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    आशिक़े रसूले ख़ुदा (स.)

    Rate this post एक शख़्स हज़रत रसूले ख़ुदा से बेहद मोहब्बत करता था, और तेल (रौग़ने ज़ैतून) बेचने का काम किया करता था। उस के बारे में यह ख़बर मशहूर थी कि वो सिदक़े दिल से रसूले ख़ुदा (स.) से बेपनाह इश्क व मोहब्बत करता था और आँ हज़रत (स) को बहुत चाहता था, अगर […]

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    आलिम के सामने

    Rate this post   हज़रत रसूले ख़ुदा (स.) के पास एक शख़्स अन्सार में से आया और उसने सवाल किया, ऐ रसूले ख़ुदा अगर किसी का जनाज़ा तदफ़ीन के लिए तैयार हो और दूसरी तरफ़ इल्मी नशिस्त हो जिसमें शिरकत करने से कस्बे फ़ैज़ हो और दोनों एक ही वक़्त हों और वक़्त भी इतना […]

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    पैग़म्बरे इस्लाम (स.) की विलादत

    Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम (स.) की विलादत की तारीख़ पैग़म्बरे इस्लाम (स.) की विलादत की तारीख़ में मुसलमानों के दरमियान इख़्तेलाफ़ है। शिया आपकी विलादत सतरह रबी उल अव्वल को मानते हैं और सुन्नी आपकी विलादत के बारे में बारह रबी उल अव्वल के काइल है। इसी तरह आपकी विलादत के दिन में भी […]

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    हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

    Rate this post हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का नाम अली व आपकी मुख्य उपाधि रिज़ा है। माता पिता हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रत नजमा थीं। आपकी माता को समाना, तुकतम, व ताहिराह भी कहा जाता था। हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय नाम व लक़ब […]

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    हज़रत इमाम मूसा काज़िम (अ) और हुकूमते इस्लामी का अरमान

    Rate this post तारीख़ी और रिवाई हक़ायक़ इस पर शाहिद हैं कि सरकारे मुरसले आज़म (स) और मौला ए कायनात (अ) की अज़ीमुश शान इलाही व इस्लामी हुकूमत के वुक़ू पज़ीर होने के बाद, इसी तरह इलाही अहकाम व हुदूद (दीन व शरीयत) के मुकम्मल निफ़ाज़ व इजरा की ख़ातिर इस्लामी हुकूमत की तशकील का […]

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    पैग़म्बरे इस्लाम की बेसत

    Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम की पैग़म्बरी की घोषणा की वर्षगांठ के शुभ अवसर पर हार्दिक बधाईयां स्वीकार कीजिए। वह एक रहस्यमय रात थी। चांद का मंद प्रकाश नूर नामक पर्वत और उसके दक्षिण में स्थित मरूस्थल पर फैला हुआ था। मक्का और उसके आसपास की प्रकृति पर […]

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    ग़दीर पर रसूले इस्लाम (स.अ.) का विशेष ध्यान

    Rate this post हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम को भी ग़दीर का उतना ही ख़्याल था जितना की अल्लाह को, और उस साल बहुत सारी क़ौमें और क़बीलें हज के सफ़र पर निकले थे। 1. रसूले इस्लाम (स.अ.) का ग़दीर के दिन उतरने वाली आयतों का प्रचार करना हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो […]

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    सहाबा अक़्ल व तारीख़ की दावरी में

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि पैग़म्बरे इस्लाम के असहाब में बहुत से लोग बड़े फ़िदाकार बुज़ुर्ग मर्तबा व बाशख़्सियत थे। क़ुरआने करीम व इस्लामी रिवायतों में उनकी फ़ज़ीलतो का ज़िक्र मौजूद हैं।लेकिन इस का मतलब यह नही है कि पैग़म्बर इस्लाम (स.)के तमाम साथियों को मासूम मान लिया जाये और उनके तमाम आमाल […]

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    पैग़म्बरे इस्लाम की निष्ठावान पत्नी हज़रत ख़दीजा सलामुल्लाहे अलैहा

    Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम की पैग़म्बरी की सार्वजनिक घोषणा के दस वर्ष बाद पैग़म्बरे इस्लाम स की पत्ती हज़रत ख़दीजा सलामुल्लाहे अलैहा ने संसार से विदा ली। यह दिन पैग़म्बरे इस्लाम स और हज़रत ख़दीजा सलामुल्लाहे अलैहा के संयुक्त जीवन का अंतिम बिंदु था। हज़रत ख़दीजा सलामुल्लाहे अलैहा […]

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    बनी उमैय्यह इस्लाम से बदला ले रहे थे।

    Rate this post इस्लाम से पहले ,अबुसुफ़यान (यज़ीद का दादा) जिहालत की मान्यताओं, बुत परस्ती व शिर्क का सबसे बड़ा समर्थक था। जब पैग़म्बरे इस्लाम (स.) ने बुत परस्ती और समाज में फैली बुराईयों को दूर करने का काम शुरू किया, तो अबु सुफ़यान को हार का सामना करना पड़ा। अबुसुफ़यान, उसकी बीवी व उसके […]

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    ख़िलाफ़त पर फ़ासिद लोगों का क़ब्ज़ा

    Rate this post उम्मत की इमामत व रहबरी एक पाको पाकीज़ा व इलाही ओहदा है, यह ओहदा हर इंसान के लिए नही है। लिहाज़ा इमाम में ऐसी सिफ़तों का होना ज़रूरी है जो उसे अन्य लोगों से मुमताज़(श्रेष्ठ) बनायें । अक़्ल व रिवायतें इस बात को साबित करती हैं कि इमामत व ख़िलाफ़त का मक़सद […]

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    पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरी

    Rate this post पैगम्बर अकरम (स.) के असहाब के एक मशहूर गिरोह ने इस हदीस को पैगम्बर (स.) नक़्ल किया है। “ अख़ा रसूलुल्लाहि (स.) बैना असहाबिहि फ़अख़ा बैना अबिबक्र व उमर व फ़ुलानुन व फ़ुलानुन फ़जआ अली (रज़ियाल्लहु अन्हु) फ़क़ाला अख़ीता बैना असहाबिक व लम तुवाख़ बैनी व बैना अहद ? फ़क़ाला रसूलुल्लाहि (स.) […]

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    उमर ने वसीयत नामा लिखे जाने में रुकावट क्यों की

    Rate this post यह सवाल हर शख्स के ज़हन में आता है कि उमर बिन ख़त्ताब और उनके तरफ़दारों ने पैग़म्बरे अकरम (स) की तदबीर अमली होने में रुकावट क्यों पैदा की? क्या आँ हज़रत (स) ने रोज़े क़यामत तक उम्मत को गुमराह न होने की ज़मानत नही दी थी? इससे बढ़ कर और क्या […]

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    मारेकए बद्र व ओहद और शोहदा ए करबला मुशाहिद आलम

    Rate this post ख़ुदा की जानिब से एक मोमिने कामिल के लिये बेहतरीन तोहफ़ा और हदिया मौत के अलावा कुछ और नही हो सकता है। लेकिन अगर उस की सूरत बदल जाये, बिस्तर के बजाए मैदान और राहे ख़ुदा में जंग व जिहाद करता हुआ कोई मुजाहिद मौत को गले लगा ले तो उसे दीनी […]

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    इस्लामी मानवाधिकार घोषणापत्र : 2

    Rate this post जीने के अधिकार को, मुनष्य का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण अधिकार कहा जा सकता है। मूल रूप से अन्य सभी मानवाधिकार, उसी समय प्राप्त हो सकते हैं जब मनुष्य के जीने के अधिकार पर ध्यान दिया गया हो। इसी लिए इस्लामी मानवाधिकार घोषणापत्र में यह सिद्धान्त, इस्लाम धर्म की शिक्षाओं के अनुसार […]

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    इस्लामी मानवाधिकार घोषणापत्र : 1

    Rate this post मानवाधिकार उन अधिकारों में से है जो मानवीय प्रवृत्ति का अनिवार्य अंश है। मानवाधिकार का स्थान, सरकारों की सत्ता से ऊपर होता है और विश्व की सभी सरकारों को उसका सम्मान करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्यों ने वर्ष १९४८ में विश्व मानवाधिकार घोषणापत्र को तीस अनुच्छेदों के साथ पारित किया। […]

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    इस्लामी संस्कृति व इतिहास

    Rate this post 1 अतीत से ही रसायन विज्ञान पर बहुत अधिक ध्यान दिया जाता रहा है। बीते हुए युगों के लोग रसायन ज्ञान को कीमिया के नाम से जानते थे और इसे ज्ञान, कला तथा जादू से मिलकर बनने वाला ज्ञान समझते थे किंतु धीरे धीरे इस क्षेत्र में परिवर्तन आया और रसायन शास्त्र […]

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    सर चश्म ए कौसर हज़रत ख़दीजतुल कुबरा (अ

    Rate this post हज़रत ख़दीजा (अ) का सिलसिल ए नसब हज़रत ख़दीजा (अ) बिन्ते ख़ुवैलद, बिन असद, बिन अब्दुल उज़्ज़ा बिन कलाब, बिन मर्रा, बिन कअब, बिन लोएज, बिन ग़ालिब, बिन फ़हर।[1] आपके वालिदे मोहतरम (ख़ुवैलद) ने जबरदस्त बहादुरी के साथ ख़ान ए काबा की हुरमत का दिफ़ाअ किया जिसे आज भी याद किया जाता […]

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