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  •  नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 26
    नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 26
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    नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 26

    नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 264.5 (90%) 2 votes नहजुल बलाग़ा : ख़ुत्बा – 26 अल्लाह तबारका व तआला ने मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम को तमाम जहानों को (उनकी बद आमालियों से) मुतनब्बेह करने वाला और अपनी वह्ई का अमीन बना कर भेजा। ऐ गुरोहे अरब ! उस वक्त तुम बद तरीन […]

  •  लोगों के सम्मान को बचाना
    लोगों के सम्मान को बचाना
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    लोगों के सम्मान को बचाना

    लोगों के सम्मान को बचानाRate this post जो लोगों के सम्मान को बचाता है अल्लाह तआला क़यामत के दिन उसकी ग़लतियों को क्षमा कर देगा। और जो लोगों से अपने ग़ुस्से पर कंट्रोल कर लेगा तो क़यामत में अल्लाह उससे अपने ग़जब (ग़ुस्सा) को ख़त्म कर देगा «مَنْ کَفَّ نَفْسَهُ عَنْ أَعْراضِ النّاسِ أَقالَهُ اللّهُ […]

  •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 31
    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 31
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 31

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 31Rate this post जब राजनीति की बात आती है तो बहुत से लोगों के मन में झूठ, मक्कारी और पाखंड जैसे मामले व शब्द आते हैं। क्योंकि इंसान को पूरे इतिहास में इस कटु वास्तविकता का सामना रहा है। अधिकांश सरकारें एवं व्यवस्थाएं नैतिक और मानवीय सिद्धांतों […]

  •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 30
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 30

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 30Rate this post जो व्यक्ति सही ज्ञान और सोच विचार के बिना उपासना करता है उसका मूल्य बयान करते हुए हज़रत अली अलैहिस्सलाम फरमाते हैं” पूर्ण विश्वास के साथ सोना संदेह की स्थिति में नमाज़ पढ़ने से बेहतर है” सिफ्फीन नामक युद्ध में जब हज़रत अली अलैहिस्सलाम […]

  •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 24
    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 24
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 24

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 24Rate this post हज़रत अली (अ) समस्त गुणों एवं विशेषताओं के स्वामी हैं। उनके व्यक्तित्व के असीम सागर में समस्त मानवीय सदगुण पाए जाते हैं। उनकी इबादत और बंदगी उनके सबसे विशिष्ट गुणों में से हैं। हज़रत अली (अ) इबादत की उस शिखर चोटी पर आसीन थे […]

  •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 29
    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 29
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 29

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 29Rate this post ईश्वरीय दूतों ने सदैव प्रलय और परलोक में इंसान के भाग्य को महत्व दिया है। प्रलय और परलोक के संबंध में ईश्वरीय दूतों द्वारा अधिक बल दिया जाना इस धार्मिक विश्वास के महत्व को दर्शाता है। समस्त ईश्वरीय दूतों ने एकेश्वरवाद और एक ईश्वर […]

  •  क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 4
    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 4
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    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 4

    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 4Rate this post 29- “وَبِالْأَسْحَارِ هُمْ يَسْتَغْفِرُونَ”(ज़ारियात 19) यह आयत अली, फ़ातेमा और हसनैन के बारे में नाज़िल हुई है।(इब्ने अब्बास)(शवाहीदुत तनज़ील जिल्द 2 पेज 195) 30- “مَرَجَ الْبَحْرَيْنِ يَلْتَقِيَانِ”(रहमान 20) (الْبَحْرَيْنِ) अली व फ़ातेमा(اللُّؤْلُؤُ وَالْمَرْجَانُ) हसन व हुसैन हैं।(इब्ने अब्बास) (दुर्रे मनसूर जिल्द 6 पेज 142) 31- “وَالسَّابِقُونَ […]

  •  क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 3
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    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 3

    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 3Rate this post   18- “وَعَدَ اللَّهُ الَّذِينَ آمَنُوا مِنكُمْ وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَيَسْتَخْلِفَنَّهُم فِي الْأَرْضِ”(नूर 56) इन हज़रात से मुराद अहले बैते ताहेरीन हैं।(अब्दुल्लाह इब्ने मुहम्मद अल हनफ़ीया)( शवाहिदुत तनज़ील जिल्द 1 पेज 413) 19- “وَالَّذِينَ يَقُولُونَ رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ وَاجْعَلْنَا لِلْمُتَّقِينَ إِمَامًا”(फ़ुरक़ान 74) […]

  •  क़ुरआन मजीद  मे अहले बैत – 2
    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 2
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    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 2

    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 2Rate this post   7- “يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُواْ اتَّقُواْ اللّهَ وَكُونُواْ مَعَ الصَّادِقِينَ”(तौहा 119) (सादिक़ीन मुहम्मद व आले मुहम्मद(अ) हैं।(इब्ने उमर) (ग़ायतुल मराम पेज 148) 8- “بَقِيَّةُ اللّهِ خَيْرٌ لَّكُمْ”(हूद 86) (بَقِيَّةُ اللّهِ) क़ाएमे आले मुहम्मद की हस्ती है।(इमाम मुहम्मद बाक़िर(अ)(नुरूल अबसार पेज 172) 9- “أَلَمْ تَرَ كَيْفَ […]

  •  क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 1
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    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 1

    क़ुरआन मजीद मे अहले बैत – 1Rate this post बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम इस्लामी रिवायतों की बिना पर क़ुरआने मजीद की बे शुमार आयतें अहले बैत अलैहिम अस्सलाम के फ़ज़ाइल व मनाक़िब के गिर्द घूम रही हैं और इन्हीं मासूम हस्तियों के किरदार के मुख़्तलिफ़ पहलुओं की तरफ़ इशारा कर रही हैं। बल्कि कुछ रिवायतों की बिना पर […]

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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-28
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-28

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-28Rate this post ”अम्र बिलमारूफ अर्थात अच्छाई का आदेश देना और नही अनिल मुन्कर अर्थात बुराई से रोकना“ नमाज़, रोज़ा, हज, और जेहाद की भांति अम्र बिलमारूफ को भी धार्मिक आदेशों में समझा जाता है और उनके मध्य इसे विशेष स्थान प्राप्त है। हज़रत अली अलैहिस्सलाम के अनुसार अम्र […]

  •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार-27
    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार-27
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार-27

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार-27Rate this post   हम अम्र बिलमारूफ अर्थात अच्छाई का आदेश देना नमाज़, रोज़ा, हज, और जेहाद की भांति अम्र बिलमारूफ को भी धार्मिक आदेशों में समझा जाता है और उनके मध्य इसे विशेष स्थान प्राप्त है। हज़रत अली अलैहिस्सलाम के अनुसार अम्र बिलमारूफ और नही अनिलमुन्कर का दायेरा […]

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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 26
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 26

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 26Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने अबू बक्र के बेटे मोहम्मद बिन अबी बक्र से फरमाया कि पैग़म्बरे इस्लाम ने मुझसे कहा है कि मुझे अपने अनुयाइयों के लिए न मोमिन से भय है और न अनेकेश्वरवादी से क्योंकि मोमिन को उसका ईमान पथभ्रष्टता से रोकता […]

  •  नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.)  के विचार – 25
    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार – 25
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार – 25

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार – 25Rate this post तक़वा अर्थात ईश्वरीय भय का शब्द इस्लामी शिक्षाओं में बहुत प्रचलित है । तक़वे का शाब्दिक अर्थ है स्वयं की रक्षा बचना और दूर रहना। मनुष्य में तक़वे की स्थिति पैदा होते ही वह ईश्वरीय दंड से भयभीत हो जाता है और हर उस […]

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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार-24
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार-24

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली(अ.) के विचार-24Rate this post हज़रत अली (अ) समस्त गुणों एवं विशेषताओं के स्वामी हैं। उनके व्यक्तित्व के असीम सागर में समस्त मानवीय सदगुण पाए जाते हैं। उनकी इबादत और बंदगी उनके सबसे विशिष्ट गुणों में से हैं। हज़रत अली (अ) इबादत की उस शिखर चोटी पर आसीन थे कि कई […]

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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 23
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 23

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 23Rate this post हज़रत अली अलैहिस्सलाम, मानवीय गुणों व विशेषताओं का स्रोत थे। उनका प्रशिक्षण पैग़म़्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने किया था और उन्होंने उनसे मूल्यवान पाठ सीखे थे। ईश्वर पर ईमान और ईश्वरीय शिक्षाएं इस प्रकार हज़रत अली के अस्तित्व […]

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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-22Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम का एक कथन है कि ज़मीन कभी भी ईश्वरीय दूत से खाली नहीं होगी” सुन्नी मुसलमानों के प्रसिद्ध विद्वान कुन्दूज़ी हनफी “यनाबिऊल मवद्दत” नाम की किताब में लिखते हैं” लगभग समस्त सुन्नी विद्वानों ने लिखा है कि पैग़म्बरे इस्लाम ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम से […]

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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 21

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 21Rate this post मानव जाति का सत्य की ओर मार्गदर्शन, अति अनिवार्य विषय है। इस बारे में पवित्र क़ुरआन के सूरए ताहा की आयत संख्या 50 में कहा गया है कि हमारा पालनहार वह है जिसने हर वस्तु की रचना की फिर उसका मार्गदर्शन किया। यही कारण […]

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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 20
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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 20

    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 20Rate this post नहुल बलाग़ा में “ईमान” जैसे विषय को विशेष महत्व प्राप्त है। ईमान का शाब्दिक अर्थ होता है अपनाना। ईमान शब्द की व्याख्या करते हुए हज़रत अली अलैहिस्सलाम कहते हैं कि इसका अर्थ है किसी को हृद्य की गहराई से पहचानना, मौखिक रूप से उसे […]

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    नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार – 19Rate this post सृष्टि की रचना ब्रहमांड की सृष्टि एसा विषय है जिसपर समस्त ईश्वरीय धर्मों में वार्ता की गई है। ईश्वर ने पवित्र क़ुरआन में लोगों से चाहा है कि वे सृष्टि के बारे में चिंतन-मनन करें। हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने भी नहजुल बलाग़ा में सृष्टि […]

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