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    तटीय नगर आस्तारा

    Rate this post आस्तारा नगर कैस्पियन सागर के पश्चिमी तट पर और गीलान प्रांत के उत्तरी छोर पर तथा ईरान व आज़रबाइजान गणराज्य की सीमा पर स्थित है। आस्तारा, इसी नाम के ज़िले का केंद्रीय नगर है। आस्तारा ज़िले की सीमाएं पूरब से कैस्पियन सागर, उत्तर से आज़रबाइजान गणराज्य, पश्चिम से अर्दबील प्रांत और दक्षिण […]

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    रूदबार नगर

    Rate this post पिछली कुछ कड़ियों में हरे-भरे व सुंदर गीलान प्रान्त की यात्रा को जारी रखते हुए इस कार्यक्रम में हम रूदबार शहर की चर्चा कर रहे हैं। ऐसा शहर जिसका इतिहास 6 हज़ार वर्ष पुराना है और यह तेहरान-रष्त राजमार्ग पर रष्त नगर से 67 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। रूदबार पर विहंगम […]

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    अदभुत वास्तुकला का नमूना मासूले नगर

    Rate this post गीलान प्रांत के केन्द्र रश्त से 55 किलोमीटर की दूरी पर फ़ूमन नगर से गुज़रने और 35 किलोमीटर घने जंगलों, धान के खेतों व प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पहाड़ी क्षेत्रों को तय करने के बाद मासूले नामक स्थान पर पहुचते हैं जो अपनी पारंपरिक वास्तुकला का अद्भुत दृष्य प्रस्तुत करता है। गीलान […]

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    चाय के बगानों की नगरी लाहीजान

    Rate this post लाहीजान, गीलान ही नहीं अपितु पूरे ईरान के सुंदरतम नगरों में से एक है। भौगोलिक दृष्टि से यह नगर पर्वतांचल में स्थित है जिसमें मिट्टी के टीले और चाय के बगान भरे पड़े हैं। इस नगर के घरों की वास्तुकला ने भी नगर को एक विशेष सौंदर्य प्रदान कर दिया है। यहां […]

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    गीलान प्रांत का तटीय क्षेत्र, बंदर अनज़ली

    Rate this post बंदर अंज़ली उत्तरी ईरान की महत्त्वपूर्ण बंदरगाहों में है जिसके तीन ओर समुद्र और कच्छ है और केवल एक भाग सूखे से जुड़ा हुआ है। बंदर अंज़ली कैस्पियन सागर के दक्षिणपश्चिमी किनारे पर चालीस वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में मौजूद है और यहां से केन्दीय रश्त 35 किलोमीटर है जबकि यहां से […]

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    रश्त नगर की ऐतिहासिक धरोहरें

    Rate this post उत्तरी ईरान के गीलान प्रांत के केंद्रीय नगर रश्त के ऐतिहासिक अवशेषों में से एक सुलैमान दाराब नामक क़ब्रस्तान में स्थित प्रसिद्ध स्वतंत्रताप्रेमी मीरज़ा कूचक ख़ान जंगली का मज़ार है जो साम्राज्यवादियों के चंगुल से ईरान को मुक्त कराने क लिए उनके संघर्ष की गाथा सुनाता है। मज़ार की इमारत, जिसे ईरान […]

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    प्रकृति का संगम, रश्त

    Rate this post जंगल, वर्षा, चावल, रेशम, उफनती नदियों, बैगनी फूलों के विशाल स्थान, बसंती गुलाब, कमल के फूल, मुर्ग़ाबियों, हंसों, और विविधतापूर्ण वनस्पतियों जैसी विशेषताओं से संपन्न प्रांत का नाम गीलान है। गीलान प्रांत के नगर अपनी वास्तुकला, आर्थिक गतिविधियों, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व के कारण इस क्षेत्र के पर्यटन आकर्षण समझते जाते हैं। […]

  • गीलान प्रांत, हस्तकलाओं का केन्द्र
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    गीलान प्रांत, हस्तकलाओं का केन्द्र

    गीलान प्रांत, हस्तकलाओं का केन्द्र 3 (60%) 1 vote अधिकांश पुरातन वेत्ताओं और शोधकर्ताओ का मानना है कि मिट्टी के बर्तनों को बनाने की कला की जन्म स्थली ईरान है और यहीं से यह कला अन्य देशों में फैली और यह मानवीय उत्पादन की प्राचीन गतिविधियों में से एक है। यह भी कहा जाता है […]

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    क़िला नौख़रक़ान गांव

    Rate this post आज हम सेमनान प्रांत के प्राचीन गावों में से एक क़िला नौख़रक़ान का परिचय कराएंगे। यह वह गांव है जहां चौथी और पांचवी हिजरी क़मरी के महान आध्यात्मिक गुरु शैख़ अबुल हसन ख़रक़ानी का मज़ार है जिससे इस गांव की ऐतिहासिक पृष्ठिभूमि का पता चलता है और ईरान के सांस्कृतिक केन्द्र और […]

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    ईरान का पहाड़ी गांव रूदबार क़स्रान

    Rate this post रूदबार क़स्रान, तेहरान के आस -पास के पर्वतीय क्षेत्रों में अच्छी व लुभावनी जलवायु वाला क्षेत्र है। वास्तव में रूदबार क़स्रान तेहरान के उत्तर में स्थित शमीरान उपनगर का एक भाग है। इसका क्षेत्रफल लगभग ४०० वर्ग किलोमीटर है और यह तेहरान के उत्तर में ३० से ५० किलोमीटर की दूरी पर […]

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    गीलिअर्द एवं बारीकान गांव

    Rate this post तालेक़ान क्षेत्र ईरान के पर्वतीय और अद्वितीय घाटियों वाला क्षेत्र है जो पश्चिमी अलबुर्ज़ क्षेत्र में स्थित है। पूरब से पश्चिम तक तालेक़ान का पूरे क्षेत्र में शाहरूद नामक नदी फैली हुई है। यह नदी अलमौत नामक नदी और उसके बाद सफ़ेद झील में मिल जाती है। तालेक़ान क्षेत्र पश्चिमोत्तरी तेहरान से […]

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    पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत-2

    Rate this post उरोमिया, पश्चिमी आज़रबाइजान का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो अपने इतिहासिक और प्राकृतिक आकर्षणों के कारण सदा ही पर्यटकों को लुभाता है। उरोमिया झील नेशनल पार्क, क्षेत्र के विभिन्न औपचारिक गुणों वाले सोते, सरंक्षित क्षेत्र, गगनचुंबी पर्वत, हरे भरे मैदान और सब से महत्वपूर्ण सुन्दर व अनेक द्वीपों के साथ उरोमिया झील […]

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    पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत-1

    Rate this post पश्चिमोत्तरी ईरान के अंत में बहुत ही अच्छी जलवायु से समृद्ध पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत है कि जिसके पड़ोस में आज़रबाइजान गणराज्य, तुर्की और इराक़ जैसे देश स्थित हैं। इस प्रांत के दक्षिण और पूरब में कुर्दिस्तान, पूर्वी आज़रबाइजान तथा ज़न्जान प्रांत हैं। पश्चिमी आज़रबाइजान का क्षेत्रफल उरूमिये झील के साथ 43 हज़ार […]

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    पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-4

    Rate this post पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत ईरान के हस्तकला उद्योग के केन्द्रों में गिना जाता है। इस प्रांत के महत्वपूर्ण हस्तकला उद्योगों में क़ालीन की बुनाई, दरी की बुनाई, ख़ातम, ओअर्रक़, मुनब्बत, टोकरी, चटाई जैसी लकड़ी की कलाओं, हाथ से ऊन और रेशम के धागों से बुनी वस्तुएं, पारंपरिक छपाई कला, शीशे की वस्तुओं, मिट्टी […]

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    पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-3

    Rate this post पूर्वी आज़रबाइजान का सराब नगर उत्तर, पूर्व और दक्षिण से सबलान एवं बुज़क़ूश पर्वतांचलों से और ईलानजूक़ की उंचाइयों से घिरा हुआ है। इस प्रकार से सराब नगर एक घिरे हुए क्षेत्र में है जिसमें केवल पश्चिम की ओर से ही पहुंचा जा सकता है।अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण यहां पर शीत […]

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    पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-2

    Rate this post मराग़े नगर पूर्वी आज़रबाइजान के दक्षिण-पश्चिम और तबरीज़ नगर के दक्षिण में उरूमिये झील व सहंद नामक ज्वालामुखीय पहाड़ के बीच में स्थित है। यह नगर अपेक्षाकृत विस्तृत व उपजाउ पठार में स्थित है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी इस नगर का बहुत महत्व है। यह नगर दो अलग अलग भाग पर आधारित […]

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    पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-1

    Rate this post प्राचीनकाल की धरोहरों को पहचनवाने के लिए संग्रहालयों को एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है और वर्तमान काल में मनुष्य के सांस्कृतिक जीवन में संग्रहालय, महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। १४ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संग्रहालयों तथा इसके अतिरिक्त कई अन्य निजी छोटे-बड़े संग्रहालयों की उपस्थिति के कारण पूर्वी आज़बाइजान को संग्रहालयों का […]

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    चहारमहाल व बख़तियारी-4

    Rate this post चहार महाल व बख़्तियारी प्रांत में चुग़ाख़ोर, गंदमान, अलियाबाद और सोलक़ान नामक चार तालाब ने पर्यावरण और एकोटूरिज़्म की दृष्टि से इस क्षेत्र को विशेष स्थिति उपहार में दी है। ये चार तालाब जंजीर की भांति ब्रूजन नगर के दक्षिणी छोर से क्षेत्र के पश्चिम में केलार पहाड़ की लंबाई तक फैला […]

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    चहारमहाल व बखतियारी-3

    Rate this post चहार महाल व बख्तियारी प्रांत अद्वितीय प्राकृतिक आकर्षणों के साथ ज़ाग्रोस पर्वत माला के मध्य ऊंचाई पर स्थित है। फ्रांसीसी पर्यटक हेनरी रेने डालमानी ने अपनी किताब “खुरासान से बख्तियारी तक के यात्रावृतांत” में चहार महाल व बख्तियारी प्रांत का वर्णन इस प्रकार किया है” यह बहुत ही सुन्दर एवं हरा- भरा […]

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    चहारमहाल व बख़तियारी-2

    Rate this post चार महाल व बख़तियारी प्रांत में बख़तियारी क़बीला अपनी विशेष जीवन शैली व रीति रिवाजों के कारण इस क्षेत्र के अद्वितीय आकर्षणों में गिना जाता है और इस क़बीले की जीवन शैली देशी व विदेशी पर्यटकों के लिए सदैव रूचि का विषय रही है। बख़तियारी क़बीला लुर जाति की एक शाखा है […]

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