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    • घड़ी और अंगूठी पहने पहने वज़ू करना
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      घड़ी और अंगूठी पहने पहने वज़ू करना

      घड़ी और अंगूठी पहने पहने वज़ू करनाRate this post सवालः अगर वज़ू करते वक़्त घड़ी या अंगूठी को उतारने के बजाए कई बार उसे घुमा दें ताकि पानी उसके नीचे तक पहुंच जाए तो क्या वुज़ू सही है? जवाबः अगर पानी खाल तक पहुंच जाए और हाथ भी ऊपर से नीचे की तरफ़ फेरा जाए तो वुज़ू […]

    • इंसान की उल्टी
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      इंसान की उल्टी

      इंसान की उल्टीRate this post सवालः नीचे बयान किये गये लोगों की उलटी (vomiting) का नजिस और पाक होने के एतेबार से क्या ह़ुक्म है। 1, वह बच्चे जो केवल दूध पीते हैं 2, जो बच्चे दूध पीने के साथ साथ खाना भी खाते हैं 3. बालिग़ इंसान जवाबः हर इंसान की उल्टी पाक है।

    • जमाअत का ह़ुक्म
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      जमाअत का ह़ुक्म

      जमाअत का ह़ुक्मRate this post सवालः अगर इमामे जमाअत तकबीरतुल ऐहराम (नियत के साथ कहा जाने वाला अल्लाहो अकबर) के बाद अलह़म्द और उसके बाद वाले सूरों को पढ़े बिना भूले से रुकू में चला जाये तो जमाअत के साथ नमाज़ पढ़ने वाले का क्या ह़ुक्म है।? जबावः अगर मामूम (नमाज़ पढ़ने वाले) नमाज़ जमाअत में शामिल […]

    • वह जगहें जहाँ नमाज़ पढ़ना मकरूह है
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      वह जगहें जहाँ नमाज़ पढ़ना मकरूह है

      वह जगहें जहाँ नमाज़ पढ़ना मकरूह हैRate this post 907. कुछ जगहों पर नमाज़ पढ़ना मकरूह है: 1- हम्माम 2- खारी ज़मीन 3- किसी इंसान के मुक़ाबिल 4- उस दरवाज़े के मुक़ाबिल जो खुला हो। 5- सड़कों पर, गली और कूचे में इस शर्त के साथ कि गुज़रने वालों के लिए बाईसे ज़हमत न हो […]

    • अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों का देखना
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      अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों का देखना

      अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों का देखनाRate this post सवालः अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों के देखने का क्या हुक्म है? जवाबः अश्लील और भड़काऊ फ़िल्मों का देखना गुनाह और हराम है जिनसे गुनाहों में पड़ने की आशंका हो, शैतानी इच्छाओं को मज़बूती मिले और ईमान कमज़ोर हो।

    • वुज़ू करते वक़्त पानी डालने का हुक्म
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      वुज़ू करते वक़्त पानी डालने का हुक्म

      वुज़ू करते वक़्त पानी डालने का हुक्मRate this post सवालः- मैं वुज़ू में तीन बार हाथ धोती थी। शादी के बाद मेरे शौहर ने कहा कि तुम्हारा वुज़ू सही नहीं है। अगर कोई वुज़ू में अपना चेहरा और हाथ तीन बार धोए तो क्या उसका वुज़ू और इबादतें सही नहीं होंगी? जवाबः वुज़ू में एक […]

    • सूरज कैसे नजिस चीज़ों को पाक करता है?
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      सूरज कैसे नजिस चीज़ों को पाक करता है?

      सूरज कैसे नजिस चीज़ों को पाक करता है?Rate this post सवालः क्या सूरज पाक करने वाली चीज़ों में से है और अगर है? तो वह किन शर्तों के साथ पाक करता है? जवाबः सूरज, ज़मीन और हर उस चीज़ को पाक करता है जो गैरे मनक़ूल (जिसका एक जगह से दूसरी जगह ले जाना मुमकिन न हो) […]

    • वह मक़ामात जहाँ नमाज़ पढ़ना मुस्तहब है
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      वह मक़ामात जहाँ नमाज़ पढ़ना मुस्तहब है

      वह मक़ामात जहाँ नमाज़ पढ़ना मुस्तहब हैRate this post 902. इस्लाम की मुक़द्दस शरीयत में बहुत ताकीद की गयी है कि नमाज़ मस्जिद में पढ़ी जाए। दुनिया भर की सारी मस्जिदों में सबसे बेहतर मस्जिदुल हराम और उसके बाद मस्जिदुन नबी(स.) है। उसके बाद मस्जिदे कूफ़ा और उसके बाद मस्जिदे बैतुल मुक़द्दस का दर्जा है। […]

    • मुसाफ़िर के रोज़ों के अहकाम
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      मुसाफ़िर के रोज़ों के अहकाम

      मुसाफ़िर के रोज़ों के अहकामRate this post (1723) जिस मुसाफ़िर के लिए सफ़र में चार रकअती नमाज़ के बजाये दो रकअती पढ़ना ज़रूरी है उसे रोज़ा नही रखना चाहिये लेकिन वह मुसाफ़िर जो पूरी नमाज़ पढ़ता हो, मसलन जिस का पेशा ही सफ़र हो या जिस का सफ़र किसी नाजायज़ काम के लिए हो ज़रूरी […]

    • एक से ज़्यादा शादियाँ – 2
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      एक से ज़्यादा शादियाँ – 2

      एक से ज़्यादा शादियाँ – 2Rate this post यह सही है कि अगर किसी बच्चे को दरिया के किनारे मौजों का तमाशा करते हुए अगर वह छलाँग लगाने का इरादा करे और उसे छोड़ दिया जाएं तो यक़ीनन वह ख़ुश होगा कि आपने उसकी ख़्वाहिश का ऐहतेराम किया है और उसके जज़्बात पर पाबंदी नही लगाई है चाहे […]

    • क्या इमाम का हर जगह होना ज़रूरी है?
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      क्या इमाम का हर जगह होना ज़रूरी है?

      क्या इमाम का हर जगह होना ज़रूरी है?Rate this post जवाबः इमाम, पैग़म्बर (स) का उत्तराधिकारी होता है और जो कर्तव्य और ज़िम्मेदारियां पैग़म्बर (स) पर होती हैं (वही यानी गॉड मैसेज को छोड़ कर) वही ज़िम्मेदारियां इमाम के लिए भी होती हैं। जिस तरह पैग़म्बर (स.अ) को अपने कर्तव्यों के पालन के लिए सभी […]

    • नेजासात के अहकामः
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      नेजासात के अहकामः

      नेजासात के अहकामःRate this post नेजासात के अहकामः (आयतुल्लाह ख़ामेनई की नज़र में) सवाल 266: क्या ख़ून पाक है? जवाबः जिन जानदारों का ख़ून उछल कर निकलता हो उनका ख़ून नजिस है। सवाल 267: वो ख़ून जो इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की अज़ादारी में इंसान के सर को तलवार से टकराने के बाद जारी होता है […]

    • मुर्दे का जिस्म
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      मुर्दे का जिस्म

      मुर्दे का जिस्मRate this post सवालः मुर्दे को बेर और काफ़ूर के पानी से ग़ुस्ल देने के बाद और खालिस (शुद्ध) पानी के ग़ुस्ल देने से पहले जो बूंदे मुर्दे के जिस्म सेटपकती हैं वह पाक हैं या नजिस?। जवाबः मुर्दे का जिस्म उस समय तक नजिस कहलाएगा जब तक कि तीसरा ग़ुस्ल पूरा न हो जाए।

    • नमाज़ी के लिबास की शर्तें
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      नमाज़ी के लिबास की शर्तें

      नमाज़ी के लिबास की शर्तेंRate this post 806. नमाज़ पढ़ने वाले के लिबास की छः शर्तें हैं। 1.पाक हो। 2.मुबाह हो। 3.मुर्दार के अज्ज़ा से न बना हो। 4.हराम गोश्त जानवर के अज्ज़ा से न बना हो। 5.अगर नमाज़ पढ़ने वाला मर्द हो तो सका लिबास ख़ालिस रेशम का न हो। 6. अगर नमाज़ पढ़ने […]

    • दीनी अहकाम का सीखना
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      दीनी अहकाम का सीखना

      दीनी अहकाम का सीखनाRate this post सवालः जिन दीनी अहकाम का इंसान के लिए सीखना ज़रूरी है अगर उसमें काहिली से काम ले तो क्या वह गुनहगार है। जवाबः अगर अहकाम का न सीखना किसी वाजिब के छूटने या हराम में पड़ने का कारण हो तो वह गुनहगार है।

    • नमाज़ पढ़ने की जगह
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      नमाज़ पढ़ने की जगह

      नमाज़ पढ़ने की जगहRate this post नमाज़ पढ़ने की जगह की सात शर्तें हैं: पहली शर्त यह है कि वह मुबाह हो। 875. जो इंसान ग़स्बी जगह पर (चाहे वह क़ालीन, तख़्त और इसी तरह की दूसरी चीज़ें ही हों) नमाज़ पढ़ रहा हो, एहतियाते लाज़िम की बिना पर उसकी नमाज़ बातिल है। लेकिन ग़स्बी […]

    • वुज़ू में दूसरे की मदद लेना
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      वुज़ू में दूसरे की मदद लेना

      वुज़ू में दूसरे की मदद लेनाRate this post सवालः- काफ़ी दिनों तक मेरी बेटी लोटे से पानी डालती थी और मैं वुज़ू करती थी फिर पता चला कि इंसान को ख़ुद वुज़ू करना चाहिये और कोई उस की मदद न करे। क्या मेरा वुज़ू सही है? मेरी नमाज़ और दूसरी इबादतों का क्या हुक्म है? जवाबः […]

    • मेडिकल रिसर्च
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      मेडिकल रिसर्च

      मेडिकल रिसर्चRate this post सवालः मेडिकल रिसर्च में अगर मुर्दे की हड्डियों को छूना पड़े तो क्या ऐसी सूरत में ग़ुस्ल मसे मय्यत वाजिब होगा या नहीं? जवाबः अगर हड्डी का सम्बंध किसी मुसलमान से हो कि जिसे ग़ुस्ल दिया जा चुका है तो ग़ुस्ल मसे मय्यत वाजिब नहीं है वरना वाजिब है।

    • दफ़्न की मुस्तहब चीज़ें
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      दफ़्न की मुस्तहब चीज़ें

      दफ़्न की मुस्तहब चीज़ेंRate this post 635. मुस्तहब है कि मैयित से ताल्लुक़ रखने वाले लोग क़ब्र को एक दरमियाने क़द के इंसान के क़द के बराबर खोदें और मैयित को सबसे क़रीब से क़रीब क़ब्रिस्तान में दफ़्न करें। लेकिन अगर दूर वाला क़ब्रिस्तान किसी वजह से नज़दीक वाले क़ब्रिस्तान से बेहतर हो, मसलन उसमें […]

    • चेहरे पर मुहाँसो का हुक्म
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      चेहरे पर मुहाँसो का हुक्म

      चेहरे पर मुहाँसो का हुक्मRate this post सवालः कभी कभी चेहरे पर मुहाँसे निकल आते है जिनके फूटने पर उनसे पानी निकलता है तो क्या उनसे निकलने वाला पानी नजिस है? और अगर नजिस है तो उस हालत में पढ़ी गई नमाज़ों का और उन जगहों का जिन्हें उन हाथों से छआ है क्या हुक्म है? […]

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