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    • चहारमहाल व बख़तियारी-4
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      चहारमहाल व बख़तियारी-4

      चहारमहाल व बख़तियारी-4Rate this post चहार महाल व बख़्तियारी प्रांत में चुग़ाख़ोर, गंदमान, अलियाबाद और सोलक़ान नामक चार तालाब ने पर्यावरण और एकोटूरिज़्म की दृष्टि से इस क्षेत्र को विशेष स्थिति उपहार में दी है। ये चार तालाब जंजीर की भांति ब्रूजन नगर के दक्षिणी छोर से क्षेत्र के पश्चिम में केलार पहाड़ की लंबाई […]

    • गीलान प्रांत का तटीय क्षेत्र, बंदर अनज़ली
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      गीलान प्रांत का तटीय क्षेत्र, बंदर अनज़ली

      गीलान प्रांत का तटीय क्षेत्र, बंदर अनज़लीRate this post बंदर अंज़ली उत्तरी ईरान की महत्त्वपूर्ण बंदरगाहों में है जिसके तीन ओर समुद्र और कच्छ है और केवल एक भाग सूखे से जुड़ा हुआ है। बंदर अंज़ली कैस्पियन सागर के दक्षिणपश्चिमी किनारे पर चालीस वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में मौजूद है और यहां से केन्दीय रश्त […]

    • सहाबा अक़्ल व तारीख़ की दावरी में
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      सहाबा अक़्ल व तारीख़ की दावरी में

      सहाबा अक़्ल व तारीख़ की दावरी मेंRate this post हमारा अक़ीदह है कि पैग़म्बरे इस्लाम के असहाब में बहुत से लोग बड़े फ़िदाकार बुज़ुर्ग मर्तबा व बाशख़्सियत थे। क़ुरआने करीम व इस्लामी रिवायतों में उनकी फ़ज़ीलतो का ज़िक्र मौजूद हैं।लेकिन इस का मतलब यह नही है कि पैग़म्बर इस्लाम (स.)के तमाम साथियों को मासूम मान […]

    • हज़रत पैगम्बरे इस्लाम(स.) का जीवन परिचय व चरित्र चित्रण
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      हज़रत पैगम्बरे इस्लाम(स.) का जीवन परिचय व चरित्र चित्रण

      हज़रत पैगम्बरे इस्लाम(स.) का जीवन परिचय व चरित्र चित्रणRate this post नाम व अलक़ाब (उपाधियां) आपका नाम मुहम्मद व आपके अलक़ाब मुस्तफ़ा, अमीन, सादिक़,इत्यादि हैं। माता पिता हज़रत पैगम्बर के पिता का नाम  अब्दुल्लाह था जो ;हज़रत अबदुल मुत्तलिब के पुत्र थे। तथा पैगम्बर (स) की माता का नाम आमिना था, जो हज़रत वहाब की […]

    •  इस्लाम में एकता के उपाय पैग़म्बर (स) के द्वारा
      इस्लाम में एकता के उपाय पैग़म्बर (स) के द्वारा
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      इस्लाम में एकता के उपाय पैग़म्बर (स) के द्वारा

      इस्लाम में एकता के उपाय पैग़म्बर (स) के द्वाराRate this post इस्लामी जगत में एकता का उद्देश्य यह है कि मुसलमान अपनी धार्मिक आस्थाओं के पालन के साथ ही पवित्र क़ुरआन, पैग़म्बरे इस्लाम और एक क़िबला जैसे संयुक्त धार्मिक बिन्दुओं पर बल दें और विभिन्न धार्मिक, राजनैतिक और जातीय मतभेदों से बचें जिससे इस्लामी जगत […]

    • बेसत से पहले पैग़म्बरे अकरम(स.)का किरदार
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      बेसत से पहले पैग़म्बरे अकरम(स.)का किरदार

      बेसत से पहले पैग़म्बरे अकरम(स.)का किरदार5 (100%) 1 vote किसी भी इंसान की समाजी ज़िन्दगी में जो चीज़ सबसे ज़्यादा असर अंदाज़ होती है वह उस इंसान का माज़ी का किरदार है। पैग़म्बरे इस्लाम (स.) की एक ख़ासियत यह थी कि वह दुनिया के किसी भी मदर्से में पढ़ने के लिए नही गये। आपका किसी […]

    •  मजमूअऐ मक़ालाते इमामे महदी(अ)(2)
      मजमूअऐ मक़ालाते इमामे महदी(अ)(2)
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      मजमूअऐ मक़ालाते इमामे महदी(अ)(2)

      मजमूअऐ मक़ालाते इमामे महदी(अ)(2)1 (20%) 1 vote (1)हुकूमत के नतीजे आप ने देखा होगा कि जो लोग अपनी हुकूमत बनाकर ताक़त को अपने हाथ में लेना चाहते हैं, वह पहले अपनी हुकूमत के उद्देश्यों का वर्णन नकरते हैं। कभी कभी तो ऐसा होता है कि वह उन उद्देश्यों तक पहुँचने के लिए अपनी योजनाओं को […]

    • पेंशन
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      पेंशन

      पेंशनRate this post एक नसरानी बूढ़े ने ज़िन्दगी भर मेहनत करके ज़हमतें उठाईं लेकिन ज़ख़ीरे के तौर पर कुछ भी जमा न कर सका, आख़िर में नाबीना भी हो गया। बूढ़ापा, नाबीनाई, और मुफ़लिसी सब एक साथ जमा हो गई थीं । भीख माँगने के सिवा अब उसके पास कोई दूसरा रास्ता न था इसलिए […]

    • पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-4
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      पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-4

      पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-4Rate this post पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत ईरान के हस्तकला उद्योग के केन्द्रों में गिना जाता है। इस प्रांत के महत्वपूर्ण हस्तकला उद्योगों में क़ालीन की बुनाई, दरी की बुनाई, ख़ातम, ओअर्रक़, मुनब्बत, टोकरी, चटाई जैसी लकड़ी की कलाओं, हाथ से ऊन और रेशम के धागों से बुनी वस्तुएं, पारंपरिक छपाई कला, शीशे की […]

    • चहारमहाल व बखतियारी-3
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      चहारमहाल व बखतियारी-3

      चहारमहाल व बखतियारी-3Rate this post चहार महाल व बख्तियारी प्रांत अद्वितीय प्राकृतिक आकर्षणों के साथ ज़ाग्रोस पर्वत माला के मध्य ऊंचाई पर स्थित है। फ्रांसीसी पर्यटक हेनरी रेने डालमानी ने अपनी किताब “खुरासान से बख्तियारी तक के यात्रावृतांत” में चहार महाल व बख्तियारी प्रांत का वर्णन इस प्रकार किया है” यह बहुत ही सुन्दर एवं […]

    • बुराई के बदले भलाई की भावना
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      बुराई के बदले भलाई की भावना

      बुराई के बदले भलाई की भावनाRate this post आदरनीय पैगम्बर की एक विशेषता बुराई का बदला भलाई से देना थी। जो उन को यातनाऐं देते थे, वह उन के साथ उनके जैसा व्यवहार नही करते थे। उनकी बुराई के बदले मे इस प्रकार प्रेम पूर्वक व्यवहार करते थे, कि वह लज्जित हो जाते थे। यहाँ […]

    •  मारेफते ग़दीर
      मारेफते ग़दीर
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      मारेफते ग़दीर

      मारेफते ग़दीरRate this post ग़दीर और वहदते इस्लामी असरे हाज़िर में बाज़ लोग ग़दीर और हज़रते अली अलैहिस्सलाम की इमामत की गुफ़्तुगू (चूँकि इसको बहुत ज़माना गुज़र चुका है) को बेफ़ायदा बल्कि नुक़सानदेह समझते हैं, क्योकि यह एक तारीखी वाक़ेया है जिसको सदियाँ गुज़र चुकी हैं। यह गुफ़्तुगू करना कि पैग़म्बरे इस्लाम सल्ललाहो अलैहे व […]

    • आशिक़े रसूले ख़ुदा (स.)
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      आशिक़े रसूले ख़ुदा (स.)

      आशिक़े रसूले ख़ुदा (स.)Rate this post एक शख़्स हज़रत रसूले ख़ुदा से बेहद मोहब्बत करता था, और तेल (रौग़ने ज़ैतून) बेचने का काम किया करता था। उस के बारे में यह ख़बर मशहूर थी कि वो सिदक़े दिल से रसूले ख़ुदा (स.) से बेपनाह इश्क व मोहब्बत करता था और आँ हज़रत (स) को बहुत […]

    • ज़माने की शिकायत
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      ज़माने की शिकायत

      ज़माने की शिकायतRate this post मुफ़ज़्ज़ल बिन क़ैस ज़िन्दगी की दुशवारी से दो चार थे और फ़क्र व तंगदस्ती कर्ज़ और ज़िन्दगी के अख़राजात से बहुत परेशान थ। एक दिन हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक अलैहिस्सलाम की ख़िदमत में हाज़िर हुए और अपनी बेचारगी और परेशानी बयान की, कि इतना मुझ पर कर्ज़ है और मैं […]

    • पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरी
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      पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरी

      पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरीRate this post पैगम्बर अकरम (स.) के असहाब के एक मशहूर गिरोह ने इस हदीस को पैगम्बर (स.) नक़्ल किया है। “ अख़ा रसूलुल्लाहि (स.) बैना असहाबिहि फ़अख़ा बैना अबिबक्र व उमर व फ़ुलानुन व फ़ुलानुन फ़जआ अली (रज़ियाल्लहु अन्हु) फ़क़ाला अख़ीता बैना असहाबिक व लम तुवाख़ बैनी व बैना […]

    • बनी उमैय्यह इस्लाम से बदला ले रहे थे।
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      बनी उमैय्यह इस्लाम से बदला ले रहे थे।

      बनी उमैय्यह इस्लाम से बदला ले रहे थे।Rate this post इस्लाम से पहले ,अबुसुफ़यान (यज़ीद का दादा) जिहालत की मान्यताओं, बुत परस्ती व शिर्क का सबसे बड़ा समर्थक था। जब पैग़म्बरे इस्लाम (स.) ने बुत परस्ती और समाज में फैली बुराईयों को दूर करने का काम शुरू किया, तो अबु सुफ़यान को हार का सामना […]

    • हातिम का बेटा
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      हातिम का बेटा

      हातिम का बेटाRate this post तुलू ए इस्लाम और इस्लामी हुकूमत की तशकील पाने से पहले अरबों में कबीले की सरदारी की रस्म जारी थी। अरब वाले अपने सरदारों की इताअत और फ़र्माबरदारी करते थे और कभी-कभी उनको टैक्स वग़ैरा भी देते थे। अरब कबीलों के मुख़्तलिफ सरदारों में एक सरदार हातिम भी था और […]

    • ईरान का पहाड़ी गांव रूदबार क़स्रान
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      ईरान का पहाड़ी गांव रूदबार क़स्रान

      ईरान का पहाड़ी गांव रूदबार क़स्रानRate this post रूदबार क़स्रान, तेहरान के आस -पास के पर्वतीय क्षेत्रों में अच्छी व लुभावनी जलवायु वाला क्षेत्र है। वास्तव में रूदबार क़स्रान तेहरान के उत्तर में स्थित शमीरान उपनगर का एक भाग है। इसका क्षेत्रफल लगभग ४०० वर्ग किलोमीटर है और यह तेहरान के उत्तर में ३० से […]

    • हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय
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      हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

      हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचयRate this post हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का नाम अली व आपकी मुख्य उपाधि रिज़ा है। माता पिता हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रत नजमा थीं। आपकी माता को समाना, तुकतम, व ताहिराह भी कहा जाता था। हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम […]

    • शिया समुदाय की उत्पत्ति व इतिहास (2)
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      शिया समुदाय की उत्पत्ति व इतिहास (2)

      शिया समुदाय की उत्पत्ति व इतिहास (2)Rate this post   रसूले अकरम (स.) के देहांत के बाद जब आपकी ख़िलाफ़त और उत्तराधिकार का मुद्दा सामने आया तो जो महोदय रसूले इस्लाम (स.) के युग में आपके प्रति सबसे अधिक निष्ठावान थे और आपके शिया समझे जाते थे उन्होंने इमामत के बारे में मौजूद नुसूस और […]

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