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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (9)

    Rate this post हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम ईश्वर से दुआ करते हुए कहते हैः हे ईश्वरः निकटवर्तियों की शत्रुता को मित्रता में और उनके अलगाव को भलाई और मिलाप में बदल दे। जैसाकि आप जानते हैं कि अधिकाशं लोग अपनी आंतरिक मित्रता और शत्रुता जैसी आंतरिक भावना को विभिन्न ढंग से व्यक्त करते हैं […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (8)

    Rate this post ईश्वर से आपकी उपासनाओं की स्वीकृति की मनोकामना करते हुए आज के कार्यक्रम का आरंभ मकारिमुल एख़लाक़ की दुआ के एक भाग से कर रहे हैं। इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहते हैः हे प्रभु मुझमें कोई भी ऐसी आदत जो बुरी हो उसे यूंही न रहने दे […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (7)

    Rate this post पवित्र रमज़ान के दिन और रात एक के बाद एक गुज़र रहे हैं। रमज़ान के घंटे मूल्यवान उपहार हैं। इस विशिष्ट अवसर का सदुपयोग करना चाहिए और इस महीने के बाक़ी बचे दिन को बर्बाद होने से बचाना चाहिए। इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की प्रसिद्ध दुआ मकारेमुल एख़लाक़ का एक टुकड़े का […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (6)

    Rate this post इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की दुआ मकारेमुल अखलाक़ के एक भाग में कहा गया है कि हे ईश्वर मुझे सम्मान प्रदान कर और मुझे आत्ममुग्धता में ग्रस्त न कर।       सम्मान, आत्मा की श्रेष्ठता की दशा है जो मनुष्य को ईश्वर के अतिरिक्त किसी भी शक्ति के सामने झुकने से रोकती है। […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (5)

    Rate this post  इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की दुआ मकारेमुल अखलाक़ के एक भाग में कहा गया है कि हे ईश्वर! मोहम्मद और उनके वंश पर सलाम भेज और मुझे उन कामों से बचा जो मुझे पूर्ण रूप से स्वंय में व्यस्त कर लेते हैं और मुझे उन कामों में व्यस्त रख जिनके बारे में […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (4)

    Rate this post इमाम ज़ैनुलआबेदीन की प्रसिद्ध दुआ मकारेमुलअखलाक़ के एक भाग में कहा गया हैः हे ईश्वर अपनी कृपा से मेरी नीयत को सम्पूर्ण कर दे और अपने ऊपर मेरे विश्वास को सही करदे और मेरी भीतर जो खराबियां हैं उन्हें अपनी शक्ति से ठीक कर दे। नीयत के सम्पूर्ण होने का प्रथम चिन्ह, […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (3)

    Rate this post रमज़ान, वंदना का बेहतरीन मौसम है। ईश्वर की उपासना और उसके सामिप्य की प्राप्ति के लिए उचित अवसर है। बहुत से लोग इस वास्तविकता को भलिभांति समझते हैं कि पवित्र रमज़ान के बिना जीवन खोखला है। यदि रमज़ान जैसा आध्यात्मिक अवसर न हो तो हमारे मन पापों के कारण काले हो जाएंगे। […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (2)

    Rate this post रमज़ान का पवित्र महीना, आसमानी विभूतियों की प्राप्ति के क्षणों से भरा हुआ होता है अतः हमें इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। अब जब कृपालु ईश्वर ने अपनी दया व कृपा के द्वार रमज़ान के अतिथियों के लिए खोल दिए हैं तो हम उसी की ओर उन्मुख होते […]

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    रमज़ानुल मुबारक – 2013 – (1)

    Rate this post ईश्वर के आभारी हैं कि उसने एक बार फिर हमें अपनी आत्मा को पवित्र रमज़ान के मनमोहक वातावरण में पाक करने का अवसर दिया। रमज़ान के सदैव की भांति एक बार फिर बड़े वैभव के साथ दस्तक दी है ताकि ईश्वर की कृपा का पात्र बन सकें। रमज़ान हमारे दिन और रात […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-14 भद्रता और शिष्टाचार

    Rate this post जैसा कि आप जानते हैं कि दूसरों से अच्छा व्यवहार और सदाचार रोज़े के प्रशैक्षिक प्रभावों में है। शिष्ट स्वभाव सामाजिक संबंधों पर बहुत अधिक प्रभाव डालता है। इस अच्छी आदत का अच्छे सामाजिक संबंध बनाने में बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। मनुष्य स्वाभाविक रूप से सामाजिक प्राणी है। इसलिए इस्लाम ने […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-13 ईश्वर से पापों की क्षमा याचना

    Rate this post हे पालनहार, आज के दिन मुझसे मेरे पापों का हिसाब न ले और मेरी ग़लतियों और पापों को क्षमा कर दे और मुझे आपदाओं में ग्रस्त न कर। तुझे तेरी गरिमा और मर्यादा की सौगंध, हे मुसलमानों को गरिमा प्रदान करने वाले। रमज़ान के पवित्र दिनों में मनुष्य ईमान के साथ ईश्वरीय […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-12 अस्तित्व की ताज़गी

    Rate this post ध्यान से सुनिए उस मनोहर आवाज़ को जो महान और विभूतियों से परिपूर्ण महीने के आने की शुभ सूचना देती है।  अपनी समस्त अनुकंपाओं, विभूतियों और सुन्दरताओं के साथ रमज़ान का पवित्र महीना हमारे बीच आया है।  यह महीना आकाश के यात्री की भांति अपने अनंत प्रकाश के साथ आया है ताकि […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-11 बंद दरवाज़ों की चाभियां

    Rate this post क़ुरआन पढ़ने और प्रार्थना करने का संबन्ध रमज़ान के पवित्र महीने में किये जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों में है।  प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने समय के अनुरूप इस प्रशंसनीय कार्य को करता रहे और इससे निश्चेत न रहे।  इस संदर्भ में ईरान के एक वरिष्ठ धर्मगुरू एवं पवित्र क़ुरआन के […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-10 धैर्य एवं संयम

    Rate this post रमज़ान के पवित्र महीने में रोज़ा रखने वालों पर स्वर्ग की शीतल व सुहावना पवन बह रहा है। हमें चाहिये कि हम अपने हृदयों को इस पवित्र महीने की १३वें दिन की दुआ से प्रकाशमयी बनायें। हे ईश्वर! हे हमारे पालनहार! आज के दिन में हमें अपवित्रताओं से पवित्र रख/ जो कुछ […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-9 दूसरों की बुराइयों पर पर्दा डालें

    Rate this post हे मेरे पालनहार इस दिन मुझे पवित्रता और पापों से दूरी के वस्त्र से सुसज्जित कर और मुझे संतुष्टि का परिधान पहना और मुझे आज के दिन न्याय करने पर प्रोत्साहित कर और अपनी सुरक्षा द्वारा मुझे हर उस कार्य से सुरक्षित रख जिससे मैं डरता हूं, हे भयभीत होने वालों के […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-8 क़ारून का ख़ज़ाना

    Rate this post आज-कल पवित्र रमज़ान के प्रकाशमय वातावरण में बीत रहा है। ये वे दिन हैं जिनमें ईश्वर वर्ष के दूसरे महीनों की तुलना में अपने बंदों पर अपनी असीम कृपा की वर्षा करता है। अपने मन व आत्मा को पवित्र रमज़ान की इस दुआ से शांति प्रदान करते हैः ईश्वर इस दिन भलाई […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-7 ईश्वर पर भरोसा

    Rate this post रमज़ान का पवित्र महीना ईश्वरीय दया के अथाह सागर में डुबकी लगाने का अवसर प्रदान करता है। आशा है कि इस महीने के बाक़ी बचे दिनों में हमें इस बात का सामर्थ्य प्राप्त हो सकेगा कि हम इस ईश्वरीय आतिथ्य के उचित और समर्थ अतिथि बन सकें। कार्यक्रम का आरंभ पवित्र रमज़ान […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-6 दूसरों को खाना खिलाना

    Rate this post विश्व की जनसंख्या अब सात अरब के आंकड़े को पार कर चुकी है।  विश्व जनसंख्या दिवस पर जहां विश्व की बढ़ती हुई जनसंख्या का उल्लेख किया गया वहीं पर यह भी बताया गया है कि संसार के बहुत से क्षेत्रों में विकास एवं प्रगति के बावजूद इस समय भूखे लोगों की संख्या […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-5 रोज़ा और जनसेवा

    Rate this post सैद्धांतिक रुप से हर समाज को भलाई और परोपकार की आवश्यकता होती है।  उस समाज को उत्तम समाज कहा जाता है जिसमें लोगों के संबंध आपस में प्रेम, सदभावना और सदगुणों पर आधारित होते हैं। ऐसे समाज में लोग एक दूसरे के निकट होते हैं और समस्याओं के समाधान तथा कठिनाइयों को […]

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    ईश्वरीय आतिथ्य-4 रोज़ा और शिष्टाचार

    Rate this post ईश्वरीय आतिथ्य-4 रोज़ और शिष्टाचार मनुष्य के जीवन में शिष्टाचार को बहुत महत्व प्राप्त है।  शिष्टाचार का अर्थ होता है अच्छा आचरण।  शिष्टाचार न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि सामाजिक जीवन में भी बहुत प्रभावशाली होता है।  लोगों को अच्छे व्यवहार वाले व्यक्ति के साथ मिलने में आनंद आता है।  बहुत से […]

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