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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (25)

    Rate this post हज़रत इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम दुआ के इस भाग में कहते हैं” पालनहार! यदि मैं दुःखी होता हूं तो तू मेरा आश्रय है और यदि मैं वंचित होता हूं तू मेरी आशा व भरोसा है” इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम ने अपनी दुआ में उद्दा शब्द का प्रयोग किया है जिसका अर्थ वह धन व […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-1

    Rate this post   पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम ने शाबान महीने के अन्तिम शुक्रवार को एक भाषण दिया था जो इतिहास में ख़ुत्बए शाबानिया के नाम से प्रसिद्ध है।  इस भाषण में पवित्र रमज़ान के महत्व, उसकी विशेषताओं और इस महीने में ईश्वर की ओर से मनुष्य पर की जाने वाली अनुकंपाओं का उल्लेख किया […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (24)

    Rate this post   पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम का कथन हैः ईश्वर कहता है कि बंदों के सभी भले कर्मों पर दस से लेकर सात सौ गुना अधिक तक पारितोषिक है सिवाए रोज़े के कि उसका पारितोषिक मैं स्वयं दूंगा। पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के पौत्र हज़रत इमाम ज़ैनुल […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (23)

    Rate this post इमाम सज्जाद(अ) मकारेमुल अख़लाक़ नामक दुआ में एक स्थान पर ईश्वर से विनती करते हुये कहते हैः “हे पालनहार, मोहम्मद और उनके परिजनों पर सलाम भेज तथा मुझे जीवन के सभी कामों में सन्तुलन एवं मध्यमार्ग से लाभान्वित कर।” सन्तुलन एवं मध्य मार्ग, अतिवाद से दूरी का नाम है और यही वह सीधा रास्ता है जिसकी ओर मानवता को […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (22)

    Rate this post रमज़ान के पवित्र महीने में यह ऐसा समय है जब दयालु व तत्वदर्शी ईश्वर की दया व कृपा ने हर समय से अधिक उसके बंदों को अपना पात्र बना रखा है। रमज़ान के पवित्र महीने के इन दिनों के शबे क़द्र होने की अधिक संभावना है। शबे क़द्र वह रात है जिसमें ईश्वर पूरे वर्ष […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (20)

    Rate this post इमाम सज्जाद(अ) दुआ के इस भाग में ईश्वर से विनती करते हुये कहते हैः “हे पालनहार, मोहम्मद और उनके परिजनों पर सलाम भेज तथा मुझे जीवन के सभी कामों में सन्तुलन एवं मध्यमार्ग से लाभान्वित कर।” सन्तुलन एवं मध्य मार्ग, अतिवाद से दूरी का नाम है और यही वह सीधा रास्ता है जिसकी ओर मानवता को उन्मुख करने […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (19)

    Rate this post आज रमज़ान की १९ तारीख़ है।  वही तारीख़ जब वर्ष ४० हिजरी क़मरी में सुबह की नमाज़ पढ़ते समय ईश्वर के महान साहसी एवं न्यायी दास के सिर पर मानव समाज के अत्यंत तुच्छ व्यक्ति की द्वेषपूर्ण तलवार ने वार किया।  उस रात के बारे में इतिहास में आया है कि उस निर्धारित रात में सदगुणों केसरदार […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (18)

    Rate this post इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम इस दुआ में एक स्थान पर ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहते हैः हे पालनहार! इस स्थिति में कि मेरा मार्गदर्शन तेरे लिए संभव है, पथभ्रष्टता की ओर मेरा झुकाव न हो। अरबी भाषा के ज़लाल शब्द का अर्थ होता है सीधे मार्ग से हटना और इसका विलोम मार्गदर्शन है।मार्गदर्शन का अर्थ […]

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    रमज़ानुल मुबारक -2013- (17)

    Rate this post   इस साल पवित्र रमज़ान गर्मियों में पड़ा है।  विश्व के बहुत से देशों में लोग भीषण गर्मी में रोज़े रख रहे हैं।  निश्चित रूप से इस गर्मी में रोज़े का सवाब अर्थात पुण्य भी अधिक है।  इस बारे में पैग़म्बरे इस्लाम(स) का कथन है कि गर्मी के दिनों में रोज़े रखना, ईश्वर के मार्ग में संघर्ष करने के […]

  • 4- इमाम हज़रत ज़ैनुल अबेदीन (अ)
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    4- इमाम हज़रत ज़ैनुल अबेदीन (अ)

    4- इमाम हज़रत ज़ैनुल अबेदीन (अ)1 (20%) 1 vote[s] हज़रत अली इब्नूल हुसैन ज़ैनुल अबेदीन (अ) इमाम हुसैन (अ) के पुत्र, आपकी माता (शहर बानो) बादशाह यज़्द गिर्द ईरान की पुत्रि थीं, जैसा कहा जाता है कि आप जुमेंरात के दिन 5शाबान. हिजरी सन 38 या जुमेंरात 15 जमादिउल अव्वल 36 हिजरी सन, जिस दिन हज़रत अली (अ) ने बस्रा को विजय के प्राप्त किया, उसी […]

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    3- इमाम हुसैन (अ)

    Rate this post हज़रत इमाम हुसैन (अ) अली इव्ने अबि तालिब (अ) के बालक, सम्मानिता माता हज़रत फातिमा ज़हरा (सालाः) रसूले खुदा की एकलोती बेटी है। हज़रत इमाम हुसैन (अ) हज़रत रसूल (स.) के नवासे और आपने भाई हसने (अ) के बाद तीसरे रहबर (धार्मिक नेता) है। आपने तीसरी शअबान चार हिजरी मदीना मुनव्वरह में जन्म लिया […]

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    2- इमाम हसन (अ)

    Rate this post हज़रत इमाम हसने (अ) आप अली इव्ने अबितालिब (अ) के एक सुमहान बालक है, माता हज़रत फातिमा ज़हरा (सालाः) रसूले खुदा की एकलौती बालिका है। हज़रत इमाम हसने (अ) हज़रत रसूल (स.) के नवासे और हज़रत अली (अ) के वाद दूसरे इमाम है। आप पवित्र रम्ज़ानुल मुवारक़ के 15 तारीख मगंल के दिन तीसरी हिज़री मदीना […]

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    1- इमाम अली (अ)

    Rate this post   हज़रत अमिरुल मोमेंनीन (अ) अबुतालिब (अ) के पुत्र, माता फातिमा बिन्ते असद, और रसूले खुदा पैग़म्बरे अकरम (स.) के दामाद, और समस्त इमामों के पिता है। एंव रसूले खुदा के बाद समस्त मोमिन के इमाम है, जो तेरह (13) रजब गुरुवार के दिन रसूले खुदा (स.) के जन्म के तीस साल बाद मक्के (ख़ाना-ए काबा) में जन्म लाभ […]

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    पैग़म्बरे अकरम (स.) की पूत्री

    Rate this post अहले बैत (अ) खा़न्दाने वही है ज़रुरी है कि सार के तौर पर गुज़ारीश के साथ अहले बैत गिरामी हज़रत फातिमा ज़हरा व अएम्माह अतहार (अ) के इतिहास को बयान करुँ।   पैग़म्बरे अकरम (स.) की पूत्री हज़रत फातिमा ज़हरा (स.) की, वलीदे गिरामी अल्लाह की तरफ़ से भेजा हुआ बन्दा मुहम्मद इब्ने अब्दुल्लाह, व आपकी […]

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    शिया एक आसमानी नाम है

    Rate this post (شيعه) शब्दार्थ कूरआन मजीद में मात्र हज़रत ईब्राहीम खलीलुर रह्मान के लिए व्यबाहर हूआ हैं जैसा कि क़ुरआन मजीद में इर्शाद हुआ हैः (وان من شيعته لإبراهيم) यानि शिया पैरुवाने नुह हज़रत इब्राहीम (अ) के थे, और हज़रत मुहम्मद (स.) मात्र शिया का नाम पैरुवाने व दोस्त दराने हज़रत अली (अ) के लिए उल्लेख किया […]

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    इमामतः प्रथम व शेष वही की निर्देश है

    Rate this post पैग़म्बरे अकरम (स.) इस्लाम की तब्लीग़ के लिए पहली मज़लिस में रसूले अकरम (स.)पहली मज़लिज़ के दर्मियान आपने जान्शीन का परिचय कराया था, और इस्लाम की आख़री पैठक में समस्त प्रकार मूसल्मानों के दर्मियान ग़दीरे ख़ुम के मैदान में अपना निर्दष्ट ख़लीफ़ा को बयान फरमायाः और अल्लाह की तरफ़ से मूकम्मल दीन को सही […]

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    एक विषय जिस को हमें भूलना नहीं चाहिए

    Rate this post बड़े ध्यान और गंभीर फ़िक्र के साथ इमाम (अ) की गुरुत्व व महा गुफ़्तगु वर्णना हुआ है. क्या पैग़म्बरे अकरम (स.) के लिए यह मुमकिन है कि जान्शीन और समस्त प्रकार मुस्लिम उम्मत की रह्बरी को फरामोश करे? कभी संभव नहीं है क्योंकि इमाम-मासूम (अ) का सम्पर्क अल्लाह से है. और वह अल्लाह […]

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    इमाम (अ) का निर्वाचन करना किस का दायित्व है?

    Rate this post मुस्लमान के दर्मियान गल्त फह्मि के कारण से शिया और सुन्नी में दो प्रकार भाग हो गये। शियों के अक़ीदा व यक़ीन है, कि पवित्र क़ुराने मजीद और अहले बैत (अ) की हदीस के मुताबिक़ इमामत रिसालत की समस्त प्रकार की दायित्व सम्पूर्ण करेगें। पैग़म्बरे अकरम (स.) अल्लाह के निर्देश से आपने स्थान पर […]

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    4- इमामत

    Rate this post इमामत का शब्दार्थ है, कि कोई किसी के सामने था और वह उन लोगों को सही पथ निर्दशन कर रहा था। या उन लोगों को दिनी, राजनिती, या एक समाजिक़ काम का दायित्व लिया था और दूसरों ने उन को अनुशरण किया था। इस कथा पर ध्यान देना बहूत अबशक है, कि इमाम शब्दार्थ (इमाम) शियों […]

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    इस बहस का नतीजह्।

    Rate this post कूरआन, एक ऐसी आसमानी ग्रंथ और पैग़म्बरे अकरम (स.) के लिए हमेंशा मोज़ेज़ा है, और बिना परिवर्तन व किसी प्रकार के बातिल चीज़े प्रवेश किये बगैर हमारे दर्मियान उपस्थित है, यह वही क़ुरअने मजीद है जो पैग़म्बरे अकरम (स.) पर नाज़िल हूई थी और किसी परिवर्तन होने से पाक व पाकीज़ह है। और हमारे मासुमीन (अ) ने […]

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