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    यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 4

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   परन्तु हुर की सेना की यह नमाज़ कूफ़े वालो के विरोधाभास एंव टकराव की प्रतिबिंबित कर रही थी क्योकि एक और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के साथ नमाज़ पढ़ रहे है और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के नेतृत्व को स्वीकार कर रहे […]

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    यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 3

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   एक शक्तिशाली सेनापति की ओर से यह वाक्य इस बात का प्रतीबिंबत है कि हुर का स्वयं और अपनी सेना पर कितना नियंत्रण था कि स्वयं भी इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के आगे विनम्रता के साथ पेश आया और अपने साथीयो […]

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    यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 2

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान   इसके पहले वाले लेख मे बताया था कि हुर किसी का अंधा अनुकरण नही करता था इस लेख मे आप इस बात का अध्ययन करेंगे कि हुर ने आदेशपत्र लेने के बाद क्या किया सुबह के समय हुर की सरदारी […]

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    यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की पश्चाताप 1

    Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलंग्न लेखकः आयतुल्ला हुसैन अंसारीयान यज़ीद रियाही का पुत्र हुर आरम्भ मे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के साथ नही था, किन्तु अंतः इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के साथ हो गए, हुर एक जवान और स्वतंत्र मनुष्य था, इस व्यर्थ के वाक्य अलमामूरो माज़ूरुन (अर्थात तैनात व्यक्ति अपंग होता है) […]

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    क़ुरआनी अलफ़ाज़ की ग़लत तफ़सीर (वहाबियत के हाथों)

    Rate this post इस मज़हब का अहम तरीन कारनामा तौहीद और शिर्क का मसअला है और जैसा कि मेने कहा कि यह सब इब्ने तेमिया के अक़ीदों की पैदा वार है। “मुहम्मद बिन अब्दुल वहाब” अपनी मेगज़ीन “कश्फ़ुल शुबहात” में उन के बारे में लिखता है जिस का निचौड़ कुछ इस तरह है। 1) इस्लाम […]

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    ज़्यादा वाज़ेह बयान (वहाबियत की उलझन)

    Rate this post वहाबी हज़रात के बर ख़िलाफ़, अरब के मुशरेकीन सिर्फ़ इबादत में शिर्क में गिरफ़तार नहीं थे, या दूसरे लफ़्ज़ों में “कल्मा” “ऐलाह” तमाम जगहों पर माबूद के माइनी में नहीं है बल्कि कभी कभी ख़ालिक़ के माइनी में भी इस्तेमाल होता है जैसा कि क़ुरआने मजीद का इरशाद हैः- امّ التّخذوا آلهةً […]

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    इब्ने तेमिया की नाकामी की दलीलें

    Rate this post जैसा कि आलिम हज़रात जानते हैं वहाबी मज़हब का पैशवा और रेहबर जैसा कि उसने ख़ुद इस बात को क़बूल किया है “इब्ने तेमिया” के साथ ही उठता बैठता था इब्ने तेमिया भी शिर्क, तौहीद, शिफ़ाअत और इस जैसी तमाम बातों में यही नज़रया रखता था लेकिन क्या हुआ वोह दमिश्क़ में […]

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    इस्लाम सब से अच्छा धर्म है

    Rate this post क़ुरआने करीम इस्लाम के अलावा किसी अन्य धर्म को इस अर्थ मे मान्यता नही देता। जैसे कि क़ुरआने करीम के सूरए आले इमरान की आयत न. 19 में वर्णन हुआ कि “इन्नद्दीना इन्दल्लाहि अलइस्लाम” अनुवादः–अल्लाह के समक्ष केवल इस्लाम धर्म ही मान्य है। इस्लाम का शाब्दिक अर्थ “समर्पण” है। और क़ुरआन की […]

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    ग़ीबत चुगली

    Rate this post हमारे घरों में अक्सर झगड़े और फ़साद की एक वजह होती है। वो वजह इतनी हम लोगों में जड़ पा चुकी है कि हमें खुद इसके वजूद का एहसास तक नहीं होता.. वो है ग़ीबत…यह वो चीज़ है जिसको हम सोचने बैठें तो हमें पता नहीं चलता के कहाँ से शुरू हुई…. […]

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    माँ बाप के अधिकार – 2

    Rate this post 2.  अनैतिकता व चिड़चिड़ेपन से परहेज़। किसी बात से नाराजगी पर इंसान की सबसे मामूली प्रतिक्रिया यह होती है कि उसकी ज़बान से उफ़्फ़ निकल जाता है और उफ़्फ़ वह आवाज़ है जो किसी मामूली अफ़सोस के क्षणों में इंसान की ज़बान पर आ जाती है, अल्लाह तआला को इतना मामूली शिकवा […]

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    माँ बाप के अधिकार – 1

    Rate this post हमें अच्छी तरह मालूम है कि इस्लाम एक समाजिक और सोशल दीन है और उसके मानने वाले केवल अल्लाह तआला की इच्छा के लिए और उसकी राह में क़दम उठाते हुए एक दूसरे से सम्बंध और सम्पर्क रखते हैं। इस्लाम ने हमें समाज में ज़िन्दगी बिताने के सिद्धांत भी अच्छी तरह बता […]

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    रोज़े के जिस्मानी फ़ायदे, साइंस की निगाह में

    Rate this post आज हम लोग रमज़ान के मुबारक महीने मे एक दीनी कर्तव्य समझ कर रोज़े रखते हैं जो सही भी है लेकिन दीनी कर्तव्य और सवाब के अलावा भी रोज़े के बहुत से फ़ायदे हैं जिनमे से कुछ फ़ायदे हमारी सेहत व स्वास्थ से सम्बन्धित हैं, लेकिन हम में से बहुत से लोग […]

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    इन्तेज़ार- सबसे बड़ी इबादत

    Rate this post इमाम महदी अज. और उनके ज़ुहूर का विश्वास और अक़ीदा केवल शियों का अक़ीदा नहीं है बल्कि अहले सुन्नत भी इसे मानते हैं। अंतर यह है कि अधिकतर सुन्नी कहते हैं कि अभी उनका जन्म नहीं हुआ है बल्कि उनका जन्म आख़िरी ज़माने में होगा और सभी शिया और कुछ सुन्नी उल्मा […]

  • अमर ज्योति-35
    4 (80%) 1 vote[s]

    अमर ज्योति-35

    अमर ज्योति-354 (80%) 1 vote[s] क़ुरआने मजीद एक अमर चमत्कार है जो मनुष्य को मोक्ष व कल्याण का मार्ग दिखाता है। क़ुरआने मजीद की सुंदर एवं ठोस आयतें संपूर्ण मानव जाति को अपनी ओर बुलाती हैं, विरोधियों को चुनौती देती हैं तथा अत्यंत ठोस तर्क पर आधारित हैं। यही कारण है कि पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो […]

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    अमर ज्योति-34

    Rate this post क़ुरआने मजीद, ईश्वर की दया का अमर ग्रंथ है जो उसकी इच्छा से पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के हृदय पर उतारा गया है और शब्दों तथा आयतों के ढांचे में लिखित रूप में सामने आया है। इस ईश्वरीय किताब की शिक्षाएं अत्यंत व्यापक एवं अद्वितीय हैं। […]

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    अमर ज्योति-33

    Rate this post क़ुरआने मजीद ने अनेक स्थान पर इस बात की ओर संकेत किया है कि यह अमर चमत्कार सभी लोगों को अपने संबोधन का पात्र बनाता है। सूरए आले इमरान की 138वीं आयत में कहा गया हैः यह क़ुरआन सभी लोगों के लिए स्पष्ट बयान है। इसी आयत में आगे चलकर कहा गया […]

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    अमर ज्योति-32

    Rate this post जापान के प्रख्यात इस्लाम विशेषज्ञ तोशिहीको इज़ूत्सू ने क़ुरआने मजीद की उच्च शिक्षाओं की पहचान के लिए, क़ुरआन में ईश्वर व मनुष्य नामक पुस्तक लिखी। उनकी दृष्टि में क़ुरआन मनुष्य व ईश्वर के संबंध में जो चित्र प्रस्तुत करता है उसमें ईश्वर सभी वस्तुओं का केंद्र, सृष्टि का स्रोत और मनुष्य का […]

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    अमर ज्योति-31

    Rate this post ईश्वर की ओर से क़ुरआने मजीद को भेजे जाने के 14 सौ वर्षों के बाद की अवधि में इस ईश्वरीय किताब की हज़ारों तफ़सीरें अर्थात व्याख्याएं लिखी जा चुकी हैं जिनमें से अधिकांश विश्व के विभिन्न पुस्तकालयों में सुरक्षित हैं। क़ुरआने मजीद का इतिहास अत्यंत स्पष्ट है। इसकी आयतें शत प्रतिशत वही […]

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    अमर ज्योति-30

    Rate this post क़ुरआने मजीद ईश्वर की वह महान पुस्तक है कि यदि सच्चे व पवित्र मन से उसकी आयतों में चिंतन किया जाए तो आंखों के सामने से पर्दे हट जाते हैं और वास्तविकताएं हमारे समक्ष प्रकट हो जाती हैं किंतु शर्त यह है कि इस किताब के बारे में हमारा दृष्टिकोण ज्ञान प्राप्ति […]

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    अमर ज्योति-29

    Rate this post इससे पहले की चर्चा में हमने जाना कि पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम का अमर चमत्कार, क़ुरआने मजीद विभिन्न शैलियों से मोक्ष व कल्याण की ओर मनुष्य का मार्गदर्शन करता है। क़िस्सों, उदाहरणों, सौगंधों और तर्कों से लाभ उठाना इन शैलियों में शामिल हैं। मनुष्यों में विचार व बुद्धि […]

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