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    • वहाबियत, वास्तविकता व इतिहास -1
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      वहाबियत, वास्तविकता व इतिहास -1

      वहाबियत, वास्तविकता व इतिहास -1Rate this post वहाबियत की आधारशिला रखने वाले इब्ने तैमिया ने अपने पूरे जीवन में बहुत सी किताबें लिखीं और अपनी आस्थाओं का अपनी रचनाओं में उल्लेख किया है। उन्होंने ऐसे अनेक फ़त्वे दिए जो उनसे पहले के किसी भी मुसलमान धर्मगुरुओं ने नहीं दिए विशेष रूप से ईश्वर के बारे […]

    • 1- तौहीद
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      1- तौहीद

      1- तौहीदRate this post तौहीद के सम्पूर्ण व परिपूर्ण प्रसंसा यह है किः इंसान को जान लेना चाहीए, कि ख़ूदा वन्दे आलम इस पृथ्वी को सृष्ट किया है. और इस पृथ्वी को अनुपस्थित से उपस्थित में लाया है। और उस पृथ्वी को समस्त प्रकार के निर्देश उस अल्लाह के हाथ में है, रुज़ी, ज़िन्दगी, मौत देना,सही व सालिम रख़ना, व्याधि […]

    • डिक्शनरी में शिया का मतलब
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      डिक्शनरी में शिया का मतलब

      डिक्शनरी में शिया का मतलबRate this post अरबी डिक्शनरीयों में शिया शब्द, किसी एक इंसान या कई इंसानों का किसी दूसरे की बात मानना, किसी की मदद व सपोर्ट करना, तथा कहने या करने में समन्वयन और हमाहंगी के मतलब में इस्तेमाल किया जाता है। नीचे कुछ मशहूर डिक्शनरीयों के नमूने प्रस्तुत किए जा रहे […]

    • शियों के अहले सुन्नत से प्रश्न
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      शियों के अहले सुन्नत से प्रश्न

      शियों के अहले सुन्नत से प्रश्नRate this post 1-खलीफ़ा की नियुक्ति अच्छा कार्य है या बुरा? अगर अच्छा कार्य है तो फ़िर क्यों कहा जाता है कि पैगम्बर ने किसी को खलीफ़ा नियुक्त नही किया। और अगर यह कार्य बुरा है तो फ़िर आदरनीय अबुबकर व उमर ने यह कार्य क्यों किया? 2-जब हज़रत पैगम्बर […]

    • सिफ़ाते जमाल व जलाल
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      सिफ़ाते जमाल व जलाल

      सिफ़ाते जमाल व जलालRate this post हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह की ज़ाते पाक हर ऐब व नक़्स से पाक व मुनज़्ज़ह और तमाम कमालात से आरास्ता,बल्कि कमाले मुतलक़ व मुतलक़े कमाल है दूसरे अलफ़ाज़ में यह कहा जा सकता है कि इस दुनिया में जितने भी कमालात व ज़ेबाई पाई जाती है उसका सर […]

    • मदीने की हिज़रत
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      मदीने की हिज़रत

      मदीने की हिज़रतRate this post आपकी तेरह साल की बेसात, मक्के के काफिर व मुशरेकीन लोगों ने नीयत किया था कि आप को इस शहर से बाहर किया जाए, यही कारण था कि आपके उपर इतना अत्याचर व सितम डाया गया, आख़िर में अल्लाह की तरफ़ से पैग़ाम पहुचा, आप मक्के को परित्याग़ करके मदीना की तरफ़ हिज़रत करे। […]

    • तौहीद के फ़ायदे
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      तौहीद के फ़ायदे

      तौहीद के फ़ायदेRate this post यह बात मुसल्लम है कि अक़ीदा इंसान पर अपना असर छोड़ता है, अगर अक़ीदा बुरा है तो असर भी बुरा होगा और अगर अक़ीदा अच्छा है तो असर भी अच्छा होगा। तौहीद भी एक ऐसा अक़ीदा है जो मुख़्तलिफ़ जेहतों से हमारी ज़िन्दगी पर नेक और अच्छे असरात ज़ाहिर करता […]

    • मआद (क़ियामत) के बग़ैर ज़िन्दगी बेमफ़हूम है
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      मआद (क़ियामत) के बग़ैर ज़िन्दगी बेमफ़हूम है

      मआद (क़ियामत) के बग़ैर ज़िन्दगी बेमफ़हूम हैRate this post हमारा अक़ीदह है कि मरने के बाद एक दिन तमाम इंसान ज़िन्दा होगें और आमाल के हिसाब किताब के बाद नेक लोगों को जन्नत में व गुनाहगारों को दोज़ख़ में भेज दिया जायेगा और वह हमेशा वहीँ पर रहे गें। “अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हुवा लयजमअन्नाकुम इला यौमिल क़ियामति ला […]

    • कैसी होगी मौत के बाद की जिंदगी
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      कैसी होगी मौत के बाद की जिंदगी

      कैसी होगी मौत के बाद की जिंदगीRate this post यह सवाल हमेशा से इंसान को परेशान करता रहा है। दुनिया का हर मज़हब मौत के बाद जिंदगी का यकीन दिलाता है जबकि मज़हब से इतर लोगों का मानना है कि मौतके बाद जिस्म सड़ गल कर मिट्‌टी हो जाता है और उसके बाद दूसरी जिंदगी का सवाल ही नहीं उठता। […]

    • न वह जिस्म रखता है और न ही दिखाई देता है
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      न वह जिस्म रखता है और न ही दिखाई देता है

      न वह जिस्म रखता है और न ही दिखाई देता हैRate this post हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह आखोँ से हर गिज़ दिखाई नही देता, क्योँ कि आख़ोँ से दिखाई देने का मतलब यह है कि वह एक जिस्म है जिसको मकान, रंग, शक्ल और सिम्त की ज़रूरत होती है,यह तमाम सिफ़तें मख़लूक़ात की है,और […]

    • ज़ाते ख़ुदा की हक़ीक़त सबसे पौशीदा है
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      ज़ाते ख़ुदा की हक़ीक़त सबसे पौशीदा है

      ज़ाते ख़ुदा की हक़ीक़त सबसे पौशीदा हैRate this post हमारा अक़ीदह है कि इसके बावुजूद कि यह दुनिया अल्लाह के वुजूद के आसार से भरी हुई है फ़िर भी उसकी ज़ात की हक़ीक़त किसी पर रौशन नही है और न ही कोई उसकी ज़ात की हक़ीक़त को समझ सकता है, क्योँ कि उसकी ज़ात हर […]

    • कूरआन तर्हीफ़-परिवर्तन नहीं हुआ
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      कूरआन तर्हीफ़-परिवर्तन नहीं हुआ

      कूरआन तर्हीफ़-परिवर्तन नहीं हुआRate this post इस चीज़ में कोई शक नहीं है, कि पृथ्वी के समस्त प्रकार मुस्लमान प्रसिद्ध व पवित्र ग्रंथ कूरआन मजीद पर एक विशेष यक़ीन रख़ते है। वेसात शुरु होने से पहले विभिन्न क़ौम और दल के अन्दर एक फ़साहत व वलाग़त का एक विशेश चर्चा था, या विशेश स्थान था और यह […]

    • पैग़म्बरे कौन और उनकी पेहचान का निदर्शन क्या है?
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      पैग़म्बरे कौन और उनकी पेहचान का निदर्शन क्या है?

      पैग़म्बरे कौन और उनकी पेहचान का निदर्शन क्या है?Rate this post पैग़म्बरे एक इंसान के उदाहरण जैसे नहीं हैं लेकिन उन में इंसान का कोई दख़ल भी नहीं,लेकिन उन के निकट यह शक्ति भी है. कि फरिश्ते के वहीके माध्यम अल्लाह से एक गंम्भीर सम्पर्क बर्क़रार करे और अल्लाह की विधान को इंसानों तक पहुचा […]

    • महान ईश्वर सर्वज्ञाता है : 1
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      महान ईश्वर सर्वज्ञाता है : 1

      महान ईश्वर सर्वज्ञाता है : 1Rate this post जो लोग यह मानते हैं कि मनुष्य का हर काम ईश्वर के आदेश से होता है और मनुष्य में अपना कोई इरादा नहीं होता और वह अपने इरादे से कोई काम नहीं कर सकता उनका कहना है कि मनुष्य का इरादा आंतिरक रूचियों व रुझानों से बनता […]

    • आख़री हज और उस के बाद की घटना
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      आख़री हज और उस के बाद की घटना

      आख़री हज और उस के बाद की घटनाRate this post सिपासः विधान के लिहाज़ से इस्लाम परिपूर्ण व समाप्त हुआ, रसूले ग़ेरामी हूज्जतूल विदा में हज्ज के समस्त प्रकार बिधान को मुस्लमानों के उद्देश्व तालीम दी, जिस समय आप आख़री हज करके वापस आरहे थें ग़दीरे ख़ुम के मैदान में हज़रत अली (अ) को अपना जानशीन निर्वाचन […]

    • 2 कारक और ईश्वर
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      2 कारक और ईश्वर

      2 कारक और ईश्वरRate this post दूसरी बात यह है कि ऊर्जा और पदार्थ की मात्रा का स्थिर रहना और सदैव रहना, इस अर्थ में नहीं है कि उन्हें किसी रचयता की आवश्यकता ही नहीं है बल्कि ब्रहमांड की आयु जितनी अधिक होगी उतनी ही अधिक उसे किसी रचयता की आवश्यकता होगी क्योंकि रचना के […]

    • ईश्वर और उसका ज्ञान 1
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      ईश्वर और उसका ज्ञान 1

      ईश्वर और उसका ज्ञान 1Rate this post हमने ईश्वरीय दूतों की उपस्थिति की आवश्यकता और उस पर कुछ शंकाओं पर चर्चा की किंतु जब हम यह कहते हैं कि मानव ज्ञान सीमित है और मनुष्य केवल अपने ज्ञान के बल पर ही ईश्वरीय अर्थों की पूर्ण रूप से जानकारी प्राप्त नहीं कर सकता और उसके […]

    • सिफाते जमाल व कमाले ख़ुदा
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      सिफाते जमाल व कमाले ख़ुदा

      सिफाते जमाल व कमाले ख़ुदाRate this post ख़ुदा वन्दे आलम एक व एकताई है और समस्त की समस्त अच्छी गुणावली उस के भीतर उपस्थित है, उदाहरणः ज्ञानः ज्ञान का अर्थ है, कि अल्लाह समस्त जहान के मख्लूक़ को चाहे वह बड़ा हो या छोटा या कहीं भी हो हत्ता इंसानों के दिलों में वह उस चीज़ को […]

    • अल्लाह की पहचान
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      अल्लाह की पहचान

      अल्लाह की पहचानRate this post दीन का आधार सृष्टि के रचयता के वुजूद पर विश्वास रखना है और भौतिकवादी व इलाही विचारधारा के बीच मुख्य अंतर भी इसी विश्वास का होना और न होना है। इस आधार पर सत्य के खोजी के सामने जो पहली बात आती है और जिस का जवाब उसके लिए किसी […]

    • कैसा है ईश्वर का जीवन? : 2
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      कैसा है ईश्वर का जीवन? : 2

      कैसा है ईश्वर का जीवन? : 2Rate this post अब प्रश्न यह है कि ईश्वर के जीवन का क्या अर्थ है? इसके लिए यह जानना आवश्यक होगा कि जीवन का क्या अर्थ है। उस अर्थ में जीवन जिस के लिए ज्ञान व शक्ति अनिवार्य हों वास्तव में शरीर की नहीं बल्कि आत्मा की विशेषता होता […]

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