है। ईश्वर की उपासना और उसके सामिप्य की प्राप्ति के लिए उचित अवसर है। बहुत से लोग इस वास्तविकता को भलिभांति समझते हैं कि पवित्र रमज़ान के बिना जीवन खोखला है। यदि रमज़ान जैसा आध्यात्मिक अवसर न हो तो हमारे मन पापों के कारण काले हो जाएंगे। […]

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