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    पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत-2

    Rate this post उरोमिया, पश्चिमी आज़रबाइजान का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो अपने इतिहासिक और प्राकृतिक आकर्षणों के कारण सदा ही पर्यटकों को लुभाता है। उरोमिया झील नेशनल पार्क, क्षेत्र के विभिन्न औपचारिक गुणों वाले सोते, सरंक्षित क्षेत्र, गगनचुंबी पर्वत, हरे भरे मैदान और सब से महत्वपूर्ण सुन्दर व अनेक द्वीपों के साथ उरोमिया झील […]

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    पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत-1

    Rate this post पश्चिमोत्तरी ईरान के अंत में बहुत ही अच्छी जलवायु से समृद्ध पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत है कि जिसके पड़ोस में आज़रबाइजान गणराज्य, तुर्की और इराक़ जैसे देश स्थित हैं। इस प्रांत के दक्षिण और पूरब में कुर्दिस्तान, पूर्वी आज़रबाइजान तथा ज़न्जान प्रांत हैं। पश्चिमी आज़रबाइजान का क्षेत्रफल उरूमिये झील के साथ 43 हज़ार […]

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    पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-4

    Rate this post पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत ईरान के हस्तकला उद्योग के केन्द्रों में गिना जाता है। इस प्रांत के महत्वपूर्ण हस्तकला उद्योगों में क़ालीन की बुनाई, दरी की बुनाई, ख़ातम, ओअर्रक़, मुनब्बत, टोकरी, चटाई जैसी लकड़ी की कलाओं, हाथ से ऊन और रेशम के धागों से बुनी वस्तुएं, पारंपरिक छपाई कला, शीशे की वस्तुओं, मिट्टी […]

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    पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-3

    Rate this post पूर्वी आज़रबाइजान का सराब नगर उत्तर, पूर्व और दक्षिण से सबलान एवं बुज़क़ूश पर्वतांचलों से और ईलानजूक़ की उंचाइयों से घिरा हुआ है। इस प्रकार से सराब नगर एक घिरे हुए क्षेत्र में है जिसमें केवल पश्चिम की ओर से ही पहुंचा जा सकता है।अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण यहां पर शीत […]

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    पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-2

    Rate this post मराग़े नगर पूर्वी आज़रबाइजान के दक्षिण-पश्चिम और तबरीज़ नगर के दक्षिण में उरूमिये झील व सहंद नामक ज्वालामुखीय पहाड़ के बीच में स्थित है। यह नगर अपेक्षाकृत विस्तृत व उपजाउ पठार में स्थित है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी इस नगर का बहुत महत्व है। यह नगर दो अलग अलग भाग पर आधारित […]

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    पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत-1

    Rate this post प्राचीनकाल की धरोहरों को पहचनवाने के लिए संग्रहालयों को एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है और वर्तमान काल में मनुष्य के सांस्कृतिक जीवन में संग्रहालय, महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। १४ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संग्रहालयों तथा इसके अतिरिक्त कई अन्य निजी छोटे-बड़े संग्रहालयों की उपस्थिति के कारण पूर्वी आज़बाइजान को संग्रहालयों का […]

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    चहारमहाल व बख़तियारी-4

    Rate this post चहार महाल व बख़्तियारी प्रांत में चुग़ाख़ोर, गंदमान, अलियाबाद और सोलक़ान नामक चार तालाब ने पर्यावरण और एकोटूरिज़्म की दृष्टि से इस क्षेत्र को विशेष स्थिति उपहार में दी है। ये चार तालाब जंजीर की भांति ब्रूजन नगर के दक्षिणी छोर से क्षेत्र के पश्चिम में केलार पहाड़ की लंबाई तक फैला […]

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    चहारमहाल व बखतियारी-3

    Rate this post चहार महाल व बख्तियारी प्रांत अद्वितीय प्राकृतिक आकर्षणों के साथ ज़ाग्रोस पर्वत माला के मध्य ऊंचाई पर स्थित है। फ्रांसीसी पर्यटक हेनरी रेने डालमानी ने अपनी किताब “खुरासान से बख्तियारी तक के यात्रावृतांत” में चहार महाल व बख्तियारी प्रांत का वर्णन इस प्रकार किया है” यह बहुत ही सुन्दर एवं हरा- भरा […]

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    चहारमहाल व बख़तियारी-2

    Rate this post चार महाल व बख़तियारी प्रांत में बख़तियारी क़बीला अपनी विशेष जीवन शैली व रीति रिवाजों के कारण इस क्षेत्र के अद्वितीय आकर्षणों में गिना जाता है और इस क़बीले की जीवन शैली देशी व विदेशी पर्यटकों के लिए सदैव रूचि का विषय रही है। बख़तियारी क़बीला लुर जाति की एक शाखा है […]

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    चहारमहाल व बख़तियारी-1

    Rate this post चहारमहाल व बख़्तियारी प्रांत में प्रचुर जल, उपजाऊ भूमि, उचित एवं मनोहर जलवायु, प्राकृतिक हिमखण्ड, झरनों, विभिन्न झीलों और सुन्दर सरोवरों की उपस्थिति तथा बलूत के घने जंगलों जैसी सुन्दर प्रकृति के कारण पर्यटकों को आकर्षित करने की बहुत क्षमता पाई जाती है। जब ईरान के पर्यटन स्थलों का उल्लेख किया जाता […]

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    कुर्दिस्तान

    Rate this post कुर्दिस्तान प्रांत ईरान की उस धरती का एक भाग है जिस पर माद जाति का शासन रहा है। कुर्द समुदाय का संबंध आर्य जाति से है जो लगभग चार हज़ार वर्ष पूर्व पूरब की ओर से इस क्षेत्र में पहुँची थी और बाद में उसने उत्तर पश्चिम तथा उरूमिये नदी के पूर्व […]

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    शीराज़-3

    Rate this post शीराज़ नगर का ऐतिहासिक अतीत हख़ामनशी काल से संबंधित है किन्तु इसकी ख्याति और इसकी विश्वसनीयता इस्लामी काल से संबंधित है। इस काल में शीराज़ विस्तृत हुआ यहां तक कि चार शासन श्रखलाओं कालों में यह नगर राजधानी के रूप में चुना गया। ईरान के अन्य नगरों की भांति शीराज़ नगर ने […]

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    शीराज़-2

    Rate this post शीराज़ नगर प्राचीन काल से ज्ञान का केन्द्र रहा है। इस लेख में हम ज्ञान व साहित्य के क्षेत्र की कुछ महान हस्तियों का परिचय दे रहे हैं। सादिया के नाम से प्रसिद्ध सादी का मक़बरा शीराज़ नगर के पूर्वोत्तर में चार किलोमीटर की दूरी पर पर्वातांचल में स्थित है। अलबत्ता यह […]

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    सपनों का देश ईरान

    Rate this post ईरान के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने और यहां के एतिहासिक सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक आकर्षणों से अधिक से अधिक परिचित होने के लिए आपकी निरंतर मांग पर प्रिय पाठकों हमने एक नई चर्चा आरंभ की है जिसका शीर्षक है, “सपनों का देश ईरान”। इस चर्चा की पहली कड़ी में हम ईरान […]

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    पैग़म्बरे व इमाम सादिक़ के जन्म दिवस पर भव्य आयोजन

    Rate this post ईश्वर के अंतिम दूत और दया व स्नेह के प्रतीक पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम तथा उनके छठे उत्तराधिकारी इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर पूरे ईरान सहित विश्व के विभिन्न देशों में उत्सव व समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। […]

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    हज़रत अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम जीवन परिचय व चारित्रिक विशेषताऐं

    Rate this post नाम व अलक़ाब (उपाधियाँ) आपका नाम अली व आपके अलक़ाब अमीरुल मोमेनीन, हैदर, कर्रार, कुल्ले ईमान, सिद्दीक़,फ़ारूक़, अत्यादि हैं। माता पिता आपके पिता हज़रतअबुतालिब पुत्र हज़रत अब्दुल मुत्तलिब व आपकी माता आदरनीय फ़तिमा पुत्री हज़रतअसद थीं। जन्म तिथि व जन्म स्थान आप का जन्म रजब मास की 13वी तारीख को हिजरत से […]

  • बुराई के बदले भलाई की भावना
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    बुराई के बदले भलाई की भावना

    बुराई के बदले भलाई की भावना5 (100%) 1 vote[s] आदरनीय पैगम्बर की एक विशेषता बुराई का बदला भलाई से देना थी। जो उन को यातनाऐं देते थे, वह उन के साथ उनके जैसा व्यवहार नही करते थे। उनकी बुराई के बदले मे इस प्रकार प्रेम पूर्वक व्यवहार करते थे, कि वह लज्जित हो जाते थे। […]

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    हज़रत पैगम्बरे इस्लाम(स.) का जीवन परिचय व चरित्र चित्रण

    Rate this post नाम व अलक़ाब (उपाधियां) आपका नाम मुहम्मद व आपके अलक़ाब मुस्तफ़ा, अमीन, सादिक़,इत्यादि हैं। माता पिता हज़रत पैगम्बर के पिता का नाम  अब्दुल्लाह था जो ;हज़रत अबदुल मुत्तलिब के पुत्र थे। तथा पैगम्बर (स) की माता का नाम आमिना था, जो हज़रत वहाब की पुत्री थीं। जन्म तिथि व जन्म स्थान हज़रत […]

  • ज़ुबैर और ज़ुल्फ़ा
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    ज़ुबैर और ज़ुल्फ़ा

    ज़ुबैर और ज़ुल्फ़ा1 (20%) 1 vote[s] कितना अच्छा होता अगर तुम शादी कर लेते और अपना घर बसा लेते इस तरह तन्हाई की ज़िन्दगी से निजात मिल जाती और तुम्हारी शादी की ख़्वाहिश भी पूरी हो जाती और वही औरत दुनिया और आख़िरत के कामों में तुम्हारी मददगार साबित होती। या रसूल अल्लाह (स.) न […]

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    ज़माने की शिकायत

    Rate this post मुफ़ज़्ज़ल बिन क़ैस ज़िन्दगी की दुशवारी से दो चार थे और फ़क्र व तंगदस्ती कर्ज़ और ज़िन्दगी के अख़राजात से बहुत परेशान थ। एक दिन हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक अलैहिस्सलाम की ख़िदमत में हाज़िर हुए और अपनी बेचारगी और परेशानी बयान की, कि इतना मुझ पर कर्ज़ है और मैं नहीं जानता […]

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