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    नहजुल बलाग़ा बाज़ मुतअस्सिबीन की नज़र में

    Rate this post अल्लामा सैयद रज़ी के बाद तक़रीबन दो ढाई सौ बरस पहले तक नहजुल बलाग़ा के ख़िलाफ़ कोई आवाज़ उठते हुए नही नज़र आई है बल्कि मुतअद्दिद अहले सुन्नत उसकी शरहें लिखी हैं। जैसे अबुल हसम अली बिन अबिल क़ासिम बैहक़ी मुतवफ़्फ़ा 565 हिजरी क़मरी, इमाम फ़ख़रुद्दीन मुतवफ़्फ़ा 606 हिजरी क़मरी, इब्ने अबिल […]

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    नहजुल बलाग़ा की दृष्टि में मुहासिब ए नफ़्स का महत्व

    Rate this post अमीरुल मोमिनीन अलैहिस सलाम, नहजुल बलाग़ा में मनुष्य जाति को अपने नफ़्स के हिसाब की तरफ़ ध्यान दिलाते हुए फ़रमाते हैं: अपने आपको अपने लिये परख लो और अपना हिसाब किताब कर लो, चूंकि दूसरों को परखने और उनका हिसाब करने के लिये तुम्हारे अलावा कोई दूसरा मौजूद है। हर काम में […]

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    इंसान की इस्लाह नहजुल बलाग़ा की रौशनी में

    Rate this post इमामुल मुत्तक़ीन, अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली बिन अबी तालिब अलैहिस सलाम नहजुल बलाग़ा के कलेमाते क़ेसार की 89वीं हदीस में इरशाद फ़रमाते हैं: अगर इंसान अपने और ख़ुदा के दरमियान इस्लाह कर ले तो ख़ुदावंदे आलम उसके और लोगों को दरमियान इस्लाह कर देता है। इंसान की एक ख़ुसूसियत उसकी समाजी ज़िन्दगी […]

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    सत्ता के बारे में हज़रत अली का दृष्टिकोण

    Rate this post इस्लाम के उदय के आरंभ के कुछ दशकों और उस काल की उतार-चढ़ाव भरी घटनाओं पर दृष्टि, हज़रत अली अलैहिस्सलाम जैसे महान व्यक्ति की प्रभावी भूमिका स्पष्ट करती है। हज़रत अली अलैहिस्सलाम बचपन में इस्लाम की प्रकाशमई शिक्षाओं से अवगत हुए और पैग़म्बरे इस्लाम सल्ल्ल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम पर ईमान […]

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    सलाद पत्ता खाने का लाभ

    Rate this post सलाद पत्ता खाओ कि इससे नींद आती है और खाना हज़्म होता हैः पैग़म्बरे इस्लाम गोश्त खाने और न खाने की अहमियत जो इंसान चालीस दिन गोश्त न खाए वह चिड़चिड़े व्यवहार का हो जाता है और जो इंसान चालीस दिन लगातार गोश्त खाए वह कठोर दिल का हो जाता हैः पैग़म्बरे […]

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    गोश्त खाने और न खाने की अहमियत

    Rate this post जो इंसान चालीस दिन गोश्त न खाए वह चिड़चिड़े व्यवहार का हो जाता है और जो इंसान चालीस दिन लगातार गोश्त खाए वह कठोर दिल का हो जाता हैः पैग़म्बरे इस्लाम। जो शख़्स चालीस दिन गोश्त न खाए व बद इख़लाक़ हो जाता है और जो चालीस दिन मुसलसल गोश्त खाए उसका […]

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    सिफ़ाते मोमिन (4)

    Rate this post मुक़द्दमा- पिछले जलसों में हमने पैग़म्बरे अकरम (स.) की एक हदीस जो आपने हज़रत अली (अ.) से खिताब फ़रमाई बयान की, यह हदीस मोमिने कामिल के(103) सिफ़ात के बारे में थी। इस हदीस से 16 सिफ़ात बयान हो चुकी हैं और अब छः सिफात की तरफ़ और इशारा करना है। हदीस- “……..बरीअन […]

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    सिफ़ाते मोमिन (3)

    Rate this post इस से पहले जलसे में पैग़म्बर (स.) की एक हदीस बयान की जिसमें आपने मोमिन के 103 सिफ़ात बयान फ़माये है, उनमें से दस साफ़ात बयान हो चुके हैं और इस वक़्त छः सिफ़ात और बयान करने हैं। हदीस- “ …… मुज़क्किरु अलग़ाफ़िल, मुअल्लिमु अलजाहिल, ला यूज़ी मन यूज़ीहु वला यखूज़ु फ़ी […]

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    सिफ़ाते मोमिन (2)

    Rate this post मुक़द्दमा- गुज़िश्ता अखलाक़ी बहस में पैगम्बरे इस्लाम (स.) की एक हदीस नक़्ल की जिसमें आप हज़रत अली (अ.) को खिताब करते हुए फ़रमाते बैं कि कोई भी उस वक़्त तक मोमिन नही बन सकता जब तक उसमें 103 सिफ़ात जमा न हो जायें, यह सिफ़ात पाँच हिस्सो में तक़सीम होती है। पाँच […]

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    सिफ़ाते मोमिन (1)

    Rate this post बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम मोज़ू- सिफ़ाते मोमिन हदीस- रुविया इन्ना रसूलल्लाहि (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि) क़ाला “यकमलु अलमोमिनु ईमानहु हत्ता यहतविया अला माइता व सलासा ख़िसालिन फेलिन व अमलिन व नियतिन व बातिनिन व ज़ाहिरिन फ़क़ाला अमिरुल मुमिनीना(अलैहिस्सलाम) या रसूलल्लाह (सलल्ललाहु अलैहि व आलिहि) मा अलमाअतु व सलासा ख़िसालिन ? फ़क़ाला (सलल्ललाहु अलैहि व आलिहि) […]

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    पैग़म्बरे इस्लाम (स0) की हदीसें

    Rate this post 1. ऐ ख़ुदा के बन्दों! तुम सब बीमार की तरह हो और ख़ुदावन्दे आलम तबीब की तरह है पस मरीज़ों की सलाह (यानी) तुम्हारी सलाह इसी में है के जिसको तबीब जानता है और उसके लिये दस्तूर देता है (उसकी सलाह) इसमें नहीं है जो मरीज़ जानता है और जो करता है […]

  •  नहजुल बलागा
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    नहजुल बलागा

    Rate this post नहजुल बलागा =अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम के संकलित आदेश एवं उपदेश 01 इस ध्याय में प्रश्नों के उत्तर और छोटे छोटे दार्शनिक वाक्यों का संकलन अंकित है जो विभिन्न लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के संबन्ध में वर्णन किये गए हैं। 1. झगड़े के समय ऊँट के दो साल के बच्चे की तरह रहो […]

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    हदीसें

    Rate this post पहला भाग 1. اَلدُّنيا أمَدٌ، الآخِرَةُ أبَدٌ; दुनिया ख़त्म होने वाली है और आख़िरत हमेशा बाक़ी रहने वाली है। 2. اَلتَّواضُعُ يَرفَعُ، اَلتَّكبُّرُ يَضَعُ ; (दूसरों के) आदर व सत्कार की भावना, (इंसान को) उच्चता प्रदान करती है और घमंड मिट्टी में मिला देता है। 3. اَلظَّفَرُ بِالحَزمِ وَالحَزِمُ بِالتَّجارِبِ; सफलता दूर […]

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    जवानों को इमाम अली(अ)की वसीयतें

    Rate this post इस लेख की सनद नहजुल बलाग़ा का 31 वा पत्र है। सैयद रज़ी के कथन के अनुसार सिफ़्फ़ीन से वापसी पर हाज़रीन नाम की जगह पर आप ने यह पत्र अपने पुत्र इमाम हसन (अ) को लिखा है। हज़रत अली (अ) ने इस पत्र के ज़रिये से जो ज़ाहिर में तो इमाम […]

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    हदीसे ग़दीर की दलील

    Rate this post दूसरी दलील हज़रत अमीर अलैहिस्सलाम ने जो अशआर माविया को लिखे उनमें हदीसे ग़दीर के बारे में यह कहा कि व औजबा ली विलायतहु अलैकुम। रसूलुल्लाहि यौमः ग़दीरि खुम्मिन।। [21] यानी अल्लाह के पैगम्बर स. ने मेरी विलायत को तुम्हारे ऊपर ग़दीर के दिन वाजिब किया है। इमाम से बेहतर कौन शख्स […]

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    हदीसे ग़दीर

    Rate this post मुक़द्दमा ग़दीर का नाम तो हम सब ने सुना ही है। यह एक सरज़मीन है जो मक्के और मदीने के दरमियान जोहफ़े के आस पास वाक़ेअ है। और मक्के शहर से तक़रीबन 200 किलोमीटर दूर है। यह एक चोराहा है जहाँ से मुख्तलिफ़ सरज़मीन से ताल्लुक़ रखने वाले हुज्जाजे कराम एक दूसरे […]

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    हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम की अहादीस

    Rate this post  हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन)  हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के वह प्रवचन जो उनकी ग़ैबते सुग़रा के समय उनसे प्राप्त हुए अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं की सेवा मे प्रस्तुत कर रहे हैँ। नोट– हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम ग़ैबते सुग़रा की अवधि मे अपने विशवसनीय मित्रों व अपने मुख्य प्रतिनिधियों से […]

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    हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलामकी अहादीस

    Rate this post हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलामकी अहादीस (प्रवचन) यहाँ पर अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं के लिए हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम के चालीस मार्ग दर्शक कथन प्रस्तुत किये जारहे हैं। 1- अल्लाह हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम ने कहा कि अल्लाह वह है कि जब प्राणी विपत्तियों व कठिनाईयों मे फस कर चारो […]

  •  हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम की 35 अहादीस
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    हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम की 35 अहादीस

    Rate this post हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन) यहाँ पर अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं के लिए  हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम के कुछ मार्ग दर्शक कथन प्रस्सतुत किये जारहे हैं। 1- सुरक्षित रहो  हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम ने कहा कि जो व्यक्ति अपनी मान मर्यादा का ध्यान न रखता तो उसके उपद्रव से सुरक्षित […]

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    हज़रत इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम की अहादीस

    Rate this post हज़रत इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम की अहादीस (प्रवचन) यहां पर अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं के अध्ययन हेतू   हज़रत इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम के चालीस मार्ग दर्शक कथन प्रस्तुत किये जारहे है। 1-मोमिन की तीन अवश्यक्ताऐं  हज़रत इमाम तक़ी अलैहिस्सलाम ने कहा कि मोमिन को अवश्क्ता है कि अल्लाह  से तौफ़ीक़ (सामर्थ्य) प्राप्त करे,अपनी आत्मा […]

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