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    कूरआन परिवर्तन होने से पवित्र है

    Rate this post हाँ, पवित्र क़ुरअन मजीद परिवर्तन से पाक व पवित्र रहने के बहूत सारे कारण है, जिस में से एक कारण बयान किया जा चूका हैं. क्योंकि पवित्र क़ुरअने मजीद रसूले अकरम (स.) की रह्बरी में एकत्रीत किया गया है। और इस कूरआन पर मुस्लमानों को एक विशेष यक़ीन व ईमान है और कूरआन ऊन मुस्लमानों […]

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    क़ूरआत व हिफ़्ज़े कूरआन

    Rate this post समस्त प्रकार मुस्लमान नारी व पूरुष क्यों न हो, चाहे वह छोटे हो या बडे़। पवित्र कूरआन को हिफ़्ज़ करते थे और उस आसमानी आयातों को पाठ करके आपने विताब क़ल्बों को अराम व अनन्द पहँचाते थें। और आयत के माध्यम ख़ूश व ख़ूशी जीवन कि पाठ अर्जन करते थे। नतीजे में विसात […]

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    कूरआन तर्हीफ़-परिवर्तन नहीं हुआ

    Rate this post इस चीज़ में कोई शक नहीं है, कि पृथ्वी के समस्त प्रकार मुस्लमान प्रसिद्ध व पवित्र ग्रंथ कूरआन मजीद पर एक विशेष यक़ीन रख़ते है। वेसात शुरु होने से पहले विभिन्न क़ौम और दल के अन्दर एक फ़साहत व वलाग़त का एक विशेश चर्चा था, या विशेश स्थान था और यह इस स्थान तक […]

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    प्रत्येक यूग के लिए क़ूरआन मोज़ेज़ा है ((पैग़म्बरे अकरम साः के लिए))

    Rate this post पाक-पवित्र क़ुरआन मजीद पैग़म्बरे अकरम (स.) के लिए प्रमाण और प्रत्येक यूग के लिए अश्चर्च मोज़ेज़ा है। इस क़ुरआन मजीद में मानव जीवन के लिए समस्त प्रकार ज़िन्दगी की बिधानें उपस्थित (मौजूद) है। जो बीस साल में विभिन्न प्रकार मूनासिबात और विभिन्न घटना पर नाज़िल हूई है. बिसात से लेकर हिज़रत की यूग […]

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    आख़री हज और उस के बाद की घटना

    Rate this post सिपासः विधान के लिहाज़ से इस्लाम परिपूर्ण व समाप्त हुआ, रसूले ग़ेरामी हूज्जतूल विदा में हज्ज के समस्त प्रकार बिधान को मुस्लमानों के उद्देश्व तालीम दी, जिस समय आप आख़री हज करके वापस आरहे थें ग़दीरे ख़ुम के मैदान में हज़रत अली (अ) को अपना जानशीन निर्वाचन करके अपना हिदायेत को बर्क़रार रख़ा आयाते […]

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    मदीने की हिज़रत

    Rate this post आपकी तेरह साल की बेसात, मक्के के काफिर व मुशरेकीन लोगों ने नीयत किया था कि आप को इस शहर से बाहर किया जाए, यही कारण था कि आपके उपर इतना अत्याचर व सितम डाया गया, आख़िर में अल्लाह की तरफ़ से पैग़ाम पहुचा, आप मक्के को परित्याग़ करके मदीना की तरफ़ हिज़रत करे। और यह […]

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    पैग़म्बरे ईलाही दो प्रकार है

    Rate this post   1- ग़ैरे उलुल अज़म वह है जो लोग़ मात्र तबलीग़ करते है, और उन लोगों के लिए कोई आसमानी पूस्तक नहीं है। 2- उलुल अज़मः वह लोग है जिन लोगों को अल्लाह ने दीनि व आसमानी ग्रंथ प्रदान किया है. और इस्लाम को प्रचार किया है, और यह पाँच अज़ीम व्यक्तित्व हैं जिन लोगों को […]

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    पैग़म्बरे कौन और उनकी पेहचान का निदर्शन क्या है?

    Rate this post पैग़म्बरे एक इंसान के उदाहरण जैसे नहीं हैं लेकिन उन में इंसान का कोई दख़ल भी नहीं,लेकिन उन के निकट यह शक्ति भी है. कि फरिश्ते के वहीके माध्यम अल्लाह से एक गंम्भीर सम्पर्क बर्क़रार करे और अल्लाह की विधान को इंसानों तक पहुचा सकें। सही पैग़म्बरे का पहचान ने का तरीका […]

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    पथ प्रदर्शक कौन है?

    Rate this post आया इंसान के लिए संभव है की अपनी अक़्ल के माध्यम आपने अपनी समस्त प्रकार चीजों या कामों को शेष तक पुहचाए, और समस्त प्रकार सही व ग़ैर सही को पैहचान कर आपने लाभ व नूकसान को सही तरीके से अर्जन कर सकें? समस्त प्रकार मुसल्मान इस प्रश्न का उत्तर में ना देगें। […]

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    2- अद्ल

    Rate this post पर्वरदिगारे जहान अदिल है, और इंसानों के समस्त अधिकार उनके निकट संरक्षण है वह किसी के अधिकर को नष्ट नहीं करता, और न किसी एक को बगैर कारण के पार्थक करता हैं। सार के तौर पर कहा जाएं ख़ुदा वन्दे आलम समस्त जाहानों पर अद्ल के माध्यम हुक़ूमत करता है (वह किसी के उपर […]

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    सिफाते जमाल व कमाले ख़ुदा

    Rate this post ख़ुदा वन्दे आलम एक व एकताई है और समस्त की समस्त अच्छी गुणावली उस के भीतर उपस्थित है, उदाहरणः ज्ञानः ज्ञान का अर्थ है, कि अल्लाह समस्त जहान के मख्लूक़ को चाहे वह बड़ा हो या छोटा या कहीं भी हो हत्ता इंसानों के दिलों में वह उस चीज़ को भी ज्ञान रख़ता है। […]

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    1- तौहीद

    Rate this post तौहीद के सम्पूर्ण व परिपूर्ण प्रसंसा यह है किः इंसान को जान लेना चाहीए, कि ख़ूदा वन्दे आलम इस पृथ्वी को सृष्ट किया है. और इस पृथ्वी को अनुपस्थित से उपस्थित में लाया है। और उस पृथ्वी को समस्त प्रकार के निर्देश उस अल्लाह के हाथ में है, रुज़ी, ज़िन्दगी, मौत देना,सही व सालिम रख़ना, व्याधि वगैरह…. […]

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    ज़रूरी अहकाम

    Rate this post मक़ाला (लेख) بسم الله الرحمن الرحيم الحمد لله رب العلمين والصلاة والسلام علی اشرف الخلق اجمعين محمد و آله الطيبين الطاهرين واللعنة غلی اعدائهم اجمعين अम्मा बादः प्रत्येक मुस्लमान के लिए आपने को एक मुस्लमान कहना काफ़ी नहीं हैं, जब तक वह इस्लाम के समस्त प्रकार अच्छे और उत्तम विधानों से अच्छी तरह […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (16)

    Rate this post उचित खान पान का यदि प्रबन्ध रखा जाये तो शिशु को दूध पिलाने वाली माताओं के रोज़ा रखने में कोई समस्या नहीं है। परन्तु इस बात की अनुशंसा की जाती है कि दूध पिलाने वाली मातायें पहले 6 महीने की अवधि में रोज़ा न रखें क्योंकि बच्चा इस अवधि में पूर्ण रूप […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (15)

    Rate this post इस संसार के अन्त में लौटने का कोई मार्ग नहीं है ठीक उसी प्रकार जैसे अविकसित व विकरित बच्चा विकास करने एवं विकार दूर करने के लिये पुनः माता के पेट में नहीं जा सकता तथा पेड़ से टूटा हुआ फल दोबारा पेड़ में नहीं लग सकता। यह एक प्रकार से हमारे […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (14)

    Rate this post मनुष्य अपनी पवित्र प्रवृत्ति और स्वस्थ हृदय के साथ सदैव परिपूर्णता और कल्याण के मार्ग पर अग्रसर रहता है किन्तु उसे एक जानी दुश्मन का सामना रहता है जो सदैव षड्यंत्र रचता रहता है ताकि उसे ईश्वर के सही व उच्च मार्ग से रोके रखे। उस समय से जब ईश्वर ने शैतान […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (13)

    Rate this post मनुष्य की शारीरिक प्रणाली में नींद भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना खाना-पीना। सोने की स्थिति में शरीर को विश्राम का समय मिल जाता है। भौतिक रूप से ऊर्जा ख़र्च नहीं होती इस लिये भीतरी टूट फूट को सुधारने और पुनर्निमाण का काम भलीभान्ति होने लगता है। अतः यह स्थिति स्वास्थ्य के […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (12)

    Rate this post इस साल पवित्र रमज़ान गर्मियों में पड़ा है।  विश्व के बहुत से देशों में लोग भीषण गर्मी में रोज़े रख रहे हैं।  निश्चित रूप से इस गर्मी में रोज़े का सवाब अर्थात पुण्य भी अधिक है।  इस बारे में पैग़म्बरे इस्लाम (स) का कथन है कि गर्मी के दिनों में रोज़े रखना, […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (11)

    Rate this post ईश्वर से आपकी उपासनाओं की स्वीकारोक्ति की कामना के साथ कार्यक्रम को एक बार फिर इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की प्रसिद्ध दुआ मकारेमुल अख़लाक़ के एक टुकड़े से आरंभ कर रहे हैं। इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम इस दुआ में एक स्थान पर कहते हैः हे पालनहार! मुझे तेरी उपासना में आलस्य से […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (10)

    Rate this post पवित्र रमज़ान के मूल्यवान समय में आशा करते हैं कि रोज़े की सही पहचान प्राप्त कर अपने शरीर व आत्मा को उन चीज़ों से दूर रखेंगे जिसे ईश्वर ने हराम अर्थात वर्जित घोषित किया है और इस प्रकार अपने अंतर्मन को स्वच्छ बनाएंगे। इस बात में शक नहीं कि वर्जित चीज़ों से […]

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