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    तौहीद

    Rate this post तौहीद के सम्पूर्ण व परिपूर्ण प्रसंसा यह है किः इंसान को जान लेना चाहीए, कि ख़ूदा वन्दे आलम इस पृथ्वी को सृष्ट किया है. और इस पृथ्वी को अनुपस्थित से उपस्थित में लाया है। और उस पृथ्वी को समस्त प्रकार के निर्देश उस अल्लाह के हाथ में है, रुज़ी, ज़िन्दगी, मौत देना, […]

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    सिफाते जमाल व कमाले ख़ुदा

    Rate this post ख़ुदा वन्दे आलम एक व एकताई है और समस्त की समस्त अच्छी गुणावली उस के भीतर उपस्थित है, उदाहरणः ज्ञानः ज्ञान का अर्थ है, कि अल्लाह समस्त जहान के मख्लूक़ को चाहे वह बड़ा हो या छोटा या कहीं भी हो हत्ता इंसानों के दिलों में वह उस चीज़ को भी ज्ञान […]

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    सिफ़ाते जलाले ख़ुदा

    Rate this post ख़ुदा हमेंशा से है और हमेंशा रहेगा वह समस्त नुक़्स व ऐब से पाक व पवित्र है। प्रत्येक कम व बेशि से दूर है, वह उपस्थित जैसी उपस्थित नहीं है कि शरीर का मोह्ताज हो या विभिन्न प्रकार किसी आज ज़ा से पैदा नहीं है कि किसी स्थान को पुर करे या […]

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    अल्लाह का वुजूद

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह इस पूरी कायनात का ख़ालिक़ है, सिर्फ़ हमारे वुजूद में,तमाम जानवरों में,नबातात में,आसमान के सितारों में,ऊपर की दुनिया में ही नही बल्कि हर जगह पर तमाम मौजूदाते आलम की पेशानी पर उसकी अज़मत,इल्म व क़ुदरत की निशानियाँ ज़ाहिर व आशकार हैं। हमारा अक़ीदह है कि हम इस […]

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    उसकी ज़ाते पाक नामुतनाही (अपार,असीम)है

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि उसका वुजूद नामुतनाही है अज़ नज़रे इल्म व क़ुदरत,व अज़ नज़रे हयाते अबदीयत व अज़लीयत,इसी वजह से ज़मान व मकान में नही आता क्योँकि जो भी ज़मान व मकान में होता है वह महदूद होता है। लेकिन इसके बावजूद वह वक़्त और हर जगब मौजूद रहता है क्योँ […]

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    न वह जिस्म रखता है और न ही दिखाई देता है

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह आखोँ से हर गिज़ दिखाई नही देता, क्योँ कि आख़ोँ से दिखाई देने का मतलब यह है कि वह एक जिस्म है जिसको मकान, रंग, शक्ल और सिम्त की ज़रूरत होती है,यह तमाम सिफ़तें मख़लूक़ात की है,और अल्लाह इस से बरतरो बाला है कि उसमें मख़लूक़ात की […]

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    तौहीद की क़िस्में

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि तौहीद की बहुत सी क़िस्में हैं जिन में से यह चार बहुत अहम हैं। तौहीद दर ज़ात यानी उसकी ज़ात यकता व तन्हा है और कोई उसके मिस्ल नही है तौहीद दर सिफ़ात यानी उसके सिफ़ात इल्म, क़ुदरत, अज़लीयत,अबदियत व …..तमाम उसकी ज़ात में जमा हैं और उसकी […]

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    इबादत सिर्फ़ अल्लाह से मख़सूस है

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि इबादत बस अल्लाह की ज़ाते पाक के लिए है। (जिस तरह से इस बारे में तौहीदे अद्ल की बहस में इशारा किया गया है)इस बिना पर जो भी उसके अलावा किसी दूसरे की इबादत करता है वह मुशरिक है, तमाम अंबिया की तबलीग़ भी इसी नुक्ते पर मरकूज़ […]

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    तौहीद के फ़ायदे

    Rate this post यह बात मुसल्लम है कि अक़ीदा इंसान पर अपना असर छोड़ता है, अगर अक़ीदा बुरा है तो असर भी बुरा होगा और अगर अक़ीदा अच्छा है तो असर भी अच्छा होगा। तौहीद भी एक ऐसा अक़ीदा है जो मुख़्तलिफ़ जेहतों से हमारी ज़िन्दगी पर नेक और अच्छे असरात ज़ाहिर करता है। किताबों […]

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    सिफ़ाते सुबूतिया

    Rate this post सिफ़ाते सुबूतिया सिफ़ाते खु़दा की दो क़िस्में हैं: सिफ़ाते सुबूतिया और सिफ़ात सल्बिया। इस सबक़ में हम सिफ़ाते सुबूतिया के बारे में पढ़ेगें। सिफ़ाते सुबूतिया उन सिफ़तों को कहते हैं जो ख़ुदा में पाई जाती हैं और वह आठ हैं: 1. ख़ुदा अज़ली व अबदी है: अज़ली है यानी उस की कोई […]

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    सिफ़ाते सल्बिया

    Rate this post ख़ुदा के सिफ़ात की दो क़िस्में हैं: सिफ़ाते सल्बियाऔर सिफ़ाते सल्बिया। सिफ़ाते सल्बिया उन सिफ़तों को कहते हैं जिन में ऐब व कमी और बुराई के मअना पाये जाते हैं। ख़ुदा वंदे आलम इस तरह के तमाम सिफ़ात से दूर है और उस में यह सिफ़तें नही पाई जाती हैं। आम तौर […]

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    ज़ाते ख़ुदा की हक़ीक़त सबसे पौशीदा है

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि इसके बावुजूद कि यह दुनिया अल्लाह के वुजूद के आसार से भरी हुई है फ़िर भी उसकी ज़ात की हक़ीक़त किसी पर रौशन नही है और न ही कोई उसकी ज़ात की हक़ीक़त को समझ सकता है, क्योँ कि उसकी ज़ात हर लिहाज़ से बेनिहायत और हमारी ज़ात […]

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    न तर्क न तशबीह

    Rate this post हमारा अक़ीदह यह है कि जिस तरह से अल्लाह की पहचान और उसके सिफ़ात की मारेफ़त को तरक करना सही नही है उसी तरह उसकी ज़ात को दूसरी चीज़ों से तशबीह देना ग़लत और मुजिबे शिर्क है। यानी जिस तरह उसकी ज़ात को दूसरी मख़लूक़ से मुशाबेह नही माना जा सकता इसी […]

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    तौहीद दर अफ़आल

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि इस आलमें हस्ति में जो अफ़आल,हरकात व असरात पाये जाते हैं उन सब का सरचश्मा इरादए ईलाही व उसकी मशियत है। “अल्लाहु ख़ालिकु कुल्लि शैइन व हुवा अला कुल्लि शैइन वकील ” यानी हर चीज़ का ख़ालिक़ अल्लाह है और वही हर चीज़ का हाफ़िज़ व नाज़िर भी […]

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    तौहीद दर सिफ़ात

    Rate this post यानी उसके सिफ़ात इल्म, क़ुदरत, अज़लीयत,अबदियत व …..तमाम उसकी ज़ात में जमा हैं और उसकी ऐने ज़ात हैं। उसके सिफ़ात मख़लूक़ात के सिफ़ात जैसे नही हैं क्योँ कि मख़लूक़ात के तमाम सिफ़ात भी एक दूसरे से जुदा और उनकी ज़ात भी सिफ़ात से जुदा होती है। अलबत्ता ऐनियते ज़ाते ख़ुदा वन्द बा […]

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    सिफ़ाते जमाल व जलाल

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह की ज़ाते पाक हर ऐब व नक़्स से पाक व मुनज़्ज़ह और तमाम कमालात से आरास्ता,बल्कि कमाले मुतलक़ व मुतलक़े कमाल है दूसरे अलफ़ाज़ में यह कहा जा सकता है कि इस दुनिया में जितने भी कमालात व ज़ेबाई पाई जाती है उसका सर चश्मा वही ज़ाते […]

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    महान ईश्वर सर्वज्ञाता है : 2

    Rate this post इस शंका का निवारण यह है कि स्वतंत्र इरादे व इच्छा को स्वीकार करने का अर्थ यह नहीं है कि उस में यह तत्व प्रभावी नहीं होते बल्कि इस का अर्थ यह है कि इन सारे तत्वों व कारकों की उपस्थिति के साथ, मनुष्य प्रतिरोध कर सकता है और विभिन्न प्रकार की […]

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    महान ईश्वर सर्वज्ञाता है : 1

    Rate this post जो लोग यह मानते हैं कि मनुष्य का हर काम ईश्वर के आदेश से होता है और मनुष्य में अपना कोई इरादा नहीं होता और वह अपने इरादे से कोई काम नहीं कर सकता उनका कहना है कि मनुष्य का इरादा आंतिरक रूचियों व रुझानों से बनता है और यह आंतरिक रूचियां […]

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    सबका पालनहार एक है : 2

    Rate this post इसी प्रकार देखे और महसूस किये जाने योग्य ईश्वर में मनुष्य की रूचि भी इस बात का कारण बनी कि लोग विभिन्न प्रकार की देखी और महसूस की जाने वाली वस्तुओं को ईश्वर के समान मानें और उनकी पूजा करें और फिर यह चलन इतना व्यापक हुआ कि अज्ञानी लोग, इन्हीं चिन्हों […]

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    सबका पालनहार एक है : 1

    Rate this post अब तक हमने जिस ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध किया है और उसके जो गुण बताए हैं वह कितने ईश्वर हैं? अर्थात ईश्वर एक है या कई? इस बारे में कि अनेकेश्वरवादी विचार धारा या कई ईश्वरों में विश्वास किस प्रकार से मनुष्य में पैदा हुआ, विभिन्न दृष्टिकोण पाए जाते हैं। यह […]

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