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    सृष्टि ईश्वर और धर्म-62

    Rate this post कुरआन मजीद एक मात्र ईश्वरीय ग्रंथ है जो स्पष्ट रूप से यह घोषणा करता है कि किसी में भी उस जैसी रचना पेश करने की क्षमता नहीं है इसी लिए कुरआन मजीद पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम की सत्यता को सिद्ध करने वाले प्रमाण के रूप में पेश किया […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म-61

    Rate this post हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम जिन्हें मुसलमान अंतिम ईश्वरीय दूत मानते हैं सदैव ही इतिहासकारों की दृष्टि में एक सम्मानीय व्यक्ति रहे हैं और पश्चिमी इतिहासकारों ने भी उन्हें यद्यपि ईश्वरीय दूत के रूप में स्वीकार नहीं किया है किंतु इसके बावजूद इतिहास के एक महापुरुष और महत्वपूर्ण हस्ती […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म-60

    Rate this post दसियों हज़ार पैग़म्बरों ने विभिन्न कालों में विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में ईश्वरीय संदेश लोगों तक पहुंचाया तथा लोगों के मार्गदर्शन के अपने अतिमहत्वपूर्ण दायित्व का निर्वाह किया और कुछ दूत, अपनी शिक्षाओं के आधार पर नये समाज के गठन में भी सफल हुए पिछले ईश्वरीय दूतों द्वारा लाए गये ग्रंथ उनके […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 59

    Rate this post ईश्वरीय दूतों के काल पर हम यदि दृष्टि डालें तो यह पता चलता है कि ईश्वर ने ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न कीं जिनमें लोगों को यह लगा कि उन्हें ईश्वर और उसके दूतों की आवश्यकता है। कभी-कभी लोग अज्ञानता और इस सोच के कारण कि उन्हें ईश्वर की कोई आवश्यकता नहीं है, धर्म […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म ५८

    Rate this post समाज के लोग विभिन्न कारणों से ईश्वरीय दूतों और उनके संदेशों का विरोध करते थे जिनमें मुख्य रूप से अंधविश्वास,अज्ञानता, प्रभाव बनाये रखने के प्रयास, अंहकार तथा मनुष्य में निरंकुशता से प्रति लगाव का वर्णन किया जा सकता है। ईश्वरीय दूतों के विरोध की विभिन्न शैलियां रही हैं। कुछ लोग उपहास करते […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 57

    Rate this post ईश्वरीय दूत भी एक मनुष्य होता था और उसकी सभी शारीरिक विशेषताएं मनुष्य की ही होती थी इसलिए उसकी आयु सीमित होती थी। ईश्वर इस सृष्टि की स्वाभाविक प्रक्रिया को बिना किसी बहुत बड़े और असाधारण कारण के बदलता नहीं है। विभिन्न युगों और परिस्थितियों में मानव समाज और मानव जीवन समान […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म-५६-ईश्वरीय दूत भी मनुष्यों की भांति होता है।

    Rate this post इससे पहले हमने ईश्वरीय दूतों और उनसे संबंधित कुछ विषयों पर चर्चा की है जिससे इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि चूंकि मनुष्य के पास इतना ज्ञान नहीं होता कि वह लोक व परलोक की सफलाएं अर्जित कर सके या स्वंय को लोक परलोक में सफल बना सके इसलिए ईश्वर ने यह […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म ५५-1

    Rate this post संसार में घटने वाली सभी घटनाएं कुछ कारकों के अंतर्गत होती हैं किंतु हर कारक का पता प्रयोगशालाओं में नहीं लगाया जा सकता बल्कि कुछ काम ऐसे भी होते हैं जिनके कारकों का पता लगाना असंभव लगता है। इस प्रकार के कार्यों को असाधारण कार्य कहा जाता है। असाधारण कार्य यदि ऐसा […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 54

    Rate this post पाठको! पिछले कार्यक्रम में हमने चर्चा की थी कि यदि ईश्वरीय दूत होने का दावा करने वाला पाप करता हो तो उसके झूठ का पता लगाना अत्याधिक सरल होता है किंतु यदि वह पाप न करता हो तो फिर उसकी सत्यता का पता लगाना कठिन होगा। ईश्वरीय दूतों की सत्यता का पता […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 53 : सच्चे ईश्वरीय दूतों की सत्यता और झूठे दावे करने वालों के झूठ को सिद्ध करना

    Rate this post इस कड़ी में इस बात का उल्लेख है कि सच्चे ईश्वरीय दूतों की सत्यता और झूठे दावे करने वालों के झूठ को किस प्रकार सिद्ध किया जा सकता है? क्योंकि इतिहास में ऐसे बहुत से लोगों का वर्णन है जिन्होंने यह दावा किया है कि वे ईश्वरीय दूत हैं इस प्रकार के […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 52 : ईश्वरीय दूतों का पापों से दूर रहना

    Rate this post ईश्वरीय दूत ईश्वरीय संदेश प्राप्त करते हैं क्योंकि उनमें कुछ एसी विशेषताएं व क्षमताएं होती हैं जो हर मनुष्य में नहीं हो सकती और यही विशेषताएं व क्षमताएं उन्हें पापों से भी रोकती हैं। ग़लती, अपराध व पाप, वास्तव में ज्ञान व जानकारी में कमी के कारण होता है और यदि अपराधी […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 51 पाप या ग़लती का अज्ञानता व सूझबूझ से गहरा संबंध

    Rate this post ईश्वरीय दूतों का इस लिए पापों से दूर रहना आवश्यक है क्योंकि यदि वे लोगों को पापों से दूर रहने की सिफारिश करेगें किंतु स्वंय पाप करेंगे तो उनकी बातों का प्रभाव नहीं रहेगा जिससे उनके आगमन का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। ईश्वरीय दूत समस्त मानव जाति के लिए मार्गदर्शक होते […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 50 चमत्कार और उससे संबंधित शंकायें

    Rate this post चमत्कार के संदर्भ में कुछ शंकाएं प्रस्तुत की जाती हैं जिनमें कुछ का यहां पर हम वर्णन और उनका निवारण पेश कर रहे हैं। पहली शंका यह पेश की जाती है कि हर भौतिक प्रक्रिया के लिए विशेष कारक की आवश्यकता होती है जिसे वैज्ञानिक प्रयोगों द्वारा समझा जा सकता है अब […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 49 चमत्कार एवं ईश्वरीय दूत

    Rate this post इस संसार में घटने वाली घटनाएं मूल रूप से उन कारकों का परिणाम होती हैं जो प्राकृतिक रूप से निर्धारित होती हैं और उन्हें प्रयोगों द्वारा समझा जा सकता है उदाहरण स्वरूप रसायन व भौतिक शास्त्र द्वारा प्रयोगों से बहुत से प्रक्रियाओं को पूर्ण रूप से समझा जा सकता है किंतु कुछ […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म-48 ईश्वरीय संदेश मानवजीवन में पूरक की भूमिका निभाता है

    Rate this post ईश्वरीय दूत उन विषयों का वर्णन करते हैं जिन का ज्ञान , परिपूर्णता और परलोक में सफलता के लिए अनिवार्य है किंतु वह विषय एसे हैं जिन्हें मनुष्य अपने साधारण ज्ञान से समझ नहीं सकता इस लिए ईश्वर ने इस प्रकार की सूचनाओं व जानकारियों से मनुष्य को अवगत कराने के लिए […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 47 हर ग़लती पाप नहीं है

    Rate this post कुछ लोगों का कहना है कि यदि ईश्वर ने अपने दूतों को पापों से दूर रखा है और उनकी यह पवित्रता उनके कर्तव्यों के सही रूप से निर्वाह के लिए आवश्यक भी है तो इस स्थिति में अधिकार व चयन अपनी इच्छा की विशेषता उन में बाकी नहीं रहेगी तो इस दशा […]

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    सृष्टि, ईश्वर और धर्म 46 ईश्वरीय दूत और पाप

    Rate this post वास्तव में पाप, अपराध अथवा ग़लती का अज्ञानता व सूझबूझ से गहरा संबंध है। उदाहरण स्वरूप एक व्यक्ति अपनी आर्थिक समस्याओं के निवारण के लिए परिश्रम करने के स्थान पर चोरी की योजना बनाता है। अपने हिसाब से उसकी योजना पूरी होती है और वह हर पहलु पर ध्यान देते हुए कार्यवाही […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 45 संसार में इतने पापी क्यों?

    Rate this post ईश्वरीय दूत किसी भी प्रकार से किसी एक क्षेत्र से विशेष नहीं थे और न ही किसी एक क्षेत्र में भेजे गयेयह एक तथ्य है कि लोगों के व्यवहारिक रूप से मार्गदर्शन के लिए दो चीज़ों का होना आवश्यक है। पहली चीज़ यह कि लोग स्वंय इस ईश्वरीय कृपा से लाभ उठाना […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म 44 ईश्वर और उसका ज्ञान

    Rate this post हमने ईश्वरीय दूतों की उपस्थिति की आवश्यकता और उस पर कुछ शंकाओं पर चर्चा की किंतु जब हम यह कहते हैं कि मानव ज्ञान सीमित है और मनुष्य केवल अपने ज्ञान के बल पर ही ईश्वरीय अर्थों की पूर्ण रूप से जानकारी प्राप्त नहीं कर सकता और उसके लिए ईश्वरीय संदेश आवश्यक […]

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    सृष्टि ईश्वर और धर्म- 43 ईश्वरीय दूत और आधुनिक प्रगति

    Rate this post पिछले कार्यक्रम में हमने एक शंका का उल्लेख किया था कि कोई यह कह सकता है कि यदि ईश्वरीय दूत मानव समाज के कल्याण के लिए आए थे तो फिर उन्होंने क्यों नहीं मानव समाज के सामने ज्ञान पर पड़े सारे पर्दे हटा दिये ताकि मनुष्य प्रगति व विकास के उस स्थान […]

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