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    • तौहीद की क़िस्में
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      तौहीद की क़िस्में

      तौहीद की क़िस्मेंRate this post हमारा अक़ीदह है कि तौहीद की बहुत सी क़िस्में हैं जिन में से यह चार बहुत अहम हैं। तौहीद दर ज़ात यानी उसकी ज़ात यकता व तन्हा है और कोई उसके मिस्ल नही है तौहीद दर सिफ़ात यानी उसके सिफ़ात इल्म, क़ुदरत, अज़लीयत,अबदियत व …..तमाम उसकी ज़ात में जमा हैं […]

    • क़ुरआनी अलफ़ाज़ की ग़लत तफ़सीर (वहाबियत के हाथों)
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      क़ुरआनी अलफ़ाज़ की ग़लत तफ़सीर (वहाबियत के हाथों)

      क़ुरआनी अलफ़ाज़ की ग़लत तफ़सीर (वहाबियत के हाथों)Rate this post इस मज़हब का अहम तरीन कारनामा तौहीद और शिर्क का मसअला है और जैसा कि मेने कहा कि यह सब इब्ने तेमिया के अक़ीदों की पैदा वार है। “मुहम्मद बिन अब्दुल वहाब” अपनी मेगज़ीन “कश्फ़ुल शुबहात” में उन के बारे में लिखता है जिस का […]

    • तौहीद, तमाम इस्लामी तालीमात की रूह है
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      तौहीद, तमाम इस्लामी तालीमात की रूह है

      तौहीद, तमाम इस्लामी तालीमात की रूह हैRate this post हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह की माअरफ़त के मसाइल में मुहिमतरीन मस्ला माअरफ़ते तौहीद है। तौहीद दर वाक़ेअ उसूले दीन में से एक अस्ल ही नही बल्कि तमाम अक़ाइदे इस्लामी की रूह है। और यह बात सराहत के साथ कही जा सकती है तौहीद, तमाम इस्लामी […]

    • ईश्वर के एक होने के तर्क : 1
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      ईश्वर के एक होने के तर्क : 1

      ईश्वर के एक होने के तर्क : 1Rate this post ईश्वर एक है इसके बहुत से तर्क प्रस्तुत किये गये हैं और ईश्वर एक है या कई यह विषय अत्यधिक प्राचीन है और इस पर बहुत चर्चा हो चुकी है और जैसा कि हम ने पिछले कार्यक्रम में बताया था ईश्वरीय दूतों के संघर्ष का […]

    • मजमूअऐ मक़ालाते अक़ाऐद
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      मजमूअऐ मक़ालाते अक़ाऐद

      मजमूअऐ मक़ालाते अक़ाऐदRate this post {1}तौहीद तौहीद के सम्पूर्ण व परिपूर्ण प्रसंसा यह है किः इंसान को जान लेना चाहीए, कि ख़ूदा वन्दे आलम इस पृथ्वी को सृष्ट किया है. और इस पृथ्वी को अनुपस्थित से उपस्थित में लाया है। और उस पृथ्वी को समस्त प्रकार के निर्देश उस अल्लाह के हाथ में है, रुज़ी, […]

    • तौहीद के फ़ायदे
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      तौहीद के फ़ायदे

      तौहीद के फ़ायदेRate this post यह बात मुसल्लम है कि अक़ीदा इंसान पर अपना असर छोड़ता है, अगर अक़ीदा बुरा है तो असर भी बुरा होगा और अगर अक़ीदा अच्छा है तो असर भी अच्छा होगा। तौहीद भी एक ऐसा अक़ीदा है जो मुख़्तलिफ़ जेहतों से हमारी ज़िन्दगी पर नेक और अच्छे असरात ज़ाहिर करता […]

    • इमामतः प्रथम व शेष वही की निर्देश है
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      इमामतः प्रथम व शेष वही की निर्देश है

      इमामतः प्रथम व शेष वही की निर्देश हैRate this post पैग़म्बरे अकरम (स.) इस्लाम की तब्लीग़ के लिए पहली मज़लिस में रसूले अकरम (स.)पहली मज़लिज़ के दर्मियान आपने जान्शीन का परिचय कराया था, और इस्लाम की आख़री पैठक में समस्त प्रकार मूसल्मानों के दर्मियान ग़दीरे ख़ुम के मैदान में अपना निर्दष्ट ख़लीफ़ा को बयान फरमायाः और अल्लाह […]

    • वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-13
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      वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-13

      वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-13Rate this post पैग़म्बरों, ईश्वरीय दूतों और महान हस्तियों की क़ब्रों पर मज़ार एवं मस्जिद का निर्माण वह कार्य है जिसके बारे में वहाबी कहते हैं कि यह चीज़ धर्म में नहीं है और इसके संबंध में वे अकारण ही संवेदनशीलता दिखाते हैं। यह बात सबसे पहले वहाबियत की बुनियाद रखने वाले […]

    • ईश्वर और उसका ज्ञान 1
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      ईश्वर और उसका ज्ञान 1

      ईश्वर और उसका ज्ञान 1Rate this post हमने ईश्वरीय दूतों की उपस्थिति की आवश्यकता और उस पर कुछ शंकाओं पर चर्चा की किंतु जब हम यह कहते हैं कि मानव ज्ञान सीमित है और मनुष्य केवल अपने ज्ञान के बल पर ही ईश्वरीय अर्थों की पूर्ण रूप से जानकारी प्राप्त नहीं कर सकता और उसके […]

    • ऐतेराज़ात और जवाबात
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      ऐतेराज़ात और जवाबात

      ऐतेराज़ात और जवाबातRate this post ऐतेराज़ात रिवायत में वारिद हुआ है कि हज़रत के जम़ाने में भेड़िये और बकरी एक मक़ाम पर चरेगें, हाँलाकि कि बकरी की तबीयत में भेड़िये से ख़ौफ़ खाना है। और भेड़िये की तबीयत में बकरी को फाड़ खाना है, चुनाँचे न तो भेड़िया ही बकरी के साथ रह सकता है […]

    • 1- तौहीद
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      1- तौहीद

      1- तौहीदRate this post तौहीद के सम्पूर्ण व परिपूर्ण प्रसंसा यह है किः इंसान को जान लेना चाहीए, कि ख़ूदा वन्दे आलम इस पृथ्वी को सृष्ट किया है. और इस पृथ्वी को अनुपस्थित से उपस्थित में लाया है। और उस पृथ्वी को समस्त प्रकार के निर्देश उस अल्लाह के हाथ में है, रुज़ी, ज़िन्दगी, मौत देना,सही व सालिम रख़ना, व्याधि […]

    • वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-3
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      वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-3

      वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-3Rate this post हिंसा और निर्दयता में प्रसिद्ध सऊद इब्ने अब्दुल अज़ीज़ ने मक्के पर क़ब्ज़ा करने के दौरान सुन्नी समुदाय के बहुत से विद्वानों को अकारण ही मार डाला और मक्के के बहुत से प्रसिद्ध व प्रतिष्ठित लोगों को बिना किसी आरोप के फांसी पर चढ़ा दिया। प्रत्येक मुसलमान को, जो […]

    • 2 कारक और ईश्वर
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      2 कारक और ईश्वर

      2 कारक और ईश्वरRate this post दूसरी बात यह है कि ऊर्जा और पदार्थ की मात्रा का स्थिर रहना और सदैव रहना, इस अर्थ में नहीं है कि उन्हें किसी रचयता की आवश्यकता ही नहीं है बल्कि ब्रहमांड की आयु जितनी अधिक होगी उतनी ही अधिक उसे किसी रचयता की आवश्यकता होगी क्योंकि रचना के […]

    • मुनाज़ेर ए इमाम सादिक़ (अ) व अबू हनीफ़ा
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      मुनाज़ेर ए इमाम सादिक़ (अ) व अबू हनीफ़ा

      मुनाज़ेर ए इमाम सादिक़ (अ) व अबू हनीफ़ाRate this post इब्ने अबी लैला से मंक़ूल है कि मुफ़्ती ए वक़्त अबू हनीफ़ा और मैं बज़्मे इल्म व हिकमते सादिक़े आले मुहम्मद हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम में वारिद हुए। इमाम (अ) ने अबू हनीफ़ा से सवाल किया कि तुम कौन हो? मैं: अबू हनीफ़ा […]

    • ईश्वर की शक्ति व इरादा : 2
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      ईश्वर की शक्ति व इरादा : 2

      ईश्वर की शक्ति व इरादा : 2Rate this post शक्ति की जो परिभाषा है उसमें अधिकार व इच्छा भी शामिल। अर्थात सही अर्थ में शक्तिशाली वही होता है जिसकी शक्ति इच्छा व अधिकार के नियत्रंण में होती है। ईश्वर के संदर्भ में हम यह कहते हैं कि जिस प्रकार ईश्वर में परम शक्ति होती है […]

    • कारक और ईश्वर
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      कारक और ईश्वर

      कारक और ईश्वरRate this post 1 पश्चिमी बुद्धिजीवी ईश्वर के अस्तित्व की इस दलील पर कि हर वस्तु के लिए एक कारक और बनाने वाला होना चाहिए यह आपत्ति भी करते हैं कि यदि यह सिदान्त सर्वव्यापी है अर्थात हर अस्तित्व के लिए एक कारक का होना हर दशा में आवश्यक है तो फिर यह […]

    • न वह जिस्म रखता है और न ही दिखाई देता है
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      न वह जिस्म रखता है और न ही दिखाई देता है

      न वह जिस्म रखता है और न ही दिखाई देता हैRate this post हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह आखोँ से हर गिज़ दिखाई नही देता, क्योँ कि आख़ोँ से दिखाई देने का मतलब यह है कि वह एक जिस्म है जिसको मकान, रंग, शक्ल और सिम्त की ज़रूरत होती है,यह तमाम सिफ़तें मख़लूक़ात की है,और […]

    •  इस्लाम के मूल सिद्धान्त
      इस्लाम के मूल सिद्धान्त
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      इस्लाम के मूल सिद्धान्त

      इस्लाम के मूल सिद्धान्त2 (40%) 1 vote इस्लाम के मूल सिद्धान्त लेखकः अय़ातूल्लाह मुहम्मद तकी मिस्बाह य़ज़्दी अनुवादकः क़मर अब्बास अले हसन ज़हरा ज़ैदी अहलुल बैत विश्व परिषद, कुम, इरान ISBN: 978-964-529-244-5

    • सिफ़ाते सुबूतिया
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      सिफ़ाते सुबूतिया

      सिफ़ाते सुबूतियाRate this post सिफ़ाते सुबूतिया सिफ़ाते खु़दा की दो क़िस्में हैं: सिफ़ाते सुबूतिया और सिफ़ात सल्बिया। इस सबक़ में हम सिफ़ाते सुबूतिया के बारे में पढ़ेगें। सिफ़ाते सुबूतिया उन सिफ़तों को कहते हैं जो ख़ुदा में पाई जाती हैं और वह आठ हैं: 1. ख़ुदा अज़ली व अबदी है: अज़ली है यानी उस की […]

    • पैग़म्बरे ईलाही दो प्रकार है
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      पैग़म्बरे ईलाही दो प्रकार है

      पैग़म्बरे ईलाही दो प्रकार हैRate this post   1- ग़ैरे उलुल अज़म वह है जो लोग़ मात्र तबलीग़ करते है, और उन लोगों के लिए कोई आसमानी पूस्तक नहीं है। 2- उलुल अज़मः वह लोग है जिन लोगों को अल्लाह ने दीनि व आसमानी ग्रंथ प्रदान किया है. और इस्लाम को प्रचार किया है, और यह पाँच अज़ीम व्यक्तित्व […]

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