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    सिफ़ाते सल्बिया

    Rate this post ख़ुदा के सिफ़ात की दो क़िस्में हैं: सिफ़ाते सल्बियाऔर सिफ़ाते सल्बिया। सिफ़ाते सल्बिया उन सिफ़तों को कहते हैं जिन में ऐब व कमी और बुराई के मअना पाये जाते हैं। ख़ुदा वंदे आलम इस तरह के तमाम सिफ़ात से दूर है और उस में यह सिफ़तें नही पाई जाती हैं। आम तौर […]

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    ज़ाते ख़ुदा की हक़ीक़त सबसे पौशीदा है

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि इसके बावुजूद कि यह दुनिया अल्लाह के वुजूद के आसार से भरी हुई है फ़िर भी उसकी ज़ात की हक़ीक़त किसी पर रौशन नही है और न ही कोई उसकी ज़ात की हक़ीक़त को समझ सकता है, क्योँ कि उसकी ज़ात हर लिहाज़ से बेनिहायत और हमारी ज़ात […]

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    न तर्क न तशबीह

    Rate this post हमारा अक़ीदह यह है कि जिस तरह से अल्लाह की पहचान और उसके सिफ़ात की मारेफ़त को तरक करना सही नही है उसी तरह उसकी ज़ात को दूसरी चीज़ों से तशबीह देना ग़लत और मुजिबे शिर्क है। यानी जिस तरह उसकी ज़ात को दूसरी मख़लूक़ से मुशाबेह नही माना जा सकता इसी […]

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    तौहीद दर अफ़आल

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि इस आलमें हस्ति में जो अफ़आल,हरकात व असरात पाये जाते हैं उन सब का सरचश्मा इरादए ईलाही व उसकी मशियत है। “अल्लाहु ख़ालिकु कुल्लि शैइन व हुवा अला कुल्लि शैइन वकील ” यानी हर चीज़ का ख़ालिक़ अल्लाह है और वही हर चीज़ का हाफ़िज़ व नाज़िर भी […]

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    तौहीद दर सिफ़ात

    Rate this post यानी उसके सिफ़ात इल्म, क़ुदरत, अज़लीयत,अबदियत व …..तमाम उसकी ज़ात में जमा हैं और उसकी ऐने ज़ात हैं। उसके सिफ़ात मख़लूक़ात के सिफ़ात जैसे नही हैं क्योँ कि मख़लूक़ात के तमाम सिफ़ात भी एक दूसरे से जुदा और उनकी ज़ात भी सिफ़ात से जुदा होती है। अलबत्ता ऐनियते ज़ाते ख़ुदा वन्द बा […]

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    सिफ़ाते जमाल व जलाल

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह की ज़ाते पाक हर ऐब व नक़्स से पाक व मुनज़्ज़ह और तमाम कमालात से आरास्ता,बल्कि कमाले मुतलक़ व मुतलक़े कमाल है दूसरे अलफ़ाज़ में यह कहा जा सकता है कि इस दुनिया में जितने भी कमालात व ज़ेबाई पाई जाती है उसका सर चश्मा वही ज़ाते […]

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    महान ईश्वर सर्वज्ञाता है : 2

    Rate this post इस शंका का निवारण यह है कि स्वतंत्र इरादे व इच्छा को स्वीकार करने का अर्थ यह नहीं है कि उस में यह तत्व प्रभावी नहीं होते बल्कि इस का अर्थ यह है कि इन सारे तत्वों व कारकों की उपस्थिति के साथ, मनुष्य प्रतिरोध कर सकता है और विभिन्न प्रकार की […]

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    महान ईश्वर सर्वज्ञाता है : 1

    Rate this post जो लोग यह मानते हैं कि मनुष्य का हर काम ईश्वर के आदेश से होता है और मनुष्य में अपना कोई इरादा नहीं होता और वह अपने इरादे से कोई काम नहीं कर सकता उनका कहना है कि मनुष्य का इरादा आंतिरक रूचियों व रुझानों से बनता है और यह आंतरिक रूचियां […]

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    सबका पालनहार एक है : 2

    Rate this post इसी प्रकार देखे और महसूस किये जाने योग्य ईश्वर में मनुष्य की रूचि भी इस बात का कारण बनी कि लोग विभिन्न प्रकार की देखी और महसूस की जाने वाली वस्तुओं को ईश्वर के समान मानें और उनकी पूजा करें और फिर यह चलन इतना व्यापक हुआ कि अज्ञानी लोग, इन्हीं चिन्हों […]

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    सबका पालनहार एक है : 1

    Rate this post अब तक हमने जिस ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध किया है और उसके जो गुण बताए हैं वह कितने ईश्वर हैं? अर्थात ईश्वर एक है या कई? इस बारे में कि अनेकेश्वरवादी विचार धारा या कई ईश्वरों में विश्वास किस प्रकार से मनुष्य में पैदा हुआ, विभिन्न दृष्टिकोण पाए जाते हैं। यह […]

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    ईश्वर के एक होने के तर्क : 2

    Rate this post इसके अतिरिक्त यह भी कहा जाता है कि यदि ईश्वर के सहायकों की बात मान ली जाए तो फिर इसकी दो दशाएं होंगी। एक यह कि ईश्वर को इन सहायकों की आवश्यकता होती है या उसे उनकी आवश्यकता नहीं होती। अब यदि हम यह मान लें कि ईश्वर को सहायकों की आवश्यकता […]

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    ईश्वर के एक होने के तर्क : 1

    Rate this post ईश्वर एक है इसके बहुत से तर्क प्रस्तुत किये गये हैं और ईश्वर एक है या कई यह विषय अत्यधिक प्राचीन है और इस पर बहुत चर्चा हो चुकी है और जैसा कि हम ने पिछले कार्यक्रम में बताया था ईश्वरीय दूतों के संघर्ष का बहुत बड़ा भाग अनेकेश्वरवाद में विश्वास रखने […]

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    ईश्वर की विशेषताएं : 2

    Rate this post ईश्वर अजीविका प्रदान करता है इस अर्थ को पूर्ण रूप से समझने के लिए अजीविका लेने वाले की कल्पना आवश्यक है। अर्थात अजीविका प्रदान करने की ईश्वर की विशेषता और अजीविका लेने वाले की एक साथ कल्पना से अजीविका प्रदान करने वाले का गुण उभर कर आता है। ईश्वर की विशिष्ट विशेषताओं […]

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    ईश्वर की विशेषताएं : 1

    Rate this post ईश्वर के गुणों की गणना तो संभव नही है इस लिए हर वह गुण जो परिपूर्णता को दर्शाता हो और जिसमें किसी प्रकार की कमी की कल्पना न की जा सकती हो वह ईश्वर में होता है। यूं तो ईश्वर के बहुत से नाम और गुण हैं किंतु इस्लामी दर्शनशास्त्र और इस्लामी […]

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    कैसा है ईश्वर का जीवन? : 2

    Rate this post अब प्रश्न यह है कि ईश्वर के जीवन का क्या अर्थ है? इसके लिए यह जानना आवश्यक होगा कि जीवन का क्या अर्थ है। उस अर्थ में जीवन जिस के लिए ज्ञान व शक्ति अनिवार्य हों वास्तव में शरीर की नहीं बल्कि आत्मा की विशेषता होता है। अर्थात प्राण वास्तव में शरीर […]

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    कैसा है ईश्वर का जीवन? : 1

    Rate this post ईश्वर के व्यक्तिगत गुणों में से एक जीवन है। हम इसी विषय की समीक्षा करेंगे। इस विश्व और ब्रह्मांड में बहुत सी चीज़े जीवित हैं किंतु उन में बहुत अंतर है। जीवन में भी अंतर होता है। जब हम यह कहते हैं कि ईश्वर जीवित है तो यह प्रश्न उठता है कि […]

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    ईश्वर की शक्ति व इरादा : 2

    Rate this post शक्ति की जो परिभाषा है उसमें अधिकार व इच्छा भी शामिल। अर्थात सही अर्थ में शक्तिशाली वही होता है जिसकी शक्ति इच्छा व अधिकार के नियत्रंण में होती है। ईश्वर के संदर्भ में हम यह कहते हैं कि जिस प्रकार ईश्वर में परम शक्ति होती है उसी प्रकार उसमें परम अधिकार भी […]

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    ईश्वर की शक्ति व इरादा : 1

    Rate this post हमारी चर्चा चल रही है ईश्वरीय गुणों और विशेषताओं के विषय पर पिछली चर्चा में ईश्वर के जीवन व ज्ञान के बारे में बात की गई इस चर्चा में ईश्वर के एक अन्य गुण “शक्ति” पर चर्चा कर रहे हैं। तो सब से पहले तो यह जानना आवश्यक है शक्ति क्या है? […]

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    ईश्वर के तुलनात्मक गुण : 2

    Rate this post इस चर्चा का यह निष्कर्ष निकला कि ईश्वर के तुलनात्मक गुणों को समझने के लिए ईश्वर और उसके दासों के मध्य संबंध को देखना चाहिए और पैदा करने वाले और पैदा होने वाले के मध्य जो संबंध है उसके प्रकार को भी समझना चाहिए। अर्थात यह समझना चाहिए कि ईश्वर जो पैदा […]

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    ईश्वर के तुलनात्मक गुण : 1

    Rate this post इससे पहले की चर्चाओं में हम यह बता चुके हैं कि ईश्वर के गुण दो प्रकार के होते हैं एक व्यक्तिगत और दूसरे तुलनात्मक। व्यक्तिगत गुणों पर चर्चा हो चुकी और अब बारी है तुलनात्मक गुणों की। तुलनात्मक गुण, उन गुणों को कहते हैं जो ईश्वर और मनुष्य के मध्य एक विशेष […]

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