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  •  ईश्वरीय वाणी – 2
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    ईश्वरीय वाणी – 2

    Rate this post इस सूरे में 286 आयते हैं और पवित्र क़ुरआन के तीस भागों में से दो से ज़्यादा भाग इसी सूरे से विशेष हैं। पवित्र क़ुरआन के उतरने वाले सूरों के क्रमांक की दृष्टि यह 86वें नंबर पर उतरने वाला सूरा है किन्तु क़ुरआन में सूरे हम्द के बाद दूसरे नंबर पर है। […]

  •  ईश्वरीय वाणी – 1
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    ईश्वरीय वाणी – 1

    Rate this post पवित्र क़ुरआन चमकता हुआ सूर्य है जो अपने प्रकाशमयी मार्गदर्शन से अज्ञानता और अंधकार से मुक्ति दिलाता है और परिपूर्णता तक पहुंचता है। पवित्र क़ुरआन, स्वच्छ व कल्याणपूर्ण समाज तक पहुंचने के लिए आर्थिक व सामाजिक संबंधों, राजनैतिक व्यवस्था, शिष्टाचारिक, उपासना तथा प्रशिक्षण संबंधी कार्यक्रमों के बारे में लोगों संबंधी कार्यक्रमों को […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 112-118, (कार्यक्रम 624)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-605الَ كَمْ لَبِثْتُمْ فِي الْأَرْضِ عَدَدَ سِنِينَ (112) قَالُوا لَبِثْنَا يَوْمًا أَوْ بَعْضَ يَوْمٍ فَاسْأَلِ الْعَادِّينَ (113) قَالَ إِنْ لَبِثْتُمْ إِلَّا قَلِيلًا لَوْ أَنَّكُمْ كُنْتُمْ تَعْلَمُونَ (114) (ईश्वर) कहेगाः तुम धरती में कितने वर्ष रहे? (23:112) वे (उत्तर में) कहेंगे, एक दिन या एक दिन का कुछ भाग। और (उचित […]

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    मोमिनून आयत 105

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-604 आइये पहले सूरए मोमिनून की आयत क्रमांक 105 और 106 की तिलावत सुनें। أَلَمْ تَكُنْ آَيَاتِي تُتْلَى عَلَيْكُمْ فَكُنْتُمْ بِهَا تُكَذِّبُونَ (105) قَالُوا رَبَّنَا غَلَبَتْ عَلَيْنَا شِقْوَتُنَا وَكُنَّا قَوْمًا ضَالِّينَ (106) (उनसे कहा जाएगा) क्या तुम्हें मेरी आयातें सुनाई नहीं जाती थीं? तो तुम उन्हें झुठलाते थे? (23:105) वे […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 91-98, (कार्यक्रम 621)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-602 (हसन अब्बास) प्रिय श्रोताओ कार्यक्रम क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार की एक अन्य कड़ी लेकर आपकी सेवा में उपस्थित हैं, आशा है, पसंद करेंगे। आइये पहले सूरए मोमिनून की आयत क्रमांक 91 और 92 की तिलावत सुनें। مَا اتَّخَذَ اللَّهُ مِنْ وَلَدٍ وَمَا كَانَ مَعَهُ مِنْ إِلَهٍ إِذًا لَذَهَبَ كُلُّ إِلَهٍ […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 81-90, (कार्यक्रम 620)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-601 आइये पहले सूरए मोमिनून की आयत क्रमांक 81, 82 और 83 की तिलावत सुनें। بَلْ قَالُوا مِثْلَ مَا قَالَ الْأَوَّلُونَ (81) قَالُوا أَئِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا وَعِظَامًا أَئِنَّا لَمَبْعُوثُونَ (82) لَقَدْ وُعِدْنَا نَحْنُ وَآَبَاؤُنَا هَذَا مِنْ قَبْلُ إِنْ هَذَا إِلَّا أَسَاطِيرُ الْأَوَّلِينَ (83) (काफ़िर सोचते) नहीं, बल्कि उन्होंने वही […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 75-80, (कार्यक्रम 619)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-600 आइये पहले सूरए मोमिनून की 75वीं आयत की तिलावत सुनें। وَلَوْ رَحِمْنَاهُمْ وَكَشَفْنَا مَا بِهِمْ مِنْ ضُرٍّ لَلَجُّوا فِي طُغْيَانِهِمْ يَعْمَهُونَ (75) और यदि हम इन पर दया करें और जिस पीड़ा में वे (इस समय) ग्रस्त हैं उसे दूर कर दें तो ये अपनी उद्दंडता में बिल्कुल ही […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 70-74, (कार्यक्रम 618)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-599 आइये पहले सूरए मोमिनून की 70वीं आयत की तिलावत सुनें। أَمْ يَقُولُونَ بِهِ جِنَّةٌ بَلْ جَاءَهُمْ بِالْحَقِّ وَأَكْثَرُهُمْ لِلْحَقِّ كَارِهُونَ (70) या वे कहते हैं कि उन्हें उन्माद है। (ऐसा नहीं है) बल्कि वे उनके पास सत्य लेकर आए हैं किंतु उनमें से अधिकांश सत्य (की स्वीकृति) को पसंद […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 63-69, (कार्यक्रम 617)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-598 आइये पहले सूरए मोमिनून की 63वीं आयत की तिलावत सुनें। بَلْ قُلُوبُهُمْ فِي غَمْرَةٍ مِنْ هَذَا وَلَهُمْ أَعْمَالٌ مِنْ دُونِ ذَلِكَ هُمْ لَهَا عَامِلُونَ (63) बल्किउनके हृदय इस (सत्य) की ओर से निश्चेतनामें (पड़े हुए) हैं और इसके अतिरिक्त भी उनके (बहुत से बुरे) कर्म हैं जिन पर वे […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 57-62, (कार्यक्रम 616)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-597 आइये पहले सूरए मोमिनून की 57वीं, 58वीं और 59वीं आयतों की तिलावत सुनें। إِنَّ الَّذِينَ هُمْ مِنْ خَشْيَةِ رَبِّهِمْ مُشْفِقُونَ (57) وَالَّذِينَ هُمْ بِآَيَاتِ رَبِّهِمْ يُؤْمِنُونَ (58) وَالَّذِينَ هُمْ بِرَبِّهِمْ لَا يُشْرِكُونَ (59) निश्चय ही जो लोग अपने पालनहार के भय से काँपते रहते हैं। (23:57) और जो लोग […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 52-56, (कार्यक्रम 615)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-596 आइये पहले सूरए मोमिनून की 52वीं आयत की तिलावत सुनें। وَإِنَّ هَذِهِ أُمَّتُكُمْ أُمَّةً وَاحِدَةً وَأَنَا رَبُّكُمْ فَاتَّقُونِ (52) और निश्चय ही तुम्हारा यह समुदाय, एकजुट समुदाय है और मैं तुम्हारा पालनहार हूँ। तो केवल मुझ से डरो। (23:52) इससे पहले कहा गया कि ईश्वर ने सभी पैग़म्बरों और […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 47-51, (कार्यक्रम 614)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-595 (हसन अब्बास) आइये पहले सूरए मोमिनून की 47वीं, 48वीं और 49वीं आयतों की तिलावत सुनें। فَقَالُوا أَنُؤْمِنُ لِبَشَرَيْنِ مِثْلِنَا وَقَوْمُهُمَا لَنَا عَابِدُونَ (47) فَكَذَّبُوهُمَا فَكَانُوا مِنَ الْمُهْلَكِينَ (48) وَلَقَدْ آَتَيْنَا مُوسَى الْكِتَابَ لَعَلَّهُمْ يَهْتَدُونَ (49) तो (फ़िरऔन के दरबारियों ने) कहा, क्या हम अपने ही जैसे दो मनुष्यों पर […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 38-46, (कार्यक्रम 613)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-594 आइये पहले सूरए मोमिनून की 38वीं, 39वीं और 40वीं आयतों की तिलावत सुनें। إِنْ هُوَ إِلَّا رَجُلٌ افْتَرَى عَلَى اللَّهِ كَذِبًا وَمَا نَحْنُ لَهُ بِمُؤْمِنِينَ (38) قَالَ رَبِّ انْصُرْنِي بِمَا كَذَّبُونِ (39) قَالَ عَمَّا قَلِيلٍ لَيُصْبِحُنَّ نَادِمِينَ (40) वह तो बस एक ऐसा व्यक्ति है जिसने ईश्वर पर झूठा […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 31-37, (कार्यक्रम 612)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-593 आइये पहले सूरए मोमिनून की 31वीं और 32वीं आयतों की तिलावत सुनें। ثُمَّ أَنْشَأْنَا مِنْ بَعْدِهِمْ قَرْنًا آَخَرِينَ (31) فَأَرْسَلْنَا فِيهِمْ رَسُولًا مِنْهُمْ أَنِ اعْبُدُوا اللَّهَ مَا لَكُمْ مِنْ إِلَهٍ غَيْرُهُ أَفَلَا تَتَّقُونَ (32) फिर उनके पश्चात हमने एक दूसरी जाति को बनाया। (23:31) तोउनमें हमने स्वयं उन्हीं में […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 25-30, (कार्यक्रम 611)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-592 आइये पहले सूरए मोमिनून की 25वीं और 26वीं आयतों की तिलावत सुनें। إِنْ هُوَ إِلَّا رَجُلٌ بِهِ جِنَّةٌ فَتَرَبَّصُوا بِهِ حَتَّى حِينٍ (25) قَالَ رَبِّ انْصُرْنِي بِمَا كَذَّبُونِ (26) (विरोधियों ने कहाः) यह तो बस एक उन्माद ग्रस्त व्यक्ति है। तो कुछ समय तक इसकी प्रतीक्षा कर लो (कि […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 19-24, (कार्यक्रम 610)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-591 आइये पहले सूरए मोमिनून की 19वीं और 20वीं आयतों की तिलावत सुनें। فَأَنْشَأْنَا لَكُمْ بِهِ جَنَّاتٍ مِنْ نَخِيلٍ وَأَعْنَابٍ لَكُمْ فِيهَا فَوَاكِهُ كَثِيرَةٌ وَمِنْهَا تَأْكُلُونَ (19) وَشَجَرَةً تَخْرُجُ مِنْ طُورِ سَيْنَاءَ تَنْبُتُ بِالدُّهْنِ وَصِبْغٍ لِلْآَكِلِينَ (20) फिर हमने उस (पानी) के द्वारा तुम्हारे लिए खजूरों और अंगूरों के बाग़ […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 15-18, (कार्यक्रम 609)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-590 आइये पहले सूरए मोमिनून की 15वीं और 16वीं आयतों की तिलावत सुनें। ثُمَّ إِنَّكُمْ بَعْدَ ذَلِكَ لَمَيِّتُونَ (15) ثُمَّ إِنَّكُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ تُبْعَثُونَ (16) फिर निश्चय ही तुम सब मरने वाले हो। (23:15) फिर प्रलय के दिन तुम अवश्य ही उठाए जाओगे। (23:16) इससे पहले उन आयतों का उल्लेख […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 8-14, (कार्यक्रम 608)

    Rate this post क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-589 आइये पहले सूरए मोमिनून की आठवीं और नवीं आयतों की तिलावत सुनें। وَالَّذِينَ هُمْ لِأَمَانَاتِهِمْ وَعَهْدِهِمْ رَاعُونَ (8) وَالَّذِينَ هُمْ عَلَى صَلَوَاتِهِمْ يُحَافِظُونَ (9) और जो लोग अपनी अमानतों और अपनी प्रतिज्ञा का पालन करते हैं।(23:8) और जो सदैव अपनी नमाज़ों की रक्षा करते हैं। (23:9) इससे पहले हमने […]

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    सूरए मोमिनून, आयतें 1-7, (कार्यक्रम 607)

    Rate this post بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ قَدْ أَفْلَحَ الْمُؤْمِنُونَ (1) الَّذِينَ هُمْ فِي صَلَاتِهِمْ خَاشِعُونَ (2) अल्लाह के नाम से जो अत्यंत कृपाशील और दयावान है। निश्चित रूप से ईश्वर पर ईमान रखने वाले सफल रहे।(23:1) कि जो अपनी नमाज़ों में विनम्र रहते हैं। (23:2) सूरए हज की आयतों की व्याख्या समाप्त होने के […]

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    सूरए हज, आयतें 77-78, (कार्यक्रम 606)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की आयत क्रमांक 77 की तिलावत सुनें। يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آَمَنُوا ارْكَعُوا وَاسْجُدُوا وَاعْبُدُوا رَبَّكُمْ وَافْعَلُوا الْخَيْرَ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ (77) हे ईमान लाने वालो! रुकू करो, सजदा करो और अपने पालनहार की उपासना करो और भलाई करो ताकि तुम्हें कल्याण प्राप्त हो जाए। (22:77) सूरए हज की अंतिम […]

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